LIC Pension Plan: एलआईसी की चौका बेनेफिट्स वाली धांसू पॉलिसी, रिस्क कवर और पेंशन के साथ बोनस भी

LIC Pension Plan: एलआईसी का जीवन उमंग, एक ऐसा प्लान जो तिहरे फायदे की चादर में लपेटा हुआ है। चूंकि पॉलिसी एलआईसी की है तो जाहिर सी बात है कि इसमें इंश्योरेंस कवरेज होगा ही। इंश्योरेंस कवरेज के साथ-साथ एलआईसी ने इसमें जिंदगी भर सम एश्योर्ड के 8% के बराबर गारंटीड पेंशन का प्रावधान किया हुआ है तो साथ ही इसमें बोनस भी जुड़ता रहता है, जिससे पेंशन लेते-लेते कभी जरूरत पड़ी तो बोनस मिलाकर अच्छा-खासा अमाउंट मिल जाता है या किसी अनहोनी की स्थिति में नॉमिनी की आर्थिक मदद हो जाती है। इसके अलावा टैक्स बेनेफिट्स भी मिलता है। इस प्रकार जीवन उमंग में बेनेफिट्स का चौका लग जाता है।

Jeevan Umang Details: खास बातें

जीवन उमंग एलआईसी की एक नॉन-लिंक्ड, पार्टिसिपेटिंग, होल-लाइफ इंश्योरेंस और सेविंग्स प्लान है।

जीवन उमंग पॉलिसी 30 दिन के बच्चे से लेकर 55 साल की उम्र के शख्स के लिए ली जा सकती है।

इसमें कम से कम ₹2 लाख तक का बीमा कराया जा सकता है और अधिकतम की कोई सीमा नहीं है।

मेच्योरिटीज बीमाधारक के 100 वर्ष का होने पर होता है।

इसमें पॉलिसीधारक की एंट्री ऐज के हिसाब से 15,20, 25 या 30 साल का पेमेंट टर्म चुना जा सकता है। दो साल तक के बच्चों के लिए 15 साल का पेमेंट टर्म नहीं है तो 51-55 साल के शख्स के लिए सिर्फ 15 साल का पेमेंट टर्म ही है और 46-50 वर्ष के शख्स के लिए 15 साल और 20 साल का पेमेंट टर्म और 41-45 वर्ष की एंट्री ऐज पर 15, 20 और 25 साल का पेमेंट टर्म।

पॉलिसी पेमेंट टर्म (PPT) पूरा होने पर पॉलिसीधारक को सम एश्योर्ड के 8% के बराबर पेंशन 100 वर्ष की उम्र तक हर साल मिलती रहती है। 100 वर्ष की उम्र पूरा होने पर बेसिक सम एश्योर्ड और पूरी पॉलिसी अवधि में इकट्ठा हुआ बोनस मिलता है।

पॉलिसी टर्म के दौरान किसी अनहोनी की स्थिति में नॉमिनी को सम एश्योर्ड में सिंपल रिवर्सनरी बोनस और फाइनल एडीशनल बोनस मिलता है। हालांकि 8 साल से कम उम्र के बच्चे के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है। 8 साल से कम उम्र में पॉलिसी लेने पर पॉलिसी लेने के 2 साल पूरा होने के एक दिन पहले या जिस पॉलिसी एनीवर्सिसरी से बच्चा 8 साल की उम्र करता है, उससे एक दिन पहले; इन दोनों में जो पहले हो, उस दिन से रिस्क शुरू होता है। रिस्क शुरू होने से पहले पॉलिसीहोल्डर्स की मौत पर बेस-पॉलिसी प्रीमियम ही वापस मिलेंगे।

इसमें राइडर्स भी उपलब्ध हैं।

इसमें जमा प्रीमियम पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स मिलता है और मेच्योरिटी या टैक्स बेनेफिट्स आमतौर पर सेक्शन 10(10डी) के तहत टैक्स-फ्री होते हैं।

उदाहरण से समझें

2 साल के बच्चे का उदाहरण

₹10 लाख की पॉलिसी अगर 20 साल के लिए रहे हैं तो और गॉर्जियन की उम्र 35 साल है तो ADDB (एक्सीडेंटल डेथ एंड डिजेबिलिटी बेनेफिट) और PWB (प्रीमियम वेवर बेनेफिट) राइडर के साथ सालाना प्रीमियम ₹55765 बन रही है यानी हर दिन ₹153 की जमा। बिना PWB राइडर के लिए सालाना प्रीमियम ₹53535 होगी।

20 साल पूरा होने यानी बच्चे के 22 साल का होने के बाद हर साल पॉलिसीहोल्डर के खाते में ₹80 हजार क्रेडिट होंगे।

