पाकिस्तान का 100 साल पुराना हिंदू मंदिर गिराने से इंकार:कहा- बारिश की वजह से टूटा; आरोप- मदरसा बनाने के लिए मंदिर तोड़ा

पाकिस्तान ने पंजाब प्रांत में करीब 100 साल पुराने हिंदू मंदिर गिराए जाने की खबरों को गलत बताया है। उसका कहना है कि 21 जुलाई को भारी बारिश के कारण मंदिर क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। वहीं, स्थानीय लोगों और हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों का आरोप है कि मंदिर को जानबूझकर गिराया गया और उसकी जमीन पास के मदरसे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। दूसरी ओर, रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मंदिर की इमारत को 21 अगस्त को गिराया गया। दोनों तारीखों के बीच करीब एक महीने का अंतर है। इसी वजह से मंदिर गिराए जाने की घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। TLP पर मंदिर गिराने के आरोप पाकिस्तान मसिहा मिल्लत पार्टी (PMMP), स्थानीय लोगों और हिंदू समुदाय ने आरोप लगाया था कि मंदिर को स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने गिराया। इन लोगों ने इस मामले में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) से जुड़े लोगों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है। TLP पाकिस्तान का एक कट्टरपंथी इस्लामी संगठन है, जिस पर वहां प्रतिबंध लगा हुआ है। भारत ने मंदिर गिराए जाने की निंदा की मामला सामने आने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने 2 सितंबर को इसकी निंदा की थी। भारत ने कहा था कि मंदिर की सुरक्षा के लिए स्थानीय अधिकारियों ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जो चिंता की बात है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। भारत ने पाकिस्तान से मंदिर गिराने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और मंदिर को फिर से ठीक कराने की मांग की थी। पाकिस्तान बोला- तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया भारत के बयान के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने भारत के आरोपों को झूठा और राजनीतिक मकसद से लगाया गया बताया। उन्होंने कहा कि भारत इस मामले में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। खान ने पाकिस्तान के स्थानीय एवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के अधिकारियों के हवाले से कहा कि मंदिर की इमारत भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई थी। मंदिर की मरम्मत करवाएगा पाकिस्तान पाकिस्तान का यह भी दावा है कि स्थानीय अधिकारियों ने मंदिर को हुए नुकसान का सर्वे किया है और मंदिर को दोबारा ठीक करने के लिए कदम शुरू कर दिए गए हैं। ————————- यह भी पढ़ें… PAK ग्रूमिंग गैंग ने लंदन में सिख युवती को फंसाया: ब्रेनवॉश किया, नितनेम-गुरुद्वारा जाना छोड़ा इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। पूरी खबर पढ़ें…

PAK ग्रूमिंग गैंग ने लंदन में सिख युवती को फंसाया:ब्रेनवॉश किया, नितनेम-गुरुद्वारा जाना छोड़ा, पुलिस को मां-बाप की शिकायत की, फिर घर छोड़ चली गई

इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। युवती की मां ने एक पंजाबी चैनल से बातचीत में कहा कि उसकी 19 साल की बेटी है। वह नितनेम करती, गुरुद्वारे जाकर सेवा करती थी लेकिन गैंग ने उसे फंसा लिया। उसने सब कुछ छोड़ दिया। उसका ब्रेनवॉश कर दिया। जब हमने समझाने की कोशिश की तो हमारी शिकायत लंदन पुलिस को कर दी। इसके बाद हमें छोड़कर चली गई। मां ने कहा कि यूनिवर्सिटी में लड़कियों के एक ग्रुप से जोड़ने के बाद एक लड़का उसके टच में आया, उसके बाद ही उसका पूरा व्यवहार बदल गया। उसने इंग्लैंड में रहते सिखों से इस मामले में मदद मांगी है। लड़की को कैसे फंसाया, ग्रूमिंग गैंग का पूरा प्रोसेस क्या है, आगे क्या होता है, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़िए… 5 पॉइंट में जानिए, युवती की मां ने ग्रूमिंग को लेकर क्या कहा.. 1. स्कूल में पढ़ी, यूनिवर्सिटी तक सब ठीक था
मां ने कहा- मेरी बेटी का नाम सिमरन है। वह 19 साल की है। बेटी यहीं (लंदन) की जन्मी है, लेकिन फिर भी वह जैसी हमारी भारतीय समुदाय की बच्चियां होती हैं, उस तरह थी। हमारे घर में एक अच्छे माहौल में पली-बढ़ी थी उसने स्कूल खत्म किया और सितंबर 2025 में यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए गई। तब तक सब कुछ ठीक था। 2. यूनिवर्सिटी में लड़कियों का ग्रुप बना, फिर एक लड़का उसके टच में आया
मां ने कहा- यूनिवर्सिटी में जाकर मुस्लिम लड़कियों का ग्रुप बना। फिर एक लड़का उनके संपर्क में आया। जिसने मेरी बेटी से संपर्क किया और फिर उसका थोड़ा-थोड़ा व्यवहार बदलने लगा। वह पहले बहुत अच्छी थी, बहुत इज्जत करती थी हमारी, कभी वह हमारे आगे बोलती नहीं थी। फिर हमें शक हुआ कि शायद कुछ गलत है। हमें जून 2026 में पता चला कि एक मुस्लिम लड़का उसके साथ जुड़ चुका है। उसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। 3. मां-बाप को वह बातें बोलती, जिससे यकीन नहीं आता
मां ने कहा- वह काफी आक्रामक होने लगी। यहां तक कि उसको यह पता चलना बंद हो गया कि हम उसके माता-पिता हैं। वह कभी-कभी हमें इतनी गलत चीजें बोल देती थी कि हम विश्वास ही नहीं कर पाते थे कि यह सिमरन ही बोल रही है। स्कूल में हर टीचर उसकी तारीफ करता था कि यह हमारी बहुत इज्जत करती है। 4. घर पर पाठ करती, गुरुद्वारे जाती, फिर पूरी बदल गई
मां ने कहा- वह घर पर पाठ करती थी। जब भी उसको समय मिलता था, हम गुरुद्वारे जाते, सेवा करके आते थे। उसका ब्रेनवाश कर दिया गया। मतलब कि पूरी तरह से बदल दिया उसको। वह अपना किरदार ही भूल गई। मेरी फैमिली गुरसिख है। पति का परिवार अमृतधारी है। बेटी सिमरन भी सिक्खी को मानती थी लेकिन फिर वह पूरी तरह से बदल गई। 5. समझाया तो पुलिस को हमारी ही शिकायत कर दी, फिर छोड़कर चली गई
मां ने कहा- जब हमने उसे समझाने की कोशिश की तो उसने लंदन पुलिस को शिकायत कर दी। उसने झूठ कहा कि हमने उसको मारा-पीटा। जबकि हमने कभी भी उस पर हाथ नहीं उठाया। यहां तक कि हमने उससे ऊंची आवाज में बात करना भी बंद कर दिया था। हमें लगता था कि हम प्यार से उसको समझा लें, घर वापस ले आएं, हर वह चीजें करने लगे, जिससे वह खुश रहती थी। लेकिन मुझे नहीं पता कि उसका इतना माइंडवॉश कर दिया उन्होंने कि हमारी मेरी पूरी फैमिली पर आरोप लगाकर वह चली गई।
पहले भी एक युवती ने ऑनसक्रीन किए थे खुलासे बता दें, 6 महीने पहले इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें युवती ने ऐसे ही कुछ दावे किए थे। उसने बताया था कि ब्रिटेन में कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा है। सिख लड़कियों को फंसाकर उन्हें मुसलमान बनाया जा रहा है। इसके लिए यूके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय है। युवती ने वीडियो में दावा किया था कि यूके में ग्रूमिंग गैंग को कौर (सिख लड़की) से खान (मुस्लिम) बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। युवती का कहना था कि पाकिस्तानी मूल की ग्रूमिंग गैंग सोची-समझी साजिश के तहत गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। युवती ने ग्रूमिंग गैंग की स्ट्रेटजी का भी खुलासा किया था। उसका कहना था कि ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे इमोशनली अटैच होते हैं, फिर उन्हें महंगी गाड़ियों व रेस्टोरेंट्स में घुमाते हैं और जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन करा देते हैं। युवती का दावा है कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों को फंसाने के रेट भी अलग हैं। सिख लड़की को फंसाकर मुस्लिम बनाने पर युवक को 10,000 पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) मिलते हैं। वहीं, हिंदू या ईसाई लड़की के धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड (करीब साढ़े 5 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है। कैसे जाल बिछाते हैं ग्रूमिंग गैंग, स्टेप-टू-स्टेप प्रोसेस जानिए…

