RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को लंदन के मंदिरों और गुरुद्वारे के दौरे के साथ अपने विदेश दौरे के ब्रिटेन चरण की शुरुआत की। यह जानकारी RSS ने दी। RSS के केंद्रीय कार्यकारी दल के सदस्य सुनील अंबेकर और ब्रिटेन दौरे के समन्वयक संगठन Integral UK के संयोजक रोहित अंबेकर ने मीडिया कॉन्फ्रेंस में बताया कि भागवत इस दौरान धर्मगुरुओं, शिक्षाविदों, रिसर्चर्स और अन्य प्रमुख लोगों से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि भागवत RSS के निस्वार्थ सेवा और सामाजिक सद्भाव के अनुभव के साथ ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया एक परिवार है, का संदेश साझा करेंगे। RSS के मुताबिक, लंदन का कार्यक्रम भागवत के अमेरिका और कनाडा दौरे में दिए गए संदेश को आगे बढ़ाता है। यह RSS की शताब्दी वर्ष से जुड़े तीन देशों के आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा है। मंदिर और गुरुद्वारे पहुंचे सुनील अंबेकर और रोहित अंबेकर ने बताया कि अंतरधार्मिक संवाद के तहत भागवत विल्सडन स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर और खालसा जथा ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारा जा चुके हैं। उन्हें लंदन के एक जैन मंदिर में भी जाना है। ब्रिटेन दौरे का मुख्य कार्यक्रम रविवार को होगा। इसमें ‘सेलिब्रेशन ऑफ वननेस’ थीम पर सामुदायिक नेताओं का स्वागत समारोह और ‘सभ्यतागत संवाद’ रखा गया है। यह कार्यक्रम ब्रिटेन में 1966 में स्थापित हिंदू सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन हिंदू स्वयंसेवक संघ (HSS) UK ने शुरू किया है। इसे Integral UK का समर्थन मिला है। प्रवक्ताओं के मुताबिक, पूरे ब्रिटेन के 310 से ज्यादा सामुदायिक संगठन और एसोसिएशन इसमें शामिल होने की उम्मीद है। बंद कमरे में बैठकें और प्रवासी भारतीयों से मुलाकात भागवत बुधवार को लंदन पहुंचे थे। गुरुवार को उन्होंने ‘बंद कमरे में हुई गोलमेज बैठकों’ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद कारोबार और राजनीति से जुड़े प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख लोगों की बड़ी सभा हुई। सुनील अंबेकर ने बताया कि ब्रिटेन के लोग RSS को समझने में काफी रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि भागवत ने लोगों की ओर से उठाए गए सभी मुद्दों पर बात की। उनके मुताबिक, कार्यक्रम में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिकों के साथ ब्रिटेन के नेता, संसद से जुड़े लोग, कारोबारी, करोड़पति और अरबपति तथा FTSE 100 कंपनियों और अन्य कॉरपोरेट्स से जुड़े लोग शामिल थे। हालांकि, प्रवक्ता ने कार्यक्रम में शामिल लोगों के बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को गोपनीय तरीके से आयोजित किया गया था, ताकि चर्चा खुलकर हो सके। भागवत के दौरे पर उठी चिंताओं पर RSS का जवाब ब्रिटेन में कुछ सिविल सोसाइटी समूहों और सांसदों ने भागवत के दौरे को लेकर चिंता जताई है। इस पर सुनील अंबेकर ने कहा, “हम शांति, एकीकरण और एकता के लिए यहां हैं। इसलिए हम हर किसी से बातचीत के लिए तैयार हैं। लोकतंत्र में अलग-अलग आवाजें हो सकती हैं। ऐसी आवाजें उठना सामान्य बात है।” उन्होंने कहा कि RSS को लेकर कई गलतफहमियां हैं, क्योंकि बुनियादी समझ में कमी है। उनके मुताबिक, “भारत किसी राष्ट्र-राज्य की राजनीतिक अवधारणा जैसा नहीं है। यह एक सांस्कृतिक अवधारणा है।” सुनील अंबेकर ने कहा कि हिंदुत्व कोई स्थिर अवधारणा नहीं है। इसमें हर तरह के धर्म और सभी धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान और सत्य में विश्वास की बात है। उन्होंने कहा, “यही हिंदुत्व है, यही भारत है। मुझे लगता है कि यह दौरा इन विचारों को साफ करने में मदद करेगा।” रविवार को सार्वजनिक संबोधन RSS प्रमुख का रविवार को प्रवासी भारतीय समुदाय को दिया जाने वाला सार्वजनिक संबोधन लाइव प्रसारित किए जाने की उम्मीद है। RSS प्रमुख के साथ ब्रिटेन के मीडिया के लिए कोई बातचीत नहीं रखी गई है। भागवत के कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोगों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… न्यूयॉर्क में भागवत बोले- भारत के DNA में एकता-विविधता: हम अलग होकर भी एकदूसरे से जुड़े RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 29 अगस्त को करीब 42 मिनट स्पीच दी। उन्होंने कहा कि एकता और विविधता भारत के DNA में है। लोग अलग दिखते हैं, उनके रहने के तरीके हैं, लेकिन सभी के बीच एक जन्मजात जुड़ाव है। पूरी खबर पढ़ें…
