कल का मौसम: 4 सितंबर को इन इलाकों में नहीं थमेगी बारिश! MP में बहुत भारी बारिश संग दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में अलर्ट

Weather Update for September 4: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार से बरस रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 सितंबर को देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं लेगा। मध्य प्रदेश समेत उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही देश के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में तेज तूफानी हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

मध्य प्रदेश में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मध्य प्रदेश के लोगों को 4 सितंबर को मौसम के कड़े मिजाज का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही राज्य में बारिश के दौरान कुछ जगहों पर बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव और नदी-नालों के उफान से सतर्क रहने की सलाह दी है।

दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और उत्तराखंड का मौसम

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 4 सितंबर को झमाझम बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 4 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। राजस्थान में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बारिश का अलर्ट

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का असर खासा देखने को मिलेगा। बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में बारिश के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कल भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इन सभी राज्यों में बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश होने की आशंका बनी हुई है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश के साथ-साथ तेज सतही हवाओं की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है। तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

करपुरहत

पश्चिम भारत के मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। इसके अलावा अरब सागर में सोमालिया तट से लगे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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2-5 सितंबर के बीच दिल्ली, यूपी-बिहार से MP तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम के अगले 48 घंटे इन इलाकों में पड़ेंगे भारी!

Weather Update: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया और कई एक्टिव वेदर सिस्टम के चलते देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर काफी आक्रामक रूप दिखा रहा है। इसे देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 से 5 सितंबर के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

खासकर अगले 48 घंटों के अंदर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बेहद भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां धीमी रहेंगी।

मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे भारी, 02 और 03 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में बारिश का दौर सबसे ज्यादा परेशानी की वजह बन सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इस वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 और 3 सितंबर को कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश (20 सेमी से अधिक) हो सकती है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 5 सितंबर तक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 से 7 सितंबर तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इसके अलावा विदर्भ में 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश और छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर में 2 से 5 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों के लिए भी मौसम अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 से 4 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है। राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 3 और 4 सितंबर को काफी बारिश होगी और 2 से 5 सितंबर तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 2 से 8 सितंबर के बीच लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। यहां भी 2 सितंबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अनुमान

पूर्वी भारत के राज्यों पर भी मानसून मेहरबान रहेगा। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 3 और 4 सितंबर को भी बिहार में भारी बारिश जारी रहेगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 और 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

वहीं, झारखंड में 2 और 8 सितंबर को भारी बारिश के साथ 2 से 4 सितंबर तक बादलों की गरज और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 सितंबर तक लगातार तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।

पिछले 24 घंटों का हाल और चक्रवातीय प्रणालियां

बीते 24 घंटों की बात करें तो उत्तराखंड, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश (20 सेमी से ज्यादा) दर्ज की गई है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार में 12 से 20 सेमी तक बारिश हुई। मौसम प्रणालियों की बात करें तो मानसून ट्रफ सामान्य स्थिति में है।

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इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से बांग्लादेश तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। वहीं उत्तर-पूर्वी अरब सागर और सौराष्ट्र के ऊपर एक साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों की वजह से देश के उत्तरी, मध्य और पूर्वी राज्यों में अगले 3-4 दिनों तक मौसमी गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं।

कल का मौसम: 2 सितंबर को होगी मूसलाधार बारिश! IMD ने दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 15 से ज्यादा राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Weather update for September 2nd: देश के अलग अलग इलाकों में मानसून के एक्टिव होने की वजह से भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। IMD ने देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया है। कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के चलते देश के मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों में 2 सितंबर को बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा बना रहेगा।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 2 सितंबर को उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रकोप सबसे अधिक रहेगा। IMD ने इन तीनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड समेत मैदानी राज्यों का हाल

दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और पूर्वी राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी मानसूनी बारिश का तांडव जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर बना रहेगा।

तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं की चेतावनी और समुद्र का हाल

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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समुद्री गतिविधियों को लेकर IMD ने बताया है कि अरब सागर में सोमालिया व ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन तटीय और समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

कल का मौसम: 1 सितंबर को इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी समेत इन 15 राज्यों में मौसम की चेतावनी

India Weather Update: देश भर के अलग-अलग इलाकों में इस वक्त जोरदार बारिश और इसकी वजह से खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता की वजह से उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में एक सितंबर को मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD ने छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

यूपी, बिहार, झारखंड और MP में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए भी 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का मौसम

