30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक यौन अपराधी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शाबिर अहमद ब्रिटेन के कुख्यात ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा हुआ है। उसे 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी पाया गया है। शाबिर मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है लेकिन उसके पास ब्रिटिश नागरिकता है। अब ब्रिटेन शाबिर को पाकिस्तान भेजना चाहता है, लेकिन इस्लामाबाद ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अगर शाबिर को रखने का दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों को वापस लेने, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर फिर से विचार कर सकता है। कौन है शाबिर अहमद? 73 वर्षीय शाबिर अहमद पाकिस्तान मूल का है। बच्चों के यौन शोषण मामले में उसे 22 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह करीब 14 साल जेल में काट चुका है और हाल ही में रिहा हुआ है। ब्रिटेन उसकी नागरिकता समाप्त कर चुका है और अब उसे पाकिस्तान भेजने की कोशिश कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपना अधिकांश जीवन ब्रिटेन में बिताया, वहीं उसका पालन-पोषण हुआ और वहीं उसने अपराध किए, इसलिए उसकी जिम्मेदारी भी ब्रिटेन को ही उठानी चाहिए। वीजा प्रतिबंध की खबरों से भी नाराज पाकिस्तान ब्रिटेन की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर पाकिस्तान शाबिर अहमद को वापस लेने से इनकार करता है, तो ब्रिटिश सरकार पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर सख्ती कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता घटाने की भी बात कही गई है। हालांकि, ब्रिटेन की ओर से इन कदमों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। डेली टेलीग्राफ से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि अगर वीजा और आर्थिक मदद को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शाबिर अहमद केस की टाइमलाइन 2012: 22 साल की जेल की सजा
ब्रिटेन की अदालत ने रोचडेल ग्रूमिंग गैंग मामले में शाबिर अहमद को 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 22 साल कैद की सजा सुनाई। 2016: ब्रिटिश नागरिकता खत्म
दोषी ठहराए जाने के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता समाप्त कर दी। जुलाई 2026: 14 साल बाद जेल से रिहाई
करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद शाबिर अहमद को सख्त शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। उस पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, तय इलाके से बाहर न जाने और कई अन्य प्रतिबंध लगाए गए। जुलाई 2026: ब्रिटेन ने पाकिस्तान भेजने की कोशिश शुरू की
रिहाई के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद को पाकिस्तान भेजने के लिए इस्लामाबाद से बातचीत शुरू की। जुलाई 2026: पाकिस्तान ने लेने से इनकार किया
