कल का मौसम 20 अक्टूबर: अरब सागर में तेज हवाओं का अनुमान! MP, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत इन 12 राज्यों में आंधी-लाइटनिंग का अलर्ट

IMD Weather Update: देश के मौसम में अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के एक्टिव होने की वजह से एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और विस्तृत मौसम बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार 20 को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी कड़ा रहने वाला है। मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीप से लेकर पश्चिमी, मध्य और पूर्वी राज्यों तक करीब 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में तेज हवाओं के चलने की चेतावनी दी गई है।

आइए जानते हैं कल 20 अक्टूबर को देश के विभिन्न राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल:-

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून और अन्य सक्रिय प्रणालियों के असर से बारिश का दौर पूरी तरह चरम पर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा केरल और माहे संग तटीय आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी।

केरल, माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी जबकि तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें पड़ने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में आंधी-लाइटनिंग का अलर्ट

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी चक्रवातों और मौसमी गतिविधियों की वजह से मौसम बिगड़ा रहेगा। मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की भी संभावना है।

इसके अलावा पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में कल 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी-तूफान और झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में भी मौसम प्रभावी बना रहेगा।

अरब सागर में स्क्वॉली वेदर और तेज हवाओं की चेतावनी

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाली हलचल को देखते हुए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में स्क्वॉली वेदर के एक्टिव रहने की संभावना है, जिसके तहत वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चल सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतें।

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IMD Rain Alert: इन राज्यों में अगले 7 दिन होगी आफत वाली बारिश! 25 अक्टूबर तक आंधी-बिजली का भी खतरा, आपके इलामें ऐसा रहेगा मौसम

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में आज यानी 19 से 25 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हवा की रफ्तार झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कुछ दिनों तक बारिश और खराब मौसम देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में बारिश की मात्रा 12 से 20 सेंटीमीटर के बीच रही। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

किस राज्य में कब होगी बारिश? जानिए IMD का पूरा पूर्वानुमान

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आज यानी 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 19 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में सात दिन बारिश की आशंका

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 21 से 23 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

कर्नाटक में अलर्ट

तटीय कर्नाटक में 19 से 22 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर तक व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 22 और 23 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 और 21 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। यहां 19 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं का भी अनुमान है।

लक्षद्वीप

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को तेज हवाएं तथा 21 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

अंडमान-निकोबार में भी बारिश का दौर

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान-निकोबार में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। द्वीप समूह में 20 अक्टूबर और फिर 23 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ओडिशा में 19 से 22 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को यहां गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का भी अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवात बनने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 19 अक्टूबर की सुबह भी उसी इलाके में सक्रिय था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह मौसम तंत्र अगले 2 से 3 दिनों में पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।

हालांकि, मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान में इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इसके अवदाब में मजबूत होने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के तट के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और आसपास के पंजाब क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों तथा दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और त्रिपुरा के पास भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

दिल्ली-UP समेत उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत का कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। इसका मतलब है कि फिलहाल इन क्षेत्रों के लिए कोई महत्वपूर्ण व्यापक मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में जाने से पहले बरतें सावधानी

IMD ने मछुआरों के लिए समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है:- 

  • 19 से 22 अक्टूबर: दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • 22 से 24 अक्टूबर: केरल और कर्नाटक के तटों के पास तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
  • बंगाल की खाड़ी: मौसम विभाग के इस बुलेटिन में कोई मछुआरा चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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कल का मौसम: इन राज्यों में 5 अक्टूबर को भारी बारिश-तूफान का अलर्ट; 20-22 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Weather forecast for October 5: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी पांच अक्टूबर को देश के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का अनुमान जताया है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है। कई इलाकों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं का दौर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, दिल्ली समेत उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम फिलहाल शुष्क रहने की संभावना है।

