पाकिस्तान में शनिवार को आत्मघाती हमले में 11 लोगों की मौत हो गई। वहीं, धमाके में करीब 30 लोग घायल हुए हैं। हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में सड़क किनारे बनी पुलिस चौकी पर हुआ। पुलिस के मुताबिक, हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन में धमाका किया। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। धमाके के कुछ देर बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने बयान जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली है। TTP और अफगान तालिबान अलग-अलग संगठन हैं, लेकिन दोनों के बीच करीबी संबंध हैं। पाकिस्तान में जनवरी से अब तक 990 आतंकी घटनाएं हुई हैं। इनमें 1,129 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस चौकी पर हुए धमाके की 4 तस्वीरें… पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ है तहरीक-ए-तालिबान 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया था। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए थे। PAK ने अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी पाकिस्तान ने गुरुवार को अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने कहा कि ये हमले अफगानिस्तान से एक दिन पहले हुए ड्रोन हमलों के जवाब में किए गए हैं। तारड़ के मुताबिक, इन 10 जगहों का इस्तेमाल ड्रोन लॉन्च करने और उन्हें रखने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि इन ठिकानों की पहचान की गई और सटीक तरीके से हमलों को अंजाम दिया गया। 5 दिन पहले भी हुई थी एयरस्ट्राइक सोमवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने दावा किया था कि इसमें 28 आतंकी मारे गए। वहीं, अफगान अधिकारियों ने कहा था कि हमले में कम से कम 3 नागरिकों की मौत हुई और 4 घायल हुए। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। ———————- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में आत्मघाती हमला, 8 पुलिसकर्मियों समेत 19 की मौत: खैबर पख्तूनख्वा में युवक ने थाने में जाकर ब्लास्ट किया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को एक पुलिस स्टेशन के बाहर आत्मघाती हमला हुआ। इसमें 8 पुलिसकर्मी समेत 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को एक पाकिस्तानी रिपोर्टर पर तंज कसा। रिपोर्टर ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इस पर जयशंकर ने कहा, “एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।” रिपोर्टर के सवाल का जवाब देने के बाद वे मुस्कुराए और वहां से निकल गए। जयशंकर के पाकिस्तानी पत्रकार को जवाब देने का VIDEO दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान भारत की विदेश नीति, वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई पर बातचीत हो रही थी। 4 साल पहले भी ऐसा ही जवाब दिया था इससे पहले दिसंबर 2022 में न्यूयॉर्क में एक पाकिस्तानी पत्रकार ने जयशंकर से पूछा था कि दक्षिण एशिया आखिर कब तक भारत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद का सामना करता रहेगा। इस पर जयशंकर ने कहा था, आप गलत मंत्री से सवाल पूछ रहे हैं। पाकिस्तान कब तक आतंकवाद जारी रखना चाहता है, यह पाकिस्तान के मंत्री बताएंगे। भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद बड़ा विवाद भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद का मुद्दा लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठता रहा है। भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का भी मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान में मौजूद या वहां से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों और आतंकवाद की फंडिंग का मुद्दा भी उठाया है। वहीं, पाकिस्तान भारत के आरोपों को खारिज करता रहा है। जयशंकर ने समुद्री जहाजों पर हमलों का मुद्दा उठाया जयशंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खाड़ी, लाल सागर और ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ये अब कभी-कभार होने वाली घटनाएं नहीं रह गई हैं। समुद्री रास्तों पर ऐसे हमले दुनिया के व्यापार और लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं। पिछले 3 महीने में 7 भारतीयों की मौत, 1 लापता 8 जुलाई- ब्लैक सी में MV ओमोर्फी पर हमले में भारतीय चीफ ऑफिसर की मौत हुई। 