Viral Video: ‘वह बहुत केयरिंग हैं…’ केतन अग्रवाल की सगाई का पुराना वीडियो वायरल, सिया का बयान बना चर्चा का विषय

Viral Video: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्याकांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इसी बीच केतन की सगाई का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में उनकी मंगेतर सिया गोयल, केतन की तारीफ करते हुए उन्हें बेहद ख्याल रखने वाला और अच्छा इंसान बताती नजर आती हैं। घटना के बाद यह वीडियो दोबारा वायरल होने से लोगों के बीच इसकी काफी चर्चा हो रही है।

बता दें 18 जून को केतन अग्रवाल की पुणे के लोहगढ़ किले में मौत हो गई थी। वहीं केतन की हत्या का आरोप उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन पर है। आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को लोहगढ़ किले से 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था। केतन की मौके पर ही मौत हो गई थी।

वायरल हो रहा वीडियो

वायरल हो रहे इस पुराने वीडियो में केतन अग्रवाल और सिया गोयल अपनी सगाई के समारोह में मंच पर साथ नजर आते हैं। कार्यक्रम के दौरान एंकर दोनों से बातचीत करती है और सिया से पूछती है कि उन्हें केतन की कौन-सी बात सबसे ज्यादा पसंद है और आखिर वह उनके लिए इतने खास क्यों हैं। कार्यक्रम के दौरान एंकर ने सिया से पूछा, “एक होने वाले पति के तौर पर केतन की ऐसी कौन-सी बात है, जिसकी वजह से वह आपके लिए ‘हीरो नंबर 1’ हैं?”

इस पर सिया ने बिना झिझक मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “वह बहुत केयरिंग और दयालु हैं।” सिया की यह बात सुनकर केतन भी मुस्कुराते नजर आए। इसके बाद होस्ट ने इसे “ओह मोमेंट” बताया, जिस पर समारोह में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर दोनों का अभिवादन किया।

लोगों ने किया कमेंट

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने लिखा, “और बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जाता है… सिया गोयल को। क्या एक्सप्रेशन्स, क्या मुस्कान। इस वीडियो को देखकर कोई यकीन नहीं करेगा कि वह केतन अग्रवाल से सगाई या शादी नहीं करना चाहती थीं। केतन और उनके परिवार के लिए दुख है।” एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “इसने तो एक्टिंग के मामले में बॉलीवुड की अभिनेत्रियों को भी पीछे छोड़ दिया।” एक और यूजर ने लिखा, “मुझे लगता है कि सब कुछ पहले से इस तरह प्लान किया गया था कि केतन की मौत एक हादसा लगे और किसी को शक न हो।” लोगों ने इस वीडियो पर अपने रिएक्शन दे रहे हैं।

एक और खौफनाक कांड! पत्नी ने लाइव लोकेशन शेयर कर प्रेमी से करवाया पति का कत्ल

Chittoor Husband Murder Case

Chittoor Husband Murder Case: अभी पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की आंच ठंडी भी नहीं हुई थी, जहां उसकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने होने वाले पति को मौत की खाई में धकेल दिया था। ठीक वैसा ही दिल दहला देने वाला एक और मामला आंध्र प्रदेश के चित्तूर से सामने आया है। यहां एक पत्नी ने बेवफाई की सारी हदें पार करते हुए, अपनी मासूम बेटी की आंखों के सामने अपने ही पति की बेरहमी से हत्या करवा दी। इस सनसनीखेज वारदात की साजिश के बारे में जानकर तो पुलिस के भी होश उड़ गए। 

हसिनि का बेहद शातिर प्लान

मृतक की पहचान 23 वर्षीय रमेश के रूप में हुई है, जो एक निजी कंपनी में काम करता था। रमेश की शादी 2 साल पहले 19 वर्षीय हसिनि से हुई थी और दोनों की एक छोटी बेटी भी है। लेकिन हसिनि के दिल में पति के लिए नहीं, बल्कि अपने 20 साल के प्रेमी युगांधर के लिए जगह थी। शादी के बाद भी दोनों का अवैध संबंध जारी रहा और इस प्यार के बीच से रमेश को हटाने के लिए हसिनि ने एक बेहद शातिर प्लान तैयार किया। ALSO READ: केतन से लेकर इंदौर के राजा रघुवंशी तक! भाजपा सांसद ने दोहराई पुरुष आयोग की मांग, कहा- पुरुषों की भी सुनो

