Stocks to Watch: PC Jeweller, Wipro और Angel One समेत 15 स्टॉक्स; खास वजहों से आज फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 100.50 प्वाइंट्स यानी 0.44% की मजबूती के साथ 23,088.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 15 अक्टूबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 1533.72 प्वाइंट्स यानी 2.11% की बढ़त के साथ 74,315.61 और निफ्टी भी 374.65 प्वाइंट्स यानी 1.66% की मजबूती के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tech Mahindra Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेक महिंद्रा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32.7% बढ़कर ₹1,585.6 करोड़ और रेवेन्यू 15.6% उछलकर ₹16,180.2 करोड़ पर पहुंच गया। डॉलर टर्म में कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान 6.7% बढ़कर $169.3 करोड़ हो गया। इसके अलावा कंपनी के बोर्ड ने ₹15 के डिविडेंड और 1:1 के रेश्यो में यानी एक पर एक शेयर बोनस में देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Wipro Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर विप्रो का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 1.4% घटकर ₹3,200.6 करोड़ रह गया लेकिन कंसालिडेटेड रेवेन्यू 9.06% उछलकर ₹24,752.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 8.95% बढ़कर ₹24,667 करोड़ और आईटी सर्विसेज डॉलर रेवेन्यू 0.3% बढ़कर $261.15 करोड़ हो गया लेकिन आईटी सर्विसेज ईबीआईटी मार्जिन 20 बीपीएस घटकर 16.5% रह गया। दिसंबर तिमाही के लिए कंपनी का अनुमान है कि आईटी सर्विसेज रेवेन्यू $2,57.1-$262.5 करोड़ के बीच रह सकता है।

Jio Financial Services Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ₹340.44 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में रही। सालाना आधार पर कंपनी की टोटल इनकम (एक्स-डिविडेंडः 132% बढ़कर ₹1,699 करोड़ पर पहुंच गई तो प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (एक्स-डिविडेंड) 85% बढ़कर ₹574 करोड़ और एयूएम 154% उछलकर ₹37,320 करोड़ पर पहुंच गया।

IIFL Finance Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईआईएफएल फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.7% बढ़कर ₹766.4 करोड़ और नेट इंटेरेस्ट इनकम (NII) 50.2% उछलकर ₹2,160.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Persistent Systems Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.4% गिरकर ₹351.5 करोड़ पर आ गया, लेकिन रेवेन्यू 30.3% उछलकर ₹4,663.9 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटी 19.5% बढ़कर ₹697.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटी मार्जिन 130 बीपीएस फिसलकर 15% पर आ गया।

Angel One Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 58.2% बढ़कर ₹335 करोड़ और रेवेन्यू 18.7% उछलकर ₹1,427 करोड़ पर पहुंच गया।

Sri Lotus Developers and Realty Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 77.9% बढ़कर ₹82.1 करोड़ और रेवेन्यू 52.5% उछलकर ₹268.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Solar Industries India

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया की सब्सिडियरी सोलर एक्सप्लोकेम ने शिवशक्ति इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स के साथ एक शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है। इसके तहत सोलर एक्सप्लोकेम ₹115.02 करोड़ में शिवशक्ति में 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

Mankind Pharma

मैनकाइंड फार्मा बेल्जियम की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी आर्म्ड सेल थेरेप्यूटिक्स में मेजॉरिटी हिस्सेदारी 4.8 करोड़ यूरो में खरीदेगी। यह कंपनी कैंसर के इलाज के लिए अगली पीढ़ी की CAR-T (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल) थेरेपी डेवलप कर रही है।

Agastya Energy & Infrastructure

अगस्त्य एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सब्सिडियरी आईएमसी सोलर बीडीएन से एक सोलर पावर प्लांट प्रोजेक्ट के लिए ₹106.04 करोड़ का EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) और O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

Premier Energies

प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज ने जर्मनी के आरसीटी ग्रुप की कंपनी आरसीटी एनर्जी इंडिया के साथ एक शेयर अलॉटमेंट और शेयरहोल्डर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत प्रीमियर एनर्जीज स्टोरेज सॉल्यूशंस नाम से एक रणनीतिक जॉइंट वेंचर बनेगा। यह जॉइंट वेंचर 12 GWh की कुल क्षमता वाला BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। पहला चरण 6 GWh का होगा, जो वित्त वर्ष 2027-28 में तेलंगाना के सीतारामपुर में सेटअप हो सकता है।

Eternal

बोफा (BofA) सिक्योरिटीज यूरोप ने गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ODI से प्रति शेयर ₹316 के भाव पर ₹168.67 करोड़ में जोमैटो की एटर्नल के 53.37 लाख शेयर खरीदे।

Vardhman Polytex

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक पाइन ओक ग्लोबल फंड ने प्रति शेयर ₹5.55 के भाव पर ₹1.38 करोड़ में वर्धमान पॉलीटेक्स के 25 लाख शेयर और खरीदे हैं, जो कंपनी में 0.49% हिस्सेदारी के बराबर है। ये सभी शेयर अनुपमा कोठारी ने बेचे हैं। सितंबर 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार वर्धमान पॉलीटेक्स में पाइन ओक ग्लोबल फंड की 5.34% हिस्सेदारी थी, जबकि हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल इन्वेस्टर अनुपमा कोठारी की 9.83% हिस्सेदारी थी।

LCC Projects

नियोमाइल कॉर्पोरेट एडवाइजरी और इसके फाउंडर-डायरेक्टर कीर्तन मानेकलाल रूपारेलिया ने मिलकर ₹55.11 करोड़ में एलसीसी प्रोजेक्ट्स में 1.4% हिस्सेदारी हासिल की है।

