Nifty 4-5 महीने में 26000-26500 पर होगा, एक्सपर्ट ने किया बड़ा दावा

आप क्या शेयरों से निवेश निकालने या सिप बंद करने के बारे में सोच रहे हैं? यह गलती आपको जोरदार मुनाफा कमाने से रोक सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने निफ्टी के लिए 26,000-26,500 का टारगेट दिया है। उसका कहना है कि अगले 4-5 महीनों में निफ्टी नया ऑल-टाइम हाई बना सकता है। 13 अक्टूबर को निफ्टी 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721 पर बंद हुआ।

भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलेगा

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के सीईओ गौरव भंडारी को उम्मीद है कि वैश्विक आर्थिक स्थितियां जल्द बदलेंगी। इसके बाद बाजार में रिकवरी शुरू होगी। उन्होंने अमेरिका में बॉन्ड यील्ड घटने, डॉलर में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी की उम्मीद जताई। इससे भारतीय बाजार में तेजी आएगी। ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी के लिए जो टारगेट दिया है, उसका मतलब है कि सूचकांक करीब 17 फीसदी चढ़ सकता है।

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड जल्द घटने की उम्मीद 

भंडारी का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड मौजूदा लेवल पर लंबे समय तक नहीं रह सकती। अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.35 फीसदी तक पहुंच गई है। इस साल यील्ड 110 बेसिस प्वाइंट्स उछली है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी यील्ड में गिरावट आने पर विदेशी निवेश भारतीय बाजार में आएगा। डॉलर के भी कमजोर होने की उम्मीद है। इन दोनों वजहों से विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव आएगा।

भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की शॉर्ट पोजीशन

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स में काफी शॉर्ट पोजीशन बनाई है। वैश्विक स्थितियां बदलते ही उन्हें शॉर्ट कवरिंग करनी पड़ सकती है। उन्होंने निवेशकों को बाजार से दूरी बनाने की जगह अच्छी क्वालिटी के शेयरों में निवेश की सलाह दी। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी खरीदारी से बाजार को काफी सहारा दिया है। अगर आगे भारतीय बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलता है तो बाजार में बड़ी तेजी दिख सकती है।

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बीते एक साल में निफ्टी करीब 10 फीसदी गिरा है

बीते एक साल में निफ्टी और सेंसेक्स में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इससे शेयरों में निवेश करने वाले लोग निराश हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों में निवेश करने वाले लोग भी मायूस हैं, क्योंकि उनका पैसा इस दौरान बढ़ने की जगह घटा है। बाजार में रिकवरी आने पर उन निवेशकों को बड़ा फायदा होगा, जिन्होंने गिरावट के बीच भी सिप से अपना निवेश जारी रखा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Nifty फिर से 22500 लेवल के पार, एनालिस्ट्स से जानिए बाजार में इस तेजी के जारी रहने की कितनी संभावना है

शेयर बाजारों में 9 अक्टूबर को जोरदार रिकवरी आई। इससे निफ्टी ने फिर से 22,500 का हासिल कर लिया। इस रिकवरी में क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी, आईटी शेयरों में तेजी और सस्ते भाव पर शेयरों की खरीदारी का हाथ है। 1 बजे निफ्टी 1.23 फीसदी यानी 272 अंक चढ़कर 22,504 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.17 फीसदी यानी 836 अंक के उछाल के साथ 72,437 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 1.22 फीसदी की तेजी दिखी। सवाल है कि क्या तेजी टिकाऊ हैं?

निफ्टी के लिए 22,600 के लेवल पर रेसिस्टेंस

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पबित्रो मुखर्जी ने कहा, “निफ्टी अगर 8 अक्टूबर के 22,180 के ऊपर बना रहता है तो इसकी रेंज 22,180-22,600 होगी। 22,600 पर इसे रेसिस्टेंस का सामना करना होगा। गिरावट की स्थिति में यह 22,000 की तरफ बढ़ेगा और 2025 के 21,750 के निचले स्तर तक जा सकता है।”

रेसिस्टेंस लेवल के ऊपर टिके रहने पर आएगी तेजी

उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर को मजबूत शुरुआत के बावजूद मार्केट का स्ट्रक्चर सावधानी वाला है। रिकवरी के लिए निफ्टी का रेसिस्टेंस लेवल से ऊपर टिके रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तब तक तेजी पर बिकवाली का एप्रोच सही रहेगा। रेसिस्टेंस लेवल के करीब बाजार पर सेलिंग प्रेशर दिख सकता है।

