मुंबई की रणजी टीम से इस कारण बाहर हुए सूर्यकुमार यादव

Suryakumar Yadav

मुंबई की रणजी टीम से सूर्यकुमार यादव के बाहर होने का कारण उनकी घरेलू अभ्यास सत्र में उपलब्ध ना रहना रहा। मुंबई क्रिकेट असोसिएशन ने बताया कि टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया लेकिन चयन के लिए खुद को उपलब्ध बताया इस कारण से उनको रणजी टीम में मौका नहीं दिया गया।इस टीम में अंडर 19 विश्वकप विश्वकप विजेता कप्तान आयुश म्हात्रे टीम के उपकप्तान हैं और यशस्वी जायसवाल सलामी बल्लेहबाज हैं।

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

 

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा है।

टीम:सिद्धेश लाड (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, आयुष म्हात्रे (उप कप्तान),दिव्यांश सक्सेना, मुशीर खान, सरफराज खान, सुवेद पारकर, आकाश आनंद (विकेटकीपर), हार्दिक तामोरे (विकेटकीपर), शम्स मुलानी, तनुष कोटियान, अथर्व अंकोलेकर, तुषार देशपांडे, मोहित अवस्थी, सिल्वेस्टर डिसूजा, ओंकार तर्मले।

Asia Cup की दोनों ट्रॉफी आएंगी BCCI के दफ्तर में, सचिव का वादा

BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने आश्वसन दिया है कि महिला और पुरुष दोनों ही एशिया कप ट्रॉफ़ी बीसीसीआई के मुंबई स्थित मुख्यालय तक पहुंच जाएंगी।पिछले सप्ताह भारतीय महिला खिलाड़ियों ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी के हाथ से विजेता के मेडल और एशिया कप की ट्रॉफ़ी लेने से इंकार कर दिया था।

नक़वी पीसीबी के अध्यक्ष और पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर भी हैं। ऐसी ही घटना पिछले साल सितंबर में दुबई में पुरुष एशिया कप फ़ाइनल के बाद भी हुई थी।

ऐसी ही स्थिति इस समय जारी एशियन गेम्स के दौरान भी देखने को भी मिल सकती है जो कि एसीसी के अंतर्गत ही खेली जाती है और भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों के स्वर्ण पदक के लिए निर्णायक मुक़ाबला खेलने की उम्मीद है।

शुक्रवार को मुंबई में हुई बीसीसीआई की 95वीं आम वार्षिक बैठक के बाद सैकिया ने कहा, “एशिया कप ट्रॉफ़ी को लेकर हमें उम्मीद है कि यह एक दिन यहां ज़रूर पहुंचेंगी। मैं आपको एक तय अवधि नहीं बता सकता लेकिन मैं आपको यह आश्वासन ज़रूर दे सकता हूं कि यह ट्रॉफ़ी आएंगी और मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम स्थित बीसीसीआई के मुख्यालय में पहुंचेंगी।”

सैकिया की टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब एसीसी अध्यक्ष के रूप में नक़वी का कार्यकाल अपनी समाप्ति की ओर है। उनका कार्यकाल अप्रैल 2027 में समाप्त होगा।

रविवार को दुबई में एशिया कप फ़ाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से हराने के बाद भारतीय टीम ने अपना मेडल प्रेज़ेंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया था। सैकिया और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने नंदनी शर्मा को फ़ील्डिंग मेडल दिया था, जिन्होंने फ़ाइनल में दो डाइविंग कैच लपके थे। एक दिन बाद सैकिया ने भी कहा था कि नक़वी के हाथ से अवॉर्ड न लेना एक संस्थागत निर्णय था।

इस भारतीय तेज गेंदबाज को देवजीत सैकेया ने दिया बेस्ट फील्डर मेडल

प्रेजेंटेशन सेरेमनी का बहिष्कार कर मैदान पर खड़ी भारतीय टीम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव  देवजीत सैकेया ने निराश नहीं किया और टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डर को बेस्ट फील्डिंग मेडल से सम्मानित किया। तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा जो अपना पहला बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रही थी उनको  देवजीत सैकेया ने मैदान के एक कोने में सम्मानित किया।हालांकि प्रेजेंटेशन सेरेमनी का बहिष्कार करने की स्थिति को सचिव  देवजीत सैकेया ने सही ठहराया और कई न्यूज एजेंसियों को सवाल के जवाब में अपना बयान दर्ज कराया।

