न्यूजीलैंड दौरे के लिए तैयार किए जाएंगे आकिब नबी, सरे के लिए खेलेंगें काउंटी

रणजी ट्रॉफी में चमक बिखेरने के बाद भारतीय टेस्ट टीम दल में शामिल होने वाले आकिब नबी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड काउंटी का अनुभव देना चाहती है ताकि न्यूजीलैंड श्रृंखला में भारत के पास तेज गेंदबाजी विकल्प रहें। गौरतलब है कि जसप्रीत बुमराह के फिटनेस पर संदेह के बादल हैं और मोहम्मद सिराज की गेंद की गति धीमी होती जा रही है।ऐसे में टीम को एक विश्वसनीय नाम चाहिए जो कि न्यूजीलैंड में विकेट निकाले।

इसी सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज आकिब नबी भारत के अक्टूबर में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे को ध्यान में रखते हुए काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन एक में सरे के लिए तीन मैच खेलने के लिए ब्रिटेन रवाना हुए।    नबी को हाल में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट की श्रृंखला के लिए चोटिल जसप्रीत बुमराह के स्थान पर भारतीय टीम में शामिल किया गया था लेकिन उन्हें पदार्पण का मौका नहीं मिला।

गोपनियता की शर्त पर शीर्ष भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के एक सूत्र ने बताया, ‘‘नबी दुबई से ब्रिटेन के लिए रवाना हो गए हैं और बुधवार को यॉर्कशर के खिलाफ होने वाले मैच में खेलने को लेकर बेताब हैं।’’

रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले नबी के समय पर लौटने की भी उम्मीद है जिससे कि वह पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत के चार दिवसीय अनौपचारिक टेस्ट मैच में हिस्सा ले सकें। यह श्रृंखला 22 सितंबर से शुरू होगी।जम्मू-कश्मीर ने पिछले सत्र में पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था।

इससे पहले खबर आई थी कि सरे को स्विंग गेंदबाज की तलाश थी और नबी को कुछ मैच में क्लब की ओर से खिलाने को लेकर बातचीत चल रही थी।यॉर्कशर के खिलाफ दो से पांच सितंबर तक होने वाले मुकाबले के बाद सरे को आठ से 11 सितंबर तक ससेक्स और 15 से 18 सितंबर तक ग्लेमोर्गन का सामना करना है।

आकिब बने थे रणजी के मैन ऑफ द मैच

अबूधाबी में हुए IPL नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स से 8.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम मिली। हालांकि सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन वह लाल गेंद के सिद्धहस्त गेंदबाज माने जाते हैं।

नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं।

Kashmiri Pandits: दशकों बाद कश्मीर में लौटी उम्मीद! शोपियां में कश्मीरी पंडितों ने रखी राम मंदिर की नींव, लोगों की यादों से जुड़ा है पूरा इतिहास

Kashmiri Pandits News: कश्मीर घाटी से विस्थापन के दशकों बाद कश्मीरी पंडित समुदाय ने शनिवार (29 अगस्त) को शोपियां के एक मोहल्ला में राम मंदिर के पुनर्निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया। यहां समुदाय के सैकड़ों लोग एकत्र हुए और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान के बाद भगवान राम मंदिर की आधारशिला रखी। यह कार्यक्रम कश्मीरी पंडितों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपनी पुरानी जड़ों और विरासत से जुड़ने का बेहद भावुक क्षण रहा।

दशकों तक विस्थापन झेलने के बाद, कश्मीरी पंडितों ने पारंपरिक पूजा और हवन के साथ जम्मू-कश्मीर के शोपियां के टाक मोहल्ले में ऐतिहासिक राम मंदिर के पुनर्निर्माण की नींव रखी। 1989 में आगजनी से क्षतिग्रस्त और बाद में अतिक्रमण का शिकार हुई इस जगह को स्थानीय प्रशासन की कोशिशों से समुदाय को वापस सौंपा गया। जबकि पुरातत्व और विरासत विभाग ने पुनर्निर्माण के लिए फंड मंजूर किया।