पाकिस्तान ने पंजाब प्रांत में करीब 100 साल पुराने हिंदू मंदिर गिराए जाने की खबरों को गलत बताया है। उसका कहना है कि 21 जुलाई को भारी बारिश के कारण मंदिर क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। वहीं, स्थानीय लोगों और हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों का आरोप है कि मंदिर को जानबूझकर गिराया गया और उसकी जमीन पास के मदरसे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। दूसरी ओर, रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मंदिर की इमारत को 21 अगस्त को गिराया गया। दोनों तारीखों के बीच करीब एक महीने का अंतर है। इसी वजह से मंदिर गिराए जाने की घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। TLP पर मंदिर गिराने के आरोप पाकिस्तान मसिहा मिल्लत पार्टी (PMMP), स्थानीय लोगों और हिंदू समुदाय ने आरोप लगाया था कि मंदिर को स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने गिराया। इन लोगों ने इस मामले में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) से जुड़े लोगों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है। TLP पाकिस्तान का एक कट्टरपंथी इस्लामी संगठन है, जिस पर वहां प्रतिबंध लगा हुआ है। भारत ने मंदिर गिराए जाने की निंदा की मामला सामने आने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने 2 सितंबर को इसकी निंदा की थी। भारत ने कहा था कि मंदिर की सुरक्षा के लिए स्थानीय अधिकारियों ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जो चिंता की बात है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। भारत ने पाकिस्तान से मंदिर गिराने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और मंदिर को फिर से ठीक कराने की मांग की थी। पाकिस्तान बोला- तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया भारत के बयान के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने भारत के आरोपों को झूठा और राजनीतिक मकसद से लगाया गया बताया। उन्होंने कहा कि भारत इस मामले में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। खान ने पाकिस्तान के स्थानीय एवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के अधिकारियों के हवाले से कहा कि मंदिर की इमारत भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई थी। मंदिर की मरम्मत करवाएगा पाकिस्तान पाकिस्तान का यह भी दावा है कि स्थानीय अधिकारियों ने मंदिर को हुए नुकसान का सर्वे किया है और मंदिर को दोबारा ठीक करने के लिए कदम शुरू कर दिए गए हैं। ————————- यह भी पढ़ें… PAK ग्रूमिंग गैंग ने लंदन में सिख युवती को फंसाया: ब्रेनवॉश किया, नितनेम-गुरुद्वारा जाना छोड़ा इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। पूरी खबर पढ़ें…
बाजार पर बात करते हुए चॉइस ब्रोकिंग के VP टेक्निकल रिसर्च सचिन गुप्ता ने कहा कि ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार हुआ है क्योंकि कल वॉल स्ट्रीट बढ़त के साथ बंद हुआ और ज़्यादातर एशियाई बाजार भी पॉज़िटिव जोन में हैं। US ट्रेज़री यील्ड में भी कमी आई है। इससे बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, ब्रेंट क्रूड $96–97 के आस-पास ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। इसके अलावा अमेरिका–ईरान संघर्ष से जुड़े जियोपॉलिटिकल रिस्क बाज़ार के सेंटीमेंट के लिए एक अहम निगेटिव फ़ैक्टर बने हुए हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार का कहना है कि अच्छी और बुरी खबरें आती-जाती रहती हैं। CMIE की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, FY27 की पहली तिमाही में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में 97% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसमें FY26 की पहली तिमाही के मुकाबले जबरदस्त बढ़त हुई है। यह कैपेक्स में बड़े बदलाव का संकेत है। लंबे समय के बाद प्राइवेट कैपेक्स में सुधार हो रहा है, जो भविष्य के आर्थिक विकास के लिए अच्छा संकेत है।
हालांकि,कुछ बुरी खबरें भी हैं। सबसे बड़ी बुरी खबर है दुनिया भर में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना। अमेरिका में 10-साल की बॉन्ड यील्ड 4.8% के आसपास बनी हुई है। जापान में 10-साल की यील्ड 3% है,जो पिछले 30 सालों में सबसे ज़्यादा है। UK में 30-साल की यील्ड 6% है। भारत में भी 10-साल की यील्ड 7% के करीब है।
