रांची आ रहे हैं घूमने तो होटल छोड़िए और Airbnb कीजिए ट्राई! धोनी के फार्महाउस के पास भी ऑप्शन

आज कल युवा होटल की जगह Airbn रुकने के लिए अधिक प्रेफर कर रहे हैं। क्योंकि यह बहुत ही हवादार होता है, साथ ही इसमें कई सारी फैसिलिटीज होती है। वहीं एकदम घर जैसा माहौल मिलता है। ऐसे में अगर आप रांची में भी ऐसा ही लुफ्त उठाना चाहते हैं तो बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से लेकर लालपुर में ऐसे आपको कई विकल्प देखने को मिलेंगे।

खास बात ये है कि यहां पर इसका रेट बहुत ही किफायती है सिर्फ पर डे के हिसाब से 5000 से शुरू हो जाता है। रांची में खास तौर पर आपको आना पड़ेगा, इसके लिए कटहल बोर्ड धोनी के फार्म हाउस के पास यहां पर “लारांग विला” काफी हिट है। इसमें वाई-फाई, किचन, स्विमिंग पूल, सिक्योरिटी प्राइवेसी यह सारी चीज मिलेगी।

मिलेगी कई सारी सुविधा

इस Airbn में आपके प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखा जाएगा। इसके अलावा अगर 1 बीएचके 2 बीएचके लेना चाहते हैं, तो उसके भी विकल्प है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के पास भी आपको इस तरह के Airbn देखने को मिल जाएंगे। आप आ सकते “होमली वाइब” यहां पर आकर तो आपको लगेगा कि आप घर पर आगे है, पूरा का पूरा किचन स्टॉक से भरा हुआ है।

होमली वाइब के संचालक कृष्णकांत बताते हैं, मतलब आप घर की तरह किचन में जाकर आलू के पराठे बना सकते है या अपना मनपसंद कोई खाना। आपको अपने साथ कुछ भी लाने की जरूरत नहीं, कोलगेट तक नहीं। उसका इंतजाम भी वॉशरूम में रहता है। यानी कि बस आप ये समझे की एक घर से निकलकर आप यहां दूसरे घर में आ रहे हैं।

यंग कपल की हैं पहली पसंद

कृष्णकांत बताते हैं रांची में खासतौर पर युवा कपल को airbn काफी पसंद आते हैं। हमारे पास जितने भी लोग आते हैं इनमें 90% की युवा कपल ही होते हैं या फिर चार-पांच युवा जो घूमने आए हैं वैसे लोग होते हैं। पर डे 5000 तक चार्ज लगते हैं। अगर आप 2 बीएचके 3 बीएचके लेते हैं तो फिर इसका रेट बढ़ सकता है।

सुविधा पर अधिक जोर

कृष्णकांत बताते हैं आपको बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से जस्ट बाहर लाइन से 4-5 Airbn देखने को मिलेगा। सर्कुलर रोड में भी आराम से और यहां पर आपको पहले से बुकिंग करनी पड़ेगी। क्योंकि अब देखा जा रहा है कि लोग सुविधा ज्यादा खोज रहे हैं। पैसे देने के लिए तैयार है वह दो पैसा आपको ज्यादा दे देंगे लेकिन उनको सुविधा ज्यादा चाहिए। ये एयरबन का कलचर पिछले 2 सालों में अधिक देखा जा रहा है।

रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट

Asian Games 2026: 14 घंटे इंतजार, न कमरे मिले और न ही खाना…; एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के साथ ये कैसा व्यवहार?