'लाइव लोकेशन' शेयर कर करवाया पति का कत्ल

अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए हसिनि ने बेहद प्यार से पति रमेश को गुडुपल्ले मंडल के श्री मल्लेश्वर स्वामी मंदिर चलने के लिए मनाया। रमेश अपनी पत्नी और मासूम बेटी को लेकर बाइक से निकल पड़ा। रमेश बेखबर होकर गाड़ी चला रहा था, लेकिन हसिनि रास्ते भर अपने प्रेमी युगांधर के साथ अपनी 'लाइव लोकेशन' शेयर कर रही थी। युगांधर और उसके भाड़े के हत्यारे लगातार उस लोकेशन का पीछा कर रहे थे।

 

मल्लप्पा कोंडा के सुनसान रास्ते पर पहुंचते ही हसिनि ने साजिश के तहत अपना पर्स नीचे गिरा दिया। रमेश ने जैसे ही बाइक रोकी, झाड़ियों में छिपे युगांधर और उसके साथी धारदार हथियारों के साथ बाहर निकल आए। जान बचाने के लिए रमेश अपनी बेटी और पत्नी के सामने ही करीब 100 मीटर तक भागा, लेकिन बेरहम हत्यारों ने उसे घेर लिया और धारदार हथियारों से गोदकर उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी। इस खूनी खेल के दौरान मासूम बच्ची वहीं मौजूद थी।

सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज

इस अंधे कत्ल का खुलासा तब हुआ जब हसिनि की खुद की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी और नातिन लापता हैं। पुलिस ने जब जांच शुरू की और मंदिर के रास्ते के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। जाते समय तो रमेश अपनी पत्नी के साथ दिख रहा था, लेकिन लौटते वक्त हसिनि अपने मृत पति की ही मोटरसाइकिल पर दो अनजान मर्दों (प्रेमी और उसके साथी) के साथ बैठकर वापस आ रही थी।

सभी आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) और सीसीटीवी फुटेज के पुख्ता डिजिटल सबूतों के आधार पर हसिनि, उसके प्रेमी युगांधर और हत्या में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार कर दिया है।

इसी तरह की 5 और घटनाएं

  • इंदौर का सोनम रघुवंशी केस : इंदौर की सोनम रघुवंशी ने मई 2025 में शादी के तुरंत बाद मेघालय हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची। सोनम का अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ संबंध था। हनीमून के दौरान उसने कॉन्ट्रैक्ट किलर्स के जरिए अपने पति राजा को मेघालय में एक गहरी खाई में फिंकवा दिया। पुलिस ने तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए इस साजिश का पर्दाफाश किया।
  • सिया गोयल मामला : पुणे की 20 वर्षीय सिया गोयल की सगाई पुणे के एक बिजनेसमैन केतन अग्रवाल से हुई थी। शादी से कुछ दिन पहले जून 2026 में लोहागढ़ किले में ट्रैकिंग के दौरान केतन की 400 फीट गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। जांच में सामने आया कि सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को खाई से धक्का देने की साजिश रची थी। 
  • समिता कुमारी : समिता कुमारी, जो बिहार के सुपौल में मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) अधिकारी थी, ने अपने पति देव कुमार गुंजन की चलती ट्रेन में हत्या करवा दी। समिता का बिजली विभाग के एक तकनीशियन अजीत कुमार के साथ संबंध था। दोनों ने मिलकर 4 लाख की सुपारी दी। जून 2024 में जब गुंजन ट्रेन से यात्रा कर रहे थे, तब एक शूटर ने उन्हें गोली मार दी।
  • मुस्कान रस्तोगी : मेरठ में मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने बेरहमी से हत्या कर दी। मार्च 2025 में, मुस्कान ने पहले पति को खाने में नशीली दवा दी। बेहोश होने पर प्रेमी के साथ मिलकर सौरभ की हत्या कर दी, उसके शरीर के करीब 15 टुकड़े किए और एक बड़े प्लास्टिक ड्रम में भरकर उसे सीमेंट के घोल से सील कर दिया।
  • आंचल यादव : मार्च 2026 में सतना जिले से लापता हुए विपिन कुमार यादव की हत्या का खुलासा उसकी पत्नी आंचल के कारण हुआ। आंचल का शादी से पहले से ही सुनील कुशवाहा नाम के युवक से प्रेम संबंध था। दोनों ने मिलकर विपिन की हत्या की और शव को पहले कुएं में फेंका, फिर बाद में खोदकर दूसरी जगह दफना दिया। जुलाई 2026 में पुलिस ने कंकाल बरामद कर आंचल और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया।

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर चलेगा बुलडोजर, 40 में से 38 कमरे अवैध

johar university rampur

Johar University Demolition : रामपुर विकास प्राधिकरण ने वरिष्ठ सपा नेता मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत मानचित्र के बना हुआ अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार को भी आम रास्ता घोषित कर दिया गया है। संस्थान को 15 दिन के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं होने पर प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई करेगा। ALSO READ: ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने दिया इस्तीफा