19 जुलाई- MV गोल्डन लियो पर हमले में चार भारतीय नाविक मारे गए। 9 सितंबर- होर्मुज स्ट्रेट में एल गैया टैंकर पर हमला हुआ, जिसके बाद एक भारतीय क्रू सदस्य लापता हो गया। 17 सितंबर- ओमान की खाड़ी में MV केप डाओ पर हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हुई। कल UNGA में बोलेंगे जयशंकर विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के हाई लेवल सेशन में 26 सितंबर को भारत का पक्ष रखेंगे। अपने संबोधन के दौरान वह वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष दुनिया के सामने रखेंगे। पिछले साल भी जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में भारत का पक्ष रखा था। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति जीरो टॉलरेंस की है। विदेश मंत्री ने आतंकवाद को बढ़ावा देने और आतंकियों को पनाह देने वाले देशों को जवाबदेह ठहराने की बात कही थी। ————————– यह खबर भी पढ़ें… UN में 75 देशों ने नेतन्याहू का बायकॉट किया:हूटिंग हुई तो 3 मिनट चुप खड़े रहे, फिर बोले- कायर बाहर चले जाएं
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण दिया। जैसे ही वो मंच पर आए तो 75 देशों के प्रतिनिधियों ने हूटिंग करके उनका विरोध किया, फिर बाहर चले गए। पूरी खबर यहां पढ़ें…
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचे। यहां पत्रकारों ने उनसे लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को लेकर सवाल किया, लेकिन शहबाज सवालों को नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ गए। UN मुख्यालय में दाखिल होते समय पत्रकारों ने शहबाज से पूछा, “प्रधानमंत्री, आप आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” शहबाज ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। बाहर निकलते समय पत्रकारों ने फिर पूछा कि पाकिस्तान हाफिज सईद पर कार्रवाई कब करेगा, लेकिन शहबाज ने दोबारा कोई जवाब नहीं दिया। हाफिज सईद 26/11 मामले में आरोपी हाफिज सईद प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का संस्थापक है। भारत ने उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया है। वह 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में आरोपी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट में भी सईद को आरोपी बनाया है। NIA ने उसे कथित साजिश में आरोपी नंबर 8 बताया है और पाकिस्तान स्थित LeT के आतंकियों की भूमिका का आरोप लगाया है। भारत बोला- PAK आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों को घर छोड़ने पर मजबूर किया संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में कश्मीर और अल्पसंख्यकों को लेकर पाकिस्तान के बयान पर भारत ने पलटवार किया। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान ने जिन आतंकियों को हथियार और ट्रेनिंग दी, उन्हीं ने 1990 में कश्मीरी पंडितों को उनके घरों से निकलने पर मजबूर किया। पाकिस्तान ने भारत में कश्मीर और अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे। त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान को भारत पर सवाल उठाने से पहले अपने यहां के हालात देखने चाहिए। त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकियों को हथियार और ट्रेनिंग देकर भारत भेजा। उन्होंने कहा कि यही आतंकी बाद में कश्मीर में अलग-अलग धर्मों के लोगों को निशाना बनाते रहे, जिनमें बड़ी संख्या में मुस्लिम भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि जिस पाकिस्तान ने इन आतंकियों को समर्थन दिया, वही अब UN में मानवाधिकारों की बात कर रहा है। भारत ने पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया भारत ने पाकिस्तान में हिंदू, सिख और ईसाई समुदायों की स्थिति का भी मुद्दा उठाया। त्यागी ने जबरन धर्म परिवर्तन और शादी, ईशनिंदा कानून और शिया, अहमदिया, इस्माइली और हजारा समुदायों के खिलाफ भेदभाव का जिक्र किया। त्यागी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। उन्होंने पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर के उसके कब्जे वाले हिस्से को खाली करने को कहा। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को अपनी कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने की सलाह दी। ————————
