ICICI Bank Share Price:Q2 नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म बुलिश, बढ़ाया टारगेट, मिल सकता है 45% का रिटर्न

ICICI BANK SHARE PRICE: ICICI बैंक के दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जिसके बाद ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बैंक को लेकर काफी बुलिश हैं। जेपी मॉर्गन और नोमुरा ने बैंक के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है, जबकि कई अन्य फर्मों ने ‘Buy’ या इसी तरह की रेटिंग बरकरार रखी है। जिन ब्रोकरेज फर्मों ने इस पर अपनी राय दी है, उनमें गोल्डमैन सैक्स सबसे ज्यादा तेजी की उम्मीद जता रहा है। गोल्डमैन सैक्स ने 2,025 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो शुक्रवार के 1,397 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 45 फीसदी की तेजी दिखाता है।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेज फर्मों की राय

Bernstein

इस इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म ने ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है और प्रति शेयर ₹1,800 का टारगेट प्राइस तय किया है। इसका मतलब है कि पिछले क्लोजिंग प्राइस से इसमें 28.8% तक की तेजी आ सकती है।फर्म ने कहा कि ICICI बैंक ने एक और शानदार तिमाही पेश की है, जिससे सबसे तेजी से बढ़ने वाले बड़े प्राइवेट बैंक के रूप में इसकी स्थिति और मजबूत हुई है।

बैंक के लोन और डिपॉजिट ग्रोथ में काफी तेजी आई है। लोन ग्रोथ में कॉर्पोरेट, बिजनेस बैंकिंग और रिटेल सेगमेंट – सभी क्षेत्रों का मजबूत योगदान रहा है। बर्नस्टीन के अनुसार, हालांकि इस तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी कमी आई है, लेकिन यह गिरावट अन्य बैंकों के अनुरूप ही है। साथ ही, मजबूत बैलेंस शीट ग्रोथ के कारण नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी अच्छी बनी रही। फर्म ने आगे कहा कि मजबूत फीस इनकम और बेहतर होती एसेट क्वालिटी के चलते, बैंक अपनी बेहतरीन ऑपरेटिंग और अर्निंग्स ग्रोथ को बनाए रखने में कामयाब रहा है।

JPMorgan

जेपी मॉर्गन ने ICICI बैंक को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है और इसके लिए ₹1,800 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बैंक ने दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) ₹25,340 करोड़ रही, जो जेपी मॉर्गन के अनुमान से 2% ज्यादा है। प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) ₹20,580 करोड़ रहा, जो अनुमान से 7% अधिक है, और टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) ₹14,840 करोड़ रहा, जो अनुमान से 11% ज्यादा है। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म ने बताया कि IT रिफंड पर मिलने वाले ब्याज को छोड़कर, कोर NII में पिछली तिमाही के मुकाबले 6% और पिछले साल के मुकाबले 18% की बढ़ोतरी हुई है। इसे पिछली तिमाही के मुकाबले 12.3% की लोन ग्रोथ से सपोर्ट मिला, जो इंडस्ट्री में सबसे बेहतर है।

ICICI बैंक का कोर NIM (IT रिफंड पर मिलने वाले ब्याज को छोड़कर) पिछली तिमाही के मुकाबले 4 बेसिस पॉइंट्स कम हो गया है, जिसका मुख्य कारण FCNR (B) का असर है।

फर्म ने आगे कहा कि हालांकि FCNR (B) का पूरा असर तीसरी तिमाही में देखने को मिलेगा, जिससे NIM पर दबाव पड़ सकता है, लेकिन JP मॉर्गन को चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 2028 में NIM बढ़ने की उम्मीद है। इसका कारण यह है कि बैंक का 57% लोन बुक रेपो रेट से जुड़ा है। साथ ही, अब अनुमानों में 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी (जिसमें दिसंबर 2026 की एक बढ़ोतरी भी शामिल है) को भी जोड़ लिया गया है।

Nomura

नोमुरा ने ICICI बैंक को “Buy” (खरीदने) की रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,700 से बढ़ाकर ₹1,740 प्रति शेयर कर दिया है। यह पिछले क्लोजिंग प्राइस से 24.6% की संभावित बढ़त को दर्शाता है।

