Tiger Shroff Firing: एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग का पहला वीडियो आया सामने, गोलियों की आवाज से मायानगरी में मची अफरा-तफरी

Tiger Shroff Firing: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई कथित फायरिंग की घटना से जुड़ा पहला वीडियो सामने आया है। मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस फायरिंग के वीडियो में गोली चलने की आवाजें सुनाई देने और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलियां चलाई थीं। सामने आए वीडियो में टोपी पहने दो संदिग्ध टाइगर श्रॉफ की ओर फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। एक आरोपी ने सामने से, जबकि दूसरे ने भीड़ के बीच से गोली चलाई। वारदात के बाद दोनों फरार हो गए, जिनमें से एक मोटरसाइकिल के जरिए मौके से भाग निकला। इस घटना में अभिनेता को कोई चोट नहीं आई। जबकि उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की खबर है।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की जांच में अब हमलावरों की पहचान करने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, मामले में हमलावरों की पहचान और फायरिंग के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

मौके पर मची अफरा-तफरी

सामने आए कथित वीडियो में फायरिंग के दौरान का तनावपूर्ण माहौल दिखाई देता है। फुटेज में गोलियों की आवाजें सुनाई देने का दावा किया गया है। घटना के दौरान लोग अचानक हुई गोलीबारी से घबराते नजर आते हैं और मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है। वीडियो के एक हिस्से में एक व्यक्ति को ‘टाइगर भाई’ कहते हुए भी सुना जा सकता है। इस फुटेज को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे हमलावरों की गतिविधियों और घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया को समझने में मदद मिल सकती है।

हमले के बाद एक्टर ने खुद दौड़ाई कार

एक वायरल वीडियो में ड्राइवर को चोट लगने के बाद टाइगर खुद कार चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वारदात के ठीक बाद टाइगर ने बहुत सूझबूझ दिखाई। गोलीबारी की घटना के बाद वह खुद कार से बाहर नहीं निकले, बल्कि अंदर ही ड्राइवर सीट बदल ली। वह जानते थे कि कार के बाहर अभी खतरा हो सकता है, इसलिए यही जगह उन्हें सबसे सुरक्षित दिखी।

जुहू के पुष्पा पार्क के पास हुई थी फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा पार्क के पास यह घटना हुई। आरोप है कि बाइक पर आए अज्ञात लोगों ने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाकर फायरिंग की।

घटना के समय टाइगर श्रॉफ सुरक्षित थे। हालांकि, उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की सूचना सामने आई है।

घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। फायरिंग की सूचना मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस की कई टीमें हमलावरों की पहचान करने, उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने और वारदात के पीछे की वजह समझने में जुटी हैं। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से कथित ऑडियो वायरल

फायरिंग की घटना के बाद एक कथित ऑडियो संदेश भी सामने आया। इस मैसेज में अनिल पंडित नाम से अपनी पहचान बताने वाले एक व्यक्ति और हरमन संधू ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। संदेश में सलमान खान से जुड़े फिल्म उद्योग के लोगों को भी धमकी दिए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, इस ऑडियो की प्रामाणिकता और फायरिंग में कथित गैंग की भूमिका की पुलिस की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, धमकी या कोई अन्य वजह थी। कथित ऑडियो और घटना के बीच संबंध स्थापित करने के लिए भी जांच जरूरी है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस कमिश्नर से की बात

घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती से बातचीत की। उन्होंने मामले की गहन जांच करने और वारदात के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी टाइगर श्रॉफ और उनके परिवार से मुलाकात। उन्होंने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया और अभिनेता को सुरक्षा का आश्वासन दिया।

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अब हमलावरों की पहचान पर पुलिस की नजर

फायरिंग का कथित वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के लिए हमलावरों की पहचान करना जांच का प्रमुख हिस्सा बन गया है। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और दूसरे तकनीकी इनपुट के आधार पर वारदात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। फिलहाल सबसे अहम सवाल यही हैं कि हमलावर कौन थे, उन्होंने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को ही निशाना क्यों बनाया और क्या इस घटना का कथित धमकी भरे ऑडियो से कोई संबंध है। इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।

