Stocks to Watch: 23 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 7 शेयर, अदाणी और टाटा ग्रुप के स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch:  बुधवार 23 सितंबर को शेयर बाजार में कई कंपनियां अहम खबरों के चलते फोकस में रह सकती हैं। अदाणी और टाटा ग्रुप की कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट आए हैं। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भी कुछ शेयरों पर दिख सकता है। वहीं, हिस्सेदारी बढ़ाने, प्रमोटर सेल और नए स्टोर से जुड़े अपडेट भी हैं।

Adani Group Stocks

अडानी ग्रुप की कंपनियां फोकस में रहेंगी। SEBI ने Adani Enterprises, Adani Total Gas, AWL Agri Business, Adani Green Energy और Adani Energy Solutions से जुड़े मामलों को ₹1.51 करोड़ के सेटलमेंट के साथ निपटाया है। मामला हिंडनबर्ग रिपोर्ट में उठाए गए RPT और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े सवालों से जुड़ा था।

OMCs Stocks

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां यानी OMCs फोकस में रहेंगी। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। Brent क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों से तेल बाजार पर असर पड़ा है।

Tata Group Stocks

टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर भी नजर रहेगी। Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद जारी है। NCP (SP) प्रमुख शरद पवार ने Tata Trusts की भूमिका और ग्रुप की मौजूदा ट्रस्ट-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने की बात कही है।

Persistent Systems

आईटी सेक्टर की कंपनी Persistent Systems ने Nagarro में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। कंपनी ने 61.15% अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल की है। इसके साथ Nagarro में उसकी कुल हिस्सेदारी 83.25% हो गई है। अतिरिक्त शेयरों के लिए स्वीकृति अवधि 23 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चलेगी।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC Bank में नए MD और CEO के फैसले पर नजर रहेगी। बैंक के बोर्ड ने RBI को दो नाम भेजे हैं। दोनों नाम तीन साल के कार्यकाल के लिए मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। बैंक ने अभी आधिकारिक तौर पर नामों का खुलासा नहीं किया है।

Allied Blenders & Distillers

शराब बनाने वाली कंपनी Allied Blenders & Distillers के प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया 55 लाख तक शेयर बेच सकती हैं। यह कंपनी की करीब 1.97% हिस्सेदारी है। बिक्री का मकसद न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की जरूरत पूरी करना है।

Allcargo Terminals

लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Allcargo Terminals के अगस्त के कुल वॉल्यूम में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का कुल वॉल्यूम 65.6 हजार TEUs रहा। यह पिछले साल के मुकाबले 6% और जुलाई के मुकाबले 5% ज्यादा है।

360 ONE WAM

वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर की कंपनी 360 ONE WAM ने Aashish Agarwal को CEO नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 15 फरवरी 2027 से प्रभावी होगी। इसी तारीख से MD Karan Bhagat को Vice Chairman की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।

IRB Infrastructure Developers

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी IRB Infrastructure Developers के बोर्ड ने कुछ संपत्तियों को बेचकर रकम जुटाने की मंजूरी दी है। बोर्ड ने इस प्रक्रिया के लिए कंपनी को अधिकृत भी किया है। अब कंपनी इन एसेट्स के मॉनेटाइजेशन की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

Shoppers Stop

रिटेल सेक्टर की कंपनी Shoppers Stop ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। कंपनी ने अहमदाबाद के Sindhu Bhavan और जबलपुर के Mall 11 में नए स्टोर खोले हैं। इसके साथ 31 अगस्त 2026 तक कंपनी के डिपार्टमेंट स्टोर्स की कुल संख्या 117 हो गई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SEBI ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों का केस ₹1.51 करोड़ में निपटाया, हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़ा था मामला

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों के खिलाफ चल रहे मामले को सेटल कर दिया है। इन कंपनियों ने कुल ₹1.51 करोड़ का भुगतान किया है। यह मामला अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के खुलासे से जुड़ा था। उसमें रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस (RPT) और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े सवाल उठाए गए थे।

SEBI ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के आरोपों की जांच के दौरान इन मामलों की पड़ताल की थी। इसमें SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements (LODR) नियमों, पुराने Listing Agreement और दूसरे लागू नियमों के संभावित उल्लंघन को देखा गया था।

इन पांच कंपनियों ने कितनी रकम दी?

