Kashmiri Pandits: दशकों बाद कश्मीर में लौटी उम्मीद! शोपियां में कश्मीरी पंडितों ने रखी राम मंदिर की नींव, लोगों की यादों से जुड़ा है पूरा इतिहास

Kashmiri Pandits News: कश्मीर घाटी से विस्थापन के दशकों बाद कश्मीरी पंडित समुदाय ने शनिवार (29 अगस्त) को शोपियां के एक मोहल्ला में राम मंदिर के पुनर्निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया। यहां समुदाय के सैकड़ों लोग एकत्र हुए और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान के बाद भगवान राम मंदिर की आधारशिला रखी। यह कार्यक्रम कश्मीरी पंडितों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपनी पुरानी जड़ों और विरासत से जुड़ने का बेहद भावुक क्षण रहा।

दशकों तक विस्थापन झेलने के बाद, कश्मीरी पंडितों ने पारंपरिक पूजा और हवन के साथ जम्मू-कश्मीर के शोपियां के टाक मोहल्ले में ऐतिहासिक राम मंदिर के पुनर्निर्माण की नींव रखी। 1989 में आगजनी से क्षतिग्रस्त और बाद में अतिक्रमण का शिकार हुई इस जगह को स्थानीय प्रशासन की कोशिशों से समुदाय को वापस सौंपा गया। जबकि पुरातत्व और विरासत विभाग ने पुनर्निर्माण के लिए फंड मंजूर किया।

समुदाय और स्थानीय निवासियों ने इस पहल को सिर्फ एक मंदिर के निर्माण के तौर पर नहीं। बल्कि कश्मीरी पंडितों की कश्मीर घाटी में वापसी, उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के पुनरुद्धार और कश्मीर की साझा सांस्कृतिक पहचान की बहाली की उम्मीद के प्रतीक के तौर पर देखा।

1989 में जला दिया गया था राम मंदिर

इस मंदिर का इतिहास कश्मीर के बेहद संवेदनशील दौर से जुड़ा हुआ है। साल 1989 में घाटी में उग्रवाद के दौर के बीच शोपियां में मौजूद राम मंदिर को जला दिया गया था। इसके बाद मंदिर की जमीन पर कथित तौर पर अतिक्रमण भी किया गया। समय बीतने के साथ कश्मीरी पंडितों का बड़े पैमाने पर घाटी से विस्थापन हुआ। इसके बाद यह धार्मिक स्थल भी समुदाय की स्मृतियों का हिस्सा बनकर रह गया। लेकिन अब करीब साढ़े तीन दशक बाद अब उसी जमीन पर मंदिर के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है।

सैकड़ों लोग हुए धार्मिक कार्यक्रम में शामिल

राम मंदिर की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में कश्मीरी पंडित समुदाय के सैकड़ों सदस्य शामिल हुए। इस दौरान पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान किया गया। राम मंदिर के पुनर्निर्माण की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था। बल्कि उन पुरानी यादों से दोबारा जुड़ने का अवसर था, जो विस्थापन के कारण उनसे दूर हो गई थीं।

प्रशासन की पहल से पुनर्निर्माण का रास्ता साफ

राम मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इंडिया टुडे के मुताबिक, पुरातत्व एवं विरासत विभाग ने अपनी विरासत संरक्षण पहल के तहत इस परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृत की है। इस कदम से शोपियां के इस पुराने धार्मिक स्थल को दोबारा विकसित करने और क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

‘यह सिर्फ मंदिर का निर्माण नहीं, हमारी जड़ों से जुड़ने का प्रयास’

कार्यक्रम में शामिल कुछ कश्मीरी पंडितों ने कहा कि यह मंदिर उनके लिए केवल ईंट-पत्थर से बनने वाली कोई इमारत नहीं है। यह शोपियां के साथ उनके पैतृक संबंध, उनकी धार्मिक आस्था और कश्मीर की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान में समुदाय की मौजूदगी की याद है। उनका कहना था कि मंदिर का दोबारा निर्माण उस विरासत को पुनर्जीवित करने की कोशिश है। इससे कश्मीरी पंडित विस्थापन के कारण लंबे समय से दूर रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने भी किया स्वागत

मंदिर के पुनर्निर्माण की पहल का स्थानीय निवासियों ने भी स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि कश्मीरी पंडित कश्मीर के इतिहास, संस्कृति और साझा विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, समुदाय से जुड़े पुराने धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार घाटी की साझी और समावेशी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में योगदान दे सकता है।

