आपके PF के पैसे का क्या होता है? जानिए EPFO कहां इन्वेस्ट करता है और कैसे तय होता है ब्याज

Where EPFO invests PF money: नौकरीपेशा लोगों की सैलरी से हर महीने प्रोविडेंट फंड (PF) के नाम पर जो कटौती होती है, उसे हम भविष्य की सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार मानते हैं। जितनी रकम आपकी सैलरी से कटती है, उतना ही योगदान आपकी कंपनी भी आपके खाते में जमा करती है।

लेकिन क्या कभी आपने यह जानने की कोशिश की है कि आपकी तिजोरी में जमा होने वाले करोड़ों-अरबों रुपये आखिर कहां जाते हैं? क्या यह पैसा किसी बैंक में रखा रहता है या कहीं और निवेश होता है? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) आपके इस पैसे को सुरक्षित रखने और उस पर शानदार रिटर्न (जैसे हालिया 8.25% ब्याज) देने के लिए क्या रणनीति अपनाता है, आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

EPFO आपके पैसे का क्या करता है?

EPFO कोई साधारण बैंक नहीं है, बल्कि भारत के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन काम करने वाला एक बड़ा वैधानिक निकाय है। कर्मचारियों के इस विशाल फंड के प्रबंधन की जिम्मेदारी सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) के पास होती है। बोर्ड के तय नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत इस पैसे को देश के अलग-अलग वित्तीय और सरकारी साधनों में निवेश किया जाता है। इस निवेश से होने वाली कमाई से ही आपके पीएफ खाते में हर साल ब्याज का पैसा भेजा जाता है।

कहां-कहां होता है पीएफ का निवेश?

सरकार के तय दिशा-निर्देशों के मुताबिक, ईपीएफओ निवेशकों के पैसे की सुरक्षा और बेहतर रिटर्न के बीच संतुलन बनाने के लिए फंड को दो मुख्य हिस्सों में बांटता है:

  1. सुरक्षित डेट इंस्ट्रूमेंट्स: लगभग 85% तक
  2. इक्विटी यानी शेयर बाजार (Equity – ETFs): 15% तक

पोर्टफोलियो श्रेणी संभावित आवंटन % मुख्य साधन
सरकारी प्रतिभूतियां (G-Secs)45% – 65% केंद्र सरकार के बॉन्ड्स, स्टेट डेवलपमेंट लोन (SDLs)
कॉरपोरेट बॉन्ड्स व डेट20% – 45%PSUs, सरकारी वित्तीय संस्थानों व सुरक्षित कॉरपोरेट बॉन्ड्स
इक्विटी (शेयर बाजार) 5% – 15%केवल इंडेक्स आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs – Nifty 50, Sensex)
शॉर्ट-टर्म डेट/मनी मार्केट0% – 5% लिक्विडिटी और तात्कालिक नकदी प्रबंधन के लिए ट्राइ-पार्टी रेपो (TREPS)

85% पैसा जाता है पूरी तरह सुरक्षित सरकारी डेट में

ईपीएफओ अपने पास आने वाले कुल फंड का करीब 85 हिस्सा ऐसी जगहों पर लगाता है जहां डूबने का जोखिम न के बराबर होता है:

सरकारी बॉन्ड्स और स्टेट डेवलपमेंट लोन: ईपीएफओ का एक बहुत बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों की विकास योजनाओं के बॉन्ड्स में लगा होता है। इससे देश का बुनियादी ढांचा (सड़कें, बिजली, रेलवे) मजबूत होता है और पीएफ के लिए तयशुदा रिटर्न सुनिश्चित होता है।

PSU के कॉरपोरेट बॉन्ड्स: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और अन्य महारत्न कंपनियों के सुरक्षित डेट सिक्योरिटीज में भी यह पैसा निवेश किया जाता है।

15% हिस्सा शेयर बाजार में: क्या आपका पैसा जोखिम में है?

साल 2015 से पहले ईपीएफओ शेयर बाजार में निवेश नहीं करता था। लेकिन कम ब्याज दरों की चुनौती से निपटने और रिटर्न बढ़ाने के लिए सरकार ने अगस्त 2015 से इक्विटी में 5% से 15% तक निवेश करने की अनुमति दी।

सीधे शेयरों की खरीद नहीं: ईपीएफओ कभी भी किसी कंपनी विशेष के शेयर सीधे बाजार से नहीं खरीदता।

केवल इंडेक्स ETFs का सहारा: यह निवेश केवल BSE Sensex और NSE Nifty-50 जैसे शीर्ष सूचकांकों को ट्रैक करने वाले ETFs के जरिए किया जाता है, जिससे जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।

ईपीएफओ कैसे तय करता है आपका सालाना ब्याज?