दिल्ली में कल मौसम रहेगा साफ और शुष्क

राजधानी दिल्ली में 5 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ और धूप वाला रहने का अनुमान है। IMD के मुताबिक, दिल्ली में कोई महत्वपूर्ण बारिश होने की संभावना नहीं है। इस दौरान करीब 20-22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक सूखा मौसम जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 6 से 7 अक्टूबर के बीच हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। दिल्ली में 6 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है।

यूपी में फिलहाल बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं

उत्तर प्रदेश के लिए फिलहाल मौसम विभाग ने कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की है। 5 से 9 अक्टूबर के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए IMD के नवीनतम बुलेटिन में आंधी, भारी बारिश या खराब मौसम का कोई विशेष अलर्ट नहीं है।

इन राज्यों में बारिश और गरज-चमक

उत्तर भारत के मुकाबले देश के दूसरे हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है:- 

  • केरल: गरज-चमक, मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधि कम होने की संभावना है।
  • ओडिशा: 7 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है।
  • बिहार और झारखंड: 5 अक्टूबर से छिटपुट बारिश की शुरुआत हो सकती है।
  • पूर्वोत्तर भारत: कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
  • छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा: 7 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रहने का अनुमान है।

हिमाचल-उत्तराखंड में भी बारिश के आसार

  • 5 से 7 अक्टूबर के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां लौट सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है।
  • 6 और 7 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
  • हिमाचल प्रदेश के लिए 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान

  • दक्षिण भारत में बारिश का दौर अभी जारी रहेगा। केरल और माहे में 7 अक्टूबर तक व्यापक बारिश होने की संभावना है।
  • 5 और 6 अक्टूबर को केरल और माहे में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
  • वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
  • आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और यनम तथा रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

मानसून की विदाई जारी

  • देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है। IMD के मुताबिक, मानसून उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों से विदा हो चुका है।
  • अगले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तथा तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।
  • महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो चुकी है। IMD के अनुसार राज्य के 36 में से 20 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

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कल का मौसम 4 October: रविवार को इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather forecast for October 4: मौसम विभाग ने कल यानी 4 अक्टूबर के लिए वेदर का लेटेस्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं, तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

IMD बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में कल बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। बता दें कि भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई है। यह 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है।

केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

  • मौसम विभाग ने चार अक्टूबर को केरल एवं माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।

तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

  • IMD के मुताबिक, रविवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
  • लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

आंध्र प्रदेश और केरल में भी आंधी-बारिश का अलर्ट

  • आंध्र प्रदेश तथा केरल और माहे में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की भी आशंका है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली गिरने का खतरा

  • मौसम विभाग ने असम और मेघालय, साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
  • ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

कोंकण-गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम

  • दूसरी ओर, कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। दिन के समय उमस के कारण लोगों को परेशानी महसूस हो सकती है।
  • IMD की ओर से जारी बुलेटिन में मछुआरों के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

2001 के बाद मानसून के दौरान चौथी बार सबसे कम बारिश 

भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई, जो 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है। IMD ने अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा कि इस मानसून में बारिश की कमी का एक प्रमुख कारण प्रशांत क्षेत्र में जून में उभरी अल नीनो की स्थिति थी, जो उसके बाद से मजबूत होती गई। आईएमडी ने कहा कि फिलहाल अल नीनो की स्थिति मजबूत है। इसके मार्च 2027 तक बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून देश में 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि सामान्य बारिश 868.6 मिलीमीटर होती है। यह सामान्य से 13 प्रतिशत कम है।

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IMD के महानिदेशक मौसम विज्ञान डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक बयान में कहा कि यदि कम दबाव की प्रणालियों के कारण अतिरिक्त बारिश नहीं हुई होती तो देश में बारिश की कमी और अधिक हो सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मौसम में 14 कम दबाव की प्रणालियां बनीं और कुल 77 दिन कम दबाव की प्रणालियां सक्रिय रहीं। जबकि सामान्य तौर पर यह अवधि 57 दिन होती है। मानसून की वापसी के बारे में महापात्र ने कहा कि अब तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पूरी दिल्ली से मानसून की वापसी हो चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है।

Monsoon Withdraws: उत्तर भारत से मानसून विदा, लेकिन इन राज्यों में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट!