समुदाय और स्थानीय निवासियों ने इस पहल को सिर्फ एक मंदिर के निर्माण के तौर पर नहीं। बल्कि कश्मीरी पंडितों की कश्मीर घाटी में वापसी, उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के पुनरुद्धार और कश्मीर की साझा सांस्कृतिक पहचान की बहाली की उम्मीद के प्रतीक के तौर पर देखा।

1989 में जला दिया गया था राम मंदिर

इस मंदिर का इतिहास कश्मीर के बेहद संवेदनशील दौर से जुड़ा हुआ है। साल 1989 में घाटी में उग्रवाद के दौर के बीच शोपियां में मौजूद राम मंदिर को जला दिया गया था। इसके बाद मंदिर की जमीन पर कथित तौर पर अतिक्रमण भी किया गया। समय बीतने के साथ कश्मीरी पंडितों का बड़े पैमाने पर घाटी से विस्थापन हुआ। इसके बाद यह धार्मिक स्थल भी समुदाय की स्मृतियों का हिस्सा बनकर रह गया। लेकिन अब करीब साढ़े तीन दशक बाद अब उसी जमीन पर मंदिर के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है।

सैकड़ों लोग हुए धार्मिक कार्यक्रम में शामिल

राम मंदिर की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में कश्मीरी पंडित समुदाय के सैकड़ों सदस्य शामिल हुए। इस दौरान पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान किया गया। राम मंदिर के पुनर्निर्माण की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था। बल्कि उन पुरानी यादों से दोबारा जुड़ने का अवसर था, जो विस्थापन के कारण उनसे दूर हो गई थीं।

प्रशासन की पहल से पुनर्निर्माण का रास्ता साफ

राम मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इंडिया टुडे के मुताबिक, पुरातत्व एवं विरासत विभाग ने अपनी विरासत संरक्षण पहल के तहत इस परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृत की है। इस कदम से शोपियां के इस पुराने धार्मिक स्थल को दोबारा विकसित करने और क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

‘यह सिर्फ मंदिर का निर्माण नहीं, हमारी जड़ों से जुड़ने का प्रयास’

कार्यक्रम में शामिल कुछ कश्मीरी पंडितों ने कहा कि यह मंदिर उनके लिए केवल ईंट-पत्थर से बनने वाली कोई इमारत नहीं है। यह शोपियां के साथ उनके पैतृक संबंध, उनकी धार्मिक आस्था और कश्मीर की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान में समुदाय की मौजूदगी की याद है। उनका कहना था कि मंदिर का दोबारा निर्माण उस विरासत को पुनर्जीवित करने की कोशिश है। इससे कश्मीरी पंडित विस्थापन के कारण लंबे समय से दूर रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने भी किया स्वागत

मंदिर के पुनर्निर्माण की पहल का स्थानीय निवासियों ने भी स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि कश्मीरी पंडित कश्मीर के इतिहास, संस्कृति और साझा विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, समुदाय से जुड़े पुराने धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार घाटी की साझी और समावेशी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में योगदान दे सकता है।

एक स्थानीय निवासी ने न्यूज एजेंसी IANS से कहा, “दशकों पहले यहां एक मंदिर हुआ करता था। लेकिन धीरे-धीरे वह जर्जर हो गया। फिर उसका अस्तित्व खत्म हो गया। लेकिन अब हालात बेहतर हुए हैं। सरकार ने इसे फिर से बनाने की पहल की है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने इसके लिए बहुत मेहनत की है। आज यहां मंदिर का पुनर्निर्माण हो रहा है। हम इस प्रयास की सराहना करते हैं।”

अन्य लोगों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि करीब 35 साल से अधिक समय बाद शोपियां में राम मंदिर की आधारशिला रखा जाना कश्मीरी पंडितों के लिए सिर्फ एक निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं। बल्कि विस्थापन, पीड़ा और पुरानी यादों के बीच अपनी जड़ों की ओर लौटने की उम्मीद का प्रतीक बन गया है।

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इन बैंकों में FD पर मिल रहा 8.5% तक का ब्याज! रिटायरमेंट के बाद 10 लाख फिक्स करने पर समझिए इंट्रेस्ट इनकम का पूरा कैलकुलेशन

