Nifty 4-5 महीने में 26000-26500 पर होगा, एक्सपर्ट ने किया बड़ा दावा

आप क्या शेयरों से निवेश निकालने या सिप बंद करने के बारे में सोच रहे हैं? यह गलती आपको जोरदार मुनाफा कमाने से रोक सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने निफ्टी के लिए 26,000-26,500 का टारगेट दिया है। उसका कहना है कि अगले 4-5 महीनों में निफ्टी नया ऑल-टाइम हाई बना सकता है। 13 अक्टूबर को निफ्टी 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721 पर बंद हुआ।

भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलेगा

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के सीईओ गौरव भंडारी को उम्मीद है कि वैश्विक आर्थिक स्थितियां जल्द बदलेंगी। इसके बाद बाजार में रिकवरी शुरू होगी। उन्होंने अमेरिका में बॉन्ड यील्ड घटने, डॉलर में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी की उम्मीद जताई। इससे भारतीय बाजार में तेजी आएगी। ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी के लिए जो टारगेट दिया है, उसका मतलब है कि सूचकांक करीब 17 फीसदी चढ़ सकता है।

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड जल्द घटने की उम्मीद 

भंडारी का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड मौजूदा लेवल पर लंबे समय तक नहीं रह सकती। अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.35 फीसदी तक पहुंच गई है। इस साल यील्ड 110 बेसिस प्वाइंट्स उछली है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी यील्ड में गिरावट आने पर विदेशी निवेश भारतीय बाजार में आएगा। डॉलर के भी कमजोर होने की उम्मीद है। इन दोनों वजहों से विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव आएगा।

भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की शॉर्ट पोजीशन

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स में काफी शॉर्ट पोजीशन बनाई है। वैश्विक स्थितियां बदलते ही उन्हें शॉर्ट कवरिंग करनी पड़ सकती है। उन्होंने निवेशकों को बाजार से दूरी बनाने की जगह अच्छी क्वालिटी के शेयरों में निवेश की सलाह दी। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी खरीदारी से बाजार को काफी सहारा दिया है। अगर आगे भारतीय बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलता है तो बाजार में बड़ी तेजी दिख सकती है।

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बीते एक साल में निफ्टी करीब 10 फीसदी गिरा है

बीते एक साल में निफ्टी और सेंसेक्स में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इससे शेयरों में निवेश करने वाले लोग निराश हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों में निवेश करने वाले लोग भी मायूस हैं, क्योंकि उनका पैसा इस दौरान बढ़ने की जगह घटा है। बाजार में रिकवरी आने पर उन निवेशकों को बड़ा फायदा होगा, जिन्होंने गिरावट के बीच भी सिप से अपना निवेश जारी रखा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

शेयर बाजार में आ सकती है 50% तक तेजी, प्रशांत जैन ने कहा-अगले कुछ हफ्तों में निवेश के बड़े मौके

भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का दौर खत्म होने जा रहा है। यह उन इनवेस्टर्स के लिए शेयरों में निवेश का सही वक्त है, जो मध्यम और लंबी अवधि के लिए इनवेस्ट करना चाहते हैं। दिग्गज फंड मैनेजर प्रशांत जैन ने यह कहा है। उन्होंने 3पी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के सितंबर तिमाही के लेटर में कई महत्वपूर्ण बताई है।

दिसंबर मध्य तक FIIs की बिकवाली सुस्त पड़ जाएगी

प्रशांत जैन (Prashant Jain) को इनवेस्टमेंट का कई दशकों का अनुभव है। उन्होंने कहा है कि अगले तीन साल में भारतीय शेयर बाजारों का रिटर्न 40-50 फीसदी रह सकता है। शॉर्ट टर्म में बाजार में हल्की गिरावट के आसार दिख रहे हैं। विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारतीय बाजार में बिकवाली के बारे में उन्होंने कहा कि दिसंबर के मध्य तक इसमें कमी आ सकती है।

अगले कुछ हफ्तों में शेयर बाजारों में एंट्री का गोल्डन मौका

उन्होंने कहा कि दिसंबर के मध्य के बाद मार्केट्स में रिकवरी शुरू होगी। इसलिए अगले कुछ हफ्ते या महीने शेयर बाजारों में एंट्री का शानदार मौका हो सकता है। पिछले करीब दो सालों से भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट दिखी है। सितंबर 2024 से सितंबर 2026 के बीच Nifty 12.4 फीसदी गिरा है। इस दौरान विदेशी निवेशकों यानी FIIs ने 58 अरब डॉलर से ज्यादा के शेयर बेचे हैं। हालांकि, FY25 और FY26 में इकोनॉमी की ग्रोथ करीब 7.5 फीसदी रही।

