Stock in Focus: सरकारी कंपनी को ₹3244 करोड़ का प्रोजेक्ट, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सरकारी कंपनी Power Grid Corporation of India Ltd ने राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट से बिजली निकालने के लिए बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर कॉम्प्लेक्स से 6 GW सोलर पावर ट्रांसमिशन के लिए सफल बोलीदाता चुना गया है।

यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत मिला है। कंपनी ने इसके लिए ₹3,244.33 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन चार्ज की बोली लगाई है। POWERGRID को 2 सितंबर 2026 को लेटर ऑफ इंटेंट of Intent मिला है।

1,000 किमी लंबी HVDC लाइन बनेगी

प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान के बाड़मेर-II में 6,000 MW की HVDC टर्मिनल स्थापित की जाएगी। महाराष्ट्र के साउथ कलांब में भी टर्मिनल बनेगी। दोनों जगहों पर ±800 kV HVDC सिस्टम लगाया जाएगा।

बाड़मेर-II से साउथ कलांब के बीच करीब 1,000 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी। यह राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी।

इसके अलावा राजस्थान में 400 kV की ट्रांसमिशन लाइन, जरूरी बे और दूसरे उपकरण भी लगाए जाएंगे। बाड़मेर-II पावर स्टेशन पर दो SynCon यूनिट भी स्थापित की जाएंगी।

BOOT मॉडल पर बनेगा प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट Build, Own, Operate and Transfer यानी BOOT मॉडल पर विकसित होगा। इसके तहत कंपनी प्रोजेक्ट बनाएगी, चलाएगी और तय अवधि के बाद इसे ट्रांसफर किया जाएगा।

हाल में गुजरात का भी प्रोजेक्ट मिला

पिछले महीने भी POWERGRID को गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन का बड़ा प्रोजेक्ट मिला था। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने ₹822.91 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन टैरिफ की बोली लगाई थी।

बुधवार को Power Grid Corporation का शेयर NSE पर 1.23% की तेजी के साथ ₹267.80 पर बंद हुआ।

Pharma Mutual Funds: 1 साल में 30% तक रिटर्न, 10 फंड ने दिया 20% से ज्यादा फायदा; क्या अभी भी है निवेश का मौका?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 26 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 26 अगस्त को शेयर बाजार में कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं, तो कुछ से जुड़े बड़े कॉरपोरेट अपडेट सामने आए हैं। वहीं OFS, ब्लॉक डील और मैनेजमेंट बदलाव भी चर्चा में हैं। आइए जानते हैं किन 12 शेयरों पर रहेगी बाजार की नजर।

Cipla

फार्मा कंपनी Cipla की पीथमपुर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में 17 से 25 अगस्त तक US FDA का इंस्पेक्शन हुआ। जांच के बाद Form 483 में 7 ऑब्जर्वेशन दिए गए हैं। अब कंपनी को इन कमियों पर जवाब देना होगा और जरूरी सुधार करने पड़ सकते हैं।

JSW Energy

पावर कंपनी JSW Energy से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में है। महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की याचिका पर सुनवाई टल गई है। विवाद करीब ₹600 करोड़ के टैरिफ भुगतान से जुड़ा है। महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने पहले यह रकम JSW Energy को देने का आदेश दिया था।

Advait Energy Transitions

पावर ट्रांसमिशन कंपनी Advait Energy Transitions को ₹134.62 करोड़ का टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर Madhya Pradesh Power Transmission Company से मिला है। ऑर्डर को 18 महीने में पूरा करना है।

United Breweries

बीयर कंपनी United Breweries ने Heineken Silver का विस्तार किया है। कंपनी ने इसे केरल, ओडिशा और मध्य प्रदेश में लॉन्च किया है। United Breweries ने बताया कि जिन बाजारों में यह ब्रांड पहले से उपलब्ध है, वहां इसे अच्छी मांग मिली है।

Rainbow Children’s Medicare

हेल्थकेयर कंपनी Rainbow Children’s Medicare के CFO विकास महेश्वरी ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। CFO कंपनी के वित्तीय मामलों की अहम जिम्मेदारी संभालता है।

Varun Beverages

बेवरेज कंपनी Varun Beverages नए सेगमेंट में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी Ready-to-Drink और Alcoholic Beverages कारोबार में एंट्री के लिए KIVA Spirits and Company नाम की नई इकाई बनाएगी। इसके अलावा Tunisia में 75:25 जॉइंट वेंचर बनाने की योजना को मंजूरी मिली है।

