कल का मौसम: IMD ने केरल-तमिलनाडु में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR और उत्तराखंड में चलेंगी तेज हवाएं

Weather Tomorrow: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान जताया है। इनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों शामिल हैं। इसके अलावा, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR में भी दिन के दौरान कुछ जगहों पर हल्की से लेकर छिटपुट बारिश हो सकती है। साथ ही, शनिवार और रविवार को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

वहीं, उत्तराखंड में भी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका जताई है।

शनिवार के लिए IMD का अलर्ट

IMD ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान लगाया है। ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी इस दौरान बारिश होने की संभावना है।

शनिवार को केरल और माहे में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की उम्मीद है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और 50 किमी/घंटा तक के तेज झोंके आने का अनुमान है, जबकि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हवा के झोंके और भी तेज हो सकते हैं।

कल दिल्ली-NCR का मौसम

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 10 और 11 अक्टूबर को इन इलाकों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

शनिवार को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30-40 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की संभावना है। पंजाब में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

कल यूपी का मौसम

शनिवार को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दोनों ही इलाकों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। IMD ने 9 और 10 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है।

वीकेंड पर राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि ताजा अनुमान में इस दौरान उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान का मौसम

उत्तराखंड में 10 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को राज्य में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की भी उम्मीद है। IMD ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काफी बड़े इलाके में बारिश होने की संभावना है, साथ ही कुछ जगहों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है।

पश्चिमी राजस्थान में 11 और 12 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 12 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है। रविवार को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

झारखंड, बिहार और ओडिशा का मौसम

शनिवार को झारखंड, बिहार और ओडिशा में कहीं जगहों पर छिटपुट बारिश होने की संभावना है और आने वाले दिनों में इस इलाके के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

शुक्रवार को बिहार में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD ने शुक्रवार को झारखंड और ओडिशा में भी 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के साथ इनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।

शनिवार को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में शुक्रवार को कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 10 और 11 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को काफी बड़े इलाके में या व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर में मौसम का पूर्वानुमान

अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 9 से 11 अक्टूबर के बीच भी ऐसी ही स्थिति रह सकती है, और 13 व 14 अक्टूबर को बारिश का एक और दौर आने की उम्मीद है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। शुक्रवार को पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी अनुमान है।

मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

पूर्वी मध्य प्रदेश में शनिवार को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। यहां 11 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुछ इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।

शुक्रवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने (जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की संभावना है; 11 अक्टूबर को भी ऐसे ही हालात रहने का अनुमान है।

दक्षिण भारत का मौसम

शनिवार को दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है; केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ इलाकों में मौसम के सक्रिय रहने का अनुमान है।

केरल और माहे में 10 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं, शुक्रवार और शनिवार को कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार और शनिवार को इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 12 अक्टूबर तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आने वाले दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के साथ-साथ रायलसीमा में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। शुक्रवार और शनिवार को इन इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति कभी-कभी 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। जमीन के पास तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, साथ ही शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है। तटीय कर्नाटक में भी 14 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, लक्षद्वीप में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि तेज झोंकों में यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी

IMD ने शुक्रवार और शनिवार को कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरे मौसम का अनुमान लगाया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौजूदा मौसम की वजह से परेशानी हो सकती है।

अगले कुछ दिनों के लिए IMD का ताजा अनुमान

आने वाले दिनों में भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, पूर्वोत्तर और दक्षिण के कई राज्यों में और बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम भारत में, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है। साथ ही, 10 और 11 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, खासकर केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में। इस दौरान केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

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पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

UP IMD Rain Alert: यूपी में 4 दिन तक होगी आफत वाली मूसलाधार बारिश! इन जिलों में 60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

UP IMD Rain Alert: उत्तर प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लखनऊ के पूर्वानुमान के मुताबिक, 24 से 27 सितंबर के बीच UP के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होगी। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

आज से बदलेगा मौसम, इन जिलों में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक, 24 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। तेज सतही हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इस दौरान झोंकों में इनकी गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

24 सितंबर को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और अंबेडकर नगर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

25 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का असर

25 सितंबर को मौसम और एक्टिव हो सकता है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या समेत आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

वहीं, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने बताया कि हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। जबकि झोंकों में गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

26 सितंबर को भी नहीं मिलेगी राहत

  • 26 सितंबर को बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बाराबंकी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महराजगंज, हरदोई, लखनऊ, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
  • इस दिन भी गरज-चमक और बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है। झोंकों में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

