भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता एशियाड गोल्ड मेडल

INDvsMAL भारतीय पुुरुष हॉकी टीम का विश्वकप पिछले महीने भले ही अच्छा ना गया हो लेकिन एशियाई खेलों में टीम ने यह साबित कर दिया कि उपमहाद्वीप में वह सबसे बेहतरीन टीम है। हरमनप्रीत के लड़कों ने अपने गोल्ड मेडल का बचाव कर लिया। भारतीय टीम ने मलेशिया को 5-1 से रौंदकर अपनी धाक जमाई। 

कल महिला टीम ने चीन को 1 गोल से हराकर एतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था। मलेशिया की टीम भारत के खेल के स्तर के आस पास भी नहीं दिखी और बेबस नजर आई। पहले हाफ में स्कोर 2-1 था लेकिन चौथे क्वा्रटर में तो टीम ने सिलसिलेवार हमले किए। इसमें एक मौका ऐसा भी आया जब टीम को 4 लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। मलेशिया को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वहीं ब्रॉंज मेडल मैच में पाकिस्तान ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हरा दिया।


 भारत ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वें, 57वें मिनट) और जुगराज सिंह (23वें) के जरिए तीन पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला जबकि उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने 42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक से गोल किया और शिलानंद लकड़ा ने 54वें मिनट में मैदानी गोल करके औपचारिकताएं पूरी कीं।मलेशिया का एकमात्र गोल शेलो सिल्वरियस ने 14वें मिनट में किया।

पाकिस्तान को भारत ने सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले में 4-3 से हराकर फाइनल की दौड़ से बाहर किया था। गौरतलब है कि पिछले एशियाई खेलों की तरह इस बार भी भारतीय पुरुष हॉकी टीम एक भी मैच नहीं हारी।

1 दिन में आधा दर्जन गोल्ड मेडल! तीरंदाजों से लेकर महिला ह़ॉकी टीम ने जीता खिताब

Asian Games

शुक्रवार का दिन कुछ ऐसा था जैसा भारतीय खेलों में कभी-कभी ही देखने को मिलता है – अविश्वसनीय, रोमांचक और जिसे एक ही हेडलाइन में समेटना मुश्किल हो। एक पहलवान था जो 9-2 से पिछड़ने के बावजूद गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहा, तीन बॉक्सर जिन्होंने रिंग में गोल्ड मेडल की झड़ी लगा दी, तीरंदाज जिन्होंने आखिरकार दक्षिण कोरिया को हरा दिया, और सबसे बड़ी बात, महिला हॉकी टीम जिसने एशियाई खेलों का खिताब फिर से जीतने के लिए 44 साल का लंबा इंतज़ार खत्म किया।

भारत 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य सहित 76 पदक जीतकर पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। सबसे खास पल शाम को आया जब भारत ने महिला हॉकी फ़ाइनल में चीन को 1-0 से हराया और एशियाई खेलों के खिताब के लिए 44 साल का इंतज़ार खत्म किया। लालरेम्सियामी ने अपने 200वें इंटरनेशनल मैच में 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया, लेकिन उसके बाद असली मेहनत गोलकीपर सविता पूनिया और मज़बूत डिफेंस को करनी पड़ी।

चीन ने पेनल्टी कॉर्नर, पेनल्टी स्ट्रोक और आखिरी मिनटों में गोलकीपर को हटाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी के साथ भारत पर दबाव बनाया। लेकिन भारत टस से मस नहीं हुआ। फ़ाइनल की सीटी बजने पर न सिर्फ़ गोल्ड मेडल मिला, बल्कि लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल हुआ।

अगर हॉकी ने शाम को रोमांच पैदा किया, तो सुजीत कलकल ने दोपहर में मुश्किल हालात से शानदार वापसी की। पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल फ़ाइनल में भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ताजिकिस्तान के अब्दुलमज़िद कुदिएव के खिलाफ़ 2-9 से पिछड़ रहे थे और ऐसा लग रहा था कि जीतना लगभग नामुमकिन है। लेकिन उन्होंने ज़बरदस्त वापसी की और दूसरे हाफ में चार बार प्रतिद्वंद्वी को गिराकर 10-9 से जीत हासिल की।