बॉन्ड यील्ड का बढ़ना इक्विटी मार्केट के लिए बुरा है। महंगाई बढ़ने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की ज़्यादा संभावना के कारण फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट ज़्यादा आकर्षक हो जाएंगे। उभरते बाज़ारों से कैपिटल के बाहर जाने (कैपिटल फ्लाइट) की संभावना भी बनी हुई है। इन वजहों से इक्विटी मार्केट पर दबाव पड़ेगा।
हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में अच्छी खबरों से इन बुरी वजहों का असर कम हो रहा है। GST कलेक्शन,ऑटोमोबाइल बिक्री और क्रेडिट ग्रोथ से जुड़े हालिया आंकड़े (हाई-फ़्रीक्वेंसी डेटा) खास तौर पर अच्छे रहे हैं। अच्छी और बुरी वजहों का यह मिला-जुला असर निकट भविष्य में बाज़ार में उतार-चढ़ाव बनाए रखेगा।
निफ्टी पर रणनीति
सीएनबीसी- आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 23971-24029 पर और अगला रेजिस्टेंस 24081-24129/184 पर है। इसके लिए पहला बेस 23866-23789 पर और अगला बेस 23761-23677 पर है।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 57478-57631 पर और अगला रेजिस्टेंस 57771-57878/58040 पर है। इसके लिए पहला बेस 57110-56910 पर और अगला बेस 56691-56578 पर है।
चकाचक चार्ट वाले शेयर
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इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। युवती की मां ने एक पंजाबी चैनल से बातचीत में कहा कि उसकी 19 साल की बेटी है। वह नितनेम करती, गुरुद्वारे जाकर सेवा करती थी लेकिन गैंग ने उसे फंसा लिया। उसने सब कुछ छोड़ दिया। उसका ब्रेनवॉश कर दिया। जब हमने समझाने की कोशिश की तो हमारी शिकायत लंदन पुलिस को कर दी। इसके बाद हमें छोड़कर चली गई। मां ने कहा कि यूनिवर्सिटी में लड़कियों के एक ग्रुप से जोड़ने के बाद एक लड़का उसके टच में आया, उसके बाद ही उसका पूरा व्यवहार बदल गया। उसने इंग्लैंड में रहते सिखों से इस मामले में मदद मांगी है। लड़की को कैसे फंसाया, ग्रूमिंग गैंग का पूरा प्रोसेस क्या है, आगे क्या होता है, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़िए… 5 पॉइंट में जानिए, युवती की मां ने ग्रूमिंग को लेकर क्या कहा.. 1. स्कूल में पढ़ी, यूनिवर्सिटी तक सब ठीक था
मां ने कहा- मेरी बेटी का नाम सिमरन है। वह 19 साल की है। बेटी यहीं (लंदन) की जन्मी है, लेकिन फिर भी वह जैसी हमारी भारतीय समुदाय की बच्चियां होती हैं, उस तरह थी। हमारे घर में एक अच्छे माहौल में पली-बढ़ी थी उसने स्कूल खत्म किया और सितंबर 2025 में यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए गई। तब तक सब कुछ ठीक था। 2. यूनिवर्सिटी में लड़कियों का ग्रुप बना, फिर एक लड़का उसके टच में आया
मां ने कहा- यूनिवर्सिटी में जाकर मुस्लिम लड़कियों का ग्रुप बना। फिर एक लड़का उनके संपर्क में आया। जिसने मेरी बेटी से संपर्क किया और फिर उसका थोड़ा-थोड़ा व्यवहार बदलने लगा। वह पहले बहुत अच्छी थी, बहुत इज्जत करती थी हमारी, कभी वह हमारे आगे बोलती नहीं थी। फिर हमें शक हुआ कि शायद कुछ गलत है। हमें जून 2026 में पता चला कि एक मुस्लिम लड़का उसके साथ जुड़ चुका है। उसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। 3. मां-बाप को वह बातें बोलती, जिससे यकीन नहीं आता
मां ने कहा- वह काफी आक्रामक होने लगी। यहां तक कि उसको यह पता चलना बंद हो गया कि हम उसके माता-पिता हैं। वह कभी-कभी हमें इतनी गलत चीजें बोल देती थी कि हम विश्वास ही नहीं कर पाते थे कि यह सिमरन ही बोल रही है। स्कूल में हर टीचर उसकी तारीफ करता था कि यह हमारी बहुत इज्जत करती है। 4. घर पर पाठ करती, गुरुद्वारे जाती, फिर पूरी बदल गई
मां ने कहा- वह घर पर पाठ करती थी। जब भी उसको समय मिलता था, हम गुरुद्वारे जाते, सेवा करके आते थे। उसका ब्रेनवाश कर दिया गया। मतलब कि पूरी तरह से बदल दिया उसको। वह अपना किरदार ही भूल गई। मेरी फैमिली गुरसिख है। पति का परिवार अमृतधारी है। बेटी सिमरन भी सिक्खी को मानती थी लेकिन फिर वह पूरी तरह से बदल गई। 5. समझाया तो पुलिस को हमारी ही शिकायत कर दी, फिर छोड़कर चली गई
मां ने कहा- जब हमने उसे समझाने की कोशिश की तो उसने लंदन पुलिस को शिकायत कर दी। उसने झूठ कहा कि हमने उसको मारा-पीटा। जबकि हमने कभी भी उस पर हाथ नहीं उठाया। यहां तक कि हमने उससे ऊंची आवाज में बात करना भी बंद कर दिया था। हमें लगता था कि हम प्यार से उसको समझा लें, घर वापस ले आएं, हर वह चीजें करने लगे, जिससे वह खुश रहती थी। लेकिन मुझे नहीं पता कि उसका इतना माइंडवॉश कर दिया उन्होंने कि हमारी मेरी पूरी फैमिली पर आरोप लगाकर वह चली गई।
