Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

up

मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।

 

 आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।

 

 प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।

 

मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। 

 

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा। 

 

भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये

 

प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।

 

केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।

 

एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श

 

सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

 

सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

 

मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग

 

इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।

 

चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव

 

सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

up

मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।

 

 आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।

 

 प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।

 

मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। 

 

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा। 

 

भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये

 

प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।

 

केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।

 

एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श

 

सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

 

सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

 

मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग

 

इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।

 

चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव

 

सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Meerut Viral Video: सामान डिलीवरी में 5 मिनट की हुई देरी तो भड़क गया शख्स, फ्लैट में बंद कर एजेंट की पिटाई

मेरठ के एक अपार्टमेंट में ऑर्डर पहुंचाने में सिर्फ पांच मिनट की देरी को लेकर ब्लिंकइट के डिलीवरी एजेंट और एक दंपति के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि डिलीवरी एजेंट के साथ मारपीट की गई। घटना के सीसीटीवी फुटेज में डिलीवरी एजेंट को खींचकर फ्लैट के अंदर ले जाते और उसके साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है।

मेरठ की है घटना

यह घटना 14 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के गंगानगर स्थित गंगा हाइट्स अपार्टमेंट में हुई। जानकारी के मुताबिक, अमित नाम का डिलीवरी एजेंट ऑर्डर पहुंचाने के लिए अपार्टमेंट आया था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसे रोक लिया। दोनों के बीच पहले बहस हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि उस व्यक्ति ने अमित का मोबाइल फोन छीन लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

CCTV वीडियो आया सामने 

सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपी व्यक्ति डिलीवरी एजेंट को फ्लैट के अंदर ले जाने से पहले उसे थप्पड़ मारता और लात मारता है। अमित इस दौरान अपना मोबाइल फोन वापस मांगता हुआ भी नजर आता है, लेकिन आरोप है कि व्यक्ति ने उसका फोन लौटाने से इनकार कर दिया। घटना के दौरान एक महिला भी फ्लैट से बाहर आती हुई दिखाई देती है। फुटेज में मारपीट जारी रहती है और डिलीवरी एजेंट परिसर के अंदर ही मौजूद रहता है।

आरोपी दंपति के खिलाफ FIR दर्ज

घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने घटना में शामिल लोगों की पहचान की और डिलीवरी एजेंट की शिकायत दर्ज की। सदर देहात के क्षेत्राधिकारी सुधीर सिंह ने बताया कि डिलीवरी एजेंट की लिखित शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ऑर्डर पहुंचाने में करीब पांच मिनट की देरी को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी वजह से डिलीवरी एजेंट के साथ मारपीट की गई।

12 अगस्त तक नहीं खुलेंगे स्कूल-कॉलेज! कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी के इन जिलों में प्रशासन का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेरठ और गाजियाबाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अधिकारियों ने दोनों जिलों के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य इंस्टिट्यूट संस्थान को 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया है। ये फैसला छात्रों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए लिया गया है। सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु कई पवित्र जगहों से गंगाजल लेकर पैदल शिव मंदिरों तक जाते हैं। आइए जानते हैं कहां-कहां पर बंद होगे स्कूल और कॉलेज

12 अगस्त तक बंद होंगे स्कूल-कॉलेज

मेरठ में जिला अधिकारी वी.के. सिंह के निर्देश पर सोमवार से सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। इसमें बेसिक शिक्षा परिषद, यूपी बोर्ड, सीबीएसई, सीआईएससीई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से जुड़े स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा सभी सरकारी और निजी कॉलेज, विश्वविद्यालय तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भी इस अवधि के दौरान नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी।

प्रशासन ने कहा कि, सावन शिवरात्रि के अवसर पर जिले से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों के गुजरने की संभावना है। ऐसे में छात्रों की सुरक्षा बनाए रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए ये फैसला लिया गया है।

गाजियाबाद में कब तक बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

गाजियाबाद प्रशासन ने भी नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों के साथ-साथ कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को 4 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, ये आदेश बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के विभिन्न मार्गों पर बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो चुकी है। ऐसे में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) के निर्देश पर छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

निर्देशों का सख्ती से हो पालन

गाजियाबाद प्रशासन ने बताया कि, पहले से निर्धारित किसी भी पाठ्यक्रम या विषय की परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी और उन्हें इस आदेश से बाहर रखा गया है। मेरठ प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन परीक्षाओं का कार्यक्रम पहले से तय है, वे अपने निर्धारित समय के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी और उन पर स्कूल बंद रहने का आदेश लागू नहीं होगा। वहीं मेरठ और गाजियाबाद दोनों जिलों के अधिकारियों ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और संबंधित विभागों को जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है।

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा से पहले सख्ती, DJ, हथियार और नॉन-वेज पर रोक, जानें नए नियम और ट्रैफिक एडवाइजरी

Kanwar Yatra 2026: 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा से पहले, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के बॉर्डर वाले जिलों की पुलिस ने तीर्थ मार्गों पर बहुत बड़े DJ सेटअप, हथियारों और मांसाहारी दुकानों पर रोक लगा दी है। इसी बीच, मेरठ के NH-58 पर नए डायवर्जन के कारण संकरे हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग पर घंटों लंबे जाम की स्थिति बन गई है।

बता दें कि यह धार्मिक यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि तक चलती है। इसमें लाखों कांवड़िये पैदल या गाड़ियों से हरिद्वार और गंगोत्री जैसी जगहों पर गंगाजल लेने जाते हैं और फिर वापस आकर उसे स्थानीय शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं।

वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बागपत, आगरा और दिल्ली से सटे जिलों की पुलिस ने कई इंतजाम किए हैं। इनमें रूट डायवर्जन, अलग पार्किंग जोन और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक शामिल है। इसके अलावा, कांवड़ यात्रा मार्गों पर मौजूद खाने-पीने की दुकानों और रेस्टोरेंट्स में खाद्य सुरक्षा जांच भी की जा रही है।

इस साल क्या करें और क्या न करें?

