एक्टर डिनो मोरिया के अरेस्ट होने के दावे का पूरा सच आया सामने, मीठी नदी घोटाला वाला केस भी जान लीजिए

बॉलीवुड एक्टर डिनो मोरिया इन दिनों मीठी नदी की सफाई से जुड़े 65 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में को लेकर चर्चा में है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 2 अक्टूबर को उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी गिरफ्तारी का दावा किया गया था। डिनो मोरिया ने खुद इन खबरों को गलत बताया। वहीं EOW की ओर से भी गिरफ्तारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मीठी नदी से जुड़े मामले में जांच जारी है। आइए जानते हैं क्या है मीठी नदी की सफाई घोटाले से जुड़ा मामला

डिनो मोरिया को नहीं किया गया गिरफ्तार

डिनो मोरिया ने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने की खबरों को खारिज कर दिया। इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बांद्रा स्थित उनके घर पर पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। मोरिया की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद एक्टर ने व्हाट्सऐप के जरिए संबंधित मीडिया आउटलेट को बताया कि ये खबरें “सच नहीं हैं”। बाद में सामने आई रिपोर्ट में भी मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की ओर से डीनो मोरिया की गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

EOW के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर डीनो मोरिया से पूछताछ की जा रही थी। इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद तय की जाएगी।

 

क्या है पूरा मामला

ये मामला मुंबई की मीठी नदी की सफाई और सुधार से जुड़े ठेकों में कथित आर्थिक गड़बड़ी को लेकर EOW जांच कर रहा है। जांच एजेंसी ठेकेदारों, बिचौलियों और कुछ नगर निगम अधिकारियों की भूमिका के साथ-साथ प्रोजेक्ट से जुड़े ठेकों और पेमेंट की भी जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में बीएमसी को करीब 65.54 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया गया है।

पहले भी हो चुकी है पूछताछ

इस मामले में डीनो मोरिया से पहले भी पूछताछ हो चुकी है। मई 2025 में EOW ने उनसे और उनके भाई सैंटिनो मोरिया से सवाल किए थे। जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ ऐसे फोन रिकॉर्ड मिले थे, जिनसे कथित तौर पर मामले से जुड़े लोगों के साथ उनके संपर्क की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा, जांच एजेंसी सैंटिनो की कंपनी UBO Ridez और केस से जुड़े लोगों के बीच हुए पैसों के लेनदेन की भी जांच कर रही थी।

इस मामले की जांच में केतन कदम का नाम भी सामने आया है, जिन्हें 2025 में हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मोरिया के घर पर तलाशी ली थी। यह कार्रवाई मीठी नदी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की बड़ी जांच के तहत की गई थी।

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दिल्ली में 2 अक्टूबर को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन होगा या नहीं? जानिए कल का क्या होने वाला है

2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले इस प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस ने फिलहाल अनुमति नहीं दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आयोजकों की ओर से प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है, लेकिन जंतर-मंतर पर सभा करने की मंजूरी अभी नहीं मिली है।

यह प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों की ओर से बुलाया गया है। प्रदर्शन में चुनाव आयोग के कामकाज और वोटर लिस्ट में होने वाले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सवाल उठाए जाएंगे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित इस प्रदर्शन के लिए अभी तक अनुमति नहीं दी गई है।

बता दें कि यह प्रदर्शन गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को आयोजित किया जाना है। इस दौरान प्रदर्शन के आयोजकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर इलाके की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड्स भी लगा दिए हैं।

बता दें कि आम आदमी पार्टी (AAP) दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को लोगों से जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की सार्वजनिक अपील की थी। इसके अलावा, कुछ अन्य विपक्षी समूह भी इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं या अलग से प्रदर्शन कर सकते हैं।

इस बीच, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 2 अक्टूबर को शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में समानांतर “जेल भरो आंदोलन” की घोषणा की है।

दिपके ने पहले कहा था कि मुंबई पुलिस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के 2 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद, उन्होंने गांधी जयंती के दिन ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया।

शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की इजाजत क्यों नहीं मिली?

