Jio IPO: ‘कमाई बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर फोकस’, आकाश अंबानी ने कहा- सिर्फ टैरिफ बढ़ाने पर नहीं रहेगा जोर

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी कमाई बढ़ाने के लिए सिर्फ मोबाइल रिचार्ज महंगे करने पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी अब डेटा की बढ़ती खपत, प्रीमियम डिजिटल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड और कॉरपोरेट सेवाओं से कमाई बढ़ाने की तैयारी में है। Jio का लक्ष्य अपने 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों से ज्यादा रेवेन्यू हासिल करना है।

Jio Platforms के चेयरमैन आकाश अंबानी ने Moneycontrol को बताया कि कंपनी हर GB डेटा के लिए ज्यादा पैसे वसूलने को ही कमाई बढ़ाने का एकमात्र तरीका नहीं मानती। उनके मुताबिक, टैरिफ कारोबार का एक हिस्सा है। लेकिन कमाई बढ़ाने के दूसरे रास्ते भी हैं।

Jio ग्राहकों को देगी प्रीमियम सेवाएं

Jio अपनी डिजिटल सेवाओं को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है। कंपनी चाहती है कि ग्राहक प्रीमियम सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करें। इसके अलावा, होम ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस इंटरनेट का विस्तार भी किया जाएगा।

कंपनी कॉरपोरेट ग्राहकों के साथ अपना कारोबार बढ़ाना चाहती है। साथ ही, इंटरनेट कनेक्शन के साथ दूसरी सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। इनमें OTT वीडियो, म्यूजिक, क्लाउड स्टोरेज और AI आधारित सेवाएं शामिल हैं।

आकाश अंबानी के मुताबिक, ग्राहक इन सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे, तो कमाई बढ़ाने के नए मौके मिलेंगे। प्रीमियम इंटरनेट कनेक्टिविटी और AI सेवाएं भी इसमें अहम भूमिका निभा सकती हैं।

Airtel से पीछे है Jio की प्रति ग्राहक कमाई

वित्त वर्ष 2026 में Jio की औसत प्रति यूजर कमाई यानी ARPU 214 रुपये प्रति माह रही। वहीं, Bharti Airtel की ARPU 257 रुपये थी।

एनालिस्ट्स का मानना है कि Jio के पास कमाई बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। कंपनी के पास ग्राहकों की संख्या ज्यादा है। उसके नेटवर्क पर डेटा का इस्तेमाल भी काफी होता है। ऐसे में प्रीमियम सेवाओं और डेटा की बढ़ती खपत से कंपनी को फायदा मिल सकता है।

हालांकि, आकाश अंबानी ने यह नहीं बताया कि अगली बार मोबाइल टैरिफ कब बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि आने वाले समय में कीमतें किस स्तर पर स्थिर हो सकती हैं। उनके मुताबिक, टैरिफ का फैसला ग्राहकों की जरूरत, बाजार में प्रतिस्पर्धा, महंगाई और नेटवर्क पर होने वाले निवेश को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO

Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। इसके लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है।

इस IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होनी है।

₹27,500 करोड़ से चुकाया जाएगा कर्ज

वित्त वर्ष 2026 में Jio Platforms का रेवेन्यू 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा। कंपनी को 30,049 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ। वहीं, EBITDA 76,255 करोड़ रुपये रहा।

IPO से मिलने वाली रकम में से 27,500 करोड़ रुपये Reliance Jio Infocomm का कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। यह Jio Platforms की सब्सिडियरी कंपनी है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Parag Parikh Flexi Cap Fund: पराग पारिख में पैसा लगाना बंद कर रहे निवेशक? 6 महीने में 77% घटा निवेश

Parag Parikh Flexi Cap Fund: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड में हर महीने आने वाला अनुमानित निवेश तेजी से घटा है। मार्च 2026 में यह करीब ₹3,950 करोड़ था। सितंबर में घटकर सिर्फ ₹900 करोड़ रह गया। यानी 6 महीने में करीब 77% की गिरावट आई। हालांकि, फंड में पैसा आना बंद नहीं हुआ है। इसके बावजूद फंड मैनेजर ने नए शेयरों और दूसरे निवेश विकल्पों में पैसा लगाना जारी रखा है।

फंड की कैश होल्डिंग भी काफी घटी है। मार्च में कुल संपत्ति का 18.94% पैसा कैश में था। सितंबर में यह घटकर 9.77% रह गया। इस दौरान फंड को रियल एस्टेट, REITs और चुनिंदा ऑयल एंड गैस कंपनियों में निवेश के मौके मिले।

फंड में निवेश क्यों घटा?

PPFAS Mutual Fund के फंड मैनेजर राज मेहता ने Moneycontrol को बताया कि निवेश में कमी से फंड की रणनीति नहीं बदली है। उनके मुताबिक, फंड में अब भी नया पैसा आ रहा है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। ऐसे में निवेशकों का रुझान भी उनकी तरफ बढ़ा है। अक्सर निवेशक हालिया रिटर्न देखकर अपना पैसा लगाने का फैसला करते हैं।

कैश में पैसा रखने के बजाय कहां निवेश किया?