27 सितंबर को पश्चिमी यूपी की ओर बढ़ेगा असर

  • 27 सितंबर को बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी बारिश की संभावना है।
  • इस दौरान देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

28 सितंबर से राहत के संकेत

  • मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 28 सितंबर को किसी विशेष चेतावनी का उल्लेख नहीं है। हालांकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रह सकती है। यानी लगातार कई दिनों की बारिश के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।

बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट

  • बारिश के साथ सबसे बड़ी चिंता आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर है। 24 से 27 सितंबर के बीच कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की झोंकेदार हवाओं की संभावना जताई गई है।
  • तेज हवाओं से पेड़, कमजोर ढांचे, कच्चे मकान और झोपड़ियां प्रभावित हो सकती हैं। बिजली व्यवस्था और सड़क यातायात पर भी असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।

बारिश से इन इलाकों में बढ़ सकता है जलभराव

  • भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और अंडरपास में पानी भरने, स्थानीय नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में कमजोर और पुरानी इमारतों को भी नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। सड़क और रेल यातायात पर भी स्थानीय स्तर पर असर पड़ने की संभावना है।
  • मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और नदियों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान वाहन चलाते समय दृश्यता कम होने और सड़क पर फिसलन को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों के लिए भी खास सलाह

  • लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग और सब्जियों समेत कई फसलों में जलभराव और तेज हवा से नुकसान की आशंका है।
  • किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है। केले, पपीते और आम के नए पौधों को सहारा देने तथा लंबी फसलों को गिरने से बचाने के उपाय करने को कहा गया है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

  • मौसम विभाग के अनुसार, आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़, जलस्रोत और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है। तेज बारिश या गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना बेहतर है।
  • बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाली सड़कों या पुलों को पार करते समय विशेष सावधानी बरतें।

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कल का मौसम 17 सितंबर: दिल्ली-NCR से बिहार तक आंधी-बारिश का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम

Weather forecast for September 17: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों और मौसमी प्रणालियों के असर से झमाझम बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका बनी हुई है। उत्तर भारत में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर पूर्व में बिहार, पश्चिम बंगाल और दक्षिण में तमिलनाडु व केरल तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

बिहार, बंगाल और केरल समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 17 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 8 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में अलग अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और झारखंड में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनी

उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। झारखंड, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर 40-50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाओं के साथ बिजली कड़कने के आसार हैं।

राजस्थान, बंगाल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

देश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक मेंतेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।

यूपी, एमपी, राजस्थान और बिहार में बिजली चमकने की आशंका

मौसम विभाग ने देश के 13 से अधिक राज्यों में आकाशीय बिजली कड़कने लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। बिहार, उत्तर प्रदेश (पश्चिम राजस्थान व पूर्वी राजस्थान), मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की आशंका है।

समुद्र में तूफानी हलचल: मछुआरों के लिए चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

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दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिणी श्रीलंका तटों से लगे इलाकों तथा दक्षिणी अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा। इसके अलावा अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, इन 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दरअसल, निचले क्षोभमंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी प्रवाह बढ़ा है। इसके चलते अगले कुछ दिनों में पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। वहीं, पश्चिमी यूपी में अगस्त के बाकी दिनों में मानसूनी गतिविधियां सीमित रहने के बाद सितंबर के शुरुआती सप्ताह में बारिश बढ़ने की संभावना है।

पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक, 30 अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 29 अगस्त से 30 अगस्त की सुबह तक भारी बारिश की ज्यादा संभावना वाले जिलों में चित्रकूट, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर शामिल हैं।

इसके बाद 30 से 31 अगस्त के दौरान सोनभद्र और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

31 अगस्त को इन जिलों में बारिश का ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर और जौनपुर समेत आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

यानी अगले कुछ दिनों में खासतौर पर पूर्वी यूपी के जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

2 सितंबर को पश्चिमी यूपी में भी बढ़ेगा बारिश का असर

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इससे पहले 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पश्चिमी यूपी के लिए भारी बारिश की अलग चेतावनी नहीं है, लेकिन कई जगहों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

जलभराव और अचानक नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा

मौसम विभाग ने भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और सुरंगों में जलभराव की आशंका जताई है। इसके अलावा मौसमी नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही, कच्ची सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

वहीं, लोगों को अचानक बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने और सुरक्षित या पक्के मकानों में रहने की सलाह दी गई है। नदियों और मौसमी नालों के आसपास भी सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों के लिए भी अलर्ट

