कल का मौसम 16 अक्टूबर: उत्तर-पूर्वी मानसून का असर! इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली-यूपी में थंडरस्टॉर्म

IMD Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो गया है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी मौसमी प्रणालियों का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक 16 अक्टूबर को दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर चलेगा जबकि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत कई मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

आइए जानते हैं कल 16 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का प्रकोप, मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून के जोर पकड़ने की वजह से बड़े पैमाने पर बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल व माहे के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी। लक्षद्वीप और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी झमाझम बौछारें पड़ने का अनुमान है जबकि तटीय आंध्र प्रदेश में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ आंधी का दौर

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसमी हलचल बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 16 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी कल 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और ओडिसा के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने का अनुमान जताया गया है।

मध्य, पूर्वी और पश्चिमी राज्यों का मौसम मिजाज

मध्य और पूर्वी भारत के छत्तीसगढ़, ओडिसा, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में कल बादलों की आवाजाही के साथ-साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में कल आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें गिरने की संभावना है।

वहीं, कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में नमी और तापमान के बने रहने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। राहत की बात यह है कि समुद्री इलाकों में स्थितियां नियंत्रण में हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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Weather Update: फिर बदलेगा मौसम! दिल्ली-NCR समेत 6 राज्यों में आंधी, ओलावृष्टि का खतरा! यूपी समेत इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणालियों के आपस में टकराने से मौसम में बड़ा और उग्र बदलाव आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रविवार 11 अक्टूबर को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत 6 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और 70 kmph की आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर एक बेहद सक्रिय मौसमी प्रणाली असर दिखा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज 11 अक्टूबर को दिल्ली, NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। आज ही दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 70 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। इन सभी 6 राज्यों व पर्वतीय क्षेत्रों में आज ओलावृष्टि होने का खतरा जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के दौरान भी 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर में 13 व 15 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 14 व 15 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी का अनुमान व्यक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी मौसम का रुख बदला हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि आज 11 अक्टूबर को राज्य के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने का अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

राजस्थान की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। आज 11 अक्टूबर को तथा 13 से 15 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी राजस्थान में 11 और 13 अक्टूबर को छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरणों का असर देखा जाएगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में आज 11 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 12 से 17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश का दौर चलेगा, जहां 12 और 13 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। बिहार में 11-12 अक्टूबर और 15-17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि 16 और 17 अक्टूबर को बिहार में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर और ओडिशा में 11 से 17 अक्टूबर तक बारिश व गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। आज 11 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। केरल एवं माहे और लक्षद्वीप में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

जबकि 16 और 17 अक्टूबर को केरल एवं तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 11 से 15 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा क्षेत्र में आज 11 अक्टूबर को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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कल का मौसम: दिल्ली-NCR, पंजाब और यूपी में आंधी का अलर्ट! वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से 6 अक्टूबर को इन इलाकों में बदलेगा मौसम

Weather Update: देश भर में मानसून की औपचारिक विदाई के बीच एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम पर असर दिखाने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर के लिए जारी ताजा मौसम अलर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदलने जा रहा है। 6 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों के असर से मूसलाधार बारिश का सिलसिला कल भी जारी रहने वाला है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के पहाड़ों में 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत में एक्टिव हो रहे नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का सबसे ज्यादा असर मैदानी और पहाड़ी इलाकों के आसमान पर देखा जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक 6 अक्टूबर को दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख सहित) के अलग-अलग इलाकों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश (पूर्वी व पश्चिमी) और मध्य प्रदेश के विदर्भ व पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भी बादलों की गर्जना और बिजली चमकने का अनुमान जताया गया है।

केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण भारत के राज्यों में चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाओं की वजह से बारिश का जोर बना हुआ है। 6 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तीन राज्यों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। केरल और माहे में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के दक्षिणी आंतरिक जिलों में गरज-चमक के साथ भारी पानी गिरने के आसार हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में तेज मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 40 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम (उप-हिमालयी व गांगेय क्षेत्र) में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश के निचले और मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी पृथक स्थानों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

कल का मौसम: 3 अक्टूबर को इन राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, अरुणाचल में भारी बारिश, तमिलनाडु में 50 kmph तक हवाएं

IMD Weather Update: देश के बड़े हिस्से से मानसूनी हवाओं की वापसी के बीच पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी चक्र की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर के लिए जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और उमस भरा मौसम देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि दक्षिण भारत के तमिलनाडु और पुडुचेरी में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अक्टूबर को पूर्वोत्तर भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश में बादलों की आवाजाही और बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। राज्य में अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न जिलों में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तेज गर्जना होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