PC Jeweller

निवेशक आदित्य कुमार हलवासिया ने प्रति शेयर ₹14.43 के भाव पर ₹73.59 करोड़ में पीसी ज्वेलर के 5.1 करोड़ इक्विटी शेयर (0.52% हिस्सेदारी) खरीदी है।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: पंजाब नेशनल बैंक, एलटीएम, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, डीएलएफ, फेडरल बैंक, जिंदल सॉ, ओबेरॉय रियल्टी, शॉपर्स स्टॉप, तेजस नेटवर्क्स, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, अर्बन कंपनी

कल 17 अक्टूबर को इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीबीआई बैंक, येस बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, बजाज हेल्थकेयर, इंडिया सीमेंट्स, ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (इक्सिगो), क्रॉस, रोजरी बायोटेक

एक्स-डिविडेंड: एचसीएल टेक्नोलॉजीज, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हिंदुस्तान कंपोजिट्स

एक्स-स्प्लिट: बंसल वायर इंडस्ट्रीज

एक्स-शेयर कंसालिडेशन: नोबल पॉलिमर्स

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

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Market Trend : कच्चे तेल में नरमी से अच्छे हुए बाजार के सेंटिमेंट, जानिए निफ्टी और बैंक निफ्टी में क्या हो कमाई की रणनीति

Market Trend : कच्चे तेल में नरमी से बाजार के सेंटिमेंट अच्छे हुए हैं। निफ्टी 100 प्वाइंट चढ़कर 22650 के पार चला गया है। इधर कोटक और एक्सिस बैंक के दमदार बिजनेस अपडेट्स से बैंक निफ्टी का भी जोश हाई है और यह 55000 के ऊपर टिका है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रौनक है। दमदार बिजनेस अपडेट से ट्रेंट 10 फीसदी के अपर सर्किट के साथ निफ्टी का टॉप गेनर बना है। साथ ही कोटक महिंद्रा बैंक भी 4 फीसदी उछला है। उधर कल्याण ज्वेलर्स चमका है,लेकिन मुथूट फिसला है।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती के बावजूद मेटल शेयरों में तेजी है। निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 1 फीसदी ऊपर दिख रहा है। FMCG से भी सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन ऑटो और IT में दबाव नजर आ रहा है।

CAS फ्रेमवर्क वापस लेने की मीडिया रिपोर्ट्स के बाद कैपिटल मार्केट शेयरों में जोश है। BSE, एंजेल वन और मोतीलाल ओसवाल में जोरदार उछाल आया है। कैपिटल मार्केट इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी मजबूत हुआ है।

इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतें 2 साल की ऊंचाई पर पहुंचने से शुगर शेयरों में मिठास बढ़ी है। अवध शुगर और त्रिवेणी इंजीनियरिंग में अच्छी तेजी है। उधर श्री रेणुका और बलरामपुर चीनी में भी 4 फीसदी तक की तेजी है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वी के विजयकुमार का कहना है कि तेजड़ियों के लिए एक निश्चित स्तर से आगे इस तेजी को बनाए रखना मुश्किल होगा। चूंकि US 10 ईयर बॉन्ड यील्ड 5.3% के आसपास बना हुआ है, इसलिए FIIs बिकवाली जारी रखेंगे,जिससे बाजार का रुख उछाल पर बिकवाली(sell on rally) वाला हो जाएगा। इसका मतलब है कि FIIs आकर्षक वैल्यूएशन के बावजूद लार्ज-कैप शेयरों की बिकवाली जारी रखेंगे,जबकि DIIs इन शेयरों की खरीदारी जारी रखेंगे क्योंकि फंड का इनफ्लो लगातार बना हुआ है।

बाजार में लगातार तेजी बने रहने के लिए कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट की जरूरत होगी। लेकिन इस मोर्चे पर कोई स्पष्टता नहीं है। जब RBI गवर्नर कल MPC पॉलिसी के फैसले की घोषणा करेंगे तो यह अनिश्चितता सेंट्रल बैंक पर दबाव डालेगी। महंगाई की बढ़ती उम्मीदों और ज्यादातर विकसित देशों में बढ़ते बॉन्ड यील्ड को देखते हुए 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी तय लग रही है। बाजार ने पहले ही ब्याज दर में बढ़ोतरी का अनुमान लगा लिया है,इसलिए बाजार का ध्यान पॉलिसी के रुख और ग्रोथ और महंगाई पर RBI के अनुमानों पर होगा।

निवेशकों के नजरिए से यह समझना जरूरी है कि ब्याज दर में बढ़ोतरी उन बैंकों के लिए फायदेमंद होगी जिनके मार्जिन बढ़ते फ्लोटिंग रेट्स से बेहतर होंगे।

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है, इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी)ज्यादा रहने और इंट्राडे में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी के लिए सबसे पहला सपोर्ट 22,450–22,500 के आसपास है,जबकि 22,750–22,850 मेन रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। बाजार ने 22,500 के लेवल से कुछ रिकवरी दिखाई है,लेकिन पॉजिटिव मोमेंटम बनाए रखने के लिए 22,750 के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा। अगर इंडेक्स सपोर्ट जोन को बनाए रखता है तो गिरावट पर खरीदारी के मौके होंगे। 22,850 के ऊपर टिके रहने से शॉर्ट-टर्म सेटअप बेहतर हो सकता है और 23,000 की ओर रास्ता खुल सकता है। जबकि 22,450 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव फिर से आ सकता है। एक्सपायरी को देखते हुए,ट्रेडर्स को सेशन के दौरान ज्यादा उतार-चढ़ाव और तेजी से रिवर्सल की उम्मीद रखनी चाहिए।