अब इसमें रिस्क कवर की बात करें तो चूंकि इसमें PWB राइडर है तो गॉर्जियन के साथ कोई अनहोनी की स्थिति में पूरा प्रीमियम माफ हो जाएगा और पॉलिसी चलती रहेगी। वहीं पॉलिसीहोल्डर यानी बच्चे के साथ कोई अनहोनी होने पर नॉमिनी को पॉलिसी पीरियड के हिसाब से जो पैसा बनेगा, वह मिल जाएगा। अगर पॉलिसी लेने के एक साल के भीतर ही एक्सीडेंटल डेथ होती है तो नॉमिनी को जमा प्रीमियम के हिसाब से ही यानी 1.11 लाख के आस-पास पैसा मिलेगा तो रिस्क शुरू होने के बाद 10 साल की उम्र में एक्सीडेंटल डेथ पर ₹16 लाख के आसपास मिलेगा।

30 साल की उम्र में पॉलिसी लेने पर

अब अगर 20 साल की उम्र में ₹10 लाख की पॉलिसी अगर 20 साल के लिए रहे हैं तो ADDB राइडर के साथ सालाना प्रीमियम ₹54985 बन रही है यानी हर दिन ₹151 की जमा।

पॉलिसी के 20 साल पूरा होने के बाद 40 की उम्र से जिंदगी भर हर साल ₹80 हजार खाते में क्रेडिट होंगे।

अब अनहोनी के स्थिति की बात करें तो नेचुरल डेथ केस में सम एश्योर्ड और कुल बोनस जोड़कर मिलेगा तो एक्सीडेंटल डेथ केस में सम एश्योर्ड, राइडर और कुल बोनस नॉमिनी को मिलेगा। मान लेते हैं कि पॉलिसी पूरा होने के बाद 5 साल सालाना पैसा यानी कुल ₹4 लाख खाते में क्रेडिट होता है और उसके बाद कोई अनहोनी जाती है तो एक्सीडेंटल केस में मौजूदा बोनस रेट के हिसाब से नॉमिनी को ₹41-₹42 लाख के आस-पास मिल जाएगा।

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NSE IPO का एंकरबुक, सबसे अधिक बोली लगा सकती है LIC, ये दिग्गज भी कतार में

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार खत्म होने वाला है और जल्द ही यह खुलने वाला है। अब सामने आ रहा है कि इसके एंकरबुक में सबसे अधिक पैसा देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) लगा सकती है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। हालांकि इसे लेकर अभी बातचीत चल रही है और इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। एक सूत्र के मुताबिक एआईसी के बाद सबसे अधिक शेयर नॉर्वे के नॉर्गेस बैंक (Norges Bank) को मिल सकते हैं। हालांकि एंकर निवेशकों का अलॉटमेंट अभी तय नहीं हुआ है और इसमें बदलाव हो सकता है।

एक दूसरे सूत्र का कहना है कि ADAI (अबू धाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी), दिग्गज यूरोपीय निवेशक कार्मिग्नैक (Carmignac), अबूधाबी की लुनाटे (Lunate), जीआईसी और फिडेलिटी भी बातचीत कर रही है और एंकरबुक के तहत बड़ी बोली लगा सकती है। एक तीसरे शख्स ने बताया कि एसबीआई पेंशन, एसबीआई लाइफ और एचडीएफसी लाइफ भी इसमें पैसे डाल सकते हैं और चूंकि यह एक बड़ा आईपीओ है तो दुनिया के प्रमुख हेज फंड्स के भी इसमें हिस्सा लेने और बड़े निवेश की उम्मीद है।

16 सितंबर को खुलेगा NSE का एंकर बुक

इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के लिए एनएसई का एंकर बुक 16 सितंबर को खुलेगा। इसके बाद पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए यह 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर तक खुला रहेगा। इसका ₹22,561.5 करोड़ का आईपीओ ₹1700-₹1785 के प्राइस बैंड में खुलेगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड और एरांडा इंवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) समेत 10 मौजूदा शेयरहोल्डर्स 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे।

मार्केट में कैसी है स्थिति

टर्नओवर के हिसाब से एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer Report के मुताबिक जून तिमाही के आखिरी में एनएसई की कैश मार्केट में 93.05%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.72%, इक्विटी ऑप्शंस में 68.48%, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स में 100% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी थी। वर्ल्ड फेडेरेशन ऑफ एक्सचेंजेज के मुताबिक वित्त विर्ष 2026 में दुनिया के अहम लिस्टेड स्टॉक एक्सचेंजों की तुलना में एनएसई सबसे बड़ा मल्टी-एसेट क्लास एक्सचेंज था। कैश इक्विटीज में ट्रेड्स की संख्या के आधार पर एनएसई की वैश्विक मार्केट में 11.38% और इक्विटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट्स के आधार पर 51.18% हिस्सेदारी थी।

कैसी है सेहत

वित्तीय मोर्चे पर एनएसई की सेहत पिछले वित्त वर्ष कमजोर हुई। वित्त वर्ष 2026 में एनएसई का मुनाफा 15.5% गिरकर ₹10,302.1 करोड़ और रेवेन्यू 3.1% घटकर ₹16,601.3 करोड़ पर आ गया। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बात करें तो जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एनएसई का मुनाफा 6.7% बढ़कर ₹3,120.1 करोड़ और रेवेन्यू 13.1% चढ़कर ₹4,560.4 करोड़ पर पहुंच गया।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LIC’s Micro Bachat Plan: ₹1000 महीने वाली एलआईसी पॉलिसी, रिटर्न भी धांसू