राज मेहता के मुताबिक, फंड कितना पैसा कैश में रखेगा, यह बाजार के स्तर से ज्यादा निवेश के मौकों पर निर्भर करता है। बाजार में लंबे समय तक खास तेजी न आने और कुछ शेयरों की कीमत घटने से फंड को खरीदारी के मौके मिले। इसलिए उसने कैश घटाकर शेयरों में निवेश बढ़ाया।

सितंबर की फैक्टशीट के मुताबिक, फंड की कुल संपत्ति का 72.06% हिस्सा भारतीय कोर इक्विटी में था। वहीं, 11.90% विदेशी सिक्योरिटीज, IDR और ADR में लगा था। REITs और InvITs में निवेश 6.27% था।

सितंबर में किन शेयरों में बढ़ाया निवेश?

अगस्त के मुकाबले सितंबर में DLF में सबसे ज्यादा नया निवेश किया गया। फंड की कुल संपत्ति का 1.81% हिस्सा इसमें लगाया गया। इसके अलावा Mahindra & Mahindra, Indus Towers, Bharti Airtel और कुछ ऑयल एंड गैस कंपनियों में भी निवेश बढ़ाया गया।

दूसरी तरफ, फंड ने Great Eastern Shipping Company से अपना निवेश निकाल लिया। अगस्त में इस शेयर में फंड की संपत्ति का 0.11% हिस्सा लगा था।

फंड के पास Embassy Office Parks REIT में 2.49%, Knowledge Realty Trust में 2.18% और Brookfield India Real Estate Trust में 1.60% निवेश था।

फंड का रिटर्न कैसा रहा?

हाल के प्रदर्शन की बात करें तो फंड का रिटर्न कमजोर रहा है। इसके रेगुलर प्लान ने एक साल में 4.14% निगेटिव रिटर्न दिया। वहीं, बेंचमार्क Nifty 500 TRI में 2.03% की गिरावट आई।

हालांकि, तीन, पांच और दस साल की अवधि में फंड ने अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Airtel ने लॉन्च किए तीन सस्ते प्रीपेड प्लान, जानिए इनमें सब्सक्राइबर्स के लिए क्या है खास

भारती एयरटेल ने तीन नए वॉयस-ओनली प्रीपेड रीचार्ज प्लान लॉन्च किए हैं। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) की 21 अक्तूबर की डेडलाइन से पहले कंपनी ने ये प्लान लॉन्च किए हैं। ये प्लान 185 रुपये, 203 रुपये और 206 रुपये के हैं। भारती एयरटेल देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है।

इन तीनों प्लान में से प्रत्येक में सब्सक्राइबर्स को अनलिमिटेड लोकल और नेशनल वॉयस कॉलिंग और 300 एसएमएस की सुविधा मिलेगी। 185 रुपये के प्लान की वैलिडिटी 28 दिन की है, 203 रुपये के प्लान की वैलिडिटी 30 दिन की है। 206 रुपये की वैलेडिटी कैलेंडर के महीने के हिसाब से होगी।

ये सभी प्लान एयरटेल के ऐप पर सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध हैं। वॉयल-ओनली पैक की नई रेंज लॉन्च करने वाली देश की पहली टेलीकॉम कंपनी है। बाकी दो टेलीकॉम कंपनियों रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया को भी टेलीकॉम रेगुलेटर के निर्देश के तहत ऐसे प्लान लॉन्च करने होंगे।

ट्राई ने सितंबर में टेलीकॉम कंपनियों को एक खास निर्देश दिया था। इसमें कंपनियों को इंटरनेट डेटा के बगैर सिर्फ वॉयल कॉल और एसएमएस के लिए स्पेशल टैरिफ वाउचर्स लॉन्च करने को कहा गया था। इसके लिए टेलीकॉम रेगुलेटर ने 21 अक्टूबर की डेडलाइन तय की थी। टेलीकॉम कंपनियों को इस निर्देश के पालन के सिए 30 दिन का समय मिला था।

ट्राई के इस निर्देश से उन सब्सक्राइबर्स की शिकायत दूर हो गई है, जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत के बगैर बंडल्ड प्रीपेड खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। ऐसे कई सब्सक्राइबर्स हैं, जो मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ वॉयल कॉल और एसएमएस के लिए करते हैं। अभी तक बाजार में जो प्रीपेड प्लान थे, उनके साथ इटरनेट डेटा भी होता था। इससे प्रीपेड प्लान महंगा हो जाता है।

