Powerica Share Price: ₹700 तक जा सकता है ₹565 का शेयर, इस कारण नुवामा हुआ बुलिश

Powerica  Share Price: नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) पावरिका लिमिटेड (Powerica Ltd) के शेयरों को लेकर बुलिश नजर आ रहा है। ब्रोकरेज फ्रर्म ने स्टॉक पर Buy रेटिंग दी है और इसके लिए 700 रुपये का टारगेट प्राइस दिया। जो मौजूदा लेवल से 20 फीसदी की तेजी दिखा रहा है । बता दें कि Powerica के शेयर अपने आईपीओ प्राइस ₹395 से लगभग 48% की तेजी आई है। सोमवार को ये 564.45 रुपये पर बंद हुआ। 2 अप्रैल 2026 को BSE और NSE पर लिस्ट होने के बाद, पिछले 6 महीनों में इस स्टॉक में 34.51% की बढ़त दर्ज की गई है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि नुवामा का यह सकारात्मक नजरिया तीन मुख्य ग्रोथ ड्राइव पर टिका है। कंपनी के डीजल जनरेटर (DG) बिजनेस में सुधार, विंड इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) पोर्टफोलियो का विस्तार, और रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइसेस (RECDs) के क्षेत्र में लंबे समय के अवसर।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेज की राय

पावरिका का पावर-सॉल्यूशन पोर्टफोलियो काफी विविध है, जिसमें DG सेट, विंड पावर जनरेशन और RECDs शामिल हैं। नुवामा को उम्मीद है कि FY26 से FY29 के दौरान इन व्यवसायों से अच्छी कमाई होगी। इसके पीछे डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग, अधिक कुशल विंड टर्बाइन और एमिशन-कंट्रोल तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाना जैसे कारण हैं।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच, DG बिजनेस के टैक्स के बाद मुनाफे (PAT) में लगभग 21% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिलेगी। वहीं, विंड IPP के EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में 44% और RECD के PAT में 27% की CAGR रहने की उम्मीद है।

पावरिका का DG बिजनेस लगातार कैश जनरेट करने का एक मजबूत आधार है। भारत में कमिंस (Cummins) के लिए केवल तीन जनरेटर ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (GOEMs) में से एक होने के नाते, कंपनी को एक खास फायदा मिलता है।

भारत में डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है, खासकर दक्षिण और पश्चिमी भारत में, जिसका फायदा पावरिका को मिल सकता है। नुवामा ने बताया कि पावरिका के पास डेटा सेंटर से जुड़े लगभग ₹1,100 करोड़ के ऑर्डर हैं। इसकी तुलना में, FY26 में डेटा सेंटर से बिक्री लगभग ₹340 करोड़ रही थी, जो भविष्य में कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावनाओं को दर्शाती है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मार्जिन में सुधार आएगा, क्योंकि कंपनी कमिंस (Cummins) द्वारा बढ़ाई गई कीमतों का बोझ ग्राहकों पर डाल देगी। औद्योगिक पूंजीगत व्यय (industrial capital expenditure) में तेजी आने से इसे और बढ़ावा मिल सकता है।

हालांकि, यह सुधार इस बात पर निर्भर करता है कि पॉवरिका (Powerica) बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर कितनी अच्छी तरह डाल पाती है। नुवामा (Nuvama) ने चेतावनी दी है कि अगर कंपनी बढ़ती कमोडिटी लागत के बीच कीमतों में हुई बढ़ोतरी को खुद सहने या ग्राहकों पर डालने में विफल रहती है, तो इससे DG मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।

पॉवरिका का विंड पावर (पवन ऊर्जा) कारोबार, नुवामा की निवेश थीसिस का एक और मुख्य आधार है। कंपनी की विंड कैपेसिटी, मिले हुए ‘लेटर ऑफ अवार्ड’ (LOAs) के सहारे, वित्त वर्ष 2029 तक लगभग 330 MW से बढ़कर 631 MW होने की उम्मीद है।

कंपनी का पोर्टफोलियो भी नए और अधिक कुशल टर्बाइनों की ओर बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2029 तक इनका हिस्सा 65% से बढ़कर लगभग 82% होने का अनुमान है। ये नई संपत्तियां 30% से अधिक का प्लांट लोड फैक्टर (PLF) और लगभग 80% का EBITDA मार्जिन दे सकती हैं, जिससे पूरे पोर्टफोलियो की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

नुवामा को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2029 तक ब्लेंडेड PLF लगभग 29.4% और विंड बिजनेस का EBITDA मार्जिन लगभग 77% तक पहुंच जाएगा। इसी के आधार पर, वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2029 के बीच विंड IPP कारोबार के लिए 44% EBITDA CAGR (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) का अनुमान लगाया गया है।

पॉवरिका का RECD कारोबार अभी काफी छोटा है, लेकिन जैसे-जैसे उत्सर्जन नियंत्रण (emission-control) की जरूरतें बढ़ेंगी, यह विकास का एक महत्वपूर्ण जरिया बन सकता है। नुवामा के अनुसार, इसका संभावित बाजार लगभग 60,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें केवल पांच से छह प्रमाणित प्रतिस्पर्धी ही मौजूद हैं।

