टेस्ट क्रिकेट में स्टीव स्मिथ बने सर्वाधिक कैच पकड़ने वाले फील्डर, तीसरे नंबर पर एक भारतीय

टेस्ट क्रिकेट के सफलतम बल्लेबाजों में से एक स्टीव स्मिथ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक बेहतरीन कैच लेकर ना केवल चपलता लेकर बौद्धिक शक्ति बताई बल्कि वह टेस्ट के सर्वकालिक बेहतरीन फील्डर में शुमार हो गए। उनका यह कैच 221वां कैच था।

वह इंग्लैंड के कप्तान जो रूट से आगे निकल गए जिनसे फैब फोर में उनकी तुलना अक्सर होती रहती है।  164 टेस्ट मैचों में 210 कैच पकड़ने वाले राहुल द्रविड़ तीसरे स्थान पर हैं। हालांकि राहुल द्रविड़ ने कुछ टेस्ट मैचों में भारत के लिए विकेटकीपिंग की थी तब वह इस आंकड़े पर पहुंच पाए।

हालांकि बल्ले से स्टीव स्मिथ का संघर्ष जारी है और उनको एक बार फिर मौजूदा टेस्ट में सिर पर चोट लग चुकी है। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में तेज गेंदबाज एनरिच नॉर्किया की गेंद हेलमेट पर लगने के बाद कनकशन जांच के लिये भेजा जायेगा।

सैतीस वर्ष के स्मिथ को मैच के चौथे दिन सोमवार को नॉर्किया की शॉर्टपिच गेंद को खेलने के प्रयास में चोट लगी।वह दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी में फील्डिंग के लिये नहीं आये।क्रिकेट आस्ट्रेलिया की सिर की चोट और कनकशन नीति के तहत स्मिथ को अगले 24 घंटे निगरानी में रखा जायेगा। कनकशन (सिर में चोट) होने पर उन्हें मेडिकल अधिकारी से हरी झंडी मिलने तक क्रिकेट से दूर रहना होगा।

स्मिथ को 2019 में एशेज टेस्ट के दौरान इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की गेंद भी सिर पर लगी थी। उनके स्थान पर खेलने आए मार्नस लाबुशेन ने बेहतरीन पारी खेल अपनी जगह सुनिश्चित की थी और वह अब तक टीम की योजनाओं में शामिल है।

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए आर्चर, बेथेल की इंग्लैंड वनडे टीम में वापसी

जोफ्रा आर्चर और जैकब बेथेल नवंबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए इंग्लैंड की एकदिवसीय टीम में लौट आए हैं, आर्चर को पाकिस्तान में आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए आराम दिया गया है और बाद में जुलाई में भारत के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के दौरान लगी घुटने की चोट से उबर गए हैं। हैरी ब्रुक के नेतृत्व वाली 16 सदस्यीय एकदिवसीय टीम अगले साल के विश्व कप के लिए पूरी ताकत के साथ तैयार होगी। जोस बटलर अपनी हालिया हैमस्ट्रिंग सर्जरी के बाद अनुपलब्ध हैं जबकि साकिब महमूद घुटने की चोट के कारण टीम से बाहर हैं।

हालाँकि, आर्चर, गस एटकिंसन, सन्नी बेकर और जोश टंग इसके बाद होने वाले टी20 का हिस्सा नहीं होंगे क्योंकि इंग्लैंड दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट दौरे से पहले अपने तेज गेंदबाजों का प्रबंधन कर रहा है।

इंग्लैंड के राष्ट्रीय चयनकर्ता मार्कस नॉर्थ ने कहा एकदिवसीय श्रृंखला के लिए जैकब बेथेल और जोफ्रा आर्चर की वापसी का मतलब है कि हम पूरी ताकत के करीब होंगे क्योंकि हम एक साल के समय में विश्व कप की तैयारी तेज कर देंगे। “चार तेज गेंदबाज तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के बाद चले जाएंगे क्योंकि हम दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट दौरे से पहले उन्हें प्रबंधित करना चाहते हैं।

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इंग्लैंड वनडे टीम: हैरी ब्रूक (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, सन्नी बेकर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जॉर्डन कॉक्स, हेनरी क्रोकोम्बे, सैम कुरेन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, जो रूट, जोश टंग