तमिलनाडु में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में चक्रवाती परिसंचरण के असर से तूफानी हवाओं और आंधी की गतिविधियां तेज रहेंगी। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम विज्ञानियों ने स्थानीय निवासियों को तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खुले में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

Weather alerts

आंध्र प्रदेश, केरल और बंगाल में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

देश के अन्य तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश के मैदानी और तटीय इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। वहीं, पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

मछुआरों के लिए राहत, समुद्र में स्थिति नियंत्रित

तटीय इलाकों में तेज झोंकेदार हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 3 अक्टूबर को समुद्र में किसी बड़े चक्रवाती दबाव या तूफान का खतरा नहीं है। इसी वजह से मौसम विभाग द्वारा मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, और समुद्री गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकती हैं।

Weather Alert: एमपी से यूपी और उत्तराखंड तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की ये चेतावनी

Weather Alert: पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बना डिप्रेशन (दबाव का क्षेत्र) अब उत्तर भारत की तरफ रुख कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 26 सितंबर 2026 की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह डिप्रेशन 26 सितंबर की शाम तक पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से होते हुए दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इसके बाद उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 12 घंटों के भीतर धीरे-धीरे कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल हो जाएगा।

यूपी, उत्तराखंड और एमपी में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

इस डिप्रेशन और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त असर से मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में भीषण बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। 26 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बेहद सख्त रहेगा। उत्तरी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। दक्षिणी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों हिस्सों में बेहद मूसलाधार बारिश का अलर्ट है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ पृथक इलाकों में असाधारण और अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। 28 सितंबर को भी राज्य में भारी वर्षा का सिलसिला बना रहेगा। 26 सितंबर को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 27 सितंबर को पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड मूसलाधार बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में इस मौसमी तंत्र की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में जमकर पानी बरसा है। उत्तर प्रदेश में 21 सेमी से अधिक रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड में अत्यधिक बारिश हुई। गांगेय पश्चिम बंगाल, पश्चिमी मध्य प्रदेश, केरल, बिहार और विदर्भ में भारी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 60kmph की आंधी और बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम का व्यापक असर देखा जाएगा। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 26 और 27 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी। इसके साथ ही 26 और 27 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी/घंटे तक) चलने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है।

हिमाचल प्रदेश में 26 और 28 सितंबर को भारी बारिश और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी राजस्थान में 26 से 30 सितंबर और पश्चिमी राजस्थान में 27 से 29 सितंबर के दौरान झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

बिहार, झारखंड और बंगाल का मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में 26 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है। बिहार में 26 सितंबर को तेज सतही हवाएं चलने के साथ कई जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 26 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में 26 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 26 से 29 सितंबर के दौरान तेज बारिश और हवाओं का दौर बना रहेगा।

दक्षिण, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत की स्थिति

दक्षिण भारत में केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में 26 से 30 सितंबर के बीच 30 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिम भारत में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में 26 से 28 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 26 और 27 सितंबर को बिजली चमकने और 29 व 30 सितंबर को असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान है।

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Monsoon Update: मानसून की विदाई के संकेत के बीच यूपी से गुजरात तक भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई और देश भर में जारी मौसमी हलचलों को लेकर ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। हालांकि मानसून की विदाई के इन संकेतों के बीच देश के कई हिस्सों में झमाझम और आफत की बारिश का दौर जारी है।

दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 14 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ में अत्यंत भारी बारिश और गुजरात रीजन में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों का हाल और सक्रिय मौसमी प्रणालियां

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान हरियाणा, तेलंगाना और पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 से 20 सेमी तक की बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कोंकण, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात रीजन, उत्तराखंड, तमिलनाडु, ओडिशा और असम के कई हिस्सों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कोंकण-गोवा में अत्यंत भारी बारिश का संकट

पश्चिमी भारत में 14 सितंबर को बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र एवं कच्छ के अलग-अलग इलाकों में 14 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात रीजन में 14 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की आशंका है जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में 15 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

मध्य महाराष्ट्र में 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कोंकण और गोवा संग गुजरात रीजन व सौराष्ट्र-कच्छ में 14 और 15 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR, राजस्थान और पंजाब में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलेगा। उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में 14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 और 15 सितंबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान दोनों हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। राजस्थान में 14 से 16 सितंबर के बीच 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अनुमान जताया गया है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम

मध्य भारत के राज्यों में 14 सितंबर को व्यापक बारिश का असर दिखेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर को कई जगहों पर बारिश होगी। इसमें पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट शामिल है। विदर्भ में 14 और 15 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 15 से 20 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में छिटपुट बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बंगाल, बिहार और ओडिशा में बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में 14 से 20 सितंबर के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। 16 सितंबर को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 16 और 17 सितंबर को और ओडिशा में 14 सितंबर और 18 से 20 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 14 से 18 सितंबर के दौरान तेज आंधी और हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 15 से 18 सितंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 सितंबर तक बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना और कर्नाटक में आंधी-तूफान का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में केरल, माहे और लक्षद्वीप में 14 से 20 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 14 सितंबर को 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 14 से 20 सितंबर तक, केरल व माहे में 14-16 और 19-20 सितंबर को, तथा तटीय आंध्र प्रदेश, यानम व रायलसीमा में 19 और 20 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

समुद्र में तेज हवाएं: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों में हवाओं के कड़े रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को चेतावनी दी है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। उत्तरी महाराष्ट्र तट, पूर्व-मध्य अरब सागर और दक्षिण केरल तट से सटे कोमोरिन क्षेत्र में 14 सितंबर को खराब समुद्री स्थिति रहेगी।

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इसके साथ ही सोमालिया तट और उससे लगे अरब सागर में 19 सितंबर तक और बंगाल की खाड़ी व अंडमान सागर के इलाकों में 15 से 19 सितंबर के दौरान तूफानी हवाएं चलने के कारण समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाने की सलाह दी गई है।

कल का मौसम: 10 सितंबर को ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग, बिहार-झारखंड संग 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 50kmph स्पीड से आएगी आंधी

IMD Heavy Rain Alert for September 10: देशभर में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी करते हुए पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड कलर वॉर्निंग जारी की है। वहीं, उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के करीब 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में रेड अलर्ट: अत्यंत भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 10 सितंबर को ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से लेकर बेहद भारी और कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। ओडिशा के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से राज्य में जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और ट्रैफिक कंजेशन देखने को मिल सकता है।

बिहार, झारखंड और बंगाल समेत 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

ओडिशा के अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर देखने को मिलेगा। IMD ने 12 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश से प्रभावित होने वाले राज्यों में बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और केरल (माहे सहित) शामिल हैं।

इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और बादलों की गर्जना की भी संभावना जताई गई है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी, वज्रपात की चेतावनी

10 सितंबर को कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहने वाला है। आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।

बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए एहतियात बरतने को कहा गया है।

तटीय इलाकों में तेज हवाएं और अरब सागर में हलचल

मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तापमान और नमी के ऊंचे स्तर की वजह से गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।

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समुद्री गतिविधियों की बात करें तो अरब सागर में मौसम काफी अशांत रहेगा। सोमालिया और ओमान के तटों से सटे उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और मध्य-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को इन समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

मौसम से सावधान! MP और राजस्थान में लो-प्रेशर एरिया का सिस्टम एक्टिव, 10 सितंबर तक यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में इस वक्त अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है और मानसून अपना विकट रूप दिखा रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया का मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके अगले दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में 10 सितंबर तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 6 से 7 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसमी सिस्टम के सीधे प्रभाव की वजह से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों में 4 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी और 6 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश कुछ हद तक हल्की पड़ सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर और फिर 8 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

उत्तर भारत का मौसम: दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 और 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 6 सितंबर तक भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल काफी मजबूत रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान बारिश का दौर तेजी पकड़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत और बिहार में 10 सितंबर तक कैसा रहेगा वेदर?

पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां कई राज्यों को भिगोएंगी। बिहार में 5, 6 और 10 सितंबर को भारी बारिश के साथ व्यापक स्तर पर गरज-चमक का अलर्ट दिया गया है जबकि 7 से 9 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है और 8 से 10 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 8 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 9 और 10 सितंबर को बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4 से 10 सितंबर के दौरान अच्छी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत का हाल

पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में अगले एक सप्ताह तक तेज मानसूनी बारिश बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 सितंबर के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 4 से 10 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 4 सितंबर को गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुल मिलाकर बारिश कुछ हद तक शांत रहेगी लेकिन तटीय इलाकों और अंदरूनी हिस्सों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। हवाओं की स्पीड बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 6 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक में 4 से 10 सितंबर तक अच्छी बारिश होगी जबकि लक्षद्वीप में 9 और 10 सितंबर को व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

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कल का मौसम: 4 सितंबर को इन इलाकों में नहीं थमेगी बारिश! MP में बहुत भारी बारिश संग दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में अलर्ट

Weather Update for September 4: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार से बरस रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 सितंबर को देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं लेगा। मध्य प्रदेश समेत उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही देश के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में तेज तूफानी हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

मध्य प्रदेश में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मध्य प्रदेश के लोगों को 4 सितंबर को मौसम के कड़े मिजाज का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही राज्य में बारिश के दौरान कुछ जगहों पर बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव और नदी-नालों के उफान से सतर्क रहने की सलाह दी है।

दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और उत्तराखंड का मौसम

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 4 सितंबर को झमाझम बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 4 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। राजस्थान में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बारिश का अलर्ट

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का असर खासा देखने को मिलेगा। बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में बारिश के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कल भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इन सभी राज्यों में बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश होने की आशंका बनी हुई है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश के साथ-साथ तेज सतही हवाओं की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है। तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

करपुरहत

पश्चिम भारत के मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। इसके अलावा अरब सागर में सोमालिया तट से लगे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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Abhinandan Varthaman: पाकिस्तानी फाइटर जेट गिराने वाले एयरफोर्स के पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने IAF छोड़ी, अब गोवा के इस एयरलाइन से जुड़े

Abhinandan Varthaman: पाकिस्तानी जेट गिराने वाले इंडियन एयर फोर्स (IAF) के फाइटर पायलट और पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना से समय से पहले ही रिटायरमेंट ले लिया है। अब वह गोवा के एक प्राइवेट एयरलाइन में कमर्शियल पायलट के तौर पर अपना नया एविएशन करियर शुरू कर रहे हैं। वर्धमान को फरवरी 2019 में पाकिस्तान एयरफोर्स के फाइटर जेट के साथ हवाई लड़ाई में अपना विमान गिराए जाने के बाद पाकिस्तान में तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था।

करीब दो दशक इंडियन एयरफोर्स में सेवा देने के बाद यह अभिनंदन के करियर की नई पारी है। अभिनंदन 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तानी फाइटर जेट F-16 गिराने के बाद भारत समेत दुनियाभर में सुर्खियों में आए थे। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अभिनंदन अब पायलट के तौर पर रीजनल एयरलाइन FLY91 से जुड़ गए हैं।

कॉमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे

सूत्रों ने बताया कि यहां वे कॉमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे। सूत्रों ने बताया कि ‘वीर चक्र’ से सम्मानित वर्तमान अगस्त में गोवा की एयरलाइन FLY91 में पायलट के तौर पर शामिल हुए। 2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष के बाद वर्धमान चर्चा में आए थे। उस हवाई लड़ाई के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया था। इसके बाद उन्हें तीन दिनों तक पाकिस्तान में हिरासत में रखा गया था।

‘वीर चक्र’ से सम्मानित

उन्हें 2021 में ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया था, जो युद्ध के समय वीरता के लिए भारत का तीसरा सबसे बड़ा सम्मान है। इस सम्मान के लिए जारी प्रशस्ति पत्र में हवाई संघर्ष के दौरान उनके “कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण” को सराहा गया था। FLY91 के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने पीटीआई से कहा कि किसी कर्मचारी की निजी जानकारी एक निजी मामला है। एयरलाइन में वर्तमान की भूमिका के बारे में और जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी। गोवा स्थित FLY91 ने मार्च 2024 में अपना कामकाज शुरू किया था। इसके बेड़े में अभी छह ATR 72-600 विमान हैं। यह दो बेस गोवा और हैदराबाद से अपनी सेवाएं देती है।

अभिनंदन वर्धमान के बारे में बड़ी बातें

  • फरवरी 2019 में पुलवामा में आत्मघाती बम धमाके में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 40 जवानों की मौत के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ एयर स्ट्राइक की थी। नई दिल्ली ने कहा कि स्ट्राइक में बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ग्रुप के ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया गया था।
  • अगले दिन पाकिस्तान एयरफोर्स की जवाबी कार्रवाई से दोनों परमाणु बम से लैस दो पड़ोसियों के बीच युद्ध का डर पैदा हो गया था। इस टकराव का सबसे चर्चित चेहरा विंग कमांडर वर्धमान थे। उनके MiG-21 फाइटर जेट को गिराए जाने के बाद पाकिस्तान द्वारा उन्हें पकड़ लिए जाने से दशकों में दोनों पड़ोसियों के बीच सबसे गंभीर सैन्य संकट पैदा हो गया था।
  • 27 फरवरी 2019 को अपना जेट हिट होने से पहले वर्धमान  ने पाकिस्तान के F-16 फ़ाइटर जेट को मार गिराया था। उस समय विंग कमांडर रहे वर्धमान को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। 1 मार्च की रात को पाकिस्तान ने उन्हें रिहा कर दिया था।
  • हवाई लड़ाई के दौरान अपने मिग-21 बाइसन से बाहर निकलते समय वर्धमान को चोटें आई थीं। बाद में उसी साल डॉगफाइट के दौरान “असाधारण कर्तव्य-निष्ठा” दिखाने के लिए उन्हें भारत के युद्ध-समय के तीसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वर्धमान ने समय से पहले रिटायरमेंट क्यों लिया।

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