चारपाई पर पति की लाश और पास बैठा जिंदा सांप… मेरठ कोर्ट ने प्रेमी संग मिलकर हत्या करने वाली पत्नी को सुनाई फांसी की सजा

Meerut Amit Kashyap Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित और सनसनीखेज अमित कश्यप हत्याकांड में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ACJM) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने शुक्रवार को अपने पति की गला घोटकर हत्या करने वाली बेवफा पत्नी और उसके प्रेमी को मौत की सजा सुनाई है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मौत को प्राकृतिक रूप देने के लिए चारपाई पर एक जिंदा सांप छोड़ दिया था ताकि सबको लगे कि पति की मौत सांप के डसने से हुई है। अदालत ने हत्या के इस संगीन मामले में मृतका की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

क्या था पूरा मामला और कैसे रचा गया षड्यंत्र?

यह सनसनीखेज मामला मेरठ के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां रहने वाले अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की पत्नी रविता के अमरदीप नाम के शख्स के साथ संबंध थे। प्रेम प्रसंग के रास्ते का कांटा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने एक खतरनाक साजिश रची। 17 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर सोते समय अपने पति अमित कश्यप की गला घोटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड को एक दुर्घटना या प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए आरोपियों ने हत्या के बाद अमित की चारपाई के पास एक जिंदा सांप लाकर छोड़ दिया था। अगले दिन जब परिवार के लोगों ने अमित को चारपाई पर मृत देखा और पास में सांप को बैठा पाया तो शुरुआत में परिजनों को यही लगा कि उसकी मौत किसी जहरीले सांप के डसने से हुई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल, 551 दिनों में आया फैसला

जब अमित का पोस्टमार्टम कराया गया तो डॉक्टरों की रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित के गले और नाक पर गंभीर चोट के निशान मिले। इससे यह साफ हो गया कि उसकी मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि गला घोटकर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के सिर्फ 60 दिनों के भीतर ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। एसीजेएम जयवीर सिंह नागर की अदालत में इस मामले की सुनवाई चली। महज 551 दिनों के भीतर इस ट्रायल के दौरान कुल 87 तारीखें पड़ीं और अभियोजन पक्ष की ओर से 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद आज अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।

मेरठ कोर्ट का ऐतिहासिक कदम: 3 दिन में 4 दोषियों को मौत की सजा

मेरठ की अदालत ने पिछले कुछ दिनों में अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने महज 3 दिनों के भीतर दो अलग-अलग चर्चित मामलों में कुल 4 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इससे पहले मेरठ कोर्ट ने चर्चित ‘नीले ड्रम हत्याकांड में साहिल और मुस्कान को भी फांसी की सजा सुनाई थी।

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UP Panchayat Chunav 2026: यूपी पंचायत चुनाव पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, तीन महीने के भीतर इलेक्शन कराने के निर्देश

UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने तीन महीने के भीतर यूपी पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में बने रहने की बात कही गई है। इस आदेश के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों और समयसीमा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार, पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा कराने की बात कही गई है। यह आदेश ग्राम पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने और आगे की प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निवर्तमान ग्राम प्रधानों की भूमिका पर भी निर्देश

कोर्ट ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में बनाए रखने की बात भी कही है। इससे चुनाव होने तक ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक कामकाज को जारी रखने की व्यवस्था प्रभावित होगी। हालांकि, प्रशासक के तौर पर उनकी शक्तियों और जिम्मेदारियों का सटीक दायरा आधिकारिक आदेश के विस्तृत डिटेल्स आने के बाद ही स्पष्ट होगा। कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के फैसले को अवैध बताया गया था। इसका मतलब है कि अगले तीन महीने तक पंचायतों का कामकाज प्रशासकों के माध्यम से जारी रह सकता है।

चुनाव की तैयारियों पर रहेगी नजर

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार और संबंधित प्रशासनिक विभागों की ओर से पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर उठाए जाने वाले कदम अहम होंगे। चुनाव की तारीखों, अधिसूचना और अन्य प्रक्रियाओं से संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि तीन महीने के अंदर यूपी के पंचायत चुनाव हो जाने चाहिए। पहले कयास ये कगाए जा रहे थे कि विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव होगा। यह फैसला जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने करीब तीन घंटे तक चली सुनवाई के बाद सुनाया।

