निफ्टी में हेरफेर से आखिरी समय में जोरदार तेजी आई? 3 और 4 अगस्त के ट्रेड्स की जांच कर रहा SEBI

मार्केट रेगुलेटर SEBI 3 और 4 अगस्त को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान हुए ट्रेड्स की जांच कर रहा है। रेगुलेटर यह पता लगाना चाहता है कि कहीं क्लोजिंग प्राइस या इंडेक्स में हेरफेर तो नहीं किया गया। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

सूत्रों के मुताबिक, SEBI ने दोनों दिनों का ट्रेडिंग डेटा स्टॉक एक्सचेंजों से मांगा था। एक्सचेंज डेटा दे चुके हैं। अब नियामक उसकी जांच कर रहा है।

क्या देख रहा है SEBI?

SEBI यह समझना चाहता है कि CAS शुरू होने से पहले और उसके बाद इंडेक्स में जो बड़ा अंतर दिखा, वह सामान्य था या किसी ने जानबूझकर क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित किया।

3 अगस्त को CAS के पहले दिन निफ्टी 3:28 बजे करीब 24,573 पर था। सिर्फ दो मिनट में यह 201 अंक उछलकर 24,774 पर पहुंच गया।

इसी तरह 4 अगस्त को 3 बजे निफ्टी 24,463 के आसपास था। 3:15 बजे तक यह 152 अंक चढ़कर 24,615 पर पहुंच गया। इन तेज बदलावों के बाद बाजार में सवाल उठने लगे।

हेरफेर की आशंका क्यों?

बाजार के जानकारों का कहना है कि CAS के दौरान ट्रेडिंग कम होती है। ऐसे में कम कारोबार वाले शेयरों या इंडेक्स में बड़ी खरीद-बिक्री करके क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित करना आसान हो सकता है।

उदाहरण के लिए, कोई बड़ा निवेशक पहले इंडेक्स में पोजिशन बना सकता है। फिर CAS के दौरान बड़ी खरीदारी करके इंडेक्स को ऊपर धकेलने की कोशिश कर सकता है। एक्सपायरी वाले दिन ऐसा जोखिम और बढ़ सकता है।

लेकिन साबित करना आसान नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ किसी ट्रेड से इंडेक्स ऊपर-नीचे हुआ, इससे हेरफेर साबित नहीं होता। SEBI को यह भी दिखाना होगा कि क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित करने की मंशा थी और इसमें एक से ज्यादा पक्ष शामिल थे।

SEBI ने क्या कदम उठाए?

SEBI ने ब्रोकरों से कहा है कि वे रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाएं। साथ ही अपने ट्रेडिंग ऐप पर Indicative Price को साफ तौर पर दिखाएं।

सूत्रों का कहना है कि यह निगरानी पहले से तय योजना का हिस्सा है। इसका मकसद सामान्य निवेशकों को रोकना नहीं, बल्कि बाजार में निष्पक्ष और व्यवस्थित कारोबार सुनिश्चित करना है।

Closing Auction Session (CAS) क्या है?

Closing Auction Session यानी CAS शेयर बाजार में 3:15 बजे से 3:30 बजे तक चलने वाली 15 मिनट की प्रक्रिया है। इस दौरान खरीद और बिक्री के ऑर्डर मिलाए जाते हैं। फिर ऐसा क्लोजिंग प्राइस तय होता है, जिस पर सबसे ज्यादा ट्रेड हो सकें।

SEBI ने यह व्यवस्था इसलिए लागू की है ताकि क्लोजिंग प्राइस ज्यादा सटीक और पारदर्शी हो। साथ ही क्लोजिंग के समय हेरफेर की गुंजाइश कम हो और भारतीय शेयर बाजार वैश्विक मानकों के और करीब पहुंचे।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook: 5 दिनों में 20% तक चढ़े ये स्मॉलकैप स्टॉक्स, Nifty के लिए ये है सपोर्ट-रेजिस्टेंस