Women’s Asia Cup 2026: एशिया कप में कैसा है भारत का शेड्यूल, इस दिन पाकिस्तान से भिड़ेगी टीम इंडिया

IND vs PAK: विमेंस एशिया कप 2026 का 10वां सीजन दुबई में खेला जा रहा है। विमेंस एशिया कप 2026 के ग्रुप स्टेज में भारतीय टीम अपने पहले मैच के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत का सामना आज थाईलैंड से दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होगा। वहीं दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला रात 8 बजे शुरू होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम जीत के इरादे से मैदान पर उतरेगी। वहीं फैंस को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले का इंतजार है। भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में डाला गया है। आइए जानते हैं किस दिन होगा भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला

कब होगा भारत का मुकाबला

विमेंस एशिया कप टूर्नामेंट के सभी मुकाबले दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। इस बार कुल आठ टीमें खिताब के लिए मैदान में हैं, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप स्टेज के बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इस बार भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है, ऐसे में 5 सितंबर को होने वाला दोनों टीमों का मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मैचों में शामिल रहेगा। वहीं मेजबान यूएई की कोशिश अपने घरेलू मैदान और परिस्थितियों का फायदा उठाकर बेहतर प्रदर्शन करने की होगी। टीम श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करना चाहेगी।

भारत के मुकाबले

  • भारत बनाम थाईलैंड- 30 अगस्त, दुबई
  • हांगकांग, चीन बनाम भारत- सितंबर 3, दुबई
  • भारत बनाम पाकिस्तान- 5 सितंबर, दुबई
  • पहला सेमी-फाइनल- 10 सितंबर, दुबई
  • दूसरा सेमी-फाइनल- 11 सितंबर, दुबई
  • फाइनल- 13 सितंबर, दुबई

एशिया कप में रहा है भारत का दबदबा

श्रीलंका इस बार विमेंस एशिया कप में अपने खिताब का बचाव करने उतरी है। टीम ने 2024 में पहली बार यह ट्रॉफी अपने नाम की थी। हालांकि, टूर्नामेंट के रिकॉर्ड को देखें तो भारत का दबदबा सबसे ज्यादा रहा है। भारतीय टीम ने अब तक खेले गए नौ एशिया कप में से सात बार खिताब जीता है, जबकि बाकी दो मौकों पर उसे उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा। बांग्लादेश भी विमेंस एशिया कप का खिताब जीत चुकी है और उसने 2018 में ट्रॉफी अपने नाम की थी। थाईलैंड, इंडोनेशिया और हांगकांग, चीन ने ACC विमेंस प्रीमियर कप 2026 में शानदार खेल दिखाकर विमेंस एशिया कप में जगह बनाई है।

पाकिस्तान ने LoC पर तैनात किए तुर्की के ‘घातक’ Bayraktar TB2 ड्रोन, जानें कितने खतरनाक है ये

Pak Bayraktar Drones Near LoC: भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी पर एक बार फिर तनाव गहराता दिख रहा है। शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि पाकिस्तानी सेना ने भारत से सटी अपनी पश्चिमी सीमा पर तुर्की में बने Bayraktar TB2 ड्रोन की गश्त काफी बढ़ा दी है।

मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सैन्य संघर्ष के बाद से ही दोनों देश अपनी सीमाओं पर ड्रोन और UAV का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। लेकिन एलओसी के बेहद करीब तुर्की के इस कॉम्बैट-प्रूवन ड्रोन का देखा जाना भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

क्यों खतरनाक है तुर्की का Bayraktar TB2 Drone?