Bank FD Rate: रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और रेगुलर इनकम का सोर्स होना काफी जरूरी होता है। यही वजह है कि अधिकांश बुजुर्ग अपनी गाढ़ी कमाई और रिटायरमेंट फंड को सेफ रखने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) चुनते हैं। बैंकों के बीच एफडी पर इंट्रेस्ट रेट्स में काफी फर्क देखने को मिलता है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक इंट्रेस्ट रेट ऑफर किया जाता है। इसके अलावा प्राइवेट, पब्लिक और विदेशी बैंक भी सीनियर सिटिजन्स को एफडी पर कॉम्पिटेटिव रिटर्न देते हैं।

सीनियर सिटिजंस को FD पर मिलने वाले इंट्रेस्ट रेट में मामूली सा भी फर्क उनके टोटल रिटर्न पर अच्छा खासा असर डालता है। खासकर तब जब रिटायरमेंट के बाद बड़े फंड की FD की गई हो। अलग-अलग बैंकों के इंट्रेस्ट रेट की तुलना करना और सही फ्रिक्वेंसी का चयन करना इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने में काफी मदद करता है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50% तक का मिल रहा है बंपर इंट्रेस्ट

सीनियर सिटिजन को एफडी पर मैक्सिमम रिटर्न देने में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50 प्रतिशत तक इंट्रेस्ट मिल रहा है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD के इंट्रेस्ट रेट को एक नजर में नीचे देखा जा सकता है-

  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): एफडी पर 8.50 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.50 प्रतिशत तक की दर की पेशकश कर रहा है।
  • जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): एफडी पर 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.25 प्रतिशत तक की दर प्रदान कर रहा है।

प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक: सुरक्षित निवेश के साथ बढ़िया विकल्प

प्राइवेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी बुजुर्गों को आकर्षित करने के लिए कॉम्पिटेटिव एफडी रेट पेश कर रहे हैं:

प्राइवेट सेक्टर बैंक

एसबीएम बैंक इंडिया वरिष्ठ नागरिकों को सर्वाधिक 8.15 प्रतिशत तक का इंट्रेस्ट रेट दे रहा है। इसके बाद डीसीबी बैंक (DCB Bank) 8.00 प्रतिशत और बंधन बैंक (Bandhan Bank) 7.95 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहे हैं। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) और यस बैंक (YES Bank) दोनों 7.75 प्रतिशत तक, आरबीएल बैंक (RBL Bank) और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) 7.70 प्रतिशत तक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक (Jammu & Kashmir Bank) 7.55 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के बैंक

सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक 7.45 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) 7.25 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और इंडियन बैंक (Indian Bank) 7.15 प्रतिशत तक जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और केनरा बैंक (Canara Bank) 7.10 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहे हैं।

विदेशी बैंक

विदेशी बैंकों की बात करें तो स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) 7.10 प्रतिशत तक, डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) 7.00 प्रतिशत तक और एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank) 6.00 प्रतिशत तक की एफडी ब्याज दर दे रहे हैं।

10 लाख रुपये की एफडी पर सालाना ब्याज आय का गणित

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की उच्चतम वार्षिक ब्याज दर पर 10 लाख रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है:

कुल फिक्स्ड राशि: ₹10,000,000

वार्षिक ब्याज दर: 8.50%

सालाना ब्याज आय: ₹85,000

यानी 8.50% की दर से 10 लाख रुपये फिक्स करने पर सिर्फ इंट्रेस्ट से ही वरिष्ठ नागरिक को सालाना ₹85000 (करीब ₹7083 प्रति माह) की निश्चित कमाई होगी। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)

विशेषज्ञों की राय: कैसे करें सही और सुरक्षित एफडी निवेश

फाइनेंशियस एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पूरी जमा राशि किसी एक ही बैंक में रखने के बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटकर निवेश करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि वे डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये तक के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। उच्च रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और अपनी लिक्विडिटी की जरूरतों के हिसाब से एफडी की अवधि तय करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Kashmir Security Alert: कुलगाम और अनंतनाग आतंकी हमलों के बाद पूरे कश्मीर में हाई अलर्ट, IGP ने दिए सख्त निर्देश

