डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड की टेंशन बरकरार, क्या भारतीय बाजारों पर दिखेगा इसका असर

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी से सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में बढ़त, नैस्डैक की रिकॉर्ड क्लोजिंग और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार का मूड बेहतर हुआ है। हालांकि, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और जारी जियोपॉलिटिकल जोखिमों के कारण रिकवरी धीमी रह सकती है, खासकर तब जब निफ्टी ने सोमवार को लगातार चार सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 54 अंक या 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,630 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय शेयरों में रिकवरी दिखी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण लगातार चार सत्रों की गिरावट का सिलसिला थम गया। सेंसेक्स 472.77 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 72,382.47 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 133.80 अंक या 0.60 प्रतिशत बढ़कर 22,555.75 पर बंद हुआ।

ग्लोबल माहौल काफी हद तक सकारात्मक है। रात भर वॉल स्ट्रीट में तेजी के बाद एशिया में टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त देखी जा रही है। पिछले सत्र में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के बाद ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, क्योंकि मध्य पूर्व से अधिक निर्यात और G7 द्वारा आपातकालीन स्टॉक जारी करने की योजना से सप्लाई की चिंताएं कम हुई हैं।

हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली अभी भी एक चुनौती बनी हुई है। FII ने 5 अक्टूबर को 4,699 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस बिकवाली को संभाला और 5,181 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे।

नैस्डैक के रिकॉर्ड के बाद एशियाई बाजारों में तेजी

मंगलवार को एशियाई शेयरों में बढ़त देखी गई, जो अमेरिका में टेक्नोलॉजी शेयरों की रैली और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से प्रेरित थी। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे व्यापक इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि जापान का निक्केई 0.7 प्रतिशत बढ़ा। यूरोपीय इक्विटी फ्यूचर्स में 0.5 प्रतिशत की तेजी आई।

अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी हल्की बढ़त देखी गई, जिसमें नैस्डैक फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत और S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत ऊपर रहे। हालांकि, लंबे समय वाले US ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के उच्चतम स्तर के करीब बने रहे, जिससे ग्लोबल फाइनेंशियल हालात कड़े रहे और इक्विटी वैल्यूएशन के लिए लगातार जोखिम बना रहा।

Nvidia और Microsoft में तेजी से Nasdaq रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

सोमवार को वॉल स्ट्रीट बढ़त के साथ बंद हुआ। इसमें टेक्नोलॉजी शेयरों की अहम भूमिका रही, क्योंकि Nvidia और Microsoft ने Nasdaq को रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंचा दिया। Nasdaq कंपोजिट 1.05 प्रतिशत बढ़कर 27,477.31 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.66 प्रतिशत बढ़कर 7,773.95 पर बंद हुआ। Dow Jones इंडस्ट्रियल एवरेज 0.18 प्रतिशत बढ़कर 51,267.90 पर पहुंच गया।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों को कुछ राहत मिली, जबकि अब ध्यान आने वाले तिमाही नतीजों के सीज़न की ओर बढ़ रहा है।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

Enrich Money के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार से निकट अवधि में सहारा मिल रहा है, लेकिन लगातार जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और एनर्जी व शिपिंग रूट में फिर से रुकावट का जोखिम निवेशकों को सतर्क रखेगा।

पोनमुडी निफ्टी के लिए 22,600 को तत्काल रेजिस्टेंस मानते हैं। अगर यह स्तर लगातार टूटता है (ब्रेकआउट होता है), तो रिकवरी 22,800-23,000 तक बढ़ सकती है। नीचे की ओर, 22,400 तत्काल सपोर्ट है, और उसके बाद 22,200 का अहम स्तर है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि अच्छी शुरुआत के बाद निफ्टी नीचे आ गया क्योंकि इंडेक्स को 22,600 के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। डे ने कहा, “कुल मिलाकर, यह ऊपर बंद होने से पहले 200-पॉइंट की रेंज में रहा। RSI अभी भी ओवरसोल्ड ज़ोन में है और बेयरिश क्रॉसओवर बना हुआ है। सेंटीमेंट कमज़ोर बना हुआ है और सपोर्ट 22,400 पर है। अगर यह इस लेवल से नीचे गिरता है, तो बेयरिश ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है। दूसरी ओर, अगर यह 22,600 से ऊपर बना रहता है, तो कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Hot Stocks : बाजार में बढ़त के साथ हो रहा कारोबार, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर लगाएं दांव