भारत को इन खेलों का पहला रेसलिंग गोल्ड दिलाया। इससे पहले, सुजीत ने सेमीफ़ाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जापान के कोटारो कियोका को क्राइटेरिया के आधार पर (3-3 स्कोर रहने पर) चौंकाते हुए हराया था। उन्होंने आखिरी समय में हुए हमले का डटकर सामना किया और गोल्ड मेडल के मुक़ाबले में जगह बनाई।

बॉक्सिंग रिंग में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75किग्रा फ़ाइनल में चीन की बाओ ज़ी यी को सर्वसम्मति से हराकर अपना पहला एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल जीता। 2014 में मैरी कॉम की जीत के बाद एशियाई खेलों में महिलाओं की बॉक्सिंग में भारत का यह पहला गोल्ड मेडल था।

इसके बाद परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किग्रा फ़ाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के करीबी ‘स्प्लिट-डिसीजन’ से हराया। फिर अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिन सियोंग को हराकर बॉक्सिंग में भारत की हैट्रिक पूरी की।

और फिर तीरंदाज़ों की बारी आई। अंकिता भकत, कीर्ति और कुमकुम मोहोद ने दक्षिण कोरिया को हराकर महिलाओं के रिकर्व टीम इवेंट में भारत का पहला एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल जीता। गोल्ड के बाद पुरुषों की रिकर्व टीम को सिल्वर मेडल मिला, जो दक्षिण कोरिया से हार गई थी। इसके अलावा, धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की मिक्स्ड टीम को भी सिल्वर मेडल मिला, क्योंकि फ़ाइनल में चीन की टीम जीत गई।

सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने एक और ब्रॉन्ज़ मेडल दिलाया, जबकि सेपक टकरा के पुरुषों के क्वाड्रेंट इवेंट में जापान से सेमीफ़ाइनल में हारने के बावजूद भारत ने अपना पहला मेडल पक्का किया।

प्रणवी उर्स ने गोल्फ़ में भी भारत की चर्चा बनाए रखी; उन्होंने फ़ोर-अंडर 68 का स्कोर करके 15-अंडर पार तक पहुँचते हुए फ़ाइनल राउंड में बढ़त बना ली। जब हॉकी खिलाड़ी गले में गोल्ड मेडल पहनकर मैदान से बाहर निकले, तब तक भारत के लिए यह दिन यादगार बन चुका था – इसमें इतिहास, निराशा, वापसी और ऐसे पल भी थे जब स्कोरबोर्ड ने खेल को बेवजह मुश्किल बनाने की ठान ली थी। हालाँकि, शुक्रवार का दिन भारत के नाम रहा।

Asian Games 2026: खत्म हुआ 44 साल का इंतजार! हॉकी में चीन को हरा भारत की बेटियों ने जीता गोल्ड, ओलंपिक टिकट भी पक्का

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को खेले गए फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर खिताब जीता। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने महिला हॉकी में एशियन गेम्स के गोल्ड के लिए करीब चार दशक का इंतजार भी खत्म कर दिया। भारत ने इससे पहले 1982 में महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीता था। भारत ने 44 साल के पदक के सूखे को खत्म किया है। वहीं एशियन गेम्स में भारत के कुल पदकों की संख्या 76 हो गई है। इसमें 16 गोल्ड 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए है।

फाइनल में भारत से हारकर पेरिस ओलंपिक्स की सिल्वर मेडलिस्ट चीन को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। वहीं, ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में जापान ने दक्षिण कोरिया को शूटआउट में 4-2 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।

एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन

एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है। एशियन गेम्स में महिला हॉकी के इतिहास में भारत का ये दूसरा गोल्ड है। इससे पहले टीम ने 1982 में खिताब जीता था। इसके बाद भारत 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंचा, लेकिन दोनों मौकों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। 1998 में साउथ कोरिया और 2018 में जापान ने भारत को हराकर गोल्ड जीता था।