Asian Games 2026: जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने की व्यवस्था को लेकर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। ‘The New Indian Express’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई भारतीय एथलीट वैध एक्रिडिटेशन होने के बावजूद 12 से 14 घंटे से अधिक समय तक अपने कमरों के लिए इंतजार करते रहे। इस दौरान उन्हें पर्याप्त भोजन और जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल सकीं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खिलाड़ी जिस क्रूज शिप में ठहरने वाले थे, वहां पहुंचने के बाद उन्हें लंबे समय तक कमरों का इंतजार करना पड़ा।

स्थानीय अधिकारियों की ओर से भी उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी। कई खिलाड़ी घंटों तक बिना भोजन और सीमित सुविधाओं के इंतजार करते रहे। सात एथलीटों और दो कोचों वाली भारतीय वुशू टीम बुधवार दोपहर नागोया पहुंची। खबर है कि रजिस्ट्रेशन के समय अलॉट किए गए कमरों की लिस्ट में एक एथलीट और दो कोच के नाम नहीं थे।

वेन्यू पर पहुंचने के लगभग दो घंटे बाद टीम के एक सदस्य ने PTI को बताया, “छह वुशू एथलीटों को नागोया पोर्ट पर खड़े क्रूज शिप में कमरे मिले। हालांकि, एक एथलीट और दो कोच के नाम लिस्ट में नहीं थे।” इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के एक अधिकारी ने बताया कि अब सभी एथलीटों को इटैलियन क्रूज़ शिप में कमरे मिल गए हैं। गेम्स के दौरान क्रूज़ शिप में रहने वाले भारतीय एथलीटों में वुशू और टेबल टेनिस खिलाड़ी शामिल हैं।

खिलाड़ियों को शेयर करने पड़े कमरे!

बताया जा रहा है कि जिन खिलाड़ियों को कमरे मिल भी गए, उनमें से कुछ को दूसरे एथलीटों के साथ कमरा शेयर करने के लिए कहा गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आयोजन समिति ने उपलब्ध कमरों का कुछ हिस्सा दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दिया। माना जा रहा है कि खिलाड़ियों की संख्या का अनुमान लगाने में गंभीर चूक के कारण यह स्थिति पैदा हुई। एमएमए एथलीट वरुण सान्याल ने भी इस स्थिति की पुष्टि की। अर्थशास्त्री संजीव सान्याल के बेटे वरुण ने गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं पुष्टि कर सकता हूं कि यह सच है। मैं अभी 7 घंटे से इंतजार कर रहा हूं और गिनती जारी है।”

दिल्ली से दो बैच में रवाना हुए थे भारतीय रोवर

भारतीय रोइंग टीम के खिलाड़ी मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट से दो बैच में जापान के लिए रवाना हुए थे। दोनों बैच कुछ घंटों के अंतर से रवाना हुए। बैंकॉक में रुकने के बाद पहला दल बुधवार सुबह करीब 8 बजे जापान के स्थानीय समय के अनुसार नागोया पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ी करीब एक घंटे बाद क्रूज शिप पर पहुंचे। लेकिन वहां उन्हें वादा किए गए आवास के लिए इंतजार करना पड़ा।

एक भारतीय रोवर ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “हम सुबह 9 बजे JST के आसपास यहां पहुंचे थे। अब रात के 8:30 बज चुके हैं। लेकिन हममें से केवल कुछ लोगों को ही कमरे मिले हैं। जिन्हें कमरे मिले हैं, उनसे भी दूसरे खिलाड़ियों को साथ रखने के लिए कहा गया।”

संख्या के मुताबिक कम मिले कमरे

ऐसी खबरें भी हैं कि क्रूज शिप पर भारतीय एथलीटों के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या मूल रूप से अलॉट किए गए कमरों से कम थी। हालांकि, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। होटल के कमरों की कमी के कारण फिलीपींस के कुछ अधिकारियों को Airbnb आवास में भेजा गया है। भारतीय टीम के डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरथ कमल ने कहा, “भारतीय एथलीटों ने चेक-इन करना शुरू कर दिया है। अभी कोई बड़ी समस्या नहीं है।” शनिवार (19 सितंबर) से शुरू होने वाले आइची-नागोया गेम्स में भारत के कुल 501 एथलीट और 265 अधिकारी भाग लेंगे।