Hot Stocks : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं और निफ्टी 22700 के ऊपर दिख रहा है। सुबह 10:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 227 अंक यानी 0.31 प्रतिशत बढ़कर 72,756 पर और निफ्टी 4.60 अंक या 0.02 प्रतिशत बढ़कर 22,720 पर दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT, मीडिया और PSU बैंक में 1-2% की बढ़त हुई है। जबकि मेटल और फार्मा में लगभग 1-1% की गिरावट आई है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5-0.5% की बढ़त दिख रही है।

मार्केट आउटलुक

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वी के विजयकुमार का कहना है कि सितंबर में अब तक निफ्टी में आई 5.67% की भारी गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का बढ़ना है। पिछले कुछ दिनों में जब FIIs ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की तो यह गिरावट और तेज हो गई। पिछले चार ट्रेडिंग दिनों में FIIs ने 24,054 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो कि बहुत बड़ी बिकवाली है। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 5.2% के आसपास आ गए हैं। इसको देखते हुए,FIIs की यह बिकवाली एक समझदारी भरा कदम है।

भारतीय निवेशकों के नजरिए से बाजार में आई यह भारी गिरावट एक मौका दे रहा है। अच्छी ग्रोथ की संभावनाओं वाली लार्ज-कैप कंपनियां आकर्षक वैल्यूएशन पर आ गई हैं। यह ‘वैल्यू बाइंग'(सही कीमत पर खरीदारी) का मौका है। फाइनेंशियल (खासकर बड़े बैंक), कैपिटल गुड्स, टेलीकॉम और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर में खरीदारी के अच्छे मौके हैं। इन सेक्टर की मार्केट लीडर कंपनियों में निवेश के लिए रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो बहुत अच्छा है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार में तेजी आ सकती है और जब ऐसा होगा तो ये लार्ज-कैप कंपनियां उस तेजी को आगे बढ़ा सकती हैं। मीडियम से लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए,यह बाजार ‘वैल्यू बाइंग’के शानदार मौके दे रहा है।

बाजार में आज के लिए क्या हो रणनीति?

निफ्टी पर रणनीति

बाजार पर अपनी आज की रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 22851-22910 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 22971-23033-23110 पर है। इसके लिए पहला बेस 22573-22621 पर और बड़ा बेस 22469-22519 पर है। नई सीरीज की शुरुआत में FIIs के नेट शॉर्ट 2.67 लाख के पार हैं। ग्लोबल बाजारों से हैंडओवर फ्लैट रहे लेकिन रुझान निगेटिव है। कच्चा तेल थोड़ा नरम पड़ा है, लेकिन बॉन्ड यील्ड अब भी ऊंची है।

नई सीरीज के पहले दिन काउंटर ट्रेंड की गुंजाइश रहती है। लेकिन रिवर्सल के लिए मैक्रो इंडिकेटर्स का साथ जरूरी है। रेजिस्टेंस-1 के नीचे खरीदारी का कोई मजबूत संकेत नहीं है। फिलहाल SELL ON RISE की रणनीति पर फोकस बेहतर रहेगा। रेजिस्टेंस-1 पार हुआ तो रेजिस्टेंस-2 जोन तक पुलबैक संभव है। बेस-1 और कल के LOW पर खास फोकस रहेगा। अगर बेस-1 टिकता है तो रिवर्सल ट्रेड मिल सकता है। बेस-1 टूटा तो SLs लगेंगे और बेस-2 का दबाव बढ़ेगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 54810-55040 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 55291-55589 पर है। इसके लिए पहला बेस 54009-54177 पर और बड़ा बेस 53711-53856 पर है। कल इसमें तेज गिरावट आई। बेस-2 तक पहुंचकर रिकवरी दिखी। बैंकों का स्ट्रक्चर कमजोर है। शॉर्ट रोलओवर का दबाव है। 54800-55000 जोन में कॉल राइटर्स की पहली दीवार है। सबसे ज्यादा कॉल राइटिंग 56000 पर हुई है। 54000 पुट पर ठीक-ठाक OI है,बेस के लिए अहम है। आज कच्चे तेल और रुपए पर खास नजर रहेगी। रेजिस्टेंस-1 के नीचे SELL ON RISE की रणनीति काम कर सकती है। बेस-1 पर शॉर्ट करें, टिकने पर रिवर्सल की गुंजाइश होगी। 55040 के ऊपर ही स्ट्रेंथ और शॉर्ट कवरिंग के संकेत मिलेंगे।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनको आज Hyundai और Kaynes Tech में कमाई के मौके दिख रहे हैं। Hyundai में इनकी 2175 रुपए के टारगेट के लिए, 2050 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी की सलाह है। वहीं, Kaynes Tech में इनकी 3450 रुपए के टारगेट के लिए, 3550 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ बिकवाली की सलाह है

 