नोमुरा के अनुसार, ICICI बैंक ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2029 के लिए अपने ‘अर्निंग पर शेयर’ (EPS) के अनुमानों को क्रमशः 3% और 7% बढ़ा दिया है।

फर्म ने बताया कि वन-ऑफ (असाधारण) आइटम्स को एडजस्ट करने के बाद NII में पिछले साल के मुकाबले 18% की बढ़ोतरी हुई है। यह नोमुरा के अनुमान से 2% अधिक है, जिसमें लोन और डिपॉजिट ग्रोथ क्रमशः 30% और 27% रही।

कोर PPOP ₹20,800 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 22% अधिक है। नोमुरा ने बताया कि बैंक ने ₹1.6 लाख करोड़ के FCNR (B) डिपॉजिट जुटाए (जो कुल डिपॉजिट का 8% है)। इसमें से 50% हिस्सा इन्हीं डिपॉजिट्स के बदले दिए गए लोन से आया है। बैंक के मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अगले दो तिमाहियों में इस लिक्विडिटी का इस्तेमाल कर लिया जाएगा।

Goldman Sachs

गोल्डमैन सैक्स ने Buy” रेटिंग दी है और प्रति शेयर 2,025 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस से 44.9% की बढ़त की संभावना दिखाता है। बैंक का दूसरा तिमाही प्रदर्शन हर मोर्चे पर उम्मीदों से बेहतर रहा। लोन ग्रोथ 24% रही, जो अनुमान से 2% ज्यादा है, और कोर रेवेन्यू ग्रोथ 18% रही, जो गोल्डमैन सैक्स के अनुमान से 2% अधिक है।

बैंक का NIM (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) अनुमान से 5 बेसिस पॉइंट ज्यादा रहा और PPoP (प्रोविजन से पहले का मुनाफा) भी उम्मीद से बेहतर रहा, जबकि प्रोविजन (संभावित नुकसान के लिए रखी गई रकम) कम रहे। NIM का प्रदर्शन खास तौर पर उल्लेखनीय रहा; सिस्टम में सबसे मजबूत FCNR (B) डिपॉजिट बेस होने के बावजूद, इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले केवल 10 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई।

गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, बैंक ने ब्याज दर चक्र के निचले स्तर पर भी लिक्विडिटी (नकदी) को बनाए रखा है। इसका लिक्विडिटी डिपॉजिट रेशियो (LDR) 95% है। इससे मध्यम अवधि में कमाई बढ़ाने के लिए काफी गुंजाइश मिलती है, क्योंकि इस लिक्विडिटी का इस्तेमाल आगे किया जा सकता है।

UBS

UBS ने ICICI बैंक के लिए “Buy” रेटिंग दी है और 1,800 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। इस इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म का कहना है कि बैंक का दूसरा तिमाही प्रदर्शन हर लिहाज से शानदार रहा, जिसे मजबूत लोन और डिपॉजिट ग्रोथ का सहारा मिला।

बैंक की लोन ग्रोथ पिछली तिमाही के मुकाबले 12.3% और पिछले साल के मुकाबले 30% रही, जो उम्मीदों और अन्य बैंकों के प्रदर्शन से काफी बेहतर है। इसमें बिजनेस बैंकिंग की लगातार मजबूती के अलावा, कॉर्पोरेट लोन में भी काफी तेजी देखी गई।

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि तीसरी तिमाही में मार्जिन अपने निचले स्तर पर आ जाएंगे, जिसके बाद चौथी तिमाही में इनमें सुधार देखने को मिलेगा।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GPT Infraprojects Share Price: शेयर 9% चढ़ा, जानें इस तेजी के पीछे की क्या है वजह!