 

प्राधिकरण ने रामपुर सदर के ग्राम सिंगनखेड़ा में स्थित इस यूनिवर्सिटी की जांच में पाया गया कि वहां बने अधिकांश भवन बिना अनुमति और बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए गए हैं। इस संबंध में संस्था को नोटिस भी भेजा गया।

 

रामपुर विकास प्राधिकरण को भेजे गए जवाब में जौहर यूनिवर्सिटी की ओर से यह कहा गया कि जब भवनों का निर्माण हुआ था, तब यह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था। इस पर रामपुर के डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने कहा, वर्ष 2024 से पहले यह क्षेत्र जिला पंचायत के अधिकार क्षेत्र में था। यूनिवर्सिटी ने दो भवनों के मानचित्र जिला पंचायत से स्वीकृत कराए थे।

 

उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार संस्थान को 15 दिन का समय का समय दिया गया है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगा। ALSO READ: केतन की मंगेतर सिया गोयल के परिवार की बढ़ी मुश्किल, FDA ने बंद कराया कामकाज
 

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि भाजपा को शिक्षा में भी साम्प्रदायिकता नजर आती है। शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी और शिक्षा के बाद मिलनेवाली नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। भाजपा अपने अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के अवैधानिक भवनों को कब ढहाएगी? जब संगी-साथी ही अपंजीकृत है, तो उनके भवन, कार्यालय, संस्थान कैसे जायज होंगे? निंदनीय!

उल्लेखनीय है कि जेल में बंद सपा नेता आजम खान 2006 में बनी इस यूनिवर्सिटी के चांसलर है। रामपुर रेलवे स्टेशन से करीब 12 किलो मीटर की दूरी पर स्थित यूनिवर्सिटी का कैंपस 250 एकड़ से ज्यादा के क्षेत्र में फैला है।

Ketan Agarwal Murder Case: केतन की हत्या करने से पहले सिया ने चेतन से कर ली थी शादी! WhatsApp चैट से हुआ खुलासा

Ketan Agarwal Murder Case: लोनावला के पास ऐतिहासिक लोहागढ़ किले से कारोबारी केतन अग्रवाल को कथित तौर पर धक्का देकर नीचे गिराने और उनकी मौत के मामले ने पूरे देश को हिला दिया था। अब इस केस में एक और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि केतन की मंगेतर और इस मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल कथित तौर पर पहले से शादीशुदा थीं।

News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने चार महीने पहले अपने परिवारों से छिपाकर गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी।

खबरों के मुताबिक, उनके फोन से मिली WhatsApp चैट से यह बात सामने आई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन चैट ने इस गुपचुप शादी का राज खोल दिया है और पूरे मामले को एक नया मोड़ दिया है।

आरोप है कि 18 जून को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से नीचे धकेलकर मार डाला गया था। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है।

WhatsApp चैट और इंटरनेट हिस्ट्री से कथित तौर पर क्या पता चला?

News18 के मुताबिक, पुलिस ने आरोपियों के फोन से मिले कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, चैट और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री की जांच की। पिछले छह-सात महीनों के डिजिटल डेटा की जांच के दौरान, जांच करने वालों को पता चला कि सिया और चेतन ने कथित तौर पर चार महीने पहले ही शादी कर ली थी, लेकिन परिवारों के डर से इसे छिपाकर रखा था।

पुलिस को शक है कि इसी गुपचुप शादी के बाद केतन को रास्ते से हटाने की कथित साजिश रची गई थी।

‘मुझमें हिम्मत नहीं है, तुम भी आओ’: सिया ने कथित तौर पर चेतन से क्या कहा?

पुलिस का कहना है कि केतन अग्रवाल की हत्या की पहली कोशिश कथित तौर पर 14 जून को ही की गई थी, लेकिन सिया आखिरी पल में घबरा गई और कोशिश नाकाम रही। इसके बाद, उसने कथित तौर पर चेतन को मैसेज किया, “मुझमें यह करने की हिम्मत नहीं है, तुम भी आओ – हम दोनों मिलकर उसे चट्टान से नीचे धकेल देंगे।” जांचकर्ताओं का कहना है कि दोनों ने कथित तौर पर 18 जून को मिलकर हत्या को अंजाम दिया।

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Ketan Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस में अब क्या होगा? पंचशील टेस्ट से जमानत तक, जानिए आगे की पूरी कहानी

पूरे देश को हिला देने वाले पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस की आरोपी सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों की 11 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अब जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ की बजाय मामले से जुड़े सबूतों की जांच और उन्हें मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं।

अब आगे क्या होगा?