निफ्टी पर अनुज सिंघल की स्ट्रैटेजी

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी में ऑप्शन राइटर्स की रेंज 22,380-22,720 है। सबसे अच्छा बिकवाली जोन 22,600-22,650 है। SL 22,750 पर रखें। कल भी इसी ट्रेड ने शानदार रिवॉर्ड दिया था। वहीं, सबसे अच्छा खरीदारी का जोन 22,400-22,450 है। SL 22,300 पर रखें।

निफ्टी बैंक पर अनुज सिंघल की स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 54,900-55,100 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55,200-55,400 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 54,500-54,700 पर और बड़ा सपोर्ट 54,200-54,400 पर है। बिकवाली का जोन 54,850-55,050 है। SL 55,200 पर रखें। खरीदारी का जोन 54,300-54,500 है। SL 54,150 पर रखें।

 

 

Trading Ideas : हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा बाजार, आज इन दो शेयरों में हो सकती है पैसों की बरसात

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : आज बुल्स ने की अच्छी वापसी, फिर भी इंडेक्स से बेहतर है चुनिंदा शेयरों में रहना

Trading Plan : कल की गिरावट के बाद आज बुल्स ने अच्छी वापसी की है। निफ्टी 100 प्वाइंट उछलकर 23400 के ऊपर चला गया है। बैंक निफ्टी भी 56500 के पार ट्रेड कर रहा है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का आउटपरफॉर्मेंस जारी है। कच्चा तेल 99 डॉलर के नीचे आने से सेंटिमेंट अच्छे हुए है। इधर वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 5 फीसदी फिसला है। मेटल शेयरों में आज सबसे ज्यादा चमक देखने को मिल रही है। निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 2 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। साथ ही सरकारी बैंक, FMCG और रियल्टी सेक्टर में भी रफ्तार है। तीनों सेक्टर इंडेक्स एक से सवा परसेंट चढ़े है। हलांकि IT में लगातार चौथे सेशन में कमजोरी देखने को मिल रही है।

कैपिटल मार्केट शेयरों में अच्छी खरीदारी आई है। इसका इंडेक्स सवा परसेंट से ज्यादा चढ़ा है। मैनेजमेंट में बदलाव के बाद 360 ONE में उछाल है। यह करीब 4 परसेंट चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही CAMS, एंजेल वन और नुवामा में भी तेजी है।

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में बढ़िया कमबैक देखने को मिला है। कल की तेज गिरावट के बाद अब तक अच्छी तेजी है। लेकिन अभी तक निफ्टी ने इनसाइड डे बनाया है। मतलब कल के हाई और लो के बीच में पूरा सेशन रहा है और कल का हाई पार करना काफी अहम होगा। निफ्टी और बैंक निफ्टी फिर उसी रुकावट के जोन में हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज भी शानदार तेजी है। Adv/Dec मजबूत है। मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है।

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि कल हमने बात की थी कि Benefit Of Doubt देंगे और 1 दिन और देने की जरूरत है। आज हमारा इंट्राडे रहने का ही नजरिया था। निफ्टी आज एक बहुत छोटी रेंज में रहा है। फिलहाल इंडेक्स से बेहतर है चुनिंदा शेयरों में रहना। कल की NSE की लिस्टिंग एक बड़ा इवेंट है। कल CAT-2 AIFs अगर बेचेंगे तो वो पैसा बाजार में आएगा। मगर एक बात तय है, निफ्टी अभी 23,100-23,200 नहीं तोड़ना चाहता।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,300-23,350 पर सपोर्ट और 23,450-23,500 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 56,200-56,400 पर सपोर्ट और 56,600-56,800 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

क्लोज की उम्मीद बढ़िया है लेकिन रजिस्टेंस जोन में हैं। स्टॉक स्पेसिफिक मौके बेहतर हैं।

 

 

Clean Max share price : ब्रोकरेज की बुलिश रिपोर्ट के बाद 7.50% भागा शेयर, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Angel One के दिनेश ठक्कर ने ₹711 करोड़ में जुहू में खरीदा पूरा रेजिडेंशियल टावर, जानिए इस प्रॉपर्टी की खासियत

एंजेल वन के फाउंडर और सीएमडी दिनेश ठक्कर मुंबई के जुहू में पूरा एक रेजिडेंशियल टावर खरीदने जा रहे हैं। यह एम्बेसी डेवलपमेंट का अल्ट्रा-लग्जरी ‘एम्बेसी टेरेजा’ प्रोजेक्ट है, जिसके लिए ठक्कर करीब 711 करोड़ रुपये की कीमत चुकाएंगे। एम्बेसी डेवलपमेंट ने इस डील को देश का सबसे बड़ा सिंगल रेजिडेंशियल यूनिट ट्रांजेक्शन बताया है।

ठक्कर ने सबसे महंगी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदने का रिकॉर्ड तोड़ा

Embassy Terazza का रेरा कार्पेट एरिया 63,000 वर्ग फीट है। इस टावर में ग्राउंड फ्लोर के अलावा 7 फ्लोर हैं। एम्बेसी डेवलपमेंट्स ने कहा है कि उसने इस डील के लिए ठक्कर के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे पहले सबसे महंगी प्रॉपर्टी खरीदने का रिकॉर्ड लीना गांधी तिवारी ने नाम है। वह फार्मा कंपनी USV की प्रमोटर हैं। उन्होंने वर्ली में दो डुप्लेक्स 639 करोड़ रुपये में खरीदी थी।