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भारतीय टीम के लिए रहने की व्यवस्था में कंटेनर-स्टाइल के कमरे, पोर्ट पर खड़ा क्रूज शिप और होटल शामिल हैं। लगभग 17,000 अन्य प्रतिभागियों के लिए भी रहने की ऐसी ही व्यवस्था की गई है। दक्षिण कोरियाई टीम ने कंटेनर-स्टाइल के कमरों के छोटे आकार पर आपत्ति जताई है। एशियन क्रिकेट काउंसिल के कुछ सदस्यों ने भी उपलब्ध कराए जा रहे आवास की क्वालिटी पर चिंता व्यक्त की है।

शूटरों समेत अन्य टीमों को भी परेशानी

आवास की समस्या का सामना केवल भारतीय रोवरों को ही नहीं करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय निशानेबाजों और दो अन्य टीमों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। जिस जगह निशानेबाजों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी, वह दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दी गई। इसके बाद उन्हें एक अलग होटल में चेक-इन करना पड़ा।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के कुछ सदस्यों को भी पास के एक होटल में शिफ्ट किया गया। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले सामने आई यह अव्यवस्था भारतीय दल के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आपको बता दें कि जापान में 20वें एशियाई खेल (Asian Games 2026) 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होंगे।

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ये कपल 30 दिनों तक घूमा यूरोप और खर्च किए 9.5 लाख रुपये फिर बताया एक-एक पैसे का पूरा हिसाब

Europe Travel Budget: भारत के कई लोगों के लिए यूरोप घूमना काफी महंगा हो सकता है, खासकर तब जब ट्रिप में कई देशों की यात्रा करनी हो और सफर करीब एक महीने तक चले। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 30 दिनों तक यूरोप घूमने में असल में कुल कितना खर्च आता है? बता दें कि एक भारतीय कपल ने अपनी पूरी ट्रिप का खर्च शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि उन्होंने रहने की जगह, फ्लाइट, खाने, ट्रांसपोर्ट और एक्टिविटीज पर कितना खर्च किया।

मुस्कान मित्तल और आशीष गुप्ता ने अपनी एक महीने की ट्रिप के दौरान 8 देशों की सैर की। उनकी यात्रा में फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड, प्राग, ऑस्ट्रिया, इटली, वेटिकन सिटी और स्विट्जरलैंड शामिल थे।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो

अपने जॉइंट इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए गए एक वीडियो में, इस कपल ने बताया कि उन्होंने अपना ट्रैवल बजट कैसे बांटा और यह भी बताया कि ट्रिप के किस हिस्से में उनका सबसे ज्यादा खर्च हुआ।

8 देशों की यात्रा करते समय, हर जगह ठहरने की जगह का खर्च तेजी से बढ़ सकता है। इस कपल के लिए, रहने-सहने का खर्च ही सबसे बड़ा खर्च साबित हुआ।

वे Airbnb और होटलों में रुके; ज्यादातर जगहें शहर के सेंटर में या बड़े रेलवे स्टेशनों के पास थीं। मुस्कान ने कहा, “औसतन, हमने हर रात के लिए 10,000 रुपये खर्च किए।”

यूरोप तक पहुंचने की फ्लाइट भी कपल के ट्रिप बजट का एक बड़ा हिस्सा थी। उन्होंने फ्लाइट पर प्रति व्यक्ति ₹50,000 खर्च किए। सीधी फ्लाइट लेने के बजाय, उन्होंने मिडिल ईस्ट से होकर जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट बुक कीं। दो लोगों के लिए, उनकी कुल फ्लाइट का खर्च लगभग ₹1 लाख आया।