पाकिस्तान ने गुरुवार तड़के अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान का कहना है कि इन ठिकानों से एक दिन पहले उसके खिलाफ ड्रोन हमले किए गए थे। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, इससे पहले अफगान तालिबान बलों ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर गोलाबारी की थी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सीमा पार घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के बाद यह कार्रवाई की गई। अफगानिस्तान ने इन ताजा हमलों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हमले से जुड़ी 2 तस्वीरें… पाकिस्तान ने 8 ड्रोन मार गिराने का दावा पाकिस्तान ने बुधवार को दावा किया कि उसकी सुरक्षा बलों ने 8 ड्रोन मार गिराए। अधिकारियों के मुताबिक, ये ड्रोन अफगान तालिबान ने भेजे थे और कोहाट व तोर्खम में घुसने की कोशिश कर रहे थे। सभी ड्रोन सीमा के पास ही गिरा दिए गए। पाकिस्तान के मुताबिक, इनसे कोई नुकसान नहीं हुआ। दूसरी तरफ अफगानिस्तान ने इन हमलों से इनकार किया था। अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बुधवार को कहा था कि हमारे सुरक्षा बलों ने कोई हमला नहीं किया। PAK का आरोप- TTP के आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकियों ने पक्तिया और नंगरहार से पाकिस्तान में घुसने की कोशिश की। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इसे नाकाम कर दिया। इसके बाद अफगान तालिबान बलों ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर मोर्टार और भारी हथियारों से गोलाबारी की। जवाब में पाकिस्तान ने तालिबान की चौकियों और मोर्टार ठिकानों पर तोपों से हमला किया। पाकिस्तान TTP को ‘फितना-उल-खवारिज’ कहता है। TTP और अफगान तालिबान अलग संगठन हैं। हालांकि, दोनों के बीच गठजोड़ बताया जाता है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। 3 दिन पहले भी हुई थी एयरस्ट्राइक सोमवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने दावा किया था कि इसमें 28 आतंकी मारे गए। वहीं, अफगान अधिकारियों ने कहा था कि हमले में कम से कम 3 नागरिकों की मौत हुई और 4 घायल हुए। खबर अपडेट हो रही है….
संयुक्त अरब अमीरात (UAE ) ने 4 हजार से ज्यादा बांग्लादेशियों के वीजा रद्द कर दिए हैं। इनमें कई ऐसे लोग हैं, जो UAE में नौकरी या कारोबार कर रहे थे और छुट्टी मनाने बांग्लादेश गए थे। ये लोग अब UAE वापस नहीं जा पा रहे हैं। इन लोगों को वीजा रद्द करने की कोई साफ वजह नहीं बताई गई है। कई लोगों को ईमेल या मोबाइल मैसेज से इसकी जानकारी मिली। बांग्लादेश सरकार ने मामला राजनयिक स्तर पर UAE के सामने उठाया है और वीजा रद्द करने के मामलों की दोबारा जांच की मांग की है। प्रभावित लोगों ने सरकार को 22 सितंबर तक समाधान निकालने का समय दिया है। 27 साल से UAE में थे, छुट्टी से लौटे तो वीजा रद्द जिन लोगों का वीजा रद्द हुआ है उनमें अबुल कलाम आजाद भी शामिल हैं। वे पिछले 27 साल से UAE में रह रहे थे। 