सेटलमेंट के तहत Adani Enterprises ने ₹76.05 लाख दिए हैं। Adani Green Energy ने ₹45.50 लाख का भुगतान किया है। वहीं, Adani Total Gas, AWL Agri Business और Adani Energy Solutions ने ₹9.75 लाख-₹9.75 लाख दिए हैं।

इन पांचों रकम को जोड़ें तो कुल भुगतान करीब ₹1.51 करोड़ बैठता है।

Adani Enterprises पर क्या मामला था?

SEBI की कार्यवाही में Adani Enterprises पर अपनी एनुअल रिपोर्ट में कुछ रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस यानी ग्रुप कंपनियों के बीच लेनदेन की जानकारी नहीं देने का आरोप था। इसके अलावा कंपनी की ऑडिट और लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट्स ऐसी ऑडिट फर्मों ने साइन की थीं, जिनके पास वैध Peer Review Certificate नहीं था।

यह सर्टिफिकेट ऑडिट फर्म की क्वालिटी रिव्यू प्रक्रिया से जुड़ा प्रमाणपत्र है। SEBI ने इसी से जुड़े नियमों के संभावित उल्लंघन को भी कार्यवाही में शामिल किया था।

बाकी कंपनियों पर क्या आरोप थे?

Adani Total Gas, AWL Agri Business और Adani Green Energy के मामले में भी ऑडिट या लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट्स से जुड़ा मुद्दा था। इन रिपोर्ट्स पर ऐसी ऑडिट फर्म ने हस्ताक्षर किए थे, जिसके पास वैध सर्टिफिकेट नहीं था।

Adani Energy Solutions के मामले में जून 2015 की तिमाही की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट को लेकर इसी तरह की आपत्ति थी।

कंपनियों ने आरोप स्वीकार नहीं किए

इन कंपनियों ने SEBI के साथ मामले को सेटल करने का रास्ता चुना। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनियों ने SEBI के जांच के नतीजों को स्वीकार कर लिया।

सेटलमेंट के तहत कंपनियों ने तथ्यों से जुड़े निष्कर्षों या कानूनी निष्कर्षों को न तो स्वीकार किया और न ही खारिज किया।

सितंबर में पूरा हुआ सेटलमेंट

SEBI की हाई पावर्ड एडवाइजरी कमेटी ने जून 2026 में संशोधित सेटलमेंट टर्म्स की सिफारिश की थी। इसके बाद अगस्त में SEBI के होलटाइम मेंबर्स के पैनल ने इन शर्तों को मंजूरी दी।

कंपनियों ने 5 सितंबर को SEBI को बताया कि सेटलमेंट की रकम जमा कर दी गई है। SEBI ने भी भुगतान मिलने की पुष्टि की। इसके बाद 22 सितंबर को SEBI ने इन मामलों को खत्म कर दिया।

क्या अब SEBI दोबारा कार्रवाई नहीं कर सकता?

ऐसा नहीं है। सेटलमेंट ऑर्डर में SEBI ने अपने अधिकार सुरक्षित रखे हैं। अगर सेटलमेंट के दौरान कंपनियों की ओर से दी गई कोई जानकारी बाद में गलत पाई जाती है, सेटलमेंट की शर्तों का उल्लंघन होता है या रकम तय करने में कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो SEBI आगे कार्रवाई कर सकता है।

ऐसी स्थिति में SEBI पुरानी कार्यवाही को फिर से शुरू कर सकता है या नया एक्शन शुरू कर सकता है।

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LT Foods Share Price: 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचा शेयर, जानिए क्या है वजह

LT Foods  Share Price: LT Foods के शेयरों में 24 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान एक साल की ऊंचाई ₹487 पर पहुंच गए। सोमवार को ट्रेडिंग के पहले हिस्से में 32 मिलियन से ज़्यादा शेयरों का लेन-देन हुआ। यह पिछले 10 दिनों के औसत वॉल्यूम से 86 गुना ज़्यादा है।

LT Foods के शेयर की कीमत इंट्रा-डे ट्रेडिंग में 13% बढ़कर ₹482.85 के 52-हफ़्ते के नए हाई पर पहुंच गए। इस स्टॉक ने 19 सितंबर, 2025 को बने अपने पिछले ₹479.80 के हाई को पार कर लिया। NSE और BSE पर कुल मिलाकर 13.14 मिलियन इक्विटी शेयरों का लेन-देन हुआ, जिससे काउंटर पर औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 10 गुना से ज़्यादा बढ़ गया। शेयर आज 7.34 फीसदी की बढत के साथ 459 रुपये पर बंद हुआ।