पाकिस्तान ने कहा कि वह शाबिर अहमद को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उस पर दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों की वापसी, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर अपने रुख पर दोबारा विचार कर सकता है। ब्रिटेन-पाकिस्तान के बीच अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का समझौता ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 से एक समझौता है। इसके तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने की अनुमति नहीं है। इसमें मुख्य रूप से तीन तरह के लोग शामिल हैं: किसी व्यक्ति को पाकिस्तान वापस भेजने से पहले उसकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि की जाती है। इसके बाद पाकिस्तान उसके लिए जरूरी यात्रा दस्तावेज जारी करता है और उसे वापस भेज दिया जाता है। इस समझौते में सिर्फ लोगों को वापस भेजना ही शामिल नहीं है। दोनों देश अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और संगठित अपराध से निपटने में भी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। समझौते के बाद भी पाकिस्तान शाबिर को क्यों नहीं अपना रहा? इसकी वजह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नागरिकता और कानून से जुड़े कई पेचीदा मुद्दे हैं। 1. पाकिस्तान का दावा- शाबिर उसका नागरिक नहीं ब्रिटेन ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता पहले ही खत्म कर दी थी। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता भी छोड़ दी थी। ऐसे में इस्लामाबाद का दावा है कि उसे पाकिस्तानी नागरिक नहीं मान सकता। 2. 2022 का समझौता हर मामले में लागू नहीं ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 में हुआ रिटर्न्स समझौते के तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है। लेकिन किसी व्यक्ति को वापस भेजने से पहले उसकी राष्ट्रीयता और पहचान की पुष्टि करना जरूरी होता है। अगर पाकिस्तान यह मानने से इनकार कर दे कि संबंधित व्यक्ति उसका नागरिक है, तो उसे वापस भेजने की प्रक्रिया रुक सकती है। 3. ब्रिटेन का कानून भी अड़चन बना शाबिर अहमद का मामला दूसरे मामलों से अलग है। वह 1973 से पहले ब्रिटेन आ गया था। उस समय के कानून के तहत ऐसे कुछ लोगों को देश से बाहर भेजने पर रोक थी। इसलिए ब्रिटेन चाहकर भी उसे पाकिस्तान नहीं भेज सकता था। अब ब्रिटिश सरकार ने इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए कानून में बदलाव किया है। लेकिन इसके बाद भी शाबिर को पाकिस्तान तभी भेजा जा सकता है, जब पाकिस्तान उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हो। क्या 2022 का समझौता टूट सकता है? ब्रिटिश संसद में सरकार ने बताया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा रिटर्न्स व्यवस्था के तहत पिछले साल करीब 1,300 ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजा गया था, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का अधिकार नहीं था। इनमें कई गंभीर अपराधों में दोषी लोग भी शामिल थे। यानी पाकिस्तान आम तौर पर अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार नहीं करता। शाबिर अहमद का मामला उसकी नागरिकता और कानूनी स्थिति की वजह से अलग माना जा रहा है। ग्रूमिंग गैंग क्या है जिससे जुड़ा है शबीर अहमद ग्रूमिंग गैंग ऐसे अपराधियों का गिरोह होता है, जो बच्चों को दोस्ती, प्यार, पैसे, उपहार या दूसरे लालच देकर अपने जाल में फंसाता है। इसके बाद उनका यौन शोषण करता है। इनमें से कई लड़कियां प्रेग्नेंट हुईं और उन्हें अबॉर्शन कराना पड़ा। कई लड़कियों ने अपने बच्चों को जन्म दिया, लेकिन वो इनके पिता का नाम तक नहीं जानती थीं। ये ग्रूमिंग गैंग्स पूरे ब्रिटेन में काम करते थे, लेकिन रोशडेल, रॉदरहैम और टेलफॉर्ड राज्यों में इन्होंने सबसे ज्यादा लड़कियों को फंसाया।