ब्रोकरेज ने बताया कि इस कारोबार में इक्विटी पर लगभग 47% रिटर्न मिलने की संभावना है। साथ ही, विभिन्न राज्यों में RECD से जुड़े नियमों का लागू होना और कंपनी की नए ऑर्डर हासिल करने की क्षमता, इसके लिए महत्वपूर्ण कारक होंगे।

नुवामा का मानना ​​है कि पॉवरिका की रिपोर्ट की गई कमाई, उसकी नकदी पैदा करने की वास्तविक क्षमता को पूरी तरह से नहीं दर्शाती है। FY26 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो PAT का लगभग 170% रहा, जबकि इसके विंड एसेट्स इक्विटी पर लगभग 15–17% का कैश रिटर्न देते हैं।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंसोलिडेटेड रिटर्न ऑन इक्विटी FY27 के लगभग 12% से बढ़कर FY30 तक 14.4% हो जाएगा, क्योंकि नई विंड परियोजनाओं के लिए लगभग 70:30 के डेट-टू-इक्विटी अनुपात के साथ फंडिंग की जाएगी। नुवामा (Nuvama) के अनुसार वैल्यूएशन आकर्षक हैं। इसमें विंड बिजनेस के लिए FY29 में अनुमानित एंटरप्राइज वैल्यू-टू-EBITDA लगभग 6.8 गुना है, और DG सेट के लिए प्राइस-टू-अर्निंग मल्टीपल लगभग 21 गुना है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Cartrade Tech के शेयर पर ब्रोकरेज हुआ फिदा, 33% का रिटर्न संभव

Cartrade Tech Share Price: मल्टी-चैनल ऑटोमोटिव मार्केटप्लेस कंपनी Cartrade Tech के शेयरों पर ब्रोकरेज फर्म बुलिश नजर आए। ब्रोकरेज फर्म Nomura और UBS स्टॉक पर Buy रेटिंग दी है और उनका मानना है कि शेयर 33 फीसदी की अपसाइड मूव दिखा सकता है।

स्टॉक पर नोमुरा की क्या है राय

इस ब्रोकरेज ने “buy” रेटिंग और ₹3,340 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह पिछले क्लोजिंग प्राइस से 11% की बढ़त का संकेत देता है।

CarTrade Tech के मैनेजमेंट ने एनालिस्ट मीट में कहा कि वे अपने यूज्ड-कार इकोसिस्टम को बढ़ाने पर ध्यान देना जारी रखेंगे और साथ ही OLX का विस्तार ऑटो क्लासिफाइड से आगे भी करेंगे।

फिलहाल यूज्ड-कार लिस्टिंग की संख्या 3.4 मिलियन से अधिक है और मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मध्यम अवधि में यह संख्या 10 मिलियन तक पहुंच जाएगी।

कंपनी के अनुसार, OLX पर व्यवसायों के लिए ‘एलीट बायर प्रोग्राम’ शुरू किया गया है और इसे काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

Nomura ने कहा कि कंपनी अपने नॉन-ऑटो यूज्ड-प्रोडक्ट्स बिजनेस के लिए कॉमर्स शुरू करने की योजना बना रही है। शुरुआत में एस्क्रो और लॉजिस्टिक्स सेवाएं थर्ड-पार्टी पार्टनर्स के जरिए दी जाएंगी, जिससे वॉल्यूम बढ़ने पर कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं।

UBS

UBS ने इस स्टॉक के लिए “buy” रेटिंग देते हुए इसके लिए ₹4,000 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से 33% की तेजी दिखा सकता है। यूबीएस ने कहा कि Cartrade Tech का मैनेजमेंट AI-आधारित प्रोडक्ट्स और कई साझेदारियों के माध्यम से यूज्ड-कार वैल्यू चेन में कमाई के स्रोतों को बढ़ाने पर काफी ध्यान दे रहा है।

इस सप्ताह की शुरुआत में, कंपनी ने रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर भारत के प्रमुख कार डीलर ‘Landmark Cars’ के साथ साझेदारी की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि इससे Cartrade Tech को अधिक ASP (औसत बिक्री मूल्य) वाली यूज्ड कारों तक पहुंच मिलेगी।

कंपनी ने अपने एंटरप्राइज टेक प्लेटफॉर्म ‘VAYA AI’ के बारे में भी बताया, जो एक डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है और डीलर्स तथा ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को काम की जानकारी (एक्शनेबल इनसाइट्स) दे सकता है। UBS ने कहा कि इससे यूज्ड कार खरीदने की प्रक्रिया के डिजिटाइजेशन में मदद मिलनी चाहिए।

ब्रोकरेज ने कहा कि मौजूदा लॉन्च के मामले में, OLX के ‘एलीट बायर प्रोग्राम’ को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और आने वाली तिमाहियों में इसके इस्तेमाल में काफी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसमें यह भी कहा गया है कि मौजूदा प्रोडक्ट्स से कमाई बढ़ने और नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने पर लगातार ध्यान देने की वजह से, कंपनी को उम्मीद है कि CarTrade Tech की ज़बरदस्त कमाई की ग्रोथ जारी रहेगी।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

कुल 10 एनालिस्ट CarTrade Tech के स्टॉक पर नजर रखते हैं। इनमें से 8 ने buy की सलाह दी है, जबकि 2 ने sell की रेटिंग दी है।

