Parag Parikh Fund: फंड मैनेजर राजीव ठक्कर की चाल! 39 शेयर्स समान, फिर भी क्यों अलग हैं Flexi Cap और Large Cap?

Parag Parikh Flexi Cap vs Large Cap: पराग पारिख म्यूचुअल फंड (PPFAS) के निवेशकों के बीच इस समय सबसे बड़ी चर्चा Parag Parikh Flexi Cap Fund और हाल ही में लॉन्च हुए Parag Parikh Large Cap Fund को लेकर है। दोनों ही फंड्स का प्रबंधन मुख्य रूप से जाने-माने फंड मैनेजर राजीव ठक्कर संभाल रहे हैं।

मनीकंट्रोल के जुलाई 2026 के पोर्टफोलियो विश्लेषण (ACE MF डेटा) के अनुसार, दोनों फंड्स में 39 शेयर एक जैसे हैं। पहली नजर में देखने पर दोनों स्कीम्स काफी हद तक समान लग सकती हैं, लेकिन पोर्टफोलियो आवंटन और स्ट्रैटेजी के स्तर पर इनमें बड़े अंतर हैं।

रिटर्न की स्थिति: 6 महीने से 3 साल का ट्रैक रिकॉर्ड

Parag Parikh Flexi Cap Fund: इस फंड ने इस साल अब तक -4.57% और 1 साल में -1.79% का रिटर्न दिया है। हालांकि, इसका 3 साल का सालाना रिटर्न 13.87% का रहा है।

Parag Parikh Large Cap Fund: नए फंड ने अपने शुरुआती 6 महीनों की अवधि में -2.11% का रिटर्न दिया है।

एसेट एलोकेशन: लार्ज कैप का दायरा और विदेशी शेयर

दोनों फंड्स के मैंडेट के मुताबिक उनके एसेट एलोकेशन में बड़ा अंतर है:

लार्ज कैप शेयर: फ्लेक्सी कैप फंड अपने पोर्टफोलियो का 64.85% हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों में रखता है, जबकि लार्ज कैप फंड में यह हिस्सेदारी 95.25% है।

विदेशी शेयर व कैश: फ्लेक्सी कैप फंड में 11.06% आवंटन ग्लोबल शेयर्स (जैसे- Alphabet, Amazon, Meta और Microsoft) में है। इसके अलावा 7.15% डेट और 4.60% कैश में है। इसके विपरीत, लार्ज कैप फंड 99.16% पैसा सिर्फ भारतीय इक्विटी में ही लगाता है।

39 शेयर कॉमन, लेकिन असली ओवरलैप सिर्फ 37.27%

डेटा दिखाता है कि दोनों स्कीम्स में 39 स्टॉक्स बिल्कुल समान हैं। ये कॉमन शेयर फ्लेक्सी कैप के 67.38% और लार्ज कैप के 68.32% पोर्टफोलियो को कवर करते हैं।हालांकि, दोनों फंड्स में कंपनियों को दिया गया वेटेज अलग-अलग है, जिससे इनका वास्तविक वेटेड पोर्टफोलियो ओवरलैप सिर्फ 37.27% निकलकर आता है:

Bajaj Finance: लार्ज कैप फंड में 2.22% वेटेज है, जबकि फ्लेक्सी कैप में सिर्फ 0.41%।

State Bank of India: लार्ज कैप में 3.08% बनाम फ्लेक्सी कैप में महज 0.09%।

Power Grid & ITC: पावर ग्रिड फ्लेक्सी कैप में 5.98% है तो लार्ज कैप में 0.93%। वहीं ITC फ्लेक्सी कैप में 5.74% और लार्ज कैप में 1.96% है।

HDFC Bank: दोनों फंड्स का सबसे बड़ा होल्डिंग शेयर HDFC Bank है, जो फ्लेक्सी कैप में 7.55% और लार्ज कैप में 8.31% है। इसके अलावा ICICI Bank, Bharti Airtel और Infosys दोनों में प्रमुखता से शामिल हैं।

स्टॉक्स की संख्या और पोर्टफोलियो कंसंट्रेशन

राजीव ठक्कर एक ही फंड मैनेजर होने के बावजूद दोनों फंड्स में डायवर्सिफिकेशन की रणनीति अलग रख रहे हैं:

कुल शेयर्स: फ्लेक्सी कैप के पास 61 भारतीय और 4 विदेशी शेयर (कुल 65) हैं। वहीं, लार्ज कैप फंड ने 103 शेयरों में अपना पैसा फैलाया हुआ है।

टॉप 10 स्टॉक्स: फ्लेक्सी कैप के टॉप 10 शेयर पोर्टफोलियो का 52.31% हिस्सा बनाते हैं, जबकि लार्ज कैप में टॉप 10 शेयर सिर्फ 42.79% बनाते हैं।

टॉप 5 सेक्टर्स: फ्लेक्सी कैप के 5 बड़े सेक्टर्स का योगदान 62.97% है, जबकि लार्ज कैप में यह 55.60% है।