GPT Infraprojects Share Price: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी GPT Infraprojects के शेयरों में 18 सितंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर इंट्राडे में 9 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया, जिससे लगातार दूसरे सेशन में भी बढ़त जारी रहने के संकेत मिले। GPT Infraprojects के शेयर ₹113.15 के पिछले क्लोजिंग भाव के मुकाबले ₹119 पर खुले और 9% बढ़कर ₹123.35 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। पिछले सेशन में शेयर में 2% की बढ़त हुई थी।

शेयर में तेजी की क्या है वजह

दरअसल, कंपनी द्वारा RVNL से ₹483.72 करोड़ का ऑर्डर मिलने की घोषणा के बाद शेयर में जोरदार खरीदारी देखी गई।

17 सितंबर को बाजार बंद होने के बाद एक्सचेंज फाइलिंग में, GPT Infraprojects ने बताया कि उसे रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL), भुवनेश्वर से एक कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट ईस्ट कोस्ट रेलवे के खुर्दा रोड डिवीजन में नेरगुंडी-बारंग सेक्शन के बीच तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण के सिलसिले में महानदी नदी पर 544 ओपन वेब स्टील गर्डर वाले पुल के निर्माण के लिए है।

16 सितंबर की एक अलग एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, GPT Infraprojects ने पहले 20 मई 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया था कि उसके बोर्ड ने उसकी दो पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनियों – एल्कोन बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड और जोगबानी हाईवे प्राइवेट लिमिटेड – को GPT Infraprojects लिमिटेड के साथ मिलाने की योजना को मंजूरी दी है।

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), कोलकाता बेंच ने 15 सितंबर 2026 को अपना आदेश सुनाया और 16 सितंबर 2026 को अपनी वेबसाइट पर आदेश अपलोड किया।

NCLT के आदेश के अनुसार, मर्जर स्कीम पर विचार करने और उसे मंजूरी देने के लिए अब GPT Infraprojects के इक्विटी शेयरधारकों और संबंधित कंपनियों के सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स के साथ बैठकें की जाएंगी।

ये बैठकें 15 सितंबर 2026 के 90 दिनों के भीतर होनी चाहिए। सही तारीख और समय का फैसला नियुक्त चेयरमैन द्वारा GPT Infraprojects के साथ सलाह-मशविरा करके किया जाएगा।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स में 12% की गिरावट के मुकाबले GPT Infraprojects के शेयर की कीमत में साल-दर-साल (YTD) 8% की बढ़त हुई है। हफ़्ते के हिसाब से देखें तो स्टॉक में इस हफ़्ते 6% की बढ़त हुई है और ऐसा लग रहा है कि यह लगातार दो हफ़्ते की गिरावट का सिलसिला तोड़ देगा।

30 जनवरी को ₹96 के 52-हफ़्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद, 23 जून को यह स्टॉक ₹150 के 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। फिलहाल 10.57 बजे एनएसई पर शेयर 4 फीसदी की बढ़त के साथ 117.85 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SRF में 33% का उछाल मुमकिन, जानिए HSBC क्यों है शेयर पर बुलिश

SRF Shar Price: 17 सितंबर एसआरएफ (SRF) के शेयरों में 3% की तेजी देखने को मिली। शेयर में यह उछाल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने शेयर पर “Buy” रेटिंग बनाए रखने के बाद आई। ब्रोकरेज ने SRF के लिए ₹3,300 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है, जो बुधवार के क्लोजिंग प्राइस ₹2,480.10 से लगभग 33% ज़्यादा है।

HSBC ने कहा कि भारत के रेफ्रिजरेंट मार्केट को चीन से R32 के कम एक्सपोर्ट से फ़ायदा हो सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार, जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान चीन का R32 एक्सपोर्ट 17,000 टन कम हुआ, जिससे निकट भविष्य में भारतीय उत्पादकों को मदद मिलेगी।

R32 एक सिंगल-कंपोनेंट रेफ्रिजरेंट (डाइफ्लोरोमीथेन) है, जिसका इस्तेमाल एयर कंडीशनिंग और हीट पंप सिस्टम में किया जाता है। चीन R32 का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसका घरेलू उत्पादन पीक पर 2,85,000 मीट्रिक टन तक पहुँच जाता है।