भारत की ओर से लालरेम्सियामी हमारजोटे ने पहले क्वार्टर में गोल करके टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन ने बराबरी की कई कोशिशें कीं, लेकिन भारतीय डिफेंस ने हर हमले को रोक दिया।

देर से शुरू हुआ मुकाबला

भारत और चीन के बीच फाइनल मुकाबला तय समय से करीब एक घंटे देर से शुरू हुआ। दोनों टीमों की बसें रास्ते में हुए एक हादसे के कारण लगे ट्रैफिक जाम में फंस गई थीं, हालांकि इस घटना का दोनों टीमों से कोई संबंध नहीं था। मैच शुरू होते ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और चीन के दबाव का भी डटकर सामना किया। भारत को पहली बड़ी सफलता तब मिली, जब साक्षी राणा ने सर्कल के अंदर शानदार पास दिया और गेंद लालरेमसियामी हमारजोटे तक पहुंची, जिन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए गोल कर दिया।

भारत ने चीन को दी मात

लालरेमसियामी ने मिले मौके को पूरी तरह भुनाया और दौड़ते हुए शानदार रिवर्स-स्टिक शॉट लगाकर गेंद को सीधे गोल के ऊपरी हिस्से में पहुंचा दिया। चीनी गोलकीपर के पास इस तेज शॉट को रोकने का कोई मौका नहीं था। शुरुआती समय में चीन के पास गेंद कुछ ज्यादा रही, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी डिफेंस लाइन को मजबूत रखा और चीनी खिलाड़ियों को आसानी से गोल करने का मौका नहीं दिया। दूसरे क्वार्टर में गोलकीपर सविता पुनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक बचाकर चीन को गोल करने से रोक दिया। मैच के बाकी समय में भी भारतीय खिलाड़ियों ने मजबूत डिफेंस दिखाया और अपनी बढ़त को कायम रखते हुए टीम को गोल्ड मेडल दिलाया।

गोल्ड और ओलंपिक क्वालिफिकेशन के बीच खड़ी है चीन की दीवार, देखें H2H रिकॉर्ड

शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय टीम एशियाई खेलों के महिला हॉकी फाइनल में गत चैम्पियन चीन के खिलाफ शुक्रवार को उतरेगी तो नजरें 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करके पुराने कई मलाल मिटाने पर लगी होंगी।

टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रहने के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 के लिये क्वालीफाई नहीं कर सकी भारतीय टीम के लिये सबसे बड़ी प्रेरणा लॉस एंजिलिस में दो साल बाद होने वाले खेलों का सीधे टिकट कटाना है। मौजूदा फॉर्म और विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को देखते हुए यह संभव भी लग रहा है, बस अपेक्षाओं के दबाव से पार पाना होगा।

भारत ने एशियाई खेलों में एकमात्र स्वर्ण 1982 में दिल्ली में जीता था जब महिला हॉकी को पहली बार इन खेलों में शामिल किया गया था।उसके बाद से भारत 1998 और 2018 में फाइनल में पहुंचा लेकिन क्रमश: दक्षिण कोरिया और जापान से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।लेकिन युवा खिलाड़ियों से सजी कोच शोर्ड मारिन की यह टीम लंबे इंतजार को खत्म करने और दमदार प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त देने का माद्दा रखती है।

पिछले साल खराब फॉर्म से जूझती दिखी भारतीय महिला हॉकी टीम के लिये 2026 यादगार रहा है जिसमें एफआईएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी की और पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

विश्व कप में भारत ने ग्रुप चरण में दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोका था जबकि भारतीय टीम में 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था। पूरे टूर्नामेंट में भारत एकमात्र मैच सह मेजबान नीदरलैंड से 0-2 से हारा था।

इधर चीन को दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान जापान ने निर्धारित 60 मिनट तक गोलरहित बराबरी पर रोका और पेनल्टी शूटआउट में 4 . 2 से जीत दर्ज करके चीन फाइनल में पहुंच सका।

भारत को भी दक्षिण कोरिया से कड़ी चुनौती मिली और 12 पेनल्टी कॉर्नर में से सिर्फ एक पर गोल हो सका। भारत के लिये सेमीफाइनल के 44वें मिनट में इशिका और चार मिनट बाद कप्तान सलीमा टेटे ने गोल किया।