7 अप्रैल को छुट्टी पर बांग्लादेश लौटे थे। करीब साढ़े तीन महीने बाद 24 जुलाई को उन्हें ईमेल मिला, जिसमें बताया गया कि उनका वीजा रद्द कर दिया गया है। आजाद ने द डेली स्टार को बताया कि उन्हें वीजा रद्द करने का कारण नहीं बताया गया। अबुल कलाम आजाद उन 350 बांग्लादेशियों में शामिल थे, जो 7 सितंबर को ढाका के नेशनल प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इन लोगों ने सरकार से मामले का समाधान निकालने की मांग की। अन्य लोगों ने भी बताया कि जुलाई से उन्हें ईमेल या मोबाइल मैसेज के जरिए वीजा रद्द होने की जानकारी मिलने लगी। कुछ लोगों के UAE में मौजूद स्पॉन्सर को भी इसकी सूचना दी गई। किसी पर केस नहीं, फिर भी वापस नहीं जा पा रहे एक व्यक्ति ने द डेली स्टार को बताया कि UAE में उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला या कानूनी विवाद नहीं है। इसके बावजूद उसका वीजा रद्द कर दिया गया। उसने बताया कि UAE में उसके दो कारोबार हैं और उसकी पत्नी दुबई में रहती हैं। अब वह वापस जाने की अनुमति के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। UAE में 12 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी बांग्लादेश ने 1976 में UAE में अपने लोगों को नौकरी के लिए भेजना शुरू किया था। फिलहाल UAE में 12 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी रह रहे हैं। इनमें नौकरी करने वालों के अलावा कारोबारी और दूसरे काम करने वाले लोग भी शामिल हैं। बांग्लादेश के प्रवासी कल्याण और विदेश रोजगार राज्य मंत्री नुरुल हक नूर ने 7 सितंबर को फेसबुक पर बताया था कि उनके मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को करीब 4 हजार बांग्लादेशियों के वीजा रद्द होने की जानकारी है। इसके बाद बांग्लादेश के मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से प्रभावित लोगों की संख्या 4,800 तक बताए जाने की खबरें आईं। हालांकि, UAE सरकार ने अब तक सार्वजनिक रूप से 4,800 वीजा रद्द होने की संख्या की पुष्टि नहीं की है। प्रभावित लोग बोले- दूसरे देशों में रोजगार की व्यवस्था हो 7 सितंबर को नेशनल प्रेस क्लब में हुए कार्यक्रम में प्रभावित बांग्लादेशियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। आखिर वीजा रद्द क्यों किए गए? वीजा रद्द करने की कोई एक आधिकारिक वजह अभी तक सामने नहीं आई है। सेंटर फॉर नॉन-रेजिडेंट बांग्लादेशी के अध्यक्ष एमएस शेखिल चौधरी के मुताबिक, मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच UAE ने प्रवासियों की जांच और निगरानी बढ़ा दी है। उनका कहना है कि अब वीजा समय पर रिन्यू हुआ है या नहीं, दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी तो नहीं है और सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियां कैसी हैं, इन चीजों की ज्यादा जांच की जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा कि जिन लोगों के वीजा रद्द हुए हैं, उनके मामले में यही वजह थी। चौधरी के मुताबिक, मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति का असर UAE की जांच प्रक्रिया पर पड़ता दिख रहा है। ऐसे में बांग्लादेश सरकार को UAE के साथ इस मामले पर और बातचीत करनी चाहिए। अब आगे क्या होगा? प्रभावित लोगों ने बांग्लादेश सरकार को 22 सितंबर तक इस मामले का समाधान निकालने का समय दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि UAE वीजा रद्द करने की वजह कब और क्या बताता है। साथ ही, यह भी देखना होगा कि प्रभावित लोगों को दोबारा UAE लौटकर अपनी नौकरी या कारोबार शुरू करने की इजाजत मिलती है या नहीं। —————————- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी नेवी शिप अरब सागर में भारतीय युद्धपोत से टकराया: दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाज से टकराया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के जहाजों की टक्कर हुई। घटना उत्तर अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई। भारत के मुताबिक, नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय युद्धपोत के पास पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और असुरक्षित तरीके से दिशा बदली। इसी दौरान दोनों जहाज टकरा गए। घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के व्यवहार को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताया। दिशा बदलने के दौरान दोनों की टक्कर हुई ANI के मुताबिक, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज रफ्तार से भारतीय जहाज के करीब आ गया। पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह अपनी दिशा बदली, उसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर बताया गया है। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच दूरी लगातार कम होती गई और आखिर में वे आपस में टकरा गए। टक्कर में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, अभी दोनों जहाजों के नाम और टक्कर की सही जगह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। 35 साल पुराने समझौते का उल्लंघन बताया भारत ने कहा कि पाकिस्तानी जहाज का यह कदम अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के आर्टिकल 10 के खिलाफ है। दरअसल, दोनों देशों ने पहले से तय कर रखा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्र में उनके सैन्य जहाज और पनडुब्बियां एक-दूसरे के बहुत करीब नहीं आएंगे। इसका मकसद समुद्र में जहाजों की टक्कर और किसी दूसरी दुर्घटना से बचना है। इस समझौते में दोनों देशों की सेनाओं की गतिविधियों को लेकर कई नियम हैं। इनमें सैन्य अभ्यास और सैनिकों की आवाजाही की जानकारी पहले देने के नियम भी शामिल हैं। साथ ही, समुद्र में युद्धपोतों और पनडुब्बियों के बीच दूरी को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। आर्टिकल 10 के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय समुद्र में भारत और पाकिस्तान के युद्धपोत और पनडुब्बियां एक-दूसरे से 3 नॉटिकल मील यानी करीब 5.56 किलोमीटर से कम दूरी पर नहीं आ सकते। भारत ने पाकिस्तान से क्या कहा? विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा कि वह भारत की आपत्ति पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। भारत ने कहा कि समुद्र में सभी सैन्य जहाजों को सावधानी से काम करना चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने को कहा गया है। क्या पहले भी हुई है ऐसी घटना? भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है। 2011 में भारतीय नौसेना के INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के पीएनएस बाबर के बीच भी टक्कर की स्थिति बनी थी। उस समय दोनों देशों ने एक-दूसरे के जहाज पर खतरनाक तरीके से चलने का आरोप लगाया था। भारत ने तब भी 1991 के समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया था। मौजूदा मामले में भी भारत ने समुद्र में तय नियमों और दोनों देशों के जहाजों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने को लेकर आपत्ति जताई है।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेटर इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने 52 साल की उम्र में दूसरी शादी कर ली है। जेमिमा ने 62 साल के आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई करोड़पति कैमरन ओ’राइली से शादी की है। दोनों की शादी इमरान खान से तलाक के 22 साल बाद हुई है। इमरान और जेमिमा का तलाक 2004 में हुआ था। हालांकि, जेमिमा और कैमरन ने खुद अपनी शादी की जानकारी सार्वजनिक नहीं की। जेमिमा की भाभी जेमिमा जोन्स ने इसकी जानकारी दी। जोन्स, जेमिमा के भाई बेन गोल्डस्मिथ की पत्नी हैं। उन्होंने 13 सितंबर को इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की। जेमिमा ने 1995 में इमरान खान से की थी शादी जेमिमा ने पहली शादी इमरान खान से 1995 में की थी। उस समय जेमिमा की उम्र सिर्फ 21 साल थी, जबकि इमरान खान 42 साल के थे। इमरान तब क्रिकेट की दुनिया में बड़ा नाम थे और राजनीति में कदम रखने की तैयारी कर रहे थे। दोनों की उम्र में 21 साल का अंतर था। इसके अलावा दोनों की संस्कृति भी अलग थी। इसी वजह से जेमिमा के माता-पिता इस रिश्ते को लेकर शुरुआत में चिंतित थे। शादी के बाद दोनों के दो बेटे हुए, सुलेमान ईसा और कासिम। जेमिमा और इमरान का जून 2004 में तलाक हो गया। तलाक के बाद जेमिमा अपने दोनों बच्चों के साथ लंदन लौट गईं। वहां उन्होंने डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और स्क्रीनराइटर के तौर पर काम शुरू किया। निजी समारोह में हुई शादी डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, जेमिमा और कैमरन ने एक निजी समारोह में शादी