इन वजहों से भारतीय बाजार का प्रदर्शन रहा खराब

भारतीय शेयर बाजारों पर कई फैक्टर्स का असर पड़ा है। इनमें जियोपॉलिटिकल टेंशन, अमेरिकी टैरिफ, गोल्ड के आयात में उछाल और क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी शामिल हैं। साथ ही फॉरेन इनवेस्टर्स की दिलचस्पी आर्टफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर कंपनियों से जुड़ी स्टॉक्स में बढ़ी है। इससे विदेशी निवेश उन बाजारों में गया है, जिनमें ऐसी कंपनियां मौजूद हैं।

विदेशी निवेशकों ने AI स्टॉक्स में पैसे लगाने में दिखाई दिलचस्पी

AI और सेमीकंडक्टर सुपरसाइकिल में भारत की मौजूदगी ना के बराबर है। इसलिए विदेशी निवेशकों ने भारत से पैसा निकाल एआई और सेमीकंडक्टर्स वाले बाजारों में लगाए हैं। इस वजह से अमेरिका और कई उभरते बाजारों के मुकाबले भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन खराब रहा है। भारतीय शेयर बाजारों में हालिया बिकवाली की वजह अमेरिकी में 10 साल के बॉन्ड्स की बढ़ती यील्ड है। यह 5 फीसदी के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। इससे अमेरिकी बॉन्ड्स में निवेश का आकर्षण बढ़ा है।

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हर दो साल गिरने के बाद शेयर बाजारों में आती है बड़ी तेजी

3पी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स ने अपनी स्टडी में पाया है कि हर दो सालों में 15 फीसदी गिरावट के बाद के अगले तीन सालों में शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। इस दौरान बाजार ने कम से कम 20 फीसदी रिटर्न दिए हैं। कई शेयरों का रिटर्न तो 50 फीसदी या इससे ज्यादा रहा है। हालांकि, यह इस बात की गारंटी नहीं है कि आगे भी ऐसा होगा। यह सिर्फ एक ट्रेंड है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Nifty Outlook: सितंबर में 1600 अंक से ज्यादा टूटा निफ्टी, क्या अब 22600 का अहम लेवल बचेगा?

Nifty Outlook: सितंबर एक्सपायरी के दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। Nifty50 मंगलवार को 64 अंक गिरकर 22,716 पर बंद हुआ। पूरे सितंबर में इंडेक्स 1,600 अंक से ज्यादा यानी करीब 6.5% टूट चुका है।

मंगलवार को Nifty की शुरुआत गैप-डाउन हुई। शुरुआती कारोबार में बिकवाली तेज रही और इंडेक्स काफी नीचे चला गया। हालांकि, दिन के निचले स्तर से रिकवरी आई और Nifty ने शुरुआती नुकसान का बड़ा हिस्सा कम कर लिया।

एक्सपायरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। आखिर में Nifty 0.28% की गिरावट के साथ 22,716 पर बंद हुआ। सेक्टरों की बात करें तो IT, Realty और FMCG में गिरावट जारी रही। हालांकि, मेटल और फार्मा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

200-वीक मूविंग एवरेज तक पहुंचा निफ्टी

गिरावट के साथ Nifty अपने 200-वीक मूविंग एवरेज के करीब पहुंच गया है। यह लेवल अभी करीब 22,600 है। कोविड के समय बाजार में आई बड़ी गिरावट के बाद पहली बार Nifty इस लंबे समय के टेक्निकल सपोर्ट तक पहुंचा है।

यही वजह है कि अब 30 सितंबर को 22,600 का स्तर बाजार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसके आसपास इंडेक्स का अगला रुख तय हो सकता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव

बड़े शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.99% गिरा। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.81% की गिरावट आई।

बाजार में कमजोरी का असर अब सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं है। व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

लगातार आठवें हफ्ते बाजार गिरा

हाल की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। Nifty में करीब 6.8% की गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ ही इंडेक्स लगातार आठवें हफ्ते गिरा है।

2020 के बाद यह Nifty की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट है। हालांकि, घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ आंकड़े अभी राहत दे रहे हैं।