हैंडसेट की बढ़ती कीमतों की वजह से सब्सक्राइबर्स अपने डिवाइस का इस्तेमाल लंबे समय तक करते हैं। वॉयस-ओनली प्लान से ऐसे सब्सक्राइबर्स को फायदा होगा, जो सिर्फ वॉयस-ओनली रिचार्ज प्लान का इस्तेमाल करने में दिलचस्पी रखते हैं। ऐसे सब्सक्राइबर्स को डेटा की जरूरत नहीं होती है। अब उन्हें 30 दिन तक की वैलिडिटी वाले वाउचर्स मिलेंगे।

Airtel Postpaid यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट, ₹50 बढ़ी कीमत, फ्री मिलेगा International Roaming Pack

Airtel Postpaid Plans: अगर आप Airtel का पोस्टपेड कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए हो सकती है। दरअसल, कंपनी ने अपने पोस्टपेड प्लान की कीमतों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की है और अपने प्लान्स में बदलाव करते हुए ग्राहकों को हर साल एक मुफ्त इंटरनेशनल रोमिंग ट्रिप देने की सुविधा दी है। बता दें कि ये प्लान 8 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगे।

कंपनी के सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा पोस्टपेड ग्राहकों को एक महीने के भीतर उनके मौजूदा प्लान के सबसे नजदीकी अगले प्लान में शिफ्ट कर दिया जाएगा। Airtel के एक अधिकारी ने बताया कि फ्री इंटरनेशनल रोमिंग का यह फायदा करीब 2,000 रुपये की कीमत का है।

यह फ्री रोमिंग पैक 5 दिनों के लिए वैलिड होगा। इसमें 5GB डेटा, 60 मिनट की कॉलिंग, 25 आउटगोइंग SMS और फ्री इनकमिंग SMS की सुविधा मिलेगी। ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक इस पैक को कभी भी एक्टिवेट कर सकेंगे। वहीं, फैमिली पोस्टपेड प्लान में शामिल हर सदस्य को इस फ्री रोमिंग बेनिफिट का फायदा मिलेगा।

एयरटेल पोस्टपेड प्लान: कीमत और फायदे

प्लानSIM की संख्यामुख्य फायदेसब्सक्रिप्शनइंटरनेशनल रोमिंग
₹4991अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाXstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप
₹7492अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाAmazon Prime, JioHotstar, Xstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप
₹1,0493अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाApple iCloud+, Apple Music, Amazon Prime, JioHotstar, Xstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप
₹1,2494अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाApple iCloud+, Apple Music, Amazon Prime, JioHotstar, Xstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप
₹1,4494अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाNetflix Basic, Apple iCloud+, Apple Music, Amazon Prime, JioHotstar, Xstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप
₹1,7995अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, स्पैम व फ्रॉड से सुरक्षाNetflix Standard, Apple iCloud+, Apple Music, Amazon Prime, JioHotstar, Xstream Play Premium, Google Oneहर SIM पर साल में 1 फ्री ट्रिप

Airtel Postpaid में मिलेंगे ये फायदे

इंटरनेशनल रोमिंग के अलावा Airtel के नए पोस्टपेड प्लान में कई दूसरे फायदे भी मिलेंगे। इनमें अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग के साथ 5G पर Fast Lane टेक्नोलॉजी और स्पैम व फर्जी लिंक से नेटवर्क लेवल पर सुरक्षा शामिल है।

इसके अलावा अलग-अलग प्लान के हिसाब से ग्राहकों को Amazon Prime, Netflix, Apple Music, Apple iCloud+, JioHotstar, Xstream Play Premium और Google One जैसे सब्सक्रिप्शन भी दिए जाएंगे।

ग्राहक Airtel App के जरिए नए पोस्टपेड प्लान पर अपग्रेड कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी Airtel स्टोर जाकर भी प्लान बदला जा सकता है। वहीं, जो लोग अभी Airtel यूज नहीं करते हैं, वे भी 8 अक्टूबर से Airtel App या स्टोर के जरिए पोस्टपेड कनेक्शन ले सकते हैं।

Stock To Buy: एक्सिस ने इन 7 लार्ज-कैप शेयरों पर दी खरीद की सलाह, मिल सकता है 44% का रिटर्न

Stock To Buy: भारतीय शेयर बाजार ने अभी एक रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन ऐसा रिकॉर्ड नहीं जिसकी निवेशकों को उम्मीद थी। दलाल स्ट्रीट में लगातार आठ हफ़्तों से गिरावट देखी गई है, जो 2020 के कोविड-19 क्रैश और 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के दौरान देखी गई गिरावट से भी ज़्यादा है। बाजार की इस बढ़ी गिरावट में एक्सिस सिक्योरिटीज ने 7 लार्ज-कैप स्टॉक्स चुने हैं जिनमें भारी गिरावट के बाद भी मजबूत वैल्यू है। एक्सिस

बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance)

एक्सिस ने 1,305 रुपये का प्राइस टारगेट तय किया है, जो मौजूदा लेवल से 36% ज़्यादा है। यह कंपनी कंज्यूमर फाइनेंस के लिए भारत की सबसे बड़ी NBFCs में से एक है। इसके पास टू-व्हीलर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, हाउसिंग और छोटे व्यवसायों के लिए लोन जैसे कई तरह के प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है।