दिल्ली समेत आसपास के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 1 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी एक सितंबर को बारिश की रफ्तार तेज रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

Weather update for September 1: देश के करीब 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है

समुद्री क्षेत्र की बात करें तो 1 सितंबर को अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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IMD Weather forecast: कल का मौसम: 5 सितंबर तक इन राज्यों में आफत की बारिश का अलर्ट, यूपी से उत्तराखंड तक मूसलाधार बरसात की चेतावनी

IMD Weather forecast: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज यानी 30 अगस्त से 5 सितंबर के बीच उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।

सबसे ज्यादा चिंता उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा को लेकर है। छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

वेदर बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30-31 अगस्त और फिर 1 से 5 सितंबर तक बारिश का दौर रहने का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 31 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। इसके अलावा 30 अगस्त से 1 सितंबर तक कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

आज भी कई इलाकों में जमकर बरसे बादल

पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। बांदा के बेबेरू में 22 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। जबकि नरैनी में 10 सेमी और अतर्रा में 8 सेमी बारिश हुई। हरियाणा के कालका में भी 16 सेमी बारिश दर्ज की गई। ओडिशा के राजघाट में 16 सेमी, कुसुमी में 13 सेमी और झारखंड के सरयू में 13 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज और रघुनाथनगर में 12-12 सेमी बारिश हुई। मध्य प्रदेश के रामनगर में भी 12 सेमी बारिश दर्ज की गई।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक, इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हुई। ओडिशा, झारखंड, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भी बारिश

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पंजाब में भी इसी अवधि में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, उत्तराखंड में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच उत्तराखंड में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी है।

मध्य भारत में भी बिगड़ेगा मौसम

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1-2 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। जबकि 3 से 5 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 3 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है।सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी छत्तीसगढ़ के लिए 31 अगस्त को है। महीने के आखिरी दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बिहार में 31 अगस्त से 2 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश हो सकती है। 31 अगस्त को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। वहीं, ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 31 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। जबकि असम-मेघालय में 30 अगस्त को ऐसी ही आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30-31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर भी बारिश

कोंकण और गोवा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 4 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। जबकि गुजरात, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत में आंधी-तूफान का खतरा

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में भी 30 अगस्त से 3 सितंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मछुआरों के लिए भी चेतावनी

IMD ने समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका से लगे दक्षिण-पश्चिमी हिस्से और अंडमान सागर के कुछ क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति प्रतिकूल रह सकती है।

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वहीं, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और बांग्लादेश के तटों के आसपास भी समुद्री गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास भी 4 सितंबर तक कुछ हिस्सों में खराब समुद्री परिस्थितियां रहने की संभावना है।

Weather Update: अगले 5 दिन संभलकर रहें! एमपी, यूपी समेत इन राज्यों में मंडराया भारी बारिश का खतरा, IMD ने जारी किया अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसूनी प्रणालियां एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में अगले 5 दिनों के लिए कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत देते हुए पहाड़ी और निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में बेहद भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) हुई जबकि पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में चक्रवाती प्रणालियों का असर साफ देखने को मिल रहा है। 27 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश और मध्य प्रदेश में अलग अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 से 29 अगस्त और 1 से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। 28-29 अगस्त और 1-2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़ में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ में 28 अगस्त और 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 से 31 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 27 अगस्त को बहुत भारी बारिश फिर 2 सितंबर तक का दौर

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 अगस्त को मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 27 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 28 अगस्त और 31 अगस्त से 2 सितंबर के दौरान दोबारा भारी बारिश का दौर लौटेगा। 2 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश का अनुमान है।

उत्तराखंड में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

पूर्वी भारत: ओडिशा में 31 अगस्त तक बहुत भारी बारिश, बिहार और झारखंड में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में 29 अगस्त को बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के कारण बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। ओडिशा में 27 से 31 अगस्त के दौरान अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 1 और 2 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 27 से 31 अगस्त के दौरान भारी बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 27 अगस्त को झारखंड में मध्यम से गंभीर बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। बिहार में 28 और 29 अगस्त को व्यापक बारिश होगी और 27 से 30 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। 28 और 29 अगस्त को बिहार में आकाशीय बिजलीॉ गिरने की आशंका जताई गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 27 और 28 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में 30 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान

पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक वर्षा होगी। अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 27 से 29 अगस्त और 31 अगस्त से 2 सितंबर तक भारी बारिश दर्ज की जाएगी जबकि 30 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 से 31 अगस्त और 2 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर के इन सभी राज्यों में 31 अगस्त तक गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण-गोवा में व्यापक बारिश, प्रायद्वीपीय भारत में सुस्ती कायम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर बना रहेगा। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में छिटपुट से हल्की बारिश ही होने का अनुमान है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियों में सुस्ती जारी रहने की संभावना है।

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तटीय कर्नाटक में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक और केरल व माहे और लक्षद्वीप में 27 से 30 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। 27 अगस्त को केरल और माहे में भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

लो प्रेशर सिस्टम से अगले 4 दिन भारी! यूपी, बिहार, MP समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मौसम को लेकर IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी सिस्टम एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर की वजह से मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान देश के अलग अलग राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD के मुताबिक इस नए मौसमी तंत्र के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके उलट दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त रह सकती हैं।

बीते 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, केरल, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर भारत का मौसम: यूपी और उत्तराखंड में तेज बारिश की संभावना

उत्तर भारत में मानसून की ट्रफ रेखा अपने सामान्य स्थान से उत्तर की ओर बनी हुई है। इसके असर से उत्तराखंड में 24 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 24 अगस्त तथा 29 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो 24 से 26 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 24 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के इलाकों में भी 30 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा।

मध्य भारत का हाल: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में कम दबाव का क्षेत्र सीधा असर डाल रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक व्यापक बारिश के साथ-साथ अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 27 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी और यह सिलसिला 29 से 30 अगस्त तक जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 24 और 25 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि विदर्भ क्षेत्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और बिहार में आंधी-तूफान के साथ बारिश

पूर्वी भारत में बने इस सिस्टम के चलते 24 अगस्त को ओडिशा और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में अगले 3 से 4 दिनों यानी 24 से 27 अगस्त तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।

अंडमान में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 24 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा में 30 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जबकि मध्य महाराष्ट्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत की स्थिति देखें तो तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल और माहे में 24 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 25 व 26 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में 24 से 28 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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Monsoon 2026: भारत में मानसून पड़ा सुस्त और कर गया ड्राई फेज में एंटर! समझिए महंगाई से लेकर कहां-कहां पड़ेगा इसका असर

Monsoon 2026: देश में मानसून सीजन के दौरान अब बारिश की रफ्तार सुस्त पड़ती नजर आ रही है। इस वजह से भारत अब सामान्य से अधिक सूखे दौर का सामना कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक कम से कम 2 सितंबर तक देश भर में औसतन सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हमारी सहयोगी वेबसाइट News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले शनिवार तक पूरे भारत में मानसूनी बारिश का घाटा लंबी अवधि के औसत (LPA) से 14 फीसदी नीचे दर्ज किया गया है। मानसूनी ट्रफ के मध्य भारत की ओर दक्षिण में जाने के बजाय हिमालय की तलहटी के करीब बने रहने की वजह से यह घाटा और अधिक बढ़ सकता है।

क्या होता है मानसूनी ट्रफ और क्यों बढ़ रही है चिंता?

मानसूनी ट्रफ कम दबाव का एक लंबा वायुमंडलीय क्षेत्र होता है जहां उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध की हवाएं आपस में मिलती हैं। यह नमी से भरी हवाओं को खींचता है और भारत के गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश लाता है। इस साल यह ट्रफ पूरे उत्तर भारत में ठीक से फैलने की बजाय हिमालय के करीब ही बना हुआ है।

आईएमडी द्वारा 20 अगस्त को जारी एक्सटेंडेंट रेंज के पूर्वानुमान के मुताबिक हाल के हफ्तों में बोई गई फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम कार्यालय ने कहा है कि नए मौसमी सिस्टम बनने के बावजूद पूर्वानुमान के दोनों हफ्तों के दौरान पूरे भारत में बारिश सामान्य से कम ही रहेगी।

देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का गणित

हिमालयी क्षेत्र के साथ-साथ पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि आने वाले सप्ताह में प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी रह सकती हैं। पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर 24 घंटे के भीतर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इससे 26 अगस्त तक ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आमतौर पर जब ट्रफ दक्षिण की ओर बढ़ता है तो मध्य भारत में अगस्त की सबसे महत्वपूर्ण बारिश होती है, लेकिन इसके ऐसा न करने से प्रमुख कृषि क्षेत्रों में पानी की कमी हो सकती है।