पहले भी एक युवती ने ऑनसक्रीन किए थे खुलासे बता दें, 6 महीने पहले इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें युवती ने ऐसे ही कुछ दावे किए थे। उसने बताया था कि ब्रिटेन में कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा है। सिख लड़कियों को फंसाकर उन्हें मुसलमान बनाया जा रहा है। इसके लिए यूके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय है। युवती ने वीडियो में दावा किया था कि यूके में ग्रूमिंग गैंग को कौर (सिख लड़की) से खान (मुस्लिम) बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। युवती का कहना था कि पाकिस्तानी मूल की ग्रूमिंग गैंग सोची-समझी साजिश के तहत गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। युवती ने ग्रूमिंग गैंग की स्ट्रेटजी का भी खुलासा किया था। उसका कहना था कि ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे इमोशनली अटैच होते हैं, फिर उन्हें महंगी गाड़ियों व रेस्टोरेंट्स में घुमाते हैं और जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन करा देते हैं। युवती का दावा है कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों को फंसाने के रेट भी अलग हैं। सिख लड़की को फंसाकर मुस्लिम बनाने पर युवक को 10,000 पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) मिलते हैं। वहीं, हिंदू या ईसाई लड़की के धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड (करीब साढ़े 5 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है। कैसे जाल बिछाते हैं ग्रूमिंग गैंग, स्टेप-टू-स्टेप प्रोसेस जानिए…

Maruti Suzuki plans to add smaller EVs to its India line-up once it has developed the charging infrastructure needed to support them. At the company’s annual general meeting, Managing director and CEO Hisashi Takeuchi said, “As soon as our EV charging will be ready in India, we will add smaller EVs in our portfolio.”
- More than 2,000 exclusive chargers installed across 1,100-plus cities
- Claims around 90 percent share of India’s EV exports
- Plans to build EVs, hybrids, CNG and ICE cars on the same line
Maruti Suzuki’s charging network plans

Maruti Suzuki has partnered with 13 charge-point operators and has already installed more than 2,000 exclusive charging points across over 1,100 cities. The company is also working to improve charging coverage on highways and expressways, while its plan for the top 100 cities calls for chargers at key locations around 5-10km apart.
The carmaker has set a larger target of more than 1,00,000 charging points across India by the end of this decade. The company has linked the introduction of smaller EVs to the expansion of this charging network.
Maruti currently sells the e Vitara as its only EV in India, while competitors Tata Motors and JSW MG Motor India already have smaller electric models on sale.
Maruti Suzuki expands EV exports

Maruti Suzuki is also expanding its electric vehicle exports. “We have started our EV exports to Europe first. Now, we are the largest exporter of EVs from India, with about 90 percent share in total EV exports from India,” he said. Takeuchi said the company exports vehicles to nearly 120 countries and shipped more than 4.4 lakh vehicles last year, a 34 percent increase overall.
Japan has become Maruti’s second-largest market, according to Takeuchi, while the company expects trade agreements to create further export opportunities in markets including the UK, Germany and France.
ICE, hybrid and CNG investments to continue
Maruti Suzuki will continue investing in internal-combustion engine, hybrid and CNG vehicles alongside EVs. Takeuchi said ICE vehicles would remain an important part of the company’s business, with compressed biogas also expected to support their continued demand.