जिस सिस्टम में हो उससे सवाल पूछना कभी मत छोड़ा, अभिनव बिंद्रा की खिलाड़ियों को सलाह

भारत के महान निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने शुक्रवार को कहा कि देश को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो अपने ही काम पर, उन्हें बताई गई प्रक्रिया पर और उस ढांचे पर सवाल उठाये जिसमें वह काम करते हैं।बीजिंग ओलंपिक 2008 में व्यक्तिगत स्पर्धा का ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बिंद्रा ने कहा कि उन्हें सफलता इसीलिये मिली क्योंकि वह सवाल पूछने का सामर्थ्य रखते थे।

उन्होंने संदर्भ का जिक्र नहीं करते हुए खिलाड़ियों को एक्स पर सलाह देते हुए कहा ,‘‘ मेरे पूरे खेल कैरियर में मैने कोचों से सवाल पूछे, सुझावों को चुनौती दी और उत्सुकता नहीं छोड़ी। इसलिये नहीं कि मैं सम्मान नहीं करता था बल्कि इसलिये कि मैं समझकर सीखना चाहता था।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे चिंता है कि जब खिलाड़ियों को लगता है कि वे खुलकर अपनी बात नहीं कह सकते, तो समय के साथ कुछ कहीं ज्यादा चिंताजनक स्थिति पैदा हो जाती है। वे धीरे-धीरे अपने मन में भी सवाल पूछना बंद कर देते हैं। और जब ऐसा होता है, तो हम खेल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जरूरी एक अहम चीज खो देते हैं।’’

बिंद्रा ने कहा ,‘‘ हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिये जो अपने काम, अपने कोचों और उन्हें बताई गई प्रक्रिया पर सवाल उठा सकें। विद्रोह के लिये नहीं बल्कि बेहतर प्रदर्शन की वास्तविक इच्छा के लिये। कुछ को यह अनुशासनहीनता लग सकती है लेकिन विकास के लिये जरूरी है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ सीखने की इच्छा छोड़ देने वाले खिलाड़ी और सवाल पूछना बंद करने वाले खिलाड़ी में फर्क है। यह अंतर समझना जरूरी है।’’

अब 43 साल के हो चुके बिंद्रा ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता था। वह ओलिंपिक खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी हैं।

वह 2010 से 2020 तक अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (International Shooting Sport Federation ISSF) की एथलीट समिति के सदस्य थे जिसमें वह 2014 से इसके अध्यक्ष रहे। वह 2018 से आईओसी एथलीट आयोग के सदस्य हैं।

BYD luxury brand Denza officially announces India entry

BYD luxury brand Denza officially announces India entry
denza india

Denza, the luxury brand of Chinese carmaker BYD, has announced its India entry by way of a recent social media post. This confirms our prior report on BYD bringing Denza to the Indian market in the coming months. The report also contained details surrounding Denza’s first pair of models for India.

BYD Denza India entry announcement

A recent social media post from Denza India shows the brand’s blue-and-silver hourglass-esque logo with “Arriving soon” written above. The caption adds that Denza is set to introduce a “sophisticated, high-performance EV experience” to the Indian market, which sounds par for the course for the brand. Denza models will be positioned above those offered by BYD, particularly above the Rs 80 lakh price point.

Denza was founded in 2010 as a joint venture between BYD and Mercedes-Benz Group. By 2024, Mercedes-Benz Group relinquished its shares in Denza entirely and transferred ownership to BYD. As it stands, Denza operates in markets like Southeast Asia, China, Australia, Europe, and Latin America, offering luxury and performance EVs and plug-in hybrids.

Which Denza cars are coming to India

Z9 GT

The Denza Z9 GT is a four-door shooting brake, which will make it the only one of its kind in the Indian market. It comes with a massive 122.5kWh battery pack powering a trio of electric motors that produce 1,156hp, sent to all four wheels. 0-100kph comes up in a claimed 2.7 seconds, and the top speed is rated at 270kph. The Z9 GT delivers a WLTP-rated range of 600km, and can be charged at up to a whopping 1,500kW – at this wattage, the battery takes just nine minutes for a 10 to 97 percent charge.