हालांकि, HSBC ने 2027 में भारत में 81,000 टन की क्षमता बढ़ने को चिंता का विषय बताया, जिससे घरेलू सप्लाई बढ़ सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि R134a की ओर प्रोडक्शन कोटा को डायवर्ट करने से अतिरिक्त R32 क्षमता के असर को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। उसे यह भी उम्मीद है कि SRF के स्पेशलिटी केमिकल्स बिजनेस में तेज़ी आने से स्टॉक में मोमेंटम आ सकता है।

R134a एक आम हाइड्रोफ्लोरोकार्बन रेफ्रिजरेंट है जिसका इस्तेमाल ऑटोमोटिव एयर कंडीशनिंग, घरेलू रेफ्रिजरेशन और कमर्शियल कूलिंग सिस्टम में किया जाता है।

एनालिस्ट की राय और स्टॉक का प्रदर्शन

SRF को कवर करने वाले 35 एनालिस्ट में से 22 ने “buy” रेटिंग दी है, 5 ने “hold” रेटिंग दी है और 8 ने स्टॉक पर “sell” की सलाह दी है। 12 महीने का आम सहमति वाला प्राइस टारगेट ₹2,935.7 है, जो सोमवार के क्लोजिंग प्राइस से 18% से ज़्यादा की बढ़त की संभावना दिखाता है।

गुरुवार को कंपनी के शेयरों में 3% तक की बढ़त हुई और ये इंट्राडे में ₹2,554 के हाई पर पहुंचे और 2.3% बढ़कर ₹2,536.90 पर ट्रेड कर रहे थे। इस साल जनवरी से स्टॉक में लगभग 17% की गिरावट आई है।

Turtlemint Fintech Solutions में 41% की तेजी संभव, मोतीलाल ओसवाल ने शुरु की कवरेज, क्या आप करेंगे निवेश

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Saatvik Green Energy Share Price: एक ऑर्डर से झूमा शेयर, हिट किया अपरसर्किट, क्या आपने भी कर रखा है निवेश

Saatvik Green Energy Share Price: स्मॉलकैप कंपनी के शेयर Saatvik Green Energy में 16 सितंबर को शानदार उछाल देखने को मिला। इंट्राडे में कंपनी का शेयर 10% बढ़कर ₹428.60 के अपर सर्किट पर पहुंच गया। दरअसल स्टॉक में यह तेजी कंपनी के ₹1,041.63 करोड़ का ऑर्डर मिलने की घोषणा के बाद देखने को मिली। कंपनी ने सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (SECI) से सोलर मॉड्यूल सप्लाई का एक बड़ा ऑर्डर मिलने की घोषणा की थी।

कंपनी ने 15 सितंबर को बाजार बंद होने के बाद एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, “हम आपको बताना चाहते हैं कि सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से सोलर PV मॉड्यूल की सप्लाई के लिए ₹1,041.63 करोड़ का ऑर्डर मिला है और उसने इसे स्वीकार कर लिया है।”

कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह ऑर्डर दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा।

इससे पहले 3 दिसंबर को, कंपनी ने जानकारी दी थी कि उसकी मुख्य सब्सिडियरी, सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को दो जाने-माने इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स/EPC कंपनियों से सोलर PV मॉड्यूल की सप्लाई के लिए ₹297.5 करोड़ का ऑर्डर मिला था और उसने इसे स्वीकार कर लिया था; यह ऑर्डर मार्च 2027 तक पूरा किया जाएगा।

FY26 का फाइनेंशियल प्रदर्शन

पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में, सात्विक ग्रीन एनर्जी का ऑपरेशन्स से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 111% बढ़कर ₹4,548.44 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹2,158.39 करोड़ था। साल के लिए टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट 64.5% बढ़कर ₹357.12 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹217.15 करोड़ था।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

महीने के हिसाब से देखें तो यह स्टॉक इस साल जुलाई से नीचे चल रहा है। हालांकि, साल की शुरुआत से अब तक (year-to-date) स्टॉक में 10% की बढ़त हुई है, जो इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स से बेहतर प्रदर्शन है, जबकि सेंसेक्स इसी अवधि में 13% नीचे रहा है।