भारत के लिये गोलकीपर सविता और बिछू देवी ने विश्व कप का शानदार फॉर्म जारी रखा है। भारत ने पेनल्टी कॉर्नर और ओपन प्ले में गोल किये हैं हालांकि कोरिया के खिलाफ पेनल्टी कॉर्नर उतना अच्छा नहीं रहा। दीपिका छह मैचों में 21 गोल कर चुकी है जिनमें से 19 पेनल्टी कॉर्नर पर आये । नवनीत ने दस गोल दागे हैं जिनमें से सात फील्ड गोल हैं।

चीन के लिये झोंग जियाकी ने नौ जबकि चेन यि और झांग यिंग ने सात सात गोल किये हैं।चीन एशियाई खेलों की सबसे कामयाब टीम रही है और 2023 में हांगझोउ खेलों समेत उसने छह खिताब जीते हैं। भारत और चीन के बीच अब तक 28 मुकाबले हुए हैं जिनमें से 12 चीन ने और 11 भारत ने जीते जबकि पांच मैच ड्रॉ रहे।

मैच का समय – दोपहर 3.30 पर

कहां देखें- सोनी सपोर्ट्स नेटवर्क या सोनी लिव पर

Asian Games के रोमांचक सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर किया पदक पक्का

INDvsPAK एशियाड 2026 में भारत ने पाकिस्तान को एक बेहद करीबी मुकाबले में 4-3 से हरा दिया और फाइनल में जगह बना ली। अब भारतीय पुरुष हॉकी टीम स्वर्ण पदक और लॉस एंजलिस ओलंपिक में स्वत प्रवेश पाने से सिर्फ एक कदम दूर है। कुछ सालों में भारत पाकिस्तान के मुकाबले एकतरफा होते थे लेकिन यह मुकाबला अंतिम मिनट तक चला। पहले भारत ने बढ़त बनाई उसके बाद पाकिस्तान ने बराबरी की और अंतिम मिनट में अभिषेक ने गोल दागा।

भारत ने पहले हाफ में तीन गोल करके 3-0 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरा हाफ पाकिस्तान के नाम रहा जिसने तीन गोल करके स्कोर 3-3 कर दिया। ऐसा लग रहा था कि मैच पेनल्टी शूटआउट तक जायेगा लेकिन आखिरी सीटी बजने से कुछ सेकंड पहले अभिषेक ने गोल करके भारत को फाइनल में पहुंचाया।

फाइनल शनिवार को खेला जायेगा जिसमें भारत का सामना मलेशिया या कोरिया से होगा।भारत के लिये कप्तान हरमनप्रीत सिंह (पांचवां और 13वां मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किये जबकि सुखजीत सिंह (23वां) और अभिषेक (60वां) ने फील्ड गोल दागे। पाकिस्तान के लिये कप्तान अबू बकर ने 30वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर पहला गोल किया जबकि शाहिद हन्नान (45वां) और राणा वाहिद (49वां) ने पांच मिनट के भीतर दो गोल दागे।

7 गोलों से सिंगापुर को रौंदकर Asian Games सेमीफाइनल में पहुंची चक दे गर्ल्स

रविवार को गिफू प्रीफ़ेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के ग्रुप स्टेज में, भारतीय महिला हॉकी टीम ने सिंगापुर के मज़बूत डिफेंस को पार करते हुए 7-0 से आसान जीत दर्ज की और लगातार पांचवीं जीत हासिल की। कप्तान सलीमा टेटे (17′) ने स्कोरिंग की शुरुआत की, जिसके बाद सुनीलिता टोप्पो (22′, 24′) ने पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल किए। लालरेम्सियामी हमारज़ोटे (26′), रुतुजा पिसल (29′), निक्की प्रधान (35′) और दीपिका सहरावत (55′) ने बाकी गोल किए।

एशियन गेम्स 2026 हॉकी पूल बी में टॉप पर रहने के बाद, भारत – जो हांगझोउ 2023 में ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता था – अब बुधवार को सेमीफ़ाइनल में रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया का सामना करेगा। कोरियाई टीम ने दिन में पहले मलेशिया को 2-1 से हराकर पूल ए में दूसरा स्थान हासिल किया। दूसरा सेमीफ़ाइनल पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना और जापान के बीच खेला जाएगा।