Stock Market Trend : मार्केट ट्रेंड अभी भी निगेटिव, कमजोर बाजार में कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: सोने में फिर तेजी; मुंबई, कोलकाता, चेन्नई में 24 कैरेट का भाव ₹152850; चांदी में गिरावट बरकरार

देश में सोने की कीमत में एक बार फिर तेजी दिख रही है। 26 सितंबर की सुबह ज्यादातर शहरों में भाव चढ़ा है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड 153000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। वहीं मुंबई, कोलकाता, चेन्नई में कीमत 152850 रुपये प्रति 10 ग्राम है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 200 रुपये बढ़ी। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर के नरम पड़ने से सोने में तेजी आई।

पूरे सप्ताह के दौरान सोने में 4,000 रुपये या 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,282.98 डॉलर प्रति औंस पर है। ​एक सप्ताह में सोने का वैश्विक भाव 2.1 प्रतिशत कमजोर हुआ है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 153000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140260 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 140110 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152850 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 152850 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140110 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152850 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 140110 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली140260153000
मुंबई140110152850
अहमदाबाद140160152900
चेन्नई140110152850
कोलकाता140110152850
हैदराबाद140110152850
जयपुर140260153000
भोपाल140160152900
लखनऊ140260153000
चंडीगढ़140260153000

Gold Buying: पिछले 1 साल में 60% महंगा हुआ सोना! त्योहारी सीजन से पहले आई ये हैरान करने वाली खबर

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में गिरावट बरकरार है। 26 सितंबर की सुबह चांदी लुढ़ककर 244900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक सप्ताह में चांदी की कीमत में 10,000 रुपये या 4 प्रतिशत की कमी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.26 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Stocks to Watch: 23 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 7 शेयर, अदाणी और टाटा ग्रुप के स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch:  बुधवार 23 सितंबर को शेयर बाजार में कई कंपनियां अहम खबरों के चलते फोकस में रह सकती हैं। अदाणी और टाटा ग्रुप की कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट आए हैं। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भी कुछ शेयरों पर दिख सकता है। वहीं, हिस्सेदारी बढ़ाने, प्रमोटर सेल और नए स्टोर से जुड़े अपडेट भी हैं।

Adani Group Stocks

अडानी ग्रुप की कंपनियां फोकस में रहेंगी। SEBI ने Adani Enterprises, Adani Total Gas, AWL Agri Business, Adani Green Energy और Adani Energy Solutions से जुड़े मामलों को ₹1.51 करोड़ के सेटलमेंट के साथ निपटाया है। मामला हिंडनबर्ग रिपोर्ट में उठाए गए RPT और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े सवालों से जुड़ा था।

OMCs Stocks

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां यानी OMCs फोकस में रहेंगी। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। Brent क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों से तेल बाजार पर असर पड़ा है।

Tata Group Stocks

टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर भी नजर रहेगी। Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद जारी है। NCP (SP) प्रमुख शरद पवार ने Tata Trusts की भूमिका और ग्रुप की मौजूदा ट्रस्ट-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने की बात कही है।

Persistent Systems

आईटी सेक्टर की कंपनी Persistent Systems ने Nagarro में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। कंपनी ने 61.15% अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल की है। इसके साथ Nagarro में उसकी कुल हिस्सेदारी 83.25% हो गई है। अतिरिक्त शेयरों के लिए स्वीकृति अवधि 23 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चलेगी।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC Bank में नए MD और CEO के फैसले पर नजर रहेगी। बैंक के बोर्ड ने RBI को दो नाम भेजे हैं। दोनों नाम तीन साल के कार्यकाल के लिए मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। बैंक ने अभी आधिकारिक तौर पर नामों का खुलासा नहीं किया है।

Allied Blenders & Distillers

शराब बनाने वाली कंपनी Allied Blenders & Distillers के प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया 55 लाख तक शेयर बेच सकती हैं। यह कंपनी की करीब 1.97% हिस्सेदारी है। बिक्री का मकसद न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की जरूरत पूरी करना है।

Allcargo Terminals

लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Allcargo Terminals के अगस्त के कुल वॉल्यूम में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का कुल वॉल्यूम 65.6 हजार TEUs रहा। यह पिछले साल के मुकाबले 6% और जुलाई के मुकाबले 5% ज्यादा है।

360 ONE WAM

वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर की कंपनी 360 ONE WAM ने Aashish Agarwal को CEO नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 15 फरवरी 2027 से प्रभावी होगी। इसी तारीख से MD Karan Bhagat को Vice Chairman की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।

IRB Infrastructure Developers

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी IRB Infrastructure Developers के बोर्ड ने कुछ संपत्तियों को बेचकर रकम जुटाने की मंजूरी दी है। बोर्ड ने इस प्रक्रिया के लिए कंपनी को अधिकृत भी किया है। अब कंपनी इन एसेट्स के मॉनेटाइजेशन की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