Monsoon Withdraws: देश भर में मानसून की वापसी की प्रक्रिया अब एक नए पड़ाव पर पहुंच गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर की दोपहर जारी बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत के शेष बचे सभी इलाकों से पूरी तरह विदा हो चुका है। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के संपूर्ण क्षेत्रों, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों से भी मानसून विदा हो चुका है। हालांकि मानसून की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 से 6 अक्टूबर के दौरान केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में फिर से भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

कहां तक पहुंची मानसून की विदाई रेखा? जानें अगले 2-3 दिनों का अपडेट

मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून की विदाई रेखा वर्तमान में सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर परिस्थितियां मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकांश भागों, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की विदाई के लिए पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी। बीते 24 घंटों में त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का अलर्ट

इस बीच दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। इस वजह से केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंग।

मौसम विभाग के मुताबिक, केरल और लक्षद्वीप में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 3 से 7 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर भारत में 3 अक्टूबर को बारिश और आंधी की स्थिति

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 3 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 3 अक्टूबर को, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 3 व 4 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है। 6 से 9 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9 अक्टूबर को व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा क्षेत्र में 3 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

अरब सागर में तूफानी मौसम, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों की बात करें तो मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष सलाह जारी की है। 3 अक्टूबर को केरल तट के साथ और उससे सटे इलाकों, लक्षद्वीप क्षेत्र, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र तथा पूर्व-मध्य एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तूफानी मौसम रहने की संभावना है। सोमालिया तट से सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में भी स्थिति खराब रहेगी। इस स्थिति को देखते हुए IMD ने मछुआरों को 3 अक्टूबर को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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1 अक्टूबर का मौसम: कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD ने जारी किया अपडेट

Mausam Update: देश के कई हिस्सों से मानसून की विदाई की प्रक्रियाओं के बीच दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसमी हलचल तेज बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आज यानी 1 अक्टूबर के लिए जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों और पूर्वोत्तर के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत के राज्यों और पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक आज 1 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तटीय व आंतरिक इलाकों और पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्यों में बारिश का असर सबसे अधिक रहेगा। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। पूर्वोत्तर के चार राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग अलग जिलों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं।

केरल, तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की गति से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के मैदानी और तटीय इलाकों में तेज झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म देखने को मिलेंगे। केरल व माहे, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल में आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में थंडरस्टॉर्म का अनुमान

देश के अन्य दक्षिणी-तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी व दक्षिणी) और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ तटीय कर्नाटक में भी बिजली कड़कने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

मछुआरों के लिए राहत: समुद्र में स्थिति रहेगी सामान्य

तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर मौसमी परिस्थितियां नियंत्रित रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक आज 1 अक्टूबर को मछुआरों के लिए किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है, यानी तटीय गतिविधियों पर समुद्री उथल-पुथल का बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

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यूपी, पंजाब, हरियाणा, MP से अगले 2-3 दिनों में मानसून की विदाई! उधर मौसम विभाग ने इन राज्यों में दिया भारी बारिश का अलर्ट

IMD Mausam Update: देश भर में मानसून की वापसी का समय अब नजदीक आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 30 सितंबर की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के मुताबिक उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष इलाकों के साथ-साथ गुजरात, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, संपूर्ण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ भागों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।

दूसरी ओर मानसून की वापसी के बीच देश के दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

म्यांमार से उठा लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 30 सितंबर की सुबह उत्तरी म्यांमार, दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश, मिजोरम और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल चुका है। अगले 12 घंटों के भीतर इसके मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे और कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले व मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। उधर पूर्वोत्तर असम, उत्तरी तटीय तमिलनाडु, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर भी अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा फैली हुई है।

बीते 24 घंटों में मराठवाड़ा में हुई बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और नागालैंड में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