स्काईमेट ने जताया सूखे का अंदेशा

निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर ने पिछले सोमवार को अपने मानसूनी पूर्वानुमान को काफी घटा दिया है। स्काईमेट ने अब मौसमी बारिश के एलपीए का 85 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जबकि अप्रैल में उसने इसे 94 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। स्काईमेट का कहना है कि देश में सूखे की 70 प्रतिशत अधिक संभावना दिख रही है।

एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगस्त के बाकी बचे दिनों में भारत के चार समरूप क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान रहेगा। इसके अलावा मजबूत होते अल नीनो और कमजोर इंडियन ओशन डिपोल की वजह से सितंबर में स्थिति और बिगड़ सकती है। आमतौर पर एक सकारात्मक इंडियन ओशन डिपोल अल नीनो के निगेटिव असर को कुछ हद तक बेअसर कर देता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां वैसा सपोर्ट नहीं दे रही हैं।

कहां कितना पहुंचा बारिश का घाटा?

बारिश की कमी का सबसे बड़ा असर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में देखने को मिल रहा है, जहां बारिश एलपीए से 26 प्रतिशत कम है। दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में यह घाटा 11 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पूर्व में बने कम दबाव के सिस्टम्स की वजह से सुधार देखने के बाद सिर्फ मध्य भारत ही सामान्य स्तर के सबसे करीब है, जहां बारिश एलपीए से केवल 3 प्रतिशत कम है।

फसलों के नुकसान और महंगाई का खतरा

स्काईमेट द्वारा अपने अप्रैल के अनुमान में 9 प्रतिशत अंकों की कटौती हाल के वर्षों में मध्य-सीजन के दौरान की गई सबसे बड़ी कटौतियों में से एक है। आईएमडी ने भी अपने मौसमी अनुमान को घटाया है, हालांकि उसकी कटौती का दायरा छोटा है। आईएमडी ने अप्रैल में बारिश के एलपीए का 92 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था जिसे जून में घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया था।

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IMD ने उसके बाद से अपने पूर्वानुमान में संशोधन नहीं किया है। लेकिन वर्तमान में मौजूद 14 प्रतिशत का घाटा और सितंबर की शुरुआत तक कमजोर बारिश का जारी रहना इस अनुमान पर दबाव बना सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बारिश में और गिरावट आने से फूड इंफ्लेशन बढ़ सकती है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति में रुकावटें पहले से ही कमोडिटी पर भारी असर डाल रही हैं।

कल का मौसम: 24 अगस्त को सावधान! यूपी-बिहार से लेकर दक्षिण भारत तक बिगड़ेगा मौसम, 18 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट!

Weather update for August 24: देश भर में मानसून की सक्रियता के चलते मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के तमाम हिस्सों में मानसूनी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। IMD ने खराब मौसम को देखते हुए आम लोगों से सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

इन 3 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 24 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन इलाकों में लगातार होने वाली मूसलाधार बारिश के चलते निचले क्षेत्रों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक उछाल आने की संभावना बनी हुई है।

यूपी और बिहार समेत 18 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 18 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दूर-दराज के इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तर भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी।

मध्य भारत और उससे सटे क्षेत्रों में पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में कड़कती बिजली और तूफानी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं का पूर्वानुमान

बिहार, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और तेलंगाना में आकाशीय बिजली के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

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अरब सागर और तटीय इलाकों के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और खराब मौसम को देखते हुए तटीय इलाकों और मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है। सोमालिया और ओमान तटों के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

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इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों के साथ-साथ लक्षद्वीप और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। ये बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

21 अगस्त को मूसलाधार बारिश का महा-अलर्ट! यूपी-एमपी समेत 14 राज्यों में होगी भारी बारिश, देखें- मौसम विभाग की चेतावनी

Weather update for August 21: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों और पूर्वोत्तर के राज्यों तक मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस क्षेत्र में मानसूनी प्रणालियों के असर की वजह से जमकर बारिश होगी। इससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यूपी-एमपी समेत 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

पूर्वी मध्य प्रदेश के अलावा देश के 14 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की पूरी संभावना जताई गई है। उत्तर भारत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश होगी। मध्य भारत के पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत की बात करें तो ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना

कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अलर्ट भी दिया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली कड़कने के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

इसके अलावा बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और वज्रपात का अनुमान जताया गया है।

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, पूरे मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

मछुआरों के लिए अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व व पूर्व-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।