Market Outlook: 7 अगस्त को समाप्त हुए पिछले कारोबारी हफ्ते निफ्टी 50 की तुलना में ब्रोडर मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप के इंडेक्सेज में अधिक तेजी आई। निफ्टी 50 पिछले कारोबारी हफ्ते 0.8% मजबूत हुआ तो निफ्टी मिडकैप में 0.9% और निफ्टी स्मॉलकैप में 2.7% की बढ़त आई। हालांकि उतार-चढ़ाव के बावजूद अर्निंग्स सेशन के दौरान इंडिविजुअल स्टॉक्स में तेजी से निफ्टी को सपोर्ट मिला। पिछले कारोबारी हफ्ते सेंसेक्स (Sensex) 404.53 प्वाइंट्स यानी 0.51% की बढ़त के साथ 78,499.17 तो निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 187.05 प्वाइंट्स यानी 0.76% के उछाल के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ था।

बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में ₹7 लाख करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी हुई। विदेशी निवेशकों का रुझान पॉजिटिव बना रहा और लगातार दूसरे हफ्ते नेट खरीदारी की। पिछले कारोबारी हफ्ते उन्होंने ₹2,887.69 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की तो डीआईआई ने ₹7,767.37 करोड़ की नेट खरीदारी की।

सेक्टरवाइज पिछले कारोबारी हफ्ते सेक्टरवाइज मिला-जुला माहौल रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे अधिक 5% की तेजी आईतो जुलाई में अच्छी बिक्री के चलते निफ्टी ऑटो 3% मजबूत हुआ। अच्छे नतीजों पर निफ्टी आईटी में 2.7% की तेजी आई तो निफ्टी एफएमसीजी 0.6% और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.5% मजबूत हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया में सबसे अधिक 4% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी कैपिटल मार्केट्स में 2% और निफ्टी रियल्टी में 1.7% की गिरावट आई।

Nifty के Midcap और Smallcap इंडेक्सेज को किन स्टॉक्स से सपोर्ट

केईआई इंडस्ट्रीज, जुबिलेंट फूडवर्क्स, एक्साइड इंडस्ट्रीज, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, पेटीएम और गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के सपोर्ट से निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में लगभग 1% की बढ़त हुई। हालांकि ब्लू स्टार, बीएसई, यूपीएल, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, ऑयल इंडिया और वोल्टास में गिरावट से इसे झटका लगा। वहीं दूसरी तरफ न्यूलैंड लेबोरेटरीज, देवयानी इंटरनेशनल, एथर एनर्जी, टाटा टेक्नोलॉजीज, वेल्सपन कॉर्प, पाइन लैब्स, अर्बन कंपनी और रेडिंगटन के शेयरों में 10-20% की बढ़ोतरी हुई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इनके दम पर ढाई फीसदी से अधिक मजबूत हुआ। हालांकि इसे नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस, नारायण हृदयालय, इन्वेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशंस, स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी और क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण में गिरावट से झटका भी लगा।

किस तरफ बढ़ रहा मार्केट?

एंजेल वन के इक्विटी एंड डेरिवेटिव्स टेक्निकल एनालिस्ट हितेश राठी का कहना है कि निफ्टी के लिए अभी 24450–24350 सपोर्ट लेवल की तरह काम कर रहा है। इसके बाद 24 हजार का लेवल मनोवैज्ञानिक तौर पर सपोर्ट है। वहीं ऊपर की तरफ निफ्टी को 24650-24750 के लेवल पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है, जिसके बाद 24800-24850 पर रेजिस्टेंस है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज का डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदीश शाह का कहना है कि तीन कारोबारी दिनों से निफ्टी 24400 और 24700 के बीच कंसालिडेट हो रहा है और डेली बेसिस पर यह लोअर हाई और हायर लो बना रहा है। नंदीश के मुताबिक मुख्य रुझान अभी भी बुलिश है क्योंकि यह सभी अहम मूविंग एवरेजेज के ऊपर बना हुआ है। नंदीश के मुताबिक ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 24,770 और 25,000 अहम रेजिस्टेंस लेवल्स हैं तो नीचे की तरफ 24,430–23,380 सपोर्ट जोन है।