Hindustan Copper

सरकारी कॉपर कंपनी Hindustan Copper का OFS 26 अगस्त को रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों के लिए खुलेगा। संस्थागत निवेशकों ने पहले दिन OFS को 3.41 गुना सब्सक्राइब किया। इसके बाद सरकार ने पूरी ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यानी अब अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जाएगी।

Groww

फिनटेक कंपनी Groww में एक बड़े ब्लॉक डील की खबर है। जानकारी के मुताबिक Ribbit Capital करीब 1.6% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस सौदे का आकार करीब ₹1,914 करोड़ बताया गया है। Block Deal के लिए ₹195 प्रति शेयर का Floor Price रखा गया है।

Tata Motors

ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles ने ग्रुप कंपनी Tata Communications के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में Software-Defined Vehicles को बढ़ावा देंगी। इसकी शुरुआत नई Sierra.ev से होगी। इसमें In-built 5G Cellular Connectivity दी जाएगी।

Fedbank Financial Services

NBFC कंपनी Fedbank Financial Services के बोर्ड ने कर्ज के जरिए ₹2,500 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल कारोबार की जरूरतों और विस्तार के लिए कर सकती है।

HEG

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड कंपनी HEG का डीमर्जर 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। इसकी रिकॉर्ड डेट 7 सितंबर तय की गई है। डीमर्जर के बाद कंपनी का कारोबार दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बंट जाएगा। इनमें HEG Graphite और HEG Advanced Materials शामिल होंगी।

Welspun Corp

पाइप और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Welspun Corp में बड़े ब्लॉक डील की खबर है। Welspun Investments & Commercials और MD & CEO Vipul Mathur करीब 63 लाख शेयर, यानी कंपनी की लगभग 2.4% हिस्सेदारी बेच सकते हैं।

हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में OFS के बाद फिर आ सकती है तेजी, आनंद राठी ने ₹715 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में OFS के बाद फिर आ सकती है तेजी, आनंद राठी ने ₹715 का टारगेट दिया

सरकारी कंपनी Hindustan Copper के शेयर में मंगलवार को काफी दबाव देखने को मिला है। इसकी बड़ी वजह सरकार की हिस्सेदारी बिक्री यानी OFS है। इसके बावजूद घरेलू ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹715 का टारगेट प्राइस दिया है। यह मंगलवार के बंद भाव से 34.65% अधिक है। OFS की वजह से स्टॉक 7.45% गिरकर 531.40 रुपये पर बंद हुआ।

Anand Rathi Institutional Equities के वाइस प्रेसिडेंट पार्थिव झोंसा का मानना है कि कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं। बढ़ता प्रोडक्शन, कॉपर की ऊंची कीमत और कमाई में सुधार की उम्मीद शेयर को सपोर्ट कर सकती है।

OFS के बाद दबाव कम हो सकता है

झोंसा के मुताबिक, OFS के बाद कुछ समय तक शेयर में दबाव रह सकता है। लेकिन अगले कुछ महीनों में ₹490-500 के स्तर से रिकवरी देखने को मिल सकती है।

उनका कहना है कि सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से कंपनी के फंडामेंटल नहीं बदले हैं। कारोबार की बुनियाद अब भी मजबूत है। इसलिए OFS को कंपनी की कमाई या ऑपरेशन में बदलाव के तौर पर नहीं देखना चाहिए।

कॉपर प्रोडक्शन-प्राइस बनेगा बड़ा ट्रिगर

Anand Rathi के मुताबिक, आगे शेयर के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर प्रोडक्शन वॉल्यूम होगा। Hindustan Copper की कमाई पर कॉपर की कीमत का सीधा असर पड़ता है। कॉपर की कीमत मजबूत रहने से कंपनी की कमाई को सपोर्ट मिल सकता है।

इसके अलावा रुपये में कमजोरी भी कंपनी के लिए फायदेमंद हो सकती है। यही वजह है कि ब्रोकरेज को आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़त की उम्मीद है।

वैल्यूएशन पर क्या कहना है?