शुक्रवार को CarTrade Tech के शेयर 0.5% गिरकर ₹2,988 पर ट्रेड कर रहे हैं। पिछले एक महीने में स्टॉक 5% गिरा है, लेकिन साल की शुरुआत से अब तक इसमें 6% की बढ़त बनी हुई है।

Indegene Share Price: ब्रोकरेज के रेटिंग अपग्रेड से झूमा शेयर, पहुंचा 52-हफ्ते के हाई पर, जानें क्या है टारगेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Indegene Share Price: ब्रोकरेज के रेटिंग अपग्रेड से झूमा शेयर, पहुंचा 52-हफ्ते के हाई पर, जानें क्या है टारगेट

Share Price: शुक्रवार, 25 सितंबर को BSE पर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान Indegene के शेयर की कीमत में लगभग 5% की बढ़त हुई। अपने 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर ₹621.90 पर पहुंच गई। शेयर बाज़ार का माहौल कमज़ोर होने के बावजूद, हाल के समय में इस स्टॉक में अच्छी बढ़त देखी गई है। शेयर में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल द्वारा स्टॉक की रेटिंग अपग्रेड करने के बाद आई है।

बता दें कि साल की शुरुआत से अब तक इस स्टॉक में 17% की बढ़त हुई है, जबकि छह महीने की छोटी अवधि में इसमें 32% का उछाल आया है।

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने इसके स्टॉक को ‘न्यूट्रल’ से अपग्रेड करके ‘बाय’ कर दिया और प्रति शेयर ₹708 का प्राइस टारगेट तय किया। Motilal Oswal का कहना है कि Indegene आउटसोर्स की गई सेवाओं की बढ़ती मांग का फ़ायदा उठाने और लाइफ साइंसेज़ क्लाइंट्स के साथ अपनी रणनीतिक भूमिका को मज़बूत करने की अच्छी स्थिति में है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि ड्रग पाइपलाइन का विस्तार, क्लिनिकल ट्रायल की बढ़ती गतिविधियां और नई बीमारियों के क्षेत्रों का उभरना लाइफ़ साइंसेज़ कंपनियों के लिए जटिलताएँ बढ़ाएगा। साथ ही, रेगुलेटरी और किफ़ायती होने के दबाव के कारण बजट और समय-सीमा पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे फ़ार्मास्युटिकल कंपनियाँ नॉन-कोर कामों को आउटसोर्स करने और अपने अंदरूनी संसाधनों को कोर रिसर्च और डेवलपमेंट पर केंद्रित करने के लिए प्रेरित हो रही हैं।

इस माहौल में, Motilal Oswal का मानना ​​है कि Indegene जैसी इंटीग्रेटेड कंपनियाँ – जिनके पास क्लिनिकल, रेगुलेटरी, मेडिकल और कमर्शियल ऑपरेशन की क्षमताएँ हैं – आउटसोर्सिंग के बढ़ते मौकों का फ़ायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।

ऑपरेशन के लिहाज़ से, Indegene टॉप क्वार्टाइल में बनी हुई है। इसे IT सर्विस सेक्टर की दूसरी कंपनियों की तुलना में प्रति कर्मचारी ज़्यादा रेवेन्यू और हेल्थकेयर बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग सेक्टर की कंपनियों की तुलना में लगभग तीन गुना ज़्यादा रेवेन्यू का सहारा मिल रहा है।

Motilal Oswal का अनुमान है कि FY26 से FY28 के दौरान INR के हिसाब से रेवेन्यू, EBIT और PAT में क्रमशः लगभग 19%, 29% और 27% की CAGR से बढ़ोतरी होगी।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि ऑपरेटिंग लेवरेज के सहारे Q4 FY27 तक EBITDA मार्जिन सुधरकर 19% से 20% के स्तर पर आ जाएगा।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tenneco Clean Air Share: 75% की तेजी के साथ ये शेयर लगाएगा लंबी छलांग, मोतीलाल ओसवाल ने दे दिया बड़ा टारगेट

Tenneco Clean Air India  Share Price: ऑटोमोटिव पार्ट्स बनाने वाली कंपनी टेनेको क्लीन एयर इंडिया (Tenneco Clean Air India) के शेयर 15 सितंबर को 3 फीसदी की तेजी दिखाते नजर आए। शेयर में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल द्वारा शेयर की कवरेज शुरु करने के बाद आई। मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है और इसके लिए ₹673 का टारगेट प्राइस दिया है।

ब्रोकरेज के ‘बेस केस’ टारगेट का मतलब है कि शुक्रवार को स्टॉक की क्लोजिंग कीमत ₹506.35 से इसमें 33% की बढ़त हो सकती है।

MOFSL को उम्मीद है कि टेनेको क्लीन एयर अपनी ग्रोथ के अगले चरण में प्रवेश करेगी। इसकी वजह क्लीन-एयर और सस्पेंशन प्रोडक्ट्स में कंपनी की लीडरशिप, कड़े एमिशन नियम, गाड़ियों का प्रीमियम होना, नए कस्टमर प्रोग्राम और बढ़ता एक्सपोर्ट है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 और FY29 के बीच कमाई में 19% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) होगी, जबकि इसी दौरान क्लीन-एयर और पावरट्रेन रेवेन्यू में लगभग 17% CAGR से बढ़ोतरी की उम्मीद है।