बायराकतार टीबी2 केवल एक सामान्य जासूसी ड्रोन नहीं है, बल्कि यह एक मीडियम-एल्टीट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस स्ट्राइक-सक्षम यूएवी है। इसमें लगे इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सेंसर पैकेजेस रियल-टाइम इमेजरी भेजते हैं। इससे पाकिस्तानी ऑपरेटर्स भारतीय सीमा के दुर्गम इलाकों, सैन्य हलचल और पोस्टों की विस्तृत मैपिंग कर सकते हैं।

यह ड्रोन सिर्फ रेकी नहीं करता, बल्कि प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों से हमला करने में भी सक्षम है। यानी जासूसी के लिए उड़ने वाला ड्रोन जरूरत पड़ने पर तुरंत स्ट्राइक मिशन में बदला जा सकता है।

मुरीद एयरबेस बना ड्रोन ऑपरेशन्स का मुख्य अड्डा

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान अपने ड्रोन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 3 प्रमुख ठिकानों का इस्तेमाल कर रहा है:

मुरीद एयरबेस (चकवाल): यह पाकिस्तान का मुख्य यूएवी हब बन चुका है, जहां से TB2 ड्रोन संचालित हो रहे हैं।

नूर खान एयरबेस (चकाला, रावलपिंडी): यह रावलपिंडी के पास पाकिस्तान का प्रमुख सैन्य विमानन केंद्र है।

रहीम यार खान एयरबेस: यह पाकिस्तान के दक्षिणी सेक्टर में फॉरवर्ड ऑपरेशन्स बेस के रूप में काम करता है।

खुफिया इनपुट यह भी बताते हैं कि पाकिस्तान ने मुजफ्फराबाद और कोटली (PoJK) के आसपास ग्राउंड-कंट्रोल इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबाइल लॉन्च सिस्टम तैनात किए हैं। इससे ड्रोन का ट्रांजिट टाइम घट जाता है और वे भारतीय सीमा के पास ज्यादा देर तक मंडरा सकते हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बदला सीमा का माहौल

मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव के दौरान भी पाकिस्तान ने टोही, आत्मघाती ड्रोन और सशस्त्र यूएवी का भारी इस्तेमाल किया था। उस दौरान भारतीय सेना ने मुरीद, चकाला और रहीम यार खान समेत कई पाकिस्तानी एयरबेस को निशाना बनाकर उनके ड्रोन नेटवर्क को करारा जवाब दिया था।

भारत का ‘काउंटर-ड्रोन’ सुरक्षा कवच तैयार

पाकिस्तानी ड्रोनों की इस नई हलचल का मुकाबला करने के लिए भारतीय रक्षा बलों ने सीमा पर अपनी सुरक्षा ग्रिड को बेहद मजबूत कर लिया है। एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के संवेदनशील इलाकों में स्वदेशी और आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात की गई है। रात और खराब मौसम में भी सीमा पार की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोनों को हवा में ही जाम करने या मार गिराने के लिए त्वरित एक्शन ग्रिड सक्रिय है।

PAK सांसद बोले- UAE में पाकिस्तानियों से भेदभाव हुआ:फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में कमरा नहीं मिला; भारतीय-अमेरिकी यात्रियों को रहने दिया

पाकिस्तान के सांसद और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर UAE में पाकिस्तानी यात्रियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार को संसद में कहा कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को कमरा दिया गया, जबकि पाकिस्तानी यात्रियों को ठहरने की सुविधा नहीं मिली। कैसर ने दावा किया कि मैं खुद इस घटना के दौरान वहां मौजूद था। उनके मुताबिक फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को होटल में ठहराने की व्यवस्था की जा रही थी। सांसद बोले- UAE सरकार के सामने मामला उठाए पाकिस्तान कैसर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के सांसद हैं। उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से मामले को UAE अधिकारियों के सामने उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और UAE के बीच करीबी रिश्ते हैं और ऐसी घटनाओं को दोनों देशों के संबंधों पर असर नहीं डालना चाहिए। उन्होंने UAE को पाकिस्तान का ‘इस्लामिक भाई देश’ बताते हुए कहा कि UAE के विकास में पाकिस्तानियों का भी योगदान रहा है। कैसर ने यह भी दावा किया कि एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलकर UAE में इस तरह के व्यवहार की शिकायत की थी। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में होटल का नाम, यात्रियों की संख्या या कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया। PAK संसद में कैसर का पूरा बयान… UAE में फ्लाइट कैंसिल होने पर क्या हैं नियम UAE के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) के पैसेंजर वेलफेयर प्रोग्राम के तहत फ्लाइट कैंसिल होने या लंबे समय तक देरी होने पर एयरलाइन को यात्रियों की जरूरत के मुताबिक सहायता देनी होती है। अगर यात्रियों को 8 घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़े तो नियमों के तहत होटल, खाना-पीना, कम्युनिकेशन और एयरपोर्ट से होटल तक आने-जाने की फैसिलिटी देने का प्रावधान है। कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने और अगली संभावित फ्लाइट 8 घंटे से ज्यादा होने पर भी होटल की व्यवस्था की जा सकती है। पासपोर्ट के आधार पर अलग सुविधा का नियम नहीं GCAA के नियमों में होटल और दूसरी यात्री सुविधाओं को फ्लाइट की देरी, कैंसिलेशन और कनेक्शन की स्थिति से जोड़ा गया है। भारतीय, अमेरिकी या पाकिस्तानी पासपोर्ट के आधार पर अलग-अलग होटल सुविधा देने का कोई सामान्य नियम नहीं है। इसलिए अगर मौजूदा मामले में पासपोर्ट के आधार पर यात्रियों को अलग सुविधा दी गई तो यह सामान्य यात्री-सहायता नियमों से अलग मामला होगा। हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती कि होटल ने वास्तव में पासपोर्ट के आधार पर ही यात्रियों को कमरे दिए थे। खबर अपडेट हो रही है…