22,500 के बाद सेंटीमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के गौरव उदानी ने कहा कि अगर तेजी में निफ्टी 22,500 को पार कर जाता है तो बाजार के सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है, जिससे शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिल सकती है। लेकिन, गिरावट की स्थिति में निफ्टी के 22,100 के नीचे जाने पर फिर से कमजोरी दिख सकती है। उन्होंने कहा कि ट्रेडर्स को सावधान रहने की जरूरत है। ओपनिंग गैप के पीछे भागने से बचना ठीक रहेगा। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

डे ट्रेडर्स को इस सपोर्ट जोन का ध्यान रखने की सलाह

कोटक नियो के हेड (इक्विटी रिसर्च) श्रीकांत चौहान ने कहा, “डे ट्रेडर्स के लिए 22,200/71,500 और 22,150/71,300 अगले सपोर्ट जोन होंगे। इन लेवल से नीचे जाने पर सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है। ऐसे में निफ्टी गिरकर 22,000-21,750 तक आ सकता है। सेंसेक्स 70,800-70,000 तक गिर सकता है।”

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सपोर्ट लेवल टूटने पर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है

उन्होंने कहा कि तेजी की स्थिति में 22,300-22,400/71,800-72,100 अगले रेसिस्टेंस जोन होंगे। इस रेंज के ऊपर तेजी जारी रहने पर 22,500/72,500 की तरफ इंट्राडे पुलबैक दिख सकता है। सपोर्ट लेवल टूटने पर फिर से बिकवाली के लिए रास्ता खुल सकता है।

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इन शेयरों पर दांव लगाने से हो सकती है जोरदार कमाई, जानिए लिस्ट में कौन-कौन स्टॉक्स शामिल

शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी 0.98 फीसदी यानी 220 अंक चढ़कर 22,776 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.95 फीसदी यानी 685 अंक के उछाल के साथ 73,067 पर क्लोज हुआ। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार करेक्शन के बाद शेयरों की वैल्यूएशंस अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। अभी निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने ऐसे शेयरों की लिस्ट की तैयार की है।

इस कंज्यूमर ड्यूरबेल कंपनी में कमाई का मौका

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल की लिस्ट का पहला शेयर आदित्य विजन है। यह कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनी है। आदित्य विजन का शेयर 6 अक्तूबर को 0.87 फीसदी गिरकर 595.80 रुपये पर बंद हुआ। बीते 6 महीनों में यह शेयर 29 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस शेयर का टारगेट प्राइस 720 रुपये है। इसका मतलब है कि यह शेयर 26 फीसदी चढ़ सकता है।

इस शेयर पर दांव लगाने से 26% रिटर्न मिल सकता है

इस लिस्ट की दूसरी कंपनी कैपिलरी टेक्नोलॉजीज है। यह आईटी कंपनी है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 7.53 फीसदी चढ़कर 587.20 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 21 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस शेयर का टारगेट प्राइस 700 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर पर दांव लगाने से 26 फीसदी रिटर्न मिल सकता है।

बीते छह महीनों में 53 फीसदी चढ़ा है यह शेयर 

कार्बोरंडम यूनिवर्सल इस लिस्ट का तीसरा शेयर है। यह कैपिटल गुड्स कंपनी है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 0.15 फीसदी चढ़कर 1,269.50 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर बीते छह महीनों में 53 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इसका टारगेट प्राइस 1,563 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर में 26 फीसदी तेजी आ सकती है।

इस शेयर की कीमत 45 फीसदी उछल सकती है

गोदावरी पावर एंड इस्पात के शेयरों में भी कमाई का मौका दिख रहा है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 3.4 फीसदी चढ़कर 218.50 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 20 फीसदी गिरा है। इस शेयर का टारगेट प्राइस 314 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर में 45 फीसदी का उछाल दिख सकता है।

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इस शेयर में आ सकती है 51 फीसदी तेजी 

ताजजीवीके होटल्स के शेयर में निवेश का मौका दिख रहा है। यह होटल एंड रिजॉर्ट कंपनी है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 1.17 फीसदी चढ़कर 319 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर ने बीते छह महीनों में कोई रिटर्न नहीं दिया है। इसका टारगेट प्राइस 475 रुपये है। इसका मतलब है कि यह शेयर करेंट लेवल से 51 फीसदी चढ़ सकता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