Rear-wheel steering is also part of the package, and enables cool features like the ‘crab walk’, where the Z9 GT can move sideways, and ‘Compass Turn 360°’, which can perform a full rotation of the car akin to the Mercedes G-Class Electric’s G-Turn function. Inside, the Z9 GT offers a triple-screen setup on the dashboard, along with two screens that project a feed of the outside cameras. Other notable features include Level 2+ ADAS, full leather upholstery, a 20-speaker Devialet sound system, powered, heated, ventilated, and massaging front seats, and more. Pricing for the Z9 GT is expected to land in the Rs 1.2 crore-1.5 crore range.

D9

Rounding off the duo is the Denza D9, a large luxury MPV that will take on the likes of the MG M9 and Toyota Vellfire. The India-spec D9 is likely to get a 103kWh battery pack with a front-mounted motor outputting 313hp and 360Nm. WLTP range for the D9 is 520km, and it can be charged at up to 200kW DC.

Inside, there’s a 2+2+3 seating layout, which means you get second-row captain’s chairs with electrical adjustment, heating, ventilation, and massage functions. Three-zone climate control, powered thigh extenders, a Dynaudio sound system, full leather upholstery, ambient lighting, and more are also part of the equipment list. Expect the D9 to be priced at around Rs 90 lakh, placing it between the M9 and Vellfire.

All prices are ex-showroom, India.

Hyundai Alcazar long-term review, 21,000km report

Hyundai Alcazar long-term review, 21,000km report
Hyundai Alcazar front quarter static

Our long-term Alcazar has done all sorts of jobs since it joined the fleet. City runs, airport pickups, the odd weekend getaway. But nothing quite like what it was asked to do recently. It had to play support car for our camera crew shooting a feature on the Delhi-Mumbai Expressway, and that meant a 2,700km round trip between Mumbai and Delhi with barely a day’s rest in between.

I wasn’t driving the entire way myself, and the Alcazar was only handed over to me in Delhi by one of our drivers. His enthusiasm to ask me if we needed him to drive it back to Mumbai was a testament of how impressed he really was with the Alcazar.

Hyundai Alcazar boot
Folded third row frees up a lot of space for luggage.

The brief was simple. The Alcazar had to carry three crew members and all their camera gear along with all our luggage. This is exactly the kind of job our Alcazar has proven good at before, and it didn’t disappoint this time either. With the third row folded flat, the boot swallowed almost everything.

The captain seats in the second row turned out to be a real boon, especially for the camera crew – super comfy during a long day of shooting. The foldable tray table was handy for the laptop to copy and work on footage, and the fact that it was steady enough says a lot about the good build quality.

Hyundai Alcazar interior
Design is simple yet ergonomic. Dark-coloured interiors help it look clean.

The Delhi-Mumbai Expressway is where this car was always going to shine, and it did. Long, arrow-straight sections let the 1.5-litre turbo-petrol settle into an easy cruise. At 100kph in top gear, the engine barely feels stressed, and wind noise is well contained for a car this size. We clocked long hours driving in a single day on the way back, stopping only for fuel and food, and nobody complained of fatigue by the end of it.

The DCT, which I’ve spoken of before, is jerky in bumper-to-bumper traffic, but was not an issue here. Once you’re past 40kph and holding a steady throttle, it’s smooth and quick to respond. It’s really only the crawl through Mumbai and Delhi outskirts where its low-speed hesitation showed up.

Hyundai Alcazar alloy wheels
Large 18-inch wheels look stylish, but they don’t help the Alcazar’s ride quality.

The return leg we took had some patchy sections in Maharashtra, where the NE4 Expressway ends and connects to the old Golden Quadrilateral section of the highway. The Alcazar’s ride, tuned more for comfort on good surfaces, felt busy over broken patches. Nothing alarming, but the ride did feel slightly firmer than I expected from a car this size.

This stretch also penalised fuel efficiency. Loaded up with gear, four adults, and running the air conditioning at full blast through most of the drive, the trip computer settled at 12.8kmpl. That’s respectable for a heavy petrol SUV doing this kind of duty, but it’s definitely not the frugal numbers our diesel Alcazar managed, doing the same duty on the Kashmir-to-Kanyakumari run a few years back.