इस स्टॉक ने पिछले साल 15 अक्टूबर को ₹580 का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर और इस साल 9 मार्च को ₹329.70 का 52-हफ्ते का निचला स्तर छुआ था।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Titan Share Price: 20% अभी ओर चढ़ सकता है शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने बताई ये वजह

Titan Share Price: टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन के शेयरों में शुक्रवार 11 सितंबर को दबाव देखने को मिला। जिसके चलते स्टॉक में पिछले 1 महीने से चल रही करेक्शन जारी रही। हालांकि बाजार में अपनी मजबूत स्थिति के कारण टाटा ग्रुप की इस कंपनी के अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। यहीं कारण है कि ब्रोकरेज फर्म शेयर पर बुलिश नजर आ रहा है। साथ ही ₹6,000 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस दिया है, जो इसमें 20 फीसदी की अपसाइड दिखाता है।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सोने की कीमतों में स्थिरता से कंपनी के मार्जिन में सुधार हो सकता है । ज्वेलरी इंडस्ट्री की एक प्रमुख कंपनी, टाइटन, अपने मजबूत पुराने कामकाज के रिकॉर्ड के दम पर टॉप कंपनियों में बनी रहेगी। ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, यह बड़ी ज्वेलरी कंपनी इंडस्ट्री की सकारात्मक ग्रोथ संभावनाओं का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।

हालांकि टाइटन कंपनी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है, लेकिन बाजार में इसकी हिस्सेदारी केवल 8.5% है। इसका बढ़ता स्टोर नेटवर्क, कई तरह के फॉर्मेट वाला पोर्टफोलियो और स्थापित ब्रांड वैल्यू इसे इस बड़े बदलाव का बहुत अधिक फायदा उठाने में मदद कर सकते हैं। कंपनी की मजबूत स्थिति, ब्रांडेड प्लेयर के तौर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन और सोने की कीमतों में स्थिरता से कंपनी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

मोतीलाल ओसवाल ने शुक्रवार, 11 सितंबर को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा, “हम ज्वेलरी इंडस्ट्री में ग्रोथ को लेकर सकारात्मक हैं, खासकर टॉप कंपनियों के मामले में, जहां टाइटन एक लीडर है और अपने शानदार पुराने कामकाज के रिकॉर्ड के कारण सबसे अच्छी स्थिति में है। हम FY26-29E के दौरान बिक्री में 17% CAGR, EBITDA में 21% और APAT में 23% CAGR का अनुमान लगाते हैं।”

क्या दिया टारगेट प्राइस

मोतीलाल ओसवाल ने इस स्टॉक के लिए ₹6,000 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ Buy की रेटिंग दी है। हम FY26-29E के दौरान बिक्री में 17% CAGR, EBITDA में 21% और APAT में 23% CAGR का अनुमान लगाते हैं। हम सितंबर 2028 के अनुमानित EPS के 60 गुना (60x) के आधार पर ₹6,000 के टारगेट प्राइस (TP) के साथ इस स्टॉक पर अपनी ‘खरीदने’ (BUY) की रेटिंग को दोहराते हैं।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

शुक्रवार को एनएसई पर टाइटन कंपनी का शेयर 0.23% गिरकर ₹5009 प्रति शेयर पर बंद हुआ। शेयर ने ₹5,014.30 प्रति शेयर का इंट्राडे हाई और ₹4,943.75 प्रति शेयर का इंट्राडे लो छुआ।

कंपनी के शेयर का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 35.39% है। पिछले एक महीने में इसके शेयर की कीमत में 2.58% की गिरावट आई है। इस शेयर ने तीन महीनों में 23.8% और एक साल में लगभग 38.99% का रिटर्न दिया है।

ESDS Software Share: निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले, 6 ट्रेडिंग सेशन में 300% चढ़ा शेयर, आज भी हिट किया अपर सर्किट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

LT Foods Share Price: 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचा शेयर, जानिए क्या है वजह