सैकिया ने कहा, ‘‘हमने सभी मौजूदा पहलुओं पर विचार करते हुए सोच समझ कर यह फैसला लिया था। हमने पहले ही एसीसी को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था कि इन परिस्थितियों में भारतीय टीम पुरस्कार वितरण समारोह में भाग नहीं लेगी।’उन्होंने कहा, ‘‘देश में व्याप्त परिस्थितियों और भावनाओं पर गौर करते हुए बीसीसीआई को लगा कि टीम के लिए प्रस्तावित तरीके से ट्रॉफी प्राप्त करना उचित नहीं होगा।’’

सैकिया ने कहा, ‘‘यह एक दृढ़ संस्थागत निर्णय था, जो हमारे रुख को दर्शाता है। इसका मकसद खिलाड़ियों, टूर्नामेंट या खेल पर सवाल उठाना नहीं था।’’

भारत की रिकॉर्ड आठवीं महिला एशिया कप ख़िताब की जीत का अंत पिछले साल जैसे ही दृश्यों के साथ हुआ। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम को रविवार रात दुबई में न तो टूर्नामेंट के पदक दिए गए और न ही ट्रॉफ़ी।

मैच के बाद अवार्ड समारोह में क़रीब 50 मिनट की देरी हुई। PCB प्रमुख और पाकिस्तान के गृह मंत्री होने के साथ ही एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का भी पद देख रहे मोहसिन नक़वी भी समारोह में मौजूद थे।

 इससे पहले उपविजेता श्रीलंका की खिलाड़ियों को पदक दिए गए, लेकिन उसके बाद समारोह अचानक ख़त्म कर दिया गया।

टूर्नामेंट की अवार्ड सेरेमनी शुरू होने के इंतज़ार के दौरान भारतीय टीम ने सर्वश्रेष्ठ फ़ील्डर के लिए अपना ख़ुद का पदक समारोह किया। यह पदक फ़ील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने दिया। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने नंदनी शर्मा को पदक प्रदान किया, जबकि उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी इस दौरान मौजूद थे।

घटनाक्रम पिछले सितंबर में हुए पुरुष एशिया कप फ़ाइनल जैसा ही रहा, जब भारत ने नक़वी से ट्रॉफ़ी लेने से इनकार कर दिया था। उस समय सैकिया ने कहा था कि टीम ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफ़ी नहीं लेना चाहती, जो “पाकिस्तान के प्रमुख नेताओं में से एक” भी हैं।

रविवार को अवार्ड समारोह में नक़वी की मौजूदगी को संभावित विवाद का कारण माना जा रहा था। मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार तनाव के बाद से भारत के खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाड़ियों और उनके प्रतिनिधियों से हाथ मिलाने से बचते रहे हैं। पिछले साल पुरुष टीम ने हाथ नहीं मिलाया था और अब इस साल महिला टीम ने भी ऐसा ही किया।

36 साल के हुए T20I विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार, क्या करेंगे वापसी?

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

हालांकि आज अपना 36वां जन्मदिन मना रहे वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

T-20I डेब्यू की पहली गेंद पर ही मारा छक्का, जड़ा अर्धशतक

सूर्य कुमार ने 14 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला और 18 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पहली बार टीम ब्लू में खेले।

इंग्लैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव ने जैसे पारी की शुरुआत करी ऐसा लग रहा था कि वह भावनाओं में ना बह जाएं लेकिन जोफ्रा आर्चर की पहली गेंद पर छक्का मारने के बाद उन्होंने कोई भी गैर जिम्मेदार शॉट नहीं खेला।

उन्होंने अपने 50 रन बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगाया और 28 गेंदो में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।यादव ने आउट होने से पहले 31 गेंदो में 57 रन बनाए जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल थे। हालांकि उनका आउट होना भी काफी विवादास्पद रहा।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

डेविड मिलर का वह करिश्माई कैच जिसने खत्म किया ICC खिताब का सूखा

T20I World Cup Final के आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रनों की जरूरत की लेकिन पंड्या की पहली गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लांग ऑफ बाउंड्री के पास मिलर का शानदार कैच लपक कर मैच पर भारत का नियंत्रण बना दिया।