भारती एयरटेल (Bharti Airtel)

2,530 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ, ब्रोकरेज ने मौजूदा लेवल से 44% बढ़ने की संभावना जताई है। यह एक भारतीय मल्टीनेशनल टेलीकम्युनिकेशन कंपनी है जो दक्षिण एशिया, अफ्रीका और चैनल आइलैंड्स के 18 देशों में काम करती है। यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर है, जिसकी घरेलू बाज़ार में मज़बूत मौजूदगी है और इसके पास डिजिटल सेवाओं का एक व्यापक पोर्टफोलियो है, जिसमें फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क, मोबाइल और डेस्कटॉप टेलीफोनी और अन्य डिजिटल समाधान शामिल हैं।

ICICI बैंक (ICICI Bank )

1,800 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ, ब्रोकरेज ने मौजूदा लेवल से 36% बढ़ने की संभावना जताई है। इस लेंडर को मजबूत लायबिलिटी फ्रैंचाइज़ और अच्छे रिटेल-कॉर्पोरेट मिक्स का सहारा मिला हुआ है। बैंक की सब्सिडियरी कंपनियाँ, जैसे ICICI वेंचर फंड्स, ICICI प्रू AMC, ICICI सिक्योरिटीज, ICICI प्रूडेंशियल और ICICI लोम्बार्ड, अपने-अपने क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं।

एटरनल (Eternal)

एक्सिस बैंक ने 390 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ खरीदारी की राय दी है। ब्रोकरेज ने मौजूदा लेवल से इसमें 22% बढ़ने की संभावना जताई है। कंपनी का बिजनेस मॉडल ‘एसेट-लाइट’ है, जो डिमांड और सप्लाई को एक साथ लाने पर आधारित है। साथ ही, यह कुशल लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स को सक्षम बनाता है, मज़बूत नेटवर्क प्रभाव पैदा करता है और यूज़र एंगेजमेंट को बढ़ाता है। इसमें चार मुख्य बिज़नेस शामिल हैं। ज़ोमैटो (Zomato), ब्लिंकिट (Blinkit), डिस्ट्रिक्ट (District) और हाइपरप्योर (Hyperpure)।

वरुण बेवरेजेज़ (Varun Beverages)

एक्सिस बैंक ने ₹530 के टारगेट प्राइस के साथ इस स्टॉक में खरीदारी की राय दी है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि पिछली क्लोजिंग के मुकाबले इसमें 23% की बढ़त हो सकती है। VBL ग्लोबल बेवरेज इंडस्ट्री में एक अहम कंपनी है और दुनिया भर में (US के बाहर) पेप्सिको (PepsiCo) की दूसरी सबसे बड़ी फ्रैंचाइज़ी है। इसके पास फ्रैंचाइज़ी अधिकारों के तहत 10 देशों में और डिस्ट्रीब्यूशन अधिकारों के तहत 4 और देशों में कामकाज करने की सुविधा है।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank)

₹500 के टारगेट प्राइस के साथ, एक्सिस (Axis) का अनुमान है कि मौजूदा स्तरों से इसमें 20% की बढ़त हो सकती है। यह भारत के प्रमुख डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विस ग्रुप्स में से एक है, जो अलग-अलग कस्टमर सेगमेंट और इलाकों में कई तरह की सर्विस देता है। यह रिटेल कस्टमर्स (सैलरी पाने वाले और खुद का काम करने वाले दोनों), छोटे बिज़नेस, NRI, संस्थानों और सरकारी संस्थाओं को सर्विस देता है। इसकी सर्विस में सुविधा, इनोवेशन और डिजिटल-फर्स्ट ऑफरिंग पर खास ध्यान दिया जाता है।

नेस्ले इंडिया (Nestle India)

ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस ₹1,765 तय किया है, जो मौजूदा स्तरों से 35% ज़्यादा है। नेस्ले इंडिया कई तरह के फूड और बेवरेज प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है, जिनमें दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स, कॉफी, चाय, नूडल्स, चॉकलेट, कन्फेक्शनरी और बच्चों के लिए न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स शामिल हैं। भारत में इसके कुछ पॉपुलर ब्रांड्स में मैगी (Maggi), नेस्कैफे (Nescafé), किटकैट (KitKat), मिल्कीबार (MilkyBar) और नेस्ले एवरीडे (Nestle Everyday) शामिल हैं।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to buy: जोरदार रिटर्न के लिए इन 5 दमदार स्टॉक्स पर लगा सकते हैं दांव

शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट का खराब असर निवेशकों पर पड़ा है। खासकर नए निवेशक तो अब बाजार में एंट्री करने से घबरा रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह निवेशक करने का सही समय है, क्योंकि कई दिग्गज शेयरों की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। ब्रोकरेज फर्म सैमको सिक्योरिटीज ने खासकर नए निवेशकों के लिए कुछ खास शेयरों की लिस्ट तैयार की है। इन शेयरों में निवेश से अच्छी कमाई हो सकती है।

अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर लंबी रेस का घोड़ा

इस लिस्ट का पहला स्टॉक अदाणी एंटरप्राइजेज है। यह अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। इसका मतलब है कि समूह के कई महत्वपूर्ण बिजनेसेज इस कंपनी के तहत आते हैं। यह शेयर 18 सितंबर को 1.94 फीसदी गिरकर 2,980 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी लौटने का मिलेगा फायदा

एक्सिस बैंक इस लिस्ट का दूसरा स्टॉक है। यह शेयर 18 सितंबर को 0.41 फीसदी चढ़कर 1,245 रुपये पर बंद हुआ। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है, क्योंकि प्राइवेट बैंकों के मुकाबले निवेशकों ने सरकारी बैंकों के शेयरों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है।

बजाज ऑटो को मिलेगा फेस्टिव सीजन का फायदा 

दोपहिया और तीन-पहिया बनाने वाली दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो इस लिस्ट की तीसरी कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर 0.12 फीसदी गिरकर 11,486 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते छह महीने में यह शेयर करीब 24 फीसदी चढ़ा है। कंपनी को त्योहारी सीजन का बड़ा फायदा मिल सकता है। देश में धनतेरस और दीवाली के मौके पर टू-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स खरीदना शुभ माना जाता है।

डिफेंस स्टॉक्स में तेजी का फायदा बीईएल को मिलेगा

डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स इस लिस्ट का चौथा स्टॉक है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 18 सितंबर को 397 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 10 फीसदी से ज्यादा गिरा है। कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। इसके अलावा डिफेंस पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

टेलीकॉम कंपनी ने बढ़ाया वैल्यू एडेड सर्विसेज पर फोकस

दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल भी इस लिस्ट में शामिल है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ। बीते छह महीने में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है। वैल्यू एडेड सर्विसेज पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Nifty Outlook: क्या 7 सितंबर को 24000 का लेवल टच कर पाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: निफ्टी शुक्रवार को चार दिन की लगातार गिरावट के बाद संभला। इंडेक्स 24 अंक चढ़कर 23,897 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर कमजोर रही। निफ्टी में 1.15% की गिरावट आई। यह लगातार चौथा हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।

पूरे हफ्ते बिकवाली हावी रही

हफ्ते की शुरुआत ही कमजोर रही। ज्यादातर कारोबारी सत्रों में बिकवाली देखने को मिली। हफ्ते के बीच में बाजार तेज गैप-डाउन के साथ खुला। इसके बाद खरीदारों ने गिरावट रोकने की कोशिश की। लेकिन ऊंचे स्तरों पर खरीदारी ज्यादा देर नहीं टिक पाई। नतीजा यह रहा कि मुनाफावसूली जारी रही और निफ्टी पूरे हफ्ते दबाव में रहा।

किन शेयरों में बड़ी हलचल दिखी

निफ्टी 50 में SBI Life, Tata Steel और HDFC Life सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी तरफ HCL Tech, Bharti Airtel और Maruti सबसे ज्यादा टूटे। सेक्टोरल प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। Metals, Financial Services और Cement सेक्टर में तेजी रही। वहीं रियल्टी, हेल्थकेयर और केमिकल्स में दबाव देखने को मिला।

ब्रॉडर मार्केट में भी तस्वीर साफ नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.25% की गिरावट आई। Nifty Smallcap 100 में 0.22% की बढ़त रही।

रुपया भी मजबूत हुआ

डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मजबूती रही। यह सिलसिला पूरे हफ्ते जारी रहा। हफ्ते के दौरान रुपया करीब 1% मजबूत हुआ। शुक्रवार को यह लगभग 94.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अब इन संकेतों पर रहेगी नजर

आने वाले दिनों में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। अमेरिका में फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कम हुई है। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई है। लेकिन बाजार के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहला, ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल पर है। दूसरा, वेस्ट एशिया में तनाव बना हुआ है।

निवेशकों की नजर क्रूड की कीमतों पर रहेगी। वेस्ट एशिया के घटनाक्रम भी अहम होंगे। इसके अलावा ग्लोबल रेट आउटलुक और घरेलू लिक्विडिटी पर भी नजर रहेगी। शुक्रवार को जारी अमेरिकी रोजगार आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। इनसे फेड के अगले फैसले को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, अगले हफ्ते US ISM Services PMI, ECB की पॉलिसी, OPEC की मंथली ऑयल मार्केट रिपोर्ट और भारत के फॉरेक्स रिजर्व के आंकड़े बाजार के लिए अहम रहेंगे।