Hyundai Alcazar ventilated seats
Ventilated driver and passenger seats are a boon on a hot, sunny afternoon.

A few other bits we did appreciate. The ventilated seats made the long hours of driving through the heat a lot more comfortable. The adaptive cruise control also was genuinely useful on the Expressway stretch, taking a lot of the fatigue out of long, straight sections. The absence of wireless Android Auto or Apple CarPlay was an irritant, as it meant connecting to the Infotainment using the cable and having a fully charged phone constantly plugged in for a long period of time.

Another observation on this trip: the plasticky bits on the dashboard picked up a fair bit of dust, especially with four people living out of the car for five days. To be honest, though, the camera crew kept the windows rolled down for a fair amount of time shooting. Thankfully, nothing a wipe down couldn’t fix.

Hyundai Alcazar USB ports
Type-A USB for smartphone interface needed. Type-C only works for charging.

At the end of it all, the Alcazar clocked close to 2,750km in five days absolutely fuss-free. No warning lights, no rattles that weren’t there before. It’s exactly the kind of trip that reminds you why a car like this earns its place in our long-term fleet. Not glamorous, not the fastest thing on the road, but dependable when you need it most. As it happens, this Mumbai-Delhi-Mumbai run turned out to be its last big assignment with us. With this report, our time with the Alcazar comes to a close, and it’s headed back to Hyundai. It leaves the fleet the same way it arrived, quietly capable, and it’s fitting that its final outing was spent doing what it always did best, hauling people and gear over long distances without a fuss.

Hyundai Alcazar Petrol DCT Signature 6-seater test data

Odometer21,024km
PriceRs 21.09 lakh (ex-showroom)
Economy12.8kpl (overall)
Previous reportsApril 2026, June 2026

Asian Games 2026: शूटिंग से एथलेटिक्स तक खिलाड़ियों ने मचाया धमाल, भारत ने 6वें दिन जीते 6 मेडल

एशियन गेम्स 2026 भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। एशियन गेम्स के 6वें दिन भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह मेडल अपने नाम किए। 25 सितंबर यानी शुक्रवार को आइची-नागोया में भारत को शूटिंग में दो, ट्रैक एंड फील्ड में तीन और टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स में एक ब्रॉन्ज मेडल मिला। एशियन गेम्स 2026 में 6वें दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में कुल 23 मेडल हो गए हैं। इनमें 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक तालिका में भारत 12वें स्थान पर है।

वहीं सातवें दिन के मुकाबलों के बाद चीन मेडल टेबल में सबसे आगे रहा और उसके खाते में अब तक 98 गोल्ड मेडल दर्ज हो चुके हैं। आइए जानते हैं आज किस-किस खिलाड़ी ने भारत के लिए मेडल

एयर पिस्टल मिक्स्ड में मिला गोल्ड

सुरुचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम मुकाबले में शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए। वहीं, दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गेउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्श पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता। इस मुकाबले में चीन की टीम 1766 अंक के साथ पहले स्थान पर रही और गोल्ड अपने नाम किया। वहीं, दक्षिण कोरिया ने 1751 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में मिला ब्रॉन्ज

मानुष शाह और दिया चितले की भारतीय जोड़ी को एशियन गेम्स के टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल मिला। सेमीफाइनल में उन्हें चीन की वांग चुकिन और सुन यिंगशा की जोड़ी से 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा में भारत की मनप्रीत कौर ने 17.17 मीटर का थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वहीं भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 मिनट का समय दर्ज किया और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस पदक के साथ उन्होंने एशियन गेम्स में अपने पिछले ब्रॉन्ज मेडल को सिल्वर में बदल दिया और एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक अपनी उपलब्धियों में जोड़ लिया।

एशियन गेम्स 2026 में बारानिका एलंगोवन ने महिलाओं के पोल वॉल्ट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के लिए खास उपलब्धि हासिल की। 25 सितंबर को जीता ये पदक उनके करियर के साथ-साथ भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण रहा।

दूसरे गोल्ड का इंतजार खत्म किया शूटिंग टीम ने, दिलाया एक सिल्वर भी

भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता।

ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन ने 1766 अंक के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 1751 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