पूल स्टेज में भारत का दबदबा रहा और उन्होंने उज़्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, जापान, थाईलैंड और सिंगापुर के खिलाफ़ जीत के साथ 63 का शानदार गोल अंतर हासिल किया। उनका सबसे कड़ा पूल मैच मेज़बान जापान के खिलाफ़ था, जो कड़े मुकाबले के बाद 3-1 की जीत के साथ समाप्त हुआ।

भारत ने शुरुआत से ही बॉल पर कब्ज़ा और मैदान पर दबदबा बनाए रखा और पहले ही मिनट में अपने 27 पेनल्टी कॉर्नर में से पहला हासिल किया, जब लालरेम्सियामी की हिट सिंगापुर के एक डिफेंडर के पैर से टकराई। हालांकि, दीपिका का ड्रैग-फ़्लिक डिफ़्लेक्ट होकर दूर चला गया। भारत ने दबाव बनाना जारी रखा और सफल वीडियो रेफरल के बाद दूसरे मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन सिंगापुर का डिफेंस मज़बूती से डटा रहा।

सिंगापुर की टीम ने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ डिफेंस किया और गोलकीपर फेलिसा लाई को हराना मुश्किल साबित हुआ। भारत मौके बनाता रहा; आठवें मिनट में इशिका चौधरी ने कप्तान सलीमा टेटे के साथ अच्छा तालमेल बिठाया, लेकिन समय पर हुए इंटरसेप्शन ने भारतीय कप्तान को गोल करने से रोक दिया।

आखिरकार दूसरे क्वार्टर के दूसरे मिनट में दबाव का असर दिखा। क्रॉस पर नवनीत कौर के पहले प्रयास को रोक दिया गया, लेकिन रिबाउंड सलीमा टेटे के पास आया, जिन्होंने गैप ढूंढकर 17वें मिनट में भारत को 1-0 से आगे कर दिया। भारत ने तेज़ी से मोमेंटम बनाया। 22वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर गोल के सामने अफरा-तफरी मची, जिसमें सुनेलिता ने करीब से फिनिशिंग टच देकर बढ़त को दोगुना कर दिया।

दो मिनट बाद, सुनेलिता ने फिर गोल किया; उन्होंने नियर पोस्ट की ओर तेज़ी से दौड़ते हुए दीपिका के पेनल्टी कॉर्नर फ्लिक को डिफ्लेक्ट किया। इसके बाद भारत ने 26वें मिनट में स्कोर 4-0 कर दिया, जब दीपिका के फ्लिक ने लालरेम्सियामी की स्टिक से डिफ्लेक्ट होकर नेट में जगह बनाई। तीन मिनट बाद, डिफेंस की चूक से रुतुजा को मौका मिला और उन्होंने शांति से गोलकीपर के ऊपर से गेंद को उछालकर स्कोर 5-0 कर दिया। बिना किसी गोल वाले शुरुआती क्वार्टर के बाद, भारत ने दूसरे क्वार्टर में पांच गोल किए और हाफ-टाइम तक मज़बूत बढ़त बना ली।

भारत ने 35वें मिनट में छठा गोल किया। लगातार मिले पेनल्टी कॉर्नर को ठीक से नहीं रोका जा सका, लेकिन बलजीत ने दूसरे प्रयास में गेंद को संभाला और हमले को जारी रखा।

इसके बाद गोल के सामने हुई अफरा-तफरी का अंत निक्की प्रधान द्वारा गेंद को लाइन के पार धकेलने के साथ हुआ।

सिंगापुर ने अपना डिफेंस मज़बूत बनाए रखा और तीसरे क्वार्टर में भी भारत को परेशान करना जारी रखा। लालरेम्सियामी 40वें और 42वें मिनट में गोल के करीब पहुंचीं, लेकिन गोलकीपर ने दोनों प्रयासों को नाकाम कर दिया।