T20I WC 2024 की जीत के बाद मिली कप्तानी

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) पर तरजीह देकर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को T20I टीम की कप्तान बनाने का फैसला किया। 2024 का श्रीलंका दौरा बतौर T20I टीम कप्तान उनकी पहली सीरीज रही।

Suryakumar Yadav

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।

लगातार खराब बल्लेबाजी के कारण हुए से बाहर

कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है।  सूर्यकुमार ने  12 पारियों में सिर्फ़ 18 की औसत से 2 अर्धशतक के साथ 270 रन बनाए हैं।

भारत चैंपियन बना, नकवी की हुई फजीहत, दुबई में फैंस ने लगाए ‘ट्रॉफी चोर’ के नारे, देखें Video

Trophy Chor Mohsin Naqvi : दुबई में खेले गए महिला एशिया कप के फाइनल में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम किया। लेकिन इस बड़ी जीत के बाद ट्रॉफी को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भारतीय टीम ने इनकार कर दिया।

 

इतना ही नहीं, स्टेडियम में मौजूद कुछ भारतीय फैंस ने नकवी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें ‘ट्रॉफी चोर’ कहा। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

खिताब भारत का, लेकिन ट्रॉफी लेने नहीं पहुंची टीम

 

फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से मात दी और एशिया कप पर अपना कब्जा जमाया। इसके बाद जब ट्रॉफी प्रेजेंटेशन की बारी आई तो भारतीय टीम मैदान पर नहीं पहुंची। बताया गया कि टीम को ट्रॉफी मोहसिन नकवी के हाथों से लेनी थी, जिसके चलते भारतीय खिलाड़ियों ने समारोह में हिस्सा नहीं लिया।

 

नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अट्टापट्टू को उपविजेता टीम का चेक जरूर सौंपा। इसके बाद वह कुछ समय मंच पर रहे और फिर स्टेडियम से रवाना हो गए।

 

भारतीय फैंस ने लगाए ‘ट्रॉफी चोर’ के नारे

 

नकवी के स्टेडियम से निकलने के दौरान भारतीय फैंस ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। वायरल वीडियो में टीम इंडिया की जर्सी पहने कुछ फैंस ‘ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर’ कहते सुनाई दे रहे हैं।

 

यह विवाद इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले साल पुरुष एशिया कप के फाइनल में भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। उस समय भी ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध देखने को मिला था।

 

BCCI ने लिया था ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला

 

भारत के कोच अमोल मजूमदार ने मैच के बाद साफ किया कि ट्रॉफी नकवी से नहीं लेने का फैसला BCCI की ओर से किया गया था। उन्होंने कहा कि टीम इस फैसले के साथ खड़ी है और उसके लिए एशिया कप जीतना ही सबसे बड़ी बात है।

 

BCCI सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक, बोर्ड ने ट्रॉफी भारतीय टीम तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव भी दिया था। हालांकि, इस पर सहमति नहीं बन सकी और आखिरकार टीम इंडिया ने आधिकारिक समारोह में ट्रॉफी स्वीकार नहीं की।

 

इस तरह भारत चैंपियन बना, लेकिन ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के बिना ही जश्न मनाना पड़ा।

चक दे इंडिया, जूनियर पुरुष और महिला टीम बनी एशिया की सरताज

भारतीय जूनियर पुरुष और महिला टीम एशियाई हॉकी की सरताज बन गई जब रविवार को दोनों टीमों ने अपने अपने खिताबी मुकाबले में दक्षिण कोरिया और चीन को मात दे दी।भारतीय पुरुष टीम ने जहां इस खिताब को छठवीं बार अपने नाम किया तो वहीं महिला टीम के लिए यह खिताब तीसरी बार उनकी झोली में गिरा है।

भारत ने रविवार को फाइनल में कोरिया पर 4-1 से जीत से अपना पुरुष जूनियर एशिया कप खिताब बरकरार रखते हुए विश्व कप में जगह पक्की की।भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने रविवार को रोमांचक फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर एएचएफ जूनियर एशिया कप का खिताब बरकरार रखा और जूनियर महिला हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई किया।

खिताबी मुकाबले को जीतने के बाद हॉकी इंडिया ने सभी खिलाड़ियों के लिए 3 लाख रुपए इनामी राशी की घोषणा की और उनके सपोर्ट स्टाफ के लिए भी इनामी राशि की घोषणा की। पुरुष टीम के मुकाबले की बात करें तो मैच काफी एकतरफा रहा। भारत की ओर से अजीत यादव ने 9वें, अनमोल एक्का ने 13वें प्रभदीप सिंह ने 21वें और आशु मौर्या ने 50वें मिनट में गोल किया। दक्षिण कोरिया के लिए ली मिनयोक ने 54वें मिनट में गोल किया।

