सऊदी अरब ने अपनी एक अहम तेल पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमले के बाद अगले महीने यूरोपीय ग्राहकों को कच्चे तेल की सप्लाई रोक दी है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सऊदी अरामको ने कम से कम दो यूरोपीय रिफाइनिंग कंपनियों को इसकी जानकारी दी है। यह फैसला सभी यूरोपीय खरीदारों पर लागू होगा। पिछले हफ्ते हुए हमले में ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के तीन पंपिंग स्टेशन क्षतिग्रस्त हुए हैं। सऊदी अरब ने इसके लिए इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया के ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया है। पहले समझें- कौन सी पाइपलाइन है? सऊदी अरामको की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन करीब 1,200 किलोमीटर लंबी है। यह सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में मौजूद तेल को लाल सागर तक पहुंचाती है, जहां से इसे दूसरे देशों तक भेजा जा सकता है। हमले के बाद पाइपलाइन को बंद कर दिया गया। 17 सितंबर को सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों और उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, इसके रास्ते में मौजूद तीन पंपिंग स्टेशन को नुकसान पहुंचा है। यूरोप को अगले महीने नहीं मिलेगा सऊदी तेल अरामको ने कम से कम दो यूरोपीय रिफाइनिंग कंपनियों को बताया है कि अगले महीने उन्हें सऊदी अरब से कच्चे तेल की सप्लाई नहीं मिलेगी। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, यह फैसला सिर्फ इन कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी यूरोपीय खरीदारों पर लागू होगा। पाइपलाइन बंद होने के बाद यूरोप की कुछ कंपनियों ने सऊदी तेल की जगह दूसरे देशों से कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया है। पोलैंड की तेल कंपनी ऑर्लेन ने 10 से ज्यादा टेंडर जारी किए हैं, ताकि वैकल्पिक सप्लाई हासिल की जा सके। यूरोप सऊदी से कितना तेल लेता है? अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक, OECD में शामिल यूरोपीय देशों ने जून में सऊदी अरब से रोजाना करीब 5.77 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा था। इसलिए अगले महीने सऊदी सप्लाई रुकने से यूरोपीय रिफाइनरियों को दूसरे स्रोतों से तेल खरीदना पड़ेगा। होर्मुज की रुकावट के बीच पाइपलाइन और अहम ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ऐसे समय बंद हुई है जब पिछले छह महीने से होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के कारण मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। सऊदी अरब इस पाइपलाइन के जरिए तेल को लाल सागर तक भेजकर होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी निर्भरता कम कर सकता था। इसके जरिए रोजाना करीब 40 लाख से 50 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा जा रहा था। यह मात्रा दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब 4 से 5% है। इसी वजह से यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए बेहद अहम रास्ता बनी हुई थी। अब पाइपलाइन बंद होने से अरामको के ग्राहकों में वैकल्पिक तेल की तलाश तेज हो गई है। यूरोपीय खरीदारों को भी सऊदी सप्लाई की जगह दूसरे देशों से कच्चा तेल जुटाना पड़ेगा।
Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में 17 सितंबर को भी गिरावट जारी रही। संकेत हैं कि मध्य पूर्व में सप्लाई पर बना दबाव अब कुछ कम हो सकता है। इसकी बड़ी वजह सऊदी अरब की एक अहम पाइपलाइन का कुछ हिस्सा फिर से चालू होना है।
Brent crude $102 प्रति बैरल से नीचे आ गया। बुधवार को भी इसमें 2.7% की गिरावट आई थी। सऊदी अरब अगले कुछ दिनों में अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की करीब आधी क्षमता बहाल करने की कोशिश कर रहा है।
ड्रोन हमलों के बाद पिछले हफ्ते इस पाइपलाइन को बंद कर दिया गया था। अब इसे धीरे-धीरे शुरू करने की तैयारी है। सऊदी अरब ने एशियाई रिफाइनरों को ज्यादा तेल भी बेचा है। इसकी डिलीवरी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के ठीक बाहर की जगहों पर की जा रही है।
इस साल 70% से ज्यादा चढ़ा तेल
कच्चे तेल की कीमत इस साल 70% से ज्यादा बढ़ चुकी है। इससे महंगाई का दबाव बढ़ा है। इसी दबाव को देखते हुए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरें बढ़ाईं। फेड ने आगे भी सख्ती के संकेत दिए हैं।
हालांकि, गुरुवार को तस्वीर थोड़ी बदली। शेयर बाजार में तेजी आई। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और तेल की कीमतों में गिरावट रही।
मध्य पूर्व में खतरा अभी टला नहीं
तेल की सप्लाई को लेकर जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध से मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध भी जारी है।
ट्रेडर्स की नजर हूती लड़ाकों पर भी है। वे लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में मौजूद Bab el-Mandeb Strait की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब के तेल और शिपिंग से जुड़े ठिकानों पर हमले भी बढ़े हैं।
Yanbu से तेल की लोडिंग भी रुकी थी
इस हफ्ते की शुरुआत में तेल की कीमत करीब चार महीने के हाई पर पहुंच गई थी। शिपिंग इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब के Red Sea एक्सपोर्ट हब Yanbu से कच्चे तेल की लोडिंग रोक दी गई थी।
रियाद ने यूरोप के कुछ ग्राहकों की तेल डिलीवरी भी रद्द की थी। यह फैसला ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद लिया गया। यही पाइपलाइन Yanbu तक कच्चा तेल पहुंचाती है।
पाइपलाइन लंबे समय बंद रही तो बड़ा असर
ट्रेडर्स के मुताबिक, अगर पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रहती है तो दुनिया की करीब 4% तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
सऊदी अरब ने अभी यह नहीं बताया है कि पाइपलाइन पूरी तरह कब चालू होगी। हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने मंगलवार को CNBC से कहा था कि अगले कुछ दिनों में इस पाइपलाइन से कच्चे तेल की सप्लाई फिर शुरू हो सकती है।
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