वित्तीय वर्ष के दौरान डेट बॉन्ड्स से मिलने वाला तय ब्याज और इक्विटी (ETFs) की बिक्री से हुआ मुनाफा जोड़ा जाता है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) सभी आंकड़ों का विश्लेषण कर ब्याज दर का प्रस्ताव तैयार करता है। वित्त मंत्रालय की मुहर लगने के बाद तय ब्याज दर कर्मचारियों के पीएफ खातों में क्रेडिट कर दी जाती है।

अगले हफ्ते इन दो शेयरों में कमाई का मौका, SBI सिक्योरिटीज ने दी दांव लगाने की सलाह

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निक्ल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का मानना है कि बाजार में तेजी के लिए निफ्टी का 23,500-23,600 को क्रॉस करना और इस लेवल से ऊपर टिके रहना जरूरी है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने शेयर बाजार के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें बताईं।

इन दो शेयरों में कमाई के बड़े मौके 

शाह का मानना है कि अगले हफ्ते Electronics Mart India (EMIL) और Lumax Auto Technologies (LAT) के शेयरों में कमाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि बीते 4 हफ्तों से EMIL के शेयर में 197-168 की रेंट में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। इस स्टॉक को स्ट्रॉन्ग वॉल्यूम का सपोर्ट मिल रहा है। डेली और वीकली चार्ट आधार पर इसमें सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेडिंग हो रही है। वीकली चार्ट पर बढ़ते ADX से बुलिश ट्रेंड का संकेत मिलता है।

इस वजह से शेयरों में दिख सकती है तेजी

Lumax Auto Technologies (LAT) के बारे में उन्होंने कहा कि इस शेयर में 11 अगस्त से ही 2,149-1,894 की रेंज में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। हाल में 34-डे EMA ने स्टॉक के लिए डायनेमिक सपोर्ट के रूप में सामने आया है। 2,085-1,110 के जोन में इस शेयर में निवेश बढ़ाया जा सकता है। इसमें 2,025 पर स्टॉपलॉस लगाना होगा। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ओसिलेटर्स से इस शेयर के ब्रेकआउट के बाद तेजी दिखाने के संकेत हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का आउटलुक पॉजिटिव

Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 सूचकांकों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, अभी सावधानी बरतनी होगी। इस हफ्तों दोनों ही सूचकांकों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लेकिन, लोअर लेवल पर अच्छी खरीदारी भी दिखी। इससे यह संकेत मिलता है कि इनवेस्टर्स लो लेवल पर शेयरों में निवेश में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

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लोअर लेवल पर दिख रही खरीदारी

शाह ने कहा कि लगातार तीन हफ्ते गिरने के बाद निफ्टी मिडकैप 100 में स्थिरता के संकेत दिखे हैं। खास बात यह है कि इंडेक्स ने फिर से 100-डे और 200-डे EMA को क्लेम किया है। RSI भी कमजोर लेवल से इम्प्रूवमेंट दिखा रहा है। उधर, Nifty Smallcap 100 में रिलेटिव स्ट्रेंथ दिख रहा है। वीकली चार्ट पर लोअल लॉन्ग शैडो बना है और यह अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर बना हुआ है। इससे लोअर, लेवल पर स्ट्रॉन्ग डिमांड का संकेत मिलता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Sensex, Nifty लगातार तीसरे हफ्ते गिरे, क्या बाजार के अच्छे दिन अभी दूर हैं?

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट आई। बाजार में काफी उतार-चढ़ाव भी दिखा। यह बीते पांच महीनों में गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला रहा। हालांकि, 28 अगस्त को यानी हफ्ते के अंतिम दिन सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए।

इस हफ्ते प्रमुख सूचकांकों में 0.47 फीसदी तक गिरावट आई

28 अगस्त को निफ्टी 0.35 फीसदी यानी 84 अंक चढ़कर 24,175 पर बंद हुआ। Sensex 0.43 फीसदी यानी 330 अंक चढ़कर 77,264 पर क्लोज हुआ। बीते एक हफ्ते में सेंसेक्स 0.44 फीसदी गिरा है। निफ्टी इस दौरान 0.47 फीसदी यानी 114 प्वाइंट्स गिरा है। शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट ने इनवेस्टर्स को चिंतित कर दिया है।

BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1 लाख करोड़ घटा

बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन इस हफ्ते करीब 1 लाख करोड़ रुपये घटा है। इस गिरावट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और महिंद्रा एंड महिंद्रा का बड़ा हाथ रहा। उधर, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार दूसरे हफ्ते बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी से बाजार को कुछ सपोर्ट मिला।

जियोपॉलिटिकल स्थितियां अब भी चिंताजनक

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक स्थितियां अभी भी चिंताजनक बनी हुई हैं। खासकर मिडिलईस्ट में हालात में बदलाव नहीं आया है। ईरान और अमेरिका के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। उधर, ईरान और ओमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर बातचीत हुई है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है। लेकिन, अब भी ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। यह चिंता की बात है।

अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का आसार

उधर, अमेरिका में फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद 28 अगस्त को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई। वॉर्श ने यह साफ कर दिया है कि फेड का फोकस फिलहाल महंगाई को बढ़ने से रोकने पर होगा। इसका मतलब है कि अगले महीने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का एलान कर सकता है। अगर अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ता है तो उसका असर भारत में भी आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी पर पड़ेगा। भारत में भी इनफ्लेशन आरबीआई की तय रेंज से बाहर निकल चुका है।

क्रूड में तेजी जारी रही तो बढ़ेगी महंगाई

क्रूड की कीमतें अगर नीचे नहीं आती हैं तो इनफ्लेशन बढ़ना जारी रहेगा। इस बीच इनवेस्टर्स की नजरें अगस्त के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा पर लगी हैं। सितंबर के दूसरे हफ्ते में अगस्त के इनफ्लेशन के डेटा आएंगे। अगर इनफ्लेशन ज्यादा बढ़ता है तो अक्तूबर में आरबीआई इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका असर कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान पर पड़ेगा।

निफ्टी-सेंसेक्स में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव

बाजार के जानकारों का कहना है कि जून तिमाही के कंपनियों के नतीजे अच्छे आए हैं। इससे इकोनॉमी में डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने का संकेत मिलता है। लेकिन, शेयरों की कीमतों में बड़ी तेजी तभी दिखेगी, जब क्रूड की कीमतें नीचे आएंगी। इस बीच निफ्टी और सेंसेक्स में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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फिलहाल बड़ी गिरावट की आशंका नहीं

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड बता रहा है कि सूचकांक सीमित दायरे में रह सकता है। हालांकि, इंडिया वीआईएक्स में नरमिी है। यह 3.5 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया है। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजज से नीचे है। इसका मतलब है कि बाजार में आगे बड़ी गिरावट की आशंका नहीं है। फिलहाल बाजार सीमित दायरे में रह सकता है।

Nifty में 7 सत्रों के बाद लौटी तेजी, क्या शेयर बाजारों में यह तेजी जारी रहेगी?

शेयर बाजारों में 20 अगस्त को रौनक लौट आई। निफ्टी में लगातार 7 सत्रों की गिरावट के बाद तेजी आई। चौतरफा खरीदारी ने बाजार में जोश भरा। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव घटने की जगह बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया है। इससे क्रूड में तेज उछाल है। ब्रेंट क्रूड का भाव 94 डॉलर के पार हो गया है।

निफ्टी और सेंसेक्स में अच्छी रिकवरी

Nifty कारोबार खत्म होने पर 0.64 फीसदी यानी 153 अंक चढ़कर 24,231 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.82 फीसदी यानी 628 अंक के उछाल के साथ 77,537 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.45 फीसदी की मजबूती आई। शेयर बाजारों के करीब सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में अच्छी तेजी

सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक और निफ्टी आईटी में आई। चढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में मुथूट फाइनेंस, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक, इटर्नल, श्रीराम फाइनेंस, जिंदल स्टील शामिल रहे। गिरने वाले वाले शेयरों में पीएफसी, आरईसीएल, सीमेंस एनर्जी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और टाटा कंज्यूमर शामिल थे।

बुल और बेयर्स में किसका पलड़ा भारी

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज प्रमुख सूचकांकों में पुलबैक दिखा। निफ्टी 154 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेंसेक्स 628 अंक उछला। उन्होंने कहा कि डेली चार्ट्स पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न दिख रहा है। यह बुल और बेयर्स के बीच मामला फंसे होने का संकेत है। इसका मतलब है कि पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि अभी किसका पलड़ा भारी है।