सरकार के आदेश को कोर्ट ने बताया वैध

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर यूपी सरकार की ओर से जारी शासनादेश पूरी तरह वैध है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि पंचायत निकायों के चुनाव निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे कराए जाएं। इस फैसले से पंचायत चुनाव की तैयारी और समयसीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। अदालत ने प्रशासकों को चुनाव समाप्त होने तक कामकाज जारी रखने की व्यवस्था भी बरकरार रखी है।

OBC आयोग की प्रक्रिया से अलग होगी चुनाव की तैयारी?

हाई कोर्ट ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग अपना काम बिना किसी बाधा के जारी रखेगा। लेकिन पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया आयोग की कार्यवाही पूरी होने पर निर्भर नहीं रहेगी। यानी आयोग की प्रक्रिया के कारण चुनाव को अनिश्चितकाल तक टाला नहीं जा सकेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव मौजूदा नियमों और व्यवस्था के तहत कराए जाएंगे।

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चुनाव प्रक्रिया में 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का पालन करना होगा। इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार के सामने तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने की समयसीमा पूरी करने की जिम्मेदारी होगी। हालांकि, चुनाव की तारीखों और मतदान के शेड्यूल को लेकर सरकार की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना महत्वपूर्ण होगी।

काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर से सोना गायब? PMO तक पहुंची शिकायत, मंडलायुक्त ने बताई सच्चाई

Kashi Vishwanath Temple Gold Controversy: अयोध्या स्थित राम मंदिर से चंदा चोरी के बाद अब वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर से सोना गायब होने के आरोप ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में अधिवक्ता नित्यानंद राय ने शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया है कि मंदिर के शिखर पर लगे सोने के कई कलश गायब हो गए हैं। उनका आरोप है कि यह मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है और कथित तौर पर हर दूसरे दिन सोना निकाला जा रहा है। अधिवक्ता ने यह भी दावा किया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने उनकी शिकायत पर संज्ञान लिया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

29 सितंबर को की थी PMO से शिकायत

वाराणसी के तेलियाबाग निवासी अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बताया कि 29 सितंबर को उन्होंने मंडल आयुक्त समेत प्रधानमंत्री कार्यालय को एक पत्र भेज कर शिकायत की थी। पत्र में उन्‍होंने बताया कि मंदिर के उत्तरी द्वार के ठीक ऊपर दो स्थानों पर स्वर्ण कलश गायब है। उसकी जगह वहां पर कुछ पेंट किया गया है। नित्यानंद राय ने बताया कि यह तकरीबन 2 से लेकर 3 फीट की चौड़ाई का था। पहले भी मंदिर से सोना चांदी की चोरी हो चुकी है, इसलिए इस प्रकरण की गंभीरता से जांच किए जाने की आवश्यकता है। ऐसा पैच करीब दो से तीन जगहों पर है।

श्वेत पत्र जारी करने और वेबसाइट पर जानकारी देने की मांग

अधिवक्ता नित्यानंद राय ने मांग की है कि मंदिर के शिखर से सोना गायब होने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि मंदिर में सोना कब से गायब हो रहा है और अब तक कितनी मात्रा में सोना या चांदी गायब हुआ है, इसकी पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए।

उन्होंने मंदिर प्रशासन से इस मामले में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। साथ ही, मंदिर के अंदर और शिखर पर लगे सोने-चांदी का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की बात कही है। नित्यानंद राय चाहते हैं कि यह जानकारी मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोग इसे आसानी से देख सकें। शिकायतकर्ता के मुताबिक, मंदिर प्रशासन की ओर से अब तक जो जवाब दिया गया है, उससे वह संतुष्ट नहीं हैं।