इस मामले में अब जांच का सबसे बड़ा फोकस डिजिटल सबूतों पर है। जांच एजेंसियां सिया गोयल के मोबाइल से मिले डेटा और कोड में लिखे गए मैसेज को समझने की कोशिश कर रही हैं। पुणे ग्रामीण पुलिस को हाल ही में स्नैपचैट की एक चैट मिली है। इसमें सिया ने कथित तौर पर अपनी एक दोस्त से आधार कार्ड की जानकारी मांगी थी ताकि टिकट बुक किया जा सके। चैट में उसने यह भी लिखा था कि यह “ऐसी शादी के लिए है जो कभी नहीं होगी।” अब जांचकर्ता दूसरे संदिग्ध कोड वाले मैसेज भी खंगाल रहे हैं। उनका पता लगाना है कि क्या इस कथित साजिश में सिया और चेतन के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था।

इन सबूतों पर टिकी जांच

इस मामले में लोहगढ़ किले से कथित तौर पर धक्का देने की घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। इसलिए पुलिस पूरे मामले को परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर मजबूत बनाने में जुटी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत अभियोजन पक्ष को ऐसे सबूत पेश करने होंगे, जिनसे घटनाओं की पूरी कड़ी साफ तौर पर जुड़ जाए और यह साबित हो सके कि आरोपियों की भूमिका ही अपराध की ओर इशारा करती है।

जांच में पुलिस कई अहम सबूतों को जोड़कर मामला मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसमें घटनास्थल का पंचनामा, घटना का री-क्रिएशन (दोबारा घटनाक्रम तैयार करना) और वह जगह भी शामिल है, जहां आरोपियों ने कथित तौर पर केतन को धक्का देने की प्रैक्टिस की थी। इसके अलावा, घटना के समय पहने गए बताए जा रहे कपड़ों और केतन के जले हुए पासपोर्ट की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है।

क्या है पंचशील टेस्ट?

पंचशील टेस्ट सुप्रीम कोर्ट का एक अहम कानूनी सिद्धांत है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब किसी मामले में सीधे गवाह नहीं होते और फैसला परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर करना होता है। साल 1984 में ‘शरद बिरधीचंद सारडा बनाम महाराष्ट्र राज्य’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इसके पांच मुख्य सिद्धांत बताए थे।इन पांच सिद्धांतों में यह जरूरी है कि सभी तथ्य पूरी तरह साबित हों, सबूत अपराध से साफ तौर पर जुड़े हों, उनकी विश्वसनीयता मजबूत हो, किसी दूसरी संभावना की गुंजाइश न बचे और सभी सबूत मिलकर ऐसी अटूट कड़ी बनाएं जो सीधे आरोपी की ओर इशारा करे।

शुरुआत में पुलिस दोनों आरोपियों के अलग-अलग बयानों की सच्चाई जानने के लिए उनका पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराना चाहती थी। लेकिन कोर्ट में पेशी के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी, दोनों ने इन टेस्ट के लिए अपनी मंजूरी देने से इनकार कर दिया। भारतीय कानून के अनुसार, किसी आरोपी की सहमति के बिना पॉलीग्राफ या नार्को टेस्ट नहीं किया जा सकता। इसलिए पुलिस को इन टेस्ट की मांग वापस लेनी पड़ी और अब जांच दूसरे सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

कोर्ट में अब जमानत की लड़ाई शुरू

सिया गोयल और चेतन चौधरी अब पुलिस हिरासत की जगह न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में दोनों की ओर से जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनके वकीलों का कहना है कि पुलिस जरूरी डिजिटल डिवाइस पहले ही जब्त कर चुकी है, इसलिए अब उन्हें लंबे समय तक जेल में रखने की जरूरत नहीं है। वहीं, सिया गोयल की ओर से अदालत में कौन वकील पेश होगा, इसे लेकर भी नया कानूनी विवाद सामने आया है। इस मामले में एक चर्चित वकील का नाम सामने आया है और 10 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस की भी चर्चा हो रही है।

क्या सिया गोयल ने पुलिस कस्टडी में 30 हजार का स्वेटशर्ट पहना? वायरल फोटो को लेकर बवाल

सिया गोयल को लेकर ऑनलाइन आलोचना का सिलसिला जारी रहा। कुछ लोगों ने दावा किया कि वह पुलिस हिरासत में भी तनावमुक्त दिखाई दे रही थी। कुछ यूजर्स ने वीडियो में हथकड़ी न दिखने पर भी सवाल उठाए हैं।