तोमर ने 589 और नीरज ने 588 अंक के साथ व्यक्तिगत 3पी स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। दोनों क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।

रुद्रांक्ष हालांकि व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके क्योंकि एक देश से अधिकतम दो निशानेबाज ही व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश कर सकते हैं। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई।

इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे।

यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था।

फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले 10 शॉट के बाद वे 202.4 अंक के साथ शीर्ष पर थीं। सुरुचि ने पहली कोशिश में 10.4 और कमलजीत ने 9.7 अंक हासिल किए, जबकि दूसरी कोशिश में सुरुचि ने 10.2 और कमलजीत ने 9.8 अंक जुटाए। इसके बाद 101.3 अंक की अगली सीरीज के साथ भी भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।

Asian Games में भारत की मिश्रित स्कीट टीम ने कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास

TraP Shooting

अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों की स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। यह एशियाई खेलों की मिश्रित टीम स्कीट स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। इस कांस्य के साथ भारतीय स्कीट टीम ने महज दो दिन में तीन पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

तेज हवा के कारण मुश्किल परिस्थिति में अनंतजीत और परिनाज के लिए इस पदक की अहमियत उसके रंग से कहीं ज्यादा थी।दोनों ने क्वालीफिकेशन में 138 अंक हासिल कर चार टीमों के फाइनल में चौथे स्थान के साथ प्रवेश किया। अनंतजीत ने 75 में से 70 और परिनाज ने 68 निशाने साधे। कतर 145 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया 143 और चीन 140 अंकों के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर थे।

फाइनल शुरू होते ही क्वालीफिकेशन के सारे आंकड़े पीछे छूट गए। क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहने वाला कतर सबसे पहले बाहर हुआ। राशेद सालेह और रीमा घनेम अपने शुरुआती 12-12 निशानों में संघर्ष करते रहे। कतर के बाहर होते ही भारत का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया और पदक का रंग बदलने की संभावना भी बनी रही।

भारत ने शुरुआत अच्छी की और 24 में से 21 निशाने सही लगाए। चीन 23 के साथ आगे था, जबकि दक्षिण कोरिया के 22 निशाने सही रहे। अगले राउंड में दबाव और बढ़ गया। बीच-बीच में चल रही तेज हवाओं ने मुकाबले को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। भारत ने इसका अच्छी तरह सामना किया। नरूका की केवल एक चूक के साथ भारत ने 24 में से 23 निशाने सही लगाए और उसका कुल स्कोर 44 हो गया।

यह कांस्य पदक के लिए पर्याप्त था, लेकिन स्वर्ण की दौड़ में बने रहने के लिए नहीं। चीन और दक्षिण कोरिया अंतिम राउंड में पहुंचे। चीन ने 52 अंकों के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 51 अंकों के साथ रजत पदक जीता। भारत 44 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

Asian Games में भारत की पुरुष और महिला स्कीट टीमों ने जीते कांस्य पदक

भारतीय पुरूष और महिला स्कीट टीमों ने बुधवार को एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीते।आज खेले गये मुकाबले में परिनाज धालीवाल, माहेश्वरी चौहान और ओलंपियन राइजा ढिल्लों ने महिलाओं की स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। परिनाज और ढिल्लों, दोनों ने 125 में से 111 शॉट लगाए, जबकि माहेश्वरी ने 125 में से 109 का स्कोर किया और इस तरह भारतीय तिकड़ी ने टीम स्पर्धा में पोडियम पर जगह बनाई।

तीन दिन के क्वालीफिकेशन दौर के बाद भारत की रायजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल की महिला स्कीट टीम ने बुधवार को 331 के संयुक्त स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। चीन (357) को स्वर्ण और कजाखस्तान (336) को रजत पदक मिला। स्कीट स्पर्धा में प्रत्येक निशानेबाज को 125 अंकों में से अधिकतम अंक हासिल करने होते हैं। परिनाज़ और रायजा दोनों ने 125 में से 111 अंक, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक हासिल करके पोडियम स्थान प्राप्त किया।

रायजा और परिनाम ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई। क्वालीफाइंग दौर में रायजा आठवें और परिनाज नौवे स्थान पर रही।  अनंतजीत सिंह नरूका, मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल ने 346 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता।