शराब बनाने वाली इस कंपनी का शेयर बन सकता है रॉकेट, नोमुरा ने दी खरीदने की सलाह

बाजार में जारी गिरावट के बीच भी ऐसे कई शेयर हैं, जिन्होंने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं। अगर आप ऐसे किसी शेयर की तलाश में हैं तो एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स (एबीडीएल) पर दांव लगा सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने इस शेयर को ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवर करना शुरू किया है। यह शेयर बीते छह महीनों में 78 फीसदी चढ़ा है।

नोमुरा ने शेयर के लिए दिया 850 रुपये का टारगेट प्राइस

नोमुरा ने Allied Blenders & Distillers के शेयर के लिए 850 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी को प्रीमियमाइजेशन का फायदा मिलेगा। इसका मतलब है कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स में ग्राहकों की बढ़ती दिलचस्पी का फायदा कंपनी को मिलेगा। कंपनी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रही है, जिससे ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

EPS का सीएजीआर 26 फीसदी रहने का अनुमान

ब्रोकरेज फर्म ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी की अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 26 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। उसने कहा है कि इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 370 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने एबीडीएल पर 28 सितंबर को अपनी रिपोर्ट पेश की।

कंपनी की ग्रोथ को ICONiQ व्हाइट व्हिस्की का सपोर्ट

इस रिपोर्ट में नोमुरा ने कहा है कि एबीडीएल अपनी प्रीमियम व्हिस्की (ऑफिशर्स चॉइस-ओसी) से आगे बढ़ चुकी है। यह यूथफुल, फुल-पोर्टफोलियो प्रेस्टिज एंड एबव (P&A) प्लेयर के रूप में उभरी है। कंपनी को ICONiQ व्हाइट व्हिस्की का भी सपोर्ट मिला है। FY26 में इसकी बिक्री 1.07 करोड़ केस रही। इससे कंपनी के P&A वॉल्यूम को भी सपोर्ट मिला।

अगले चरण की ग्रोथ में प्रीमियम ब्रांड्स का भी हाथ होगा

ब्रोकरे फर्म का मानना है कि नए प्रीमियम ब्रांड्स से एबीडीएल की अगले चरण की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी ने FY26 में ABD Maestro लॉन्च की थी। इसके व्हिस्की, जिन, वोदका और रम में 10 ब्रांड्स हैं। कंपनी ने FY27-FY28 के दौरान इस ब्रांड पर फोकस करने का प्लान बनाया है। Indian Edit के साथ कंपनी ने प्रीमियम व्हिस्की में भी एंट्री ली है। अब उसका प्लान डिलक्स वोदका में एंट्री का है। कंपनी का खुद का सिंगल माल्ट 2029 में आने की संभावना है।

कंपनी का 1600 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च का प्लान

ABDL ने 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। नोमुरा का मानना है कि इससे सप्लाई सिक्योरिटी बढ़ेगी और स्ट्रक्चरल कॉस्ट एफिशियंसी में इम्प्रूवमेंट होगा। एबीडीएल ने FY28 तक करीब 48 फीसदी ग्रॉस मार्जिन, 18 फीसदी एबिड्टा मार्जिन और 25 फीसदी ROCE का टारगेट तय किया है।

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बीते छह महीनों में 78 फीसदी चढ़ा है यह शेयर 

एबीडीएल का शेयर 29 सितंबर को 0.73 फीसदी गिरकर 718 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर करीब 78 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी सिर्फ 1.72 फीसदी चढ़ा है। 29 सितंबर को लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट आई।

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Maruti सहित इन 5 स्टॉक्स की कीमतें 52 हफ्ते के लो पर, क्या यह निवेश का बड़ा मौका है?

शेयर बाजार में गिरावट की मार कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर पड़ी है। इनमें मारुति सुजुकी जैसी कंपनी शामिल हैं। इन शेयरों की कीमतें 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। यह उन निवेशकों के लिए निवेश का बड़ा मौका है, जो लंबे समय से इन दिग्गज शेयरों में निवेश के मौके ढूंढ रहे थे।

मारुति का शेयर इस साल 28% गिरा है

Maruti Suzuki का शेयर 25 सितंबर को 0.68 फीसदी चढ़कर 12,071 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यानी 2026 में यह शेयर करीब 28 फीसदी गिर चुका है। मारुति कार और एसयूवी बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसका मार्केट शेयर 50 फीसदी से थोड़ा ही कम है। इस शेयर ने निवेशकों को लंबी अवधि में काफी अच्छा रिटर्न दिया है।