“Investment in ICE facilities will continue to be an integral part of our manufacturing process,” he said. The company is designing its new manufacturing facilities to build different types of vehicles on the same production line, allowing production to be adjusted as demand changes. “In our new plants, we can make EVs, hybrid vehicles, CNG and ICE vehicles on the same line,” Takeuchi said.
ब्रिटेन(UK) में बैठे खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को धमकी दी है। पम्मा ने कहा कि बहाने से बात कर गोल्डी ने कॉल रिकॉर्डिंग लीक कर दी। कनाडा में हरदीप निज्जर को मरवाकर अच्छा नहीं किया। गोल्डी बराड़ एजेंसियों का बंदा है। पम्मा ने कहा कि गोल्डी बराड़ ने 40 गोलियों की बात की है, हम 4 हजार चलाएंगे और तेरे पूरे शरीर को छन्नी बना देंगे। तुझे निज्जर के कत्ल का हिसाब चुकाना पड़ेगा। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने लॉरेंस के साथ मिलकर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का कत्ल कराया था। वहीं परमजीत सिंह पम्मा को जुलाई 2020 में भारतीय गृह मंत्रालय ने UAPA के तहत आतंकी घोषित किया है। वह NIA की मोस्ट वांटेड सूची में है। NIA के अनुसार उसका संबंध Khalistan Tiger Force (KTF) से रहा है। हरदीप निज्जर भी इसी संगठन से जुड़ा था। इससे पहले सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू भी गोल्डी बराड़ को धमका चुका है। पन्नू ने बदला लेने की धमकी देते हुए कहा था कि गोल्डी FBI, कनाडाई या अमेरिकी अदालतों से बच सकता है लेकिन ‘खालसा न्याय’ से नहीं बच पाएगा। आतंकी पम्मा ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के लिए क्या-क्या कहा… जिस रिकॉर्डिंग पर पम्मा भड़का, उसमें गोल्डी बराड़ ने क्या कहा था
जिस रिकॉर्डिंग को लेकर पम्मा ने बयान जारी किया, उसमें गोल्डी बराड़ ने कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। बराड़ ने उसे ‘शहीद’ का दर्जा दिए जाने पर आपत्ति जताई। उसने दावा किया कि निज्जर ऐसे लोगों को समर्थन देता था, जो युवाओं को ड्रग्स के कारोबार में धकेलते और उन्हें ब्लैकमेल कर मुखबिर के तौर पर इस्तेमाल करते थे। बराड़ ने निज्जर पर हथियारों की तस्करी से जुड़े लोगों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। बातचीत में उसने कहा कि इन्हीं वजहों से उसकी टीम ने निज्जर को निशाना बनाया। ************ ये खबरें भी पढ़ें: निज्जर हत्याकांड में 2 पंजाबी गैंगस्टर आमने-सामने: अर्श डल्ला बोला- गोल्डी बराड़ का दावा झूठा, इसने सिद्धू मूसेवाला को झूठ बोलकर मारा गैंगस्टर गोल्डी बराड़ बोला- हरदीप निज्जर को मैंने मरवाया:मेरे भाइयों को मरवाने वाले इसकी कोठी में रहते थे; पहले भारतीय एजेंसियों पर आरोप लगे थे आतंकी की गोल्डी बराड़ को धमकी- गोली माथे पर लगेगी:कनाडा-अमेरिका की अदालतों से बचोगे, खालसाई इंसाफ से नहीं; निज्जर हत्याकांड पर आमने-सामने
RBI Polymer Banknotes Plan: भारत में कागजी नोटों की जगह जल्द ही टिकाऊ और मजबूत प्लास्टिक के नोट ले सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) द्वारा जारी किए गए टेंडर के लिए दो विदेशी कंपनियों और एक भारतीय कंपनी ने अपनी बोलियां जमा कर दी हैं।
शुरुआती चरण में रिजर्व बैंक ₹10 और ₹20 के नोटों को पॉलीमर में छापने की योजना पर विचार कर रहा है। आइए जानते हैं कि इस प्रोजेक्ट की मुख्य शर्तें क्या हैं और कौन सी कंपनियां इसकी रेस में आगे चल रही हैं।
RBI की 2 सबसे सख्त शर्तें: चीन-पाकिस्तान से दूरी और नो-एनिमल फैट
BRBNMPL ने टेंडर में हिस्सा लेने वाली कंपनियों के सामने दो बेहद अहम और सख्त शर्तें रखी हैं:
चीन और पाकिस्तान से पूर्ण फायरवॉल: भारतीय मुद्रा की सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए सभी बोलीदाताओं को हलफनामा देना होगा कि वे भारत में अपने ऑपरेशन्स को चीन और पाकिस्तान में मौजूद अपनी किसी भी गतिविधि से पूरी तरह अलग रखेंगे।
जानवरों की चर्बी पर बैन: कंपनियों को प्रमाणित करना होगा कि सप्लाई की जाने वाली पॉलीमर शीट में जानवरों की चर्बी या उसका DNA शामिल नहीं होगा। ब्रिटेन जैसे देशों में पॉलीमर नोटों में एनिमल फैट का इस्तेमाल विवाद का कारण बना था, जिसके चलते RBI अब भारत के लिए इसे लेकर बेहद सतर्क है।
तुरंत चाहिए 68,000 रीम पॉलीमर शीट
रिपोर्ट के अनुसार, BRBNMPL को भारतीय बैंक नोटों की छपाई के लिए ‘तत्काल’ 68,000 रीम पॉलीमर सबस्ट्रेट की आवश्यकता है। एक रीम में पॉलीमर फिल्म की 500 शीट्स होंगी। सभी कंपनियों को सैंपल्स जमा करने होंगे। इन सैंपल्स को भारत के विभिन्न जलवायु क्षेत्रों में टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद सफल कंपनियों को ही अंतिम टेंडर में हिस्सा लेने दिया जाएगा।
रेस में कौन-कौन सी दिग्गज कंपनियां शामिल?