Shoppers Stop

रिटेल सेक्टर की कंपनी Shoppers Stop ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। कंपनी ने अहमदाबाद के Sindhu Bhavan और जबलपुर के Mall 11 में नए स्टोर खोले हैं। इसके साथ 31 अगस्त 2026 तक कंपनी के डिपार्टमेंट स्टोर्स की कुल संख्या 117 हो गई है।

अदाणी और GMR के लिए खुल सकता है एयरलाइन कारोबार का रास्ता, सरकार नियम बदलने पर कर रही विचार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में तेजी, इस हफ्ते होने वाली US-चीन ट्रेड पर बाजार की नजर

Asian Market Today: एशिया बाजार 21 सितंबर को बढ़त देखने को मिल रही है। निवेशक इस हफ़्ते होने वाली US-चीन समिट से पहले अपनी स्थिति बना रहे थे। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला चौथे सेशन में भी जारी रहा।

दक्षिण कोरिया के Kospi इंडेक्स में प्रमुख टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त के कारण तेजी के साथ शुरुआत हुई, हालांकि तेल की ऊंची कीमतों और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क रहे। बेंचमार्क Kospi 21 सितंबर को शुरुआती कारोबार में 1% से ज़्यादा बढ़कर 6,963 पर पहुंच गया।

शुक्रवार को पिछले सेशन में कोरियाई शेयरों में 2.66% की बढ़त हुई थी, क्योंकि महंगाई को लेकर चिंताएं कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा था।

जापान के Nikkei इंडेक्स का प्रदर्शन

छुट्टी के कारण सोमवार को जापान का शेयर बाज़ार बंद है। जापान के वित्तीय बाज़ार 21 से 23 सितंबर तक तीन दिन की छुट्टी के लिए बंद हैं। सोमवार को ‘रिस्पेक्ट फ़ॉर द एज्ड डे’ (बुज़ुर्गों के सम्मान का दिन) है, इसके बाद मंगलवार को ‘सिटिज़न्स हॉलिडे’ और बुधवार को ‘ऑटमनल इक्विनॉक्स डे’ है; ये सभी राष्ट्रीय छुट्टियां हैं।

गुरुवार, 24 सितंबर को नियमित कारोबार फिर से शुरू होने की उम्मीद है। बाज़ार के लंबे समय तक बंद रहने के कारण पूरे हफ़्ते क्षेत्रीय बाज़ारों में लिक्विडिटी (नकदी का प्रवाह) के कम रहने की संभावना है।

ताइवान शेयर बाज़ार

ताइवान के शेयर बाज़ार में तेज़ी का दौर जारी रहा और 21 सितंबर को TAIEX इंडेक्स 0.54% बढ़कर 47,435 पर कारोबार कर रहा था।

US बाज़ार का प्रदर्शन

रविवार शाम को US स्टॉक फ़्यूचर्स में थोड़ी बढ़त देखी गई, जबकि इससे पहले Dow Jones Industrial Average में लगातार तीसरे हफ़्ते गिरावट दर्ज की गई थी। S&P 500 फ़्यूचर्स में 0.23% की बढ़त हुई, जबकि Nasdaq-100 फ़्यूचर्स 0.27% ऊपर चढ़े। Dow फ़्यूचर्स में भी 0.25% की बढ़त हुई।

पिछले हफ़्ते Dow में 1.7% की गिरावट आई, जो मार्च के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी। S&P 500 में लगभग 0.1% की गिरावट आई, जबकि टेक्नोलॉजी सेक्टर की बड़ी कंपनियों वाले Nasdaq ने इस ट्रेंड के उलट प्रदर्शन किया और हफ़्ते के दौरान 0.7% की बढ़त हासिल की।

कच्चे तेल की कीमतें

सोमवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों का ध्यान सऊदी अरब से होने वाले शिपमेंट में संभावित सुधार पर था, भले ही यमन स्थित हूथी विद्रोहियों के लगातार हमलों से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इस बीच, US और ईरान के बीच गतिरोध बना हुआ है।

ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 81 सेंट या 0.78% गिरकर $103.06 प्रति बैरल पर आ गए, जिससे शुक्रवार को 0.91% की गिरावट के बाद यह सिलसिला जारी रहा। US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 89 सेंट या 0.89% गिरकर $99.41 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि पिछले सेशन में इसमें 1.58% की गिरावट आई थी।

 