महिला टीम बिना एक मैच हारे जीती एशिया कप

भारतीय महिला टीम ने बिना एक मैच हारे एशिया कप पर कब्जा जमाया। टूर्नामेंट के पहले मैच में टीम ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया था। इसके बाद जापान और मलेशिया को क्रमश 7-0 और 11-1 से शिकस्त दी थी। लेकिन सबसे सुर्खियां बटोरने वाली जीत पाकिस्तान के खिलाफ आई जब टीम ने 19 गोलों से मैच जीता। हालांकि टीम ने चीन के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेला। हालांकि फाइनल में एक गोल से टीम ने मेजबान चीन के खिलाफ गोल दागकर खिताब अपने नाम कर लिया।

PM मोदी और शाह ने दी टीम को बधाई

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘भारतीय हॉकी के लिए गर्व का क्षण। शानदार और अजेय अभियान के साथ एशिया कप का खिताब बरकरार रखने वाली हमारी जूनियर महिला हॉकी टीम को बधाई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं।’’मोदी ने एक अन्य पोस्ट में टीम को बधाई देते हुए कहा, ‘‘बधाई। यह वास्तव में एक शानदार उपलब्धि है।’

शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय हॉकी के ताज में एक और नगीना जुड़ गया! एशिया कप जीतने और पूरे देश को गर्व एवं खुशी का अवसर देने के लिए हमारी जूनियर महिला हॉकी टीम को हार्दिक बधाई।’’शाह ने अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘एशिया कप जीतने वाली हमारी जूनियर पुरुष हॉकी टीम के लिए जोरदार तालियां। खेल में अपने जोश और शानदार प्रदर्शन के साथ आपने एक बार फिर भारतीय खेल भावना की असली क्षमता का प्रदर्शन किया है और दूसरों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है।’’


Women’s Asia Cup 2026: महिला एशिया कप में ट्रॉफी पर विवाद, नकवी के हाथों से कप लेने नहीं पहुंची टीम इंडिया

Women’s Asia Cup 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में महिला एशिया कप के फाइनल के बाद होने वाली ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में शामिल नहीं हुई। माना जा रहा है कि टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम 2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल की याद दिलाता है। तब भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी और वह ट्रॉफी लेकर दुबई स्थित ACC के ऑफिस चले गए थे, जहां वह अब भी रखी हुई है।

बता दें कि हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराया। जीत के बाद टीम ने हमेशा की तरह जश्न मनाया और ब्रॉडकास्टर को इंटरव्यू भी दिए। आमतौर पर इसके 15-20 मिनट बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार इसमें एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया।

इस दौरान BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने मैदान के पास भारतीय टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने टीम के साथ ड्रेसिंग रूम में हुई निजी मेडल सेरेमनी में भी हिस्सा लिया।

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नकवी ट्रॉफी देने के इरादे से मैदान पर पहुंचे थे; ACC चीफ के तौर पर यह उनका फैसला था। उन्होंने सेरेमनी में भी हिस्सा लिया और रनर-अप रहने पर श्रीलंकाई कप्तान चमारी अथापथु को चेक सौंपा।

लेकिन भारतीय टीम, कोच और अधिकारी मंच के आस-पास कहीं नजर नहीं आए। पाकिस्तानी मीडिया का यह भी दावा है कि वह शायद महिला एशिया कप की ट्रॉफी एक बार फिर ACC ऑफिस ले जाएंगे।

मोहसिन नकवी के लिए फिर वही कहानी

आपको बता दें कि नकवी पिछले साल भारत-पाकिस्तान के पुरुषों के फाइनल मैच के दौरान भी उसी जगह मौजूद थे, जहां इसी तरह का विवाद हुआ था। टूर्नामेंट जीतने के बाद, भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था और टीम ने कहा था कि ट्रॉफी किसी दूसरे ICC या ACC अधिकारी के हाथों दिलाई जाए।