Hockey World Cup 2026: पाकिस्तान को फिर मिली करारी शिकस्त, भारत ने 5-3 से हराया

IND vs PAK: भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-3 से जीत दर्ज की। नीदरलैंड्स में एम्सटेलवीन के वागेनर स्टेडियम में खेले गए पूल डी के इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने शानदार खेल दिखाते हुए दो-दो गोल किए, वहीं भारत की ओर से एक और गोल भी हुआ। भारतीय टीम ने पहले हाफ में बढ़त बना ली थी और बाद में पाकिस्तान की वापसी की कोशिशों को नाकाम करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने अपना अभियान मजबूत किया और अगले दौर में जगह पक्की कर ली।

पाकिस्तान को हराने के साथ ही भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपनी दूसरी जीत दर्ज कर ली। इस जीत ने भारतीय टीम का अगले दौर का रास्ता साफ कर दिया है। अब भारत टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में पहुंच चुका है और टीम की नजरें आगे के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने पर होंगी। वहीं इस हार के साथ पाकिस्तान का हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का सफर यहीं खत्म हो गया है।

इमरान की नौ महीने बाद बहन नूरीन की मुलाकात:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं; पूर्व PM को हॉस्पिटल शिफ्ट किए जाएंगे

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी ने मंगलवार को अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। करीब 9 महीने बाद हुई इस मुलाकात के लिए नोरीन सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद जेल पहुंचीं, जिसमें इमरान को परिवार से हर हफ्ते मिलने की अनुमति दी गई है। करीब 15 मिनट चली मुलाकात में नोरीन ने इमरान की सेहत के बारे में पूछा। उन्होंने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की जानकारी भी दी, जिसमें इमरान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने को कहा गया है। दोनों ने कुछ कानूनी मामलों पर भी बात की। इमरान ने अपनी पत्नी बुशरा बीबी से भी मुलाकात की। दोनों करीब 30 से 35 मिनट साथ रहे। इससे पहले बुशरा ने अपनी बेटी मुबाशरा शेख और ननद मेहरुन्निसा से मुलाकात की थी। पुलिस सिर्फ ने नोरीन को मिलने दिया नोरीन अपनी बहनों अलीमा खान और उजमा खान के साथ अडियाला जेल के रास्ते में डहगल चेकपॉइंट पहुंची थीं। पुलिस ने तीनों को रोक लिया, लेकिन बाद में सिर्फ नोरीन को इमरान से मिलने के लिए जेल जाने दिया। करीब 15 मिनट की मुलाकात के बाद नोरीन ने इमरान से मिलने की पुष्टि की। हालांकि, कोर्ट में दिए भरोसे के मुताबिक उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की। कोर्ट ने कहा- परिवार से मिलना अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इमरान के परिवार से हर हफ्ते मुलाकात कराने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि परिवार से मिलना कोई एहसान नहीं, बल्कि मौलिक अधिकार है। अदालत ने पिछले 3 साल में इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई मुलाकातों का रिकॉर्ड भी मांगा है। उनके बेटों से हुई बातचीत और फोन कॉल की जानकारी देने को भी कहा गया है। इमरान को अस्पताल भेजने का भी आदेश सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को इलाज और मेडिकल जांच के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश भी दिया है। कोर्ट ने उनके इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने को कहा है, जिसमें उनके निजी डॉक्टर और बहन डॉ. उजमा खान को शामिल किया जाएगा। अडियाला जेल की मेडिकल रिपोर्ट में इमरान के ब्लड प्रेशर और तनाव को लेकर चिंता जताई गई थी। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें… PAK सुप्रीम कोर्ट बोला-इमरान को 2 दिन में अस्पताल भेजें:कहा- बहनों से मिलना उनका अधिकार; 2023 से जेल में हैं पूर्व PM पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इमरान को 48 घंटे में शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ट्रांसफर किया जाए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Hockey World Cup: भारत-पाकिस्तान में हाईवोल्टेज मुकाबला…दांव पर सेमीफाइनल की टिकट, जानें कहां देखें लाइव एक्शन