Ketan Agarwal Murder Case: कस्टडी में आरोपी सिया गोयल ने पहना ₹30 हजार का स्वेटशर्ट! सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस के कुछ दिन बाद सोशल मीडिया पर आरोपी सिया गोयल के ड्रेस को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि कस्टडी के दौरान सिया ने 30,000 रुपये कीमत वाली स्वेटशर्ट पहनी थी। एक यूजर्स ने आरोप लगाया कि वह “जेल में भी आलीशान जिंदगी जी रही हैं।”

वहीं, कुछ लोगों ने तो यह भी आरोप लगाया कि वह केतन अग्रवाल से लिए गए ₹1 करोड़ का इस्तेमाल कर रही हैं। एक वायरल पोस्ट में लिखा था, “कस्टडी में भी वह फैशन कर रही हैं।”

हालांकि, सोशल मीडिया पर हर कोई इन दावों से सहमत नहीं था। एक यूजर ने बताया कि जिस स्वेटशर्ट को 30,000 रुपये का बताया जा रहा है, वह कथित तौर पर Ajio पर करीब 1,600 रुपये में उपलब्ध है। उसने आरोप लगाया कि कुछ सोशल मीडिया पेज सिर्फ लोगों का ध्यान खींचने और एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर दावे कर रहे हैं।

एक व्यक्ति ने लिखा, “इतने बुरे भी मत बनो। अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए, लेकिन कपड़ों और फैशन पर ध्यान देना बेतुका है।”

एक और यूजर ने कहा, “बिल्कुल, पैसे के लिए इतनी जहर उगलना बंद करो।”

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इन सबके बावजूद, सिया के खिलाफ लोगों का गुस्सा जबरदस्त बना रहा। कई यूजर्स का कहना था कि पुलिस कस्टडी में वह “तनाव-मुक्त” दिख रही थी, जबकि कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि ऑनलाइन वायरल हो रहे कुछ वीडियो में उनके हाथों में हथकड़ी क्यों नहीं थी। एक व्यक्ति ने टिप्पणी की, “उन्हें पता है कि सिस्टम कैसे काम करता है।”

वहीं, मामला तब और चर्चा में आ गया जब कोर्ट के बाहर मीडियाकर्मियों की ओर सिया ने कथित तौर पर अश्लील इशारा किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिससे ऑनलाइन गुस्सा और बढ़ गया।

इस बीच, मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुणे की एक अदालत ने रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि यह मौत कोई दुर्घटना नहीं थी और उन्हें शक है कि इन दोनों ने ही उन्हें पहाड़ी से धक्का दिया था।

जांचकर्ताओं ने कोर्ट को यह भी बताया कि आरोपियों के फोन से मिली बातचीत में कथित तौर पर “कोड नेम” और एन्क्रिप्टेड-स्टाइल में बातचीत शामिल थी। पुलिस ने यह भी दावा किया कि घटना से पहले हत्या की रिहर्सल की गई हो सकती है।

वो शादी जो कभी नहीं हुई

रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की जांच में एक नया मोड़ आया है। पुलिस ने आरोपी सिया गोयल के मोबाइल फोन से डिलीट किए गए चैट्स रिकवर किए हैं, जिनकी अब गहराई से जांच की जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद चैट्स में से एक में सिया कथित तौर पर एक दोस्त से शादी के टिकट बुक करने के लिए अपने आधार कार्ड के दोनों तरफ की तस्वीरें भेजने के लिए कह रही है। चैट्स में लिखा था: “आधार कार्ड के आगे पीछे का फोटो भेज दे। शादी के टिकट लिए जो होने वाली नहीं है, फिर भी भेज दे।”

इस मैसेज का का सीधा-सीधा अनुवाद यह है: “मुझे अपने आधार कार्ड के आगे और पीछे की तस्वीरें भेजो। ये शादी के टिकट बुक करने के लिए हैं, जो कभी होने वाली नहीं थी, लेकिन फिर भी भेज दो।”

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Ketan Agarwal Murder Case: ‘वो शादी जो होनी नहीं है…’ केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया गोयल और उसकी दोस्त की चैट आई सामने

Ketan Agarwal Murder Case: रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की जांच में एक नया मोड़ आया है। पुलिस ने आरोपी सिया गोयल के मोबाइल फोन से डिलीट किए गए चैट्स को रिकवर किया है, जिन्हें अब जांच में शामिल किया जा रहा है। जांचकर्ताओं के अनुसार, एक चैट में सिया ने अपनी एक दोस्त से उसके आधार कार्ड के दोनों तरफ की फोटो भेजने को कहा था, ताकि शादी के टिकट बुक किए जा सकें।