टाटा समूह की कंपनी का शेयर भी फिसला

Tata Consumer Products का शेयर 25 सितंबर को 0.64 फीसदी गिरकर बंद हुआ। यह शेयर इस साल यानी 2026 में अब तक 17 फीसदी क्रैश कर चुका है। इससे इसकी वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई है। टाटा समूह की यह कंपनी नमक सहित रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई चीजें बनाती है। इसका ब्रांड भी काफी स्ट्रॉन्ग है।

दिग्गज बिस्कुट कंपनी का शेयर भी टूटा

Britannia Industries का शेयर 25 सितंबर को 0.61 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। यह शेयर इस साल यानी 2026 में अब तक 18 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। यह बिस्कुट बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो काफी बड़ा है। इसका मार्केट शेयर भी जबर्दस्त है। इसका ब्रांड भी काफी मजबूत है।

बेयर क्रॉपसाइंस का शेयर भी 18 फीसदी गिरा

बेयर क्रॉपसाइंस का शेयर 25 सितंबर को 0.70 फीसदी गिरकर 3,710 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर इस साल 18 फीसदी से ज्यादा गिरा है। यह कंपनी हर्बिसाइड्स, पेस्टिसाइड्स और फंगिसाइड्स जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है, जिनका इस्तेमाल फसलों को कीट के हमलों को बचाने के लिए होता है। इस अलावा यह हाई क्वालिटी के बीज भी बनाती है।

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यह रेलवे स्टॉक इस साल 33 फीसदी लुढ़का

Jupiter wagons का शेयर 25 सितंबर को 0.69 फीसदी गिरकर 226.50 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर 2026 में अब तक करीब 33 फीसदी गिरा है। पिछले कुछ समय से रेलवे से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा है। हालांकि, बीते चार साल में इस शेयर ने निवेशकों का पैसा करीब चार गुना किया है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Nifty और Sensex में 8 जुलाई के बाद सबसे बड़ी गिरावट, क्रूड में उछाल से सहमा बाजार

भारतीय शेयर बाजारों में 24 सितंबर को बीते 10 हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट आई। इसमें क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का बड़ा हाथ है। ब्रेंट क्रूड का प्राइस गुरुवार को उछलकर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इसका असर शेयर बाजारों पर पड़ रहा है।

इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के शेयर क्रैश

सबसे ज्यादा गिरावट फाइनेंशियल खासकर इंश्योरेंस और इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के शेयरों में आई। इसकी वजह इंश्योरेंस सेक्टर के रेगुलेटर आईआरडीएआई का एक प्रस्ताव है, जिसके लागू होने पर इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की बिक्री पर मिलने वाला कमीशन कम हो जाएगा। इसका सीधा असर बीपी फिनटेक जैसी कंपनियों की कमाई पर पड़ेगा। पीबी फिनटेक का शेयर 36 फीसदी क्रैश कर गया।

सेंसेक्स, निफ्टी में 8 जुलाई के बाद सबसे बड़ी गिरावट

निफ्टी 1.64 फीसदी यानी 383 अंक गिरकर 23,063 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.67 फीसदी यानी 1,247 अंक लुढ़कर 73,580 अंक पर क्लोज हुआ। दोनों ही सूचकांकों में 8 जुलाई के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 2.4 फीसदी चढ़कर 105 डॉलर के पार जाने की वजह ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान का संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में दिया गया भाषण है। 23 सितंबर को उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिकी दबाव के आगे कभी नहीं झुकेगा।

क्रूड की ऊंची कीमतें बढ़ा सकती हैं महंगाई

ईरान के राष्ट्रपति के भाषण से यह साफ हो गया है कि मध्यपूर्व का संकट जल्द खत्म होने नहीं जा रहा है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कोशिशें जारी हैं। अगर मध्यपूर्व की यह क्राइसिस जल्द खत्म नहीं होती है तो क्रूड ऑयल की कीमत लंबे समय तक हाई बनी रह सकती है। इसका सीधा असर दुनियाभर में इनफ्लेशन पर पड़ेगा। इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए फेडरल रिजर्व सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इसका असर कंपनियों के पूंजीगत निवेश पर पड़ेगा।