LT Foods  Share Price: LT Foods के शेयरों में 24 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान एक साल की ऊंचाई ₹487 पर पहुंच गए। सोमवार को ट्रेडिंग के पहले हिस्से में 32 मिलियन से ज़्यादा शेयरों का लेन-देन हुआ। यह पिछले 10 दिनों के औसत वॉल्यूम से 86 गुना ज़्यादा है।

LT Foods के शेयर की कीमत इंट्रा-डे ट्रेडिंग में 13% बढ़कर ₹482.85 के 52-हफ़्ते के नए हाई पर पहुंच गए। इस स्टॉक ने 19 सितंबर, 2025 को बने अपने पिछले ₹479.80 के हाई को पार कर लिया। NSE और BSE पर कुल मिलाकर 13.14 मिलियन इक्विटी शेयरों का लेन-देन हुआ, जिससे काउंटर पर औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 10 गुना से ज़्यादा बढ़ गया। शेयर आज 7.34 फीसदी की बढत के साथ 459 रुपये पर बंद हुआ।

इस साल स्टॉक में यह दूसरी सबसे बड़ी एक-दिन की बढ़त थी, इससे पहले फरवरी में एक सेशन में इसमें 14% की तेज़ी आई थी। कंपनी के शेयरों में इस साल अब तक 25% से ज़्यादा और पिछले 12 महीनों में 13% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

LT Foods के शेयरों में यह तेजी चावल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई आम बढ़त के बाद देखी गई। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान KRBL और AWL Agri Business जैसी कंपनियों के शेयरों में क्रमशः 6.39% और 1.63% की बढ़त हुई।

शेयरहोल्डिंग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रमोटरों के पास कंपनी के 51% से ज़्यादा शेयर थे, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 29.95% शेयर थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों के पास 10.84% ​​और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास 8.21% शेयर थे।

जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए LT Foods का रेवेन्यू 11.56% बढ़कर ₹1,172.08 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1,050.56 करोड़ था। नेट प्रॉफ़िट 89.67% बढ़कर ₹70.16 करोड़ हो गया, जो पहले ₹36.99 करोड़ था। इस महीने की शुरुआत में रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, इसी अवधि में कुल आय 10.77% बढ़कर ₹1,176.11 करोड़ हो गई, जो पहले ₹1,061.73 करोड़ थी।

गुरुग्राम स्थित FMCG कंपनी मुख्य रूप से चावल का कारोबार करती है और अपने उत्पादों को US, UK और वेस्ट एशिया सहित 85 देशों में एक्सपोर्ट करती है। कंपनी अपना मुख्य चावल ब्रांड ‘दावत’ (Daawat) बनाती है और उसने पहले बताया था कि उसके FY25 के रेवेन्यू का 9% हिस्सा वेस्ट एशिया में एक्सपोर्ट से आया था।

वेस्ट एशियन मार्केट में कंपनी की मौजूदगी ने इस साल की शुरुआत में उसके शेयरों पर खास असर डाला था, जब उस क्षेत्र में चावल के एक्सपोर्ट पर मौजूदा जियोपॉलिटिकल तनाव का कुछ समय के लिए असर पड़ा था।

Apollo Tyres Share Price: ब्रोकरेज ने रेटिंग की अपग्रेड, शेयर 5% चढ़ा, दिया 34% अपसाइड का टारगेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

KEI Industries Share Price:अच्छे तिमाही नतीजों से शेयर सरपट दौड़ा, 9% उछलकर 4 हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव, अब क्या करें?

KEI Industries Share Price: केबल इंडस्ट्रीज KEI Industries का शेयर 4 अगस्त को 9 फीसदी से ज्यादा तेजी देखने को मिली और यह आज ₹5,475 प्रति के चार हफ़्ते के हाई पर पहुंच गया। शेयर में यह तेजी तिमाही नतीजों के बाद देखने को मिली है। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिखाए, जिसकी वजह रेवेन्यू मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार था।

कंपनी ने जून तिमाही के लिए ₹3,190 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो साल-दर-साल (YoY) आधार पर 23% की बढ़ोतरी है।

ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल के अनुसार, जहां टॉपलाइन (रेवेन्यू) मजबूत रही, वहीं वॉल्यूम ग्रोथ सिंगल-डिजिट में ही रही। इसकी वजह इनपुट कॉस्ट में भारी बढ़ोतरी और पॉलीकैब, हैवेल्स और RR काबेल जैसी दूसरी कंपनियों के वॉल्यूम ट्रेंड में सुस्ती थी।

ऑपरेटिंग लेवल पर, EBITDA साल-दर-साल 53% बढ़कर ₹400 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 240 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 12.4% हो गया। इसकी वजह ऑपरेटिंग लेवरेज और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स था। बॉटम लाइन (मुनाफ़े) की बात करें तो, कंपनी ने ₹270 करोड़ का नेट प्रॉफ़िट (PAT) दर्ज किया, जो साल-दर-साल 40% ज़्यादा है। हालाँकि, तिमाही के दौरान ‘अन्य आय’ (other income) कम होने के कारण प्रॉफ़िट ग्रोथ, EBITDA ग्रोथ के मुकाबले कम रही।

मज़बूत मार्जिन परफॉर्मेंस के बाद, ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल का मानना ​​है कि इस बात की काफ़ी संभावना है कि कंपनी FY27 के लिए अपने 10.5%–11% के EBITDA मार्जिन गाइडेंस को बढ़ा सकती है।

ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर चैनल ग्रोथ का मुख्य ड्राइवर बना रहा। इस तिमाही में कुल रेवेन्यू में इसका योगदान लगभग 59% रहा, जबकि एक साल पहले यह 51% था।

इस चैनल से रेवेन्यू साल-दर-साल 42% बढ़कर ₹1,880 करोड़ हो गया। चूंकि डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर के ज़रिए होने वाली बिक्री पर आम तौर पर ज़्यादा मार्जिन मिलता है, इसलिए बेहतर होते चैनल मिक्स से भविष्य में मुनाफ़े को सहारा मिलने की उम्मीद है।

कंपनी ने अपनी सलारपुर फैसिलिटी में ₹700 करोड़ की कैपेसिटी बढ़ाने (क्षमता विस्तार) की भी घोषणा की, ताकि 50,000 km केबल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और 40,000 मीट्रिक टन GI वायर कैपेसिटी जोड़ी जा सके।

यह प्रोजेक्ट चरणों में पूरा किया जाएगा और इसके FY29 की दूसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। जून तिमाही के आखिर तक, कैपेसिटी यूटिलाइज़ेशन (क्षमता का उपयोग) केबल के लिए लगभग 72%, कम्युनिकेशन केबल के लिए 45%, हाउस वायर और वाइंडिंग वायर के लिए 61% और स्टेनलेस स्टील वायर के लिए 91% था।

ब्रोकरेज की शेयर पर क्या है राय

जून तिमाही के नतीजों के बाद, JM फाइनेंशियल ने KEI इंडस्ट्रीज़ पर अपनी ‘buy’ रेटिंग दी है और इसके लिए टारगेट प्राइस ₹5,800 तय किया। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि कंपनी का EBITDA मार्जिन प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है, जिससे FY27 के लिए मार्जिन गाइडेंस में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।उन्हें यह भी उम्मीद है कि FY28 में मार्जिन और बढ़ेगा, क्योंकि FY27 के आखिर तक एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज (EHV) केबल फैसिलिटीज़ शुरू हो जाएंगी।

वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने भी स्टॉक पर अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹5,010 तय किया। हालांकि, स्टॉक अभी अपने टारगेट प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

ब्रोकरेज ने बताया कि KEI का Q1 FY27 EBITDA उनके अनुमान से ज़्यादा रहा। इसकी वजह केबल्स एंड वायर्स (C&W) और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) सेगमेंट में मज़बूत रेवेन्यू ग्रोथ थी, हालांकि EPC बिजनेस को इस तिमाही में नुकसान हुआ।

मोतीलाल ओसवाल ने आगे कहा कि वे C&W सेक्टर को लेकर स्ट्रक्चरली पॉजिटिव हैं, क्योंकि इसमें लंबे समय तक ग्रोथ के मजबूत कारण मौजूद हैं और लगातार मांग बनी हुई है।

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