दक्षिण भारत के राज्यों में 1 से 4 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। केरल में 1, 2 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में 1 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु और रायलसीमा में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी, जबकि 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को इन राज्यों के साथ-साथ असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारों के अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम साफ व शुष्क रहेगा। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से मौसम साफ होने लगेगा और सिर्फ नाममात्र की छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 30 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिसके बाद वहां भी बारिश में भारी कमी आएगी।

कल का मौसम: 30 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में 65 kmph स्पीड से हवाएं, पूर्वोत्तर-दक्षिण भारत के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather forecast for September 30: देश भर में मानसून के अंतिम पड़ाव और समुद्र में बन रही चक्रवाती हवाओं के असर से बुधवार 30 सितंबर को देश के कई हिस्सों में तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, पूरे कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की पूरी संभावना है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तटों से सटे इलाकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर को देश के दो प्रमुख क्षेत्रों पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत की बात करें तो पूरे आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक), केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में तेज बारिश होने के आसार हैं।

तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं और बिजली चमकने का असर देखा जाएगा। रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में बिजली चमकने और हवाओं का अनुमान

मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के साथ-साथ मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और केरल व माहे में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती मौसम: 65 kmph की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों की बात करें तो बंगाल की खाड़ी और पड़ोसी तटीय क्षेत्रों में स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। IMD के मुताबिक उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इन हवाओं की गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे के खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। समुद्र में तेज उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र के भीतर न जाने की सख्त हिदायत दी है।

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आज का मौसम: IMD ने 28 सितंबर को इन 7 राज्यों में दिया आंधी-बारिश का अलर्ट! बिहार, राजस्थान से दक्षिण भारत तक थंडरस्टॉर्म की चेतावनी

Today Weather Forecast 28 Sep 2026: देश के अलग-अलग हिस्सों में बने मौसमी सिस्टम के चलते आज 28 सितंबर को बारिश और आंधी-तूफान का व्यापक असर देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने की गंभीर चेतावनी जारी की है।

उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज देश के तीन प्रमुख क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।

अंडमान में 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल की चेतावनी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास सक्रिय मौसमी चक्र की वजह से वहां स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है। IMD ने चेतावनी दी है कि आज द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अनुमान

देश के 7 से अधिक राज्यों में तेज रफ्तार झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का अलर्ट जारी किया गया है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश की वादियों तक आज बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।

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बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में भी मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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IMD Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में बढ़ा खतरा! 12 घंटे में डीप डिप्रेशन से 4 राज्यों में बेहद भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम ने देश के कई राज्यों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के मौसम बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन (चक्रवाती दबाव) में बदल गया था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह डिप्रेशन और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस सिस्टम के असर से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट: ओडिशा से तेलंगाना तक संकट

चक्रवाती दबाव के सीधे प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार और तूफानी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। 25 सितंबर को बहुत भारी और 22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी। इसके साथ ही 22 से 24 सितंबर तक राज्य में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल चलने का भी अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 22, 23 और 25 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 और 24 सितंबर को यहां 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल चलने की आशंका है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य में 22 से 24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 22, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 व 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड और बिहार का मौसम

चक्रवाती दबाव की वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 22 से 27 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक काफी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को और बिहार में 24 व 25 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश व बिजली का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 व 27 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 28 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के शेष हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 सितंबर को काफी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हाल

पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 22 और 23 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 22 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 22 एवं 23 सितंबर को और मराठवाड़ा में 22 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल व माहे में 23 से 25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 सितंबर तथा रायलसीमा में 22 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट और मछुआरों के लिए सख्त निर्देश

समुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 सितंबर की शाम से हवा की गति 50-60 किमी/घंटे से बढ़कर 23 और 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंच जाएगी।

दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 22 सितंबर की शाम से हवाएं 50-60 किमी/घंटे और 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 55-65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) की गति से चलेंगी।

पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 23 और 24 सितंबर को 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। इस दौरान बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।

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