Hindustan Copper अभी दो साल के फॉरवर्ड EV/EBITDA के आधार पर करीब 16-18 गुना पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन पहली नजर में ज्यादा लग सकती है।

लेकिन Anand Rathi का कहना है कि दुनियाभर की कॉपर माइनिंग कंपनियां भी कॉपर के मजबूत लॉन्ग टर्म आउटलुक की वजह से ऊंची वैल्यूएशन पर कारोबार कर रही हैं।

सरकार की हिस्सेदारी बड़ी चिंता नहीं

झोंसा को सरकार की बची हुई हिस्सेदारी से ज्यादा परेशानी नहीं दिखती। पूरे OFS के बाद भी सरकार के पास Hindustan Copper की 60% से ज्यादा हिस्सेदारी रहेगी।

वहीं पब्लिक फ्लोट बढ़ने से शेयर में लिक्विडिटी बेहतर हो सकती है। ज्यादा निवेशकों के लिए शेयर में ट्रेडिंग और निवेश करना आसान होगा।

DRDO Missile: सरकार ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को मंजूरी दी, इन 7 डिफेंस स्टॉक्स पर रखें नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Q1 Results: सरकारी कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी, रेवेन्यू 46% बढ़ा; फोकस में रहेगा स्टॉक

Q1 Results: सरकारी कंपनी Dredging Corporation of India ने जून तिमाही में मजबूत वापसी की है। कंपनी को इस तिमाही में ₹11.23 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में उसे ₹23.33 करोड़ का घाटा हुआ था।

जून तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 46.7% बढ़कर ₹355.4 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹242.2 करोड़ था। वहीं, कुल आय बढ़कर ₹356.5 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल ₹243.3 करोड़ थी।

EBITDA बढ़ा, लेकिन मार्जिन घटा

Dredging Corporation का EBITDA 32% बढ़कर ₹62 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹47 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 19.36% से घटकर 17.42% रह गया। इसका मतलब है कि कंपनी की कमाई बढ़ी, लेकिन लागत उससे तेज रफ्तार से बढ़ी।

पोर्ट और जलमार्ग परियोजनाओं से मिला सहारा

यह सरकारी कंपनी बंदरगाहों और जलमार्गों से जुड़ी ड्रेजिंग सेवाएं देती है। सरकार के पोर्ट आधुनिकीकरण, समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर और जलमार्ग विकास पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिल रहा है। इससे कारोबार में तेजी देखने को मिली।

मार्जिन पर रहेगी नजर

कंपनी मुनाफे में लौट आई है। लेकिन EBITDA मार्जिन में गिरावट निवेशकों के लिए अहम संकेत है। आगे कंपनी की कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि वह बढ़ते रेवेन्यू के साथ लागत, ईंधन खर्च, रखरखाव और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन को कितनी अच्छी तरह संभाल पाती है।

शेयरों का हाल

मंगलवार को Dredging Corporation of India का शेयर 2.95% की बढ़त के साथ ₹1,128.90 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने से स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। हालांकि, बीते 1 साल में इसने 69.45% का तगड़ा रिटर्न दिया है। इस सरकारी कंपनी का मार्केट कैप 3.16 हजार करोड़ रुपये है।

BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज को ₹874 करोड़ का मुनाफा, बुलियन कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने का प्लान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IREDA Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 37% बढ़ा, सोलर सेक्टर को सबसे ज्यादा फंडिंग दी

IREDA Q1 Results: सरकारी नवरत्न कंपनी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 36.8% बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹246.7 करोड़ था।

NII में 24% की बढ़ोतरी

IREDA की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 24.1% बढ़कर ₹856.8 करोड़ हो गई। एक साल पहले यह ₹690.5 करोड़ थी। IREDA के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बिजय कुमार मोहंती ने कहा कि मजबूत कारोबारी बुनियाद और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ती फाइनेंसिंग डिमांड का असर नतीजों में दिखा है।

लोन बुक में भी उछाल

30 जून 2026 तक IREDA की लोन बुक 19% बढ़कर ₹94,936 करोड़ हो गई। एक साल पहले यह ₹79,941 करोड़ थी। कंपनी ने तिमाही के दौरान ₹4,991 करोड़ उधार जुटाए, ₹6,556 करोड़ के लोन वितरित किए और ₹3,380 करोड़ के नए लोन मंजूर किए।

सोलर सेक्टर को सबसे ज्यादा फंडिंग

IREDA की कुल लोन बुक में सोलर एनर्जी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 26% रही। इसके बाद राज्य बिजली कंपनियां (19%), विंड एनर्जी (11%) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (11%) का स्थान रहा।

NIM में सुधार, GNPA बढ़ा

IREDA का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 3.75% हो गया, जो पिछले साल 3.60% था। प्रोविजन कवरेज रेशियो बढ़कर 68.22% और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 20.30% रहा।

