Bonus Issue: हर एक शेयर पर एक नया शेयर फ्री देगी कंपनी, एक महीने में शेयर 60% उछला

अहमदाबाद की इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी चावड़ा इंफ्रा बोनस शेयर देने जा रही है। कंपनी के हर शेयरहोल्डर को प्रत्येक एक शेयर पर एक नया शेयर मिलेगा। कंपनी के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बोर्ड ने अथॉराइज्ड शेयर कैपिटल 35 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 70 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

कंपनी के बोर्ड ने डिविडेंड पर भी किया विचार

चावड़ा इंफ्रा ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को बतया है। कंपनी ने कहा है कि बोर्ड ने शेयरधारकों को डिविडेंड के प्रस्ताव पर भी विचार किया। लेकिन, कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने और कैश रिजर्व के लिए प्रॉफिट को बनाए रखने का फैसला लिया गया। आम तौर पर कंपनियां प्रॉफिट के बाद डिविडेंड का ऐलान करती है। इसमें कंपनी प्रॉफिट का एक हिस्सा अपने शेयरहोल्डर्स को देती है।

बोनस शेयर के लिए अभी रिकॉर्ड डेट का ऐलान नहीं

कंपनी ने कहा है कि कंपनी का फोकस बिजनसे ग्रोथ बढ़ाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने पर है। इससे लंबी अवधि में शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएट करने में मदद मिलेगी। हाल में कंपनी ने 89.45 करोड़ रुपये का रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट मिलने का ऐलान किया था। कंपनी ने बोनस शेयर के लिए अभी रिकॉर्ड डेट के बारे में नहीं बताया है। माना जा रहा है कि कंपनी बाद में इस बारे में ऐलान करेगी।

कंपनी को अहमदाबाद में मिला एक बड़ा रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट

कंपनी हाल में मिले रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के तहत अहमदाबाद के अदाणी शांतिग्राम टाउनशिप में बहुमंजिला रेजिडेंशियल टावर बनाएगी। यह प्रोजेक्ट 24 महीनों में पूरा हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट कंपनी को ऐसे वक्त मिला है, जब वह अपनी एग्जिक्यूशन कपैसिटी बढ़ाने पर फोकस कर रही है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश कुमार चावड़ा ने ने कहा कि नए प्रोजेक्ट से यह संकेत मिलता है कि कंपनी की एग्जिक्यूशन कपैसिटी में कस्टमर्स का भरोसा बढ़ रहा है।

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बीते एक महीने में 60 फीसदी चढ़ा है कंपनी का शेयर 

चावड़ा इंफ्रा का शेयर 7 अगस्त को 5.47 फीसदी चढ़कर 140 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर 60 फीसदी से ज्यादा उछला है। हालांकि, 7 अगस्त को शेयर बाजारों में गिरावट दिखी। निफ्टी 0.27 फीसदी गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 0.58 फीसदी यानी 455 अंक की गिरावट आई। बैंक निफ्टी भी 0.55 फीसदी गिरकर बंद हुआ।

Marico Q1 Results: प्रॉफिट 25% बढ़कर 630 करोड़, रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़ा

Marico Q1 Results: मैरिको ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफि साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 630 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में प्रॉफिट 504 करोड़ रुपये था। कंपनी ने 25 जून को बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया।

भारत में बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11 फीसदी

जून तिमाही में Marico के अच्छे प्रदर्शन में स्ट्रॉन्ग डिमांड, कोपरा की कीमतों में नरमी और नए बिजनेसेज की अच्छी ग्रोथ का हाथ है। भारत में कंपनी के बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11 फीसदी रही। यह बीती 18 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर 5 अगस्त को बाजार खुलने पर दिखेगा।

मानसून की स्थिति और इनफ्लेशनरी प्रेशर पर नजर

कंपनी ने बयान में कहा, “जून तिमाही में डिमांड ट्रेंड में स्थिरता दिखी, जिसे आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का सपोर्ट मिला। कंपनी कंजम्प्शन ट्रेंड को लेकर पाॉजिटिव है, लेकिन इनफ्लेशनरी प्रेशर पर नजर बनाए रखना जरूरी है। अल नीनो के असर के पूर्वानुमान के बीच मानसून के प्रोग्रेस पर भी नजर रहेगी।”