इसका मतलब है कि व्यापक निवेश छूट होने के बावजूद फ्लेक्सी कैप फंड ज्यादा कंसंट्रेटेड पोर्टफोलियो चला रहा है, जबकि लार्ज कैप फंड ने अपनी पूंजी को कई शेयरों में फैला रखा है।

निवेशकों के लिए केवल 39 कॉमन शेयर्स देखकर दोनों फंड्स को एक जैसा मान लेना सही नहीं होगा। फ्लेक्सी कैप फंड जहां कंसंट्रेटेड इंडियन इक्विटी के साथ इंटरनेशनल एक्सपोजर और डेट का बैलेंस देता है, वहीं लार्ज कैप फंड पूरी तरह से भारतीय लार्ज कैप कंपनियों के एक बड़े बास्केट में निवेश करता है। 6 महीने की अवधि नए फंड के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए छोटी है, लेकिन पोर्टफोलियो डेटा यह साफ करता है कि कंपनियां भले एक हों, निवेश की दिशा अलग है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नए हफ्ते में कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से शेयरों में बन सकता है पैसा? एक्सपर्ट सुदीप शाह की ये है राय

भले ही मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक कोई नई नकारात्मक खबर नहीं आती, निफ्टी में 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने नए शुरू हो रहे हफ्ते के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि धीरे-धीरे आ रही कमजोरी अगले हफ्ते निफ्टी 50 को 24,200–24,000 के जोन से नीचे ले जाएगी?

इस समय, जब तक कोई नई नकारात्मक खबर या ट्रिगर सामने नहीं आता, निफ्टी के 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे जाने की संभावना कम ही लगती है। हालांकि मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इस गिरावट में बड़ी गिरावट वाले लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अगस्त की शुरुआत से ही निफ्टी 500 पॉइंट की एक सीमित ट्रेडिंग रेंज में फंसा हुआ है और उतार-चढ़ाव में भी काफी कमी आई है। डेली ATR (एवरेज ट्रू रेंज) गिरकर 192 पॉइंट पर आ गया है, जो जनवरी 2026 की शुरुआत के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इंडेक्स में ज्यादातर सेशंस में एक जैसा पैटर्न देखा जा रहा है- शुरुआती घंटे में कुछ हलचल होती है और उसके बाद लंबे समय तक कंसोलिडेशन होता है। इससे पता चलता है कि किसी एक दिशा में लगातार मोमेंटम नहीं है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-दिन और 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आसपास घूम रहा है। लंबे समय तक कंसोलिडेशन के कारण ये दोनों ही फ्लैट हो गए हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 52 के आसपास है और नीचे की ओर जा रहा है। यह अपसाइड मोमेंटम में कुछ कमी का संकेत देता है। हालांकि, यह अभी भी 50 के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि मंदी का मोमेंटम (बेयरिश मोमेंटम) पूरी तरह हावी नहीं हुआ है।

आगे 24,200-24,150 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। जब तक निफ्टी इस जोन के नीचे साफ तौर पर बंद नहीं होता, तब तक निचले स्तरों की ओर तेज गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना ज्यादा है। ऊपर की ओर 24,550-24,600 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है।

इसलिए, मोमेंटम निश्चित रूप से कमजोर हुआ है, लेकिन मौजूदा टेक्निकल सेटअप 24,200-24,000 से नीचे बड़ी गिरावट के बजाय एक सीमित दायरे में घूमने वाले बाजार (रेंज-बाउंड मार्केट) का संकेत देता है। 24,150-24,600 की रेंज के किसी भी तरफ एक निर्णायक ब्रेक से निफ्टी की अगली अहम दिशा तय हो सकती है।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया क्या हैं?

Hindustan Aeronautics: स्टॉक ने पिछले हफ्ते वीकली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद इस हफ्ते एक मजबूत चाल देखने को मिली। वीकली RSI ने 4 मई के बाद पहली बार 60 के निशान को पार किया है, जो बुलिश मोमेंटम में अहम सुधार का संकेत है। डेली टाइमफ्रेम पर बढ़ता ADX, ट्रेंड की मजबूती और खरीदारी के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। स्टॉक वीकली टाइमफ्रेम पर ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर भी बंद हुआ है। ऐसा अक्सर मजबूत ट्रेंड वाले दौर की शुरुआत में देखा जाता है।

कुल मिलाकर टेक्निकल सेटअप मजबूती (बुलिश) वाला बना हुआ है। स्टॉक में आगे और बढ़त का संकेत है। इसलिए ₹4,990-5,045 के जोन में ₹4,840 के स्टॉप-लॉस के साथ शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹5,400 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Mazagon Dock Shipbuilders: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने 6 अगस्त को डेली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद स्टॉक कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। वीकली ADX पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है, जो बताता है कि खरीदार धीरे-धीरे विक्रेताओं पर हावी हो रहे हैं। पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में कंसोलिडेशन देखने के बावजूद, स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेकआउट बुलिश सेटअप को और मजबूत कर सकता है। इसलिए, ₹2,480 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹2,560-2,590 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹2,770 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

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क्या बैंक निफ्टी 24 जुलाई से 3 अगस्त तक की अपनी हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल को बचा पाएगा?

