इन बैंकों में FD पर मिल रहा 8.5% तक का ब्याज! रिटायरमेंट के बाद 10 लाख फिक्स करने पर समझिए इंट्रेस्ट इनकम का पूरा कैलकुलेशन

Bank FD Rate: रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और रेगुलर इनकम का सोर्स होना काफी जरूरी होता है। यही वजह है कि अधिकांश बुजुर्ग अपनी गाढ़ी कमाई और रिटायरमेंट फंड को सेफ रखने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) चुनते हैं। बैंकों के बीच एफडी पर इंट्रेस्ट रेट्स में काफी फर्क देखने को मिलता है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक इंट्रेस्ट रेट ऑफर किया जाता है। इसके अलावा प्राइवेट, पब्लिक और विदेशी बैंक भी सीनियर सिटिजन्स को एफडी पर कॉम्पिटेटिव रिटर्न देते हैं।

सीनियर सिटिजंस को FD पर मिलने वाले इंट्रेस्ट रेट में मामूली सा भी फर्क उनके टोटल रिटर्न पर अच्छा खासा असर डालता है। खासकर तब जब रिटायरमेंट के बाद बड़े फंड की FD की गई हो। अलग-अलग बैंकों के इंट्रेस्ट रेट की तुलना करना और सही फ्रिक्वेंसी का चयन करना इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने में काफी मदद करता है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50% तक का मिल रहा है बंपर इंट्रेस्ट

सीनियर सिटिजन को एफडी पर मैक्सिमम रिटर्न देने में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50 प्रतिशत तक इंट्रेस्ट मिल रहा है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD के इंट्रेस्ट रेट को एक नजर में नीचे देखा जा सकता है-

  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): एफडी पर 8.50 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.50 प्रतिशत तक की दर की पेशकश कर रहा है।
  • जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): एफडी पर 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.25 प्रतिशत तक की दर प्रदान कर रहा है।

प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक: सुरक्षित निवेश के साथ बढ़िया विकल्प

प्राइवेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी बुजुर्गों को आकर्षित करने के लिए कॉम्पिटेटिव एफडी रेट पेश कर रहे हैं:

प्राइवेट सेक्टर बैंक

एसबीएम बैंक इंडिया वरिष्ठ नागरिकों को सर्वाधिक 8.15 प्रतिशत तक का इंट्रेस्ट रेट दे रहा है। इसके बाद डीसीबी बैंक (DCB Bank) 8.00 प्रतिशत और बंधन बैंक (Bandhan Bank) 7.95 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहे हैं। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) और यस बैंक (YES Bank) दोनों 7.75 प्रतिशत तक, आरबीएल बैंक (RBL Bank) और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) 7.70 प्रतिशत तक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक (Jammu & Kashmir Bank) 7.55 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के बैंक

सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक 7.45 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) 7.25 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और इंडियन बैंक (Indian Bank) 7.15 प्रतिशत तक जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और केनरा बैंक (Canara Bank) 7.10 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहे हैं।

विदेशी बैंक

विदेशी बैंकों की बात करें तो स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) 7.10 प्रतिशत तक, डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) 7.00 प्रतिशत तक और एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank) 6.00 प्रतिशत तक की एफडी ब्याज दर दे रहे हैं।

10 लाख रुपये की एफडी पर सालाना ब्याज आय का गणित

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की उच्चतम वार्षिक ब्याज दर पर 10 लाख रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है:

कुल फिक्स्ड राशि: ₹10,000,000

वार्षिक ब्याज दर: 8.50%

सालाना ब्याज आय: ₹85,000

यानी 8.50% की दर से 10 लाख रुपये फिक्स करने पर सिर्फ इंट्रेस्ट से ही वरिष्ठ नागरिक को सालाना ₹85000 (करीब ₹7083 प्रति माह) की निश्चित कमाई होगी। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)

विशेषज्ञों की राय: कैसे करें सही और सुरक्षित एफडी निवेश

फाइनेंशियस एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पूरी जमा राशि किसी एक ही बैंक में रखने के बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटकर निवेश करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि वे डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये तक के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। उच्च रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और अपनी लिक्विडिटी की जरूरतों के हिसाब से एफडी की अवधि तय करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Corporate FD vs SFB FD: 9% के करीब ब्याज के चक्कर में कितना जोखिम? जानिए कहां पैसा लगाना बेहतर