Nifty Outlook: 21 सितंबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार ने पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन रिकवरी की। हालांकि, कारोबार में उतार-चढ़ाव काफी रहा। इसके बावजूद निफ्टी 75 अंक चढ़कर बंद हुआ। हफ्ते की शुरुआत बाजार ने अच्छी तेजी के साथ की थी। लेकिन ऊपर जाते ही बिकवाली शुरू हो गई। इससे निफ्टी फिर नीचे आ गया।

इसके बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटी। इससे निफ्टी 23,000 के अहम स्तर के ऊपर बना रहा। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर अभी भी कमजोर रही। निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट में बंद हुआ। इस हफ्ते इंडेक्स 0.22% नीचे रहा।

HDFC Bank और UltraTech में तेजी

निफ्टी के शेयरों में HDFC Bank और UltraTech Cement सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी ओर TCS और TMPV सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे।

सेक्टरों की बात करें तो Cement और Metal शेयरों में खरीदारी दिखी। IT शेयरों पर दबाव बना रहा। बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 1.24% और Nifty Smallcap 100 में 1.74% की तेजी रही।

कच्चे तेल से बाजार को मिली राहत

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड अपने ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। सऊदी अरब की पाइपलाइनों की मरम्मत का काम आगे बढ़ा है। इसके अलावा तेल निर्यात के दूसरे रास्ते भी मिले हैं। इससे सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने की चिंता कुछ कम हुई है।

अमेरिकी फेड के ब्याज दर के फैसले के बाद अब बाजार का ध्यान दूसरी चीजों पर है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। कच्चा तेल भी ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। घरेलू बाजार में लिक्विडिटी भी मजबूत है। ऐसे में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता।

अभी भी कई बड़े जोखिम

बाजार के सामने चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। ब्रेंट क्रूड अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है। रुपया भी करीब 96 रुपये प्रति डॉलर के आसपास है। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव भी बड़ा जोखिम है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी बाजार की नजर रहेगी।

अगले हफ्ते घरेलू स्तर पर सितंबर का फ्लैश PMI डेटा आएगा। अगस्त के इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी आएंगे। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार और बैंक क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़े भी बाजार को दिशा दे सकते हैं। अमेरिका से इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े आएंगे। चीन के लोन प्राइम रेट पर भी बाजार की नजर रहेगी।

ईरान युद्ध से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव बाजार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट की यात्रा पर फिर से विचार करने को कहा है।

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध तेजी से बढ़ सकता है। वहीं, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना सख्त रुख कायम रखा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है।

हूती विद्रोहियों के मुताबिक, उन्होंने रियाद में कुछ अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले शहर के मुख्य एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का गुबार देखा गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने इसकी वजह की पुष्टि नहीं की है।

23,500 के ऊपर जाना आसान नहीं

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में आगे तेजी आती है तो 23,500 से 23,600 का स्तर बड़ी चुनौती होगा। वहीं, गिरावट आने पर 23,100 से 23,000 के बीच सपोर्ट मिल सकता है।

SBI Securities के सुदीप शाह भी 23,150 के आसपास के स्तर को अहम मानते हैं। उनके मुताबिक, निफ्टी अगर लगातार 23,150 के नीचे जाता है तो बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स 23,000 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 23,500 से 23,520 का स्तर बड़ी रुकावट है। अगर निफ्टी 23,520 के ऊपर टिक गया तो शॉर्ट कवरिंग हो सकती है। इससे इंडेक्स 23,650 तक जा सकता है।

23,550 तक जा सकता है निफ्टी

LKP Securities के रुपक डे का कहना है कि कच्चा तेल अगर 96 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहता है तो बाजार में तेजी टिक सकती है। उनके मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का स्तर अहम सपोर्ट है। मौजूदा रिकवरी जारी रहती है तो इंडेक्स 23,550 तक जा सकता है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,100 से 23,000 का जोन अहम सपोर्ट है। वहीं, 23,250 से 23,200 के आसपास भी सहारा मिल सकता है। ऊपर की तरफ 23,450 से 23,500 का स्तर रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,600 अहम रहेगा। खास बात यह है कि 23,600 पहले सपोर्ट था। अब यह रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है।

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टाटा ट्रस्ट ने Tata Sons के लिस्ट होने की बात खारिज की, नोएल टाटा ने भी अनलिस्टेड रखने का रुख दोहराया

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) को शेयर बाजार में लिस्ट कराने को लेकर Tata Trusts ने अपना रुख साफ किया है। Trusts ने कहा कि उसने कंपनी को पब्लिक करने पर सहमति नहीं दी है। चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) ने भी यही बात दोहराई है। उनका कहना है कि 100 साल से ज्यादा पुराने टाटा ग्रुप की मौजूदा संरचना को बचाए रखना जरूरी है।

Tata Sons बोर्ड ने क्या कहा?