ट्रम्प बोले- लेविट को मुझसे ज्यादा अपने बच्चे पसंद:व्हाइट हाउस में उनकी जगह लेना मुश्किल; लेविट का प्रेस सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के पद छोड़ने पर मजाक किया। उन्होंने कहा, “मुझे पता चला है कि कैरोलिन लेविट मुझे पसंद करने से ज्यादा अपने बच्चों को पसंद करती हैं। मैं इसे लेकर बहुत चिंतित हूं।” ट्रम्प ने साथ ही कहा कि लेविट की जगह लेना आसान नहीं होगा। लेविट अगस्त के आखिर में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी की नौकरी छोड़ेंगी। उन्होंने अपने दो छोटे बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए यह फैसला लिया है। लेविट ने क्यों छोड़ी नौकरी? लेविट ने इसी हफ्ते पद छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार और दो छोटे बच्चों को ज्यादा समय देना चाहती हैं। उन्होंने 1 मई 2026 को अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद वह मातृत्व अवकाश पर गई थीं और 16 जुलाई को प्रेस ब्रीफिंग में वापस लौटी थीं। ट्रम्प ने उनके फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी लेविट उनकी टीम से जुड़ी रहेंगी और बाहरी सलाहकार के तौर पर काम करेंगी। 26 साल की उम्र में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी बनीं कैरोलिन लेविट का जन्म 24 अगस्त 1997 को न्यू हैम्पशायर के एटकिंसन में हुआ। उनका परिवार राजनीति के बजाय छोटे कारोबार से जुड़ा था। पिता यूज्ड ट्रक का कारोबार करते थे और परिवार आइसक्रीम स्टैंड चलाता था। लेविट ने स्कूल-कॉलेज में सॉफ्टबॉल खेला और कम्युनिकेशन व पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की। कॉलेज के दौरान फॉक्स न्यूज में इंटर्नशिप की। इसके बाद ट्रम्प के पहले कार्यकाल में व्हाइट हाउस में काम किया और रिपब्लिकन सांसद एलिस स्टेफनिक की कम्युनिकेशन डायरेक्टर बनीं। 2022 में न्यू हैम्पशायर से कांग्रेस चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2024 में ट्रम्प के चुनाव अभियान की प्रेस सेक्रेटरी बनीं। जनवरी 2025 में 26 साल की उम्र में व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी बनकर इस पद पर पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति बनीं। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज रिपोर्टर से पूछा- आप उनकी जगह लेंगी? लेविट के जाने के बाद अगली प्रेस सेक्रेटरी कौन होगी, इसका अभी ऐलान नहीं हुआ है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्टर एलेक्सिस मैकएडम्स ने ट्रम्प से इसी बारे में सवाल किया। ट्रम्प ने मैकएडम्स की ओर देखकर कहा, “आप?” फिर उन्होंने पूछा, “आप उनकी जगह क्यों नहीं लेतीं?” ट्रम्प ने मैकएडम्स की तारीफ करते हुए कहा कि वह यह काम अच्छी तरह कर सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वह वास्तव में उन्हें अगली प्रेस सेक्रेटरी बनाने पर विचार कर रहे हैं या यह सिर्फ मजाक था। लेविट को इस्तीफे को लेकर अटकलें भी सामने आईं लेविट के पद छोड़ने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके फैसले को जुलाई में तुर्किये की राजधानी अंकारा में ट्रम्प से जुड़े एक सुरक्षा मामले से जोड़ने की कोशिश की। दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने दावा किया था कि सुरक्षा खतरे के कारण ट्रम्प को एक विमान से दूसरे विमान में भेजा गया और लेविट पीछे रह गईं। व्हाइट हाउस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि लेविट उस विमान में थीं ही नहीं। ट्रम्प ने भी कहा था कि सुरक्षा अधिकारियों ने ईरान से जुड़े संभावित खतरे के कारण विमान बदलने की सलाह दी थी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस डील से तीनों देश मिलकर अपनी रक्षा ज्यादा मजबूती से कर सकेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस डील से तीनों देश मिलकर अपनी रक्षा ज्यादा मजबूती से कर सकेंगे। ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे बहुत खुशी है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने आखिरकार मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। इससे पता चलता है कि मिडिल-ईस्ट एकजुट हो रहा है और देश अब ज्यादा मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे।” ट्रम्प ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए डील को “बड़ा, साहसी और अहम पहला कदम” बताया। 7 अगस्त को मक्का समझौते पर साइन हुए इस समझौते पर 7 अगस्त को मक्का में हस्ताक्षर हुए थे। समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए। एर्दोगन ने कहा है कि आगे दूसरे देश भी इस रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर मिस्र के जुड़ने की संभावना बताई है। डील का मकसद तीनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है। यानी किसी एक देश पर हमला होने पर बाकी दोनों देश उसके साथ खड़े होंगे। एक पर हमला हुआ तो बाकी दो देश साथ देंगे इस समझौते की सबसे बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब या तुर्किये में से किसी एक देश पर हमला हुआ तो इसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यानी जिस देश पर हमला होगा, उसे बाकी दोनों देशों का साथ मिलेगा। कैसे मदद करेंगे तीनों देश? भारत की भी इस डील पर नजर भारत ने कहा है कि वह इस समझौते के असर की समीक्षा कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत इसे अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। ———————- ये खबर भी पढ़ें… दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाएगा अमेरिका:ट्रम्प बोले- इससे नॉर्थ कोरिया को गलत मैसेज जाता है, किम जोंग उन से मेरे अच्छे रिश्ते अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले सैन्य अभ्यासों को कम करने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को अभ्यासों में कटौती करने का आदेश दिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