Corporate FD vs SFB FD: अगर आपका बैंक FD पर 6.5%-7% ब्याज दे रहा है, तो 9% के करीब ब्याज देखकर मन ललचा सकता है। अभी कुछ कॉर्पोरेट FD चुनिंदा अवधि पर करीब 8.95% तक ब्याज दे रहे हैं। कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक यानी SFB भी 8% से ज्यादा ब्याज दे रहे हैं।

ऊपर से देखें तो ज्यादा ब्याज वाला FD बेहतर लगता है। लेकिन मामला इतना सीधा नहीं है। दोनों में पैसे की सुरक्षा अलग है। इसलिए FD चुनते समय सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।

कॉर्पोरेट FD में ज्यादा जोखिम

कॉर्पोरेट FD कंपनियां और NBFCs जारी करती हैं। आप अपना पैसा कंपनी को देते हैं। कंपनी इसके बदले आपको तय ब्याज देती है। कुछ कॉर्पोरेट FD अभी करीब 8.95% तक ब्याज दे रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों को कुछ मामलों में थोड़ा ज्यादा ब्याज भी मिल सकता है। लेकिन यहां एक बड़ा जोखिम है। कॉर्पोरेट FD पर बैंक FD जैसा DICGC इंश्योरेंस नहीं मिलता।

यानी कंपनी पैसा लौटाने में फंस गई तो आपका जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए ऐसी FD में पैसा लगाने से पहले कंपनी की क्रेडिट रेटिंग जरूर देखनी चाहिए। उसकी आर्थिक स्थिति भी समझनी चाहिए। सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर FD लेना ठीक नहीं है।

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SFB FD में 8% से ज्यादा ब्याज

स्मॉल फाइनेंस बैंक भी FD पर अच्छा ब्याज दे रहे हैं। कुछ बैंक चुनिंदा अवधि में 8% या इससे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। यहां सबसे बड़ा फायदा जमा की सुरक्षा का है। बैंक में जमा रकम पर DICGC का बीमा मिलता है। इसके तहत एक जमाकर्ता को एक बैंक में कुल ₹5 लाख तक की जमा पर सुरक्षा मिलती है। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल हैं।

BankBazaar के CEO आदिल शेट्टी के मुताबिक FD चुनते समय सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना चाहिए। SFB FD में ₹5 लाख तक DICGC सुरक्षा मिलती है। वहीं Corporate FD में ज्यादा ब्याज मिल सकता है, लेकिन कंपनी का क्रेडिट रिस्क भी रहता है।

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₹5 लाख से ज्यादा पैसा है तो क्या करें?

यहां एक बात समझना जरूरी है। DICGC की ₹5 लाख की सीमा हर बैंक के हिसाब से होती है। मान लीजिए आपके पास ₹10 लाख हैं। पूरा पैसा एक ही SFB में रखने पर सिर्फ ₹5 लाख तक की जमा DICGC कवर में आएगी।

ऐसे में अलग-अलग बैंकों में पैसा बांटना एक तरीका हो सकता है। इससे बीमा कवर का फायदा अलग-अलग बैंकों में लिया जा सकता है।

कॉर्पोरेट FD या SFB FD, क्या चुनें?

अगर आपको ज्यादा ब्याज चाहिए और आप थोड़ा ज्यादा जोखिम लेने के लिए तैयार हैं, तो कॉर्पोरेट FD पर विचार कर सकते हैं। लेकिन पहले कंपनी की क्रेडिट रेटिंग और वित्तीय हालत जरूर देखें। अगर आपका फोकस सुरक्षा पर है और 8% के आसपास ब्याज मिल रहा है, तो SFB FD ज्यादा आरामदायक विकल्प हो सकता है।

एक और चीज देखनी चाहिए। वह है FD की अवधि। अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसा चाहिए, तो समय से पहले FD तोड़ने पर ब्याज कम मिल सकता है। कुछ मामलों में पेनल्टी भी लग सकती है। इसलिए FD चुनते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।

PPF Calulator: हर साल PPF में ₹1.5 लाख डालने पर कितना पैसा मिलेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।