अनंतजीत ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई। उन्होंने 119 स्कोर किया जबकि मैराज ने 116 और भवतेग ने 111 स्कोर किया।भारत के अब निशानेबाजी में चार रजत और तीन कांस्य पदक हैं।

Asian Games में भारतीय निशानेबाजों का कमाल, जीते दो और सिल्वर मेडल

युवा निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने रोमांचक मुकाबले में दबाव के बीच संयम बनाए रखते हुए सोमवार को यहां एशियाई खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीता जबकि दोनों ने पार्थ माने के साथ मिलकर टीम स्पर्धा का रजत पदक भी अपने नाम किया।

इन तीन पदक से निशानेबाजी में भारत की पदक संख्या पांच हो गई है जिसमें चार रजत और एक कांस्य शामिल है। हालांकि एक बार फिर चीन के पेरिस ओलंपिक के दोहरे स्वर्ण पदक विजेता लिहाओ शेंग को कोई पीछे नहीं छोड़ सका। विश्व के नंबर एक निशानेबाज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता।

शेंग ने 254.2 अंक के खेलों के और एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। सोमवार को अपना 21वां जन्मदिन मना रहे हिमांशु ने 252.4 अंक के साथ रजत जीता। रुद्रांक्ष ने 230.9 अंक हासिल किए। मजबूत शुरुआत के बाद वह स्वर्ण पदक की चुनौती पेश करते दिख रहे थे लेकिन अंततः तीसरे स्थान पर रहे।व्यक्तिगत ढिल्लों, अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे रुद्रांक्ष और 18 वर्षीय माने के टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने के महज एक घंटे बाद आए।

चीन ने एक बार फिर मानक स्थापित किया। शेंग, झांग चांगहोंग और मा सिहान की चीन की तिकड़ी ने 1899.0 अंक जुटाकर पिछले साल काहिरा में बनाए अपने 1898.4 अंक के विश्व रिकॉर्ड में सुधार किया। दक्षिण कोरिया ने 1884.2 अंक के साथ कांस्य जीता जबकि भारत के 1890.1 अंक रहे।

व्यक्तिगत फाइनल की कहानी कुछ अलग थी। इसमें ढिल्लों और रुद्रांक्ष के बीच रजत और कांस्य पदकों के लिए कड़ा मुकाबला हुआ जबकि शेंग लगातार बढ़त मजबूत करते गए।

रुद्रांक्ष शुरुआत में चीन के स्टार को चुनौती देने वाले भारतीय निशानेबाज के तौर पर आगे नजर आए। दूसरी सीरीज के बाद 2022 विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष के कुल 106.0 अंक थे और वह शेंग से 1.1 अंक आगे थे। हिमांशु के 104.8 अंक थे।

हालांकि एलिमिनेशन सीरीज में स्थिति बदल गई।रुद्रांक्ष ने 9.7 का निशाना लगाया जबकि ढिल्लों ने 10.6 अंक हासिल कर 24 शॉट के फाइनल के 22वें शॉट के बाद दूसरा स्थान हासिल कर लिया। पदार्पण कर रहे ढिल्लों ने अपने काफी अनुभवी साथी पर 0.1 अंक की बढ़त बना ली।

Canon का धांसू कैमरा लॉन्च, 24.2MP सेंसर और 40fps शूटिंग से है लैस, जानें कीमत और फीचर्स

Canon EOS R8 Mark II: Canon ने भारत में EOS R8 Mark II लॉन्च किया है। यह नया फुल-फ्रेम मिररलेस कैमरा EOS R8 का अगला वर्जन है और इसमें 24.2MP का सेंसर, DIGIC X प्रोसेसर, फाइव-एक्सिस इन-बॉडी इमेज स्टेबिलाइजेशन और डुअल पिक्सेल CMOS AF II ऑटोफोकस जैसे फीचर्स हैं। बता दें कि टैक्स सहित इस कैमरे की बॉडी की कीमत ₹1,78,995 रखी गई है। Canon ने इस कैमरे को कॉम्पैक्ट बॉडी के साथ नए सिरे से डिजाइन किया है और ऑटोफोकस कंट्रोल के लिए इसमें मल्टी-कंट्रोलर जॉयस्टिक भी जोड़ा है।