MOFSL के अनुसार, 31 मार्च, 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹12,400 करोड़ था, जो इसके FY28 रेवेन्यू टारगेट का 100% से ज़्यादा कवरेज देता है।

मजबूत मार्केट पोजीशन

टेनेको क्लीन एयर का कमर्शियल व्हीकल OEM को सप्लाई किए जाने वाले क्लीन-एयर प्रोडक्ट्स में लगभग 58% मार्केट शेयर है, ट्रैक्टर को छोड़कर ऑफ-हाईवे एप्लीकेशन में 68% और पैसेंजर व्हीकल्स में 20% शेयर है। पैसेंजर-व्हीकल शॉक एब्जॉर्बर और स्ट्रट्स में भी इसका लगभग 55% शेयर है।

MOFSL ने कहा कि ग्लोबल टेनेको नेटवर्क के साथ कंपनी के जुड़ने से उसे टेक्नोलॉजी, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, ग्लोबल OEM संबंध, रिसर्च और डेवलपमेंट क्षमताएं और मैन्युफैक्चरिंग की विशेषज्ञता मिलती है। ब्रोकरेज ने कहा कि कस्टमर के प्रोडक्ट-डेवलपमेंट साइकिल में शामिल होने से ‘स्विचिंग कॉस्ट’ (दूसरे सप्लायर पर जाने की लागत) भी बढ़ जाती है।

क्या है ग्रोथ के मुख्य कारण

ब्रोकरेज BS-VII, CAFE III और TREM-V को प्रति गाड़ी ज़्यादा कंटेंट (पुर्जों/तकनीक) के महत्वपूर्ण कारण के तौर पर देखती है।

कमर्शियल गाड़ियों के लिए, BS-VII और उससे जुड़े एमिशन नियमों से क्लीन-एयर कंटेंट बढ़ने की उम्मीद है, जबकि लाइट कमर्शियल गाड़ियों में कम पैठ (penetration) के कारण मार्केट-शेयर बढ़ाने की गुंजाइश है। ट्रैक्टर एक बड़ा मौका देते हैं, क्योंकि 30-50 HP वाले सेगमेंट का मार्केट में 90% से ज़्यादा हिस्सा है। MOFSL को उम्मीद है कि जैसे-जैसे आफ्टर-ट्रीटमेंट तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा, TREM-V से प्रति गाड़ी क्लीन-एयर कंटेंट ₹5,000 – ₹7,000 तक बढ़ सकता है।

पैसेंजर गाड़ियों में, BS-VII और CAFE III से क्लीन-एयर कंटेंट लगभग 1.3 गुना बढ़ सकता है, जिसकी वजह गैसोलीन डायरेक्ट इंजेक्शन और गैसोलीन पार्टिकुलेट फिल्टर का ज़्यादा इस्तेमाल है। उम्मीद है कि 2028 से एक जापानी OEM के GPF प्रोग्राम से टेनेको के हॉट-एंड बिज़नेस में बढ़ोतरी होगी।

कंपनी ने एक बड़े भारतीय CV OEM के साथ एक नया क्लीन-एयर इंजन प्लेटफॉर्म, एक प्रमुख यूरोपीय कमर्शियल व्हीकल OEM के साथ एक प्रोग्राम और एक ग्लोबल OEM के दो मॉडल्स के लिए CNG प्लेटफॉर्म कोल्ड-एंड असेंबली प्रोग्राम भी हासिल किया है।

सस्पेंशन बिजनेस में 20% की बढ़ोतरी

MOFSL को उम्मीद है कि प्रीमियम बनाने, एक्सपोर्ट, बिज़नेस में ज़्यादा हिस्सेदारी और एडवांस्ड सस्पेंशन सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से FY26-FY29 के दौरान सस्पेंशन बिज़नेस में लगभग 20% CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) की बढ़ोतरी होगी।

भारत के पैसेंजर-व्हीकल सस्पेंशन मार्केट में टेनेको की हिस्सेदारी लगभग 55% है। इसका DaVinci DCx, जिसे फरवरी 2026 में महिंद्रा के साथ कमर्शियलाइज़ किया गया था, बहुत कम कीमत पर सेमी-एक्टिव सिस्टम जैसा लगभग 85-90% आराम देता है। MOFSL का मानना ​​है कि यह टेक्नोलॉजी ₹10-35 लाख वाले पैसेंजर-व्हीकल सेगमेंट के लिए काम आ सकती है, जिसका मार्केट में लगभग 70% हिस्सा है।

बढ़ेगा एक्सपोर्ट

टेनेको क्लीन एयर को ग्लोबल टेनेको नेटवर्क में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के तौर पर भी तैयार किया जा रहा है, जिसके प्रोडक्ट्स नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, एशिया-पैसिफिक और अफ्रीका में सप्लाई किए जाते हैं।

कंपनी अभी लगभग 18-22 देशों में एक्सपोर्ट करती है, जबकि MOFSL को उम्मीद है कि FY29 तक एक्सपोर्ट वैल्यू-एडेड रेवेन्यू का 15% हो जाएगा, जो अभी 7% है। ब्रोकरेज के अनुसार, मौजूदा ऑर्डर बुक में एक्सपोर्ट का हिस्सा लगभग 14% है और आम तौर पर घरेलू बिज़नेस की तुलना में इसमें ज़्यादा मार्जिन मिलता है।