भारी बारिश और जलभराव का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। IMD ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और बारिश के दौरान कुछ कृषि कार्यों से बचने की सलाह दी है। गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, दलहन और सब्जियों जैसी फसलों में ज्यादा नमी से नुकसान और रोग बढ़ने की आशंका जताई गई है।

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UP Weather Alert: यूपी के भारी होंगे अगले कुछ दिन! IMD ने कई जिलों में जारी किया भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून इन दिनों पूरी रह एक्टिव है। इन दिनों प्रदेश में जमकर बारिश हो रही है। वहीं लोगों को अभी बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 17 अगस्त को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं 20 और 21 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। वहीं लोगों को इससे सावधान रहने की सलाह दी है।

23 अगस्त तक होगी भारी बारिश

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के मुताबिक,, प्रदेश के ऊपर बने मौसमी सिस्टम और मानसूनी द्रोणी की स्थिति में बदलाव के कारण बारिश के लिए परिस्थितियां अनुकूल हुई हैं। अगले 48 घंटों में कई जगह भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम भी आगे बढ़ रहा है, जिसका असर 19 अगस्त से उत्तर प्रदेश में दिखाई दे सकता है। इसके चलते 23 अगस्त तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

यूपी के इन शहरों में होगी भारी बारिश

18 से 22 अगस्त तक यूपी के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। 18 अगस्त को पूर्वी और मध्य यूपी के कई जिलों में भारी बारिश, 19 अगस्त को चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना है। 20 और 21 अगस्त को कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं 22 अगस्त को भी बांदा, चित्रकूट, गोरखपुर, लखनऊ, रायबरेली, अयोध्या समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।

बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा

मौसम विभाग ने बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। लोगों को खुले में जाने और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है और नदियों व जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है। इससे सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

UP Heavy Rain Alert: UP में मानसून अभी और दिखाएगा रौद्र रूप! 13 अगस्त से पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश, आईएमडी ने जारी किया अलर्ट

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून एक्टिव होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 13 से 18 अगस्त के बीच प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज आंधी-तूफान देखने को मिल सकता है। लखनऊ मौसम केंद्र के मुताबिक, मध्य प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्रों के कारण बारिश बढ़ सकती है। 13 अगस्त से पूर्वी यूपी में बारिश शुरू होगी और 14 अगस्त तक इसका असर मध्य व पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं यूपी के किन राज्यों में होगी भारी बारिश

16 अगस्त तक होगी तेज बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसूनी द्रोणी के उत्तर की ओर खिसकने से प्रदेश में मानसूनी प्रवाह मजबूत होगा। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र भी धीरे-धीरे मजबूत होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक, ये सिस्टम अगले 12 घंटों में स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र और उसके बाद 24 घंटे के दौरान अवदाब में बदल सकता है। 13 अगस्त को पूर्वी यूपी के कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। 14 अगस्त और 15 अगस्त को यूपी के कुछ इलाकों में भी बारिश हो सकती है। 16 अगस्त को पूर्वी यूपी के लगभग सभी इलाकों और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।

कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, 13 अगस्त को सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, गोरखपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली का भी खतरा रहेगा। वहीं, 14 अगस्त को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कानपुर, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत और आसपास के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

 

बारिश ने मिलेगी राहत

मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अगस्त को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत और आसपास के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 16 अगस्त को भी प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, अयोध्या और बरेली समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 17 और 18 अगस्त को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों, खासकर गोरखपुर, बस्ती, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, आजमगढ़ और अंबेडकर नगर में भारी बारिश हो सकती है।

अभी भी बारिश की कमी

प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने वाली है, लेकिन इस मानसून में अब तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है। 12 अगस्त तक पूर्वी यूपी में 335.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 30 फीसदी कम है। पश्चिमी यूपी में 369.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 10 फीसदी कम है। पूरे प्रदेश में अब तक 349.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 22 फीसदी कम है। वहीं, मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल में सामान्य से 60 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई है। एटा और फिरोजाबाद में भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि कई जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही है।

बारिश के दौरान बरतनी होगी सावधानी

भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भर सकता है और कच्चे या कमजोर मकानों को नुकसान पहुंच सकता है। बिजली सप्लाई प्रभावित होने के साथ सड़कों पर फिसलन भी बढ़ सकती है। नदियों और नालों का पानी अचानक बढ़ने का खतरा है। ऐसे में लोगों को जलभराव और बाढ़ वाले इलाकों से दूर रहने, सुरक्षित पक्की जगह पर रहने और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है।

Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

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केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

कल भारी बारिश का तांडव: 22+ राज्यों में अलर्ट, IMD ने इन 3 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग जारी की, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