इसके बजाय टी20 टीम में चार अनकैप्ड खिलाड़ी शामिल होंगे, जिनमें थॉमस रीव और एडी जैक शामिल हैं, जिन्हें पहली बार इंग्लैंड कॉल-अप मिला है। 18 वर्षीय रीव टीम का सबसे युवा सदस्य है और उसे कल ही ईसीबी केंद्रीय अनुबंध मिला है। उन्होंने फरवरी में आईसीसी पुरुष अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड की कप्तानी की। वह और जैक दोनों पिछले साल ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली इंग्लैंड लायंस टीम का हिस्सा थे।

इस बीच, फिल साल्ट क्वाड चोट से उबरने के बाद लौट आए हैं, जिसके कारण वह पिछले महीने श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड की 3-0 से टी20 सीरीज जीत से बाहर हो गए थे। उस श्रृंखला में पदार्पण करने के बाद एन्यूरिन डोनाल्ड ने अपना स्थान बरकरार रखा है, जबकि ल्यूक वुड को भी वापस बुला लिया गया है।

नॉर्थ ने कहा हमारी टी20 टीम कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में शानदार फॉर्म में है और हम एक बहुत अच्छी टीम के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में खुद को परखने के मौके का इंतजार कर रहे हैं।

इंग्लैंड टी20 टीम: हैरी ब्रुक (कप्तान), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जेम्स कोल्स, जॉर्डन कॉक्स, हेनरी क्रोकोम्बे, सैम करेन, लियाम डॉसन, एन्यूरिन डोनाल्ड, एडी जैक, विल जैक, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, थॉमस रेव, फिल साल्ट, ल्यूक वुड

इंग्लैंड का ऑस्ट्रेलिया दौरा 7 नवंबर को पर्थ के वाका में अभ्यास मैच के साथ शुरू होगा। तीन वनडे मैच 13 नवंबर (ऑप्टस, पर्थ), 15 नवंबर (एडिलेड) और 18 नवंबर (होबार्ट) को खेले जाएंगे। पांच मैचों की टी20 सीरीज 21 नवंबर को एमसीजी में शुरू होगी और इसके बाद के मैच गोल्ड कोस्ट, ब्रिस्बेन, सिडनी और कैनबरा में होंगे।

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बैंच पर बैठे रहे गए वैभव सूर्यवंशी, दुखी चेहरे का वीडियो हुआ वायरल

जिम्बाब्वे दौरे पर मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड लेकर लौटे वैभव सूर्यवंशी को पता भी नहीं होगा कि वह अफगानिस्तान सीरीज का एक भी मैच खेलने को तरस जाएंगे। अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान डगआउट में उनकी रुआंसी तस्वीर एक वीडियो के माध्यम से वायरल हो रही थी।

यह उनके शुरुआती करियर में दूसरी बार हुआ है। आयरलैंड दौरे पर भी वह बैंच पर ही बैठे रह गए थे और इंग्लैंड जाकर उनको डेब्यू नसीब हुआ था हालांकि अंतिम टी-20 में भी उनको बाहर बैठा दिया गया था।

इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

इस युवा बल्लेबाज ने 2026 आईपीएल सत्र में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम किया। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक जड़े तथा 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा।इसके अलावा सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट (224) के कारण उन्हें सुपर स्ट्राइकर, टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के कारण उभरते हुए खिलाड़ी का अवार्ड भी दिया गया।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल सबसे कम गेंदों में 1000 रन पूरे किए। उन्होंने 440 गेंदें खेलीं, जो सबसे तेज हैं।आईपीएल 2026 में सूर्यवंशी ने कुल 135 बाउंड्री लगाईं, जिसमें रिकॉर्ड 72 छक्के शामिल हैं, जो किसी भी टी 20 टूर्नामेंट में किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा लगाए गए सबसे ज़्यादा छक्के हैं।

36 साल के हुए T20I विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार, क्या करेंगे वापसी?

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

हालांकि आज अपना 36वां जन्मदिन मना रहे वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

T-20I डेब्यू की पहली गेंद पर ही मारा छक्का, जड़ा अर्धशतक

सूर्य कुमार ने 14 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला और 18 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पहली बार टीम ब्लू में खेले।

इंग्लैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव ने जैसे पारी की शुरुआत करी ऐसा लग रहा था कि वह भावनाओं में ना बह जाएं लेकिन जोफ्रा आर्चर की पहली गेंद पर छक्का मारने के बाद उन्होंने कोई भी गैर जिम्मेदार शॉट नहीं खेला।

उन्होंने अपने 50 रन बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगाया और 28 गेंदो में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।यादव ने आउट होने से पहले 31 गेंदो में 57 रन बनाए जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल थे। हालांकि उनका आउट होना भी काफी विवादास्पद रहा।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