इस साल स्टॉक में यह दूसरी सबसे बड़ी एक-दिन की बढ़त थी, इससे पहले फरवरी में एक सेशन में इसमें 14% की तेज़ी आई थी। कंपनी के शेयरों में इस साल अब तक 25% से ज़्यादा और पिछले 12 महीनों में 13% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

LT Foods के शेयरों में यह तेजी चावल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई आम बढ़त के बाद देखी गई। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान KRBL और AWL Agri Business जैसी कंपनियों के शेयरों में क्रमशः 6.39% और 1.63% की बढ़त हुई।

शेयरहोल्डिंग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रमोटरों के पास कंपनी के 51% से ज़्यादा शेयर थे, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 29.95% शेयर थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों के पास 10.84% ​​और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास 8.21% शेयर थे।

जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए LT Foods का रेवेन्यू 11.56% बढ़कर ₹1,172.08 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1,050.56 करोड़ था। नेट प्रॉफ़िट 89.67% बढ़कर ₹70.16 करोड़ हो गया, जो पहले ₹36.99 करोड़ था। इस महीने की शुरुआत में रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, इसी अवधि में कुल आय 10.77% बढ़कर ₹1,176.11 करोड़ हो गई, जो पहले ₹1,061.73 करोड़ थी।

गुरुग्राम स्थित FMCG कंपनी मुख्य रूप से चावल का कारोबार करती है और अपने उत्पादों को US, UK और वेस्ट एशिया सहित 85 देशों में एक्सपोर्ट करती है। कंपनी अपना मुख्य चावल ब्रांड ‘दावत’ (Daawat) बनाती है और उसने पहले बताया था कि उसके FY25 के रेवेन्यू का 9% हिस्सा वेस्ट एशिया में एक्सपोर्ट से आया था।

वेस्ट एशियन मार्केट में कंपनी की मौजूदगी ने इस साल की शुरुआत में उसके शेयरों पर खास असर डाला था, जब उस क्षेत्र में चावल के एक्सपोर्ट पर मौजूदा जियोपॉलिटिकल तनाव का कुछ समय के लिए असर पड़ा था।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: आज 24 जुलाई को Tata Steel, Vedanta, Swiggy, Bajaj Finance, Astra Microwave समेत इन शेयरों पर नजर, बड़ी हलचल की उम्मीद

शुक्रवार, 31 जुलाई को कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें टाटा स्टील, वेदांता, स्विगी, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व, एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स, अबर्न कंपनी, नवीन फ्लोरीन, आरती इंडस्ट्रीज, मझगांव डॉक, रेलटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे नाम प्रमुख हैं। कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज नतीजे जारी करने वाली हैं। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट या अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा।

इसके अलावा 65 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 31 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। साथ ही 2 लिस्टिंग भी होने वाली हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व, अर्बन कंपनी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, GAIL (इंडिया), ITC, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज, ABB इंडिया, आधार हाउसिंग फाइनेंस, श्री सीमेंट, आदित्य बिड़ला कैपिटल, डिक्सन टेक्नोलोजिज (इंडिया), नारायण हृदयालय, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स, क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट और शैडोफैक्स टेक्नोलॉजिज

1 अगस्त को ये कंपनियां जारी करेंगी तिमाही रिजल्ट

डिविस लैबोरेटरीज, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, मुथूट फाइनेंस, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स, लेटेंट व्यू एनालिटिक्स, आदित्य बिड़ला लाइफस्टाइल ब्रांड्स, क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ईपैक प्रीफैब टेक्नोलोजिज और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक

आज इन प्रमुख शेयरों पर रहेगी खास नजर

Tata Steel: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.6% बढ़कर 2,318.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14.3% बढ़कर 60,794.3 करोड़ रुपये हो गया।

Vedanta: जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध मुनाफा (कंपनी के मालिकों के लिए) 5473 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे से 72 प्रतिशत ज्यादा है। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 53.6 प्रतिशत बढ़कर 24205 करोड़ रुपये हो गया।

महिंद्रा एंड महिंद्रा: Q1 में शुद्ध लाभ एक साल पहले से 34 प्रतिशत बढ़कर 5,455 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर 58,188 करोड़ रुपये हो गया।

