आईआईटी बॉम्बे से सीलिंग फैन्स हटाए जाएंगे

मुंबई। देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक आईआईटी बॉम्बे इन दिनों बीटेक के एक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद विवादों में घिरा है। छात्र साहिल ने खुदकुशी करके जान दी थी। उसके बाद उसके माता पिता ने जाति के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। पुलिस ने एक प्रोफेसर के ऊपर छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ साथ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। प्रोफेसर को डीन के पद से हटा दिया गया है।

इस बीच खबर आई है कि आईआईटी बॉम्बे कैंपस और उसके हॉस्टल से सीलिंग फैन हटाए जाएंगे। संस्थान ने इनकी जगह वॉल माउंटेड यानी दीवार पर लगने वाले फैन लगाने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि जुलाई में एक छात्र की मौत के बाद ही सीलिंग फैन्स हटाने के बारे में चर्चा शुरू हुई थी। साहिल की मौत के बाद इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि कई संस्थानों में छात्रों ने छत से कूद कर भी जान दी है। तभी संस्थानों को इसके मूल कारणों की तलाश करनी चाहिए।

गौरतलब है कि साहिल 18 सितंबर की शाम हॉस्टल कमरे में फंदे से लटका मिला था। उसकी मौत के बाद लगातार पांच दिन से आईआईटी बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच साहिल की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज में साहिल आखिरी बार एग्जाम हॉल से निकलकर हॉस्टल की ओर जाता दिखा। इसके बाद वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला। साहिल की मौत को लेकर आईआईटी बॉम्बे ने 19 सितंबर को कहा था कि परीक्षा के दौरान साहिल मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया था। हालांकि बाद में परिवार ने जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए।

कौन हैं IIT Bombay के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला? छात्र की मौत के बाद क्यों गई डीन की कुर्सी

शुक्रवार को IIT बॉम्बे के पवई कैंपस में एक छात्र के सुसाइड मामले में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला जांच के दायरे में आ गए हैं, जिस वजह से संस्थान ने उनसे डीन का पद छीन लिया है। बताया जा रहा है कि BTech के इस द्वितीय वर्ष के छात्र की मौत से ठीक पहले हुई घटना के समय डूला ही इंस्ट्रक्टर और परीक्षा के इनविजिलेटर (निरीक्षक) थे।

खबरों के मुताबिक, IIT बॉम्बे ने सोमवार को सूर्यनारायण डूला को डीन के पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब संस्थान ने छात्र की मौत से जुड़ी अपनी पहले की कुछ बातों को वापस ले लिया।

IIT बॉम्बे ने यह भी माना कि जांच पूरी होने से पहले मौत की परिस्थितियों को लेकर कुछ बातें कही गई थीं। संस्थान ने इन दावों के लिए माफी भी मांगी है।

कौन हैं प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला?

LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, डूला पावर सिस्टम और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के रिसर्चर हैं और उन्होंने IIT बॉम्बे में 17 साल से ज्यादा समय बिताया है।

उनका एकेडमिक काम स्मार्ट ग्रिड, माइक्रोग्रिड, पावर-सिस्टम कंट्रोल और डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी रिसोर्स के इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है।

उनकी प्रोफाइल में बताई गई रिसर्च की मौजूदा रुचियों में स्मार्ट ग्रिड और माइक्रोग्रिड, कन्वर्टर टोपोलॉजी और कंट्रोल, पावर सिस्टम के लिए कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल, डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी रिसोर्स का ग्रिड इंटीग्रेशन, और पावर सिस्टम ऑपरेशन और कंट्रोल शामिल हैं।

सूर्यनारायण डूला के प्रोफाइल में बताया गया है कि उनका एकेडमिक बैकग्राउंड पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और पावर सिस्टम्स पर आधारित है।

IIT बॉम्बे में 17 साल

डूला सितंबर 2009 में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर IIT बॉम्बे से जुड़े और मार्च 2015 तक इस पद पर रहे। इसके बाद, मार्च 2015 से जुलाई 2019 तक वे एसोसिएट प्रोफेसर रहे।

उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, जुलाई 2019 से वे IIT बॉम्बे में फुल-टाइम प्रोफेसर हैं।

उन्होंने मार्च 2023 से जुलाई 2026 तक डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स के तौर पर भी काम किया। जुलाई 2026 में उन्होंने डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स का पद संभाला। उनकी प्रोफाइल के अनुसार, वे अभी भी इस पद पर हैं।

इस तरह, डूला IIT बॉम्बे में शिक्षण और रिसर्च के साथ-साथ कई अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभाल रहे हैं।

एकेडमिक और प्रोफेशनल बैकग्राउंड

IIT बॉम्बे में शामिल होने से पहले, डूला ने जनवरी से सितंबर 2009 के बीच ‘पावर रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ में पावर-सिस्टम कंसल्टिंग का काम किया।