ऐसा इसलिए क्योंकि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण टूर्नामेंट के दौरान भारत ने जो रुख अपनाया था, यह उसी का हिस्सा था। टीम ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैचों से पहले और बाद में पारंपरिक रूप से हाथ मिलाने से पहले ही इनकार कर दिया था, और फिर भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ टूर्नामेंट में मिली तीन जीतों में से पहली जीत भारतीय सेना को समर्पित की थी।

कहा जाता है कि BCCI के नकवी से ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले को उनके उन पुराने बयानों से भी जोड़कर देखा गया, जो उन्होंने देश के केंद्रीय गृह मंत्री के तौर पर भारत को लेकर दिए थे। हालांकि, नकवी ने ट्रॉफी किसी दूसरे अधिकारी के हाथों देने से इनकार कर दिया। इसके चलते मैदान में काफी देर तक स्थिति साफ नहीं हो सकी। हालाँकि, नकवी ने किसी और अधिकारी को ट्रॉफ़ी सौंपने से इनकार कर दिया, जिससे वहाँ गतिरोध पैदा हो गया। आखिरकार, वे ट्रॉफी लेकर मैदान से चले गए और उसे एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के ऑफ़िस ले गए।

इसके बाद शुक्ला समेत भारतीय अधिकारियों ने ICC की बैठकों में यह मुद्दा उठाया, लेकिन नकवी अपनी बात पर अड़े रहे। उनका कहना था कि भारत को ट्रॉफी उनके ऑफ़िस से ही लेनी होगी, न कि किसी दूसरे अधिकारी को उसे सौंपने दिया जाएगा।

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Asia Cup Final में भारतीय और श्रीलंकाई स्पिनर्स के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद

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INDvsSL अगर स्पिन गेंदबाज़ी महिला टी 20 एशिया कप के फ़ाइनल का फ़ैसला करती है, तो भारत और श्रीलंका दोनों के पास इसके लिए पर्याप्त विकल्प हैं। दीप्ति शर्मा की अगुवाई वाले भारत के स्पिन आक्रमण ने टूर्नामेंट में 26 विकेट लिए हैं, जो किसी भी टीम से सबसे ज़्यादा हैं। श्रीलंका 25 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर है। ऐसे में यह स्पिन बनाम स्पिन और फिर स्पिन की टक्कर वाला ख़िताबी मुक़ाबला नज़र आता है।

भारत के लिए अच्छी बात यह है कि वह कुल मिलाकर हर विभाग में संतुलित नज़र आया है। स्मृति मंधाना और शेफ़ाली वर्मा ने ज़्यादातर रन बनाए हैं।

इसके उलट, दुबई की धीमी पिचों पर श्रीलंका को बल्लेबाज़ी में लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में उनकी स्थिति 33 रन पर चार विकेट थी, जिसके बाद हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी ने पारी को संभाला और फिर लक्ष्य हासिल कराया।

इससे पहले बंगलादेश के ख़िलाफ़ उनकी टीम 44 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी और सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की करने के लिए उन्हें समरविक्रमा की संयमित पारी पर निर्भर रहना पड़ा था। लीग चरण में इंडोनेशिया के ख़िलाफ़ भी वे 45 रन पर पांच विकेट गंवा चुके थे, तब निलाक्षिका सिल्वा ने टीम को संभाला था।

श्रीलंका का बल्लेबाज़ी क्रम अस्थिर नज़र आया है। चामरी अतापत्तू ने चार पारियों में सिर्फ़ 63 रन बनाए हैं, जबकि इमेशा दुलानी के नाम चार पारियों में 64 रन हैं, जो चिंता का विषय है। भारत के लिए तेज़ गेंदबाज़ नंदनी शर्मा भी अच्छी फ़ॉर्म में हैं। श्रीलंका को इस मैच में अब तक के विरोधियों के मुक़ाबले ज़्यादा मुश्किल हो सकती है।

श्रीलंका के ख़िलाफ़ भारत का हालिया रिकॉर्ड भी उसे फ़ाइनल का प्रबल दावेदार बनाता है। भारत ने दिसंबर 2025 में घरेलू मैदान पर पांच मैचों की टी20 सीरीज़ में श्रीलंका का 5-0 से सफ़ाया किया था और उनके ख़िलाफ़ पिछले 10 टी20 में से नौ जीते हैं।लेकिन इस दौरान श्रीलंका की एकमात्र जीत सबसे बड़े मुक़ाबले में आई थी: 2024 के एशिया कप फ़ाइनल में।