Swiggy: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर घटकर 791 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले घाटा 1,197 करोड़ रुपये का था। रेवेन्यू 37.3% बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये हो गया।

Bajaj Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 27 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5985.75 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 23165.45 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय में सालाना आधार पर 24 प्रतिशत का इजाफा देखा गया और यह 11,495 करोड़ रुपये हो गई।

Torrent Pharmaceuticals: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 3.3% बढ़कर 566 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 54.8% बढ़कर 4,921 करोड़ रुपये रहा।

RailTel Corporation of India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 0.5% घटकर 65.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 20.1% बढ़कर 893.3 करोड़ रुपये हो गया।

Mazagon Dock Shipbuilders: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 21.5% बढ़कर 549.4 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 12.1% की बढ़ोतरी के साथ 2,942.7 करोड़ रुपये हो गया।

LIC Housing Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.9% बढ़कर 1,499 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय 0.6% की बढ़ोतरी के साथ 2,087.2 करोड़ रुपये रही।

Data Patterns India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 13.5% घटकर 22.1 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 16.8% बढ़कर 116 करोड़ रुपये हो गया।

AWL Agri Business: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 48.2% बढ़कर 350.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 20,048.1 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने पंकज गोयल को 31 जुलाई से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त किया है।

Thermax: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83.4% घटकर 25.2 करोड़ रुपये पर आ गया। रेवेन्यू 6.7% की बढ़ोतरी के साथ 2,302.7 करोड़ रुपये हो गया।

Aarti Industries: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 260.5% बढ़कर 155 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 42.4% बढ़कर 2,387 करोड़ रुपये हो गया।

Indegene: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 0.2% घटकर 116.2 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 39.7% बढ़कर 1,063.1 करोड़ रुपये हो गया।

Astra Microwave Products: कंपनी को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स से 2,205.23 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर ‘उत्तम रडार प्रोग्राम’ के लिए 122 एडवांस्ड एयरबोर्न एक्टिव ऐरे यूनिट्स (AAAUs) और 121 इंटरफेस फ्रेम के लिए है।

Navin Fluorine International: कंपनी ने डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) के साथ सोडियम बोरोहाइड्राइड के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए एक समझौता किया है। इसका मकसद एक अहम डिफेंस मैटीरियल के लिए स्वदेशी प्रोसेस डेवलपमेंट को तेज करना है।

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बल्क और ब्लॉक डील्स

IIFL Finance: FIH मॉरीशस इनवेस्टमेंट्स ने IIFL फाइनेंस में 63.39 लाख शेयर 374.02 करोड़ रुपये में बेचे। अमेरिकन फंड इंश्योरेंस सीरीज ग्लोबल स्मॉल कैपिटलाइजेशन फंड ने 9.8 करोड़ रुपये में 1.66 लाख शेयर खरीदे। स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने 364.2 करोड़ रुपये में 61.73 लाख शेयर खरीदे।

Sapphire Foods India: फिडेलिटी फंड्स इंडिया फोकस फंड ने अतिरिक्त 20.22 लाख शेयर 39.58 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। सिंगापुर सरकार ने 18.95 लाख शेयर 37.1 करोड़ रुपये में बेचे हैं।

Xtranet Technologies: मित्तल ग्रोथ पार्टनर्स LLP ने 9.4 लाख शेयर 12.69 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Bai-Kakaji Polymers: अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड ने 6.08 लाख शेयर 12.18 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। टाइगर स्ट्रैटेजीज फंड-I ने 2.16 करोड़ रुपये में 1.08 लाख शेयर बेचे हैं। संजय पोपटलाल जैन ने 6.84 करोड़ रुपये में 3.42 लाख शेयर बेचे हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