इससे पहले, उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने अगस्त 2006 से अक्टूबर 2008 के बीच ‘मशीन 2 मशीन’ में आर्किटेक्ट के तौर पर काम किया। उन्होंने 2002-03 में एलुरु के CRR कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में लेक्चरर के तौर पर भी काम किया।

डूला की एकेडमिक क्वालिफिकेशन भी पावर और एनर्जी सिस्टम के क्षेत्र में ही हैं। उन्होंने 2004 से 2006 के बीच IIT दिल्ली से पावर सिस्टम में PhD पूरी की। उससे पहले, उन्होंने 2000 से 2002 के बीच IIT बॉम्बे से एनर्जी सिस्टम्स एंड इंजीनियरिंग में M.Tech किया।

उन्होंने 1996 से 2000 के बीच बीच आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल की।

विवाद के केंद्र में क्यों हैं डूला?

डूला इस विवाद के केंद्र में इसलिए आए क्योंकि वे मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कोर्स इंस्ट्रक्टर और इनविजिलेटर (निरीक्षक) थे। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम के बयान में कहा गया है कि उन्होंने एक छात्र को बिना इजाजत स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हुए देखा था।

फैकल्टी फोरम ने बताया कि डूला 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक परीक्षा की निगरानी कर रहे फोरम के मुताबिक, उन्होंने जिस घटना को शैक्षणिक नियमों का उल्लंघन बताया, उसे देखने के बाद उन्होंने संस्थान के नियमों के अनुसार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

इसके बाद फोरम ने डूला का समर्थन करते हुए कहा कि वे संस्थान की सीनेट द्वारा मंजूर शैक्षणिक नीतियों के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे।

बता दें कि IIT बॉम्बे के पहले के बयान में कहा गया था कि छात्र ने कथित तौर पर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया और जवाब पाने के लिए प्रश्न-पत्र को ChatGPT पर अपलोड किया।

बाद में संस्थान ने इस बात के लिए माफी मांगी कि उसने जांच की सही प्रक्रिया से पुष्टि होने से पहले ही ये विवरण सार्वजनिक कर दिए थे।

प्रोफेसर के खिलाफ पुलिस केस दर्ज

वहीं, छात्र के माता-पिता की ओर से उत्पीड़न और जाति-आधारित भेदभाव का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद यह विवाद बढ़ गया।

इसके बाद डूल्ला को आरोपी बनाते हुए एक FIR दर्ज की गई। आरोपों में यह भी शामिल था कि उन्होंने तीन महीने तक छात्र के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।

फिलहाल, मामले को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। डूल्ला पर लगे आरोप अभी चल रही जांच का हिस्सा हैं और इन्हें अभी तक तथ्य के तौर पर साबित नहीं किया गया है।

बता दें कि यह घटनाक्रम कैंपस में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और संस्थान से जवाबदेही की बढ़ती मांगों के बीच सामने आया। इसके बाद IIT बॉम्बे ने डूल्ला की डीनशिप सस्पेंड कर दी और साथ ही घटनाओं के बारे में अपनी पिछली बात भी वापस ले ली।

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IIT बॉम्बे के छात्र ने कैंपस में दी जान, परीक्षा के दौरान टीचर ने ChatGPT का यूज करते पकड़ा था

IIT Bombay Student Death: शुक्रवार को IIT बॉम्बे के पवई कैंपस से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो छात्रों के भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल, यहां पर BTech के दूसरे साल के एक छात्र कथित तौर पर सुसाइड कर ली है। बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान छात्र मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान के आधिकारिक बयान के मुताबिक, छात्र ने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड कर उसके जवाब जानने की कोशिश की थी।

IIT बॉम्बे ने कहा कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने छात्र की काउंसलिंग की थी और उसे भरोसा दिलाया था कि इस घटना का उसके एकेडमिक करियर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इसके बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में वापस चला गया, जहां बाद में वह मृत पाया गया।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद कैंपस में छात्रों का एक समूह इकट्ठा हो गया। छात्रों ने संस्थान प्रशासन से मामले में जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

मामले को लेकर छात्रों और संस्थान प्रशासन के बीच बातचीत भी हुई। इसी दौरान कैंपस में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई।

DCP ने दी जानकारी

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस दत्तात्रेय नलावडे ने बताया कि छात्र की मौत की जांच अभी जारी है।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, नलावडे ने पत्रकारों को बताया, “आज IIT पवई में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। इसके बाद, कुछ IIT छात्र इकट्ठा हुए और अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। IIT प्रशासन उनसे बातचीत कर रहा है ताकि कोई अच्छा समाधान निकल सके।”