IND vs PAK: हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय हॉकी टीम एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के अपने आखिरी लीग मैच में पाकिस्तान का सामना करेगी। भारत और पाकिस्तान की टीमें 19 अगस्त को एम्सटेलवीन में एक दूसरे के आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से मिली हार के बाद भारत के लिए ये मुकाबला काफी अहम हो गया है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत टीम को पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला जीतना बहुत जरुरी है। भारत के दो मैचों में 3 अंक हैं और अगले दौर में पहुंचने के लिए उसे कम से कम पाकिस्तान के खिलाफ मैच ड्रॉ करना होगा।

वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के खाते में सिर्फ 1 अंक है, इसलिए उसे आगे बढ़ने की उम्मीद बनाए रखने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। इंग्लैंड ने अपने दोनों मुकाबले जीतकर अगले दौर में जगह पक्की कर ली है।

कैसा रहा है भारत का टूर्नामेंट

भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप में वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत से अभियान शुरू किया था। हालांकि, दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ टीम को 2-4 से हार झेलनी पड़ी। इस मैच में दूसरे हाफ के दौरान भारत ने तीन गोल गंवाए। टीम की डिफेंस में हुई गलतियां और पेनल्टी कॉर्नर का फायदा नहीं उठा पाना कोच क्रेग फुल्टन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भारत का पाकिस्तान के खिलाफ हालिया रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। इस साल प्रो लीग के यूरोपियन लेग में भी भारत ने पाकिस्तान को लगातार दो मैचों में 7-1 और 4-3 से हराया था। पाकिस्तान ने आखिरी बार 2016 की चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को शिकस्त दी थी।

पाकिस्तान का टूर्नामेंट

पाकिस्तान को टूर्नामेंट में अब तक इंग्लैंड के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि वेल्स के खिलाफ उसका मुकाबला 3-3 से बराबरी पर खत्म हुआ। ऐसे में टीम को भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिए अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा। खासकर पेनल्टी कॉर्नर का सही इस्तेमाल और डिफेंस को मजबूत करना पाकिस्तान के लिए अहम होगा।

कब शुरू होगा मुकाबला

भारत और पाकिस्तान के बीच एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप का मुकाबला बुधवार, 19 अगस्त को खेला जाएगा। दोनों टीमें एम्सटेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। ये मैच भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे शुरू होगा।

कहां पर देखें भारत-पाक का मुकाबला

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप मुकाबले का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, जो दर्शक मैच ऑनलाइन देखना चाहते हैं, वे JioHotstar पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