एक स्थानीय निवासी ने न्यूज एजेंसी IANS से कहा, “दशकों पहले यहां एक मंदिर हुआ करता था। लेकिन धीरे-धीरे वह जर्जर हो गया। फिर उसका अस्तित्व खत्म हो गया। लेकिन अब हालात बेहतर हुए हैं। सरकार ने इसे फिर से बनाने की पहल की है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने इसके लिए बहुत मेहनत की है। आज यहां मंदिर का पुनर्निर्माण हो रहा है। हम इस प्रयास की सराहना करते हैं।”

अन्य लोगों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि करीब 35 साल से अधिक समय बाद शोपियां में राम मंदिर की आधारशिला रखा जाना कश्मीरी पंडितों के लिए सिर्फ एक निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं। बल्कि विस्थापन, पीड़ा और पुरानी यादों के बीच अपनी जड़ों की ओर लौटने की उम्मीद का प्रतीक बन गया है।

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जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से मची तबाही, किश्तवाड़ में फ्लैश फ्लड, 3 जिलों के स्कूल बंद

जम्मू-कश्मीर के चेनाब घाटी क्षेत्र में शनिवार तड़के हुई तेज बारिश और चत्रू इलाके में बादल फटने से हालात बिगड़ गए। अचानक आई बाढ़ के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों के सभी स्कूल बंद कर दिए। अधिकारियों के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे चत्रू इलाके में बादल फटा। इसके बाद तेज पानी के साथ कीचड़, पत्थर और मलबा बाजार में आ गया, जिससे मुख्य बाजार का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ की वजह से किश्तवाड़-चत्रू-सिंथन राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हो गया, जिससे लोगों की आवाजाही रुक गई।

फिलहाल किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं है। हालांकि, बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। कई घरों और दुकानों में पानी भर गया, जबकि नाले के किनारे खड़ी कम से कम दो गाड़ियां तेज बहाव में बह गईं।

बाढ़ से आकलन का किया जा रहा है नुकसान 

अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन प्रभावित इलाकों का सर्वे कर रहा है, ताकि नुकसान का सही पता लगाया जा सके। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिन दुकानदारों और कारोबारियों को इस आपदा में नुकसान हुआ है, उन्हें सरकार के राहत नियमों के तहत मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने जिला प्रशासन से बात कर हालात की जानकारी ली और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। जितेंद्र सिंह ने पिछले साल चसोती में बादल फटने की घटना का भी जिक्र किया, जिसमें 63 लोगों की जान चली गई थी। इनमें ज्यादातर श्रद्धालु थे। उन्होंने कहा कि उस हादसे के बाद आपदा से निपटने की तैयारियों को और मजबूत किया गया है। अब किश्तवाड़ और मचैल में समय से पहले चेतावनी देने वाले सिस्टम लगाए गए हैं। इसके अलावा, पैडर इलाके में एक ऑटोमैटिक मौसम केंद्र भी स्थापित किया गया है, ताकि खराब मौसम की सटीक जानकारी समय पर मिल सके और राहत-बचाव कार्य तेजी से किए जा सकें।

 बंद हैं सभी स्कूल 

एहतियात के तौर पर प्रशासन ने किश्तवाड़ जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल पूरे दिन बंद रखने का फैसला किया। भारी बारिश, फिसलन भरी सड़कें, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया। वहीं, पड़ोसी डोडा और रामबन जिलों में भी स्कूल बंद रहे और छात्रों की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन कक्षाएं चलाने के निर्देश दिए गए। लगातार हो रही बारिश और बादल फटने की घटना से पूरे चेनाब घाटी क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह संपत्ति को नुकसान पहुंचा, जबकि सड़कें बंद होने से यातायात भी ठप हो गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि प्रशासन के अनुसार इस घटना में किसी की जान नहीं गई है।

Stocks to Watch: Kusumgar की लिस्टिंग; EaseMyTrip, Biocon और Delhivery समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अमेरिका में अनुमान से कम महंगाई बढ़ने की रफ्तार के आंकड़ों ने ब्याज दरें बढ़ने की आशंका कम की तो वैश्विक मार्केट में रौनक छा गई। इन सबके बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में भी ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 27.00 प्वाइंट्स यानी 0.11% की बढ़त के साथ 24,041.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 14 जुलाई को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), एंजेल वन, एमवी फोटोवोल्टिक पावर, फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज, जीटीपीएल हैथवे, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, जन स्मॉल फाइनेंस बैंक, साई सिल्क (कलामंदिर), मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स, नेटवर्क 18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स, और स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