इस प्रोजेक्ट के हर फ्लोर से समुद्र और शहर का नजारा दिखता है

Embassy Terazza प्रोजेक्ट जुहू तारा रोड पर स्थित है। इस प्रोजेक्ट में सिर्फ 5 टावर हैं। हर फ्लोर पर सिर्फ एक रेजिडेंस है। फ्लैट से समुद्र और शहर का नजारा दिखता है। ठक्कर ने अपने नए रेजिडेंस को ‘Angelus’ नाम दिया है। उन्होंने प्राइवेसी, स्पेस और समुद्र के नजारे की वजह से उन्होंने इस प्रॉपर्टी को खरीदने का फैसला किया। एम्बेसी डेवलपमेंट्स मुबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

एम्बेसी डेवलपमेंट्स के जुहू प्रोजेक्ट को ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स

Embassy Developments ने कहा कि जुहू प्रोजेक्ट्स को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। लॉन्च होने के 18 महीने के अंदर इस प्रोजेक्ट का काफी हिस्सा बिक चुका है। कंपनी के चेयरमैन जीतेंद्र वीरवानी ने कहा, “दिनेश ठक्कर के एम्बेसी टेरेजा में पूरे एक टावर को खरीद लेने से एम्बेसी के विजन और ब्रांड में भरोसे के बारे में पता चलता है।”

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एम्बेसी डेवलपमेंट्स की नजरें मुंबई के लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट पर 

एम्बेसी टेरेजा कंपनी के मुंबई के प्रोजेक्ट्स पोर्टफोलियो में खास जगह रखता है। कंपनी के मुंबई में दूसरे प्रोजेक्ट्स में वर्ली में सिटाडेल, अलीबाग में एम्बेसी सेरेनिटी, पनवेल में एम्बेसी पार्क और ठाणे में एम्बेसी वन शामिल हैं। एम्बेसी डेवलपमेंट्स बेंगलुरु की रियल एस्टेट कंपनी है। मुंबई कंपनी के लिए नया मार्केट है। एम्बेसी डेवलपमेंट का नाम पहले Equinox India Developments था।

UPI पर फीस से ट्रेडर्स को लग सकता है बड़ा झटका! नितिन कामथ ने समझा दिया पूरा गणित

UPI MDR Impact on Broking: 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर लागू होने जा रहे 0.40% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ने जहां बैंकों की बल्ले-बल्ले कर दी है, वहीं देश के स्टॉक ब्रोकिंग कंपनियों की नींद उड़ा दी है।

देश के प्रमुख डिस्काउंट ब्रोकर जेरोधा के संस्थापक नितिन कामथ ने इस नए नियम पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि अगर ब्रोकिंग के लिए यूपीआई फीस की सीमा तय नहीं की गई, तो ब्रोकर्स को बिना किसी कमाई के करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। इसका सीधा असर आम निवेशकों पर पड़ सकता है और फ्री इक्विटी डिलीवरी का दौर खत्म हो सकता है।

ई-कॉमर्स और ब्रोकिंग में अंतर: ‘पैसा आया, लेकिन सौदा नहीं हुआ’

यूपीआई पर फीस लगाने का स्वागत करते हुए नितिन कामथ ने माना कि इससे मार्केट में गूगलपे और फोनपे के 95% एकाधिकार को चुनौती मिलेगी। लेकिन उन्होंने ब्रोकिंग बिजनेस के एक अनोखे पहलू की तरफ ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया की, जब आप यूपीआई से पेमेंट करते हैं, तो कोई सामान खरीदते हैं जिससे कंपनी को कमाई होती है। वहीं जब कोई ग्राहक अपने ट्रेडिंग अकाउंट में यूपीआई से पैसा ट्रांसफर करता है, तो इसकी कोई गारंटी नहीं होती कि वह शेयर खरीदेगा या ट्रेड करेगा।

नियम के मुताबिक ब्रोकर यह यूपीआई फीस ग्राहक से नहीं वसूल सकते। ऐसे में अगर ग्राहक सिर्फ पैसा ट्रांसफर करके छोड़ दे, तो भी ब्रोकर को अपनी जेब से बैंक/एनपीसीआई को फीस देनी ही पड़ेगी। यानी बिना किसी ट्रेड या सौदे के ही ब्रोकर को नुकसान उठाना पड़ेगा।

एक उदाहरण से समझें ₹2 करोड़ का ‘फ्री-फंड’ फटका

नितिन कामथ ने इस गणित को बेहद आसान उदाहरण से समझाया है। मान लीजिए 10,000 ग्राहक एक महीने में 50-50 बार अपने ट्रेडिंग अकाउंट में ₹2 लाख यूपीआई से ट्रांसफर करते हैं। ये ग्राहक पूरे महीने में एक भी शेयर नहीं खरीदते या बेचते यानी ब्रोकर को ₹1 की ब्रोकरेज नहीं मिली।

नए MDR नियमों के तहत, बिना एक भी रुपये की कमाई के, ब्रोकर को सिर्फ इस फंड ट्रांसफर के बदले करीब ₹2 करोड़ का यूपीआई चार्ज अपनी जेब से चुकाना पड़ेगा।

सेबी के नियम से ‘दोहरी मार’