ऑपरेशंस से रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 3,957 करोड़

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 3,957 करोड़ रुपये रहा। कंसॉलिडेटेड एबिड्टा मार्जिन 40 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 20.7 फीसदी रहा। EBITDA का मतलब इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की अर्निंग्स है।

स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 2794 करोड़ रुपये

स्टैंडएलोन बेसिस पर कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 40 फीसदी गिरकर 460 करोड़ रुपये रहा। इसकी वजह कंपनी के खर्च में इजाफा है। स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 2,794 करोड़ रुपये रहा। इंडियन बिजनेस का रेवेन्यू 21 फीसदी बढ़कर 3,003 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कहा है कि उसका 96 फीसदी मार्केट पोर्टफोलियो जून तिमाही में बढ़ा या मार्केट शेयर मौजूदा लेवल पर बनाए रखा।

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बीते एक साल में करीब 23 फीसदी चढ़ा है शेयर 

कंपनी के प्रोडक्ट्स में कई लोकप्रिय ब्रांड्स शामिल हैं। इनमें Parachute, Saffola, Hair and Care, Nihar Naturals, Beardo, Just Herbs, True Elements, Plix, Cosmix और 4700BC शामिल हैं। कंपनी के शेयर 4 अगस्त को 0.68 फीसदी गिरकर 875 रुपये पर बंद हुए। बीते एक साल में यह शेयर 22.73 फीसदी चढ़ा है।

Nifty 200 प्वाइंट्स ऊपर और Sensex 15 अंक नीचे, इनवेस्टर्स हैरान, एक्सपर्ट्स क्या बता रहे इसकी असली वजह?

शेयर बाजार में 4 अगस्त यानी आज एक बार फिर इनवेस्टर्स तब हैरान रह गए, जब निफ्टी 200 अंक ऊपर था, लेकिन सेंसेक्स लाल निशान में चल रहा था। आम तौर पर ऐसा नहीं होता है। सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा एक जैसी रहती है। लेकिन, आज बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों की अलग-अलग दिशा देखकर इनवेस्टर हैरान रह गए। सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?

3 अगस्त को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन का पहला दिन था

इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमें एक दिन पीछे जाना होगा। 3 अगस्त को Sensex और Nifty के क्लोजिंग प्राइस में काफी मिसमैच देखने को मिला था। इसकी वजह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) है, जिसकी शुरुआत सोमवार को हुई। 3 अगस्त को कंटिन्यूअस ट्रेडिंग (Continuous Trading) बंद होने पर निफ्टी 0.08 फीसदी चढ़कर 24,589 पर बंद हुआ। लेकिन, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद निफ्टी 1.6 फीसदी (390.70) चढ़कर 24,774.30 प्वाइंट्स पर बंद हुआ।

3 अगस्त को निफ्टी के दोनों क्लोजिंग लेवल में काफी फर्क था

इसका मतलब है कि निफ्टी के Continuous Trading के बाद के लेवल और CAS के बाद के लेवल के बीच करीब 200 प्वाइंट्स का अंतर था। लेकिन, Sensex के मामले में ऐसा नहीं था। 3 अगस्त को Sensex 3:15 बजे 78,677.13 पर बंद हुआ था। फिर CAS के बाद यह 78,639.03 पर बंद हुआ। दोनों के बीच फर्क मामूली रहा।

निफ्टी के क्लोजिंग लेवल में फर्क CAS शुरू होने के बाद आया

4 अगस्त को Nifty 50 प्वाइंट्स गिरा, जबकि 3 अगस्त को यह चढ़कर बंद हुआ था। 3 अगस्त को यह 1.6 फीसदी और 0.7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ था। फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स वाले स्टॉक्स के लिए नई व्यवस्था (CAS) शुरू होने के बाद ऐसा हुआ। वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में इक्विटी स्ट्रेटेजी के डायरेक्टर क्रांति बाथिनी ने कहा, “3 अगस्त को निफ्टी में अंत में आई तेजी की वजह नई व्यवस्था की शुरुआत थी। यह 4 अगस्त की सुबह सामान्य हो गया।”