हालांकि, मुंबई पुलिस ने साफ किया कि बॉम्बे हाई कोर्ट के 2013 के आदेश को देखते हुए, उन्हें शिवाजी पार्क में सभा के लिए “इजाजत देने का अधिकार नहीं है” और यह इलाका एक “साइलेंस जोन” है। पुलिस ने कहा कि आवेदन करने वाले अजिंक्य शिंदे को सलाह दी गई थी कि वे मुंबई में कोई दूसरी जगह देखें और इजाजत के लिए आवेदन करें, जिस पर उचित रूप से विचार किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, CJP ने मूल रूप से योजना बनाई थी कि अगर ज्ञानेश कुमार CEC के पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 2 अक्टूबर को मुंबई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

ANI के मुताबिक, 25 सितंबर को दिपके ने कहा था, “अगर ज्ञानेश कुमार कल तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो CJP 2 अक्टूबर को मुंबई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा और इसे भारत भर के शहरों तक ले जाएगा। आइए, इस गांधी जयंती पर लोकतंत्र को बचाने का संकल्प लें।”

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सीजेपी का जेल भरो आंदोलन का ऐलान

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देने के लिए दो अक्टूबर तक की समय सीमा दी है। सीजेपी ने कहा है कि अगर दो अक्टूबर तक इस्तीफा नहीं होता है या उनको नहीं हटाया जाता है तो मुंबई के शिवाजी पार्क में आंदोलन करेंगे और अगर आंदोलन की अनुमति नहीं मिली तो जेल भरो आंदोलन शुरू होगा। इस बीच आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने सीजेपी को सलाह दी है कि उनको ज्ञानेश कुमार का नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी का इस्तीफा मांगना चाहिए। केजरीवाल ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार ने जो किया वह अपने बॉस यानी प्रधानमंत्री मोदी के लिए किया।

इस बीच खबर है कि मुंबई पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी को दो अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी। इसे लेकर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है, ‘नागरिकों की आवाज दबाने की ऐसी कोशिशें स्वीकार्य नहीं हैं। अगर हमें प्रदर्शन करने के अधिकार से वंचित किया गया, तो सीजेपी गांधी जयंती के दिन मुंबई में जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी’। गौरतलब है कि सीजेपी ने 24 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे में इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि बाद में इसे बढ़ा कर दो अक्टूबर तक कर दिया गया।

आईआईटी बॉम्बे से सीलिंग फैन्स हटाए जाएंगे

मुंबई। देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक आईआईटी बॉम्बे इन दिनों बीटेक के एक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद विवादों में घिरा है। छात्र साहिल ने खुदकुशी करके जान दी थी। उसके बाद उसके माता पिता ने जाति के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। पुलिस ने एक प्रोफेसर के ऊपर छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ साथ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। प्रोफेसर को डीन के पद से हटा दिया गया है।

इस बीच खबर आई है कि आईआईटी बॉम्बे कैंपस और उसके हॉस्टल से सीलिंग फैन हटाए जाएंगे। संस्थान ने इनकी जगह वॉल माउंटेड यानी दीवार पर लगने वाले फैन लगाने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि जुलाई में एक छात्र की मौत के बाद ही सीलिंग फैन्स हटाने के बारे में चर्चा शुरू हुई थी। साहिल की मौत के बाद इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि कई संस्थानों में छात्रों ने छत से कूद कर भी जान दी है। तभी संस्थानों को इसके मूल कारणों की तलाश करनी चाहिए।