Tata Trusts के मुताबिक, 17 सितंबर की बैठक में Tata Sons के बोर्ड ने RBI के कम्युनिकेशन पर चर्चा की। बोर्ड ने कहा कि सिर्फ लिस्टिंग पर ही फैसला नहीं होना चाहिए। सभी उपलब्ध विकल्पों को देखा और समझा जाना चाहिए।

बोर्ड ने कहा कि इन सभी विकल्पों का तुरंत आकलन किया जाएगा। इसके बाद उनकी रिपोर्ट और सिफारिशें बोर्ड के सामने रखी जाएंगी।

Noel Tata ने लिस्टिंग पर क्या कहा?

नोएल टाटा ने कहा कि लिस्टिंग के मुद्दे पर बोर्ड पहले ही फैसला ले चुका है। हालांकि, ऐसे मामले में जल्दबाजी ठीक नहीं है। इसके लिए जरूरी दस्तावेज, जानकारी और कानूनी सलाह जुटानी होगी। इसके बाद बोर्ड को पूरी जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि RBI के आदेश में लिस्टिंग की बात नहीं कही गई है। आदेश में कोई खास कदम उठाने को भी नहीं कहा गया है। साथ ही, RBI ने यह नहीं कहा कि Tata Sons ने कोई नियम तोड़ा है।

नोएल टाटा के मुताबिक, RBI के आदेश का कानूनी असर क्या है और कंपनी को कब तक क्या करना है, इस पर बोर्ड ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

लिस्टिंग क्यों नहीं चाहते Noel Tata

नोएल टाटा ने लिस्टिंग को लेकर अपनी चिंता भी बताई। उनका कहना है कि कंपनी के लिस्ट होने के बाद Tata Sons को संस्थागत और विदेशी शेयरधारकों के प्रति जवाबदेह होना पड़ेगा।

इन निवेशकों का मुख्य लक्ष्य आर्थिक रिटर्न होता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या वे किसी मुश्किल में फंसी Tata Group की कंपनी को बचाने के लिए पैसा लगाने को तैयार होंगे।

इसी तरह, अगर कोई नया प्रोजेक्ट शुरू किया जाता है और उसका रिटर्न 15 साल बाद मिलने की उम्मीद है, तो क्या शेयरधारक उसमें पैसा लगाने की मंजूरी देंगे? नोएल टाटा के मुताबिक, यही बड़ा सवाल है।

उन्होंने कहा कि यह शेयरधारकों की आलोचना नहीं है। उनकी जिम्मेदारी ही फाइनेंशियल रिटर्न देखना है। लेकिन Tata Group के मामले में बात इससे आगे की है। यहां ग्रुप की पहचान और उसकी मौजूदा संरचना भी जुड़ी है।

Tata Sons पर RBI के नियम लागू होंगे

यह मामला RBI के फैसले के बाद और अहम हो गया है। RBI ने कुछ दिन पहले Tata Sons की Core Investment Company (CIC) के तौर पर रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी खारिज कर दी थी।

इसके बाद 17 सितंबर की बोर्ड बैठक में Tata Sons ने RBI के लागू नियमों का पालन करने की दिशा में कदम उठाने का फैसला किया। कंपनी ने कहा कि वह RBI, Tata Trusts और दूसरे हितधारकों से भी जरूरी अनुपालन को लेकर सलाह लेगी।

Tata Sons पिछले दो साल से ज्यादा समय से RBI के इस रेगुलेटरी फ्रेमवर्क से बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी। अब बोर्ड के ताजा फैसले से कंपनी के रुख में बदलाव दिख रहा है।

Tata Trusts का पुराना फैसला भी कायम

Tata Trusts ने अपने पुराने फैसले का भी जिक्र किया। Trusts के मुताबिक, रतन टाटा के समय Tata Sons को अनलिस्टेड रखने पर सर्वसम्मति से फैसला हुआ था।

इसके बाद जुलाई 2025 में Sir Dorabji Tata Trust और Sir Ratan Tata Trust ने भी Tata Sons को अनलिस्टेड रखने के पक्ष में प्रस्ताव पास किए थे। इन फैसलों की जानकारी Tata Sons को भी दी गई थी। Tata Trusts ने कहा कि तब से उसका रुख वही है।

इससे पहले Moneycontrol ने रिपोर्ट किया था कि Tata Sons के बोर्ड ने 17 सितंबर की बैठक में एन चंद्रशेखरन को पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए चेयरमैन बनाने का फैसला किया है। हालांकि, नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया।

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, $102 के नीचे आया; सऊदी अरब की पाइपलाइन से मिली राहत