PAK सुप्रीम कोर्ट का आदेश- इमरान खान को अस्पताल भेजें:इलाज के लिए आज ही ट्रांसफर करें; पूरी मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इमरान को आज ही अस्पताल ट्रांसफर किया जाए। उनकी सेहत की जांच और इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड भी बनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अडियाला जेल प्रशासन से इमरान की पूरी मेडिकल रिपोर्ट मांगी। जस्टिस शाहिद वहीद ने कहा कि कोर्ट के सामने पूरी रिपोर्ट के बजाय सिर्फ उसकी समरी पेश की गई है। तीन जजों की बेंच इमरान के इलाज और परिवार से मुलाकात से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। बेंच की अध्यक्षता जस्टिस शाहिद वहीद ने की। इसमें जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल थे। रिपोर्ट में इमरान की पल्स और दिल की हालत पर चिंता जताई जेल प्रशासन की रिपोर्ट में इमरान की पल्स और दिल की हालत को लेकर भी चिंता जताई गई थी। रिपोर्ट में एंजियोग्राफी कराने की सलाह का जिक्र था। इस पर इस्लामाबाद के एडवोकेट जनरल ने बताया कि यह जांच जेल के बाहर अस्पताल में कराई जा सकती है। PTI के वकील ने इमरान के शरीर में ब्लड क्लॉट बनने की वजह पता लगाने और उनके निजी डॉक्टरों से जांच कराने की मांग भी की। कोर्ट बोला- इमरान की सेहत पर राजनीति न करें सुप्रीम कोर्ट ने PTI से इमरान की मेडिकल स्थिति को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाने को कहा। कोर्ट ने मुलाकात के बाद PTI नेताओं और परिवार की ओर से मीडिया में दिए जाने वाले बयानों पर भी सवाल उठाए। जस्टिस अफगान ने कहा कि पार्टी को यह तय करना चाहिए कि इमरान की सेहत को लेकर राजनीति न हो। कोर्ट ने इमरान की बहनों से मुलाकात को लेकर भी सवाल उठाया। जस्टिस वहीद ने कहा कि बहनों से मिलना कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका मौलिक अधिकार है। अदालत ने पिछले तीन साल में इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई सभी मुलाकातों की जानकारी मांगी। इमरान के बेटों से उनकी बातचीत और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जानकारी भी देने को कहा गया है। जेल रिपोर्ट में आंखों की बीमारी का जिक्र अडियाला जेल के सुपरिंटेंडेंट ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इमरान की दो पेज की मेडिकल रिपोर्ट जमा की थी। इसमें उनकी आंख की बीमारी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) का भी जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान का इस बीमारी का इलाज चल रहा है और उनकी प्रभावित आंख की नजर लगभग सामान्य हो गई है। रिपोर्ट में 4 नवंबर 2023 से 10 अगस्त 2026 के बीच 39 मेडिकल जांचों का भी जिक्र किया गया है। 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उन पर कई मामले दर्ज हुए। इनमें सरकारी तोहफों और गैरकानूनी शादी से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इमरान और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक कार्रवाई बताते रहे हैं और आरोपों से इनकार करते हैं।