आखिरी क्वार्टर में भी सिंगापुर का डिफेंस मज़बूती से डटा रहा और शुरुआती 10 मिनट तक भारत को कोई गोल नहीं करने दिया। दीपिका को एक और पेनल्टी कॉर्नर से गोल करने का मौका मिला, लेकिन हवा में किए गए उनके शॉट को गोलकीपर ने रोक दिया।

आखिरकार, 55वें मिनट में भारत को अपना सातवां गोल मिला। दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर पर कोई गलती नहीं की और सटीक फ़्लिक से गोल के कोने में गेंद पहुंचाकर स्कोर 7-0 कर दिया। एक मिनट बाद दीपिका को पेनल्टी कॉर्नर से एक और मौका मिला, लेकिन वह अपना स्कोर नहीं बढ़ा सकीं।

इसके बाद सिंगापुर को मैच का सबसे अच्छा मौका मिला, जब बॉल मिलने के बाद कियान शियाओ क्वेक भारत की गोलकीपर बिचू देवी के आमने-सामने थीं, लेकिन उनका शॉट गोल पोस्ट से बाहर चला गया। आइची-नागोया 2026 में हॉकी टूर्नामेंट 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ायर का काम भी करेगा, जिसमें गोल्ड मेडल जीतने वाली टीमों को आगामी समर गेम्स में सीधे जगह मिलेगी।

सर्वाधिक हॉकी मैच खेलने वाली पहली महिला हॉकी खिलाड़ी बनी गोलकीपर सविता

Savita Punia

गोलकीपर सविता पूनिया सोमवार को भारत की सबसे अधिक मैच खेलने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने भारत की पूर्व स्ट्राइकर वंदना कटारिया के 320 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। सविता पूनिया ने यह उपलब्धि जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में इंडोनेशिया के खिलाफ भारत के पूल बी मैच के दौरान हासिल की।

ओपन प्ले में शॉट रोकने की अपनी काबिलियत और पेनल्टी शूट-आउट में शानदार रिकॉर्ड के कारण हॉकी की दुनिया में ‘द वॉल ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर 36 वर्षीय सविता ने 2009 में अपना सीनियर अंतरराष्ट्रीय में पर्दापण किया था।

तब से, वह तीन ओलंपिक, दो एशियन गेम्स कैंपेन, कॉमनवेल्थ गेम्स और कई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और एफआईएच प्रो लीग सीजन में लगातार खेलती रही हैं। मौजूदा कप्तान सलीमा टेटे के कप्तानी संभालने से पहले वह लंबे समय तक भारतीय महिला टीम की कप्तान भी रही थीं।

सविता ने फरवरी 2025 में एफआईएच प्रो लीग में नीदरलैंड के खिलाफ अपना 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। वह यह आंकड़ा पार करने वाली दूसरी भारतीय महिला और अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पीआर श्रीजेश के बाद देश की दूसरी गोलकीपर बनीं। उन्होंने रविवार को एशियन गेम्स 2026 के पहले मैच में उज्बेकस्तान के खिलाफ भारत की 19-0 की शानदार जीत के दौरान वंदना के 320 मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी की और सोमवार को उसे पीछे छोड़ दिया।

सविता ने कहा, “मैं सबसे पहले धन्यवाद कहना चाहती हूं – अपने परिवार, अपने कोच, अपनी टीम की साथियों और हर उस व्यक्ति का, जो तब से मेरे साथ खड़ा रहा है जब मैं एक छोटी लड़की थी और अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर बचाना सीख रही थी।

सच कहूं तो, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस मुकाम तक पहुंचूंगी। जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैं बस टीम में अपनी जगह बनाना चाहती थी और अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहती थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मुझे भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी कहा जाएगा। यह रिकॉर्ड केवल मेरा नहीं है – यह उन सभी का है जिन्होंने मेरे साथ खेला है, और वंदना का भी, क्योंकि उन्होंने एक स्टैंडर्ड सेट किया और हम सभी को और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।”