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, $102 के नीचे आया; सऊदी अरब की पाइपलाइन से मिली राहत

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में 17 सितंबर को भी गिरावट जारी रही। संकेत हैं कि मध्य पूर्व में सप्लाई पर बना दबाव अब कुछ कम हो सकता है। इसकी बड़ी वजह सऊदी अरब की एक अहम पाइपलाइन का कुछ हिस्सा फिर से चालू होना है।

Brent crude $102 प्रति बैरल से नीचे आ गया। बुधवार को भी इसमें 2.7% की गिरावट आई थी। सऊदी अरब अगले कुछ दिनों में अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की करीब आधी क्षमता बहाल करने की कोशिश कर रहा है।

ड्रोन हमलों के बाद पिछले हफ्ते इस पाइपलाइन को बंद कर दिया गया था। अब इसे धीरे-धीरे शुरू करने की तैयारी है। सऊदी अरब ने एशियाई रिफाइनरों को ज्यादा तेल भी बेचा है। इसकी डिलीवरी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के ठीक बाहर की जगहों पर की जा रही है।

इस साल 70% से ज्यादा चढ़ा तेल

कच्चे तेल की कीमत इस साल 70% से ज्यादा बढ़ चुकी है। इससे महंगाई का दबाव बढ़ा है। इसी दबाव को देखते हुए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरें बढ़ाईं। फेड ने आगे भी सख्ती के संकेत दिए हैं।

हालांकि, गुरुवार को तस्वीर थोड़ी बदली। शेयर बाजार में तेजी आई। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और तेल की कीमतों में गिरावट रही।

मध्य पूर्व में खतरा अभी टला नहीं

तेल की सप्लाई को लेकर जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध से मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध भी जारी है।

ट्रेडर्स की नजर हूती लड़ाकों पर भी है। वे लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में मौजूद Bab el-Mandeb Strait की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब के तेल और शिपिंग से जुड़े ठिकानों पर हमले भी बढ़े हैं।

Yanbu से तेल की लोडिंग भी रुकी थी

इस हफ्ते की शुरुआत में तेल की कीमत करीब चार महीने के हाई पर पहुंच गई थी। शिपिंग इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब के Red Sea एक्सपोर्ट हब Yanbu से कच्चे तेल की लोडिंग रोक दी गई थी।

रियाद ने यूरोप के कुछ ग्राहकों की तेल डिलीवरी भी रद्द की थी। यह फैसला ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद लिया गया। यही पाइपलाइन Yanbu तक कच्चा तेल पहुंचाती है।

पाइपलाइन लंबे समय बंद रही तो बड़ा असर

ट्रेडर्स के मुताबिक, अगर पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रहती है तो दुनिया की करीब 4% तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

सऊदी अरब ने अभी यह नहीं बताया है कि पाइपलाइन पूरी तरह कब चालू होगी। हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने मंगलवार को CNBC से कहा था कि अगले कुछ दिनों में इस पाइपलाइन से कच्चे तेल की सप्लाई फिर शुरू हो सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT Nifty falls: US फेड के ब्याज दरों में बढ़त का Sensex-Nifty पर पड़ेगा असर,जानें ग्लोबल मार्केट और गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहे संकेत

GIFT Nifty falls:  गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT Nifty कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है, क्योंकि US Federal Reserve ने तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं और संकेत दिया है कि आगे और सख्ती की जा सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और एशिया के कुछ हिस्सों में बढ़त से कुछ सहारा मिल सकता है, लेकिन US यील्ड में बढ़ोतरी और Fed द्वारा और रेट बढ़ाने की उम्मीदों के कारण निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

सुबह 8 बजे GIFT Nifty 23,222 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग से 45 अंक या 0.2 प्रतिशत नीचे था। पिछले सेशन में भारतीय इक्विटी में रिकवरी हुई थी, जिससे दो दिन की गिरावट का सिलसिला थम गया था। Sensex 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 99 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर पहुंचा। IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जो गिरावट के साथ बंद हुआ।

गुरुवार को फोकस Fed के फैसले के असर, US ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में नरमी आई है, लेकिन यह अभी भी $104 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

US Fed ने दरें बढ़ाई, और सख्ती के संकेत दिए

Federal Reserve ने बुधवार को तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार अपनी मुख्य ब्याज दर बढ़ाई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच लगातार बनी हुई महंगाई को काबू में करने के लिए यह कदम उठाया गया। Fed ने कहा कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया और संकेत दिया कि महंगाई को तेजी से कम करने के लिए निकट भविष्य में और सख्ती की जा सकती है।