यात्रा में 8 देश शामिल थे, इसलिए शहरों के बीच घूमना भी ट्रिप का एक अहम हिस्सा था। कपल ने बताया कि उन्होंने एक महीने का ‘यूरेल ग्लोबल पास’ इस्तेमाल किया, जिसमें उनके रूट की लगभग सभी ट्रेन यात्राएं शामिल थीं और इसकी कीमत ₹58,000 थी। उन्होंने कार रेंटल और मेट्रो पर भी ₹28,000 खर्च किए।

खाने-पीने का खर्च भी एक ऐसी चीज थी जिसके लिए कपल को अपनी 30 दिन की यात्रा के दौरान प्लानिंग करनी पड़ी। उन्होंने दोनों के खाने पर रोजाना लगभग ₹5,000 खर्च किए। उन्होंने बताया, “हम दिन में एक बार बाहर खाना खाते थे, लेकिन खाने का खर्च कंट्रोल में रखने के लिए साथ में ‘रेडी-टू-ईट’ खाना भी रखते थे और अक्सर ग्रोसरी स्टोर से सामान खरीदते थे।”

यूरोप घूमना सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाने तक ही सीमित नहीं है। ट्रिप के दौरान कई टूरिस्ट प्लेस, अलग-अलग एक्सपीरियंस और एक्टिविटीज पर भी खर्च होता है। इस कपल ने अपनी 30 दिनों की यात्रा के दौरान एक्टिविटीज पर प्रति व्यक्ति 85,000 रुपये खर्च किए।

कपल ने अपने बजट में वीजा और ट्रैवल इंश्योरेंस का खर्च भी शामिल किया था। इन खर्चों पर उन्होंने प्रति व्यक्ति ₹15,000 खर्च किए। उन्होंने अन्य खर्चों के लिए भी प्रति व्यक्ति ₹10,000 से ₹15,000 अलग रखे थे।

रहने, फ्लाइट, ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने, घूमने-फिरने की एक्टिविटीज, वीजा, इंश्योरेंस और अन्य खर्चों को मिलाकर, इस कपल ने बताया कि दो लोगों के लिए उनकी एक महीने की यूरोप बैकपैकिंग ट्रिप का कुल खर्च लगभग 9.5 लाख रुपये आया।

इस कपल के खर्चों के ब्योरे को देखकर दूसरे यूजर्स ने भी बताया कि उन्होंने अपनी यूरोप की छुट्टियों पर कितना खर्च किया था।

एक यूजर ने कमेंट किया, “हमने 10 दिनों के लिए 8 लाख रुपये खर्च किए।” एक और यूजर ने कहा, “यह तो काफी सही है।”

हालांकि, एक यूजर को यह रकम कम लगी। उसने कहा, “मुझे लगता है कि यह सस्ता है। हमारे मामले में, 2 लोगों की ट्रिप का खर्च रोजाना लगभग 800-900 यूरो आता है, जिसमें हवाई जहाज़ का किराया शामिल नहीं है।”

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर शेयर किए गए यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। Moneycontrol ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

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VIDEO: यूपी से शिलॉन्ग घूमने गए लोगों ने Airbnb से बुक प्रॉपर्टी का किया बुरा हाल, होस्ट ने उनकी शर्मिंदा करने वाली करतूतों की पूरी लिस्ट बताई

Viral Video: मेघालय की राजधानी शिलांग में एक Airbnb होमस्टे में ठहरे कुछ मेहमानों पर तोड़फोड़ और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगे हैं। होमस्टे मालिक के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से आए चार मेहमानों ने उनकी नई शुरू हुई प्रॉपर्टी में तोड़फोड़ की, केयरटेकर के साथ मारपीट की और स्टाफ को धमकाया। होमस्टे मालिक ने सोशल मीडिया पर प्रॉपर्टी की कथित खराब हालत की तस्वीरें और पूरी घटना शेयर की है। वहीं ये घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। इस घटना को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