बैंक निफ्टी पिछले 9 हफ्तों से 58,706-56,023 की बड़ी रेंज में फंसा हुआ है, जिससे किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड की कमी का पता चलता है। खास बात यह है कि पिछले तीन हफ्तों में ट्रेडिंग रेंज काफी कम हो गई है और इंडेक्स 1,576-पॉइंट के दायरे में सिमट गया है। कंसोलिडेशन के इस दौर में, इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली छोटी बॉडी की कैंडल्स की एक सीरीज बनाई है। यह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लगातार बरकरार अनिश्चितता को दिखाती है।

लंबे समय तक एक ही रेंज में उतार-चढ़ाव के कारण मुख्य मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। यह ट्रेंड की मजबूती की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी सुस्त बने हुए हैं; डेली RSI पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से 60-44 जोन में घूम रहा है। डेली ADX गिरकर 8.99 पर आ गया है। यह मार्च 2019 के बाद से इसकी सबसे निचली रीडिंग है। इतनी कम ADX रीडिंग दिशात्मक मजबूती की भारी कमी की ओर इशारा करती है और बताती है कि इंडेक्स अभी गहरे कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। नीचे की तरफ 57,200-57,100 का 50-दिन का EMA क्षेत्र एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से अगले ट्रेंडिंग मूव के लिए रास्ता बन सकता है।

क्या आप Apollo Hospitals पर बुलिश नजरिया बनाए हुए हैं?

अपोलो हॉस्पिटल्स ने डेली चार्ट पर अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI 40 से तेजी से ऊपर आया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। स्टॉक बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर भी बंद हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म बुलिश फेज की ओर शिफ्ट का संकेत देता है। ₹8,650–8,600 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

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क्या आप Bharti Airtel में नया निवेश करने की सलाह देंगे, जिसमें शुक्रवार को जबरदस्त तेजी आई थी?

भारती एयरटेल ने अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI ऊपर की ओर बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। धीरे-धीरे बढ़ता ADX ट्रेंड की मजबूती में सुधार का संकेत देता है। MACD लाइन भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। यह पॉजिटिव रुख को और मजबूत करता है। ₹1,940–1,930 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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टॉप 10 कंपनियों में से 5 का M-Cap ₹100000 करोड़ घटा, TCS को सबसे अधिक नुकसान

स्थानीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह गिरावट रही। इस बीच सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 5 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने झेला। बीते सप्ताह सेंसेक्स 489.92 अंक या 0.62 प्रतिशत और निफ्टी 204.65 अंक या 0.83 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मार्केट कैप में गिरावट आई। दूसरी ओर भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप बढ़ गया। इन कंपनियों की वैल्यूएशन में कुल 55,149.45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।

बीते सप्ताह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप 34,263.28 करोड़ रुपये घटकर 8,53,506.85 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 31,869.13 करोड़ रुपये घटकर 17,70,056.06 करोड़ रुपये, भारतीय स्टेट बैंक का 25,891.88 करोड़ रुपये घटकर 9,85,829.96 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 7,165.37 करोड़ रुपये घटकर 11,20,802.10 करोड़ रुपये और ICICI Bank का मार्केट कैप 2,792.65 करोड़ रुपये घटकर 10,17,577.98 करोड़ रुपये पर आ गया।

बाकी 5 कंपनियों को कितना फायदा

इस रुख के उलट भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मार्केट कैप 26,438.49 करोड़ रुपये बढ़कर 5,23,330.31 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 20,592.13 करोड़ रुपये बढ़कर 12,43,016.11 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 3,548.79 करोड़ रुपये बढ़कर 6,77,197.34 करोड़ रुपये, लार्सन एंड टुब्रो का 2,490.66 करोड़ रुपये बढ़कर 5,58,973.11 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 2,079.38 करोड़ रुपये बढ़कर 4,90,888.35 करोड़ रुपये हो गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 17 अगस्त को NSE और BSE पर धूत ट्रांसमिशन, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स की लिस्टिंग होगी। 18 अगस्त को NSE और BSE पर मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इसके बाद 19 अगस्त को NSE और BSE पर बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से 4 का मार्केट कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा, SBI को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को सबसे अधिक फायदा हुआ। बीते सप्ताह सेंसेक्स 404.53 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी 187.05 अंक या 0.76 प्रतिशत के लाभ में रहा। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और लार्सन एंड टुब्रो के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई।