24,100 का लेवल बना रहा तो जारी रह सकती है पुलबैक

उन्होंने कहा कि निफ्टी का 50-डे SMA 24,150 है, जो ट्रेडर्स के लिए एक प्रमुख सपोर्ट लेवल दिख रहा है। जब तक बाजार इस लेवल के ऊपर बना रहेगा, पुलबैक जारी रह सकती है। तेजी की स्थिति में निफ्टी 24,350-24,500 तक जा सकता है। अगर निफ्टी 24,100 के नीचे जाता है तो ट्रेडर्स के लिए तेजी के सौदे काटना ठीक रहेगा।

इंडिया वीआईएक्स 5 फीसदी गिरा

इंडिया वीआईएक्स इस बीच 5.01 फीसदी गिरकर 10.76 पर आ गया। यह 8 जून, 2026 के बाद इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज से भी नीचे है। इससे मार्केट में उतार-चढ़ाव कम रहने और स्टैबिलिटी का संकेत मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स में कमी से बाजार को सपोर्ट मिला है। लेकिन, मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ता दिख रहा है। इससे क्रूड की कीमतें लगातार चढ़ रही है। यह बाजार के लिए अच्छा नहीं है।

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तेजी लंबे समय तक जारी रहने पर संदेह

भारतीय बाजारों में तेजी जारी रहने के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों का नीचे आना जरूरी है। ऐसा तभी होगा जब अमेरिका-ईरान में डील के लिए बातचीत शुरू होगी। फिलहाल इसके संकेत नहीं दिख रहे है। इसका मतलब है कि 20 अगस्त को बाजार में आई तेजी के लंबे समय तक जारी रहने की उम्मीद कम है।

टॉप 10 कंपनियों में से 5 का M-Cap ₹100000 करोड़ घटा, TCS को सबसे अधिक नुकसान

स्थानीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह गिरावट रही। इस बीच सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 5 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने झेला। बीते सप्ताह सेंसेक्स 489.92 अंक या 0.62 प्रतिशत और निफ्टी 204.65 अंक या 0.83 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मार्केट कैप में गिरावट आई। दूसरी ओर भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप बढ़ गया। इन कंपनियों की वैल्यूएशन में कुल 55,149.45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।

बीते सप्ताह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप 34,263.28 करोड़ रुपये घटकर 8,53,506.85 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 31,869.13 करोड़ रुपये घटकर 17,70,056.06 करोड़ रुपये, भारतीय स्टेट बैंक का 25,891.88 करोड़ रुपये घटकर 9,85,829.96 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 7,165.37 करोड़ रुपये घटकर 11,20,802.10 करोड़ रुपये और ICICI Bank का मार्केट कैप 2,792.65 करोड़ रुपये घटकर 10,17,577.98 करोड़ रुपये पर आ गया।

बाकी 5 कंपनियों को कितना फायदा

इस रुख के उलट भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मार्केट कैप 26,438.49 करोड़ रुपये बढ़कर 5,23,330.31 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 20,592.13 करोड़ रुपये बढ़कर 12,43,016.11 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 3,548.79 करोड़ रुपये बढ़कर 6,77,197.34 करोड़ रुपये, लार्सन एंड टुब्रो का 2,490.66 करोड़ रुपये बढ़कर 5,58,973.11 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 2,079.38 करोड़ रुपये बढ़कर 4,90,888.35 करोड़ रुपये हो गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 17 अगस्त को NSE और BSE पर धूत ट्रांसमिशन, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स की लिस्टिंग होगी। 18 अगस्त को NSE और BSE पर मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इसके बाद 19 अगस्त को NSE और BSE पर बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से 4 का मार्केट कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा, SBI को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को सबसे अधिक फायदा हुआ। बीते सप्ताह सेंसेक्स 404.53 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी 187.05 अंक या 0.76 प्रतिशत के लाभ में रहा। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और लार्सन एंड टुब्रो के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई।