डेविड मिलर का वह करिश्माई कैच जिसने खत्म किया ICC खिताब का सूखा

T20I World Cup Final के आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रनों की जरूरत की लेकिन पंड्या की पहली गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लांग ऑफ बाउंड्री के पास मिलर का शानदार कैच लपक कर मैच पर भारत का नियंत्रण बना दिया।


T20I WC 2024 की जीत के बाद मिली कप्तानी

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) पर तरजीह देकर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को T20I टीम की कप्तान बनाने का फैसला किया। 2024 का श्रीलंका दौरा बतौर T20I टीम कप्तान उनकी पहली सीरीज रही।

Suryakumar Yadav

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।

लगातार खराब बल्लेबाजी के कारण हुए से बाहर

कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है।  सूर्यकुमार ने  12 पारियों में सिर्फ़ 18 की औसत से 2 अर्धशतक के साथ 270 रन बनाए हैं।

Duleep Trophy Final में शांत रहा वैभव का बल्ला, दोनों पारी मिलाकर बनाए 52 रन

सफेद गेंद की क्रिकेट में कमाल दिखा चुके वैभव सूर्यवंशी का बल्ला लाल गेंद की क्रिकेट में खामोश रहा है। दलीप ट्रॉफी में इस्ट जोन के उपकप्तान और सलामी बल्लेबाज खिताबी मुकाबले की दूसरी पारी में 16 गेंदों में 8 रन बनाकर स्टंप आउट हो गए। उनका विकेट दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाज त्रिपुराना विजय ने लिया। पहली पारी में भी वह अपनी अच्छी शुरुआत को नहीं भुना पाए थे और 37 गेंदों में 5 चौके और एक छक्का मारकर 44 रनों पर आउट हो गए थे।

इस्ट जोन बनाम सेंट्रल जोन की दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में खेली 92 रनों की पारी में 7 चौके और छक्के लगाए थे। हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए 11 प्रथम श्रेणी मैचों की 17 पारियों 23.3 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।वहीं इस दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने 5 पारियों में 38 की औसत से 192 रन बनाए हैं।

इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं।

रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।

7 चौके और छक्के, दलीप ट्रॉफी में शतक चूके लेकिन वैभव ने बना दिया यह अनोखा रिकॉर्ड

इस्ट जोन बनाम सेंट्रल जोन की दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी भले ही 8 रनों से शतक चूक गए हों लेकिन उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे अर्धशतक जमा कर सबसे कम उम्र में यह कारनमा किया। वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 157 दिनों में दिलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ा इससे पहले उनसे युवा सिर्फ लक्ष्मण सिंह थे जिन्होंने 16 साल 23 दिनों में अर्धशतक जमाया था।

लाल गेंद के टूर्नामेंट दिलीप ट्रॉफी में वैभव सफेद गेंद की तरह ही खेले और उन्होंने 81 गेंदों में खेली 92 रनों की पारी में 7 चौके और छक्के लगाए। इससे पहले ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यंवशी ने दलीप ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में नॉर्थ इस्ट जोन के खिलाफ 4 गेंदों में 2 विकेट चटकाए थे । उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के किशन को 25 रनों पर और इमलिवती को 4 रनों पर आउट किया था।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।


इंग्लैंड ने पाकिस्तान को लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रनों से हराकर जीती टेस्ट सीरीज

ENGvsPAK

ENGvsPAK ऑली रॉबिंसन (चार विकेट), जोश टंग (तीन विकेट) और जोफ्रा आर्चर (दो विकेट) की घातक गेंदबाजी से इंग्लैंड ने पाकिस्तान को दूसरे टेस्ट के चौथे दिन रविवार को दूसरी पारी में 194 रन पर ढेरकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बना ली।

आज खेल शुरू होते ही नतीजा तय था, लेकिन पाकिस्तान को अपनी भलाई के लिए कुछ दिखाना था। बैटिंग पूरे टूर में खराब रही है और बदकिस्मती से आज भी कुछ बेहतर नहीं हुआ। सीरीज़ बराबर करने के लिए 389 रन का टारगेट मिलने पर, वे कुछ ही देर में 14/3 पर सिमट गए। सऊद शकील का समय खराब रहा है और इस सीरीज़ में उनकी कुछ टेक्निकल कमज़ोरियाँ सामने आई थीं, लेकिन वह अपनी छाप छोड़ने के लिए पक्के इरादे से उतरे। उन्होंने शान मसूद के साथ चौथे विकेट के लिए 97 रन की पार्टनरशिप में दबदबा बनाया और फिर टेल के साथ अपना बल्ला चलाना शुरू कर दिया।