वहीं भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में कुल मिलाकर 1.23 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। सप्ताह के दौरान भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप 63,922.03 करोड़ रुपये बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 32,816.4 करोड़ रुपये बढ़कर 18,01,925.19 करोड़ रुपये, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का 31,875.35 करोड़ रुपये बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपये और लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप 14,637.76 करोड़ रुपये बढ़कर 5,56,482.45 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इस रुख के उलट LIC के मार्केट कैप में 40,543.23 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह घटकर 4,96,891.82 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 37,168.96 करोड़ रुपये घटकर 6,73,648.55 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 24,183.16 करोड़ रुपये घटकर 11,27,967.47 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 9,507.67 करोड़ रुपये घटकर 10,20,370.63 करोड़ रुपये, भारती एयरटेल का 7,581.65 करोड़ रुपये घटकर 12,22,423.98 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 4,793.16 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 4,88,808.97 करोड़ रुपये पर आ गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Paytm, Airtel, Nykaa और ONGC समेत इन स्टॉक्स पर फोकस; RBI के ऐलान का मार्केट पर असर!

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 150.50 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 24,728.50 पर है। चूंकि आज आरबीआई मौद्रिक नीतियों का ऐलान करने वाला है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 04 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 210.08 प्वाइंट्स यानी 0.27% की गिरावट के साथ 78,428.95 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 159.40 प्वाइंट्स यानी 0.64% की फिसलन के साथ 24,614.90 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

पावर ग्रिड, पीबी फिनटेक, ऑरोबिंदो फार्मा, बर्जर पेंट्स इंडिया, बायोकॉन, कमिंस इंडिया, ईक्लर्क्स सर्विसेज, ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स, जीई वर्नोवा टीएंडी इंडिया, इन्वेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशंस, जेके लक्ष्मी सीमेंट, श्री रेणुका शुगर्स, एसआईएस और व्हर्लपूल ऑफ इंडिया आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी

इन कंपनियों के रिजल्ट जारी

Bharti Airtel Q1 (Consolidated (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एयरटेल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 37.3% बढ़कर ₹8,167.4 करोड़ और रेवेन्यू 18.4% उछलकर ₹58,539.1 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटीडीए 19.3% बढ़कर ₹33,599 करोड़ और मार्जिन 50 बीपीएस चढ़कर 57.4% पर पहुंच गया। इस दौरान प्रति यूजर औसतन रेवेन्यू ₹250 से ₹264 पर पहुंच गया।

ONGC Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ओएनजीसी का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 112.3% बढ़कर ₹17,034 करोड़ और रेवेन्यू 45.2% उछलकर ₹46,460 करोड़ पर पहुंच गया। क्रूड ऑयल प्राइस-नॉमिनेटेड का नेट रियलाइजेशन 50.4% बढ़कर प्रति बैरल $99.45 पर पहुंच गया।

FSN E-Commerce Ventures (Nykaa) Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नायका का कंसालिडेटेड प्रॉफिट तीन गुना बढ़कर ₹24.5 करोड़ से ₹79.8 करोड़ और रेवेन्यू 29.1% उछलकर ₹2,782 करोड़ पर पहुंच गया। नायका ने ₹32 करोड़ में एमिनु वेलनेस में 51% हिस्सेदारी हासिल की।

Bharti Hexacom Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर भारती हेग्जाकाम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 23.2% बढ़कर ₹482 करोड़ और रेवेन्यू 10.9% उछलकर ₹2,510 करोड़ पर पहुंच गया।

Marico Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मैरिको का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 27.1% बढ़कर ₹652 करोड़ और रेवेन्यू 22.9% उछलकर ₹3,957 करोड़ पर पहुंच गया।

Kalyan Jewellers India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कल्याण ज्वैलर्स इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32% बढ़कर ₹348.7 करोड़ और रेवेन्यू 45.7% उछलकर ₹10,588.9 करोड़ पर पहुंच गया।

United Breweries Q1 (Consolidated)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर यूनाइटेड ब्रूअरीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.6% गिरकर ₹166.3 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 7.1% उछलकर ₹3,067 करोड़ पर पहुंच गया।

NHPC Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एनएचपीसी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.9% बढ़कर ₹1,095.9 करोड़ और रेवेन्यू 18.5% उछलकर ₹3,808.3 करोड़ पर पहुंच गया।

MCX Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एमसीएक्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.5% बढ़कर ₹413.4 करोड़ और रेवेन्यू 88.1% उछलकर ₹702 करोड़ पर पहुंच गया।

Sheela Foam Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर शीला का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9 गुना बढ़कर ₹6.5 करोड़ से ₹61.4 करोड़ और रेवेन्यू 25.6% उछलकर ₹1,031.9 करोड़ पर पहुंच गया।

BSE Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बीएसई का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 62% बढ़कर ₹874 करोड़ और रेवेन्यू 63.5% उछलकर ₹1,566 करोड़ पर पहुंच गया। इसने इंडिया इंटरनेशनल बुलियन होल्डिंग आईएफएससी में हिस्सेदारी 3.33% से बढ़ाकर 20% कर ली है।

Metropolis Healthcare Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.7% बढ़कर ₹56.9 करोड़ और रेवेन्यू 16.6% उछलकर ₹450.2 करोड़ पर पहुंच गया।