कंपनी के फाइनेंशियल अनुमानों पर ब्रोकरेज की राय

MOFSL को उम्मीद है कि टेनेको का रेवेन्यू FY26 में ₹5,404 करोड़ से बढ़कर FY29 तक ₹8,985 करोड़ हो जाएगा। इसी दौरान EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) के ₹925.5 करोड़ से बढ़कर ₹1,560.8 करोड़ होने का अनुमान है, और EBITDA मार्जिन 17.1% से बढ़कर 17.4% हो जाएगा।

टैक्स के बाद एडजस्टेड प्रॉफ़िट के FY26 में ₹630.4 करोड़ से बढ़कर FY29 में ₹1,026 करोड़ होने का अनुमान है, जबकि EPS के ₹15.6 से बढ़कर ₹25.4 होने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी की मज़बूत बैलेंस शीट इस ग्रोथ में मदद करेगी। टेनेको क्लीन एयर की नेट कैश पोज़िशन है, वर्किंग कैपिटल नेगेटिव है और कोर RoCE 90% से ज़्यादा है। साथ ही, कैश-फ़्लो कन्वर्ज़न के भी हेल्दी रहने की उम्मीद है, जिसमें CFO/EBITDA 70% से ज़्यादा और FCF/PAT 80% से ज़्यादा रहेगा।

टेनेको क्लीन एयर का वैल्यूएशन

MOFSL के ₹506 के रेफरेंस प्राइस पर, स्टॉक FY28E की कमाई के 26.1 गुना और FY29E की कमाई के 19.9 गुना पर ट्रेड कर रहा था। ब्रोकरेज ने स्टॉक का वैल्यूएशन सितंबर 2028 की कमाई के 30 गुना के आधार पर किया है, जिससे इसका टारगेट प्राइस ₹673 तय हुआ है।

लंबी अवधि में दे सकता है 75% का रिटर्न

मोतीलाल ओसवाल के ‘बुल केस’ (तेजी वाले अनुमान) में FY29 तक 22.7% रेवेन्यू CAGR, BS-VII को पूरी तरह लागू करने, EV को धीरे अपनाने और सस्पेंशन की तेज़ी से बढ़ती मांग को आधार माना गया है। इस स्थिति में टेनेको क्लीन एयर (Tenneco Clean Air) के लिए ₹886 का प्राइस टारगेट तय किया गया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा कीमत से इसमें लगभग 75% की बढ़त की संभावना है।

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Kalyan Jewellers Share Price: 50% अभी ओर चढ़ सकता है शेयर, ब्रोकरेज बुलिश, क्या करेंगे आप निवेश!

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Titan Share Price: 20% अभी ओर चढ़ सकता है शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने बताई ये वजह

Titan Share Price: टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन के शेयरों में शुक्रवार 11 सितंबर को दबाव देखने को मिला। जिसके चलते स्टॉक में पिछले 1 महीने से चल रही करेक्शन जारी रही। हालांकि बाजार में अपनी मजबूत स्थिति के कारण टाटा ग्रुप की इस कंपनी के अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। यहीं कारण है कि ब्रोकरेज फर्म शेयर पर बुलिश नजर आ रहा है। साथ ही ₹6,000 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस दिया है, जो इसमें 20 फीसदी की अपसाइड दिखाता है।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सोने की कीमतों में स्थिरता से कंपनी के मार्जिन में सुधार हो सकता है । ज्वेलरी इंडस्ट्री की एक प्रमुख कंपनी, टाइटन, अपने मजबूत पुराने कामकाज के रिकॉर्ड के दम पर टॉप कंपनियों में बनी रहेगी। ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, यह बड़ी ज्वेलरी कंपनी इंडस्ट्री की सकारात्मक ग्रोथ संभावनाओं का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।

हालांकि टाइटन कंपनी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है, लेकिन बाजार में इसकी हिस्सेदारी केवल 8.5% है। इसका बढ़ता स्टोर नेटवर्क, कई तरह के फॉर्मेट वाला पोर्टफोलियो और स्थापित ब्रांड वैल्यू इसे इस बड़े बदलाव का बहुत अधिक फायदा उठाने में मदद कर सकते हैं। कंपनी की मजबूत स्थिति, ब्रांडेड प्लेयर के तौर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन और सोने की कीमतों में स्थिरता से कंपनी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

मोतीलाल ओसवाल ने शुक्रवार, 11 सितंबर को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा, “हम ज्वेलरी इंडस्ट्री में ग्रोथ को लेकर सकारात्मक हैं, खासकर टॉप कंपनियों के मामले में, जहां टाइटन एक लीडर है और अपने शानदार पुराने कामकाज के रिकॉर्ड के कारण सबसे अच्छी स्थिति में है। हम FY26-29E के दौरान बिक्री में 17% CAGR, EBITDA में 21% और APAT में 23% CAGR का अनुमान लगाते हैं।”