ओलावृष्टि में टूटा था कलश का हिस्सा, मंदिर प्रशासन ने सुरक्षित रखा

दूसरी ओर, वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मंदिर से सोना गायब होने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने इन खबरों को भ्रामक और बेबुनियाद बताया। मंडलायुक्त के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले ओलावृष्टि के दौरान मंदिर के प्रवेश द्वार के ठीक ऊपर बने गुंबद या कलश का एक हिस्सा टूटकर गिर गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि टूटे हुए हिस्से को मंदिर प्रशासन ने सुरक्षित रख लिया है।

IIT मद्रास की तकनीकी टीम करेगी सर्वे

मंडलाआयुक्त ने बताया कि गिरा हुआ कलश जिसे विश्वनाथ धाम में सुरक्षित रखा गया है, पुनर्स्थापना के लिए IIT मद्रास से सर्वे कराया गया है। उसकी मदद से जल्द ही फिर से कलश स्थापित कराया जाएगा। बिना किसी तकनीकी परीक्षण के कलश को दोबारा लगाना वैज्ञानिक दृष्टि से उचित नहीं है। इसके लिए IIT मद्रास से संपर्क किया गया है और वहां की टीम प्राथमिक सर्वे का काम कर चुकी है।

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Ranvir Shorey: ‘सड़कों पर कब्जा करना असल में लोकतंत्र की हत्या है’, रणवीर शौरी ने CJP प्रोटेस्ट की आलोचना की

Ranvir Shorey: एक्टर रणवीर शौरी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले उनकी हिरासत को लेकर हो रहे विवाद पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर उतरने के बजाय अदालतों और लोकतांत्रिक संस्थाओं का रुख करना चाहिए। उनके ये बयान हुमा कुरैशी, सोनाक्षी सिन्हा और विजय वर्मा समेत कई बॉलीवुड एक्टर्स द्वारा अधिकारियों के प्रदर्शन को संभालने के तरीके की आलोचना के बीच आए हैं।

उन्होंने आगे कहा- लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन आखिरी रास्ता होना चाहिए। यह न्यायपालिका या विधायिका के अधिकार क्षेत्र को दरकिनार करने का तरीका नहीं है! आपके ‘असहमति के अधिकार’ का मतलब यह नहीं हो सकता कि आप हफ्ते के सातों दिन ‘विरोध-प्रदर्शन’ करें, जिससे देश ठप हो जाए और हम बाकी लोगों की जिंदगी नरक बन जाए! सिर्फ अराजकतावादी, पब्लिसिटी चाहने वाले या बेवकूफ ही पहले से मौजूद कानूनी उपायों का इस्तेमाल किए बिना विरोध-प्रदर्शन करेंगे।”

जब एक X यूजर ने जवाब दिया कि रणवीर को यह नहीं पता कि ‘CJI (मुख्य न्यायाधीश) भी समझौता कर चुके हैं’ तो एक्टर ने इस दावे का मजाक उड़ाते हुए लिखा, “लंबी होती लिस्ट। मैं समझौता कर चुका हूं, दूसरे वोटर समझौता कर चुके हैं, मीडिया समझौता कर चुका है, संसद समझौता कर चुकी है, PMO समझौता कर चुका है, CEC समझौता कर चुका है, SC समझौता कर चुका है… सिर्फ सड़कों पर डफली बजाने वाली, संदिग्ध फंडिंग वाली उन पार्टियों की भीड़ ही भरोसेमंद है, जो चुनाव नहीं जीत पाईं।”

विरोध-प्रदर्शन के बारे में सब कुछ

संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की योजना बनाई थी। वे मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर होना था। लेकिन विरोध-प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस ने मुंबई से आने के कुछ ही देर बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर दीपके और CJP के दो अन्य नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया। बाद में तीनों को रिहा कर दिया गया। रविवार को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन जारी रहा।

सोमवार को आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तारीख तय करने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तय समय के अंदर कोई जवाब नहीं मिला तो CJP आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला करेगा।

Bharat Taxi in UP: यूपी के सभी 75 जिलों में ‘भारत टैक्सी’ सुविधा शुरू! इसे चलाने वाले ड्राइवरों को 5 लाख रुपये तक का कवर, सारी डिटेल जानिए