IND vs PAK: ‘भारतीय टीम हमसे बेहतर..’ हॉकी वर्ल्ड कप के मुकाबले से पहले PAK कप्तान ने मानी हार? जानें क्या कहा

FIH वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की टीमों का मुकाबला 19 अगस्त को होगा। भारत ने वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार अंदाज में टूर्नामेंट की शुरुआत की है। वहीं, पाकिस्तान को अपने पहले मैच में इंग्लैंड के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। अब दोनों टीमें अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के साथ मैदान पर उतरेंगी। भारत और पाकिस्तान को दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा गया है। वहीं मुकाबले से पहले पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अबू बकर महमूद ने बड़ा बयान दिया है। अबू बकर महमूद को उम्मीद है कि उनकी टीम वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ हार का सिलसिला खत्म करेगी।

भारत की रैंकिंग काफी अच्छा

इस बड़े मुकाबले से पहले पाकिस्तान के कप्तान अबू बकर महमूद ने PTI से कहा कि, “मुझे यह मानने में कोई झिझक नहीं है कि भारतीय टीम रैंकिंग में हमसे बहुत बेहतर है, लेकिन भारत-पाकिस्तान मैच में रैंकिंग मायने नहीं रखती। उस दिन का प्रदर्शन जरूरी है। ये मैच के दिन ही तय होगा कि कौन सी टीम अच्छा खेल रही है और जीतेगी।” पाकिस्तान ने आखिरी बार जून 2016 में लंदन में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत को 4-3 से हराया था। इसके बाद भारत ने हाल ही में FIH प्रो लीग के लंदन लेग में पाकिस्तान को 4-3 और 7-1 से मात दी थी। पाकिस्तान की हॉकी टीम आठ साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही है।

भारत ने जीते लगातार 2 मेडल

महमूद ने कहा, “भारत इकलौती एशियाई टीम है, जिसने लगातार दो ओलंपिक में मेडल जीते हैं। यह एशियाई हॉकी के लिए अच्छी बात है और हम उन्हें वर्ल्ड कप के लिए शुभकामनाएं देते हैं। हालांकि, इस बार हम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरे हैं।” महमूद को प्रो लीग में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

कप्तान ने क्या कहा

वर्ल्ड कप के लिए टीम के रवाना होने से पहले पाकिस्तान के डच हेड कोच हरमन क्रुइस अपने घर लौट गए। इसके बाद गोलकीपिंग कोच बॉब-जोहान वेल्डहोफ ने टीम की जिम्मेदारी संभाली। कप्तान अबू बकर महमूद ने कहा कि, “कोच अदनान जाकिर, बॉब और सपोर्ट स्टाफ ने पिछले एक महीने में टीम के साथ काफी मेहनत की है, जिसका अच्छा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि टीम को हर मैच में बेहतर खेल दिखाना होगा। पाकिस्तान का मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स है, लेकिन वर्ल्ड कप में टीम की कोशिश अंतिम आठ में जगह बनाने की होगी।”

अब रैंकिंग में 12वें स्थान पर हैं हम

28 साल के महमूद ने कहा कि वर्ल्ड कप और ओलंपिक हॉकी के सबसे बड़े टूर्नामेंट हैं। अगर कोई टीम इन दोनों में नहीं खेलती है, तो वह विश्व हॉकी का हिस्सा नहीं मानी जाती। उन्होंने कहा, “यह हमारी किस्मत है या फिर हमारी कड़ी मेहनत का नतीजा कि हम आठ साल बाद एक बार फिर वर्ल्ड कप में खेलने जा रहे हैं।” कैप्टन ने कहा, “प्रो लीग शुरू होने से पहले हम दुनिया में 14वें नंबर पर थे, लेकिन अब 12वें स्थान पर पहुंच गए हैं। हमने प्रो लीग में दुनिया की टॉप टीमों के खिलाफ खेला, जिससे हमें काफी कुछ सीखने का मौका मिला। प्रो लीग के पहले दो चरणों के बाद हमने वर्ल्ड कप क्वालिफायर में हिस्सा लिया और फाइनल तक पहुंचकर वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने प्रो लीग के आखिरी दो चरणों में कुछ नई चीजों को आजमाया। हम प्रो लीग में खिताब जीतने के इरादे से नहीं, बल्कि सीखने के लिए गए थे, क्योंकि हमने काफी समय से दुनिया की बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छे मुकाबले नहीं खेले थे। अब वर्ल्ड कप में हमारा प्रदर्शन बताएगा कि हमने वहां से कितना सीखा है।”

IND vs PAK: इस दिन आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान, जानें कहां देख पाएंगे हॉकी का ये मुकाबला