PNB Housing Finance Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 4.3% बढ़कर ₹554.5 करोड़ और NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 7.5% उछलकर ₹788.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Deepak Nitrite Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर दीपक नाइट्राइट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3 गुना बढ़कर ₹112.3 करोड़ से ₹345 करोड़ और रेवेन्यू 36.4% उछलकर ₹2,577.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Sanofi India Q2CY26 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सनोफी इंडिया का प्रॉफिट 20.1% बढ़कर ₹83.5 करोड़ और रेवेन्यू 7.7% उछलकर ₹437.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इस पर भी रहेगी नजर

LIC

सरकार ने 5 अगस्त को ऑफर फॉर सेल के जरिए एलआईसी में 4% हिस्सेदारी वाले 50.59 करोड़ इक्विटी शेयरों के लिए ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह 2.5% वाले 31.62 करोड़ इक्विटी शेयरों के बेस इश्यू साइज के अलावा है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

One 97 Communications (Paytm)

एलीवेशन कैपिटल V ने पेटीएम के 10.20 लाख शेयर ₹139.55 करोड़ में बेचे, तो एसएआईएफ III मॉरीशस कंपनी ने 97.43 लाख शेयर ₹1,332.7 करोड़ में और एसएआईएफ पार्टनर्स इंडिया IV ने भी 41.36 लाख शेयर ₹565.77 करोड़ में बेचे। कुल मिलाकर इन तीनों कंपनियों ने पेटीएम के 1.49 करोड़ शेयर ₹2,038.02 करोड़ में बेचे। ये शेयर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ट्रस्ट, एक्सिस म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स, सोसिएट जेनरल, बीएनपी परिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, सुंदरम म्यूचुअल फंड, मैनुलाइफ ग्लोबल फंड, कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, घिसालो मास्टर फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड जैसे दिग्गजों ने खरीदे।

Meesho

सोसिएट जेनरल, एक्सिस म्यूचुअल फंड, फिडेलिटी, गोल्डमैन सैक्स, यूटीआई म्यूचुअल फंड, प्रूडेंशियल हांगकांग, मॉर्गन स्टेनली, कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एचएसबीसी म्यूचुअल फंड, घिसालो मास्टर फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, अशोका इंडिया इक्विटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट, बीएनपी पारिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, डेंडाना इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस और ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स समेत 27 निवेशकों ने एलीवेशन कैपिटल और पीक XV पार्टनर्स इन्वेस्टमेंट्स से मीशो की 2.27% होल्डिंग के बराबर शेयर ₹1949 करोड़ में ₹186 के भाव पर खरीदे।

Poonawalla Fincorp

पीएफएल एम्प्लॉई वेलफेयर ट्रस्ट ने पूनावाला फिनकॉर्प के 47.08 लाख शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹222.96 करोड़ में बेच दिए। प्रति शेयर ₹473.5 के भाव पर इन्हें सुंदरम म्यूचुअल फंड, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, हेलियोस म्यूचुअल फंड और मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर जैसे निवेशकों ने खरीदा।

Sudeep Pharma

गोल्डमैन सैक्स फंड्स-गोल्डमैन सैक्स इंडिया इक्विटी पोर्टफोलियो ने नुवामा से सुदीप फार्मा के सुदीप फार्मा के 11.76 लाख शेयर (1.04% हिस्सेदारी) ₹100 करोड़ में खरीदे। नुवामा क्रॉसओवर अपॉर्चुनिटीज फंड-सीरीज III ने 6.14 लाख शेयर और सीरीज IIIA ने फार्मा कंपनी के 5.62 लाख शेयर ₹850 के भाव पर बेचे हैं। जून 2026 तक कंपनी में नुवामा क्रॉसओवर अपॉर्चुनिटीज फंड-सीरीज III की 2.95% और सीरीज IIIA की 2.57% हिस्सेदारी थी।

Zota Health Care

लिप्टस पंच-कार्ड फंड ने वैलिएंट इंडिया अपॉर्चुनिटीज से जोटा हेल्थ केयर के 2.19 लाख शेयर (0.63% हिस्सेदारी) ₹27.18 करोड़ में ₹1,241 के भाव पर खरीदे।

Rajgor Castor Derivatives

यूनिकॉर्न फंड ने राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स के 8.97 लाख शेयर (3.75% हिस्सेदारी) ₹2.95 करोड़ में ₹32.94 के भाव पर ₹2.96 करोड़ में बेचे। मार्च 2026 तक फंड के पास कंपनी में 5.76% हिस्सेदारी के बराबर 13.77 लाख शेयर थे। इसमें से राघव नरेंद्र राठी ने ₹33 के भाव पर 2.97 लाख शेयर, रमेशचंद्र मदनलाल राठी ने ₹32.90 के भाव पर 3.03 लाख शेयर और माधव नरेंद्र राठी ने ₹32.94 के भाव पर 3 लाख शेयर खरीदे।