इकोनॉमी से मिले कुछ अच्छे संकेत

अगस्त में भारत की इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन ग्रोथ 8% रही। यह दो महीने में सबसे तेज बढ़त है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग में भी सुधार के संकेत मिले हैं। इससे शहरी इलाकों में लोगों के खर्च में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। GDP ग्रोथ भी बाजार के लिए एक सपोर्टिव फैक्टर बनी हुई है।

कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड भी महत्वपूर्ण रहेंगी। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम पर अमेरिका की प्रतिक्रिया भी बाजार के लिए अहम होगी।

22,550 के नीचे गिरावट पर दबाव

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक निफ्टी का ट्रेंड अभी कमजोर है। उनका कहना है कि 22,900 से 23,000 के बीच आने वाली तेजी ज्यादा टिक नहीं सकती। इस स्तर पर बिकवाली देखने को मिल सकती है।

उनके मुताबिक, अगर निफ्टी 22,550 के नीचे जाता है तो 22,200 तक गिरावट बढ़ सकती है।

22,570-22,550 का जोन अहम

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 22,570 से 22,550 का जोन Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट है। इसके नीचे गिरावट आने पर 22,400 तक दबाव बढ़ सकता है।

ऊपर की तरफ 22,900 से 22,930 का स्तर अहम रेजिस्टेंस रहेगा। अगर Nifty इस रेंज के ऊपर टिकता है तो रिकवरी 23,050 तक जा सकती है।

22,600 के ऊपर टिकना जरूरी

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक 22,600 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बिकवाली तेज हो सकती है। वहीं, अगर Nifty इस स्तर के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी की गुंजाइश रहेगी।

उनके मुताबिक 22,600 फिलहाल अहम सपोर्ट है। वहीं 22,800 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Target: ’12 महीने में 26500 तक पहुंच सकता है निफ्टी’, गोल्डमैन सैक्स को फाइनेंशियल, होटल और डिफेंस में दिख रहे मौके

Nifty Target: दिग्गज ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs का मानना है कि अगले 12 महीनों में निफ्टी 26,500 तक पहुंच सकता है। मौजूदा स्तर से इसमें करीब 12% की तेजी की गुंजाइश है। बेहतर इकोनॉमिक ग्रोथ और कंपनियों की कमाई में सुधार से बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।

इकोनॉमी में रिकवरी का असर

Goldman Sachs के ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट सुनील कौल ने कहा कि भारत ने हाल में दूसरे इमर्जिंग मार्केट्स के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद 26,500 का टारगेट बरकरार है।

कौल का कहना है कि अगले 12 महीनों में बाजार फिर अपने पुराने हाई के करीब जा सकता है। Goldman Sachs को भारतीय कंपनियों की कमाई में 12-13% ग्रोथ की उम्मीद है। कौल के मुताबिक इकोनॉमी में रिकवरी अब धीरे-धीरे ज्यादा क्षेत्रों में दिख रही है।

विदेशी निवेशकों का रुख बदला

भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का मूड भी सुधरा है। जुलाई और अगस्त में भारत में करीब 2-3 अरब डॉलर का नेट इक्विटी इनफ्लो आया।

इससे पहले विदेशी निवेशक भारत से पैसा निकालकर AI की तेजी वाले दूसरे एशियाई और इमर्जिंग मार्केट्स में लगा रहे थे। हालांकि, अभी भी विदेशी निवेशक भारत में अंडरवेट हैं। ऐसे में सेंटीमेंट सुधरने पर भारत में और पैसा आ सकता है।

फाइनेंशियल पर सबसे ज्यादा भरोसा

सुनील कौल को सबसे ज्यादा भरोसा फाइनेंशियल सेक्टर पर है। बैंकों में क्रेडिट ग्रोथ मजबूत है। नॉमिनल ग्रोथ में भी सुधार हो रहा है।

FCNR इनफ्लो के बाद बैंकों के लिए फंडिंग की स्थिति भी बेहतर हुई है। Goldman Sachs को अगले 3-5 साल में करीब 14% लोन ग्रोथ की उम्मीद है। प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में करीब 17% ग्रोथ का अनुमान है।

रिफाइनर्स और होटल्स भी पसंद

फाइनेंशियल के बाद कौल को रिफाइनर्स पसंद हैं। प्रोडक्ट मार्केट में सप्लाई कम रहने से इनकी कमाई को फायदा मिल सकता है।

होटल और टूरिज्म सेक्टर पर भी उनका भरोसा है। डिफेंस और यूटिलिटी कंपनियों में भी उन्हें मीडियम टर्म में अच्छे मौके दिख रहे हैं।