कश्मीर के कुलगाम और अनंतनाग में हाल ही में हुए आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। इसी को लेकर सोमवार को कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) वी.के. बिरदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाईलेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज करने और पूरी घाटी में सुरक्षा कड़ी रखने के निर्देश दिए। बैठक में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही कुलगाम और अनंतनाग में हाल में हुए आतंकी हमलों पर भी चर्चा की गई।

आईजीपी ने अधिकारियों से कहा कि सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई जाए और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए, ताकि शांति भंग करने या आम लोगों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।

हुई हाई लेवल मीटिंग

सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने घाटी में सामने आ रही नई सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की। साथ ही इन खतरों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की गई। आईजीपी वी.के. बिरदी ने अधिकारियों को मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा करने और उसे और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलते हालात को देखते हुए आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन और तेज किया जाए तथा नई रणनीतियों के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और लगातार सतर्कता बेहद जरूरी है। इससे किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सकेगा।

हाईवे, रेलवे और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी

सुरक्षा समीक्षा बैठक में कश्मीर के नेशनल हाईवे, रेलवे ट्रैक और रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संवेदनशील स्थानों और जिलों की सीमाओं पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जाए। साथ ही चेकपोस्ट और जांच व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि किसी भी सुरक्षा चूक को रोका जा सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके। बैठक में महत्वपूर्ण सरकारी ढांचे और संवेदनशील लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस ने कहा कि घाटी में शांति और लोगों की सुरक्षा बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

यह सुरक्षा समीक्षा कुलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई थी और अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के कुछ दिन बाद की गई है। इन हमलों के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है और निगरानी भी बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि घाटी में हाल की आतंकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। साथ ही एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।

14 साल की उम्र में भारत के नाम Boxing में Gold Medal | Yasser Boxer | Asian Under-15 Boxing

14 साल के यासिर ने Boxing में जीता Gold Medal! जम्मू-कश्मीर के इस युवा Boxer ने Asian Under-15 Boxing Championship में भारत का नाम रोशन किया। यासिर की जीत सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि उस हौसले की कहानी है, जिसने मुश्किल हालातों के बावजूद सपनों का पीछा करना नहीं छोड़ा। देश में ऐसे कई युवा खिलाड़ी हैं, जिनमें आगे बढ़ने का हुनर है। जरूरत है उन्हें सही सपोर्ट, बेहतर सुविधाएं और आगे बढ़ने के मौके देने की… ताकि वो अपने खेल को ही अपनी पहचान और भविष्य बना सकें।
आइए, यासिर जैसे खिलाड़ियों की मेहनत को पहचान दें और उनका समर्थन करें, ताकि वो अपने खेल के जरिए अपने सपनों को पूरा कर सकें।
@yassertheboxer

(Yasser , Yasser Boxer, Boxing Champion, Asian Under-15 Boxing Championship, Asian Boxing Championship, Gold Medal, Gold Medalist, Jammu Kashmir Boxer }

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों ने की फायरिंग, एक की मौत, एक घायल

Kulgam Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार को आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों को गोली मार दी। इस हमले में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह हमला कुलगाम के केल्लम इलाके में हुआ। यहां अज्ञात बंदूकधारियों ने मजदूरों पर अचानक गोली चला दी।

अधिकारी ने CNN-News18 को बताया, “कुलगाम के केलम इलाके में एक गैर-स्थानीय मजदूर की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। दोनों को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। उनमें से एक की चोटों के कारण मौत हो गई।”

मृतक की पहचान दीपक के तौर पर हुई है।

बता दें कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रॉक्सी संगठन, ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित केलम में एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे, तभी उन पर आतंकियों ने हमला कर दिया। गोलीबारी के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

सूत्रों ने बताया कि घायल मजदूर भूपिंदर कुमार की अभी सर्जरी हो रही है।

वहीं, हमले के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं और आतंकियों को पकड़ने के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

उपराज्यपाल ने हमले की निंदा की

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने डीजीपी नलिन प्रभात और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। साथ ही उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और उन्हें खत्म करने के निर्देश दिए हैं।