जब छात्रों की मांगों के बारे में पूछा गया, तो DCP ने कहा कि ये मांगें अंदरूनी प्रशासनिक मुद्दों से जुड़ी थीं, जिन पर संस्थान ने पहले भी ध्यान दिया था।

उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन विरोध कर रहे छात्रों के साथ बातचीत जारी रखे हुए है।

नलावाडे ने आगे कहा, “छात्रों के कुछ अंदरूनी प्रशासनिक मुद्दे हैं जिन्हें IIT प्रशासन ने पहले भी सुलझाया है, और अभी भी प्रशासन छात्रों से सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है।”

DCP के अनुसार, विरोध कर रहे कुछ छात्र वहां से चले गए, जबकि बातचीत जारी रहने के दौरान कुछ छात्र वहीं डटे रहे।

उन्होंने कहा, “कुछ छात्र अभी भी विरोध कर रहे हैं और उनसे भी बातचीत करने की कोशिश की जा रही है।”

छात्रों ने प्रशासन से मांगी जवाबदेही

विरोध प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने बताया कि यह प्रदर्शन कैंपस में हुई मौत और ऐसी ही कई अन्य घटनाओं की वजह से किया जा रहा है।

छात्र ने कहा, “आज हमारे विरोध का कारण यह है कि हमारे कॉलेज में आज एक आत्महत्या हुई है। इसीलिए हम विरोध करने, और प्रशासन से जवाबदेही, पारदर्शिता और सवालों के जवाब मांगने के लिए इकट्ठा हुए हैं।”

उसने आरोप लगाया कि संस्थान में ऐसी दुखद घटना पहली बार नहीं हुई है; उसने दावा किया कि “अकेले इस साल ऐसी चार घटनाएं हुई हैं, और दो घटनाएं तो पिछले दो महीनों में ही हुई हैं।”

उसने कहा कि छात्रों को यह नहीं पता कि ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं या इनके पीछे क्या कारण हैं।

छात्र ने आगे प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों के बारे में भी बताया। उसने कहा कि छात्र चाहते हैं कि संस्थान प्रशासन इस मामले की जिम्मेदारी ले और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए।

उसने खास तौर पर प्रोफेसरों के छात्रों के साथ व्यवहार को लेकर चिंता जताई।

छात्र ने कहा, “सबसे पहले प्रशासन को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जो प्रोफेसर छात्रों के साथ गलत व्यवहार करते हैं या उनके साथ सख्ती से पेश आते हैं, उनके व्यवहार पर भी लगाम लगनी चाहिए।”

छात्र ने आगे कहा कि वे चाहते हैं कि डीन, डायरेक्टर और प्रशासन उन्हें एक रिपोर्ट दें जिसमें इस बात का भरोसा हो कि मामले की जांच की जाएगी और जवाबदेही व पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

छात्र ने कहा, “हम बस इतना चाहते हैं कि डीन, डायरेक्टर और प्रशासन हमें एक रिपोर्ट दें जिसमें वे भरोसा दिलाएं कि वे मामले की जांच करेंगे, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे और गारंटी देंगे कि उनकी देखरेख में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”

हालांकि, एक अन्य छात्र ने कहा कि स्थिति को छात्रों और प्रशासन के बीच टकराव में बदलने के बजाय, ध्यान मौत पर शोक मनाने पर होना चाहिए।

छात्र ने कहा, “हम सभी गहरे सदमे में हैं। यह घटना चौंकाने वाली और दिल तोड़ने वाली है। जो कुछ भी हुआ, उससे ऐसा लगता है कि वह हमारे ही बीच का एक साथी था और अब हमारे बीच से कोई चला गया है।”

उसने छात्रों से अपील की कि जब कैंपस इस दुखद घटना से जूझ रहा है, तो वे किसी पर दोष न मढ़ें।

उसने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ऐसे समय में हमें किसी पर दोष लगाना चाहिए। मुझे लगता है कि हर कोई किसी न किसी दौर से गुजर रहा है। हर किसी के मन में अपनी-अपनी परेशानियां होती हैं। मुझे नहीं लगता कि हमें एक-दूसरे पर उंगली उठानी चाहिए।”

छात्र ने आगे कहा कि हालात तेजी से ‘प्रशासन बनाम छात्र’ टकराव का रूप ले रहे हैं और उसने छात्रों व प्रशासन से एकजुट होने की अपील की।

उसने कहा, “अभी यह ‘प्रशासन बनाम छात्र’ टकराव में बदल रहा है। असल में हमें इस समय एकजुट होने की जरूरत है।”

कैंपस में तैनात रही पुलिस 

इस बीच, कैंपस में पुलिस की तैनाती जारी रही। छात्रों और संस्थान प्रशासन के बीच अपनी मांगों और चिंताओं को लेकर बातचीत भी चलती रही।

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