24,000 के ऊपर जाना जरूरी

HDFC Securities के विनय राजानी के मुताबिक, 24,000-24,200 का जोन निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस है। 23,800 के नीचे जाने पर निफ्टी 23,600 तक गिर सकता है। वहीं, 23,800 के ऊपर टिकने पर कुछ समय के लिए बाजार दायरे में रह सकता है। हालांकि, बड़ी तस्वीर में ट्रेंड अभी कमजोर है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,750-23,600 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके नीचे डेली क्लोज मिलने पर निफ्टी 23,450-23,400 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 24,000-24,050 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,150-24,200 का स्तर आएगा।

50-EMA से नीचे निफ्टी

LKP Securities के रूपक डे ने कहा कि अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स सतर्क रहे। इन आंकड़ों का असर फेड के ब्याज दर के फैसले पर पड़ सकता है।

उनके मुताबिक, निफ्टी प्रति घंटे के चार्ट पर 50-EMA से नीचे है। इससे शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर दिख रहा है। जब तक निफ्टी 24,000-24,200 के नीचे है, तेजी पर बिकवाली की रणनीति काम कर सकती है। नीचे 23,830 और 23,700 पर सपोर्ट है।

Banking Index में भी लंबे समय से ठहराव

बैंकिंग इंडेक्स करीब 24 सत्रों से एक दायरे में घूम रहा है। यानी इसमें भी कोई साफ दिशा नहीं दिख रही। शुक्रवार को इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, 56,900-56,800 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके ऊपर टिके रहने पर कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। ऊपर 57,800-57,900 का स्तर रेजिस्टेंस है।

अगर इंडेक्स 57,900 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देता है या 56,800 के नीचे टूटता है, तो कंसोलिडेशन खत्म हो सकता है। इसके बाद बाजार में किसी एक दिशा में बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

अगले हफ्ते IPO की भी धूम

प्राइमरी मार्केट में गतिविधियां तेज हैं। अगले हफ्ते 11 मेनबोर्ड IPO खुलने वाले हैं। ये कंपनियां मिलकर 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की तैयारी में हैं। कई कंपनियों की लिस्टिंग भी अगले हफ्ते होगी। यानी शेयर बाजार के मुख्य इंडेक्स में भले ही सावधानी है, लेकिन IPO बाजार में हलचल बनी हुई है।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Parag Parikh Fund: फंड मैनेजर राजीव ठक्कर की चाल! 39 शेयर्स समान, फिर भी क्यों अलग हैं Flexi Cap और Large Cap?

Parag Parikh Flexi Cap vs Large Cap: पराग पारिख म्यूचुअल फंड (PPFAS) के निवेशकों के बीच इस समय सबसे बड़ी चर्चा Parag Parikh Flexi Cap Fund और हाल ही में लॉन्च हुए Parag Parikh Large Cap Fund को लेकर है। दोनों ही फंड्स का प्रबंधन मुख्य रूप से जाने-माने फंड मैनेजर राजीव ठक्कर संभाल रहे हैं।

मनीकंट्रोल के जुलाई 2026 के पोर्टफोलियो विश्लेषण (ACE MF डेटा) के अनुसार, दोनों फंड्स में 39 शेयर एक जैसे हैं। पहली नजर में देखने पर दोनों स्कीम्स काफी हद तक समान लग सकती हैं, लेकिन पोर्टफोलियो आवंटन और स्ट्रैटेजी के स्तर पर इनमें बड़े अंतर हैं।

रिटर्न की स्थिति: 6 महीने से 3 साल का ट्रैक रिकॉर्ड

Parag Parikh Flexi Cap Fund: इस फंड ने इस साल अब तक -4.57% और 1 साल में -1.79% का रिटर्न दिया है। हालांकि, इसका 3 साल का सालाना रिटर्न 13.87% का रहा है।

Parag Parikh Large Cap Fund: नए फंड ने अपने शुरुआती 6 महीनों की अवधि में -2.11% का रिटर्न दिया है।

एसेट एलोकेशन: लार्ज कैप का दायरा और विदेशी शेयर

दोनों फंड्स के मैंडेट के मुताबिक उनके एसेट एलोकेशन में बड़ा अंतर है:

लार्ज कैप शेयर: फ्लेक्सी कैप फंड अपने पोर्टफोलियो का 64.85% हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों में रखता है, जबकि लार्ज कैप फंड में यह हिस्सेदारी 95.25% है।

विदेशी शेयर व कैश: फ्लेक्सी कैप फंड में 11.06% आवंटन ग्लोबल शेयर्स (जैसे- Alphabet, Amazon, Meta और Microsoft) में है। इसके अलावा 7.15% डेट और 4.60% कैश में है। इसके विपरीत, लार्ज कैप फंड 99.16% पैसा सिर्फ भारतीय इक्विटी में ही लगाता है।

39 शेयर कॉमन, लेकिन असली ओवरलैप सिर्फ 37.27%

डेटा दिखाता है कि दोनों स्कीम्स में 39 स्टॉक्स बिल्कुल समान हैं। ये कॉमन शेयर फ्लेक्सी कैप के 67.38% और लार्ज कैप के 68.32% पोर्टफोलियो को कवर करते हैं।हालांकि, दोनों फंड्स में कंपनियों को दिया गया वेटेज अलग-अलग है, जिससे इनका वास्तविक वेटेड पोर्टफोलियो ओवरलैप सिर्फ 37.27% निकलकर आता है:

Bajaj Finance: लार्ज कैप फंड में 2.22% वेटेज है, जबकि फ्लेक्सी कैप में सिर्फ 0.41%।

State Bank of India: लार्ज कैप में 3.08% बनाम फ्लेक्सी कैप में महज 0.09%।

Power Grid & ITC: पावर ग्रिड फ्लेक्सी कैप में 5.98% है तो लार्ज कैप में 0.93%। वहीं ITC फ्लेक्सी कैप में 5.74% और लार्ज कैप में 1.96% है।

HDFC Bank: दोनों फंड्स का सबसे बड़ा होल्डिंग शेयर HDFC Bank है, जो फ्लेक्सी कैप में 7.55% और लार्ज कैप में 8.31% है। इसके अलावा ICICI Bank, Bharti Airtel और Infosys दोनों में प्रमुखता से शामिल हैं।

स्टॉक्स की संख्या और पोर्टफोलियो कंसंट्रेशन

राजीव ठक्कर एक ही फंड मैनेजर होने के बावजूद दोनों फंड्स में डायवर्सिफिकेशन की रणनीति अलग रख रहे हैं:

कुल शेयर्स: फ्लेक्सी कैप के पास 61 भारतीय और 4 विदेशी शेयर (कुल 65) हैं। वहीं, लार्ज कैप फंड ने 103 शेयरों में अपना पैसा फैलाया हुआ है।

टॉप 10 स्टॉक्स: फ्लेक्सी कैप के टॉप 10 शेयर पोर्टफोलियो का 52.31% हिस्सा बनाते हैं, जबकि लार्ज कैप में टॉप 10 शेयर सिर्फ 42.79% बनाते हैं।

टॉप 5 सेक्टर्स: फ्लेक्सी कैप के 5 बड़े सेक्टर्स का योगदान 62.97% है, जबकि लार्ज कैप में यह 55.60% है।

इसका मतलब है कि व्यापक निवेश छूट होने के बावजूद फ्लेक्सी कैप फंड ज्यादा कंसंट्रेटेड पोर्टफोलियो चला रहा है, जबकि लार्ज कैप फंड ने अपनी पूंजी को कई शेयरों में फैला रखा है।

निवेशकों के लिए केवल 39 कॉमन शेयर्स देखकर दोनों फंड्स को एक जैसा मान लेना सही नहीं होगा। फ्लेक्सी कैप फंड जहां कंसंट्रेटेड इंडियन इक्विटी के साथ इंटरनेशनल एक्सपोजर और डेट का बैलेंस देता है, वहीं लार्ज कैप फंड पूरी तरह से भारतीय लार्ज कैप कंपनियों के एक बड़े बास्केट में निवेश करता है। 6 महीने की अवधि नए फंड के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए छोटी है, लेकिन पोर्टफोलियो डेटा यह साफ करता है कि कंपनियां भले एक हों, निवेश की दिशा अलग है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नए हफ्ते में कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से शेयरों में बन सकता है पैसा? एक्सपर्ट सुदीप शाह की ये है राय

भले ही मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक कोई नई नकारात्मक खबर नहीं आती, निफ्टी में 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने नए शुरू हो रहे हफ्ते के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि धीरे-धीरे आ रही कमजोरी अगले हफ्ते निफ्टी 50 को 24,200–24,000 के जोन से नीचे ले जाएगी?

इस समय, जब तक कोई नई नकारात्मक खबर या ट्रिगर सामने नहीं आता, निफ्टी के 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे जाने की संभावना कम ही लगती है। हालांकि मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इस गिरावट में बड़ी गिरावट वाले लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अगस्त की शुरुआत से ही निफ्टी 500 पॉइंट की एक सीमित ट्रेडिंग रेंज में फंसा हुआ है और उतार-चढ़ाव में भी काफी कमी आई है। डेली ATR (एवरेज ट्रू रेंज) गिरकर 192 पॉइंट पर आ गया है, जो जनवरी 2026 की शुरुआत के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इंडेक्स में ज्यादातर सेशंस में एक जैसा पैटर्न देखा जा रहा है- शुरुआती घंटे में कुछ हलचल होती है और उसके बाद लंबे समय तक कंसोलिडेशन होता है। इससे पता चलता है कि किसी एक दिशा में लगातार मोमेंटम नहीं है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-दिन और 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आसपास घूम रहा है। लंबे समय तक कंसोलिडेशन के कारण ये दोनों ही फ्लैट हो गए हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 52 के आसपास है और नीचे की ओर जा रहा है। यह अपसाइड मोमेंटम में कुछ कमी का संकेत देता है। हालांकि, यह अभी भी 50 के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि मंदी का मोमेंटम (बेयरिश मोमेंटम) पूरी तरह हावी नहीं हुआ है।