पॉलीमर नोटों के सबस्ट्रेट सप्लाई के लिए दुनिया की जानी-मानी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है:
कॉस्मो फर्स्ट और डी ला रू: भारत की सबसे बड़ी BOPP एक्सपोर्टर कॉस्मो फर्स्ट ने यूके (UK) स्थित दुनिया की सबसे बड़ी बैंक नोट सप्लायर कंपनी De La Rue को अपना तकनीकी पार्टनर बनाया है। डी ला रू सुरक्षा फीचर्स और पॉलीमर सबस्ट्रेट तकनीक मुहैया कराएगी।
CCL सिक्योर: ऑस्ट्रेलिया स्थित यह कंपनी दुनिया के 40 से अधिक केंद्रीय बैंकों को पॉलीमर नोट सोल्यूशन्स दे रही है। कंपनी का दावा है कि उसके पॉलीमर नोट पारंपरिक कॉटन (सूती) के नोटों की तुलना में 6 गुना ज्यादा टिकाऊ होते हैं।
Q&T हाई-टेक पॉलीमर: वियतनाम की इस कंपनी ने अपने देश में कॉटन करेंसी के मुकाबले 78% लागत की बचत का दावा किया है और अब इसने भी भारतीय टेंडर के लिए बोली लगाई है।
कागजी नोटों से कितने अलग होंगे प्लास्टिक के नोट?
लंबी उम्र और मजबूती: पॉलीमर नोट पानी, नमी और धूल-मिट्टी से खराब नहीं होते। इनकी लाइफ सामान्य कागजी नोटों के मुकाबले 6 गुना तक ज्यादा होती है।
नकली नोटों पर लगाम: इन नोटों में आधुनिक सिक्योरिटी फीचर्स और विंडो ट्रांसपेरेंसी जोड़ी जाती है, जिससे इनकी नकल बनाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
हाइजीनिक और साफ-सुथरे: कागजी नोटों की तुलना में पॉलीमर नोट साफ रहते हैं और इनसे कीटाणु फैलने का खतरा कम रहता है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक डॉक्टर का वीडियो काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने बताया कि भारत में रात के समय अचानक तबीयत खराब होने पर दवाएं आसानी से मिल जाती है। वहीं UK और दूसरे पश्चिमी देशों में रात के समय काफी मुश्किल से मिलती है। एक डॉक्टर को कुछ देर के लिए रुकना पड़ा। इस दौरान उन्हें महसूस हुआ कि भारत में स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ ऐसी सुविधाएं हैं, जिन पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते। उन्होंने भारत और पश्चिमी देशों की हेल्थकेयर व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि विदेशों में भी कई ऐसी चुनौतियां हैं, जिनका सामना लोगों को करना पड़ता है। भारत में देर रात तक मेडिकल स्टोर खुले रहना और जरूरत के समय आसानी से दवाइयां मिल जाना इनमें शामिल है। इस अनुभव से उन्हें समझ आया कि ये छोटी लगने वाली सुविधाएं असल में कितनी जरूरी हैं।
रात 10 बजे तबीयत हुई थी
डॉ. दीपांजलि शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए अपना एक्सपीरिएंस शेयर किया। उन्होंने बताया कि, एक शाम उनके डॉक्टर पति की अचानक तबीयत बिगड़ गई। शुरुआत में उन्हें सिरदर्द की शिकायत हुई, लेकिन कुछ देर बाद उल्टी भी होने लगी। उनकी हालत को देखते हुए रात करीब 10 बजे दीपांजलि को जरूरी दवाइयों का इंतजाम करने के लिए घर से बाहर जाना पड़ा। उन्होंने कहा, “मैं उनके लिए कुछ दवाइयां और IV इंजेक्शन लेने जा रही हूं। ऐसे समय में मुझे एहसास होता है कि भारत में रहना कितनी बड़ी सुविधा है।”
तुंरत नहीं मिलती जरूरी दवाएं
शर्मा ने बताया कि, इस घटना ने उन्हें UK और दूसरे पश्चिमी देशों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर होने के बावजूद विदेशों में तुरंत मेडिकल मदद या जरूरी दवाइयां मिलना आसान नहीं होता, खासकर रात या सामान्य समय के बाद। उन्होंने कहा, “अगर मैं इस समय UK या किसी दूसरे पश्चिमी देश में होती, तो शायद मुझे पहले लाइन में इंतजार करना पड़ता। संभव है कि बहुत ज्यादा भीड़ वाले इमरजेंसी डिपार्टमेंट में मेरे पति को तुरंत इलाज न मिल पाता।” उन्होंने यह भी बताया कि वहां जरूरी दवाइयां इतनी आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं कि उन्हें तुरंत जाकर खरीदा और इस्तेमाल किया जा सके।