ट्रेडिंग की नई व्यवस्था शुरू होने पर कीमतों में फर्क आता है

उन्होंने यह भी कहा कि जब ट्रेडिंग की नई व्यवस्था (Mechanism) शुरू होती है तो कीमतों में इस तरह का फर्क होना सामान्य है। NSE का मानना है कि Closing Actions Session (CAS) में ट्रे़डर्स का पार्टिसिपेशन आगे बढ़ेगा। 3 अगस्त को नई व्यवस्था (CAS) के पहले सेशन में करीब 515 ट्रेडर्स ने पार्टिसिपेट किया। 56,773 यूनिक क्लाइंट्स के लिए ऑर्डर प्लेस किए गए। 3 अगस्त नई व्यवस्था का पहला दिन था, उस हिसाब से पार्टिसिपेशन अच्छा था।

3:15 और 3:30 के बीच कंटिन्यूअस ऑर्डर मैचिंग नहीं हुआ

NSE ने कहा है कि 3 अगस्त को 3:15 और 3:30 के बीच कंटिन्यूअस ऑर्डर मैचिंग नहीं हुआ, जिससे इंडेक्स (Nifty) की वैल्यू स्थिर रही, क्योंकि यह ट्रेडेड वैल्यू पर आधारित थी। हालांकि, इंडिकेटिव वैल्यूज एक्सचेंज की वेबसाइट पर डिस्प्ले हुआ। यह 3:15 और 3:30 के दौरान कंटिन्यूअसली कैलकुलेटेड प्राइसेज इक्विलिबेरियम पर आधारित था।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन 3:28 से 3:30 के बीच चलता है

नए नियम के मुताबिक, कैश सेगमेंट के शेयरों के लिए कंटिन्यूअल ट्रेडिंग सेशन 3:15 पर खत्म हो जाता है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन 3:28 से 3:30 के बीच चलता है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में प्राइस बैंड स्टॉक के रेफरेंस प्राइस से 3 फीसदी ऊपर या नीचे हो सकता है। NSE ने कहा है, “दोनों एक्सचेंजों (NSE और BSE) के CAS के लिए अलग ऑर्डर बुक्स है, जो कंटिन्यूअस ट्रेडिंग सेशन जैसा है। इसलिए हर स्टॉक का प्राइस भी अलग है।”

CAS में एलिजिबल शेयरों में कंटिन्यूअल ट्रेडिंग 3:15 पर बंद हो जाती है

NSE ने कहा है कि चूंकि इंडेक्स का कैलकुलेशन इंडिविजुअल स्टॉक्स के आधार पर होता है, जिससे इंडेक्स की वैल्यू भी अलग हो सकती है। CAS के तहत एलिजिबल शेयरों में कंटिन्यूअल ट्रेडिंग 3:15 पर बंद हो जाती है। इसके बाद मार्केट 20 मिनट के ऑक्शन में चला जाता है, जिसके आधार पर ऑफिशियल क्लोजिंग होती है। ऑक्शन प्राइस वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के 3 फीसदी ऊपर या नीचे के आधार पर तय होता है। नई व्यवस्था में क्लोजिंग से पहले उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

इस हफ्ते बीते चार महीनों में सबसे ज्यादा चढ़ा बाजार, जानिए अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल

भारतीय शेयर बाजारों के लिए यह हफ्ता बीते करीब चार महीनों में सबसे अच्छा रहा। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी आई। इसमें उम्मीद से बेहतर जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों, रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी का हाथ रहा।

सेंसेक्स-निफ्टी में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी

इस हफ्ते सेंसेक्स 2.67 फीसदी यानी 2,034 अंक चढ़कर 78,094 पर बंद हुआ। Nifty 50 भी 2.59 फीसदी यानी 616 अंक की मजबूती के साथ 24,383 पर बंद हुआ। निफ्टी आईटी इस हफ्ते सबसे ज्यादा चढ़ने वाला सूचकांक रहा। इसमें 6.75 फीसदी उछाल आया। निफ्टी ऑटो में भी 5.61 फीसदी मजबूती आई।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी अच्छी तेजी

खास बात यह है कि इस हफ्ते छोटी-बड़ी हर तरह की कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। Nifty Smallcap 100 Index 2.6 फीसदी चढ़ा। Redington, Kaynes Technology India, Firstsource Solutions, Brigade Enterprises, Affle 3I, IIFL Finance, KFin Technologies और IFCI के शेयरों में 24 फीसदी तक तेजी दिखी।