30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक यौन अपराधी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शाबिर अहमद ब्रिटेन के कुख्यात ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा हुआ है। उसे 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी पाया गया है। शाबिर मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है लेकिन उसके पास ब्रिटिश नागरिकता है। अब ब्रिटेन शाबिर को पाकिस्तान भेजना चाहता है, लेकिन इस्लामाबाद ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अगर शाबिर को रखने का दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों को वापस लेने, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर फिर से विचार कर सकता है। कौन है शाबिर अहमद? 73 वर्षीय शाबिर अहमद पाकिस्तान मूल का है। बच्चों के यौन शोषण मामले में उसे 22 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह करीब 14 साल जेल में काट चुका है और हाल ही में रिहा हुआ है। ब्रिटेन उसकी नागरिकता समाप्त कर चुका है और अब उसे पाकिस्तान भेजने की कोशिश कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपना अधिकांश जीवन ब्रिटेन में बिताया, वहीं उसका पालन-पोषण हुआ और वहीं उसने अपराध किए, इसलिए उसकी जिम्मेदारी भी ब्रिटेन को ही उठानी चाहिए। वीजा प्रतिबंध की खबरों से भी नाराज पाकिस्तान ब्रिटेन की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर पाकिस्तान शाबिर अहमद को वापस लेने से इनकार करता है, तो ब्रिटिश सरकार पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर सख्ती कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता घटाने की भी बात कही गई है। हालांकि, ब्रिटेन की ओर से इन कदमों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। डेली टेलीग्राफ से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि अगर वीजा और आर्थिक मदद को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शाबिर अहमद केस की टाइमलाइन 2012: 22 साल की जेल की सजा
ब्रिटेन की अदालत ने रोचडेल ग्रूमिंग गैंग मामले में शाबिर अहमद को 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 22 साल कैद की सजा सुनाई। 2016: ब्रिटिश नागरिकता खत्म
दोषी ठहराए जाने के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता समाप्त कर दी। जुलाई 2026: 14 साल बाद जेल से रिहाई
करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद शाबिर अहमद को सख्त शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। उस पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, तय इलाके से बाहर न जाने और कई अन्य प्रतिबंध लगाए गए। जुलाई 2026: ब्रिटेन ने पाकिस्तान भेजने की कोशिश शुरू की
रिहाई के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद को पाकिस्तान भेजने के लिए इस्लामाबाद से बातचीत शुरू की। जुलाई 2026: पाकिस्तान ने लेने से इनकार किया
पाकिस्तान ने कहा कि वह शाबिर अहमद को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उस पर दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों की वापसी, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर अपने रुख पर दोबारा विचार कर सकता है। ब्रिटेन-पाकिस्तान के बीच अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का समझौता ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 से एक समझौता है। इसके तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने की अनुमति नहीं है। इसमें मुख्य रूप से तीन तरह के लोग शामिल हैं: किसी व्यक्ति को पाकिस्तान वापस भेजने से पहले उसकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि की जाती है। इसके बाद पाकिस्तान उसके लिए जरूरी यात्रा दस्तावेज जारी करता है और उसे वापस भेज दिया जाता है। इस समझौते में सिर्फ लोगों को वापस भेजना ही शामिल नहीं है। दोनों देश अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और संगठित अपराध से निपटने में भी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। समझौते के बाद भी पाकिस्तान शाबिर को क्यों नहीं अपना रहा? इसकी वजह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नागरिकता और कानून से जुड़े कई पेचीदा मुद्दे हैं। 1. पाकिस्तान का दावा- शाबिर उसका नागरिक नहीं ब्रिटेन ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता पहले ही खत्म कर दी थी। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता भी छोड़ दी थी। ऐसे में इस्लामाबाद का दावा है कि उसे पाकिस्तानी नागरिक नहीं मान सकता। 2. 2022 का समझौता हर मामले में लागू नहीं ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 में हुआ रिटर्न्स समझौते के तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है। लेकिन किसी व्यक्ति को वापस भेजने से पहले उसकी राष्ट्रीयता और पहचान की पुष्टि करना जरूरी होता है। अगर पाकिस्तान यह मानने से इनकार कर दे कि संबंधित व्यक्ति उसका नागरिक है, तो उसे वापस भेजने की प्रक्रिया रुक सकती है। 3. ब्रिटेन का कानून भी अड़चन बना शाबिर अहमद का मामला दूसरे मामलों से अलग है। वह 1973 से पहले ब्रिटेन आ गया था। उस समय के कानून के तहत ऐसे कुछ लोगों को देश से बाहर भेजने पर रोक थी। इसलिए ब्रिटेन चाहकर भी उसे पाकिस्तान नहीं भेज सकता था। अब ब्रिटिश सरकार ने इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए कानून में बदलाव किया है। लेकिन इसके बाद भी शाबिर को पाकिस्तान तभी भेजा जा सकता है, जब पाकिस्तान उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हो। क्या 2022 का समझौता टूट सकता है? ब्रिटिश संसद में सरकार ने बताया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा रिटर्न्स व्यवस्था के तहत पिछले साल करीब 1,300 ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजा गया था, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का अधिकार नहीं था। इनमें कई गंभीर अपराधों में दोषी लोग भी शामिल थे। यानी पाकिस्तान आम तौर पर अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार नहीं करता। शाबिर अहमद का मामला उसकी नागरिकता और कानूनी स्थिति की वजह से अलग माना जा रहा है। ग्रूमिंग गैंग क्या है जिससे जुड़ा है शबीर अहमद ग्रूमिंग गैंग ऐसे अपराधियों का गिरोह होता है, जो बच्चों को दोस्ती, प्यार, पैसे, उपहार या दूसरे लालच देकर अपने जाल में फंसाता है। इसके बाद उनका यौन शोषण करता है। इनमें से कई लड़कियां प्रेग्नेंट हुईं और उन्हें अबॉर्शन कराना पड़ा। कई लड़कियों ने अपने बच्चों को जन्म दिया, लेकिन वो इनके पिता का नाम तक नहीं जानती थीं। ये ग्रूमिंग गैंग्स पूरे ब्रिटेन में काम करते थे, लेकिन रोशडेल, रॉदरहैम और टेलफॉर्ड राज्यों में इन्होंने सबसे ज्यादा लड़कियों को फंसाया।