IT शेयरों पर सावधानी

IT सर्विसेज पर Goldman Sachs अभी अंडरवेट है। हाल में IT शेयरों में रिकवरी जरूर आई है। लेकिन कौल के मुताबिक कंपनियों की कमाई पर अभी दबाव है।

वैल्यूएशन भी ज्यादा हैं। उनका मानना है कि हाल की तेजी में शॉर्ट-कवरिंग की बड़ी भूमिका रही है। इसलिए इसे फंडामेंटल में बड़े सुधार का संकेत नहीं माना जा सकता।

Auto और Consumption पर क्या राय?

कंजम्पशन सेक्टर में कौल को चुनिंदा स्टेपल कंपनियां पसंद हैं। टूरिज्म भी उनकी पसंद में है। उनका झुकाव शहरी मांग से जुड़े कारोबार की तरफ है।

दूसरी ओर, ऑटो सेक्टर को लेकर वह सतर्क हैं। इसकी वजह बड़ा GST बेस ओवरहैंग है।

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Market Outlook: 5 दिनों में 20% तक चढ़े ये स्मॉलकैप स्टॉक्स, Nifty के लिए ये है सपोर्ट-रेजिस्टेंस

Market Outlook: 7 अगस्त को समाप्त हुए पिछले कारोबारी हफ्ते निफ्टी 50 की तुलना में ब्रोडर मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप के इंडेक्सेज में अधिक तेजी आई। निफ्टी 50 पिछले कारोबारी हफ्ते 0.8% मजबूत हुआ तो निफ्टी मिडकैप में 0.9% और निफ्टी स्मॉलकैप में 2.7% की बढ़त आई। हालांकि उतार-चढ़ाव के बावजूद अर्निंग्स सेशन के दौरान इंडिविजुअल स्टॉक्स में तेजी से निफ्टी को सपोर्ट मिला। पिछले कारोबारी हफ्ते सेंसेक्स (Sensex) 404.53 प्वाइंट्स यानी 0.51% की बढ़त के साथ 78,499.17 तो निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 187.05 प्वाइंट्स यानी 0.76% के उछाल के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ था।

बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में ₹7 लाख करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी हुई। विदेशी निवेशकों का रुझान पॉजिटिव बना रहा और लगातार दूसरे हफ्ते नेट खरीदारी की। पिछले कारोबारी हफ्ते उन्होंने ₹2,887.69 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की तो डीआईआई ने ₹7,767.37 करोड़ की नेट खरीदारी की।

सेक्टरवाइज पिछले कारोबारी हफ्ते सेक्टरवाइज मिला-जुला माहौल रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे अधिक 5% की तेजी आईतो जुलाई में अच्छी बिक्री के चलते निफ्टी ऑटो 3% मजबूत हुआ। अच्छे नतीजों पर निफ्टी आईटी में 2.7% की तेजी आई तो निफ्टी एफएमसीजी 0.6% और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.5% मजबूत हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया में सबसे अधिक 4% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी कैपिटल मार्केट्स में 2% और निफ्टी रियल्टी में 1.7% की गिरावट आई।

Nifty के Midcap और Smallcap इंडेक्सेज को किन स्टॉक्स से सपोर्ट

केईआई इंडस्ट्रीज, जुबिलेंट फूडवर्क्स, एक्साइड इंडस्ट्रीज, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, पेटीएम और गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के सपोर्ट से निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में लगभग 1% की बढ़त हुई। हालांकि ब्लू स्टार, बीएसई, यूपीएल, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, ऑयल इंडिया और वोल्टास में गिरावट से इसे झटका लगा। वहीं दूसरी तरफ न्यूलैंड लेबोरेटरीज, देवयानी इंटरनेशनल, एथर एनर्जी, टाटा टेक्नोलॉजीज, वेल्सपन कॉर्प, पाइन लैब्स, अर्बन कंपनी और रेडिंगटन के शेयरों में 10-20% की बढ़ोतरी हुई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इनके दम पर ढाई फीसदी से अधिक मजबूत हुआ। हालांकि इसे नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस, नारायण हृदयालय, इन्वेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशंस, स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी और क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण में गिरावट से झटका भी लगा।

किस तरफ बढ़ रहा मार्केट?