निफ्टी के 23500 से नीचे रहने तक बेयरिश ट्रेंड बना रहेगा

एक्सिस डायरेक्ट में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट हेमंग गोर ने कहा, “भारत के लिए क्रूड की कीमतें काफी अहम हैं। कुछ समय तक 100 डॉलर से नीचे जाने के बाद फिर से क्रूड में उछाल दिख रहा है। इससे क्रूड की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका असर बाजार की रिकवरी पर पड़ा है।” उन्होंने कहा कि निफ्टी जब तक 23,500 से नीचे बना रहता है, मार्केट का ट्रेंड बेयरिश बना रहेगा।

इन कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट 

24 सितंबर को सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस (6.16 फीसदी), बजाज फिनसर्व (5.87 फीसदी), चोलामंडलम इनवेस्ट (5.20 फीसदी), एक्सिस बैंक (4.56 फीसदी), बजाज फिनसर्व (4.56 फीसदी), टाटा कैपिटल (3.94 फीसदी) और अदाणी एंटरप्राइजेज शामिल रहे।

अगले हफ्ते इन दो शेयरों में कमाई का मौका, SBI सिक्योरिटीज ने दी दांव लगाने की सलाह

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निक्ल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का मानना है कि बाजार में तेजी के लिए निफ्टी का 23,500-23,600 को क्रॉस करना और इस लेवल से ऊपर टिके रहना जरूरी है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने शेयर बाजार के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें बताईं।

इन दो शेयरों में कमाई के बड़े मौके 

शाह का मानना है कि अगले हफ्ते Electronics Mart India (EMIL) और Lumax Auto Technologies (LAT) के शेयरों में कमाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि बीते 4 हफ्तों से EMIL के शेयर में 197-168 की रेंट में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। इस स्टॉक को स्ट्रॉन्ग वॉल्यूम का सपोर्ट मिल रहा है। डेली और वीकली चार्ट आधार पर इसमें सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेडिंग हो रही है। वीकली चार्ट पर बढ़ते ADX से बुलिश ट्रेंड का संकेत मिलता है।

इस वजह से शेयरों में दिख सकती है तेजी

Lumax Auto Technologies (LAT) के बारे में उन्होंने कहा कि इस शेयर में 11 अगस्त से ही 2,149-1,894 की रेंज में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। हाल में 34-डे EMA ने स्टॉक के लिए डायनेमिक सपोर्ट के रूप में सामने आया है। 2,085-1,110 के जोन में इस शेयर में निवेश बढ़ाया जा सकता है। इसमें 2,025 पर स्टॉपलॉस लगाना होगा। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ओसिलेटर्स से इस शेयर के ब्रेकआउट के बाद तेजी दिखाने के संकेत हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का आउटलुक पॉजिटिव

Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 सूचकांकों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, अभी सावधानी बरतनी होगी। इस हफ्तों दोनों ही सूचकांकों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लेकिन, लोअर लेवल पर अच्छी खरीदारी भी दिखी। इससे यह संकेत मिलता है कि इनवेस्टर्स लो लेवल पर शेयरों में निवेश में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

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लोअर लेवल पर दिख रही खरीदारी

शाह ने कहा कि लगातार तीन हफ्ते गिरने के बाद निफ्टी मिडकैप 100 में स्थिरता के संकेत दिखे हैं। खास बात यह है कि इंडेक्स ने फिर से 100-डे और 200-डे EMA को क्लेम किया है। RSI भी कमजोर लेवल से इम्प्रूवमेंट दिखा रहा है। उधर, Nifty Smallcap 100 में रिलेटिव स्ट्रेंथ दिख रहा है। वीकली चार्ट पर लोअल लॉन्ग शैडो बना है और यह अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर बना हुआ है। इससे लोअर, लेवल पर स्ट्रॉन्ग डिमांड का संकेत मिलता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stocks to buy: जोरदार रिटर्न के लिए इन 5 दमदार स्टॉक्स पर लगा सकते हैं दांव

शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट का खराब असर निवेशकों पर पड़ा है। खासकर नए निवेशक तो अब बाजार में एंट्री करने से घबरा रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह निवेशक करने का सही समय है, क्योंकि कई दिग्गज शेयरों की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। ब्रोकरेज फर्म सैमको सिक्योरिटीज ने खासकर नए निवेशकों के लिए कुछ खास शेयरों की लिस्ट तैयार की है। इन शेयरों में निवेश से अच्छी कमाई हो सकती है।

अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर लंबी रेस का घोड़ा

इस लिस्ट का पहला स्टॉक अदाणी एंटरप्राइजेज है। यह अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। इसका मतलब है कि समूह के कई महत्वपूर्ण बिजनेसेज इस कंपनी के तहत आते हैं। यह शेयर 18 सितंबर को 1.94 फीसदी गिरकर 2,980 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी लौटने का मिलेगा फायदा