हर देश बेहतर नहीं होता
शर्मा ने बताया कि, भारत में उन्हें रात के समय भी जरूरी दवाइयां और मेडिकल सामान आसानी से मिल गया। वह बाहर जाकर सामान लाई और फिर अपने पति की देखभाल कर सकीं। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि भारत की हेल्थकेयर व्यवस्था पूरी तरह बेहतर नहीं है और इसमें कई कमियां हैं। उनका कहना था कि हर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में कुछ न कुछ परेशानियां होती हैं, लेकिन जरूरत के समय दवाइयां आसानी से मिल जाना भारत की एक बड़ी सुविधा है। उन्होंने लिखा, “हमारे देश में कई चीजों में सुधार की जरूरत है, लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि दुनिया का कोई भी देश हमें हर मामले में 100/100 वाला सबसे बेहतर अनुभव नहीं देता।”
विदेशों में भी होती है दिक्कतें
उन्होंने माना कि उन्हें भारत में जो सुविधाएं मिलीं, उनमें उनकी व्यक्तिगत स्थिति का भी असर था और देश में हर व्यक्ति को आसानी से स्वास्थ्य सेवाएं मिलना अभी भी आसान नहीं है। उनका कहना था कि जो लोग विदेश जाने को हर मामले में बेहतर मानते हैं, उन्हें वहां की चुनौतियों को भी समझना चाहिए। विदेशों में भी कई ऐसी परेशानियां हैं, जहां कुछ सुविधाएं भारत की तुलना में आसानी से नहीं मिलतीं। उनके मुताबिक, विदेश में रहने के फायदे हैं, लेकिन वहां भी लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
लोगों ने किया कमेंट
शर्मा के वीडियो पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने कहा कि भारत में देर रात तक दवाइयों की दुकानें खुली रहना, डॉक्टर से जल्दी संपर्क हो जाना और जरूरत की दवाइयां आसानी से मिल जाना बड़ी सुविधाएं हैं। वहीं कुछ यूजर्स ने भारत और विदेशों की स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना करते हुए नियमों और डॉक्टर की पर्ची वाली दवाइयों की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। कई लोगों ने यह बात भी मानी कि दुनिया में कोई भी जगह पूरी तरह बेहतर या परफेक्ट नहीं है और हर देश में लोगों को कुछ सुविधाओं के साथ कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

Over two decades after the Toyota Celica nameplate was discontinued with the seventh-generation model, the Japanese carmaker is set to bring the moniker back with a new hybrid all-wheel drive sports coupe, per a new report from Autocar UK. Internally referred to as the Celica Sport, the eighth-gen model will serve as an entry point to Toyota’s performance-focused GR line-up, and is expected to directly rival the Honda Prelude.
The Celica’s return was officially confirmed by Toyota in late 2024 as part of an effort to revive the “three brothers,” which is chairman Akio Toyoda’s affectionate nickname for the Supra, Celica, and MR2. The Supra nameplate came back as part of a joint collaboration with BMW in 2019 for the fifth-gen model (codename: A90), with the Celica likely to be next. A new mid-engined MR2 is tipped to be in development too.
Eighth-gen Toyota Celica: Everything we know

Like prior generations of the Celica, the eighth-gen model is anticipated to use the underpinnings of a mainstream Toyota car, possibly the next-gen Corolla. The front-engined coupe is likely to be powered by Toyota’s all-new 2.0-litre 4-cylinder turbo-petrol engine that debuted last year, which is codenamed the G20E. This motor has a shorter piston stroke than Toyota’s current engines, making it lighter and more compact, and is expected to output around 400hp and 500Nm in road-going applications.