एंजेल वन के इक्विटी एंड डेरिवेटिव्स टेक्निकल एनालिस्ट हितेश राठी का कहना है कि निफ्टी के लिए अभी 24450–24350 सपोर्ट लेवल की तरह काम कर रहा है। इसके बाद 24 हजार का लेवल मनोवैज्ञानिक तौर पर सपोर्ट है। वहीं ऊपर की तरफ निफ्टी को 24650-24750 के लेवल पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है, जिसके बाद 24800-24850 पर रेजिस्टेंस है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज का डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदीश शाह का कहना है कि तीन कारोबारी दिनों से निफ्टी 24400 और 24700 के बीच कंसालिडेट हो रहा है और डेली बेसिस पर यह लोअर हाई और हायर लो बना रहा है। नंदीश के मुताबिक मुख्य रुझान अभी भी बुलिश है क्योंकि यह सभी अहम मूविंग एवरेजेज के ऊपर बना हुआ है। नंदीश के मुताबिक ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 24,770 और 25,000 अहम रेजिस्टेंस लेवल्स हैं तो नीचे की तरफ 24,430–23,380 सपोर्ट जोन है।

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Nifty Outlook for 6 July: 24600 तक जाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए अहम लेवल्स

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को निफ्टी ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। बाजार गैप-अप खुला, लेकिन पूरे दिन 24,370-24,380 के दायरे में फंसा रहा। इसी स्तर पर बिकवाली हावी रही और बाजार आगे नहीं बढ़ सका। निफ्टी 95 अंक यानी 0.39% की बढ़त के साथ 24,271 पर बंद हुआ।

पूरे हफ्ते कैसा रहा बाजार?

शुक्रवार की तेजी के साथ निफ्टी ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। इस वजह से इंडेक्स पिछले 10 हफ्तों के सबसे ऊंचे वीकली क्लोजिंग पर बंद हुआ।

हफ्ते की शुरुआत कमजोर रही थी। शुरुआती दिनों में बाजार पर बिकवाली का दबाव था। लेकिन अहम सपोर्ट लेवल से शानदार वापसी हुई। इसके बाद लगातार तीन दिन तेजी देखने को मिली। पूरे हफ्ते में निफ्टी करीब 0.90% चढ़ा।

सेक्टर का हाल कैसा रहा

इस हफ्ते निफ्टी रियल्टी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे कमजोर सेक्टर रहा। निफ्टी एनर्जी इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में क्या हुआ?

हालिया तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने ‘बेयरिश एंगल्फिंग’ कैंडल बनाई। इसे निकट अवधि की कमजोरी का संकेत माना जाता है। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया और लगभग सपाट बंद हुआ।

हालांकि, अच्छी बात यह है कि दोनों इंडेक्स अब भी अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि का तेजी का ट्रेंड अभी कायम है।

अगले हफ्ते के अहम फैक्टर

अगले हफ्ते बाजार की नजर कई अहम फैक्टर्स पर रहेगी। वैश्विक संकेत अगर सकारात्मक रहे तो तेजी बनी रह सकती है। इसके अलावा कंपनियों के जून तिमाही के बिजनेस अपडेट भी शेयरों में हलचल बढ़ा सकते हैं।

निवेशक मानसून की प्रगति पर भी नजर रखेंगे। जून में बारिश सामान्य से 40% कम रही थी। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जुलाई में सामान्य का 94% बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, पूरे 2026 के मानसून का अनुमान घटाकर 90% कर दिया गया है। इसकी वजह एल नीनो को बताया गया है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि बाजार में चल रही कंसोलिडेशन जल्द खत्म हो सकती है। इसके बाद निफ्टी में नई तेजी देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, अगले हफ्ते निफ्टी 24,600 तक पहुंच सकता है। वहीं, 24,050 का स्तर अहम सपोर्ट रहेगा।

Centrum Finverse के निलेश जैन का कहना है कि निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर मजबूती से टिक गया है। यही इसका 100-डे मूविंग एवरेज भी है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तो यह धीरे-धीरे 24,550 तक जा सकता है।

LKP Securities के रूपक डे भी बाजार को लेकर सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि निफ्टी पहले 24,500 तक जा सकता है और उसके बाद इससे ऊपर भी निकल सकता है। उन्होंने 24,200 को पहला और 24,000 को मजबूत सपोर्ट बताया है।

बैंक निफ्टी पर राय

बैंक निफ्टी पूरे हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। जून में आई तेज तेजी के बाद अब इंडेक्स में कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। बुधवार को अच्छी तेजी आई थी, लेकिन बाकी दिनों में कारोबार सुस्त रहा। पूरे हफ्ते में बैंक निफ्टी 0.41% गिरकर 58,000 के नीचे बंद हुआ।