Bharat Taxi in UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार (23 सितंबर) को यूपी में ‘भारत टैक्सी’ सेवा और ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ का शुभारंभ कर दिया। एक तरफ ‘भारत टैक्सी’ के जरिए ड्राइवरों को कमीशन से राहत और सामाजिक सुरक्षा देने की बात कही गई है। वहीं, दूसरी तरफ छोटे और सीमांत किसानों के लिए दीर्घकालिक कर्ज की ब्याज दर घटाकर 6 प्रतिशत कर दी गई है। देश के पहले सहकारिता आधारित प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी; का परिचालन सहकार टैक्सी सहकारिता लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। ‘Bharat Taxi’ पहले से ही लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में चल रही है।

ड्राइवरों को नहीं देना होगा कमीशन

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा, “‘भारत टैक्सी’ देश का पहला सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड संचालित करता है।” CM ने बताया कि ‘भारत टैक्सी’ फिलहाल लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस सेवा से जुड़ने वाले ड्राइवरों से कमीशन नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें ₹5 लाख तक की सामाजिक सुरक्षा कवरेज मिलेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि अब तक टैक्सी ड्राइवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के जरिए ड्राइवरों को सुरक्षा के साथ सम्मान और गरिमा देने का प्रयास किया जा रहा है।

‘ये पूरे भारत की टैक्सी है’

सीएम योगी ने कहा, “जब व्यक्ति अपनी गाड़ी पर भारत टैक्सी लिखाएगा और जो भी उस कार का चालक होगा, भारत टैक्सी के ब्रांड को संचालित करने का कार्य करेगा, तो उसको इस बात पर गौरव की अनुभूति होगी कि ये टैक्सी केवल एक यात्री को ढोने की नहीं, ये पूरे भारत की टैक्सी है। भारत को संचालित करने की भारत की गति को प्रगति में बदलने की टैक्सी है। उसके मन में इस बात की निश्चिंतता भी होगी कि मुझे यह सुविधा 5,00,000 रुपए की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी भी दे रही है…जब किसी को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी मिलती है तो उसमें एक निश्चिंतता होती है और फिर वह व्यक्ति पूरी तन्मयता के साथ, पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य को कर पाता है…आज यह टैक्सी लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज में संचालित हो रही है।”

एयरपोर्ट, मेट्रो और पुलिस से भी समझौता

मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत टैक्सी ने लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किए हैं। उन्होंने इस पहल के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि ‘भारत टैक्सी’ से आने वाले समय में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित बस सर्विस को भी इसी तरह के सहकारी मॉडल से विकसित करने की संभावना जताई।

किसानों के लिए 11% से घटकर 6% हुआ ब्याज

सीएम योगी ने ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ की भी शुरुआत की। इसके तहत उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से मिलने वाले दीर्घकालिक ऋण पर ब्याज दर 11 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी गई है। इस योजना का उद्देश्य आने वाले वर्षों में करीब 5 लाख छोटे और सीमांत किसानों को कर्ज की सुविधा उपलब्ध कराना है। आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए ब्याज दर कम करने का फैसला किया और अब इसका परिणाम सामने है। उन्होंने कहा कि किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा।

पांच ड्राइवरों और पांच किसानों को मिला लाभ

कार्यक्रम के दौरान पांच भारत टैक्सी ड्राइवरों को शेयर सर्टिफिकेट दिए गए। वहीं, किसान योजना के पांच लाभार्थियों को लोन स्वीकृति पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग का ‘उर्वरक सेतु’ मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश सहकारी डेटाबेस सेंटर का मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया।

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सरकार के सहकारी मॉडल पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत सहकारी क्षेत्र देश की मजबूती से जुड़ा है। सरकार और केंद्र की ओर से सहकारी सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार, भारत टैक्सी का उद्देश्य किसी निजी ऐप आधारित टैक्सी एग्रीगेटर को खत्म करना नहीं, बल्कि ड्राइवर-केंद्रित और लोगों के लिए किफायती परिवहन का एक वैकल्पिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। सहकारी मॉडल में ड्राइवर सदस्य और हितधारक के रूप में जुड़े होंगे, ताकि उनके आर्थिक और सामाजिक हितों को बढ़ावा दिया जा सके।