चैट में लिखा था: “आधार कार्ड का आगे और पीछे का हिस्सा भेज दो। शादी के टिकट के लिए, जो होने वाली नहीं है, फिर भी भेज दो।” बाद में दोस्त जवाब देता है कि दस्तावेज पहले ही व्हाट्सएप पर भेज दिया था।

स्क्रीनशॉट 2026-07-04 130231फिलहाल, पुलिस अब इन चैट्स की जांच कर रही है ताकि बातचीत का संदर्भ समझा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि क्या इनसे आरोपी की कथित हत्या से पहले या बाद की योजनाओं के बारे में कोई सुराग मिलता है।

बता दें कि बरामद किए गए चैट्स उन डिलीट किए गए डेटा का हिस्सा हैं, जिन्हें जांचकर्ताओं ने हाल ही में जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन से रिकवर किया है।

वहीं, पुलिस ने पहले ही अदालत को सूचित किया था कि उन्हें सांकेतिक (कोड) भाषा में हुई बातचीत मिली है और वे यह पता लगाने के लिए उनकी जांच कर रहे हैं कि क्या कथित साजिश में कोई और भी शामिल था।

सिया गोयल और चेतन चौधरी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

दूसरी तरफ, सिया गोयल और उसके साथी चेतन चौधरी को पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से इनकार करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल, केतन अग्रवाल की हत्या की जांच चल रही है और पुलिस आरोपियों के डिवाइस से मिले डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।

तीसरे व्यक्ति की भूमिका की जांच

पुणे पुलिस ने अदालत को बताया कि उन्हें आरोपियों के फोन से डिलीट किया गया डेटा मिला है, जिसमें कोड वर्ड्स, निकनेम और इमोजी में लिखी गई कथित चैट शामिल हैं। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ये बातचीत कथित साजिश में किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका की ओर इशारा करती हैं।

बीड के युवक से पूछताछ

पुलिस ने बीड जिले से एक युवक को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर उसे हत्या की योजना के बारे में बताया था। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या इस कथित साजिश में उसकी कोई भूमिका थी। हालांकि, युवक ने पुलिस को बताया कि उसने दोनों को ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी थी।

दूसरा मोबाइल फोन बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने सिया गोयल का एक दूसरा मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसे कथित तौर पर छिपाकर रखा गया था। फिलहाल, पुलिस डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है और उम्मीद है कि इस फोन का फोरेंसिक विश्लेषण भी किया जाएगा।

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Video: टोल प्लाजा बना आग का गोला, LPG टैंकर ब्लास्ट से कौशांबी में मचा कोहराम, 5 लोगों की दर्दनाक मौत

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में स्थित सिरोही टोल प्लाजा के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक LPG टैंकर अचानक भीषण आग की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि टैंकर कानपुर से वाराणसी की ओर जा रहा था, तभी चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और वह सीधे डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर के बाद कुछ ही सेकंड में टैंकर से गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिसने देखते ही देखते पूरे इलाके को खतरनाक आग की लपटों में बदल दिया।

आग इतनी तेजी से फैली कि टोल प्लाजा और आसपास का क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ गया। इस हादसे ने वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मचा दी और कुछ ही पलों में स्थिति बेहद भयावह हो गई। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और गैस परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

CCTV में कैद खौफनाक मंजर

इस दर्दनाक घटना का पूरा दृश्य CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में साफ दिखता है कि टैंकर से पहले सफेद गैस तेजी से बाहर निकलती है और फिर अचानक जोरदार धमाका होता है। कुछ ही पलों में आग इतनी फैल गई कि टोल बूथ और आसपास का क्षेत्र जलने लगा।

16 बाइक और 2 कारें खाक

भीषण आग की चपेट में आकर टोल प्लाजा पर खड़ी 16 बाइक और 2 कारें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को भागने का भी मौका नहीं मिला।

ड्राइवर की दर्दनाक मौत, कर्मचारी भी झुलसे

टैंकर चालक, जिसकी पहचान धर्मेंद्र द्विवेदी (मिर्जापुर) के रूप में हुई है, आग में फंस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके अलावा टोल प्लाजा के कई कर्मचारी भी गंभीर रूप से झुलस गए।

अस्पताल में जिंदगी की जंग

घायलों को तुरंत प्रयागराज के SRN अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में दो और कर्मचारियों की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। जबकि कुछ लोग अभी भी इलाज में हैं।

कैसे हुआ इतना बड़ा विस्फोट?