इस फैसले के बाद बाजारों ने एक और रेट बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, और दिसंबर तक एक और बढ़ोतरी की संभावना को अब पूरी तरह से मान लिया गया है। शॉर्ट-टर्म US ट्रेजरी यील्ड में उछाल आया क्योंकि निवेशकों ने और सख्ती की संभावना के हिसाब से खुद को ढाला, हालांकि Fed के कदम से लंबे समय वाले बॉन्ड में हालिया बिकवाली को शांत करने में मदद मिली।

भारतीय इक्विटी के लिए, US में ऊंची दरों और यील्ड की संभावना विदेशी पोर्टफोलियो फ्लो के लिए एक संभावित चुनौती बनी हुई है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, तेल की कीमतों और करेंसी पर दबाव के साथ-साथ अलग-अलग इलाकों से मिले-जुले संकेतों की वजह से निवेशकों का मूड सतर्क रहने की संभावना है।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट, US फ्यूचर्स में वापसी

फेड की घोषणा के बाद उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद US इक्विटीज़ ज़्यादातर गिरावट के साथ बंद हुईं। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 631.33 अंक या 1.21 प्रतिशत गिरकर 51,461.78 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,552.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ, यह 0.01 प्रतिशत गिरकर 25,978.43 पर रहा।

सप्लाई की चिंता कम होने से ब्रेंट $105 से नीचे आया

गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे हाल के हफ़्तों में एनर्जी की कीमतों में भारी उछाल के बाद भारतीय बाज़ारों को कुछ राहत मिली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.2 प्रतिशत गिरकर $104.59 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.1 प्रतिशत गिरकर $101.29 पर आ गया। बुधवार को दोनों बेंचमार्क में लगभग $3 की गिरावट आई थी।

यह गिरावट उन रिपोर्टों के बाद आई जिनमें कहा गया था कि सऊदी अरब ओमान के ज़रिए अतिरिक्त क्रूड कार्गो की पेशकश कर रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावट की कुछ चिंताएं कम हुईं।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी निफ्टी के लिए 23,300-23,400 को तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन मानते हैं। अगर यह 23,400 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 23,500-23,600 की ओर रिकवरी में मदद मिल सकती है, हालांकि वह इलाका एक मज़बूत बाधा बना हुआ है और वहां फिर से बिकवाली हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फेड ने बढ़ाई ब्याज दरें एशिया बाजार में ते

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में मिला-जुला कारोबार, बॉन्ड यील्ड में नरमी, निक्केई, कोस्पी में बढ़त

Asian Market Today: बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है।  वॉल स्ट्रीट पर रात भर हुई बढ़त के बाद, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड में कमी से बाज़ारों को सहारा मिला।  Nvidia Corp. की अर्निंग्स रिपोर्ट से पहले निवेशकों ने सावधानी बरती, जिससे US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में थोड़ी गिरावट आई। इस रिपोर्ट से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में भरोसे का पता चलने की उम्मीद है।

वहीं, निक्केई करीब 0.56 फीसदी की बढ़त के  साथ 66,228.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.27 फीसदी की  कमजोरी दिखा रहा है।  ताइवान का बाजार 0.31 फीसदी  चढ़कर 45,308.25 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.99 फीसदी की बढ़त के साथ 25,764.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 0.87 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ 3,909.04 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियाई बाज़ारों का रुख निवेशकों की मिली-जुली सोच को दिखाता है। जहां कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने बाज़ारों को सहारा दिया, वहीं अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता का असर निवेशकों के मूड पर अब भी बना हुआ है।

वॉल स्ट्रीट पर रात भर अमेरिकी शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। AI की दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के नतीजों से पहले टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी ने बाजार को ऊपर उठाने में मदद की।

US ट्रेजरी यील्ड में गिरावट

US ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। US के 10-साल और 30-साल के बॉन्ड की यील्ड लगातार दूसरे दिन गिरी, क्योंकि ट्रेडर्स US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के पिछले हफ़्ते ट्रेजरी बायबैक बढ़ाने के फ़ैसले के असर पर विचार कर रहे थे।

डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो जैसी कई करेंसी के मुकाबले डॉलर की वैल्यू मापता है, 0.1% गिरकर 98.87 पर आ गया, जबकि यूरो 0.13% बढ़कर $1.1677 पर पहुंच गया। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 0.03% मजबूत होकर 159.13 पर पहुंच गया।

क्रूड में नरमी

इस बीच, ईरान के खिलाफ US के नए प्रतिबंधों की परवाह न करते हुए ट्रेडर्स के रुख के कारण कच्चे तेल की कीमतें एक हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गई। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 2.14% गिरकर $86.68 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ़्यूचर्स 1.91% गिरकर $80.79 पर आ गया।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, क्रूड में नरमी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।