L&T Technology Services Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 13% बढ़कर ₹356.6 करोड़ और रेवेन्यू 11.5% उछलकर ₹2,940.1 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का डॉलर रेवेन्यू 0.4% बढ़कर $30.99 करोड़ पर पहुंचा। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटी 28.1% बढ़कर ₹461.3 करोड़ और ईबीआईटी मार्जिन 200 बीपीएस चढ़कर 15.7% पर पहुंच गया।

Tata Elxsi Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा एलेक्सी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ और रेवेन्यू 14.5% उछलकर ₹1,021.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Anand Rathi Share and Stock Brokers Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.3% बढ़कर ₹23.4 करोड़ और नेट इंटेरेस्ट इनकम 47.6% उछलकर ₹68.4 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी जीरो से ₹20.9 करोड़ के एक्सपेश्नल लॉस में आ गई।

Hero MotoCorp

हीरो मोटोकॉर्प के बोर्ड ने अपनी सहयोगी कंपनी एथर एनर्जी में ₹1,000 करोड़ तक के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। इस प्रस्तावित निवेश से पहले हीरो मोटोकॉर्प की एथर एनर्जी में 29.48% हिस्सेदारी है।

Belrise Industries

बेलराइज इंडस्ट्रीज ने 14 जुलाई को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया, जिसमें फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹230.79 तय किया गया। कंपनी इस पर 5% तक की छूट भी दे सकती है।

PDS

पीडीएस ने अपने मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस और इंडोनेशिया की कपड़े बनाने वाली दिग्गज कंपनी बुसाना अपैरल ग्रुप के बीच एक रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है।

Kirloskar Brothers

किर्लोस्कर ब्रदर्स की यूके सब्सिडियरी एसपीपी पम्प्स को साइपेम ऑफशोर कंस्ट्रक्शन SPA से वर्टिकल पंप और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई के लिए 1.17 करोड़ पौंड (₹149.59 करोड़) का ऑर्डर मिला है।

Easy Trip Planners

ईजमाईट्रिप (EaseMyTrip) ने झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के साथ एक रणनीतिक एमओयू किया है।

Delhivery

आरबीआई ने डेल्हीवरी की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी डेल्हीवरी फाइनेंशियल सर्विसेज को टाइप 2 एनबीएफसी-एनडी के तौर पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (CoR) देने की मंजूरी दे दी है।

IOL Chemicals & Pharmaceuticals

चीन के नेशनल मेडिकल प्रोडक्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन (NMPA) के सेंटर फॉर ड्रग इवैल्यूएशन (CDE) ने आईओएल केमिकल्स के API प्रोडक्ट Clopidogrel Bisulfate को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी इस प्रोडक्ट के लिए कंपनी के पास पहले से मौजूद वैलिड सर्टिफिकेट ऑफ सूटेबिलिटी (CEP) के अलावा है, जिससे इसका रेगुलेटरी पोर्टफोलियो और मजबूत हुआ और अब चीन के फार्मा मार्केट में इसकी पहुंच बढ़ेगी।

Jain Resource Recycling

जैन रिसोर्सेज रिसाइकलिंग ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 14 जुलाई को तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में उसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में भट्टी फटने से एक हादसा हुआ। इस घटना में एक मजदूर की मौत हो गई और कई घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया गया।

Jammu and Kashmir Bank

जम्मू एंड कश्मीर बैंक ने पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के 1.02 करोड़ इक्विटी शेयर (0.50% इक्विटी) मेटलाइफ इंटरनेशनल होल्डिंग्स को प्रति शेयर ₹117.20 के भाव पर ₹120.1 करोड़ में बेचने का प्रस्ताव दिया है।