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Azamgarh Triple Murder: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार (22 सितंबर) शाम पूजा के दौरान हुए विवाद के बाद तीन लोगों की हत्या के आरोपी अरविंद सिंह को आजमगढ़ की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और ATS की संयुक्त टीम ने देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि रात्रि साढ़े तीन बजे मुठभेड़ में घायल अहरौला पुलिस थाना अंतर्गत शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई।

पत्नी और दो पूजारियों की हत्या

आजमगढ़ पुलिस के मुताबिक, अरविंद सिंह मंगलवार शाम छह बजे घर लौटा। उस समय, उसकी पत्नी बबिता सिंह (32) दो पंडितों से पूजा-पाठ करवा रही थी। घर में धार्मिक अनुष्ठान होता देख अरविंद भड़क गया। फिर नाराज अरविंद ने अपनी पत्नी एवं दो पंडितों को गाली देना शुरू कर दिया। पत्नी की आपत्ति पर विवाद बढ़ गया। इस बीच, अरविंद ने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और कथित तौर पर पत्नी बबिता सिंह को गोली मार दी। इसके बाद दोनों पंडितों को भी गोली मार दी। पंडितों की पहचान महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (50) के रूप में की गई है।

तीन बच्चों को बनाया बंधक

इस घटना के बाद उसने खुद को घर के भीतर बंद कर लिया। मामले की सूचना मिलने पर कई थानों से पुलिस टीमें मौके पर पहुंची और घर को चारों तरफ से घेर लिया। डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि तीन हत्याओं के आरोपी ने तीन बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया था। इस दौरान वह लगातार उन बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था। आरोपी द्वारा चलाई गई गोली से एक बच्चे को भी गोली लगी है जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायल बेटे ने भी तोड़ा दम, दो बेटियां बचाई गईं

पुलिस ने सबसे पहले घायल बेटे को कमरे से बाहर निकाला। ‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी पहचान आठ वर्षीय शौर्य के रूप में हुई। उसे गोली लगी थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने अरविंद की दोनों बेटियों को सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों बच्चियां सदमे में थीं। पुलिस के मुताबिक उनमें पानी और भोजन की कमी के संकेत दिखाई दिए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

पुलिस पर की फायरिंग

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी। मंगलवार रात साढ़े तीन बजे आरोपी की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि दो बच्चे खतरे से बाहर हैं। डॉक्टर अनिल कुमार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि आरोपी को लगभग सात घंटे तक समझाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही रिश्तेदारों और परिजनों को बुलाकर भी प्रयास किया गया। लेकिन वह लगातार बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था।

भूत प्रेत और आत्मा के साए!

गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए भूत प्रेत और आत्मा के साए की बात को लेकर उसके घर में पूजा पाठ का आयोजन किया गया था। इसी बात से आरोपी नाराज था। वाराणसी के एडीजी नवीन अरोड़ा का कहना है कि लगातार सात घंटे के प्रयास के बाद भी आरोपी बाहर नहीं निकला। इसी बीच फायरिंग की आवाज आई जिसके बाद हमारे पास कोई विकल्प नहीं था।

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स्टन ग्रेनेड और टियर गैस ग्रेनेड का प्रयोग करके दरवाजा तोड़ा गया। इसके बाद डॉक्टर अनिल कुमार एसओजी टीम के साथ अंदर गए। उन्होंने बताया कि अंदर जाते ही लगातार आरोपी फायरिंग करने लगा। अधिकारियों ने बताया कि उसने पांच राउंड फायर किया। इसी दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी। इस मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई है।

5 मौतों से दहला आजमगढ़

इस पूरी वारदात में कुल पांच लोगों की मौत हुई। इनमें अरविंद सिंह, उसकी पत्नी बाबिता सिंह, दो पुजारी महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा तथा उसका आठ वर्षीय बेटा शौर्य शामिल है। इस हत्याकांड के बाद पूरे जिले में दहशत का माहौल है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। धार्मिक अनुष्ठान से शुरू हुए विवाद से लेकर गोलीबारी, बच्चों को कमरे में बंद करने और सात घंटे बाद पुलिस कार्रवाई तक की पूरी घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