ब्रोकर्स के लिए मुश्किलें सिर्फ यूपीआई फीस तक सीमित नहीं हैं, सेबी का क्वार्टरली सेटलमेंट नियम इस आग में घी का काम कर रहा है। सेबी के मुताबिक, अगर ग्राहक का पैसा ट्रेडिंग अकाउंट में बिना इस्तेमाल के पड़ा है, तो ब्रोकर को हर महीने या तिमाही में वह पैसा वापस ग्राहक के बैंक खाते में भेजना अनिवार्य है। पैसा बैंक में जाने के बाद, 50% से ज्यादा ग्राहक उस पैसे को फिर से यूपीआई के जरिए ट्रेडिंग अकाउंट में डालते हैं।

सेबी के नियम के कारण ब्रोकर को पहले पैसा वापस भेजना पड़ता है और जब ग्राहक उसे फिर से ब्रोकिंग अकाउंट में लाता है, तो ब्रोकर को फिर से उस पर यूपीआई चार्ज (MDR) देना पड़ता है बिना किसी नए सौदे या कमाई के।

क्या बंद हो जाएगी फ्री शेयर डिलीवरी?

वर्तमान में जेरोधा, एंजेल वन जैसे ब्रोकर्स इक्विटी डिलीवरी (लॉन्ग टर्म शेयर खरीद) पर शून्य रुपये ब्रोकरेज लेते हैं। कामथ ने साफ चेतावनी दी है की, ‘अगर हर यूपीआई ट्रांसफर पर हमारी जेब से बेवजह पैसे कटते रहे चाहे ग्राहक ट्रेड करे या न करे तो हम इस नुकसान को अनिश्चित काल के लिए नहीं सह सकते।’ इसका सीधा संकेत है कि अगर नियम में संशोधन नहीं हुआ, तो ब्रोकर्स को मजबूरी में फ्री डिलीवरी ट्रेडिंग पर ब्रोकरेज चार्ज लगाना पड़ सकता है। ट्रेडिंग अकाउंट में फंड ऐड करने पर अलग से फीस वसूलनी पड़ सकती है।

ब्रोकर्स की क्या है मांग?

ब्रोकिंग सेक्टर यूपीआई फीस का पूरी तरह विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि इसके लिए एक व्यावहारिक कैप तय करने की मांग कर रहा है। एनपीसीआई के मौजूदा प्रस्ताव में प्रति ट्रांजेक्शन अधिकतम ₹300 तक का कैप रखा गया है। शेयर बाजार के हाई-वॉल्यूम नेचर को देखते हुए MDR दर 0.02% और अधिकतम कैप ₹5 या ₹10 प्रति ट्रांजेक्शन तय किया जाए।

CAS पर SEBI के कंसल्टेशन पेपर में रखे गए ये अहम प्रस्ताव, 3 अक्टूबर तक सभी पक्षों के देनी है अपनी राय

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एक्सपायरी के दिन CAS को लेकर कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। सेबी ने वायदा एक्सपायरी को CAS से डीलिंक करने या ब्लेंडेंड VWAP से सेटलमेंट का प्रस्ताव दिया है। साथ ही मार्केट टाइमिंग और ऑर्डर कैंसिलेशन पर लगाम से जुड़े प्रस्तावों पर भी राय मांगी गई है। CAS पर SEBI का कंसल्टेशन पेपर में कहा गया है कि इंडेक्स और स्टॉक्स वायदा सेटलमेंट के तरीके में बदलाव की समीक्षा की जाएगी। इसमें मार्केट की टाइमिंग को लेकर भी प्रस्ताव दिए गए हैं। SEBI ने अलग-अलग सात प्रस्ताव दिए हैं। इन पर तीन अक्तूबर तक सभी पक्षों से राय मांगी गई है।

पहला प्रस्ताव: ब्लेंडेड VWAP

सेबी के प्रस्ताव में कहा गया है कि एक्सपायरी के दिन VWAP और CAS दोनों का इस्तेमाल होना चाहिए। 30 मिनट के VWAP के साथ 10 मिनट के CAS से सेटलमेंट हो सकता है। CTS और CAS का अलग से कोई वेटेज ना हो।

दूसरा प्रस्ताव: पुराना VWAP सिस्टम

दूसरे प्रस्ताव में कहा गया है कि एक्सपायरी के दिन सेटलमेंट CAS से ना हो। एक्सपायरी के दिन 30 मिनट के VWAP से सेटलमेंट हो। कम से कम एक साल बाद फिर से समीक्षा हो। SEBI चाहता है कि लॉन्ग टर्म में ब्लेंडेड VWAP से सेटलमेंट हो।

तीसरा प्रस्ताव: इंडिकेटिव भाव ना दिखे

CAS के दौरान इंडेक्स का इंडिकेटिव भाव ना दिखाया जाए। इंडिकेटिव भाव से सट्टेबाजी बढ़ने का खतरा है। इंडेक्स में शामिल शेयरों के इंडिकेटिव भाव दिखाए जाते रहें।

चौथा प्रस्ताव: मार्केट टाइमिंग में बदलाव

इसके लिए पहला ऑप्शन यह है कि सभी शेयरों में पहले की तरह 3:30 तक ट्रेडिंग हो। 3:31 से 3:40 तक CAS चले। CAS वाले शेयरों में वायदा ट्रेडिंग 3:45 तक चले।

मार्केट टाइमिंग में बदलाव के लिए दूसरा ऑप्शन यह है कि CAS वाले शेयरों में 3:15 और नॉन CAS में 3:30 तक सामान्य ट्रेडिंग हो। 3:15 से 3:25 तक 10 मिनट का CAS हो। CAS वाले शेयरों में वायदा ट्रेडिंग 3:30 तक चले।