की। शादी बेहद गुपचुप तरीके से हुई और इससे पहले मीडिया को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक फिल्म और डॉक्यूमेंट्री पर काम करने के दौरान हुई थी। कैमरन इस प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर थे। पहले दोनों में दोस्ती हुई और बाद में यह रिश्ता आगे बढ़ गया। दोनों एक साल से ज्यादा समय से चुपचाप डेट कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने शादी कर ली। कैमरन ने ऑक्सफोर्ट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की कैमरन ओ’राइली दिवंगत आयरिश मीडिया कारोबारी सर एंथनी ओ’राइली के बेटे हैं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। कैमरन ऑस्ट्रेलिया की बड़ी मीडिया कंपनियों में शामिल APN न्यूज एंड मीडिया के CEO भी रह चुके हैं। यह कंपनी अब ARN मीडिया के नाम से जानी जाती है। इसके बाद उन्होंने ‘बेयार्ड कैपिटल’ नाम की प्राइवेट इक्विटी कंपनी शुरू की। कैमरन की पहली शादी से चार बच्चे हैं। अरबपति परिवार से हैं जेमिमा जेमिमा गोल्डस्मिथ दिवंगत अरबपति कारोबारी सर जेम्स गोल्डस्मिथ और लेडी एनाबेल गोल्डस्मिथ की बेटी हैं। उनकी मां लंदन की मशहूर सोशलाइट थीं। लेडी एनाबेल का करीब एक साल पहले निधन हुआ था, जबकि जेमिमा के पिता सर जेम्स की मौत 1997 में हुई थी। जेमिमा लंबे समय से राजनीति, मीडिया और सामाजिक काम से जुड़ी रही हैं। पहली शादी और तलाक के बाद से उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को काफी हद तक मीडिया से दूर रखा है। दूसरी शादी के बारे में उन्होंने अब तक खुद सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। ———————- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख किया पाकिस्तान ने भारतीय संसद पर हमले के आरोपी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
कनाडा में बीफ बनाने से रोकने को लेकर भारतवंशी मकान मालकिन और किराएदार के बीच विवाद हो गया। किराएदार का आरोप है कि मकान मालकिन ने उसका खाना फेंक दिया। उसने यह भी आरोप लगाया कि महिला उसकी इजाजत के बिना घर में घुसीं और ताले बदल दिए। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने भारतवंशी महिला को गिरफ्तार कर लिया। मामले से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। किराएदार ने शेयर किए झगड़े के वीडियो गार्डन में खाना बनाने से शुरू था विवाद किराएदार के मुताबिक, वह अपने एक दोस्त के साथ गार्डन में बारबेक्यू पर खाना बना रहा था। इसी दौरान मकान मालकिन राज तिवान वहां पहुंचीं और उन्हें रोकने लगीं। किराएदार ने इस मामले से जुड़े वीडियो शेयर किए। इनमें राज तिवान दीवार पर पड़े निशानों की ओर इशारा करती नजर आ रहीं थीं। किराएदार ने उनसे वहां से जाने को कहा। इसके बाद दोनों के बीच बहस तेज हो गई। किराएदार के दोस्त ने मोबाइल से पूरी घटना रिकॉर्ड कर ली। राज तिवान ने बारबेक्यू पर रखा खाना हटाया दूसरे वीडियो में राज तिवान बारबेक्यू पर रखा खाना हटाती हुई दिखाई दीं। किराएदार ने इसका विरोध किया और आरोप लगाया कि वह उन्हें डराने की कोशिश कर रही हैं। वीडियो में वह कहती सुनाई दे रही हैं कि वह अपनी प्रॉपर्टी पर उन्हें खाना बनाने की इजाजत नहीं दे सकतीं। इसके बाद राज तिवान ने पुलिस बुलाने की बात कही। इंस्टाग्राम अकाउंट पर झगड़े के कई वीडियो हुए पोस्ट विवाद के बाद किराएदार ने Tiwana Farm Survivor नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से कई वीडियो पोस्ट किए। उसका दावा था कि बारबेक्यू को लेकर हुआ झगड़ा कोई अकेली घटना नहीं थी। एक और वीडियो में महिला किराएदार के घर के अंदर जाती नजर आ रही थी। वीडियो में दोनों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी दिखाई दी। इस दौरान किराएदार बार-बार तिवान को घर से बाहर जाने के लिए कहता रहा। किराएदार का आरोप है कि मकान मालकिन उसकी गैरमौजूदगी में घर में घुसीं और बाद में ताले भी बदल दिए। पुलिस ने महिला मकान मालकिन को गिरफ्तार किया विवाद बढ़ने के बाद पुलिस राज तिवान के घर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें हथकड़ी लगाई और अपने साथ ले गई। इस मामले में सामने आए दावे किराएदार की ओर से हैं। राज तिवाना ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखा है या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… PAK गई पंजाबी महिला का मुस्लिम पति हाईकोर्ट में तलब:पहली पत्नी ने केस किया पंजाब के कपूरथला से पाकिस्तान गई सरबजीत कौर के मुस्लिम पति नासिर हुसैन को लाहौर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब के कपूरथला से पाकिस्तान गई सरबजीत कौर के मुस्लिम पति नासिर हुसैन को लाहौर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। यह नोटिस नासिर की पहली पत्नी सायमा हुसैन की याचिका पर जारी हुआ है। कोर्ट ने नासिर को 16 सितंबर को पेश होने के लिए कहा है। सायमा हुसैन ने वकील अली चंगेजी संधू के जरिए याचिका दायर की है। इसमें नासिर पर पहली पत्नी की अनुमति के बिना दूसरी शादी करने का आरोप लगाया गया है। जिसमें सायमा हुसैन और उसके भाई मुहम्मद नदीम ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज करवाए हैं। सायमा ने आरोप लगाया कि सरबजीत ने नासिर के साथ मिलकर उसके घर पर कब्जा कर लिया और उन्हें चार बच्चों के साथ घर से बाहर कर दिया। सायमा ने बच्चों के गुजारा भत्ते और रहने की व्यवस्था की मांग की है। वकील अली चंगेजी संधू सायमा हुसैन के अलावा सरबजीत कौर के भारतीय पति करनैल सिंह और पाकिस्तान के पूर्व अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री महेंद्र पाल सिंह की ओर से भी पैरवी कर रहे हैं। सरबजीत कौर को पाकिस्तान से निर्वासित किए जाने से जुड़ी याचिका भी लाहौर हाईकोर्ट में लंबित है। याचिका में सायमा ने ये बातें कही…4 पॉइंट दूसरी शादी के लिए पहली पत्नी की अनुमति जरूरी वकील अली चंगेजी संधू के मुताबिक, पाकिस्तान के मुस्लिम फैमिली लॉज ऑर्डिनेंस 1961 की धारा 6 के तहत दूसरी शादी के लिए तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। इसके लिए आर्बिट्रेशन काउंसिल से अनुमति लेने के साथ पहली पत्नी की अनुमति भी जरूरी है। बिना जरूरी अनुमति दूसरी शादी करने पर एक साल तक की सजा और 5 लाख पाकिस्तानी रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। ********** सरबजीत कौर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… पाक गई पंजाबी महिला बोली- ब्लैकमेल कर निकाह किया:वकील से रोते हुए कहा- नासिर पर कार्रवाई कराना चाहती हूं, मुझे भारत भिजवा दो PAK गई पंजाबी महिला बोली- असीं लाहौरिए हां:इंडिया में हमारी 20 किले जमीन, पाकिस्तान में नंबरदार रहे; मुस्लिम से निकाह कर चुकी PAK गई पंजाबी महिला बोली- मेरा 8 साल पुराना प्यार:मुंह में दांत न रहते तो भी जरूर पाकिस्तान आती; मुस्लिम से निकाह रचाकर खुश हूं पाकिस्तान में निकाह करने वाली सरबजीत कौर की बढ़ी मुश्किलें:लाहौर हाईकोर्ट में याचिका- इसे गिरफ्तार करो, भारत वापस भेजो; सुरक्षा के लिए खतरा पाकिस्तान गई पंजाबी महिला का निकला क्रिमिनल रिकॉर्ड:वेश्यावृत्ति की भी FIR; हिसार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का इंटरव्यू करने वाले ने वेलकम किया
पाकिस्तान से भारत स्थित सिख गुरुधामों के दर्शन के लिए आ रहे 104 श्रद्धालुओं को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर करीब 12 घंटे से रोककर रखा गया है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि भारत के इस्लामाबाद स्थित दूतावास की ओर से उन्हें वीजा जारी किए गए थे। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी(FIA) ने उन्हें एयरपोर्ट से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इमीग्रेशन अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से पाकिस्तान सरकार, गृह विभाग और विदेश विभाग की एनओसी पेश करने को कहा। श्रद्धालुओं के मुताबिक, पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर से भारत जाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद उन्होंने हवाई यात्रा का फैसला किया। इसके लिए महंगी टिकटें खरीदीं और समय पर फैसलाबाद एयरपोर्ट पहुंच गए। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद उन्हें रोक दिया गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि अगर एनओसी जरूरी थी, तो उन्हें पहले ही इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई और टिकटें क्यों बेची गईं। वाघा बॉर्डर से रास्ता नहीं मिला, इसलिए हवाई सफर चुना