ASI हत्याकांड: अमृतसर में पुलिस मुठभेड़ में आरोपी की मौत

ASI हत्याकांड: अमृतसर में पुलिस मुठभेड़ में आरोपी की मौत

Accused in ASI murder case dies in police encounter

Amritsar ASI murder case : पंजाब के अमृतसर में एक सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) की हत्या के मामले में कथित रूप से शामिल एक आरोपी की शनिवार रात पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, मृतक की पहचान अमृतसर के मुलेचक गांव निवासी दीपक सिंह के रूप में हुई है। रात करीब 9:45 बजे एक चेकपॉइंट पर स्कूटर सवार 2 संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया। इनमें से एक संदिग्ध ने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोली चला दी और अगले चेकपॉइंट की ओर भाग गया।

पुलिस के अनुसार, दीपक सिंह उन दो मोटरसाइकल सवार आरोपियों में शामिल था, जिन्होंने गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात भगतांवाला अनाज मंडी में ASI हरजीत सिंह की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी।

CCTV और तकनीकी इनपुट से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की पहचान और तलाश के लिए CCTV फुटेज, तकनीकी इनपुट, टावर-डंप विश्लेषण, स्थानीय खुफिया जानकारी और मुखबिरों से मिली सूचना का इस्तेमाल किया गया।

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पुलिस के मुताबिक, रात करीब 9:45 बजे एक चेकपॉइंट पर स्कूटर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस के अनुसार, इनमें से एक संदिग्ध ने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोली चला दी और अगले चेकपॉइंट की ओर भाग गया।

 

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल

पुलिस के मुताबिक, अगले चेकपॉइंट पर संदिग्धों ने पुलिस टीम पर चार राउंड फायरिंग की। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।

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अमृतसर के इस्लामाबाद थाना क्षेत्र में हुई गोलीबारी के दौरान दीपक सिंह को गोली लगी। पुलिस के अनुसार, उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

गुरुग्राम हिट-एंड-रन केस: कार से कुचली गई बाइकर AAP की वॉलंटियर निकलीं, 2022 में पार्टी टिकट पर लड़ चुकी हैं MCD चुनाव

Gurugram Hit-And-Run Case: गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर कार की कथित टक्कर से घायल हुई 27 वर्षीय बाइक सवार शिवानी चौहान उर्फ सिया कथित तौर पर आम आदमी पार्टी (AAP) की वॉलंटियर हैं। ‘न्यूज 18’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 2022 में दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव में कालकाजी वार्ड से AAP के टिकट पर चुनाव लड़ा था। शिवानी रविवार को अपनी Aprilia RS 457 बाइक से जा रही थीं, तभी कथित तौर पर एक मारुति सुज़ुकी सियाज ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

शिवानी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में कार उनकी बाइक की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। इसके बाद कार की टक्कर से वह बाइक से गिरकर सड़क पर काफी दूर तक घिसटती हुई चली गईं। वीडियो फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास (attempt to murder) की धारा भी जोड़ दी है। मंगलवार को शिवानी गुरुग्राम की अदालत में अपना बयान दर्ज कराने पहुंचीं।

‘कार में दो और लोग थे, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए’

शिवानी ने आरोपी ड्राइवर के साथ कार में मौजूद कथित तौर पर दो अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कार में दो और लोग थे। इसलिए उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए। सिया ने कहा है कि आरोपी कल्याण बैंसला की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है और उनके और घटना के समय कार में कथित रूप से मौजूद अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि उनकी जान लेने की कोशिश की गई थी।

‘विक्टिम कार्ड’ के आरोप पर क्या बोलीं शिवानी?

