Lloyds Metals Q1 Results: मेटल कंपनी का मुनाफा 165% बढ़ा, रेवेन्यू और EBITDA में भी जोरदार उछाल

Lloyds Metals Q1 Results: माइनिंग और मेटल कंपनी Lloyds Metals and Energy ने जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 1,726 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 651 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में करीब 165% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी का रेवेन्यू भी 2,383.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,354.3 करोड़ रुपये हो गया। इसमें करीब 209% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, EBITDA 805.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,781.4 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी 33.80% से बढ़कर 37.82% हो गया।

सब्सिडियरी में ₹625 करोड़ का निवेश

कंपनी के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी Thriveni Earthmovers and Infra Private Ltd. में 625 करोड़ रुपये तक के निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश राइट्स इश्यू या आगे जारी होने वाली पूंजी के जरिए किया जाएगा। कंपनी यह रकम एक या उससे ज्यादा चरणों में लगा सकती है।

रिन्यूएबल एनर्जी में भी बढ़ेगी हिस्सेदारी

Lloyds Metals ने अपने इस्तेमाल के लिए रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश को भी मंजूरी दी है। इसके तहत कंपनी ग्रुप कैप्टिव स्कीम के तहत कम से कम 26% हिस्सेदारी ले सकती है।

यह निवेश विंड और सोलर पावर दोनों प्रोजेक्ट्स में होगा। इसका मकसद कंपनी की बिजली जरूरत का एक हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करना है। इसके लिए कंपनी Amplus Energy और उसकी अलग-अलग इकाइयों के साथ समझौते करेगी।

सब्सिडियरी का कर्ज इक्विटी में बदलेगी

बोर्ड ने कंपनी की सब्सिडियरी Lloyds Global Resources FZCO को दिए गए मौजूदा कर्ज को इक्विटी शेयरों में बदलने की भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा कंपनी इस सब्सिडियरी में अलग-अलग तरह की प्रेफरेंस शेयर और अन्य सिक्योरिटीज के जरिए आगे निवेश भी कर सकती है। यह निवेश एक या कई चरणों में किया जा सकता है।

नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति

कंपनी ने अविजित घोष को अतिरिक्त निदेशक और नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2026 से 9 अगस्त 2031 तक पांच साल का होगा। हालांकि, इसके लिए कंपनी के सदस्यों की मंजूरी जरूरी होगी।

Lloyds Metals का शेयर सोमवार को 2% चढ़कर 2,059.10 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में कंपनी ने 64.77% का रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Coal India Production Update: सरकारी कंपनी का कोयला प्रोडक्शन 8% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Coal India Production Update: सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया (CIL) ने जुलाई 2026 के प्रोडक्शन और ऑफटेक के शुरुआती आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का जुलाई में कोयला उत्पादन 8.4% बढ़कर 5.04 करोड़ टन (50.4 मिलियन टन) रहा। पिछले साल जुलाई में यह 4.64 करोड़ टन था। वहीं, ऑफटेक यानी ग्राहकों को कोयले की सप्लाई 17.4% बढ़कर 6.37 करोड़ टन रही, जो एक साल पहले 5.42 करोड़ टन थी।

हालांकि, अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान कंपनी का कुल उत्पादन 4.3% घटकर 22 करोड़ टन रह गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 22.98 करोड़ टन था। इसके बावजूद चार महीनों में ऑफटेक 6.8% बढ़कर 26.19 करोड़ टन पहुंच गया, जो एक साल पहले 24.52 करोड़ टन था। इससे पता चलता है कि उत्पादन में कमी के बावजूद कंपनी की सप्लाई मजबूत बनी हुई है।

अलग-अलग कंपनियों का प्रदर्शन

कोल इंडिया की अलग-अलग सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

  • Central Coalfields Limited (CCL) ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। जुलाई में इसका उत्पादन 56.9% बढ़कर 59 लाख टन हो गया। वहीं, ऑफटेक 66.1% बढ़कर 74 लाख टन रहा।
  • Eastern Coalfields Limited (ECL) का उत्पादन 34.1% बढ़कर 36 लाख टन और ऑफटेक 38.4% बढ़कर 45 लाख टन पहुंच गया।
  • South Eastern Coalfields Limited (SECL), जो कोल इंडिया की सबसे बड़ी सहायक कंपनी है, उसका उत्पादन 17.5% बढ़कर 1.15 करोड़ टन रहा। वहीं, ऑफटेक 11.1% बढ़कर 1.44 करोड़ टन हो गया।
  • Western Coalfields Limited (WCL) का उत्पादन 15.5% बढ़कर 29 लाख टन रहा। ऑफटेक 36.2% बढ़कर 54 लाख टन पहुंच गया।

MCL और BCCL रहे कमजोर

Mahanadi Coalfields Limited (MCL) का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। जुलाई में इसका उत्पादन 10.7% घटकर 1.31 करोड़ टन रह गया। हालांकि, ऑफटेक 10.4% बढ़कर 1.82 करोड़ टन हो गया। अप्रैल-जुलाई के दौरान MCL का उत्पादन 16% घटा।

Bharat Coking Coal Limited (BCCL) का जुलाई उत्पादन 3.4% बढ़कर 25 लाख टन रहा। लेकिन अप्रैल-जुलाई के दौरान इसका ऑफटेक 21.1% घट गया, जो प्रमुख सहायक कंपनियों में सबसे बड़ी गिरावट रही। सबसे छोटी इकाई North Eastern Coalfields (NEC) का उत्पादन और ऑफटेक बेहद कम रहा। जुलाई में इसका ऑफटेक 100% घट गया।

कोल इंडिया के शेयरों का हाल

कोल इंडिया का शेयर शुक्रवार को 0.67% की गिरावट के साथ 414.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.48% की बढ़त दर्ज कर चुका है। वहीं बीते 1 साल में इसने 10.60% का रिटर्न दिया है।

कोल इंडिया भारत की सबसे बड़ी सरकारी कोयला खनन कंपनी है। यह देश के बिजली संयंत्रों, स्टील, सीमेंट और अन्य उद्योगों को कोयले की सप्लाई करती है। भारत के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान इसी कंपनी का है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।