जानकारी के अनुसार टैंकर करीब 60–70 kmph की रफ्तार से चल रहा था। टकराने के बाद LPG गैस तेजी से फैल गई और फिर एक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसने पूरे टोल प्लाजा को आग में बदल दिया।

दो किलोमीटर दूर तक दिखी आग की लपटें

हादसे के बाद आसमान में काला धुआं और ऊंची आग की लपटें दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं। टोल प्लाजा का एक हिस्सा पूरी तरह जल गया और वहां अफरा-तफरी मच गई।

जांच जारी, इलाके में दहशत

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Ketan Agarwal Murder Case: पुणे पुलिस को शक! केतन मर्डर केस में आ सकता है ‘सोनम रघुवंशी जैसा मोड़’

Ketan Agarwal Murder Case: मेघालय हनीमून मर्डर केस में सोनम रघुवंशी को जमानत दिलाने वाली कानूनी खामियों से सबक लेते हुए, पुणे ग्रामीण पुलिस अब पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की लोणावला (लोहगढ़ किले) में हुई हत्या के मामले में एक “पूरी तरह मजबूत और बिना गलती वाली” चार्जशीट तैयार करने में जुटी है। यह जानकारी महाराष्ट्र पुलिस के शीर्ष सूत्रों ने न्यूज18 को दी है।

जांच अधिकारी केतन की मंगेतर और मुख्य आरोपी सिया गोयल का पॉलीग्राफ (झूठ पकड़ने वाला) टेस्ट कराने पर जोर दे रहे हैं। हालांकि, यह टेस्ट कोर्ट में सीधे सबूत के तौर पर मान्य नहीं होता, लेकिन पुलिस का मानना है कि इससे कुछ अहम सुराग मिल सकते हैं, जिन्हें बाद में डिजिटल या फॉरेंसिक सबूतों से जांचकर पक्का किया जा सकता है।

यह सावधानी हाल ही में हुए सोनम रघुवंशी मामले को देखते हुए बरती जा रही है, जिसमें गिरफ्तारी की प्रक्रिया में हुई तकनीकी खामियों के कारण आरोपी को जमानत मिल गई थी और बाद में हाई कोर्ट ने भी उस जमानत को बरकरार रखा था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि सिया के खिलाफ उनके मुकदमे को किसी भी तरह की ऐसी तकनीकी चूक से कमजोर न होने दिया जाए।

पुलिस पॉलीग्राफ टेस्ट क्यों करवाना चाहती है?

भारतीय कानून के तहत, पॉलीग्राफ टेस्ट के नतीजे अदालत में मुख्य सबूत के तौर पर स्वीकार्य नहीं होते हैं। हालांकि, जांचकर्ताओं का कहना है कि यह टेस्ट जांच के दौरान नई जानकारियां या सुराग हासिल करने के लिए एक टूल के तौर पर काम आ सकता है।

महाराष्ट्र पुलिस के सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ से ऐसी जानकारी मिल सकती है जो पहले पता नहीं थी। उदाहरण के लिए, अगर सिया अनजाने में यह बता देती है कि उसने लोहागढ़ किले की चट्टान की ऊंचाई के बारे में जानकारी जुटाई थी, या ऐसी किसी डिजिटल गतिविधि का जिक्र करती है जिसके बारे में जांचकर्ताओं को पहले पता नहीं था, तो पुलिस उस डिजिटल सबूत को स्वतंत्र रूप से हासिल कर सकती है।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान ब्राउजर हिस्ट्री, लोकेशन डेटा या डिलीट की गई सर्च जैसी जानकारी, अगर सही कानूनी प्रक्रियाओं से हासिल की जाए, तो कोर्ट में सबूत के तौर पर मानी जा सकती है, भले ही पॉलीग्राफ टेस्ट के जवाब खुद सबूत के तौर पर मान्य न हों।

पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “मकसद पॉलीग्राफ रिपोर्ट को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करना नहीं है। इसका मकसद छिपे हुए तथ्यों का पता लगाना है, जिनकी बाद में कानूनी रूप से मान्य डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों से पुष्टि की जा सके।”

प्रत्यक्ष सबूत नहीं, केवल परिस्थिति पर टिका पूरा मामला

जांच करने वाले मानते हैं कि उन्हें सबूत जुटाने में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा कोई चश्मदीद गवाह नहीं है जिसने केतन को चट्टान से धक्का देते हुए देखा हो। न ही इस कथित घटना का कोई CCTV फुटेज मौजूद है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उपलब्ध CCTV फुटेज में सह-आरोपी और सिया के प्रेमी चेतन चौधरी को हुडी पहने हुए घटना वाली जगह के पास ही देखा गया है, लेकिन इससे हत्या साबित नहीं होती।