हालांकि, ग्रॉस एनपीए (GNPA) मार्च के अंत के 3.49% से बढ़कर 3.76% हो गया। वहीं, नेट एनपीए 1.29% से घटकर 1.23% पर आ गया। कंपनी के मुताबिक, यह बेहतर जोखिम प्रबंधन और मॉनिटरिंग सिस्टम का नतीजा है।

IREDA के शेयर

नतीजों से पहले सोमवार को IREDA का शेयर 2.83% की बढ़त के साथ ₹122.98 पर बंद हुआ। 1 साल में स्टॉक 16.92% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 33.03 हजार करोड़ रुपये है।

LIC OFS: बीमा कंपनी में 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर का तय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Coal India Production Update: सरकारी कंपनी का कोयला प्रोडक्शन 8% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Coal India Production Update: सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया (CIL) ने जुलाई 2026 के प्रोडक्शन और ऑफटेक के शुरुआती आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का जुलाई में कोयला उत्पादन 8.4% बढ़कर 5.04 करोड़ टन (50.4 मिलियन टन) रहा। पिछले साल जुलाई में यह 4.64 करोड़ टन था। वहीं, ऑफटेक यानी ग्राहकों को कोयले की सप्लाई 17.4% बढ़कर 6.37 करोड़ टन रही, जो एक साल पहले 5.42 करोड़ टन थी।

हालांकि, अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान कंपनी का कुल उत्पादन 4.3% घटकर 22 करोड़ टन रह गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 22.98 करोड़ टन था। इसके बावजूद चार महीनों में ऑफटेक 6.8% बढ़कर 26.19 करोड़ टन पहुंच गया, जो एक साल पहले 24.52 करोड़ टन था। इससे पता चलता है कि उत्पादन में कमी के बावजूद कंपनी की सप्लाई मजबूत बनी हुई है।

अलग-अलग कंपनियों का प्रदर्शन

कोल इंडिया की अलग-अलग सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

  • Central Coalfields Limited (CCL) ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। जुलाई में इसका उत्पादन 56.9% बढ़कर 59 लाख टन हो गया। वहीं, ऑफटेक 66.1% बढ़कर 74 लाख टन रहा।
  • Eastern Coalfields Limited (ECL) का उत्पादन 34.1% बढ़कर 36 लाख टन और ऑफटेक 38.4% बढ़कर 45 लाख टन पहुंच गया।
  • South Eastern Coalfields Limited (SECL), जो कोल इंडिया की सबसे बड़ी सहायक कंपनी है, उसका उत्पादन 17.5% बढ़कर 1.15 करोड़ टन रहा। वहीं, ऑफटेक 11.1% बढ़कर 1.44 करोड़ टन हो गया।
  • Western Coalfields Limited (WCL) का उत्पादन 15.5% बढ़कर 29 लाख टन रहा। ऑफटेक 36.2% बढ़कर 54 लाख टन पहुंच गया।

MCL और BCCL रहे कमजोर

Mahanadi Coalfields Limited (MCL) का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। जुलाई में इसका उत्पादन 10.7% घटकर 1.31 करोड़ टन रह गया। हालांकि, ऑफटेक 10.4% बढ़कर 1.82 करोड़ टन हो गया। अप्रैल-जुलाई के दौरान MCL का उत्पादन 16% घटा।

Bharat Coking Coal Limited (BCCL) का जुलाई उत्पादन 3.4% बढ़कर 25 लाख टन रहा। लेकिन अप्रैल-जुलाई के दौरान इसका ऑफटेक 21.1% घट गया, जो प्रमुख सहायक कंपनियों में सबसे बड़ी गिरावट रही। सबसे छोटी इकाई North Eastern Coalfields (NEC) का उत्पादन और ऑफटेक बेहद कम रहा। जुलाई में इसका ऑफटेक 100% घट गया।

कोल इंडिया के शेयरों का हाल

कोल इंडिया का शेयर शुक्रवार को 0.67% की गिरावट के साथ 414.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.48% की बढ़त दर्ज कर चुका है। वहीं बीते 1 साल में इसने 10.60% का रिटर्न दिया है।

कोल इंडिया भारत की सबसे बड़ी सरकारी कोयला खनन कंपनी है। यह देश के बिजली संयंत्रों, स्टील, सीमेंट और अन्य उद्योगों को कोयले की सप्लाई करती है। भारत के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान इसी कंपनी का है।

Persistent Systems Q1 Results: मुनाफा घटा, लेकिन AI और रिकॉर्ड डील्स से कमाई बढ़ी; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।