क्यूब हाईवेज ट्रस्ट

सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

कोल इंडिया

आयशर मोटर्स

REC

भारती हेक्साकॉम

एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज

कल्याणी स्टील्स

मफतलाल इंडस्ट्रीज

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक

अनंत राज

कोरोमंडल एग्रो प्रोडक्ट्स एंड ऑयल्स

सिटी यूनियन बैंक

ASK ऑटोमोटिव

बेजल प्रोजेक्ट्स

बाटा इंडिया

ADC इंडिया कम्युनिकेशंस

ऑलडिजी टेक

बाटलीबोई

सेलो वर्ल्ड

सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स

बंगाल टी एंड फैब्रिक्स

अमल

बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी

कैंपस एक्टिववियर

कार्बोरंडम यूनिवर्सल

सिएट

DCM श्रीराम

EIH

ममता मशीनरी

नेक्सोम कैपिटल मार्केट्स

इंटरनेशनल ट्रैवल हाउस

एक्सप्लेओ सॉल्यूशंस

केल्टेक एनर्जीज

किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स

KPT इंडस्ट्रीज

फाइन ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज

कैरा कैन कंपनी

केसी इंडस्ट्रीज

गैलेक्सी सर्फेक्टेंट्स

गंधार ऑयल रिफाइनरी (इंडिया)

एंड्योरेंस टेक्नोलोजिज

GE पावर इंडिया

हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन

फाइव-स्टार बिजनेस फाइनेंस

ग्रीनपैनल इंडस्ट्रीज

इगाराशी मोटर्स इंडिया

रेडटेप

वरुण बेवरेजेज

V-गार्ड इंडस्ट्रीज

RK स्वामी

PNB हाउसिंग फाइनेंस

इंडिजीन

प्लेटिनमवन बिजनेस सर्विसेज

इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज

प्रिवी स्पेशलिटी केमिकल्स

प्रदीप मेटल्स

प्रिसिजन वायर्स इंडिया

सिंगर इंडिया

सिरका पेंट्स इंडिया

रामा फॉस्फेट्स

सैकसॉफ्ट

शिलचर टेक्नोलोजिज

टिम्केन इंडिया

स्मृति ऑर्गेनिक्स

स्पाइस आइलैंड्स इंडस्ट्रीज

स्ट्राइड्स फार्मा साइंस

WPIL

स्टॉक स्प्लिट के लिए ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

नर्मदा एग्रोबेस

Asian Market Today: चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से एशियाई बाजारों में रौनक,कोस्पी 13% ऊपर, निक्केई 5% चढ़ा

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Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी का मुनाफा 25% घटा, रेवेन्यू बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Q1 Results: एग्रो केमिकल कंपनी Coromandel International ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 24.6% घटकर 381 करोड़ रुपये रह गया।

पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 505 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। हालांकि, ऑपरेशन से रेवेन्यू 15.9% बढ़कर 8,165 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 7,042 करोड़ रुपये था।

बढ़ती लागत से मुनाफे पर दबाव

रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी के बावजूद बढ़ती लागत का असर कंपनी की कमाई पर पड़ा। जून तिमाही में EBITDA 3.4% घटकर 756 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 782 करोड़ रुपये था। वहीं EBITDA मार्जिन 11.1% से घटकर 9.3% पर आ गया। यानी कंपनी हर 100 रुपये की बिक्री पर पहले के मुकाबले कम ऑपरेटिंग मुनाफा कमा सकी।

NACL Industries अधिग्रहण का असर

Coromandel ने कहा कि इस बार के नतीजों की पिछले साल से सीधी तुलना पूरी तरह सही नहीं होगी। इसकी वजह NACL Industries का अधिग्रहण है। Coromandel ने अगस्त 2025 में NACL Industries में 53.08% हिस्सेदारी खरीदी थी। अब उसके वित्तीय नतीजे भी कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों में शामिल हैं, जिससे दोनों अवधियों की तुलना प्रभावित हुई है।

पिछली तिमाही भी रही थी कमजोर

मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 76% गिरकर 140 करोड़ रुपये रह गया था। उस दौरान 70.6 करोड़ रुपये के एकमुश्त (Exceptional) नुकसान का भी असर रहा था। हालांकि, रेवेन्यू 20.4% बढ़कर 6,004 करोड़ रुपये पहुंच गया था।

डिविडेंड और शेयर का हाल

Coromandel के बोर्ड ने 2 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है। इसका भुगतान 21 अगस्त 2026 तक किया जाएगा।

कंपनी के नतीजे बाजार बंद होने के बाद आए। इससे पहले NSE पर Coromandel International का शेयर करीब 1% की गिरावट के साथ 2,019 रुपये पर बंद हुआ। अब अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर इन नतीजों पर रहेगी।

जल्द ही अदाणी एयरपोर्ट और GMR ग्रुप  भी उड़ा सकेंगे अपने यात्री जहाज, सरकार नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी में

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