क्या दिया टारगेट प्राइस

मोतीलाल ओसवाल ने इस स्टॉक के लिए ₹6,000 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ Buy की रेटिंग दी है। हम FY26-29E के दौरान बिक्री में 17% CAGR, EBITDA में 21% और APAT में 23% CAGR का अनुमान लगाते हैं। हम सितंबर 2028 के अनुमानित EPS के 60 गुना (60x) के आधार पर ₹6,000 के टारगेट प्राइस (TP) के साथ इस स्टॉक पर अपनी ‘खरीदने’ (BUY) की रेटिंग को दोहराते हैं।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

शुक्रवार को एनएसई पर टाइटन कंपनी का शेयर 0.23% गिरकर ₹5009 प्रति शेयर पर बंद हुआ। शेयर ने ₹5,014.30 प्रति शेयर का इंट्राडे हाई और ₹4,943.75 प्रति शेयर का इंट्राडे लो छुआ।

कंपनी के शेयर का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 35.39% है। पिछले एक महीने में इसके शेयर की कीमत में 2.58% की गिरावट आई है। इस शेयर ने तीन महीनों में 23.8% और एक साल में लगभग 38.99% का रिटर्न दिया है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks To Buy: ये 5 शेयर करेंगे मालामाल, जेफरीज हुआ इनका दीवाना, क्या करना चाहेंगे निवेश

Stock To Buy: ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने Groww, Paytm, PB Fintech, AU Small Finance Bank और Poonawalla Fincorp को उन पांच स्टॉक्स के तौर पर चुना है जिनका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन $5 बिलियन या उससे ज़्यादा है और जो अगले तीन सालों में अच्छे रेवेन्यू ग्रोथ के साथ अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट को 25% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा सकते हैं।

जेफरीज ने ऊपर बताए गए सभी पांच स्टॉक्स को “खरीदने” (buy) की रेटिंग दी है और उम्मीद है कि वे निवेशकों को अच्छा रिटर्न देंगे, क्योंकि ग्रोथ कंपाउंडिंग के साथ, ज़्यादा वैल्यूएशन के बावजूद निवेशकों को रिटर्न मिलेगा। आइए इन स्टॉक्स पर अलग-अलग नजर डालते हैं।

Groww | ब्रोकरेज का मानना ​​है कि Groww की पैरेंट कंपनी, Billionbrains Garage Ventures का शेयर प्राइस ₹240 तक पहुंच सकता है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 24% की बढ़ोतरी की संभावना है। जेफरीज का कहना है कि Groww के पास फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 30% प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) CAGR हासिल करने के कई तरीके हैं। इनमें क्लाइंट विंटेज और मार्केट शेयर में बढ़ोतरी से ब्रोकिंग बिज़नेस में 18% की ग्रोथ, MTF और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी नई पहल और मार्जिन में 10 प्रतिशत पॉइंट का विस्तार शामिल है।

Groww फाइनेंशियल ईयर 2027 में अपने प्लेटफ़ॉर्म पर US स्टॉक्स भी जोड़ रहा है, जिससे जेफरीज का मानना ​​है कि फाइनेंशियल ईयर 2028 की कमाई में 5% से 9% की और बढ़ोतरी हो सकती है।

Paytm | जेफरीज ने इस स्टॉक के लिए अपना प्राइस टारगेट पहले के ₹1,600 से बढ़ाकर ₹2,100 कर दिया है। नया प्राइस टारगेट इसके IPO प्राइस ₹2,150 के लगभग बराबर है। जेफरीज ने कहा कि Paytm लगभग ज़ीरो MDR वाले माहौल में भी अपने क्लाइंट बेस से कमाई करने में आगे है, और अब यह स्थिति बेहतर हो रही है।

जेफरीज का कहना है कि Paytm का 49 मिलियन मर्चेंट बेस और मजबूत लोन-ओरिजिनेशन मॉडल कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 25% रेवेन्यू CAGR हासिल करने में मदद करेगा। इसके साथ ही, ऑपरेशनल तालमेल से इसके EBITDA और प्रॉफ़िट में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होगी। ब्रोकरेज ने UPI पर 25 बेसिस पॉइंट्स के MDR को ध्यान में रखते हुए, फाइनेंशियल ईयर 2028-2029 के लिए Paytm की कमाई के अनुमानों को 20% और 25% तक बढ़ा दिया है।

PB Fintech | ब्रोकरेज ने PB Fintech के लिए ₹2,050 का प्राइस टारगेट तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 15% की बढ़त की गुंजाइश है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान PB Fintech के प्रीमियम में 35% CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) देखने को मिलेगा।

ब्रोकरेज ने कहा कि मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज और बढ़ते रिन्यूअल बुक से कंपनी के एडजस्टेड EBITDA को इसी समय में चार गुना बढ़ने में मदद मिलनी चाहिए। साथ ही, कमीशन से जुड़े कड़े नियमों का जोखिम तो है, लेकिन कंबाइंड ऑपरेटिंग मॉडल और क्लेम सपोर्ट/सेल्स पहल जैसे तरीके भी मौजूद हैं।

AU Small Finance Bank | ब्रोकरेज ने इस स्टॉक के लिए ₹1,270 का टारगेट तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 21% की बढ़त की गुंजाइश है। Jefferies का कहना है कि यूनिवर्सल बैंक बनने से फंडिंग कॉस्ट कम हो सकती है, फीस बढ़ सकती है और ब्रांड मजबूत हो सकता है, जिससे ग्रोथ में मदद मिलेगी।