बल्क एंड ब्लॉक डील्स

Biocon

मिलान (Mylan) ने बायोकॉन में अपनी पूरी 5.64% हिस्सेदारी यानी 9.19 करोड़ शेयर ₹3,678.68 करोड़ में प्रति शेयर ₹400 के भाव पर बेच दिए। ये शेयर ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, एबेकस, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF, एक्सिस म्यूचुअल फंड, SBI म्यूचुअल फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन MF, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, मिरे एसेट MF, मोतीलाल ओसवाल AMC, सिटीग्रुप, ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, सोसिएट जेनरल और वैनगार्ड इमर्जिंग मार्केट्स ने खरीदे।

SG Mart

पब्लिक सेक्टर की पेंशन इन्वेस्टमेंट बोर्ड ने हर शेयर ₹649.98 के भाव पर एसजी मार्ट के 10 लाख शेयर (0.79% हिस्सेदारी) ₹64.99 करोड़ और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने प्रति शेयर ₹650 के भाव पर कंपनी के 11.23 लाख शेयर (0.89% हिस्सेदारी) ₹72.99 करोड़ में खरीदे। वहीं दूसरी तरफ एचआर ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग ने SG मार्ट के 22 लाख शेयर (1.74% हिस्सेदारी) ₹143 करोड़ में प्रति शेयर ₹650.02 के भाव पर बेचे

Radiowalla Network

आशीष कचोलिया के निवेश वाली बंगाल फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट ने रेडियोवाला के 1.44 लाख शेयर (2.04% हिस्सेदारी) ₹35.28 लाख में प्रति शेयर ₹24.50 के भाव पर बेचे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार बंगाल फाइनेंस के पास 2.22% हिस्सेदारी थी तो आशीष कचोलिया की कंपनी में 3.24% हिस्सेदारी थी। वहीं अमृतांशु अग्रवाल ने रेडियोवाला के 1.47 लाख शेयर (2.08% हिस्सेदारी) ₹36.12 लाख में प्रति शेयर ₹24.54 के भाव पर खरीद लिए।

लिस्टिंग

आज कुसुमगर के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज टीसीएस, ऑटोमोबाइल कॉरपोरेशन ऑफ गोवा, भारत बिजली, हेरिटेज फूड्स, केफिन टेक, सेंट गोबैन सेकुरिट इंडिया के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो एनर्जी इंफ्रा ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन और ऑर्बिट एक्सपोर्ट्स और रेडियोवाला नेटवर्क के बायबैक की एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mercedes’ 140th year transcontinental journey to come to India

Mercedes S-Class 140 Years 140 Places

Mercedes-Benz is bringing its ‘140 Years.140 Places’ transcontinental journey to India in July 2026. The luxury carmaker is undertaking this journey to celebrate 140 years since Carl Benz filed the patent for the world’s first car- the Patent-Motorwagen- thereby marking its own 140th anniversary. The journey has already passed through Europe, South America, North America, South-East Asia, Australia & New Zealand, and is now on its way to India.  

Mercedes 140 Years. 140 Places transcontinental journey: Additional details 

Mercedes-Benz has been undertaking a worldwide road trip, visiting 140 locations to mark its anniversary year. The carmaker is utilising the recently updated S-Class, its flagship sedan, for this journey. Three S-Class models have been on this trip since January 29, 2026, covering 60,000 kilometres, crossing 55 countries, and travelling across six continents. The carmaker says that the India leg of the journey will “celebrate the diverse places, people, myriad experiences and novel ideas that shape the world around us, documenting through key engagements across the route, the landscapes, traditions and innovations that make each destination unique.”

Each of the three S-Class models has been given a special name – Gotlieb (after Gottlieb Daimler, who made the first petrol-fuelled internal combustion engine), Carl (after Carl Benz, the maker of the world’s first car, Patent-Motorwagen), and Bertha (after Bertha Benz, the world’s first person to perform a long-distance car trip). The models will travel along two routes across India. 

Gotlieb will begin from New Delhi and make its way to Amritsar. From Amritsar, it will move toward Jammu and Kashmir, then on to Ladakh. This S-Class will also travel on Himalayan roads, including Umling La, the highest motorable pass in the world, and then head towards Manali. It will also move eastward through well-known places like Lucknow, Varanasi and Patna, and explore Bhutan before concluding its trip in New Delhi

Though starting from New Delhi together with Gotlieb, Carl and Bertha will voyage through Agra, Jaipur, Udaipur and Ahmedabad. After that, the two models will also head toward Pune, which houses Mercedes’ manufacturing facility. From there, both cars will go on individual trips- one will go across Mumbai, while the other will explore Hampi.  Both cars will then reunite in Bangalore, where Mercedes’ India R&D centre is housed. The cars will then travel westward towards Goa, and then conclude their journey in Mumbai.