Kal Ka Mausam 29 July: देशभर के कई इलाकों में इस वक्त भारी बारिश देखने को मिल रही है। देशभर में इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। एक डीप डिप्रेशन के चलते पूर्वी और मध्य भारत में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है जबकि उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी तेज बारिश देखने को मिल है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है।

इसके मुताबिक देश के 22 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के लिए रेड कलर वॉर्निंग (अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी) जारी की है।

ओडिशा-बंगाल पर बना डीप डिप्रेशन बढ़ा रहा खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी आंतरिक ओडिशा और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा दबाव 12 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। यह सिस्टम ओडिशा के बारीपदा से लगभग 20 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, बालेश्वर से 50 किमी उत्तर-उत्तर-पश्चिम और झारखंड के जमशेदपुर से 110 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है। अगले 24 घंटों के दौरान यह सिस्टम उत्तर ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसी मौसमी तंत्र के कारण देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश दर्ज की जा रही है।

इन 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग: अत्यंत मूसलाधार बारिश का खतरा

IMD ने 29 जुलाई को तीन प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी (रेड कलर वॉर्निंग) दी है:-

छत्तीसगढ़

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ (महाराष्ट्र)

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 29 जुलाई को नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होगी:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़

पंजाब

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

पश्चिम मध्य प्रदेश

ओडिशा

पूर्वोत्तर राज्य: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

दिल्ली-यूपी से दक्षिण भारत तक: यहां होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने 29 जुलाई को देश के कई अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तर भारत और मैदान: उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।

पश्चिम व मध्य भारत: कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा।

दक्षिण व तटीय भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और माहे।

तेज हवाएं, बिजली गिरने और समुद्र में हलचल की चेतावनी

आंध्र प्रदेश, गुजरात, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अनुमान है। बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है।

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मौसम विभाग के मुताबिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलेंगी। सोमालिया और ओमान तटों, मध्य अरब सागर और उत्तरी अरब सागर के हिस्सों में 45-55 किमी/घंटा से लेकर 65 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश तट, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं चलेंगी। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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मौसम अलर्ट: अगले 7 दिन भारी बारिश की आशंका! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात का खतरा, इन 26 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन की वजह से अगले सात दिनों तक देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके 27 जुलाई की दोपहर तक पाराद्वीप और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों (26 जुलाई से 1 अगस्त 2026) के दौरान देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटों का हाल: ओडिशा में 33 सेमी रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा के जगतसिंहपुर में 33 सेमी बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय कर्नाटक के इलाकों में भारी बारिश हुई है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम में भी काफी भारी बारिश देखने को मिली है।

जानिए आपके राज्य में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम? (क्षेत्रवार और राज्यवार पूर्वानुमान)

1- पूर्वी भारत: ओडिशा और बंगाल पर सबसे ज्यादा खतरा

ओडिशा: डिप्रेशन के सीधे असर के चलते 26 और 27 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश और 29 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। तटीय इलाकों में 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

गंगेटिक पश्चिम बंगाल: 26 और 27 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जुलाई के दौरान 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

झारखंड: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

बिहार: 26 से 29 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

2- मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में बाढ़ की आशंका, एमपी-विदर्भ में अलर्ट

छत्तीसगढ़: 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 26 और 28 जुलाई को भी अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-30 जुलाई को अति भारी बारिश, जबकि 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26 से 30 जुलाई के दौरान दोनों हिस्सों में 50 किमी/घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान चल सकता है।

विदर्भ (महाराष्ट्र): 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26, 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

3- उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26-27 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 26 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त तक भी बारिश का अलर्ट है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं 27 जुलाई और 30-31 जुलाई को भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश की संभावना है। 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के बीच अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 29 से 31 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है।

4- पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी बारिश

कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र: 26 और 27 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 28 से 31 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 28-30 जुलाई को तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 31 जुलाई और 1 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26-27 जुलाई और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

5- उत्तर-पूर्व भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों में भी आफत

असम और मेघालय: 29 जुलाई को अत्यंत भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। 26-28 जुलाई और 30-31 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 26 से 28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।

6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में अंधड़ की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 और 27 जुलाई को 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वॉल’ (तेज अंधड़ और तूफान) की चेतावनी दी गई है। 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल, माहे और तटीय कर्नाटक: केरल में 26 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक भाग: इन क्षेत्रों में 26 से 30 जुलाई के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

IMD की सलाह

मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तटीय राज्यों के जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की हिदायत दी गई है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।