पुलिस ने डमी का इस्तेमाल करके कथित अपराध वाली जगह का सीन भी दोबारा बनाया है, लेकिन अधिकारी निजी तौर पर मानते हैं कि ऐसे प्रदर्शनों का सबूत के तौर पर बहुत कम महत्व होता है। एक सूत्र ने कहा, “डमी किस तरह गिरती है, यह उसके वजन के बंटवारे, कोण और गति पर निर्भर करता है। इससे वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं किया जा सकता कि पीड़ित को जान-बूझकर धक्का दिया गया था या वह गलती से फिसल गया था।”

इन्हीं सब वजह से, जांचकर्ता इस मामले को पूरी तरह से परिस्थितिजन्य सबूतों पर आधारित मानते हैं, जिसमें अपराध साबित करने के लिए हर सबूत का आपस में सही ढंग से जुड़ना जरूरी है ताकि कोई शक न रहे।

अभियोजन पक्ष मकसद और डिजिटल सबूतों पर भरोसा कर रहा है

जांचकर्ताओं के मुताबिक, प्रॉसिक्यूशन की मुख्य थ्योरी यह है कि सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी, क्योंकि सिया कथित तौर पर उससे शादी नहीं करना चाहती थी।

इसलिए, चार्जशीट दाखिल करने से पहले पुलिस डिजिटल, फोरेंसिक और हालात से जुड़े सबूत इकट्ठा करने पर ध्यान दे रही है, जो इस कथित साजिश को पुख्ता कर सकें।

जांचकर्ता डिजिटल सर्च हिस्ट्री, मोबाइल फोन डेटा और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच कर रहे हैं, जिनसे साजिश या पहले से योजना बनाने की बात साबित हो सके। सूत्रों का कहना है कि ऐसे डिजिटल सबूत हासिल करना, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा सके, जांच की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।

‘एक कमजोर कड़ी पूरे केस को गिरा सकती है’

पुलिस सूत्रों का मानना ​​है कि केस का नतीजा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या वे घटनाओं की एक अटूट कड़ी बना पाते हैं या नहीं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “अगर बचाव पक्ष उस कड़ी की एक भी अहम कड़ी को तोड़ने में कामयाब हो जाता है, तो अभियोजन पक्ष का केस काफी कमजोर पड़ सकता है।” उन्होंने ऐसे हाई-प्रोफाइल मामलों का जिक्र किया जिनमें सबूतों की कमी के कारण कोर्ट में मुश्किलें आईं।

यही एक वजह है कि जांच करने वाले अधिकारी फाइनल चार्जशीट दाखिल करने से पहले बहुत सावधानी बरत रहे हैं।

सोनम रघुवंशी का मामला एक सबक क्यों बन गया है?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल ही का सोनम रघुवंशी मामला-जिसमें उन पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप है-अब पुलिस के लिए एक चेतावनी बन गया है। यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत जांच प्रक्रिया के कड़ाई से पालन करने के महत्व को और पुख्ता करता है।

सोनम के मामले में, कोर्ट में प्रक्रिया से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद अभियोजन पक्ष को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जमानत के आदेश के मुताबिक, पुलिस आरोपी को हिरासत में लेते समय गिरफ्तारी के असल कारणों के बारे में साफ तौर पर नहीं बता पाई। गिरफ्तारी मेमो और उससे जुड़े दस्तावेजों में BNS की धारा 403(1) का जिक्र किया गया था, जो संपत्ति के बेईमानी से गबन से जुड़ी है, जबकि हत्या के मामले में उसकी जांच धारा 103(1) के तहत हो रही थी।

कोर्ट ने माना कि ऐसी गलतियों की वजह से आरोपी के संवैधानिक अधिकारों पर असर पड़ा, जिससे उसे शुरुआती जांच चरण में अपना बचाव ठीक से करने का मौका नहीं मिला। इसी आधार पर कोर्ट ने उसे जमानत दे दी, जिसे बाद में हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि मजबूत जनमत या मीडिया की कड़ी नजर भी अदालत में हुई प्रक्रियात्मक गलतियों की भरपाई नहीं कर सकती। महाराष्ट्र पुलिस के एक वरिष्ठ सूत्र ने News18 को बताया, “अदालतें सबूतों और कानूनी वैधता के आधार पर मामले तय करती हैं। यहां तक ​​कि क्लर्क की कोई छोटी सी गलती या तय कानूनी प्रक्रिया का पालन न करना भी बचाव पक्ष के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।”

चूंकि कोई चश्मदीद गवाह या सीधा वीडियो सबूत नहीं है, इसलिए पुणे ग्रामीण पुलिस अब इस बात पर ध्यान दे रही है कि प्रक्रिया का हर कदम कानूनी रूप से सही हो। साथ ही, वे डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों को भी मजबूत कर रहे हैं, जिनके बारे में उनका मानना ​​है कि ये सिया के खिलाफ उनके मामले का मुख्य आधार बनेंगे।

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