Aimtron Electronics

एल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट के एल्केमी लॉन्ग टर्म वेंचर्स फंड सीरीज 3 ने प्रति शेयर ₹1,480 के भाव पर एमट्रॉन इलेक्ट्रॉनिक्स के 2.06 लाख शेयर ₹30.48 करोड़ में खरीदे। वहीं प्रमोटर मुकेश जेराम वसानी ने प्रति शेयर ₹1,480.09 के भाव पर कंपनी के 2.1 लाख शेयर ₹31.08 करोड़ में बेचे हैं।

Apollo Pipes

प्रमोटर एस गुप्ता होल्डिंग ने प्रति शेयर ₹522.16 के भाव पर अपोलो पाइप्स के 2.25 लाख शेयर और ₹522.34 के भाव पर ₹2.25 लाख शेयर खरीदे। इस प्रकार प्रमोटर ने ₹23.5 करोड़ में कंपनी में 1% से अधिक हिस्सेदारी हासिल की।

लिस्टिंग

आज मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स के शेयरों की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

हुंडई मोटर इंडिया, एडीएफ फूड्स, अजंता फार्मा, अनुह फार्मा, ऑटोमोटिव एक्सल्स, इंडेफ मैन्युफैक्चरिंग, बेयर क्रॉपसाइंस, बर्जर पेंट्स इंडिया, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, डिसा इंडिया, फर्मेंटा बायोटेक, गांधी स्पेशल ट्यूब्स, गुडइयर इंडिया, इंडैग रबर, आईआरबी इंफ्रा डेवलपर्स, मैट्रिमोनीडॉटकॉम, मुकेश बाबू फाइनेंशियल सर्विसेज, मुंजाल शोवा, ओरिएंटल एरोमैटिक्स, श्रेयांस इंडस्ट्रीज, सिका इंटरप्लांट सिस्टम्स, सोमानी सिरेमिक्स, टीडी पावर सिस्टम्स, अपडेटर सर्विसेज, और वेदांता एल्युमीनियम मेटल के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे। वहीं एसएबी इवेंट्स एंड गवर्नेंस नाउ मीडिया के रिजॉल्यूशन प्लान-सस्पेंशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एलआईसी में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 5 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 19 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 5 अगस्त के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रहने वाले हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के दमदार नतीजे पेश किए हैं। कुछ के शेयर बड़े कॉरपोरेट ऐलान की वजह से चर्चा में रहेंगे। इसके अलावा HDFC Bank की AGM और RBI की मौद्रिक नीति का फैसला भी बाजार की दिशा तय कर सकता है। ऐसे में इन 19 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा बैंक HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) 5 अगस्त को होगी। बैठक में नए नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन राजीव कुमार की नियुक्ति पर मुहर लग सकती है। बैंक AT-1, Tier-II और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने की मंजूरी भी मांगेगा। नए CEO की नियुक्ति पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Marico

FMCG कंपनी Marico का जून तिमाही का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 27% बढ़कर ₹652 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹513 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹3,957 करोड़ पहुंच गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

Bharti Airtel

टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 11.5% बढ़कर ₹8,167 करोड़ रहा। रेवेन्यू 5.7% बढ़कर ₹58,539 करोड़ और EBITDA 4.8% बढ़कर ₹33,599 करोड़ पहुंच गया। ARPU बढ़कर ₹264 हो गया। मुनाफा अनुमान से कम रहा, लेकिन रेवेन्यू, EBITDA और मार्जिन उम्मीद से बेहतर रहे।

LIC

सरकारी बीमा कंपनी LIC के OFS में सरकार ने 4% के ग्रीनशू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके बाद OFS का आकार बढ़कर 6.5% हिस्सेदारी के बराबर हो जाएगा। शुरुआती ऑफर 2.5% हिस्सेदारी का था। बेहतर मांग मिलने के बाद सरकार ने ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प का इस्तेमाल किया।

Nykaa

ब्यूटी और लाइफस्टाइल ई-कॉमर्स कंपनी Nykaa का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 3 गुना बढ़कर ₹79.7 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹24.4 करोड़ था। रेवेन्यू 29.1% बढ़कर ₹2,782 करोड़ और EBITDA 67.8% बढ़कर ₹236 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 6.5% से बढ़कर 8.5% हो गया।

ONGC

सरकारी महारत्न तेल एवं गैस कंपनी ONGC का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 156% बढ़कर ₹17,034 करोड़ पहुंच गया। यह बाजार के अनुमान से भी काफी बेहतर रहा। कंपनी की कुल आय 29.3% बढ़कर ₹46,461 करोड़ और EBITDA 124% बढ़ा। कंपनी ने अब तक का सबसे ऊंचा प्री-टैक्स प्रॉफिट भी दर्ज किया।

NHPC

सरकारी पावर कंपनी NHPC का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 2.9% बढ़कर ₹1,095.87 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 18.5% बढ़कर ₹3,808.31 करोड़ रहा। EBITDA 30.6% बढ़कर ₹2,352.19 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 56.1% से बढ़कर 61.8% हो गया।