वहीं भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में कुल मिलाकर 1.23 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। सप्ताह के दौरान भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप 63,922.03 करोड़ रुपये बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 32,816.4 करोड़ रुपये बढ़कर 18,01,925.19 करोड़ रुपये, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का 31,875.35 करोड़ रुपये बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपये और लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप 14,637.76 करोड़ रुपये बढ़कर 5,56,482.45 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इस रुख के उलट LIC के मार्केट कैप में 40,543.23 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह घटकर 4,96,891.82 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 37,168.96 करोड़ रुपये घटकर 6,73,648.55 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 24,183.16 करोड़ रुपये घटकर 11,27,967.47 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 9,507.67 करोड़ रुपये घटकर 10,20,370.63 करोड़ रुपये, भारती एयरटेल का 7,581.65 करोड़ रुपये घटकर 12,22,423.98 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 4,793.16 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 4,88,808.97 करोड़ रुपये पर आ गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा, Bajaj Finance को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर ₹2,51,228.75 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। इस बीच बजाज फाइनेंस लिमिटेड को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,034.87 अंक या 2.67 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी 616.15 अंक या 2.59 प्रतिशत की बढ़त में रहा। टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में वृद्धि हुई। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत घट गई।

बीते सप्ताह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप ₹80,345.97 करोड़ बढ़कर ₹7,10,817.51 करोड़ हो गया। भारती एयरटेल का मार्केट कैप ₹44,959.50 करोड़ बढ़कर ₹12,30,005.63 करोड़ पर पहुंच गया। इसी तरह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप ₹40,414.03 करोड़ बढ़कर ₹8,55,894.78 करोड़, रिलायंस इंडस्ट्रीज का ₹39,447.35 करोड़ बढ़कर 17,69,108.79 करोड़, लार्सन एंड टुब्रो का ₹21,096.80 करोड़ बढ़कर ₹5,41,844.69 करोड़ और भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप ₹10,845.97 करोड़ बढ़कर ₹9,47,799.81 करोड़ हो गया।

HDFC Bank के मार्केट कैप में ₹8,164.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹11,52,150.63 करोड़ हो गया। LIC का मार्केट कैप ₹4,427.49 करोड़ बढ़कर ₹5,37,435.05 करोड़ और ICICI Bank का ₹1,660.37 करोड़ बढ़कर ₹10,29,878.30 करोड़ हो गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना नुकसान

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का मार्केट कैप ₹10,326.46 करोड़ घटकर ₹4,93,602.13 करोड़ पर आ गया। मार्केट कैप के लिहाज से टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

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नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 5 अगस्त को NSE और BSE पर Manipal Health Enterprises के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। 6 अगस्त को NSE और BSE पर Juniper Green Energy, MV Electrosystems की लिस्टिंग होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.74 लाख करोड़ घटा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर ₹2.74 लाख करोड़ की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान HDFC Bank को हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,091.68 अंक या 2.67 प्रतिशत टूट गया। वहीं निफ्टी 566.85 अंक या 2.32 प्रतिशत के नुकसान में रहा। टॉप 10 कंपनियों में केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप घट गया।

बीते सप्ताह HDFC Bank का मार्केट कैप ₹1,18,383.91 करोड़ घटकर ₹11,43,985.90 करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹65,429.82 करोड़ घटकर ₹17,29,661.44 करोड़ रहा। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप ₹26,814.94 करोड़ घटकर ₹9,36,953.84 करोड़, बजाज फाइनेंस का ₹26,802.74 करोड़ घटकर ₹6,30,471.54 करोड़ और LIC का मार्केट कैप ₹15,116.74 करोड़ घटकर ₹5,33,007.56 करोड़ हो गया।

ICICI Bank का मार्केट कैप ₹6,223.84 करोड़ की गिरावट के साथ ₹10,28,217.93 करोड़, भारती एयरटेल का ₹6,021.64 करोड़ घटकर ₹11,85,046.13 करोड़, TCS का ₹5,191.95 करोड़ घटकर ₹8,15,480.75 करोड़ और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप ₹4,092.79 करोड़ की गिरावट के साथ ₹5,20,747.89 करोड़ पर आ गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना हुआ फायदा

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बीते सप्ताह ₹152.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,03,928.59 करोड़ पर पहुंच गया। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

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नए सप्ताह में 27 जुलाई को BSE SME पर Gulf Lloyds के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। 28 जुलाई को NSE SME पर Metalic Technoforge की लिस्टिंग होने वाली है। 29 जुलाई को BSE SME पर Shree Balaji Mala के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। मेनबोर्ड सेगमेंट में 30 जुलाई को NSE और BSE पर Lohia Corp, Indo-MIM और Xtranet Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 31 जुलाई को BSE SME पर Silverstorm Parks & Resorts के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FY27 की दूसरी छमाही में विदेशी निवेशकों की होगी वापसी, एक्सपर्ट ने बताया कहां दांव लगाने से होगी कमाई