पुरुष और महिला FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का टूर्नामेंट बेल्जियम और नीदरलैंड्स की मेजबानी खेला जाएगा। हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जाएगा। वहीं इस वर्ल्ड कप में फैंस की नजरें भारत-पाकिस्‍तान के बीच होने वाले महामुकाबले पर टिकी है। दोनों देशों के बीच में हॉकी में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। भारत और पाकिस्तान की टीम को एक ही ग्रुप में रखा गया है। फैंस इस मुकबाले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं हॉकी वर्ल्ड कप में कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला।

16 टीमें लेंगी हिस्सा

पुरुष और महिला हॉकी वर्ल्ड कप में 16-16 टीमें हिस्सा लेंगी। पहले चरण में इन टीमों को चार ग्रुप में बांटा जाएगा, जिनके नाम A, B, C और D होंगे। इसके बाद प्रतियोगिता के दूसरे फेज में चार नए ग्रुप E, F, G और H बनाए जाएंगे। इस चरण में हर ग्रुप से बेहतर प्रदर्शन करने वाली दो टीमें आगे बढ़ेंगी और सीधे सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। वहीं इस बार का बदले हुए फॉर्मेट में खेला जाएगा। खास बात ये है कि इस बार टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल मुकाबले नहीं खेले जाएंगे।

कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला

भारतीय टीम को इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ पूल D में रखा गया है। भारत का पहला मुकबाला 15 अगस्त को वेल्स से भारतीय समयानुसार दोपहर 16:30 IST से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला इंग्लैंड से शाम 18:30 IST बजे 17 अगस्त को होगा। वहीं भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला 19 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे (18:30 IST) से होगा। दोनों टीमें नीदरलैंड के एमस्टेलवीन स्थित वैगनर स्टेडियम में एक दूसरे से भिड़ेंगी।

कब खेला जाएगा बाकी मुकाबला

FIH हॉकी वर्ल्ड कप का दूसरा फेज 21 से 24 अगस्त तक खेला जाएगा। इस दौरान पहले चरण में टीमों की रैंकिंग के आधार पर उन्हें चार नए ग्रुप में रखा जाएगा। वहीं टूर्नामेंट का तीसरा और आखिरी फेज 27 से 28 अगस्त तक खेला जाएगा। इस दौरान पूल E, F, G और H के नतीजों के आधार पर टीमों की 5वीं से 16वीं तक की रैंकिंग तय होगी और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों का फैसला भी होगा। पुरुष वर्ग में कांस्य पदक का मुकाबला और फाइनल 30 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।

कहां पर देख पाएंगे मुकाबला

भारत में हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबलों का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनलों पर किया जाएगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे JioHotstar ऐप के जरिए सभी मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकेंगे।

फेज 1 में इंडिया के मैच

इंडिया बनाम वेल्स, 16:30 IST (15 अगस्त)

इंडिया बनाम इंग्लैंड, 18:30 IST (17 अगस्त)

इंडिया बनाम पाकिस्तान, 18:30 IST (19 अगस्त)

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत की पुरुष टीम

गोलकीपर: मोहित HS, सूरज करकेरा

डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (c), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच

मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकंठ शर्मा, विवेक सागर प्रसाद

फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मंदीप सिंह, अभिषेक

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पाकिस्तान के 4 में से 2 सूबों में बागी तेवर:सरकार की पकड़ कमजोर; बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी चुनौती