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बदला मार्केट का रंग, डे-हाई से Sensex में 700 प्वाइंट्स की गिरावट, 3 वजहों पर Nifty आया 24500 के नीचे

Sensex-Nifty turns red: शुरुआती बढ़त गंवाते हुए घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो गए। ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने जियोपॉलिटिल टेंशन बढ़ाई तो मार्केट पर दबाव बन गया। डे-हाई से सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24500 के नीचे आ गया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 02:06 PM पर सेंसेक्स 34.44 प्वाइंट्स यानी 0.04% की गिरावट के साथ 78,394.51 और निफ्टी 86.65 प्वाइंट्स यानी 0.35% की फिसलन के साथ 24,528.25 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 79,055.38 के हाई से 743.99 प्वाइंट्स टूटकर 78,311.39 और निफ्टी 24,677.60 प्वाइंट्स से 179.20 प्वाइंट्स गिरकर 24,498.40 तक आ गया। इस गिरावट से पहले सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स और निफ्टी 62.70 चढ़ गया था।

Why Sensex-Nifty turns red: ये है वजह

ईरान को ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहुत जल्द फिर से खुल जाएगा लेकिन साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर यह रास्ता बंद रहता है, तो ईरान को बहुत कड़े हमले का सामना करना पड़ेगा। कैलिफोर्निया दौरे के दौरान फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने दावा किया कि दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने के मकसद से बहुत अच्छी बातचीत कर रहे हैं। ईरान के हालात के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 48 घंटे में पता चल जाएगा।

मुनाफावसूली

मार्केट की शुरुआती बढ़त का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली की जिसेस मार्केट पर दबाव बढ़ा।

24,700 के पास रेजिस्टेंस

निफ्टी 24,677.60 का लेवल छूने के बाद दबाव में आ गया। एक्सिस सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि आज के कारोबारी सत्र के लिए पिछले कारोबारी सत्र का हाई 24,700 अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है और इसके ऊपर जाने पर ही 24900 का रास्ता खुलेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक नीचे की तरफ 24,500 और फिर एक कारोबारी दिन पहले के निचला स्तर 24427 सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है।

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Nifty Outlook for June 29: निफ्टी के चार्ट पर ये लेवल्स करें मार्क, 5 एक्सपर्ट्स ने तैयार की ये ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी

Nifty Outlook for June 29: घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी एक कारोबारी दिन पहले गुरुवार 25 जून को लगातार दूसरे दिन कारोबारी दिन ग्रीन जोन में बंद हुआ। हालांकि खास बात ये रही कि दिन के दूसरे हाफ में इसने काफी बढ़त गंवा दी। शुक्रवार को मोहर्रम के चलते मार्केट बंद था तो तीन दिनों की लगातार छुट्टियों से पहले और जून तिमाही के आखिरी कारोबारी हफ्ते से पहले मार्केट पर मुनाफावसूली का दबाव दिखा। इसके बावजूद निफ्टी दिन के आखिरी में हल्की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा और साथ ही यह लगातार तीसरे हफ्ते भी हरा रहा। गुरुवार को इंट्रा-डे में निफ्टी 239.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,261.60 तक पहुंचा था जिससे यह 222.60 प्वाइंट्स फिसलकर 24,039.00 तक आ गया था और दिन के आखिरी में यह महज 34.35 प्वाइंट्स यानी 0.14% की तेजी के साथ 24,056.00 पर बंद हुआ था।

Nifty को लेकर क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?

बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24 हजार के ऊपर टिका रहता है, मार्केट में रौनक बनी रहेगी। जियो-पॉलिटिकल सेंटिंमेंट में सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और रुपये की मजबूती से बाजार को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही मार्केट की नजर यूरोजोन के महंगाई के आंकड़े, चीन के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में हो रही हलचल पर नजर रहेगी।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नंदीश शाह का कहना है कि निफ्टी को क्लोजिंग के आधार पर पिछले स्विंग हाई 24,190 के पास कड़ा रेजिस्टेंस झेलना पड़ रहा है। पिछले कारोबारी दिन का इंट्रा-डे हाई 24,261 अब तात्कालिक रेजिस्टेंस बन गया है, और अगर इस लेवल के पार जाकर निफ्टी

टिका रहता है तो यह 24,440 के पास 200-दिन के DEMA की ओर बढ़ सकता है। नीचे की तरफ 23,789 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है।

एंजल वन के ओशो कृष्णन के मुताबिक निफ्टी अभी भी कंसोलिडेशन फेज में है, जिसमें 24,140-24,170 जोन में 100-DEMA तात्कालिक बैरियर का काम कर रहा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर यह निफ्टी इस रेंज के ऊपर निर्णायक रूप से ब्रेकआउट करता है, तो यह 24,500-24,600 जोन की तरफ बढ़ सकता है, जबकि 23,800 के आसपास सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, और उसके बाद 23,645 तक बुलिश गैप एरिया है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी का मानना ​​है कि अगर निफ्टी 24,200 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर नहीं टिक पाता है तो इसमें कंसोलिडेशन जारी रह सकता है या मामूली गिरावट आ सकती है। नागराज शेट्टी को 23,800 पर तात्कालिक सपोर्ट की उम्मीद है, जबकि 24,200 के ऊपर टिकाऊ बढ़त से और तेजी आ सकती है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे ने कहा कि गुरुवार को बीएसई के F&O एक्सपायरी के दिन मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन इसने 50-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर बने रहकर अपना पॉजिटिव स्ट्रक्चर बनाए रखा। रूपक को उम्मीद है कि जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहेगा, तब तक तेजी का रुझान बना रहेगा और इसके 24,500 की तरफ बढ़ने की संभावना है।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक निफ्टी को 24,200-24,250 के दायरे में तात्कालिक रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकरता है। इस दायरे के ऊपर लगातार बने रहने यानी ब्रेकआउट से इंडेक्स पहले 24,400 और फिर 24,600 की तरफ बढ़ सकता है। सुदीप के मुताबिक नीचे की तरफ निफ्टी को 23,900-23,850 के दायरे में सपोर्ट मिलता दिख रहा है।

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लगातार पांचवे दिन Sensex मजबूत, ₹3 लाख करोड़ बढ़ी दौलत, Indigo-Trent रहे टॉप गेनर

Share Market Rally: कच्चे तेल की फिसलन पर घरेलू स्टॉक मार्केट में आज लगातार पांचवे दिन रौनक रही। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो इंट्रा-डे में सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के एकदम करीब पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में भी अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे फीसदी से थोड़ी ही कम बढ़त रही।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर ने मार्केट पर काफी दबाव बनाने की काफी कोशिश की और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक कमजोर हुआ। हालांकि फार्मा, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर ने इसे संभाल लिया जिनके निफ्टी इंडेक्स आधे-आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुए। निफ्टी प्राइवेट बैंक भी आधा फीसदी मजबूत हुआ।

ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹3 लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 254.36 प्वाइंट्स यानी 0.33% के उछाल के साथ 77,409.98 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 82.30 प्वाइंट्स यानी 0.34% की बढ़त के साथ 24,168.00 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स आज 336.71 प्वाइंट्स उछलकर 77,492.33 और निफ्टी 103.55 प्वाइंट्स चढ़कर 24,189.25 तक पहुंच गया।

₹3.10 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 17 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,58,056.752 करोड़ था। आज यानी 18 जून 2026 को यह उछलकर ₹4,77,68,135.83 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,10,079.078 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 20 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 20 स्टॉक्स आज ग्रीन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, ट्रेंट और बीईएल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट इंफोसिस, टेक महिंद्रा और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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162 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4419 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2419 शेयर मजबूत हुए तो 1814 में गिरावट रही जबकि 186 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 162 शेयर एक साल के हाई और 46 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 7 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 7 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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