इन मिडकैप शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी

Nifty Midcap Index में भी इस हफ्ते 2 फीसदी तेजी आई। Coforge, Lauras Labs, Swiggy, Container Corporation of India और Ashok Leyland के शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी आई। गिरने वाले शेयरों में Suzlon Energy, Phoenix Mills, Billionbrains Garage Ventures, Bank of India और LICHF प्रमुख रहे।

विदेशी निवेशकों की अच्छी खरीदारी 

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने दो हफ्ते के बाद भारतीय बाजार में इस हफ्ते निवेश किया। उन्होंने 5,946 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 5,387 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को अच्छा सपोर्ट दिया। रुपये में बीते पांच हफ्तों से जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 118 पैसे की मजबूती के साथ 95.39 के लेवल पर बंद हुआ।

निफ्टी अगले हफ्ते 24,500-24,60 लेवल टेस्ट कर सकता है

सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि अगले हफ्ते निफ्टी के लिए 24,100-23,800 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। रेसिस्टेंस 24,500-24,700 के लेवल पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,000-54,500 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। इसे 58,500-6000 के लेवल पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। अगले हफ्ते निफ्टी के 24,500-24,600 का लेवल टेस्ट करने की उम्मीद है।

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इस हफ्ते आए इन दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे

इस हफ्ते मारुति सुजुकी, ह्युंडई, एशियन पेंट्स, स्विगी, आईटीसी और सन फार्मा सहित कई दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे आए। मारुति का प्रॉफिट 11 फीसदी गिरा। आईटीसी का प्रॉफिट 27 फीसदी गिरा। लेकिन, सन फॉर्मा का प्रॉफिट 27 फीसदी बढ़ा। एशियन पेंट्स का प्रॉफिट तो 40 फीसदी तक बढ़ गया।

ट्राइडेंट कैपिटल की साची त्रिवेदी ने भारतीय बाजार को बताया अट्रैक्टिव, कहा-कोरिया में तेजी सुस्त पड़ने से भारत में निवेश के मौके

भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों के लिए फिर से अट्रैक्टिव बन रहा है। ट्राइडेंट कैपिटल इनवेस्टमेंट्स की फाउंडर और डायरेक्टर साची त्रिवेदी ने यह कहा है। मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने शेयर बाजार को लेकर कई अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में एआई शेयरों की बदौलत आई तेजी अब ठंडी पड़ रही है। इधर, भारतीय बाजारों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है।

सिर्फ कुछ एआई स्टॉक्स की बदौलत चढ़ा कोरिया का बाजार

त्रिवेदी ने कहा कि दक्षिण कोरिया के बाजार में आई जबर्दस्त तेजी की वजह सिर्फ कुछ AI कंपनियों के शेयरों में आया उछाल है। सभी शेयरों में ऐसी तेजी नहीं दिखी है। दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार बीते एक साल में दुनिया में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला शेयर बाजार बन गया है।

इनवेस्टर्स की खरीदारी से कोस्पी में आई जरूरत से ज्यादा तेजी 

क्या दक्षिण कोरिया का बाजार जरूरत से ज्यादा चढ़ गया है? इस सवाल का जवाब त्रिवेदी ने हां में दिया। उन्होंने कहा, “रिटेल इनवेस्टर्स की ज्यादा खरीदारी और उधार के पैसे से बनाए गए डेरिवेटिव्स पोजीशन से बाजार काफी चढ़ गया। जब आप FOMO ट्रेड की कोशिश करते हैं…तो बाजार में ऐसा रिएक्शन दिखता है। “

हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार की वैल्यूएशन घटी

उन्होंने कहा कि हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार का अट्रैक्शन बढ़ा है। पहले वैल्यूएशन काफी बढ़ गई थी। उन्होंने कहा, “सितंबर 2024 में भारतीय बाजार की वैल्यूएशन काफी ज्यादा थी। मुझे लगता है कि यह 24 गुना या इससे ज्यादा पहुंच गई थी। दूसरे मार्केट्स की वैल्यूएशन सिंगल डिजिट में थी। ऐसे में विदेशी निवेशकों के लिए दूसरे बाजार ज्यादा अट्रैक्टिव हो गए थे। अब मुझे लगता है कि अब स्थिति उलट गई है।”