पाकिस्तान के चार सूबे हैं। इनमें से बलूचिस्तान सूबे में अलगाववादी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने विद्रोह का झंडा बुलंद किया हुआ है। खैबर पख्तूनख्वा सूबे में अफगा​न तालिबान का दबदबा है। आए दिन तालिबान के हमलों से यहां पाक फौज के पांव उखड़ रहे हैं। पढ़िए बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा से भास्कर संवाददाता सिकंदर सूरी की ग्राउंड रिपोर्ट… बलूचिस्तान- PAK के हाथ से 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि पाकिस्तानी सेना कितने विद्रोहियों को मार रही है या पकड़ रही है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार यहां पुलिस थाने चला पा रही है? क्या हाईवे सुरक्षित हैं? क्या बाजार खुल रहे हैं? और क्या लोग बिना डर के एक शहर से दूसरे शहर जा सकते हैं? बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। गुस्सा… खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा है बलूचिस्तान को पाकिस्तान के खनिजों की खदान भी कहते हैं। बात शुरू की तो खुजदार शहर के युवक मोमिन का पाक सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा। मोमिन कहते हैं यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का कब्जा है। चीन ने सीपैक के नाम पर यहां लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीन की फिशिंग बोट्स का कब्जा है। स्थानीय बलूच मछुआरों को चीनी बोट्स खदेड़ देती हैं। इनकी बोट्स बड़ी और ज्यादा पावर वाली होती हैं। ज्यादातर बलूच मछुआरों के पास अब भी पालदार नौकाएं हैं। बलूच बेरोजगार हो रहे हैं। 55 साल के असलम का कहना है कि यहां के रेयर अर्थ मिनरल पर अमेरिका का कब्जा है। पाक आर्मी चीफ मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने मिनरल की नुमाइश करते हैं। इस खजाने पर केवल बलूचों का हक है। खैबर…यहां तालिबानी शरिया सरकार काबिज
खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान का फ्रंटियर यानी सरहदी इलाका है। डूरंड लाइन पाक और अफगानिस्तान को अलग करती है। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के पांच साल में खैबर के अधिकांश इलाके में इन्हीं का दबदबा है। खैबर में पाक सरकार के कानून नहीं तालिबान का शरिया चलता है। दरअसल, इस इलाके में विभाजन के समय से ही कबिलाई व्यवस्था लागू रही है। स्वात, सैदू, मिंगाेरा और मर्दन में ‘लोया जिरगा’ के जरिए ही कानून चलता है। ये जिरगा असल में शरिया कानून को लागू करती है। अफगान तालिबान इसका संरक्षक है। अफगान तालिबान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) संगठन को अपने ठिकानों में पनाह देता है। इमरान खान की सरकार ने 2021 में TTP के साथ सुलह की कोशिश की, लेकिन इमरान की गद्दी जाते ही TTP ने खैबर में अपने दबदबे को और बढ़ा लिया है। खैबर के वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना कई सैन्य ऑपरेशन कर चुकी है, लेकिन यहां अब TTP काबिज है। आए दिन TTP के हमलों के कारण स्कूल और काॅलेज बंद रहते हैं। पंजाब और सिंध के मूल निवासी कर्मचारी खैबर में अपनी पोस्टिंग नहीं चाहते हैं। खौफ… हमलों से पाक की 50 फौजी चौकियां खाली खैबर पख्तूनख्वा में TTP के आए दिन होने वाले हमलों से पाक सेना में खौफ है। इस साल TTP फौज पर 145 से ज्यादा हमले कर चुकी है, इनमें 48 सैनिक मारे गए। खैबर में डूरंड लाइन पर अभी पाक सेना की 50 फौजी चौकियां खाली हैं। 22 पोस्ट पर ही पाक फौज तैनात है। स्वात में रहने वाले सगीर (22) का कहना है कि खैबर के लोग अपनी हुकूमत चाहते हैं। पाक सरकारों ने यहां पंजाबियों और सिंध के रिटायर्ड फौजियों को मुफ्त जमीन देकर बसाने की कोशिशें भी कीं। ये हमारी कबिलाई पहचान को मिटाने की साजिश थी। एक रणनीतिक विशेषज्ञ का कहना है कि TTP और इस्लामिक स्टेट खुरासान यानी आईएसकेपी जैसे संगठन हमलों में आपसी सहयोग कर रहे हैं। इन दोनों संगठनों की ताकत से अब खैबर में पाक सरकार के पांव उखड़ रहे हैं।

पाकिस्तान के 4 में से 2 सूबों में बागी तेवर:सरकार की पकड़ कमजोर; बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी चुनौती