LIC’s Micro Bachat Plan: एलआईसी के कुछ प्लान ऐसे हैं, जिनमें इंश्योरेंस कवरेज के साथ-साथ रिटर्न भी बेहतर मिलता है। इसमें से एक माइक्रो बचत प्लान है। इसमें सालाना करीब ₹12 हजार में यानी हर महीने महज ₹1000 के प्रीमियम में ही 15 साल तक का इंश्योरेंस कवरेज हासिल किया जा सकता है। इसमें पॉलिसीहोल्डर्स को शर्तों के हिसाब से लॉयल्टी एडीशंस मिलता है और मौजूदा लॉयल्टी एडीशंस के हिसाब से करीब 6% तक का रिटर्न बन सकता है। हालांकि इस प्लान की कुछ सीमाएं भी हैं जैसे कि इसमें अधिकतम ₹2 लाख तक की ही पॉलिसी खरीदी जा सकती है। इस

LIC’s Micro Bachat Plan: खास बातें

एलआईसी का माइक्रो बचत प्लान एक नॉन-लिंक्ड, पार्टिसिपेटिंग, इंडिविजुअल लाइफ, माइक्रो-इंश्योरेंस, सेविंग्स प्लान है।

इसमें 18-55 वर्ष की उम्र में ₹1-₹2 लाख तक की पॉलिसी ली जा सकती है।

प्रीमियम भरने के लिए 10 से लेकर 15 वर्षों तक का पीरियड चुना जा सकता है और प्रीमियम पेमेंट टर्म (PPT) खत्म होने के बाद मेच्योरिटी पर पैसा मिलेगा।

मेच्योरिटी पर कितना पैसा मिलेगा, यह निर्भर करता है कि पॉलिसी कितने साल के लिए ली है क्योंकि जितने समय के लिए पॉलिसी लेंगे, उतने समय तक का लॉयल्टी एडीशन (LA) मिलेगा। लॉयल्टी एडीशन 5 साल के बाद ही जुड़ने शुरू होते हैं यानी कि इससे पहले सरेंडर करने पर लॉयल्टी एडीशन नहीं मिलेगा।

अब डेथ बेनेफिट की बात करें तो पॉलिसीहोल्डर्स की मौत के मामले में अगर पॉलिसी के पहले पांच साल में मृत्यु हुई है तो नॉमिनी को सम एश्योर्ड के बराबर पैसा मिलेगा और 5 साल के बाद मौत होने पर सम एश्योर्ड के साथ लॉयल्टी एडीशन जोड़कर मिलेगा। सम एश्योर्ड का मतलब बेसिक सम एश्योर्ड या सालाना प्रीमियम के सात गुने में जो अधिक हो, वह है।

इसमें किए गए निवेश पर ओल्ड टैक्स रिजीम में सेक्शन 80सी के तहत टैक्स डिडक्शन मिलता है तो मेच्योरिटी का पैसा सेक्शन 10(10डी) के तहत टैक्स-फ्री है।

इसमें ADDB (एक्सीडेंटल डेट एंड डिजेबिलिटी बेनेफिट), AB, AB (दो गुना), AB (3 गुना) जैसे राइडर्स उपलब्ध हैं।

उदाहरण से समझें

मान लिया कि 55 साल के किसी शख्स ने इस प्लान के तहत ₹2 लाख की पॉलिसी खरीदी। उनका सालाना प्रीमियम ₹12066, छमाही ₹6096, तिमाही ₹3080 या मासिक ₹1027 बनेगा। 15 साल तक प्रीमियम पेमेंट करने के बाद मौजूदा लॉयल्टी एडीशन के हिसाब से रिटर्न में ₹2.65 लाख मिलेंगे। अभी सम एश्योर्ड के हर ₹1000 पर एलआईसी ₹325 लॉयल्टी एडीशन दे रही है। इसमें सालाना 5.1% का रिटर्न बनता दिख रहा है। ध्यान दें कि इसमें प्रीमियम कैलकुलेशन ADDB राइडर्स को मिलाकर किया गया है।

अब मान लेते हैं कि किसी शख्स ने 18 साल की उम्र में पॉलिसी ली। ADDB राइडर्स के साथ सालाना प्रीमियम ₹10360, छमाही ₹5235, तिमाही ₹2645 या मासिक ₹882 बनेगा। 15 साल तक प्रीमियम पेमेंट करने के बाद मौजूदा लॉयल्टी एडीशन के हिसाब से रिटर्न में ₹2.65 लाख मिलेंगे। इसमें सालाना 6.7% तक ेका रिटर्न बनता दिख रहा है।

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डिस्क्लेमर: निवेश या बीमा से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने सलाहकार से जरूर संपर्क करें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।