Jefferies का अनुमान है कि अगले तीन सालों में मजबूत डिपॉजिट ग्रोथ से 22% CAGR की क्रेडिट ग्रोथ में मदद मिलेगी और फाइनेंशियल ईयर 2028 तक RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) बढ़कर 1.8% हो जाएगा। Jefferies ने आगे कहा कि लीडरशिप में निरंतरता से भी ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी बनी रहेगी और वैल्यूएशन प्रीमियम में मदद मिलेगी।

Poonawalla Fincorp | ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यह स्टॉक ₹560 के लेवल तक जा सकता है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 27% की बढ़त की गुंजाइश है। Poonawalla Fincorp अगले तीन सालों में 34% का AUM CAGR हासिल कर सकती है, जिसकी वजह नए प्रोडक्ट्स का विस्तार होगा (जो अभी कुल AUM का 16% है, वह बढ़कर 34% हो जाएगा)। ज़्यादा डिस्बर्समेंट यील्ड और प्राइम PL (पर्सनल लोन) व गोल्ड लोन में तेज़ी से ग्रोथ के कारण मार्जिन भी बढ़ेंगे।

अनसिक्योर्ड सेगमेंट में एसेट क्वालिटी अच्छी रहने से क्रेडिट कॉस्ट भी कम होनी चाहिए। बुक वैल्यू के 2.6 गुना पर, यह स्टॉक दूसरी NBFC कंपनियों के मुकाबले प्रीमियम वैल्यूएशन पर है, हालांकि इसका ग्रोथ आउटलुक कहीं ज़्यादा मजबूत है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock To Buy: सिक्योरिटी सर्विलांस प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी में 53% की तेजी मुमकिन, इस साल अब तक 125% चढ़ा, क्या है आपके पास

Stock To Buy: CP Plus की पैरेंट कंपनी, आदित्य इन्फोटेक (Aditya Infotech) के शेयर गुरुवार, 20 अगस्त को 4.9% बढ़कर ₹3,464 पर पहुंच गए। स्टॉक में तेजी मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज द्वारा इस स्टॉक पर कवरेज शुरू करने के बाद आई है। मोतीलाल ओसवाल ने आदित्य इन्फोटेक के लिए “Buy” (खरीदने की सलाह) की सलाह दी है और इसके लिए ₹4,200 का प्राइस टारगेट तय किया है, जो बुधवार के क्लोजिंग लेवल से 27% की तेजी दिखाता है।

ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के ‘बुल केस’ (सबसे अच्छे हालात) रन के अनुसार, स्टॉक ₹5,066 तक जा सकता है, जिसका मतलब है कि इसमें 53% तक की बढ़ोतरी की संभावना है।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि आदित्य इन्फोटेक भारत के वीडियो सर्विलांस मार्केट में होने वाली ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इस मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 44% से ज़्यादा है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि भारत का सर्विलांस मार्केट फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹106 अरब से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2030 तक ₹227 अरब से ज़्यादा हो जाएगा। उन्हें यह भी उम्मीद है कि आदित्य इन्फोटेक का रेवेन्यू FY26 और FY28 के बीच 44% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा, जो इंडस्ट्री की अनुमानित 16%-18% ग्रोथ से काफी ज़्यादा है।

मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन (STQC) के नियम कॉम्पिटिशन को कम कर सकते हैं और कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2028 तक अपनी मार्केट हिस्सेदारी 58% से ज़्यादा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी FY26-FY28 के दौरान रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद प्रॉफिट में क्रमशः 44%, 58% और 64% की ग्रोथ हासिल करेगी। उन्होंने कॉस्ट एफिशिएंसी और मार्जिन बढ़ाने के लिए लेंस, केबल, प्लास्टिक और मेटल कंपोनेंट्स में बैकवर्ड इंटीग्रेशन को भी एक अहम वजह बताया है।

कंपनी ने ₹1,500 करोड़ जुटाने को मंज़ूरी दी

इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने 19 अगस्त को इक्विटी शेयर जारी करके ₹1,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। फंड जुटाने का काम एक या उससे ज़्यादा मंज़ूर तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू या क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), या फिर इन तरीकों का मिला-जुला इस्तेमाल।

फंड जुटाने का यह प्रस्ताव शेयरहोल्डर्स और दूसरी रेगुलेटरी मंज़ूरी पर निर्भर है। कंपनी पोस्टल बैलेट के ज़रिए शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी लेगी और उसने इस प्रस्तावित इश्यू से जुड़े मामलों को देखने के लिए एक बोर्ड कमिटी भी बनाई है।

19 अगस्त की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी ने मुंबई में 24 से 26 अगस्त और सिंगापुर में 1 से 3 सितंबर के बीच इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के साथ वन-ऑन-वन ​​और ग्रुप मीटिंग्स भी तय की हैं।

मार्जिन गाइडेंस

जून तिमाही के नतीजों के बाद, आदित्य इन्फोटेक ने FY27 के लिए अपने EBITDA मार्जिन गाइडेंस (14-15%) को फिर से दोहराया है, जबकि Q1FY27 में EBITDA मार्जिन 14.5% था। मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि वे FY27 की पहली छमाही के बाद आउटलुक का फिर से आकलन करेंगे, साथ ही वे तय गाइडेंस से बेहतर परफॉर्मेंस का इंटरनल टारगेट भी बनाए रखेंगे।