Canon EOS R8 Mark II: स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Canon EOS R8 Mark II में फुल-फ्रेम CMOS सेंसर दिया गया है, जो 24.2 MP का इफेक्टिव रेजोल्यूशन देता है। Canon के मुताबिक, इसका बड़ा सेंसर समान फोकल लेंथ वाले APS-C सेंसर की तुलना में ज्यादा चौड़ा फील्ड ऑफ व्यू देता है। इसे खासतौर पर कम रोशनी में बेहतर फोटो लेने के लिए डिजाइन किया गया है।

स्टेबिलाइजेशन के लिए कैमरे में 5-एक्सिस इन-बॉडी इमेज स्टेबिलाइजेशन दिया गया है। अगर इसे इन-लेंस स्टेबिलाइजेशन वाले किसी कम्पैटिबल RF लेंस के साथ इस्तेमाल किया जाता है, तो Canon का Coordinated Control IS सिस्टम सेंटर में 7.5 स्टॉप तक और किनारों पर 7 स्टॉप तक स्टेबिलाइजेशन दे सकता है।

EOS R8 Mark II के इलेक्ट्रॉनिक शटर से 40 फ्रेम प्रति सेकंड (fps) तक लगातार शूटिंग की जा सकती है। इसमें Dual Pixel CMOS AF II ऑटोफोकस सिस्टम दिया गया है। इसके साथ Pre-Continuous Shooting और Register People Priority जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। Register People Priority की मदद से यूजर किसी खास रजिस्टर्ड व्यक्ति को चुनकर उसके लिए ऑटोफोकस ट्रैकिंग को प्राथमिकता दे सकता है।

वीडियो के लिए Canon EOS R8 Mark II कैमरा

वीडियो क्रिएटर्स के लिए, EOS R8 Mark II कैमरा 60fps तक 6K-ओवरसैम्पल्ड 4K वीडियो और 180fps तक Full HD वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। यह उन यूजर्स के लिए Canon Log 3 और Custom LUTs को भी सपोर्ट करता है जो पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान अपने फुटेज पर ज्यादा कंट्रोल चाहते हैं। कैमरा वायर्ड और वायरलेस लाइव-स्ट्रीमिंग के ऑप्शन देता है, साथ ही UVC और UAC सपोर्ट इसे कम्पैटिबल 4K लाइव-स्ट्रीमिंग और वीडियो कॉल के लिए इस्तेमाल करने लायक बनाता है।

Canon ने VR से जुड़े फीचर्स भी जोड़े हैं, जिनमें फुल-फ्रेम और APS-C VR लेंस और VR Clear Mode का सपोर्ट शामिल है। इसका Dual Pixel 3D Converter सॉफ्टवेयर, कैमरे के Dual Pixel CMOS AF सिस्टम से कैप्चर की गई दूरी की जानकारी का इस्तेमाल करके स्टिल फोटोग्राफ को 3D मॉडल में बदल सकता है।

Canon EOS R8 Mark II: नए क्रिएटिव फीचर्स

कैमरे में दो नए कलर फिल्टर – Negative Filmtone और Positive Filmtone – जोड़े गए हैं, जिससे कलर फिल्टर की कुल संख्या 16 हो गई है। इसमें Handheld Night Scene Mode के लिए अतिरिक्त कलर मोड भी दिए गए हैं। Creative AUTO Mode क्रिएटिव इफेक्ट्स को एडजस्ट करने के लिए एक इंटरफेस देता है, जबकि Background Blur फीचर को वीडियो रिकॉर्डिंग तक बढ़ाया गया है।

भारत में Canon EOS R8 Mark II की कीमत

प्रोडक्टकीमत
Canon EOS R8 Mark II बॉडी₹1,78,995
Extension Grip EG-E2₹9,995
Tripod Grip HG-1000TBR₹11,495

Canon ने कैमरे के साथ-साथ Extension Grip EG-E2 और Tripod Grip HG-1000TBR भी पेश किए हैं। इनकी कीमत और उपलब्धता अलग-अलग मार्केट में अलग हो सकती है।

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