आगे 24,200-24,150 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। जब तक निफ्टी इस जोन के नीचे साफ तौर पर बंद नहीं होता, तब तक निचले स्तरों की ओर तेज गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना ज्यादा है। ऊपर की ओर 24,550-24,600 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है।

इसलिए, मोमेंटम निश्चित रूप से कमजोर हुआ है, लेकिन मौजूदा टेक्निकल सेटअप 24,200-24,000 से नीचे बड़ी गिरावट के बजाय एक सीमित दायरे में घूमने वाले बाजार (रेंज-बाउंड मार्केट) का संकेत देता है। 24,150-24,600 की रेंज के किसी भी तरफ एक निर्णायक ब्रेक से निफ्टी की अगली अहम दिशा तय हो सकती है।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया क्या हैं?

Hindustan Aeronautics: स्टॉक ने पिछले हफ्ते वीकली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद इस हफ्ते एक मजबूत चाल देखने को मिली। वीकली RSI ने 4 मई के बाद पहली बार 60 के निशान को पार किया है, जो बुलिश मोमेंटम में अहम सुधार का संकेत है। डेली टाइमफ्रेम पर बढ़ता ADX, ट्रेंड की मजबूती और खरीदारी के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। स्टॉक वीकली टाइमफ्रेम पर ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर भी बंद हुआ है। ऐसा अक्सर मजबूत ट्रेंड वाले दौर की शुरुआत में देखा जाता है।

कुल मिलाकर टेक्निकल सेटअप मजबूती (बुलिश) वाला बना हुआ है। स्टॉक में आगे और बढ़त का संकेत है। इसलिए ₹4,990-5,045 के जोन में ₹4,840 के स्टॉप-लॉस के साथ शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹5,400 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Mazagon Dock Shipbuilders: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने 6 अगस्त को डेली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद स्टॉक कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। वीकली ADX पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है, जो बताता है कि खरीदार धीरे-धीरे विक्रेताओं पर हावी हो रहे हैं। पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में कंसोलिडेशन देखने के बावजूद, स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेकआउट बुलिश सेटअप को और मजबूत कर सकता है। इसलिए, ₹2,480 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹2,560-2,590 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹2,770 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

Bonus Share: हर शेयर पर 1 नया शेयर फ्री, 24 अगस्त से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर; 6 महीनों में कीमत 40% मजबूत

क्या बैंक निफ्टी 24 जुलाई से 3 अगस्त तक की अपनी हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल को बचा पाएगा?

बैंक निफ्टी पिछले 9 हफ्तों से 58,706-56,023 की बड़ी रेंज में फंसा हुआ है, जिससे किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड की कमी का पता चलता है। खास बात यह है कि पिछले तीन हफ्तों में ट्रेडिंग रेंज काफी कम हो गई है और इंडेक्स 1,576-पॉइंट के दायरे में सिमट गया है। कंसोलिडेशन के इस दौर में, इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली छोटी बॉडी की कैंडल्स की एक सीरीज बनाई है। यह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लगातार बरकरार अनिश्चितता को दिखाती है।

लंबे समय तक एक ही रेंज में उतार-चढ़ाव के कारण मुख्य मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। यह ट्रेंड की मजबूती की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी सुस्त बने हुए हैं; डेली RSI पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से 60-44 जोन में घूम रहा है। डेली ADX गिरकर 8.99 पर आ गया है। यह मार्च 2019 के बाद से इसकी सबसे निचली रीडिंग है। इतनी कम ADX रीडिंग दिशात्मक मजबूती की भारी कमी की ओर इशारा करती है और बताती है कि इंडेक्स अभी गहरे कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। नीचे की तरफ 57,200-57,100 का 50-दिन का EMA क्षेत्र एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से अगले ट्रेंडिंग मूव के लिए रास्ता बन सकता है।

क्या आप Apollo Hospitals पर बुलिश नजरिया बनाए हुए हैं?

अपोलो हॉस्पिटल्स ने डेली चार्ट पर अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI 40 से तेजी से ऊपर आया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। स्टॉक बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर भी बंद हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म बुलिश फेज की ओर शिफ्ट का संकेत देता है। ₹8,650–8,600 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Relaxo Footwears Stock Outlook: 27% तक लुढ़क सकता है शेयर! मोतीलाल ओसवाल ने दी बेचने की सलाह

क्या आप Bharti Airtel में नया निवेश करने की सलाह देंगे, जिसमें शुक्रवार को जबरदस्त तेजी आई थी?

भारती एयरटेल ने अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI ऊपर की ओर बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। धीरे-धीरे बढ़ता ADX ट्रेंड की मजबूती में सुधार का संकेत देता है। MACD लाइन भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। यह पॉजिटिव रुख को और मजबूत करता है। ₹1,940–1,930 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।