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने आज़ादी से खेला और ऐसा लगा कि उन्हें शॉर्ट बॉल खेलने में मज़ा आ रहा है, जब तक कि वह 97 रन पर शॉर्ट बॉल पर आउट नहीं हो गए। बदकिस्मती से पाकिस्तान के लिए, उनका स्कोर टीम के टोटल का 50 प्रतिशत था क्योंकि बाकी रन इधर-उधर हो गए। इमाम-उल-हक ने एक बार फिर बैटिंग नहीं की और सब कुछ साफ हो गया था। ओली रॉबिन्सन ने 4 विकेट लेकर कमाल कर दिया, टंग ने आखिरी ओवरों में तीन विकेट लिए, जबकि आर्चर ने 2 विकेट लिए।

इससे पहले इंग्लैंड ने कल के सात विकेट पर 177 रन से आगे खेलना शुरू किया और उसकी दूसरी पारी 208 रन पर समाप्त हुई। इंग्लैंड ने पाकिस्तान के सामने 389 रन का लक्ष्य रखा।

संक्षिप्त स्कोरबोर्ड :इंग्लैंड 290 और 208, पाकिस्तान 110 और 194

इस ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने छीन लिया जसप्रीत बुमराह के नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज का ताज

Jasprit Bumrah

बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला के दूसरे मैच में 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क अपने करियर में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं।

इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के गेंदबाज ने पहली पारी में 12 रन देकर छह और दूसरी पारी में 39 रन देकर चार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे उन्होंने न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर दिया। वह इन दोनों तेज गेंदबाजों से 10 रेटिंग अंक आगे हैं।

स्टार्क इससे पहले एक बार दूसरे स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने पिछले साल ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया था।

बुमराह इस तरह से मौजूदा दौर में केवल दो महीने तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे लेकिन वह कुल 697 दिन तक नंबर एक गेंदबाज रहे जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड है। इस मामले में वह सर्वकालिक सूची में 14वें स्थान पर हैं। बुमराह चोट के कारण वे श्रीलंका के खिलाफ चल रही श्रृंखला से बाहर हो गए थे।

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को भी काफी फायदा हुआ है। लीड्स में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी और 103 रन की जीत में आठ विकेट लेने के कारण वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

इस मैच में आठ विकेट लेने वाले जोश टोंग रैंकिंग में 16 पायदान ऊपर 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में 10 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रैंकिंग में 28 पायदान ऊपर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या दोनों पांच पायदान ऊपर क्रमशः 15वें और 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लियोन (दो स्थान ऊपर 10वें), पाकिस्तान के अली उस्मान (30 स्थान ऊपर 67वें), इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर संयुक्त 38वें), भारत के प्रसिद्ध कृष्णा (दो स्थान ऊपर 53वें) और बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम (17 स्थान ऊपर 57वें स्थान पर) भी आगे बढ़ने में सफल रहे।

बल्लेबाजी रैंकिंग में हैरी ब्रूक ने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करनी है। वह अपने साथी खिलाड़ी जो रूट से 24 रेटिंग अंक आगे हो गए हैं। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छह पायदान ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (नौ स्थान ऊपर 21वें), श्रीलंका के धनंजय डी सिल्वा (दो स्थान ऊपर 22वें), सोनल दिनुशा (49 स्थान ऊपर 54वें), पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक (सात स्थान ऊपर संयुक्त 27वें), भारत के केएल राहुल (पांच स्थान ऊपर 30वें) और देवदत्त पडिक्कल (59वें स्थान पर) ने भी अपनी बल्लेबाजी रैंकिंग में सुधार किया है।

Duleep Trophy में वैभव का गेंद से कमाल 4 गेंदों में झटके 2 विकेट (Video)

बिहार के वैभव सूर्यवंशी आईसीसी टूर्नामेंट्स और इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन दिलीप ट्रॉफी में उन्होंने दिखाया कि वह गेंद से भी उतना ही कमाल कर सकते हैं। ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यंवशी ने आज दलीप ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में नॉर्थ इस्ट जोन के खिलाफ 4 गेंदों में 2 विकेट चटकाए। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के किशन को 25 रनों पर और इमलिवती को 4 रनों पर आउट किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं।

रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।

पहले टेस्ट के तीसरे ही दिन पाकिस्तान को मिली इंग्लैंड के हाथों पारी की हार

ENGvsPAK

ENGvsPAK तेज गेंदबाजों ओली रॉबिन्सन, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग के तीन-तीन विकेटों की बदौलत इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पहले टेस्ट के तीसरे ही दिन शुक्रवार को पारी और 103 रन से पीट दिया। यह सिर्फ़ दूसरी बार है जब इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ों ने टेस्ट मैच में पाकिस्तान के सभी 20 विकेट लिए हैं; इससे पहले 2001 में लॉर्ड्स में ऐसा हुआ था।लीड्स में पाकिस्तान को लगातार दूसरी बार पारी से हार का सामना करना पड़ा है; इससे पहले 2018 में भी उन्हें पारी और 55 रनों से हार मिली थी।

गेंदबाज़ी में भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। पाकिस्तान ने कई मौके गंवाए और दूसरे दिन लंबे समय तक कोई खास असर नहीं डाल पाए, जिससे इंग्लैंड को पहली पारी में बड़ी बढ़त बनाने का मौका मिल गया। इंग्लैंड ने खत्म होने कल के 8 विकेट पर 366 रन से आगे खेलते हुए पहली पारी में 409 रन बनाये और 238 रन की भारी बढ़त हासिल की।

हेडिंग्ले को अपनी पसंदीदा जगह बनाने वाली टीम के खिलाफ़, उन मौकों को गंवाना भारी पड़ने वाला था। इंग्लैंड ने शानदार खेल दिखाया और एक बार बढ़त बनाने के बाद, उन्होंने मेहमान टीम को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। मैच से पहले जो रूट ने इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण की विविधता और गहराई के बारे में बात की थी और बताया था कि वह अपने पास मौजूद अलग-अलग तरह के कौशल को लेकर कितने उत्साहित हैं।

उनके गेंदबाज़ निश्चित रूप से उम्मीदों पर खरे उतरे। आर्चर, एटकिंसन, रॉबिन्सन और टंग ने स्टंप्स पर लगातार गेंदबाज़ी की, सही लेंथ पर गेंद डाली और पूरे मैच के दौरान अपनी योजनाओं में बेहतरीन बदलाव किए। इन सभी ने मिलकर पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाए रखा और यह सुनिश्चित किया कि इंग्लैंड का मैच पर पूरा नियंत्रण रहे।

पाकिस्तान को थोड़ी किस्मत की ज़रूरत थी, और बाबर आज़म के चोट के कारण बाहर होने के बाद तो इसकी और भी ज़्यादा ज़रूरत थी। लेकिन किस्मत अक्सर उनका साथ देती है जो छोटे-छोटे मौकों का भी पूरा फ़ायदा उठाते हैं, और पाकिस्तान इस टेस्ट में ऐसा करने में नाकाम रहा। वे टॉस हार गए और फिर कई अहम मौके गंवा दिए।

मैच की शुरुआत में एक छोटा सा समय ऐसा आया जब इमाम-उल-हक और अब्दुल्ला शफ़ीक़ की 91 रनों की साझेदारी ने उन्हें कुछ हद तक नियंत्रण दिलाया, लेकिन उनमें से किसी एक को उस अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की ज़रूरत थी। इसके बजाय, जोश टंग के खिलाफ़ इमाम के आक्रामक शॉट ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दीं और टीम 117/3 से 171 रन पर ऑल आउट हो गई।

जुलाई 2023 से पाकिस्तान ने विदेश में सिर्फ़ दो टेस्ट मैच जीते थे, और अगर इंग्लैंड में कोई ऐसी जगह थी जहाँ वे अपना रिकॉर्ड सुधारने की कोशिश बिल्कुल नहीं करना चाहते, तो हेडिंग्ले उनमें से एक थी। पिछले दशक में यह इंग्लैंड के लिए एक अभेद्य किला रहा है, और इस जीत के साथ यहाँ खेले गए पिछले नौ टेस्ट मैचों में उनकी यह आठवीं जीत है। इनमें से चार जीत पारी के अंतर से मिली हैं, और दिलचस्प बात यह है कि ये सभी एशियाई टीमों के खिलाफ़ थीं – दो बार पाकिस्तान के खिलाफ़, एक बार भारत के खिलाफ़ और एक बार श्रीलंका के खिलाफ़।

पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद रिजवान ने 41 और शान मसूद ने 29 रन बनाये। ओली रॉबिन्सन, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने तीन-तीन विकेट लेकर पाकिस्तान का दूसरी पारी में पुलिंदा 135 रन पर बाँध दिया जबकि गस एटकिंसन ने एक अन्य विकेट हासिल किया। ओली रॉबिन्सन को मैच में कुल आठ विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।