Tata Investment Corporation

निवेश कंपनी Tata Investment Corporation का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा ₹139 करोड़ से बढ़कर ₹164 करोड़ हो गया। कंपनी की आय भी ₹170 करोड़ से बढ़कर ₹209 करोड़ पहुंच गई। तिमाही के दौरान निवेश से बेहतर कमाई का असर नतीजों में दिखा।

MCX

कमोडिटी एक्सचेंज MCX का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 22% घटकर ₹413.4 करोड़ रह गया। कंपनी की आय 21% घटकर ₹702 करोड़ रही। EBITDA 26% घटकर ₹494 करोड़ और EBITDA मार्जिन 74.9% से घटकर 70.4% पर आ गया।

Bharti Hexacom

टेलीकॉम कंपनी Bharti Hexacom का शुद्ध मुनाफा 23.2% बढ़कर ₹482.4 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 10.9% बढ़कर ₹2,510 करोड़ रहा। EBITDA 13.9% बढ़कर ₹1,322.2 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 51.29% से बढ़कर 52.68% हो गया।

Sundram Fasteners

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Sundram Fasteners का शुद्ध मुनाफा ₹138 करोड़ से बढ़कर ₹151 करोड़ हो गया। कंपनी की आय भी ₹1,350 करोड़ से बढ़कर ₹1,615 करोड़ पहुंच गई। मजबूत बिक्री से कंपनी के नतीजों में सुधार देखने को मिला।

Deepak Nitrite

केमिकल कंपनी Deepak Nitrite का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा ₹345 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹112.2 करोड़ था। रेवेन्यू 36.4% बढ़कर ₹2,577.6 करोड़ और EBITDA ₹189.4 करोड़ से बढ़कर ₹540.2 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन 10.03% से बढ़कर 20.96% पहुंच गया।

Castrol India

लुब्रिकेंट कंपनी Castrol India का शुद्ध मुनाफा 42.5% बढ़कर ₹347 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹1,871 करोड़ और EBITDA 40.8% बढ़कर ₹599.4 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹6.25 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

Dredging Corporation of India

सरकारी ड्रेजिंग कंपनी Dredging Corporation of India घाटे से मुनाफे में लौट आई है। कंपनी ने ₹11.23 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में ₹23.33 करोड़ का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 46.7% बढ़कर ₹355.4 करोड़ और EBITDA 32% बढ़कर ₹62 करोड़ रहा।

BSE

स्टॉक एक्सचेंज BSE का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.6% बढ़कर ₹874 करोड़ हो गया। रेवेन्यू ₹1,566 करोड़ रहा। कंपनी ने India International Bullion Holding (IIBH) में अपनी हिस्सेदारी 3.33% से बढ़ाकर 20% करने का भी फैसला किया है।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance का शुद्ध मुनाफा 4.3% बढ़कर ₹554.5 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 7.5% बढ़कर ₹788.4 करोड़ पहुंच गई। कंपनी का लोन कारोबार लगातार बढ़ता रहा।

United Breweries

बीयर बनाने वाली कंपनी United Breweries का शुद्ध मुनाफा 9.5% घटकर ₹166 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 7.1% बढ़कर ₹3,067 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 9.1% घटकर ₹283 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 10.9% से घटकर 9.2% हो गया।

ASK Automotive

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी ASK Automotive का शुद्ध मुनाफा 28.8% बढ़कर ₹85.12 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 52.4% बढ़कर ₹1,358.1 करोड़ और EBITDA 34.3% बढ़कर ₹160.6 करोड़ रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन 13.42% से घटकर 11.83% रह गया।

Metropolis Healthcare

डायग्नोस्टिक कंपनी Metropolis Healthcare का शुद्ध मुनाफा 25.8% बढ़कर ₹57 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 16.6% बढ़कर ₹450 करोड़ रहा। EBITDA 22% बढ़कर ₹217 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 48.3% हो गया।

RBI की मौद्रिक नीति

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर बुधवार को बाजार की नजर रहेगी। गवर्नर संजय मल्होत्रा रेपो रेट, महंगाई, GDP ग्रोथ और पॉलिसी रुख का ऐलान करेंगे। उनके बयान का असर बैंकिंग, ऑटो, रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस शेयरों पर देखने को मिल सकता है।

तिमाही नतीजे

कई कंपनियां 5 अगस्त को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Aegis Vopak Terminals, Allcargo Logistics, Arisinfra Solutions, Asahi India Glass, Aurobindo Pharma, Bikaji Foods International, Biocon और Cummins India जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन शेयरों पर कारोबार के दौरान नजर रहेगी।

ONGC Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 112% बढ़ा, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का फायदा मिला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Marico Q1 Results: प्रॉफिट 25% बढ़कर 630 करोड़, रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़ा

Marico Q1 Results: मैरिको ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफि साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 630 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में प्रॉफिट 504 करोड़ रुपये था। कंपनी ने 25 जून को बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया।