छठा प्रस्ताव: कैंसिलेशन पर लगाम

सेबी का अगला प्रस्ताव है कि CAS में +-1% के ऑर्डर कैंसिल नहीं किए जा सकेंगे। हालांकि +-1% के ऑफर में सुधार से जुड़े बदलाव हो सकेंगे। CAS के दौरान +-1% का प्राइस बैंड कायम रहे।

सातवां प्रस्ताव: अनएक्जीक्यूटेड आइसबर्ग ऑर्डर

अनएक्जीक्यूटेड आइसबर्ग ऑर्डर CAS में लाए जाएं। अभी अनएक्जीक्यूटेड आइसबर्ग ऑर्डर CAS में नहीं आते। सामान्य लिमिट ऑर्डर के तौर पर CAS में लाएं जाएं। पूरी पेंडिंग क्वॉंटिटी CAS के दौरान डिस्क्लोज हो।

खबर का असर

इस खबर के चलते BSE और एंजेल वन के शेयरों में तेजी आई है। इन पर SEBI के कंसल्टेशन पेपर का पॉजिटिव असर संभव है। दोनों शेयरों में CAS के बाद तेज गिरावट आई थी। SEBI के प्रस्तावों में पुराने VWAP पर लौटने का प्रस्ताव शामिल है। BSE और एंजेल वन दोनों में निचले स्तरों से अच्छा रिवर्सल दिखा है। हालांकि बीएसई का शेयर अभी लाल निशान में दिख रहा है। 1.15 बजे के आसपास यह शेयर 16.30 रुपए यानी 0.48 फीसदी की कमजोरी के साथ 3365 के स्तर पर दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 3,452.70 रुपए है। वहीं, एंजेल वन का शेयर 2.90 रुपए यानी 0.95 फीसदी की गिरावट के साथ 302 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 310 रुपए है।

 

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Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हुआ हावी, जानिए कल के लिए ट्रेडिंग प्लान

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हावी हो गया है। निफ्टी 23750 के मेक या ब्रेक लेवल पर पहुंच गया है। एडवांस्ड-डिक्लाइन रेशियो भी कमजोर है। क्रूड 98 डॉलर के करीब है। इंडिया VIX 5 फीसदी ऊपर चला गया है। IT, मेटल, रियल्टी और बैंकों ने बनाया आज सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, विप्रो और HCL टेक वायदा के टॉप लूजर्स में शुमार हैं। हलांकि डिफेंस फार्मा और हेल्थकेयर से सपोर्ट मिल रहा है।

कमजोर बाजार में भी आज EMS सेक्टर कमाल कर रहा है। AVALON 8 परसेंट ऊपर है। नए JV और नोमुरा की बुलिश रिपोर्ट के बाद इसका जोश हाई है। साथ ही सिरमा SGS 10% उछलकर आज का हीरो बना है। KAYNES में भी खरीदारी आई है। NSE के IPO को मंजूरी से कैपिटल मार्केट स्पेस में भी मोमेंटम है। एंजेल वन करीब 2 परसेंट चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही MCX और BSE में भी खरीदारी आई है।

बाजार की कड़वाहट के बीच पूरे शुगर स्पेस में मिठास है। डालमिया भारत शुगर, श्री रेणुका और बलरामपुर चीनी 3-4 परसेंट उछले हैं साथ ही अवध शुगर, त्रिवेणी एंजीनियरिंग, द्वारिकेश शुगर्स में भी अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है।

Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। GST विभाग की 360 करोड़ की डिमांड याचिका खारिज कर दी गई है। यह शेयर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंचा है। इसमें 1 महीने में 20 परसेंट का उछाल दिखा है। साथ ही इंडस टावर्स में भी करीब 1 परसेंट की मजबूती है।

बाजार: नाजुक स्तरों पर

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी 23,750 के अहम मेक ऑर ब्रेक स्तर पर है। आज निफ्टी IT और बैंक्स दोनों में गिरावट है। मेटल शेयरों में भी मुनाफावसूली आई है। फेड का रेट हाइक फीयर फैक्टर बाजार पर हावी है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज भी बिकवाली है । ADVANCE/DECLINE भी कमजोर है। INDIA VIX में आज बहुत दिनों बाद तेजी देखने को मिली है। कच्चा तेल अभी भी $97 के ऊपर ही है। तेजी वाले सेक्टर्स ढूंढना बड़ा मुश्किल है। EMS और कैपिटल मार्केट जैसे कुछ ही सेक्टर्स में तेजी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या हम 23,750 के नीचे बंद होंगे?

बाजार: अब क्या?

बाजार पर हमारा निगेटिव नजरिया रहा है और अब 23,750 का सबसे अहम स्तर है। अगर इसके नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बड़ा निगेटिव होगा। बाजार में पैसा रैलियां फेल होने पर बेच कर बन रहा है। दिक्कत ये है कि बाजार के पास चलने का ट्रिगर नहीं है और US में दरें बढ़ने का डर अब सही में है। बाजार की दूसरी बड़ी दिक्कत है रिकॉर्ड संख्या में IPOs हैं। IPOs में पैसा बन रहा है और वो लिक्विडिटी खींच रहे हैं। इस हफ्ते 7000 करोड़ के IPOs खुल रहे हैं। दिक्कत ये कि वो 7 लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी खींच लेंगे।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,750 पर सपोर्ट है। इसके नीचे 23,500-23,600 तक सपोर्ट नहीं है। इसके लिए रेजिस्टेंस 23,850-23,900 पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,800-57,000 पर सपोर्ट और 57,300-57,500 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी में अब पूरी तरह मंदड़ियों के कंट्रोल में हैं। वही रैलियों के फेल होने पर शॉर्ट करने की रणनीति अपनाएं। अगर 23,750 के नीचे बंद हों तो शॉर्ट्स को और जोड़ भी सकते हैं।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Technicals : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जाने कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, निफ्टी-बैंक निफ्टी में किन लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : आज बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। बाजार की चाल सुस्त रही। निफ्टी 0.13% की गिरावट के साथ 24,219.05 पर और सेंसेक्स 0.22% की गिरावट के साथ 77,369.11 पर बंद हुआ। सेक्टर नजरिए से देखें तो मेटल और रियल्टी सेक्टर में बढ़त रही,जबकि डिफेंस,बैंक,सीमेंट और ऑटो सेक्टर में गिरावट देखी गई। निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा बढ़त जेएसडब्ल्यूस्टील, हिंडाल्को और टाटास्टील में रही। वहीं,एसबीआईलाइफ,बजाज फाइनेंस और अदानीपोर्ट्स में गिरावट रही।

पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से मेटल शेयरों में तेजा देखने को मिल रही है। सप्लाई में दिक्कत,घटते स्टॉक और मज़बूत मांग के कारण स्टील,कॉपर,एल्युमीनियम और जिंक की ग्लोबल कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी इस सेक्टर को सहारा मिला है। आज निफ्टी मेटल्स में 1.59% की तेजी आई।

आज हिंदुस्तान जिंक सुर्खियों में रहा क्योंकि सरकार अगले दो हफ्तो में इसमें ऑफर फ़ॉर सेल लाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्र सरकार 1.5-2% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,000-5,000 करोड़ रुपये जुटाने की सोच रही है,जो ऑफर के फ़ाइनल साइज़ और कीमत पर निर्भर करेगा। आज हिंदुस्तान जिंक 2.2% बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, पिछले 3 ट्रेडिंग सेशन में इसमें लगभग 7% की तेजी आई है।

सोने की कीमतों में तेजी से मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम जैसी गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को भी फायदा हुआ है। इनके शेयरों में 5.72% और 2.21% से ज्यादा की तेजी आई है। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को फायदा हो सकता है। इससे गिरवी रखी गई संपत्ति (कोलेटरल) की वैल्यू बढ़ती है,लेंडर की सिक्योरिटी मजबूत होती है और लोन ग्रोथ को भी बढ़ावा मिल सकता है।

एंजेल वन के चीफ मैनेजर-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च,ओशो कृष्ण का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट में बढ़त के साथ शुरुआत हुई और बेंचमार्क इंडेक्स ने एक्सपायरी वाले हफ्ते की शुरुआत जोश के साथ की। हालांकि,बाद में फॉलोअप खरीदारी न होने से शुरुआती तेजी कमज़ोर पड़ गई और इंडेक्स नीचे आ गया,जिससे बुलिश गैप का दोबारा टेस्ट हुआ। इसके बाद, CAS सेशन के बाद निफ्टी ने नुकसान की कुछ भरपाई की और 24200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जिससे सेशन का अंत 0.14% की मामूली गिरावट के साथ हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो पोजीशन अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। 20-DEMA एक बड़ी रुकावट के तौर पर सामने आ रहा है और लगातार रिजेक्शन का कारण बन रहा है। हालांकि,हाल ही में मंदी के कमजोर पड़ने के संकेतों ने रिवर्सल की उम्मीद जगाई है, लेकिन तेजी या गिरावट की रफ्तार (मोमेंटम)अभी भी धीमी है। बाजार की नजर किसी ऐसे अहम संकेत पर है जिससे खरीदारी में तेजी आए। अगर गिरावट आती है तो 24150-24100 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24050-24000 का जोन एक मजबूत सपोर्ट जोन बना रहेगा।

ऊपर की तरफ,24300 के आसपास स्थित 20-DEMA का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस स्तर के ऊपर बढ़त कायम रहती है तो टेक्निकल सेटअप मजबूत होगा और आने वाले समय में 24500 के स्तर तक की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल,सतर्कता बरतना ही समझदारी होगी। ट्रेडरों को सलाह है कि जब तक बाजार रुझान साफ न हो जाए,तब तक आक्रामक रुख न अपनाएं। अगस्त माह की एक्सपायरी के दौरान वोलैटुलिटी बढ़ने की भी आशंका है। इसलिए,ट्रेडरों के अनुशासित तरीके से रिस्क मैनेज करते हुए सीमित निवेश करना चाहिए और बाजार के अहम संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में हेड -टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग टिक नहीं पाई क्योंकि इंडेक्स पर जबरदस्त बिकवाली का दबाव बना और दिन चढ़ने के साथ यह नीचे गिरकर 0.14% की गिरावट के साथ 24219 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। चार्ट पर यह लोअर विक मुख्य रूप से इसलिए बना क्योंकि इंडेक्स ने दूसरे हाफ के आखिर में अपने शुरुआती नुकसान का कुछ हिस्सा रिकवर कर लिया था। इंडेक्स को अपने 20-डे EMA के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे बंद हुआ। ADX इंडिकेटर पर DI-लगातार DI+ से ऊपर बना हुआ है,जो बुल्स पर बेयर्स के लगातार बने दबदबे को दिखाता है।