उन्होंने कहा, “अब मेरी सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि नई पीढ़ी इसे देखे और विश्वास करे कि उनके लिए भी यह मुमकिन है। मैं चाहती हूँ कि वे आगे बढ़ती रहें, मेहनत करती रहें और भारतीय हॉकी के लिए बड़े सपने देखती रहें। इस खेल ने मुझे सब कुछ दिया है, और जब तक मैं कर सकती हूँ, मैं इसके लिए अपना योगदान देती रहूंगी।

पंजाब दिवस के दिन जालंधर में भिडेंगी भारत-पाकिस्तान की हॉकी टीमें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पाकिस्तानी हॉकी टीम की मेजबानी की तैयारी पर बयान देकर एक नया भूराजनैतिक विवाद खड़ा कर दिया है। गौरतलब है कि अगले महीने हॉकी की एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी खेली जाने वाली है जिसमें पाकिस्तान समेत आधा दर्जन टीमें  शामिल है। भारत और पाकिस्तान का मुक़ाबला 1 नवंबर को जालंधर में होना है, और यह मैच पंजाब दिवस के दिन ही होगा।

पाकिस्तान की भागीदारी और इसके लिए आवश्यक मंजूरी मिल जाने के बारे में पूछे जाने पर मान ने कहा, ‘‘बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में कोई समस्या नहीं है। हो सकता है कि द्विपक्षीय श्रृंखलाएं (भारत और पाकिस्तान के बीच) न हो सकें।’मान ने कहा कि एसीटी के लीग चरण के मैच जालंधर में, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली स्टेडियम में खेले जाएंगे।

केंद्र सरकार की  खेल नीति के अनुसार भारत पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलेगा। भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ संक्षिप्त सैन्य अभियान चलाया था।खेल मंत्रालय ने हालांकि ओलंपिक चार्टर का पालन करते हुए कहा है कि दोनों देश बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में एक दूसरे का सामना कर सकते हैं और भारत इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपने देश में खेलने से नहीं रोकेगा।

हालांकि भारत में अगले महीने होने वाली हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की भागीदारी अभी पक्की नहीं हुई है; नेशनल फ़ेडरेशन टीम की यात्रा के लिए सरकार की मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहा है।पाकिस्तान हॉकी फ़ेडरेशन के प्रमुख मोहियुद्दीन अहमद वानी ने कहा कि फ़ेडरेशन टूर्नामेंट में टीम की भागीदारी पर सरकार के फ़ैसले का पालन करेगा। यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब में आयोजित होगा।

पाकिस्तान के अख़बार ‘डॉन’ के अनुसार, वानी ने कहा, “पाकिस्तान टीम का दौरा सरकार की मंज़ूरी पर निर्भर करेगा। सरकार जो भी करने को कहेगी, हम वही करेंगे।”

वानी, जो इंटर-प्रोविंशियल कोऑर्डिनेशन मिनिस्ट्री के फ़ेडरल सेक्रेटरी भी हैं, ने छह देशों के इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच ये बातें कहीं। इस इवेंट में भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया हिस्सा लेंगे, जबकि ओमान और बांग्लादेश को रिज़र्व टीमों के तौर पर रखा गया है।लीग चरण जालंधर में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक खेला जाएगा, इसके बाद 4 नवंबर को सेमीफ़ाइनल और 5 नवंबर को फ़ाइनल होगा।

चक दे इंडिया, जूनियर पुरुष और महिला टीम बनी एशिया की सरताज

भारतीय जूनियर पुरुष और महिला टीम एशियाई हॉकी की सरताज बन गई जब रविवार को दोनों टीमों ने अपने अपने खिताबी मुकाबले में दक्षिण कोरिया और चीन को मात दे दी।भारतीय पुरुष टीम ने जहां इस खिताब को छठवीं बार अपने नाम किया तो वहीं महिला टीम के लिए यह खिताब तीसरी बार उनकी झोली में गिरा है।

भारत ने रविवार को फाइनल में कोरिया पर 4-1 से जीत से अपना पुरुष जूनियर एशिया कप खिताब बरकरार रखते हुए विश्व कप में जगह पक्की की।भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने रविवार को रोमांचक फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर एएचएफ जूनियर एशिया कप का खिताब बरकरार रखा और जूनियर महिला हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई किया।