किश्तवाड़ में बड़ा बवाल! थाने में घुसकर सेना के जवानों ने पुलिस कर्मियों से की मारपीट, 7 पर FIR दर्ज

Jammu and Kashmir Army Police Clash: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सेना के सात जवानों (जिनमें मेजर रैंक के एक अधिकारी भी शामिल हैं) के खिलाफ FIR दर्ज की है। जिसमें यह आरोप लगाया है कि सेना के कुछ जवानों ने किश्तवाड़ जिले के अथोली पुलिस स्टेशन में घुसकर पुलिस अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और स्टेशन परिसर में मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की। वहीं, सेना ने गुरुवार (25 जून 2026) को कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और संयुक्त जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि अथोली पुलिस स्टेशन में 24 जून को दर्ज FIR नंबर 17/2026 के अनुसार, यह घटना दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच हुई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 17 धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 109 (हत्या की कोशिश) और ‘सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम’ की धारा 3(1) शामिल हैं।

अथोली पुलिस के SHO की शिकायत पर दर्ज हुई FIR

News18 के पास मौजूद FIR के अनुसार, यह मामला अथोली पुलिस थाने के थाना प्रभारी (SHO) की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि जब वह पड्डर स्थित ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO) में जिला आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि पुलिस थाने के अंदर एक हिंसक घटना हुई है।

पुलिस शिकायत के अनुसार, 17 राष्ट्रीय राइफल्स के लगभग 30 से 40 आर्मी जवानों का एक ग्रुप, यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर के कहने पर कथित तौर पर पुलिस स्टेशन के परिसर में घुस गया। इसे “पहले से तय हमला” बताया जा रहा है। FIR में कमांडिंग ऑफिसर, एक मेजर, नायब सूबेदार और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने 30 से 40 अज्ञात आर्मी जवानों का भी जिक्र किया है, जिनकी पहचान जांच के दौरान की जानी बाकी है।

भारतीय सेना के अधिकारियों ने News18 को बताया कि मामले की जांच सही संस्थागत तरीकों से की जा रही है और भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी।

उन्होंने कहा, “यह मामला किश्तवाड़ के अथोली में स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज FIR से जुड़ा है। मामले की जांच सही संस्थागत तरीकों से की जा रही है। भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

लोहे की रॉड लेकर पुलिस स्टेशन में घुसे आर्मी के जवान

वहीं, भारतीय सेना ने आगे कहा कि अभी इस मामले में और कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि जांच चल रही है।

FIR के अनुसार, लाठी, लोहे की रॉड और सर्विस हथियारों से लैस सेना के जवान मुख्य गेट और बाउंड्री वॉल फांदकर जबरन पुलिस स्टेशन में घुस गए।

FIR में लिखा है, “पूरी तैयारी के साथ और लाठी, लोहे की रॉड, हथियार और गोला-बारूद से लैस होकर, उस ग्रुप ने मुख्य गेट और बाउंड्री वॉल फांदकर जबरन अथोली पुलिस स्टेशन के परिसर में घुसपैठ की। उनका मकसद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को जानलेवा चोट पहुंचाना और उनकी हत्या करना था। जबरन घुसने और हमले के बारे में पुलिस स्टेशन से कॉल मिलने पर, मैं तुरंत वापस पहुंचा।”

SHO, SDPO, ARTO के साथ सेना ने की मारपीट:

शिकायत के मुताबिक, जब SHO पुलिस स्टेशन लौटे, तो एक मेजर की अगुवाई में सेना के जवानों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। FIR में यह भी कहा गया है कि हाथापाई के दौरान अधिकारी की वर्दी फट गई। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि सेना के जवानों ने SDPO अथोली विजय कुमार भगत और स्टेशन पर तैनात कई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की।

FIR में कहा गया कि स्पेशल पुलिस ऑफिसर सुरेश कुमार की गर्दन पर राइफल के बट से वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि इस घटना में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। FIR में यह भी कहा गया है कि किश्तवाड़ के असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (ARTO) और उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, जो उस समय पुलिस स्टेशन के अंदर मौजूद थे, उन पर भी हाथापाई के दौरान हमला किया गया।