निवेश के लिए भारतीय बाजार की वैल्यूएशन अब अट्रैक्टिव

त्रिवेदी ने बताया कि अब भारतीय बाजार की वैल्यूएशन ज्यादा अट्रैक्टिव हो गई है, क्योंकि दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में बड़ी तेजी आई है। उन्होंने कहा, “भारतीय बाजार की वैल्यूएशन काफी अट्रैक्विट यानी 20 गुना पर आ गई है। इसलिए मुझे लगता है कि अब भारतीय बाजार अट्रैक्टिव दिख रहा।”

कोविड के बाद से बाजार में आ रहा सिप से बड़ा निवेश 

उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार की वैल्यूएशन को कोविड पीरियड के बाद अलग नजरिए से देखने की जरूरत है, क्योंकि सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए लगातार घरेलू निवेशकों का पैसा आ रहा है। उन्होंने कहा, “कोविड के बाद भारतीय बाजार में नए निवेशक आए हैं और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में सिप के जरिए पैसा आया है।”

इनवेस्टर्स के लिए यह भारतीय बाजार में निवेश का अच्छा मौका

उन्होंने कहा कि लगातार घरेलू खरीदारी से भारतीय बाजार की वैल्यूएशन एक दशक पहले के मुकाबले बढ़ गई। मौजूदा वैल्यूएशन पर निवेशकों को भारतीय बाजार में निवेश के लिए अच्छा मौका है। भारतीय बाजार में निवेश करने वाले किसी इनवेस्टर के लिए यह अच्छा मौका है।

(नलिन मेहता मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर और नेटवर्क18 में चीफ एआई ऑफिसर-एडिटोरियल ऑपरेशंस हैं। नलिन ‘द न्यू बीजेपी: मोदी एंड द मेकिंग ऑफ द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट पॉलिटिकल पार्टी’ किताब के लेखक हैं।)

Swiggy Q1 results: जून तिमाही में लॉस घटकर 791 करोड़ पर आया, रेवेन्यू में 37 फीसदी उछाल

Swiggy Q1 results: स्विगी ने 30 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया। इस दौरान कंपनी का लॉस साल दर साल आधार पर करीब 34 फीसदी घटकर 791 करोड़ रुपये पर आ गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 1,197 करोड़ रुपये का लॉस हुआ था। मार्च तिमाही में कंपनी का लॉस 800 करोड़ रुपये था। स्विगी का फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 6812 करोड़ रुपये

जून तिमाही में स्विगी के लॉस में कमी में अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ का हाथ रहा। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,961 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 6,383 करोड़ रुपये था।

घट रहा क्विक कॉमर्स बिजनेस का लॉस

स्विगी इंस्टामार्ट पर निवेश बढ़ा रही है। हालांकि, कंपनी के कुल खर्च बढ़ने की रफ्तार रेवेन्यू बढ़ने की रफ्तार से कम रही। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी के क्विक कॉमर्स बिजनेस के लॉस में कमी आ रही है। हालांकि, कंपनी का मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस मुनाफे में है। स्विगी की प्रतिद्वंद्वी कंपनी जोमैटो जून तिमाही में 92 करोड़ रुपये के मुनाफे में रही। इसका रेवेन्यू 17 फीसदी बढ़कर 20,211 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही में कुल खर्च 7813 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में स्विगी का कुल खर्च 7,813 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,244 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में यह 7,448 करोड़ रुपये था। कंपनी के एमडी एवं ग्रुप सीईओ हर्ष मजेटी ने कहा, “फूड डिलीवरी इकोनॉमिक्स में मजबूती दिख रही है। आउट ऑफ होम कंजम्प्शन प्रॉफिट में है। यह बिजनेस का तेजी से बढ़ता हिस्सा है। इससे प्रोग्रेस अच्छा है।”

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स्विगी के शेयरों में 30 जुलाई को तेजी

30 जुलाई को स्विगी के शेयरों में तेजी दिखी। यह 2.25 फीसदी चढ़कर 293.80 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक हफ्ते में यह शेयर करीब 19 फीसदी चढ़ा है। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक भी चढ़कर बंद हुए। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,317 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 273 की मजबूती के साथ 77,928 पर क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।