गौरतलब है कि साहिल 18 सितंबर की शाम हॉस्टल कमरे में फंदे से लटका मिला था। उसकी मौत के बाद लगातार पांच दिन से आईआईटी बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच साहिल की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज में साहिल आखिरी बार एग्जाम हॉल से निकलकर हॉस्टल की ओर जाता दिखा। इसके बाद वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला। साहिल की मौत को लेकर आईआईटी बॉम्बे ने 19 सितंबर को कहा था कि परीक्षा के दौरान साहिल मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया था। हालांकि बाद में परिवार ने जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए।

मुंबई उच्च न्यायालय ने सड़कों पर पटाखे फोड़ने पर लगाया प्रतिबंध

मुंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सड़कों पर पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि ध्वनि और वायु प्रदूषण के बिना भी त्योहार मनाए जा सकते हैं।

न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने गणेशोत्सव के दौरान यह आदेश पारित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि धार्मिक जुलूसों में लाउडस्पीकर, ‘डीजे’ और ‘लेजर बीम’ का उपयोग पूरी तरह से अनुचित है।

अदालत ने कहा, “क्या हम लाउडस्पीकर और पटाखों का उपयोग करके भगवान से अतिरिक्त आशीर्वाद प्राप्त करने जा रहे हैं? एक जिम्मेदार समाज के रूप में हमें इन सब पर रोक लगानी चाहिए। उदाहरण के लिए वारी यात्रा (पंढरपुर की पैदल तीर्थयात्रा) को ही ले लीजिए। इसे बिना किसी लाउडस्पीकर या शोर-शराबे के बेहद शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाता है।

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अदालत ने धार्मिक यात्राओं के दौरान होने वाले गंभीर ध्वनि और वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सोमवार को स्वतः संज्ञान लिया था। महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने कहा कि मुंबई पुलिस ने नौ सितंबर से 26 सितंबर के बीच बिना अनुमति के पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश पारित किया है। उन्होंने बताया कि पटाखों और लाउडस्पीकर पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है।

इसके बाद अदालत ने सवाल किया कि क्या इस आदेश का पालन किया जा रहा है। अदालत ने कहा, “यह केवल कागजों पर अच्छा है। इसका उल्लंघन साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। न्यायाधीशों ने कहा कि वे सड़कों पर पटाखों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश पारित करेंगे और अधिकारियों को जुलूसों के दौरान शोर के स्तर को नियंत्रित करने तथा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी कदम उठाने का निर्देश देंगे।

Pic Credit : UNI

कौन हैं IIT Bombay के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला? छात्र की मौत के बाद क्यों गई डीन की कुर्सी

शुक्रवार को IIT बॉम्बे के पवई कैंपस में एक छात्र के सुसाइड मामले में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला जांच के दायरे में आ गए हैं, जिस वजह से संस्थान ने उनसे डीन का पद छीन लिया है। बताया जा रहा है कि BTech के इस द्वितीय वर्ष के छात्र की मौत से ठीक पहले हुई घटना के समय डूला ही इंस्ट्रक्टर और परीक्षा के इनविजिलेटर (निरीक्षक) थे।

खबरों के मुताबिक, IIT बॉम्बे ने सोमवार को सूर्यनारायण डूला को डीन के पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब संस्थान ने छात्र की मौत से जुड़ी अपनी पहले की कुछ बातों को वापस ले लिया।

IIT बॉम्बे ने यह भी माना कि जांच पूरी होने से पहले मौत की परिस्थितियों को लेकर कुछ बातें कही गई थीं। संस्थान ने इन दावों के लिए माफी भी मांगी है।

कौन हैं प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला?

LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, डूला पावर सिस्टम और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के रिसर्चर हैं और उन्होंने IIT बॉम्बे में 17 साल से ज्यादा समय बिताया है।

उनका एकेडमिक काम स्मार्ट ग्रिड, माइक्रोग्रिड, पावर-सिस्टम कंट्रोल और डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी रिसोर्स के इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है।

उनकी प्रोफाइल में बताई गई रिसर्च की मौजूदा रुचियों में स्मार्ट ग्रिड और माइक्रोग्रिड, कन्वर्टर टोपोलॉजी और कंट्रोल, पावर सिस्टम के लिए कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल, डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी रिसोर्स का ग्रिड इंटीग्रेशन, और पावर सिस्टम ऑपरेशन और कंट्रोल शामिल हैं।

सूर्यनारायण डूला के प्रोफाइल में बताया गया है कि उनका एकेडमिक बैकग्राउंड पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और पावर सिस्टम्स पर आधारित है।

IIT बॉम्बे में 17 साल

डूला सितंबर 2009 में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर IIT बॉम्बे से जुड़े और मार्च 2015 तक इस पद पर रहे। इसके बाद, मार्च 2015 से जुलाई 2019 तक वे एसोसिएट प्रोफेसर रहे।

उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, जुलाई 2019 से वे IIT बॉम्बे में फुल-टाइम प्रोफेसर हैं।

उन्होंने मार्च 2023 से जुलाई 2026 तक डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स के तौर पर भी काम किया। जुलाई 2026 में उन्होंने डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स का पद संभाला। उनकी प्रोफाइल के अनुसार, वे अभी भी इस पद पर हैं।

इस तरह, डूला IIT बॉम्बे में शिक्षण और रिसर्च के साथ-साथ कई अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभाल रहे हैं।

एकेडमिक और प्रोफेशनल बैकग्राउंड

IIT बॉम्बे में शामिल होने से पहले, डूला ने जनवरी से सितंबर 2009 के बीच ‘पावर रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ में पावर-सिस्टम कंसल्टिंग का काम किया।

इससे पहले, उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने अगस्त 2006 से अक्टूबर 2008 के बीच ‘मशीन 2 मशीन’ में आर्किटेक्ट के तौर पर काम किया। उन्होंने 2002-03 में एलुरु के CRR कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में लेक्चरर के तौर पर भी काम किया।

डूला की एकेडमिक क्वालिफिकेशन भी पावर और एनर्जी सिस्टम के क्षेत्र में ही हैं। उन्होंने 2004 से 2006 के बीच IIT दिल्ली से पावर सिस्टम में PhD पूरी की। उससे पहले, उन्होंने 2000 से 2002 के बीच IIT बॉम्बे से एनर्जी सिस्टम्स एंड इंजीनियरिंग में M.Tech किया।

उन्होंने 1996 से 2000 के बीच बीच आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल की।

विवाद के केंद्र में क्यों हैं डूला?

डूला इस विवाद के केंद्र में इसलिए आए क्योंकि वे मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कोर्स इंस्ट्रक्टर और इनविजिलेटर (निरीक्षक) थे। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम के बयान में कहा गया है कि उन्होंने एक छात्र को बिना इजाजत स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हुए देखा था।

फैकल्टी फोरम ने बताया कि डूला 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक परीक्षा की निगरानी कर रहे फोरम के मुताबिक, उन्होंने जिस घटना को शैक्षणिक नियमों का उल्लंघन बताया, उसे देखने के बाद उन्होंने संस्थान के नियमों के अनुसार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

इसके बाद फोरम ने डूला का समर्थन करते हुए कहा कि वे संस्थान की सीनेट द्वारा मंजूर शैक्षणिक नीतियों के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे।

बता दें कि IIT बॉम्बे के पहले के बयान में कहा गया था कि छात्र ने कथित तौर पर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया और जवाब पाने के लिए प्रश्न-पत्र को ChatGPT पर अपलोड किया।

बाद में संस्थान ने इस बात के लिए माफी मांगी कि उसने जांच की सही प्रक्रिया से पुष्टि होने से पहले ही ये विवरण सार्वजनिक कर दिए थे।

प्रोफेसर के खिलाफ पुलिस केस दर्ज

वहीं, छात्र के माता-पिता की ओर से उत्पीड़न और जाति-आधारित भेदभाव का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद यह विवाद बढ़ गया।