ये मामला तब सामने आया जब शिलांग के रीसा कॉलोनी स्थित द ओकवुड नाम के Airbnb होमस्टे के मालिक ने सोशल मीडिया पर पूरी घटना बताई। उन्होंने दावा किया कि मेहमानों के ठहरने के दौरान उनकी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचा। इसे दिखाने के लिए उन्होंने पहले और बाद की तस्वीरें भी शेयर कीं। इसके बाद ये मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा।

प्रॉपर्टी में किया तोड़ फोड़

होमस्टे मालिक ने लिखा, “मेहमानों को अच्छा और आरामदायक ठहराव देने के लिए हमने इस होमस्टे को बहुत मेहनत से तैयार किया था। लेकिन कुछ लोग प्रॉपर्टी के साथ जिस तरह का व्यवहार करते हैं, उसे देखकर बेहद दुख होता है। ऐसा लगता है कि उनमें जरा भी नागरिक जिम्मेदारी या सिविक सेंस नहीं है।” पोस्ट में दावा किया गया कि, मेहमानों ने बिना अनुमति के दूसरे लोगों को भी प्रॉपर्टी में बुलाया। उन पर तोड़फोड़ करने, हंगामा करने, शराब पीने और घर के नियमों के बावजूद कमरों के अंदर स्मोकिंग करने का भी आरोप लगाया गया है। होस्ट का कहना है कि जब स्टाफ ने इसका विरोध किया तो मेहमानों ने गुस्से में गलत व्यवहार किया।

 

इन लोगों की बुकिंग ना ले

उन्होंने पोस्ट में मेहमानों की पहचान बताते हुए शिलांग और मेघालय के अन्य होमस्टे व गेस्टहाउस मालिकों से अपील की कि वे इन लोगों की बुकिंग स्वीकार न करें। उन्होंने लिखा, “अगर आपकी मुलाकात कभी विकास सिंह नाम के इस व्यक्ति से हो, तो कृपया उन्हें अपनी प्रॉपर्टी बुक न करने दें।” होस्ट ने यह भी आरोप लगाया कि अखंड सिंह सूर्यवंशी ने उनके केयरटेकर के साथ मारपीट की। उन्होंने आगे कहा, “हम मेहमानों को बेहतर सुविधा देने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, लेकिन होमस्टे मालिक इस तरह के व्यवहार के हकदार नहीं हैं।” होस्ट का ये भी दावा है कि एक मेहमान ने यहां तक कहा कि चेक-इन से पहले ही प्रॉपर्टी की हालत ऐसी थी।

हजारों रुपए का हुआ नुकसान

इस मामले ने तब और ज्यादा ध्यान खींचा, जब ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर रूबेन चार्ल्स ने इस घटना पर रिएक्शन देते हुए एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि वह कुछ दिन पहले इसी Airbnb में ठहरे थे और कहा, “शिलांग के इस Airbnb में उत्तर प्रदेश से आए चार लोगों ने तोड़फोड़ की है।” ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर ने बताया कि जब वह इस होमस्टे में रुके थे, तब सब कुछ ठीक था। बाद में प्रॉपर्टी की खराब हालत देखकर उन्हें हैरानी हुई। उनके मुताबिक, वहां कचरा फैला था, दीवारें क्षतिग्रस्त थीं और कई जगह गंदगी दिखाई दे रही थी। बताया जा रहा है कि इससे प्रॉपर्टी को हजारों रुपये का नुकसान हुआ।

यूजर ने किया कमेंट

इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने मेहमानों के कथित व्यवहार की आलोचना की और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही, होमस्टे मालिकों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाने की भी बात कही। एक यूजर ने लिखा, “जानवर भी ऐसा नहीं करते।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “उम्मीद है कि आप इस तोड़फोड़ की पुलिस में शिकायत करेंगे। यह देखकर बहुत दुख हुआ।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह बेहद खराब व्यवहार है और बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता। आपकी प्रॉपर्टी के साथ जो हुआ, उसके लिए दुख है। दूसरे होस्ट को सावधान करने के लिए यह जानकारी साझा करना सही कदम है।”