पाकिस्तान के चार सूबे हैं। इनमें से बलूचिस्तान सूबे में अलगाववादी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने विद्रोह का झंडा बुलंद किया हुआ है। खैबर पख्तूनख्वा सूबे में अफगा​न तालिबान का दबदबा है। आए दिन तालिबान के हमलों से यहां पाक फौज के पांव उखड़ रहे हैं। पढ़िए बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा से भास्कर संवाददाता सिकंदर सूरी की ग्राउंड रिपोर्ट… बलूचिस्तान- PAK के हाथ से 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि पाकिस्तानी सेना कितने विद्रोहियों को मार रही है या पकड़ रही है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार यहां पुलिस थाने चला पा रही है? क्या हाईवे सुरक्षित हैं? क्या बाजार खुल रहे हैं? और क्या लोग बिना डर के एक शहर से दूसरे शहर जा सकते हैं? बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। गुस्सा… खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा है बलूचिस्तान को पाकिस्तान के खनिजों की खदान भी कहते हैं। बात शुरू की तो खुजदार शहर के युवक मोमिन का पाक सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा। मोमिन कहते हैं यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का कब्जा है। चीन ने सीपैक के नाम पर यहां लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीन की फिशिंग बोट्स का कब्जा है। स्थानीय बलूच मछुआरों को चीनी बोट्स खदेड़ देती हैं। इनकी बोट्स बड़ी और ज्यादा पावर वाली होती हैं। ज्यादातर बलूच मछुआरों के पास अब भी पालदार नौकाएं हैं। बलूच बेरोजगार हो रहे हैं। 55 साल के असलम का कहना है कि यहां के रेयर अर्थ मिनरल पर अमेरिका का कब्जा है। पाक आर्मी चीफ मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने मिनरल की नुमाइश करते हैं। इस खजाने पर केवल बलूचों का हक है। खैबर…यहां तालिबानी शरिया सरकार काबिज
खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान का फ्रंटियर यानी सरहदी इलाका है। डूरंड लाइन पाक और अफगानिस्तान को अलग करती है। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के पांच साल में खैबर के अधिकांश इलाके में इन्हीं का दबदबा है। खैबर में पाक सरकार के कानून नहीं तालिबान का शरिया चलता है। दरअसल, इस इलाके में विभाजन के समय से ही कबिलाई व्यवस्था लागू रही है। स्वात, सैदू, मिंगाेरा और मर्दन में ‘लोया जिरगा’ के जरिए ही कानून चलता है। ये जिरगा असल में शरिया कानून को लागू करती है। अफगान तालिबान इसका संरक्षक है। अफगान तालिबान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) संगठन को अपने ठिकानों में पनाह देता है। इमरान खान की सरकार ने 2021 में TTP के साथ सुलह की कोशिश की, लेकिन इमरान की गद्दी जाते ही TTP ने खैबर में अपने दबदबे को और बढ़ा लिया है। खैबर के वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना कई सैन्य ऑपरेशन कर चुकी है, लेकिन यहां अब TTP काबिज है। आए दिन TTP के हमलों के कारण स्कूल और काॅलेज बंद रहते हैं। पंजाब और सिंध के मूल निवासी कर्मचारी खैबर में अपनी पोस्टिंग नहीं चाहते हैं। खौफ… हमलों से पाक की 50 फौजी चौकियां खाली खैबर पख्तूनख्वा में TTP के आए दिन होने वाले हमलों से पाक सेना में खौफ है। इस साल TTP फौज पर 145 से ज्यादा हमले कर चुकी है, इनमें 48 सैनिक मारे गए। खैबर में डूरंड लाइन पर अभी पाक सेना की 50 फौजी चौकियां खाली हैं। 22 पोस्ट पर ही पाक फौज तैनात है। स्वात में रहने वाले सगीर (22) का कहना है कि खैबर के लोग अपनी हुकूमत चाहते हैं। पाक सरकारों ने यहां पंजाबियों और सिंध के रिटायर्ड फौजियों को मुफ्त जमीन देकर बसाने की कोशिशें भी कीं। ये हमारी कबिलाई पहचान को मिटाने की साजिश थी। एक रणनीतिक विशेषज्ञ का कहना है कि TTP और इस्लामिक स्टेट खुरासान यानी आईएसकेपी जैसे संगठन हमलों में आपसी सहयोग कर रहे हैं। इन दोनों संगठनों की ताकत से अब खैबर में पाक सरकार के पांव उखड़ रहे हैं।

पाकिस्तान में आत्मघाती हमला, 7 की मौत:खैबर पख्तूनख्वा में युवक ने थाने में जाकर ब्लास्ट किया, 18 लोग गंभीर घायल