The G20E engine will be paired with a hybrid system in the new Celica – it remains unclear whether the setup will be strong hybrid or plug-in hybrid. A Toyota spokesperson confirmed to Autocar UK that the eighth-gen Celica will be fitted with AWD as well.

As for the form factor, expect the eighth-gen Celica to be a two-door coupe, much like its predecessors. Styling may draw inspiration from the top-of-the-line Toyota GR GT supercar, which looks quite rakish and menacing. Interestingly, there will be a WRC version of the new Celica for the 2027 season. A prototype of the same was spotted testing a few months ago, sporting an all-new, relatively compact two-door body.
Since the 2027 WRC regulations mandate a 1.6-litre engine, however, the rally Celica is expected to use an evolved version of the GR Yaris’s 3-cylinder turbo-petrol motor. Speaking to Autocar UK, Gazoo Racing marketing manager Mikio Hayashi said, “The displacement size of 1.6 litres, for example, cannot meet emission regulations. So we have to consider the possibility of a 2.0-litre” for the road-going Celica, lending further credence to the utilisation of the G20E.
LT Foods Share Price: LT Foods के शेयरों में 24 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान एक साल की ऊंचाई ₹487 पर पहुंच गए। सोमवार को ट्रेडिंग के पहले हिस्से में 32 मिलियन से ज़्यादा शेयरों का लेन-देन हुआ। यह पिछले 10 दिनों के औसत वॉल्यूम से 86 गुना ज़्यादा है।
LT Foods के शेयर की कीमत इंट्रा-डे ट्रेडिंग में 13% बढ़कर ₹482.85 के 52-हफ़्ते के नए हाई पर पहुंच गए। इस स्टॉक ने 19 सितंबर, 2025 को बने अपने पिछले ₹479.80 के हाई को पार कर लिया। NSE और BSE पर कुल मिलाकर 13.14 मिलियन इक्विटी शेयरों का लेन-देन हुआ, जिससे काउंटर पर औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 10 गुना से ज़्यादा बढ़ गया। शेयर आज 7.34 फीसदी की बढत के साथ 459 रुपये पर बंद हुआ।
इस साल स्टॉक में यह दूसरी सबसे बड़ी एक-दिन की बढ़त थी, इससे पहले फरवरी में एक सेशन में इसमें 14% की तेज़ी आई थी। कंपनी के शेयरों में इस साल अब तक 25% से ज़्यादा और पिछले 12 महीनों में 13% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।
LT Foods के शेयरों में यह तेजी चावल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई आम बढ़त के बाद देखी गई। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान KRBL और AWL Agri Business जैसी कंपनियों के शेयरों में क्रमशः 6.39% और 1.63% की बढ़त हुई।
शेयरहोल्डिंग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रमोटरों के पास कंपनी के 51% से ज़्यादा शेयर थे, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 29.95% शेयर थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों के पास 10.84% और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास 8.21% शेयर थे।
जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए LT Foods का रेवेन्यू 11.56% बढ़कर ₹1,172.08 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1,050.56 करोड़ था। नेट प्रॉफ़िट 89.67% बढ़कर ₹70.16 करोड़ हो गया, जो पहले ₹36.99 करोड़ था। इस महीने की शुरुआत में रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, इसी अवधि में कुल आय 10.77% बढ़कर ₹1,176.11 करोड़ हो गई, जो पहले ₹1,061.73 करोड़ थी।
गुरुग्राम स्थित FMCG कंपनी मुख्य रूप से चावल का कारोबार करती है और अपने उत्पादों को US, UK और वेस्ट एशिया सहित 85 देशों में एक्सपोर्ट करती है। कंपनी अपना मुख्य चावल ब्रांड ‘दावत’ (Daawat) बनाती है और उसने पहले बताया था कि उसके FY25 के रेवेन्यू का 9% हिस्सा वेस्ट एशिया में एक्सपोर्ट से आया था।
वेस्ट एशियन मार्केट में कंपनी की मौजूदगी ने इस साल की शुरुआत में उसके शेयरों पर खास असर डाला था, जब उस क्षेत्र में चावल के एक्सपोर्ट पर मौजूदा जियोपॉलिटिकल तनाव का कुछ समय के लिए असर पड़ा था।
Apollo Tyres Share Price: ब्रोकरेज ने रेटिंग की अपग्रेड, शेयर 5% चढ़ा, दिया 34% अपसाइड का टारगेट
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