दांबुला में उन्होंने 166 रन का लक्ष्य आठ विकेट शेष रहते हासिल कर ख़िताब अपने नाम किया था। इसका मतलब है कि श्रीलंका के सामने चुनौती भी है और उम्मीद की वजह भी। उसे नंदनी और भारत की स्पिन तिकड़ी दीप्ति, एन श्री चरणी और प्रेमा रावत का सामना करना होगा। श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों को टिके रहना होगा और साझेदारियां बनानी होंगी। उन्हें मध्य और निचले क्रम पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहने से बचना होगा।

भारत के पास संतुलन और फ़ॉर्म है, जबकि मौजूदा चैंपियन श्रीलंका बेहतर जानता है कि फ़ाइनल में समीकरण बदल सकते हैं। यह भी नहीं भूलना चाहिए कि बल्लेबाज़ी में संघर्ष के बावजूद श्रीलंका का एशिया कप में अब तक जीत का रिकॉर्ड 100 प्रतिशत है। यह बिल्कुल भारत की तरह ही है।

शेफ़ाली वर्मा और चामरी अतापत्तू पर होंगी निगाहें

शेफ़ाली वर्मा ने तेज़ शुरुआत को अपनी बल्लेबाज़ी की पहचान बना लिया है। उन्होंने चार मैचों में 169.69 के शानदार स्ट्राइक रेट से 168 रन बनाए हैं। उनकी दो पारियां 64 रन की रही हैं और उन्होंने अब तक अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी में कोई कमी नहीं दिखाई है। फ़ाइनल में वह पारी को किस तरह की शुरुआत देती हैं, यह अहम साबित हो सकता है।

श्रीलंका ने शुरुआती झटकों से उबरने के रास्ते निकाले हैं और अलग-अलग मौक़ों पर अलग-अलग खिलाड़ियों ने ज़िम्मेदारी संभाली है। लेकिन फ़ाइनल में उन्हें अपनी प्रमुख खिलाड़ी चामरी अतापत्तू से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। अतापत्तू ने गेंद से प्रभाव डाला है। वह टूर्नामेंट की संयुक्त रूप से सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ हैं। लेकिन बल्ले से अभी उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। चार मैचों में वह सिर्फ़ एक बार 30 रन का आंकड़ा पार कर पाई हैं, वह भी यूएई के ख़िलाफ़ शुरुआती मैच में। गेंद से उनके ख़तरे के साथ अगर बल्ले से भी अहम योगदान आता है, तो इससे श्रीलंका को भारत के ख़िलाफ़ ज़रूरी ऊर्जा मिल सकती है।

चक दे गर्ल्स ने गत विजेता द. कोरिया को हराकर किया जूनियर महिला एशिया कप के फाइनल में प्रवेश

ड्रैग फ्लिकर सुप्रिया के तीन गोल की मदद से गत चैम्पियन भारत ने दक्षिण कोरिया को शनिवार को 5-1 से हराकर एएचएफ जूनियर महिला एशिया कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया। सुप्रिया ने तीनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किये। भारत का सामना अब चीन और जापान के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।

दोनों टीमों ने संभलकर शुरूआत की लेकिन भारत ने 13वें मिनट में खाता खोला जब मधु सिदर ने शानदार फील्ड गोल पर टीम को 1-0 से बढत दिलाई। दूसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने कोरियाई गोल पर लगातार हमले बोले।

भारत को 17वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर सुप्रिया ने गोल करके बढत दुगुनी कर दी। भारत ने गेंद पर नियंत्रण के मामले में दबदबा बनाये रखा और 21वें मिनट में कोरियाई गोल के 23 मीटर के भीतर हवा में आयी गेंद को भारतीय विंगर ने लपका और सर्कल के भीतर शानदार क्रॉस दिया। इसे सुखवीर ने गोल में बदलकर स्कोर 3- 0 कर दिया।

भारत को 33वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को सुप्रिया ने गोल में बदला। दक्षिण कोरिया के लिये यूरी जियोंग ने 41वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 4-1 किया। भारत ने आखिरी क्वार्टर में बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए कोरियाई हमलों को नाकाम कर दिया।भारत के लिये पांचवां गोल 56वें मिनट में सुप्रिया ने पेनल्टी कॉर्नर पर किया।

3-1 से मलेशिया को हराकर भारत पहुंचा एशियन जूनियर हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में