शेयर पर एनालिस्ट की राय

IIFL इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ भी आदित्य इन्फोटेक को लेकर पॉजिटिव है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च रेनू बैद पुगलिया का कहना है कि कंपनी ने भारत के IP कैमरा मार्केट में मज़बूत जगह बनाई है। उन्होंने कैमरा वैल्यू चेन के बड़े हिस्से के लोकलाइज़ेशन (स्थानीय स्तर पर उत्पादन) पर ज़ोर दिया और कहा कि कंपनी को घरेलू प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले 18-24 महीने की बढ़त हासिल है, जिसका इस्तेमाल वह एंटरप्राइज़ और सरकारी ग्राहकों के लिए प्रीमियम प्रोडक्ट्स में विस्तार करने के लिए कर रही है।

उन्हें उम्मीद है कि आदित्य इन्फोटेक 40-45% रेवेन्यू CAGR हासिल करेगी, जिसमें मार्जिन 14.5-15% के आसपास रहेगा, जिससे अगले दो सालों में कमाई में 45-50% की बढ़ोतरी होगी। उन्होंने सरकारी सर्टिफिकेशन की नई ज़रूरतों के बाद चीनी कंपनियों के बाहर निकलने को भी कंपनी के ग्रोथ आउटलुक के लिए एक मददगार कारक बताया।

यह स्टॉक “कंसेंसस बाय” (सबकी सहमति से खरीदने लायक) की श्रेणी में है, क्योंकि इस स्टॉक को ट्रैक करने वाले सभी सात एनालिस्ट इसे लेकर बुलिश (तेज़ी की उम्मीद रखने वाले) हैं।

गुरुवार को आदित्य इन्फोटेक के शेयर 4.71% बढ़कर ₹3,459.2 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 125% की बढ़ोतरी हो चुकी है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Jio Financial share price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 4% दौड़ा, अब खरीदें, बेचें या रहें बने, जानिए क्या कहते है बाजार जानकार

Jio Financial share price: रिलायंस ग्रुप का शेयर Jio Financial Services शुक्रवार, 17 जुलाई को 4 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया। हालांकि शेयर आज सुबह के काराबोर में 6 फीसदी चढ़ा था। शेयर में यह तेजी कंपनी के जून तिमाही के नतीजों के ऐलान के बाद देखने को मिली। जून तिमाही में कंपनी का टैक्स के बाद प्रॉफ़िट (PAT) पिछले साल के 325 करोड़ से 156% बढ़कर ₹830 करोड़ हो गया। यह कंसोलिडेटेड बेसिस पर पिछली तिमाही के ₹272 करोड़ से 205% ज़्यादा था।

वहीं प्री-प्रोविज़निंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) बढ़कर ₹505 करोड़ हो गया, जो पिछले साल के 366 करोड़ से 38% और लगातार ₹327 करोड़ से 54% ज़्यादा है। पहली तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) या कोर इनकम बढ़कर ₹544 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹264 करोड़ से 106% और पिछली तिमाही के ₹345 करोड़ से 58% ज़्यादा है।

जून तिमाही में इसके NBFC बिजनेस का ग्रॉस एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 163% बढ़कर ₹30,667 करोड़ हो गया। इस बीच, इसका तिमाही डिस्बर्समेंट ₹11,250 करोड़ को पार कर गया।

क्या है स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़ पर “Buy” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट 315 रुपये का टारगेट दिया है जो मौजूदा स्तर से इसमें 34 फीसदी की बढ़त दिखाता है।

ब्रोकरेज ने कहा कि जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़ ने एक अच्छी तिमाही दर्ज की, जिसमें जियो क्रेडिट बढ़ा और साथ ही इसका AUM 30,000 करोड़ को पार कर गया। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि इसके दूसरे बिज़नेस में भी लगातार तरक्की हुई है, जिसमें पेमेंट्स बिज़नेस में प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार और इसके इंश्योरेंस और AMC फ्रेंचाइजी में लगातार बढ़ोतरी शामिल है।

हालांकि, नए बिजनेस को इनक्यूबेट करने और मौजूदा ऑपरेशन को बढ़ाने में चल रहे इन्वेस्टमेंट के कारण इसका ऑपरेटिंग खर्च ज़्यादा बना हुआ है।

ब्रोकरेज ने मौजूदा बिजनेस में इन्वेस्टमेंट की वजह से ज़्यादा ऑपेक्स को ध्यान में रखते हुए FY27 और FY28 के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के अनुमान में क्रमशः 4% और 6% की कटौती की है।स्टॉक FY27 के अनुमानित प्राइस-टू-बुक वैल्यू के 1x पर ट्रेड कर रहा है। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि यह FY26-28 के दौरान 46% की कंसोलिडेटेड PAT कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का मॉडल बनाता है।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि इसके सम-ऑफ-द-पार्ट्स में इंश्योरेंस मैन्युफैक्चरिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, ब्रोकिंग और मार्केटप्लेस जैसे बिज़नेस के वैल्यूएशन को शामिल नहीं किया गया है, जो अभी भी अपने इनक्यूबेशन फेज में हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।