एक्सिस बैंक इस लिस्ट का दूसरा स्टॉक है। यह शेयर 18 सितंबर को 0.41 फीसदी चढ़कर 1,245 रुपये पर बंद हुआ। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है, क्योंकि प्राइवेट बैंकों के मुकाबले निवेशकों ने सरकारी बैंकों के शेयरों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है।

बजाज ऑटो को मिलेगा फेस्टिव सीजन का फायदा 

दोपहिया और तीन-पहिया बनाने वाली दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो इस लिस्ट की तीसरी कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर 0.12 फीसदी गिरकर 11,486 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते छह महीने में यह शेयर करीब 24 फीसदी चढ़ा है। कंपनी को त्योहारी सीजन का बड़ा फायदा मिल सकता है। देश में धनतेरस और दीवाली के मौके पर टू-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स खरीदना शुभ माना जाता है।

डिफेंस स्टॉक्स में तेजी का फायदा बीईएल को मिलेगा

डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स इस लिस्ट का चौथा स्टॉक है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 18 सितंबर को 397 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 10 फीसदी से ज्यादा गिरा है। कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। इसके अलावा डिफेंस पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

टेलीकॉम कंपनी ने बढ़ाया वैल्यू एडेड सर्विसेज पर फोकस

दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल भी इस लिस्ट में शामिल है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ। बीते छह महीने में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है। वैल्यू एडेड सर्विसेज पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stock to Buy: रॉकेट बन सकता है इस कंपनी का शेयर, जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

Stock to Buy: शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट के बीच अगर आप किसी मुनाफे वाले शेयर की तलाश में हैं तो आप हिताची एनर्जी इंडिया के शेयर के बारे में सोच सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। 17 सितंबर को शेयरों में तेजी दिखी। शेयर 3.31 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

50 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है शेयर 

जेफरीज ने हिताची एनर्जी इंडिया के शेयर के लिए 45,790 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से यह शेयर करीब 50 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने हिताची पर अपनी रिपोर्ट में कई बातें बताई हैं। उसने कहा है कि हिताची के मैनेजमेंट को भरोसा है कि भारत में पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन (T&D) पर निवेश बढ़ रहा है। इस सेगमेंट में अगले कई सालों तक बिजनेस के बड़े मौके बने रहेंगे।

सर्विसेज पर फोकस बढ़ाने का मिलेगा फायदा

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी रेवेन्यू में अपनी सर्विसेज की हिस्सेदारी बढ़ा रही है। इससे आगे ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। उसने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BEES) और डेटा सेंटर्स के क्षेत्र में भी कंपनी के लिए बड़े कारोबारी मौके बताए हैं। जेफरीज का मानना है कि FY26-29 के दौरान कंपनी की अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट 54 फीसदी रह सकता है।

शेयर ने सिर्फ तीन साल में पैसा सात गुना किया

हिताची एनर्जी इंडिया के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल किया है। सिर्फ तीन साल में इस शेयर ने निवेशकों का पैसा सात गुना से ज्यादा किया है। 22 सितंबर, 2023 को इस शेयर का प्राइस 4,183 रुपये था। अब कीमत 31,200 रुपये चल रही है। यह तीन साल में 625 फीसदी से ज्यादा रिटर्न है। इसका मतलब है कि अगर आपने तीन साल पहले हिताची के शेयर में एक लाख रुपये निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 7 लाख रुपये से ज्यादा हो गया होता।

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन कमजोर

बीते तीन सालों में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों का रिटर्न ज्यादा नहीं रहा है। निफ्टी ने इस दौरान 15.45 फीसदी का रिटर्न दिया है। सेंसेक्स ने इस दौरान 9.83 फीसदी का रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि बाजार के कमजोर प्रदर्शन के बीच भी हिताची एनर्जी इंडिया के शेयरों का प्रदर्शन जोरदार रहा है।

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17 सितंबर को भी बाजार पर दबाव 

भारतीय शेयर बाजारों में खासकर बीते दो सालों से काफी ज्यादा दबाव दिख रहा है। 17 सितंबर को भी बाजार के प्रमुख सूचकांकों में काफी उतार चढ़ाव दिखा। आखिर में सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जबकि निफ्टी हल्की मजूबती के साथ क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।