इसके बाद डूल्ला को आरोपी बनाते हुए एक FIR दर्ज की गई। आरोपों में यह भी शामिल था कि उन्होंने तीन महीने तक छात्र के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।

फिलहाल, मामले को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। डूल्ला पर लगे आरोप अभी चल रही जांच का हिस्सा हैं और इन्हें अभी तक तथ्य के तौर पर साबित नहीं किया गया है।

बता दें कि यह घटनाक्रम कैंपस में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और संस्थान से जवाबदेही की बढ़ती मांगों के बीच सामने आया। इसके बाद IIT बॉम्बे ने डूल्ला की डीनशिप सस्पेंड कर दी और साथ ही घटनाओं के बारे में अपनी पिछली बात भी वापस ले ली।

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Mumbai Accident: मुंबई में दर्दनाक सड़क हादसा! तेज रफ्तार BMW ने पैदल चलने वालों को मारी टक्कर, 3 की मौत, 1 की हालत गंभीर

Mumbai Accident: मुंबई के कोस्टल रोड पर रविवार सुबह तेज रफ़्तार एक BMW कार के टक्कर मारने से तीन पैदल चलने वालों की मौत हो गई। जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा रविवार तड़के कोस्टल रोड पर लाला कॉलेज के सामने लोटस जेटी के पास हुआ। कोस्टल रोड कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक, BMW मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ। हादसे की वजह तेज रफ़्तार बताई जा रही है। घायल चार लोगों को इलाज के लिए नायर अस्पताल ले जाया गया। नायर अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल लाए गए चार लोगों में से तीन को मृत घोषित कर दिया गया।

मुंबई पुलिस ने एक बयान में कहा, “20 सितंबर को सुबह करीब 5:20 बजे मुंबई कोस्टल रोड पर लोटस जेटी के पास एक BMW कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से तीन लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि कार मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी, तभी तेज रफ़्तार के कारण ड्राइवर ने कथित तौर पर गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया। चारों को नायर अस्पताल ले जाया गया।” मृतकों की पहचान शनाय गज्जल और धैर्य सेठ के तौर पर हुई है। एक अन्य 20 वर्षीय युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बारे में और जानकारी का इंतजार है।

गणपति पंडाल के पास करंट लगने से आठ वर्षीय लड़की समेत दो लोगों की मौत

इस बीच, मुंबई के लालबाग इलाके में शनिवार देर रात गणपति पंडाल के पास करंट लगने से आठ वर्षीय लड़की समेत दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना रात करीब दो बजकर 20 मिनट पर कालाचौकी स्थित दत्ताराम लाड मार्ग पर कालाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के पास हुई। उस समय गणपति उत्सव के कारण लालबाग इलाके में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

नगर निकाय के अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मुंबई दमकल विभाग (एमएफबी) को रात दो बजकर 42 मिनट पर मिली। इसके बाद दमकल विभाग, पुलिस, बेस्ट (बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन) और महानगरपालिका के वार्ड कार्यालय के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। पुलिसकर्मियों से मौके पर मिली जानकारी के अनुसार, पांच घायलों को भायखला स्थित मसीना अस्पताल ले जाया गया। जबकि अन्य घायलों को परेल स्थित ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मसीना अस्पताल में आठ वर्षीय राघनी घनश्याम यादव को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 19 वर्षीय किरण अकबर नाइक, 19 वर्षीय तन्वी नरश हांडे, 19 वर्षीय साहिल संदीप तारे और 12 वर्षीय रूही सिंह का अस्पताल में उपचार हो रहा है। उनकी हालत के बारे में जानकारी अभी नहीं मिली है। बाद में एक अधिकारी ने एक अन्य मौत की भी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ग्लोबल अस्पताल में भर्ती एक महिला ने भी चोटों के कारण दम तोड़ दिया। उसकी पहचान और अन्य डिटेल्स की जानकारी अभी नहीं मिल सकी है।

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