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को एक पुलिस स्टेशन के बाहर आत्मघाती हमला हुआ। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया डॉन के मुताबिक, हमले के समय पास के काबल चौक पर आतंकवाद के खिलाफ शांति रैली चल रही थी। स्वात के जिला पुलिस अधिकारी उमर खान के मुताबिक, इसी दौरान एक युवक काबल पुलिस स्टेशन के गेट पर पहुंचा। पुलिस वालों ने उसे रोककर तलाशी लेने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका। इससे पहले पुलिस हरकत में आती, युवक को खुद को ब्लास्ट कर दिया। धमाका जिस वक्त हुआ तब रैली में आखिरी वक्ता का भाषण हो रहा था। धमाके की आवाज सुनकर रैली में मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। घायलों को सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सबूत जुटाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। घटना की तस्वीरें… खबर अपडेट हो रही है… पाकिस्तान में धमाकों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. पाकिस्तान में दो बम धमाके, 7 लोगों की मौत:रिमोट कंट्रोल से गाड़ियों को निशाना बनाया, अबतक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी बन्नू जिले में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो बम धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, पहला धमाका वजीर उपखंड के फांग मूसा खेल इलाके में हुआ। इसमें एक यात्री गाड़ी को निशाना बनाया गया। गाड़ी डोमेल की ओर जा रही थी, तभी रिमोट कंट्रोल से धमाका किया गया। इसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें… 2. ISIS ने इस्लामाबाद शिया मस्जिद में धमाके की जिम्मेदारी ली:PAK ने भारत को जिम्मेदार बताया, भारत बोला- पाकिस्तान खुद को धोखा दे रहा पाकिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन ISIS ने इस्लमाबाद की शिया मस्जिद में हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है। इस मामले में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में इस हमले का मास्टरमाइंड भी शामिल है। इस हमले में 31 लोग मारे गए थे और 169 अन्य घायल हो गए थे। आत्मघाती हमलावर ने खदीजा अल-कुबरा मस्जिद (इमामबाड़ा) में खुद को उड़ा लिया था। पूरी खबर पढ़ें…

Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

ये भी पढ़ें- जंतर-मंतर पर हमले की थी साजिश, गर्लफ्रेंड के सोशल मीडिया पोस्ट से खुली PAK आतंकी की पोल

केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

PAK आर्मी की बर्बरता! बलूच लड़की को मारी गोली, फिर हमास स्टाइल में निकाला परेड

बलूचिस्तान में इन दिनों पाकिस्तान के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। कई बलूच समूह और कार्यकर्ता पाकिस्तान की सेना और वहां की खुफिया एजेंसियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैंय़ बलूचों ने पाकिस्तानी सेना को सीधी चुनौती दे दी कि बलूचिस्तान छोड़कर चले जाएं। वहीं इनसबके बीच बलूच लोगों पर पाक सेना का दमन भी बढ़ता जा रहा है। बलूचिस्तान से सामने आई कुछ रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद पाकिस्तान की सेना की कार्रवाई को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।

सामने आया हैरान कर देना वाला वीडियो 

वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सेना की कार्रवाई के दौरान एक लड़की की मौत हो गई और बाद में उसके शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। हालांकि, इस वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। वहीं, बलूचिस्तान में लंबे समय से पाकिस्तान की सेना की कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब बलूचिस्तान में हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ा हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, 5 जुलाई से शुरू किए गए आतंकवाद-रोधी अभियान के बाद से पाकिस्तान सरकार की कार्रवाई में कई लोगों की मौत हुई है।

रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना पर आरोप है कि उसने एक लड़की को गोली मार दी। इसके बाद उसके शव को एक बख्तरबंद सैन्य वाहन के आगे रखकर सड़कों पर घुमाया गया। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों और वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

पीओके में पाक सेना की बर्रबता है जारी

इस बीच, सोमवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलकोट इलाके से हिंसा की खबरें सामने आईं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि सरकार इन प्रदर्शनकारियों को “भारत जैसा दुश्मन” मानती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल एक वीडियो में ख्वाजा आसिफ कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं, “मैं POK के प्रदर्शनकारियों को भारत की श्रेणी में रखता हूं और उन्हें भी भारत की तरह दुश्मन मानता हूं।” वहीं, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पिछले दो दिनों के दौरान रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। हालांकि, इन मौतों की संख्या और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।