जिला अदालत में अपना बयान दर्ज कराने के बाद मंगलवार रात मीडिया से बात करते हुए सिया ने बैंसला के रिश्तेदार कमल की उस टिप्पणी का भी जवाब दिया, जिसमें उसने दावा किया था कि वह पीड़िता होने का दिखावा कर रही हैं। सिया ने कहा कि अगर बैंसला तीन दिन में जमानत पर बाहर आ जाता है तो इसे कड़ी कार्रवाई नहीं माना जा सकता।

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उन्होंने कहा, “कार में दो अन्य लोग भी थे। उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्हें सजा मिलनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी।” गुरुग्राम पुलिस ने दो दिन तक तलाश करने के बाद मंगलवार को 33 वर्षीय बैंसला और उसके साथ कार में मौजूद उसके 34 वर्षीय रिश्तेदार लवनीश को गुरुग्राम से कुछ दूरी पर राजस्थान के राजगढ़ से गिरफ्तार किया था।

सिया ने कहा, “उसके समर्थक कह रहे हैं कि मैं पीड़िता होने का दिखावा कर रही हूं और यह सब फॉलोअर बढ़ाने के लिए कर रही हूं।” उन्होंने कहा, “मैंने 2022 में दिल्ली के कालकाजी से नगर निगम चुनाव लड़ा था। मैं सबसे कम उम्र की उम्मीदवार थी। दिल्ली में हर कोई मुझे जानता है। घटना के बाद मैं अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहती थी। लेकिन अब मेरी पहचान सामने आ गई है। मैं अपने लिए मजबूती से खड़ी रहूंगी। उनके समर्थक क्या कह रहे हैं, मुझे इसकी परवाह नहीं है। उनकी सोच ही गलत है।”

‘उनकी जान लेने की कोशिश की गई’

सिया ने कहा कि उन्होंने अदालत को घटना के बारे में बताया और कहा कि उनकी जान लेने की कोशिश की गई थी। इस दौारन उनकी मौत भी हो सकती थी। उन्होंने कहा, “मैंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। मुझे कुछ चोटें आई हैं और डॉक्टरों ने मुझे एमआरआई तथा एक्स-रे कराने की सलाह दी है।” पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद बैंसला ने पेशाब करने के बहाने हिरासत से भागने की कोशिश की। लेकिन गिरने से उसे चोट लग गई। अस्पताल में उसका प्राथमिक इलाज किया गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को शहर की अदालत में पेश किया गया। बैंसला पर आरोप है कि उसने गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर अपनी Maruti Suzuki Ciaz कार से पीछे से तेज गति में आकर अप्रिलिया आरएस 457 बाइक चला रही सिया को टक्कर मार दी। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। यह कार बैंसला के एक परिचित के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने बैंसला के रिश्तेदार लवनीश को भी गिरफ्तार किया है, जो घटना के समय कार में उसके साथ था।

बैंसला ने बाइकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी!

गुरुग्राम के पुलिस उपायुक्त (पूर्व) संदीप कुमार ने यहां मीडिया को बताया कि पीड़िता ने दावा किया है कि घटना से पहले बैंसला ने उस पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और उसे जान से मारने की कोशिश की। उन्होंने पीटीआई से कहा, “यह साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बहस के बाद उसने जानबूझकर बाइक सवार को साइड से टक्कर मारी… उसका इरादा पीड़िता को जान से मारने का था। पीड़िता ने पुलिस को भी बताया है कि उसे जान से मारने का इरादा था।”

गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त सिबाश कबीराज ने कहा कि इंस्टाग्राम पर उपलब्ध वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद बैंसला के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। इससे पहले मीडिया को इंटरव्यू देने के बाद बैंसला ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था और फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए गठित तीन टीमों ने उसे राजस्थान से गिरफ्तार किया।

वीडियो में क्या दिखा?

पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर को एक महिला बाइक सवार ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उसने बताया था कि पिछली सुबह गोल्फ कोर्स रोड पर एक कार ने उसे टक्कर मार दी थी। अधिकारी ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस ने पीड़िता से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिलने पर सेक्टर-56 थाने में स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया गया।

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बैंसला की गिरफ्तारी के बाद बाइक सवार पुलिस जांच में शामिल हुई। उसकी शिकायत पर पुलिस ने FIR में बीएनएस की धारा 109 (हत्या का प्रयास), धारा 78 (शारीरिक और डिजिटल तरीके से पीछा करना) और धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य) जोड़ी हैं।

डांस क्लास जाने के लिए खाना बनाने से किया इनकार, तो पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, पोस्टमार्टम में गर्दन की हड्डी टूटने और आंत फटने का पता चला