कथित हमले के अलावा, पुलिस ने आर्मी के जवानों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि ARTO, SHO अथोली और SDPO अथोली की सरकारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई, साथ ही घटना के दौरान पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट को भी नुकसान पहुंचाया गया।

इन धाराओं के तहत मामला दर्ज

वहीं, इन आरोपों के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109, 115(2), 121(1), 126(2), 132, 189(2), 190, 191(2), 191(3), 221, 324(4), 324(5), 324(6), 332(b), 351(2) और 352 के साथ-साथ ‘सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम’ की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया।

हालांकि, FIR में उन हालात या वजहों का जिक्र नहीं है जिनकी वजह से सेना और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हुआ। इस कथित टकराव की वजह अभी साफ नहीं है।

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Congress vs Tharoor: शशि थरूर के कश्मीर दौरे पर विवाद, कांग्रेस के भीतर आपसी झगड़े सबके सामने आए

Congress vs Tharoor: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य शशि थरूर के हालिया कश्मीर दौरे ने उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ एक और विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने इस बात के लिए उनकी आलोचना की है कि उन्होंने अपनी पार्टी के सहयोगियों से मुलाकात नहीं की, जबकि उन्होंने उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी।

शशि थरूर ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के अपने दौरे के दौरान उन्हें सकारात्मक चीजें महसूस हुईं। इस केंद्र शासित प्रदेश में हालात सामान्य होने की दिशा में उत्साहजनक प्रगति हुई है। ‘नालंदा डायलॉग्स’ के लिए श्रीनगर पहुंचे थरूर ने लोक भवन में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ये बातें कहीं।

कांग्रेस सांसद ने कहा, “श्रीनगर में! आज लोक भवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक बेहतरीन बैठक का सौभाग्य मिला। हमने राज्य के हालात और सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही उत्साहजनक प्रगति पर चर्चा की।’’ उन्होंने कहा कि लोक भवन के दौरे पर उन्होंने सकारात्मक पहल देखी।

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं वहां पहुंचा, तो वह (सिन्हा) कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठन की अध्यक्ष से बातचीत कर रहे थे, जो एक सकारात्मक पहल है, जिसका मैंने स्वागत किया। अब भी कई चुनौतियां हैं और बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन बैठक के बाद मुझे सकारात्मकता का अहसास हुआ।”

कांग्रेस हुई आगबबूला

कांग्रेस की J&K यूनिट ने इस बात पर निराशा जताई कि थरूर ने कश्मीर के लोगों या अपनी पार्टी के साथियों से मुलाकात नहीं की। JKPCC के प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने थरूर की X पोस्ट के जवाब में लिखा, “कश्मीर के लोग भी उम्मीद कर रहे थे कि आप उनसे मिलेंगे ताकि जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझ सकें। कम से कम आप उन पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए थोड़ा समय तो निकाल सकते थे जो उस राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसे 7 साल पहले हमसे छीन लिया गया था।”

यह घटनाक्रम थरूर और उनकी अपनी पार्टी के बीच हुई तनातनी के ठीक बाद सामने आया है। कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने को लेकर शनिवार को अपने नेता शशि थरूर की आलोचना की। कांग्रेस ने कहा कि पार्टी सांसद द्वारा प्रधानमंत्री के लिए प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है।

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह कटाक्ष भी किया कि अब वे शायद वह भी सुन सकते हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ही नहीं। थरूर ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा था। लेकिन इसे दलगत विवाद में बदल दिया गया।

थरूर ने क्या कहा था?

दरअसल, शशि थरूर ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को भारत की चिंताओं से अवगत कराया। साथ ही इस बात को मजबूती से रखा कि युद्ध के समय कमर्शियल नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट किया, “मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है। अब वह शायद उसे भी सुन सकते हैं, जो मोदी ने कहा ही नहीं।”

उन्होंने कहा, “जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी-ट्रंप बैठक पर भारतीय विदेश मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अमेरिका द्वारा तीन भारतीय नाविकों की निर्मम हत्या का कोई उल्लेख नहीं है।”

खेड़ा का कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह मोदी–ट्रंप की पहली मुलाकात थी। फिर भी कहीं यह संकेत नहीं मिलता कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के उस बार-बार दोहराए गए दावे का प्रतिवाद किया कि उन्होंने भारत को व्यापार की धमकी देकर युद्धविराम कराया।

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