लंबे समय बाद विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव दिखा है। जुलाई में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है। इससे अमेरिका-ईरान में फिर से लड़ाई शुरू होने के बावजूद बाजार में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। शेयर बाजार के ट्रेंड को समझने के लिए मनीकंट्रोल ने AlfAccurate Advisors के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर राजेश कोठारी से बातचीत की।

कोठारी ने कहा कि इंटरेस्ट रेट उम्मीद के मुताबिक रहने पर विदेशी निवेशकों की इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में धीरे-धीरे भारतीय बाजार में वापसी होगी। उनका मानना है कि बाजार में हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार की वैल्यूएशंस वाजिब हो गई है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वैल्यूएशंस पर रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, हाउसिंग ईकोसिस्टम के बारे में उनकी सोच पॉजिटिव है। उनका मानना है कि इस सेक्टर में बिल्डिंग मैटेरियल्स और रियल एस्टेट की एंसिलियरीज कंपनियों के शेयरों में रिस्क-रिवॉर्ड अट्रैक्टिव दिख रहा है।

आईटी सेक्टर के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि इस सेक्टर में सेलेक्टिव रहने की जरूरत है। डिमांड में सुस्ती का दौर बीत चुका है। वैश्विक अनिश्चितता घटने पर डिस्क्रेशनरी खर्च में धीरे-धीरे इम्प्रूवमेंट दिखेगा। हालांकि, रिकवरी के एकसमान रहने की उम्मीद नहीं है। आईटी सर्विसेज ऑफर करने वाली ट्रेडिशनल कंपनियों के मुकाबले डिजिटल कपैबिलिटीज, एआई सर्विसेज ऑफर करने वाली कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा।

क्या एआई थीम में अब दिलचस्पी घट रही है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एआई थीम अभी शुरुआती अवस्था में है। कुछ खास ग्लोबल एआई कंपनियों के शेयरों की वैल्यूएशंस काफी बढ़ गई है। उनमें बीच-बीच में करेक्शंस दिख सकता है। लेकिन, एआई थीम से जुड़ी इनवेस्टमेंट साइकिल मजबूत बनी हुई है।

कोठारी ने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़ी कंपनियों को इंडिया की तेज ग्रोथ का फायदा मिलेगा। भारत में लोगों की खर्च करने योग्य इनकम बढ़ रही है। सरकार की पॉलिसी भी सपोर्टिव है। ऐसे में ऑटो एंसिलियरीज, कैपिटल गुड्स, कंजम्प्शन, बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में अच्छी संभावना दिख रही है। खासकर इन सेक्टर की वे कंपनियां अच्छी दिख रही हैं, जिनकी अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ है।

टॉप 10 कंपनियों में से 4 का M-Cap ₹92995 करोड़ बढ़ा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा

पिछले सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर 92,995.48 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक फायदा HDFC Bank और भारती एयरटेल को हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25 प्रतिशत और निफ्टी 63.95 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, भारती एयरटेल और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में 49,294.13 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

सप्ताह के दौरान HDFC Bank का मार्केट कैप सबसे अधिक 35,808.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 34,896.92 करोड़ रुपये बढ़कर 11,98,774.22 करोड़ रुपये, LIC का 16,065.50 करोड़ रुपये बढ़कर 5,60,205.05 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का मार्केट कैप 6,224.97 करोड़ रुपये बढ़कर 17,71,206.33 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इसके उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 12,088.65 करोड़ रुपये घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह L&T का मार्केट कैप 11,040 .23 करोड़ रुपये घटकर 5,42,938.40 करोड़ रुपये, TCS का 8,574.87 करोड़ रुपये घटकर 7,48,600.40 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 7,813.58 करोड़ रुपये घटकर 6,35,327.78 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 6,315.32 करोड़ रुपये घटकर 10,05,379.71 करोड़ रुपये और SBI का मार्केट कैप 3,461.48 करोड़ रुपये घटकर 9,56,430.44 करोड़ रुपये रह गया।

टॉप 10 कंपनियों में RIL अव्वल

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः HDFC Bank, भारती एयरटेल, ICICI Bank, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, LIC, L&T और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज 17 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। HDFC Bank और ICICI Bank के नतीजे 18 जुलाई को सामने आएंगे। TCS बीते सप्ताह 9 जुलाई को नतीजे जारी कर चुकी है।

FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

नए सप्ताह में 15 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Kusumgar की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 16 जुलाई को Laser Power & Infra के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Devson Catalyst और NSE SME पर Happy Steels के शेयरों के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।