श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पहले वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत आने वाले थे, लेकिन उन्हें जमीनी रूट से जाने की अनुमति नहीं मिली। इस फैसले के बाद उन्होंने हवाई मार्ग से भारत पहुंचने की तैयारी की और महंगी टिकटें खरीदीं। इससे पहले भी पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को वाघा-अटारी के रास्ते भारत आने की अनुमति नहीं दिए जाने का मामला सामने आया था। इस फैसले पर पूर्व राज्यसभा सांसद और पद्म भूषण से सम्मानित तरलोचन सिंह ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त को पत्र लिखकर भूमि मार्ग खोलने की अपील की थी। रातभर एयरपोर्ट पर इंतजार
श्रद्धालुओं के मुताबिक, उन्हें रात करीब 10 बजे से सुबह 7 बजे तक एयरपोर्ट पर परेशानी झेलनी पड़ी। यात्रा की अनुमति नहीं मिलने के बाद जत्थे के सदस्य एयरपोर्ट पर ही बैठकर पाठ और गुरु साहिब का जाप करते रहे। श्रद्धालुओं ने कहा कि टिकट खरीदने और यात्रा की तैयारी करने के बाद एयरपोर्ट पर रोक दिया जाना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला है। उनका दावा है कि टिकट रद्द होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। सिख युवक ने वीजा दिखाकर उठाए सवाल
एयरपोर्ट पर मौजूद एक सिख युवक ने अपना वीजा दिखाते हुए इमीग्रेशन प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उसका कहना था कि उनके पास भारत का वीजा मौजूद है और उन्हें अतिरिक्त NOC की जरूरत के बारे में पहले कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उसने कहा कि अगर कोई सरकारी अनुमति जरूरी थी तो यात्रियों को टिकट खरीदने से पहले इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। युवक ने राजनीतिक विवाद से धार्मिक यात्रा को अलग रखने की अपील भी की। हेमकुंड साहिब और गोल्डन टेंपल जाना था
104 श्रद्धालु भारत में श्री हेमकुंड साहिब, अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल), दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारों और पंजाब के अन्य प्रमुख गुरुधामों के दर्शन करने वाले थे। उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य धार्मिक दर्शन था। श्रद्धालुओं का कहना है कि इसी उद्देश्य से उन्होंने भारत का वीजा लिया और यात्रा की पूरी तैयारी की। जत्थे के नेताओं ने भारत के सिख नेताओं से हस्तक्षेप मांगा
उन्होंने भारत में सिख नेताओं से पाकिस्तान सरकार के सामने मामला उठाने और श्रद्धालुओं को भारत आने की अनुमति दिलाने की अपील की। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका से हस्तक्षेप की मांग की। NOC पर पाकिस्तान के आधिकारिक जवाब का इंतजार
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत का वीजा होने के बावजूद पाकिस्तानी इमीग्रेशन ने इन श्रद्धालुओं से किस नियम के तहत NOC मांगी। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी अतिरिक्त अनुमति की जानकारी पहले नहीं दी गई। पाकिस्तान की ओर से इस विशेष मामले में NOC मांगने की विस्तृत वजह स्पष्ट नहीं की गई है। धामी बोले- सिख श्रद्धालुओं को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण
इस पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं को रोके जाने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत सरकार से वीजा प्राप्त कर चुके इन सिख श्रद्धालुओं को वाघा सीमा के रास्ते भारत आने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। यदि किसी कारण से ऐसा नहीं हुआ, तो उन्हें हवाई मार्ग से भारत आने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। श्रद्धालुओं को रोकना उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