Nagpur Murder Case: महाराष्ट्र के नागपुर में एक अस्पताल में इलाज के दौरान 38 वर्षीय महिला की मौत हो गई। आरोप है कि खाना पकाने को लेकर हुई बहस के दौरान उसके पति ने उस पर हमला किया और चाकू घोंप दिया। पुलिस के मुताबिक, 41 वर्षीय पति कृष्ण लाल यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है और उस पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि मृतक महिला की पहचान यामिनी कृष्ण लाल यादव के तौर पर हुई है। आरोप है कि उस पर तब हमला किया गया जब उसने खाना बनाने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह अपनी हाउसिंग सोसाइटी में आयोजित डांस क्लास में जाने की तैयारी कर रही थी। दंपति के दो छोटे बच्चे हैं।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना मनकापुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले झिंगाबाई टाकली के साईनगर स्थित गोविंद सिटी में हुई।

खाना बनाने को लेकर बहस

पुलिस के मुताबिक, कृष्ण लाल काम से घर लौटे और यामिनी से अपने और बच्चों के लिए खाना बनाने को कहा। यामिनी हाउसिंग सोसाइटी में हो रही डांस क्लास के लिए निकलने की तैयारी कर रही थीं और उन्होंने खाना बनाने से मना कर दिया।

इस बात पर पति-पत्नी के बीच बहस हो गई। पुलिस का आरोप है कि शराब के नशे में धुत कृष्ण लाल ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और उनके गले व पेट पर हाथों से वार किया। बताया जा रहा है कि यह झगड़ा उनके दोनों बच्चों के सामने हुआ।

पुलिस ने यह भी बताया कि हाथापाई के दौरान यामिनी ने भी जवाबी कार्रवाई की थी।

बाद में यामिनी ने गर्दन और पेट में तेज दर्द की शिकायत की और अपने पति से दर्द निवारक दवा लाने को कहा। बताया जाता है कि कृष्ण लाल पास की एक मेडिकल दुकान पर गए, लेकिन वह बंद थी और वे बिना दवा के ही लौट आए।

इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। उनके पेट में सूजन आ गई और बाद में पुलिस को पता चला कि उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं, जिसमें उनकी आंत को भी नुकसान पहुंचा था।

जब उनकी हालत गंभीर हो गई, तो कृष्ण लाल उन्हें मनकापुर के मैक्स हॉस्पिटल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत पर उठे सवाल

मनकापुर पुलिस ने शुरू में इसे दुर्घटनावश हुई मौत का मामला दर्ज किया और यामिनी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेयो अस्पताल भेजा।

हालांकि, खबरों के मुताबिक पोस्टमॉर्टम में गंभीर चोटें पाई गईं, जिनमें गर्दन की हड्डी टूटना और आंतें फटना शामिल था। इन नतीजों के बाद पुलिस ने उसकी मौत से जुड़े हालात पर सवाल उठाए और अपनी जांच उसके पति पर केंद्रित की।

यामिनी के भाई ने पत्रकारों को बताया कि परिवार को पहले लगा था कि उसकी मौत दुखद हालात में हुई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गला घोंटे जाने और पेट में गंभीर चोटों के निशान का पता चलने के बाद परिवार को मामले की गंभीरता का एहसास हुआ।

भाई ने बताया कि यामिनी ने पहले भी उन्हें अपने पति के साथ हुई बहस के बारे में बताया था। हालांकि, उसने परिवार से इसमें दखल न देने को कहा था क्योंकि उसे डर था कि उनके शामिल होने से उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

उन्होंने कहा कि परिवार ने पहले की घटनाओं को पति-पत्नी के बीच आम झगड़े के तौर पर देखा था और उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो सकता है।

हत्या के मामले में पति गिरफ्तार

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर, पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले कृष्णा लाल से उसकी पत्नी की मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पूछताछ की।

उस पर हत्या से संबंधित कानूनों की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच चल रही है।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घर के अंदर क्या हुआ था, कथित मारपीट कैसे हुई और किन परिस्थितियों के कारण आखिरकार यामिनी की मौत हुई।

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