Angel One के राजेश भोसले का कहना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल समय के हिसाब से करेक्शन के दौर में है। हालांकि, बड़ी तस्वीर अब भी सकारात्मक है क्योंकि इंडेक्स अप्रैल के ब्रेकआउट लेवल 57,500 के ऊपर बना हुआ है।

उनका मानना है कि 57,000-56,500 का दायरा मजबूत सपोर्ट देगा। वहीं, अगर बैंक निफ्टी 58,500-58,800 के ऊपर टिकता है, तो तेजी का अगला चरण शुरू हो सकता है।

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सुदीप शाह ने कहा-Nifty 24500-24600 तक पहुंचा तो बाजार में आएगी बड़ी तेजी, इन 3 शेयरों पर दांव लगाने की दी सलाह

अमेरिका-ईरान डील के बाद शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी है। लेकिन, निफ्टी के लिए 24,500-24,600 के जोन को पार करना आसान नहीं होगा। यह कहना है कि सुदीप शाह का। शाह एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड हैं। उन्होंने मनीकंट्रोल से बातचीत में शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति और आगे की चाल के बारे में कई अहम बाते बताईं। उनका मानना है कि हालिया रिकवरी के बावजूद निफ्टी में स्ट्रॉन्ग डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिख रही है।

मार्केट का शॉर्ट टर्म ट्रेंड पॉजिटिव

शाह के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में मार्केट का ट्रेंड पॉजिटिव दिख रहा है, क्योंकि निफ्टी में उसके 20-डे और 50-डे EMA से ऊपर ट्रेडिंग हो रही है। लेकिन, अभी स्ट्रॉन्ग ब्रेकआउट के लिए मोमेंटम इंडिकेटर्स का सपोर्ट नहीं दिख रहा। इसका मतलब है कि निफ्टी के लिए 24,500-24,600 के जोन को पार करना आसान नहीं होगा। इस हफ्ते शेयर बाजार में पांच की जगह चार दिन कारोबार हुआ। इस दौरान बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

24250-24300 पर पहला रेसिस्टेंस

उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में 24,250-24,300 के जोन में निफ्टी को पहला रेसिस्टेंस मिलेगा। अगर निफ्टी निर्णायक रूप से 24,300 के ऊपर निकल जाता है तो इसके 24,500-24,600 के जोन तक जाने की संभावना बढ़ जाएगी। उसके बाद निफ्टी के लिए नए रिकॉर्ड हाई बनाने का रास्ता खुल जाएगा। गिरावट की स्थिति में 23,800-23,750 पर निफ्टी के लिए बड़ा सपोर्ट उपलब्ध है। जब तब यह सपोर्ट लेवल बना हुआ है, ट्रेंड पॉजिटिव बना रह सकता है।

बैंक निफ्टी में दिख रहा निफ्टी से ज्यादा स्ट्रेंथ

बैंक निफ्टी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसमें निफ्टी 50 के मुकाबले ज्यादा टेक्निकल स्ट्रेंथ दिख रहा है। अगर यह ट्रेंड बना रहता है तो इसके निफ्टी 50 से पहले रिकॉर्ड हाई पर पहुंच जाने की संभावना है। बीते हफ्ते बैंक निफ्टी ने 7 दिनों के कंसॉलिडेशन फेज से ब्रेकआउट किया। पहले इसने 58,706 के लेवल को टच किया। इससे वीकली चार्ट पर हाई लेवल कैंडल बना है। यह हायर लेवल के करीब कुछ अनिर्णय की स्थिति का संकेत दे रहा है।

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अगले हफ्ते इन शेयरों में हो सकती है कमाई

अगले हफ्ते किन शेयरों में पैसा बन सकता है? इस सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि Samvardhana Motherson तकनीकी रूप से काफी स्ट्रॉन्ग दिख रहा है। इसने डेली चार्ट पर सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न से ब्रेकआउट किया है। इससे इस शेयर में आगे तेजी जारी रहने की संभावना दिख रही है। CrditAccess Grameen में भी ट्रेंड स्ट्रॉन्ग दिख रहा है। इसने अपने 20-डे EMA से अच्छा पुलबैक दिखाया है। इसमें भी आगे तेजी दिख सकती है। Max Healthcare Institute में भी ट्रेंड स्ट्रॉन्ग दिख रहा है।

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