खिताबी मुकाबले को जीतने के बाद हॉकी इंडिया ने सभी खिलाड़ियों के लिए 3 लाख रुपए इनामी राशी की घोषणा की और उनके सपोर्ट स्टाफ के लिए भी इनामी राशि की घोषणा की। पुरुष टीम के मुकाबले की बात करें तो मैच काफी एकतरफा रहा। भारत की ओर से अजीत यादव ने 9वें, अनमोल एक्का ने 13वें प्रभदीप सिंह ने 21वें और आशु मौर्या ने 50वें मिनट में गोल किया। दक्षिण कोरिया के लिए ली मिनयोक ने 54वें मिनट में गोल किया।

महिला टीम बिना एक मैच हारे जीती एशिया कप

भारतीय महिला टीम ने बिना एक मैच हारे एशिया कप पर कब्जा जमाया। टूर्नामेंट के पहले मैच में टीम ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया था। इसके बाद जापान और मलेशिया को क्रमश 7-0 और 11-1 से शिकस्त दी थी। लेकिन सबसे सुर्खियां बटोरने वाली जीत पाकिस्तान के खिलाफ आई जब टीम ने 19 गोलों से मैच जीता। हालांकि टीम ने चीन के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेला। हालांकि फाइनल में एक गोल से टीम ने मेजबान चीन के खिलाफ गोल दागकर खिताब अपने नाम कर लिया।

PM मोदी और शाह ने दी टीम को बधाई

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘भारतीय हॉकी के लिए गर्व का क्षण। शानदार और अजेय अभियान के साथ एशिया कप का खिताब बरकरार रखने वाली हमारी जूनियर महिला हॉकी टीम को बधाई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं।’’मोदी ने एक अन्य पोस्ट में टीम को बधाई देते हुए कहा, ‘‘बधाई। यह वास्तव में एक शानदार उपलब्धि है।’

शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय हॉकी के ताज में एक और नगीना जुड़ गया! एशिया कप जीतने और पूरे देश को गर्व एवं खुशी का अवसर देने के लिए हमारी जूनियर महिला हॉकी टीम को हार्दिक बधाई।’’शाह ने अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘एशिया कप जीतने वाली हमारी जूनियर पुरुष हॉकी टीम के लिए जोरदार तालियां। खेल में अपने जोश और शानदार प्रदर्शन के साथ आपने एक बार फिर भारतीय खेल भावना की असली क्षमता का प्रदर्शन किया है और दूसरों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है।’’


चक दे गर्ल्स ने गत विजेता द. कोरिया को हराकर किया जूनियर महिला एशिया कप के फाइनल में प्रवेश

ड्रैग फ्लिकर सुप्रिया के तीन गोल की मदद से गत चैम्पियन भारत ने दक्षिण कोरिया को शनिवार को 5-1 से हराकर एएचएफ जूनियर महिला एशिया कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया। सुप्रिया ने तीनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किये। भारत का सामना अब चीन और जापान के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।

दोनों टीमों ने संभलकर शुरूआत की लेकिन भारत ने 13वें मिनट में खाता खोला जब मधु सिदर ने शानदार फील्ड गोल पर टीम को 1-0 से बढत दिलाई। दूसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने कोरियाई गोल पर लगातार हमले बोले।

भारत को 17वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर सुप्रिया ने गोल करके बढत दुगुनी कर दी। भारत ने गेंद पर नियंत्रण के मामले में दबदबा बनाये रखा और 21वें मिनट में कोरियाई गोल के 23 मीटर के भीतर हवा में आयी गेंद को भारतीय विंगर ने लपका और सर्कल के भीतर शानदार क्रॉस दिया। इसे सुखवीर ने गोल में बदलकर स्कोर 3- 0 कर दिया।

भारत को 33वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को सुप्रिया ने गोल में बदला। दक्षिण कोरिया के लिये यूरी जियोंग ने 41वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 4-1 किया। भारत ने आखिरी क्वार्टर में बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए कोरियाई हमलों को नाकाम कर दिया।भारत के लिये पांचवां गोल 56वें मिनट में सुप्रिया ने पेनल्टी कॉर्नर पर किया।