भारत में बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11 फीसदी

जून तिमाही में Marico के अच्छे प्रदर्शन में स्ट्रॉन्ग डिमांड, कोपरा की कीमतों में नरमी और नए बिजनेसेज की अच्छी ग्रोथ का हाथ है। भारत में कंपनी के बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11 फीसदी रही। यह बीती 18 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर 5 अगस्त को बाजार खुलने पर दिखेगा।

मानसून की स्थिति और इनफ्लेशनरी प्रेशर पर नजर

कंपनी ने बयान में कहा, “जून तिमाही में डिमांड ट्रेंड में स्थिरता दिखी, जिसे आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का सपोर्ट मिला। कंपनी कंजम्प्शन ट्रेंड को लेकर पाॉजिटिव है, लेकिन इनफ्लेशनरी प्रेशर पर नजर बनाए रखना जरूरी है। अल नीनो के असर के पूर्वानुमान के बीच मानसून के प्रोग्रेस पर भी नजर रहेगी।”

ऑपरेशंस से रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 3,957 करोड़

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 3,957 करोड़ रुपये रहा। कंसॉलिडेटेड एबिड्टा मार्जिन 40 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 20.7 फीसदी रहा। EBITDA का मतलब इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की अर्निंग्स है।

स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 2794 करोड़ रुपये

स्टैंडएलोन बेसिस पर कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 40 फीसदी गिरकर 460 करोड़ रुपये रहा। इसकी वजह कंपनी के खर्च में इजाफा है। स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 2,794 करोड़ रुपये रहा। इंडियन बिजनेस का रेवेन्यू 21 फीसदी बढ़कर 3,003 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कहा है कि उसका 96 फीसदी मार्केट पोर्टफोलियो जून तिमाही में बढ़ा या मार्केट शेयर मौजूदा लेवल पर बनाए रखा।

यह भी पढ़ें: Bharti Airtel Q1 Results: नेट प्रॉफिट 37% बढ़कर 8,167 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 18% बढ़ा

बीते एक साल में करीब 23 फीसदी चढ़ा है शेयर 

कंपनी के प्रोडक्ट्स में कई लोकप्रिय ब्रांड्स शामिल हैं। इनमें Parachute, Saffola, Hair and Care, Nihar Naturals, Beardo, Just Herbs, True Elements, Plix, Cosmix और 4700BC शामिल हैं। कंपनी के शेयर 4 अगस्त को 0.68 फीसदी गिरकर 875 रुपये पर बंद हुए। बीते एक साल में यह शेयर 22.73 फीसदी चढ़ा है।

HDFC Bank AGM: नए चेयरमैन, डिविडेंड से लेकर फंड जुटाने तक, 5 अगस्त की AGM में कई बड़े फैसले होंगे

HDFC Bank AGM: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) बुधवार,5 अगस्त को होगी। इस बार की AGM कई वजहों से खास मानी जा रही है। हाल ही में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। वहीं, बैंक को जल्द नया CEO भी चुनना है।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल तीन महीने से भी कम बचा है। RBI के नियम कहते हैं कि नए CEO के नाम की सिफारिश छह महीने पहले भेजनी चाहिए। लेकिन बैंक ने अभी तक इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की है।

डिविडेंड, फंड जुटाने का प्लान

AGM में सबसे पहले वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों और डिविडेंड पर मंजूरी ली जाएगी।

इसके अलावा बैंक फंड जुटाने की भी तैयारी में है। इसके लिए वह AT-1 बॉन्ड, Tier-II बॉन्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए लॉन्ग-टर्म बॉन्ड जारी करने की मंजूरी मांगेगा। ये सभी बॉन्ड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

नए चेयरमैन पर भी लगेगी मुहर

बैंक ने राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव रखा है। AGM में शेयरधारक इस पर वोट करेंगे।

अगर मंजूरी मिलती है, तो उन्हें RBI की अनुमति के अनुसार ₹50 लाख सालाना तय पारिश्रमिक मिलेगा। इसके अलावा बोर्ड और कमेटी की बैठकों में शामिल होने पर सिटिंग फीस भी मिलेगी। बैंक की कार का इस्तेमाल भी आधिकारिक और निजी दोनों कामों के लिए कर सकेंगे।

पहले चेयरमैन को कितना मिला था?

राजीव कुमार से पहले अतनु चक्रवर्ती इस पद पर थे। वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें ₹59 लाख सिटिंग फीस और ₹48.25 लाख तय पारिश्रमिक मिला था। यानी कुल मिलाकर उन्हें ₹1.07 करोड़ का भुगतान हुआ।

उन्होंने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया था। इसलिए उन्हें पूरे साल की बजाय जितने समय तक पद पर रहे, उसी हिसाब से भुगतान किया गया।

एक और प्रस्ताव भी आएगा

AGM में वी. श्रीनिवास रंगन को फिर से निदेशक बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वह रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे हैं और बैंक उन्हें दोबारा बोर्ड में शामिल करना चाहता है।

HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 1.86% की गिरावट के साथ 739 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 साल में स्टॉक 25.80% टूट चुका है।

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