मिडकैप इंडेक्स ने एक पतली बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी विक्स थीं। इससे पता चलता है कि इंट्राडे में कोई साफ दिशा नहीं थी। स्मॉलकैप इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी,जो ऊपरी लेवल पर प्रॉफ़िट बुकिंग को दिखाती है। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद, स्मॉलकैप इंडेक्स मिडकैप और लार्जकैप के मुकाबले बेहतर स्थिति में है,जैसा कि इसके संबंधित रेश्यो चार्ट में बढ़ती रेश्यो लाइन से पता चलता है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24070-24050 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23900 और फिर 23750 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24370 के जोन में है।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 25 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बैंक निफ्टी आउटलुक

 सुदीप शाह का कहना है कि  बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। दिन के दौरान इसमें तेज गिरावट आई,लेकिन बाद में,खासकर दूसरे हाफ के आखिर में इसमें कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स ने नुकसान की कुछ भरपाई की। आखिरकार,यह 0.41% गिरकर 57526 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिख रही है। अगस्त की शुरुआत से ही बैंक निफ्टी 1246 अंकों की रेंज में ही घूम रहा है जो बाजार में अनिश्चितता और साइडवेज रहने के संकेत है। गिरता हुआ ADX भी इस बात की पुष्टि करता है कि बाजार में कोई मजबूत दिशा वाला ट्रेंड नहीं है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 जोन में है। अगर यह इस जोन के नीचे बना रहता है,तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56600 और फिर 56200 तक टूट सकता है। ऊपर की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 जोन में है।

 

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Market Outlook: 5 दिनों में 20% तक चढ़े ये स्मॉलकैप स्टॉक्स, Nifty के लिए ये है सपोर्ट-रेजिस्टेंस

Market Outlook: 7 अगस्त को समाप्त हुए पिछले कारोबारी हफ्ते निफ्टी 50 की तुलना में ब्रोडर मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप के इंडेक्सेज में अधिक तेजी आई। निफ्टी 50 पिछले कारोबारी हफ्ते 0.8% मजबूत हुआ तो निफ्टी मिडकैप में 0.9% और निफ्टी स्मॉलकैप में 2.7% की बढ़त आई। हालांकि उतार-चढ़ाव के बावजूद अर्निंग्स सेशन के दौरान इंडिविजुअल स्टॉक्स में तेजी से निफ्टी को सपोर्ट मिला। पिछले कारोबारी हफ्ते सेंसेक्स (Sensex) 404.53 प्वाइंट्स यानी 0.51% की बढ़त के साथ 78,499.17 तो निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 187.05 प्वाइंट्स यानी 0.76% के उछाल के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ था।

बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में ₹7 लाख करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी हुई। विदेशी निवेशकों का रुझान पॉजिटिव बना रहा और लगातार दूसरे हफ्ते नेट खरीदारी की। पिछले कारोबारी हफ्ते उन्होंने ₹2,887.69 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की तो डीआईआई ने ₹7,767.37 करोड़ की नेट खरीदारी की।

सेक्टरवाइज पिछले कारोबारी हफ्ते सेक्टरवाइज मिला-जुला माहौल रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे अधिक 5% की तेजी आईतो जुलाई में अच्छी बिक्री के चलते निफ्टी ऑटो 3% मजबूत हुआ। अच्छे नतीजों पर निफ्टी आईटी में 2.7% की तेजी आई तो निफ्टी एफएमसीजी 0.6% और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.5% मजबूत हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया में सबसे अधिक 4% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी कैपिटल मार्केट्स में 2% और निफ्टी रियल्टी में 1.7% की गिरावट आई।

Nifty के Midcap और Smallcap इंडेक्सेज को किन स्टॉक्स से सपोर्ट

केईआई इंडस्ट्रीज, जुबिलेंट फूडवर्क्स, एक्साइड इंडस्ट्रीज, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, पेटीएम और गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के सपोर्ट से निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में लगभग 1% की बढ़त हुई। हालांकि ब्लू स्टार, बीएसई, यूपीएल, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, ऑयल इंडिया और वोल्टास में गिरावट से इसे झटका लगा। वहीं दूसरी तरफ न्यूलैंड लेबोरेटरीज, देवयानी इंटरनेशनल, एथर एनर्जी, टाटा टेक्नोलॉजीज, वेल्सपन कॉर्प, पाइन लैब्स, अर्बन कंपनी और रेडिंगटन के शेयरों में 10-20% की बढ़ोतरी हुई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इनके दम पर ढाई फीसदी से अधिक मजबूत हुआ। हालांकि इसे नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस, नारायण हृदयालय, इन्वेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशंस, स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी और क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण में गिरावट से झटका भी लगा।

किस तरफ बढ़ रहा मार्केट?

एंजेल वन के इक्विटी एंड डेरिवेटिव्स टेक्निकल एनालिस्ट हितेश राठी का कहना है कि निफ्टी के लिए अभी 24450–24350 सपोर्ट लेवल की तरह काम कर रहा है। इसके बाद 24 हजार का लेवल मनोवैज्ञानिक तौर पर सपोर्ट है। वहीं ऊपर की तरफ निफ्टी को 24650-24750 के लेवल पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है, जिसके बाद 24800-24850 पर रेजिस्टेंस है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज का डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदीश शाह का कहना है कि तीन कारोबारी दिनों से निफ्टी 24400 और 24700 के बीच कंसालिडेट हो रहा है और डेली बेसिस पर यह लोअर हाई और हायर लो बना रहा है। नंदीश के मुताबिक मुख्य रुझान अभी भी बुलिश है क्योंकि यह सभी अहम मूविंग एवरेजेज के ऊपर बना हुआ है। नंदीश के मुताबिक ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 24,770 और 25,000 अहम रेजिस्टेंस लेवल्स हैं तो नीचे की तरफ 24,430–23,380 सपोर्ट जोन है।

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