कप्तान अनमोल एक्का के दो गोल की बदौलत मौजूदा चैंपियन भारतीय पुरुष टीम ने शुक्रवार को यहां एशियन जूनियर हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में मलेशिया को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई। फ़ाइनल में, भारत का सामना रविवार, 13 सितंबर की शाम को पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। भारत ने एक बार फिर संयमित और दृढ़ प्रदर्शन किया और जीत हासिल की। अब टीम लगातार चौथी बार और कुल मिलाकर छठी बार अपना ख़िताब बचाने से बस एक जीत दूर है।

कप्तान और ड्रैग-फ्लिकर अनमोल एक्का ने एक बार फिर टीम की अगुवाई करते हुए पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल किए, जिससे टूर्नामेंट में उनके गोल की संख्या 16 हो गई और वे स्कोरिंग चार्ट में सबसे ऊपर बने हुए हैं। साथ ही, गोलकीपर और ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ विवेक लाकड़ा का प्रदर्शन भी शानदार रहा। उन्होंने कई बेहतरीन बचाव किए, जिसमें पेनल्टी स्ट्रोक रोकना भी शामिल था, जिससे भारत मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखने में कामयाब रहा।

भारत ने अच्छी शुरुआत की और दो बार गोल करने के करीब पहुंचा और तीन शॉर्ट कॉर्नर भी हासिल किए, लेकिन पहला क्वार्टर गोल-रहित रहा। भारत ने दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही गतिरोध तोड़ा, जब अनमोल एक्का ने 16वें मिनट में चौथे शॉर्ट कॉर्नर का फ़ायदा उठाते हुए मलेशियाई गोलकीपर अमस्यार के दाईं ओर से एक लो फ़्लिक के ज़रिए गोल किया। मलेशिया ने तुरंत जवाब दिया और अगले ही मिनट में बराबरी करने के करीब पहुंच गया, जिससे उन्हें एक शॉर्ट कॉर्नर मिला।

हालांकि, लाकड़ा ने शानदार बचाव किया। भारत को 23वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर और क्वार्टर के अंत में गोल करने के दो अच्छे मौके मिले, लेकिन वे 1-0 की बढ़त के साथ ब्रेक पर गए। जब मलेशिया ने दबाव बनाया और इरादे के साथ हमला किया, तो लाकड़ा ने शानदार डबल सेव करके टीम को संभाला। 36वें मिनट में मनमीत सिंह राय को येलो कार्ड मिलने के बाद भारत के 10 खिलाड़ी ही मैदान पर रह गए, जबकि मलेशिया को 39वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वे उसे गोल में नहीं बदल पाए।

मलेशिया बराबरी करने के लिए एरियल बॉल्स (हवा में उछालकर खेली जाने वाली गेंदों) का सहारा लेता रहा, लेकिन भारत का डिफेंस संगठित बना रहा। प्रभदीप सिंह को 41वें मिनट में येलो कार्ड दिखाया गया, जिससे भारत फिर से 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने लगा। मलेशिया को 45वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन उनका मूव एक ऑफ-टारगेट स्लॅप-पुश पर खत्म हुआ। आखिरकार चौथे क्वार्टर में भारत को वह राहत मिली जिसकी उन्हें तलाश थी।

51वें मिनट में मलेशियाई डिफेंस की वजह से गोल करने का मौका चूकने के बाद, भारत ने तेज़ी से पलटवार किया और सुखविंदर के गोल से अपनी बढ़त 2-0 कर ली। इसके बाद लाकरा ने एक और शानदार खेल दिखाया। 53वें मिनट में मलेशिया को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर ने तेज़ी से बाईं ओर डाइव लगाई और अपने ग्लव से उस शॉट को रोक दिया।

भारत ने 54वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। मलेशिया ने वीडियो रेफरल के ज़रिए इस फैसले को चुनौती दी लेकिन रेफरल हार गए। अनमोल ने कोई गलती नहीं की और ज़ोरदार फ्लिक से गोलकीपर को छकाते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। मैच के आखिरी मिनटों में मलेशिया को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन लाकरा और भारतीय डिफेंस डटे रहे। 58वें मिनट में लाकरा ने एक और शानदार डाइव लगाकर ज़ोरदार फ्लिक को बचाया। सिर्फ़ 24 सेकंड बचे थे, जब मलेशिया को अपना आठवां पेनल्टी कॉर्नर मिला और हूटर बजने के साथ ही एम राहुल ने एक सांत्वना गोल किया।