क्या करें (Do’s)क्या न करें (Don’ts)
यात्रा के दौरान हमेशा अपना पहचान पत्र (ID Proof) साथ रखें।हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट, डंडा, तलवार या किसी भी तरह का हथियार साथ न रखें।
केवल प्रशासन द्वारा तय कांवड़ मार्ग का ही इस्तेमाल करें।दोपहिया वाहन पर मॉडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल न करें।
बागपत: कांवड़/DJ की ऊंचाई 10 फीट, चौड़ाई 12 फीट से कम रखें और आवाज 75 डेसिबल से ज्यादा न हो।कांवड़ मार्ग के भोजनालयों में नॉन-वेज, प्याज और लहसुन का सेवन या परोसना प्रतिबंधित है।
आगरा: कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट से कम रखें और DJ तय मानकों के अनुसार ही बजाएं।कांवड़ मार्ग और मंदिरों के आसपास मांस की दुकानें बंद रहेंगी।
शिविर (कैंप) आयोजक CCTV, अग्नि सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करें।ढाबों और होटल में खाना या पानी खरीदने से पहले रेट लिस्ट जरूर देखें, तय कीमत से ज्यादा भुगतान न करें।

अलग-अलग शहरों में DJ और कांवड़ की ऊंचाई को लेकर क्या नियम हैं?

बागपत पुलिस ने कांवड़ और DJ सेटअप की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट तक सीमित कर दी है, साथ ही DJ और दूसरे सिस्टम के लिए आवाज का लेवल 75 डेसिबल तक ही रखने का नियम बनाया है। हथियार – जैसे हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट, डंडे या तलवार लेकर कांवड़ ले जाने की इजाजत नहीं होगी, और दो-पहिया वाहनों पर मॉडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न लगाने पर भी रोक लगा दी गई है।

आगरा में, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई एक अलग कोऑर्डिनेशन मीटिंग में कांवड़ की ऊंचाई की सीमा 12 फीट तय की गई और DJ की आवाज तय नियमों के दायरे में रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में कांवड़ रूट और मंदिरों के आस-पास मीट की दुकानें पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, खाद्य विभाग की टीमें ढाबों और होटलों की जांच करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि वहां रेट लिस्ट लगी हो।

कहां लग रहा है सबसे ज्यादा जाम?

फिलहाल, सबसे ज्यादा बुरा हाल मेरठ के पास हस्तिनापुर-चांदपुर रास्ते का है। 28 जुलाई से 10 अगस्त के बीच NH-58 पर भारी गाड़ियों के चलने पर रोक होने के कारण, ट्रकों को हस्तिनापुर के खादर (नदी के किनारे वाले इलाके) से होकर इस संकरी सड़क पर भेजा जा रहा है। इससे गाड़ियों की लंबी लाइनें लग रही हैं और दिन भर लगभग लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रास्ता पहले से ही खराब हालत में था। अब कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़े ट्रैफिक ने परेशानी और बढ़ा दी है।

लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की है, क्योंकि स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान और व्यापारी घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं।

किन शहरों में लागू किए गए हैं रूट डायवर्जन?

शहर/मार्गक्या बदलाव किए गए हैं?
मेरठ (NH-58)28 जुलाई से 10 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। ट्रकों को हस्तिनापुर खादर-चांदपुर मार्ग से भेजा जाएगा, जिससे इस रूट पर जाम की स्थिति बन सकती है।
मुजफ्फरनगर (NH-58)29 जुलाई की मध्यरात्रि से 12 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। 4 अगस्त तक हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि उसके बाद दोनों लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रहेंगी।
हरिद्वारसहारनपुर, दिल्ली, मेरठ और यमुनानगर से आने वाले वाहनों को मंडावर और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम चौक होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
देहरादून-ऋषिकेश मार्गवाहनों को नेपाली तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर के रास्ते चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग भेजा जाएगा। वहीं, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
दिल्ली से सटे जिलेमेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और गौतम बुद्ध नगर पुलिस के साथ संयुक्त समन्वय किया गया है। रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त इमरजेंसी पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है।

रास्ते में खाने-पीने की जगहों के लिए क्या नियम हैं?

अधिकारियों के मुताबिक, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने यात्रा के रास्तों पर पड़ने वाले होटलों और ढाबों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, अकेले हापुड़ में ही ऐसे लगभग 130 होटल और ढाबे हैं।

मुजफ्फरनगर में, असिस्टेंट कमिश्नर (फूड) अर्चना धीरन ने PTI को बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों में नॉन-वेज खाना, प्याज और लहसुन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि यह नियम हर साल लागू किया जाता है और छह टीमें बासी खाने की जांच करती हैं।

इसके अलावा, यात्रियों से अधिक कीमत न वसूला जाए इसके लिए 21 जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम भी तय कर दिए हैं। साथ ही, खाने-पीने की जगहों पर मालिक की जानकारी, लाइसेंस और फूड-सेफ्टी QR कोड दिखाना जरूरी होगा। वहीं, खाना बनाने वाले कर्मचारियों के लिए दस्ताने (ग्लव्स) पहनना भी अनिवार्य किया गया है।

यह भी पढ़ें: Assam Flood Update: असम में बाढ़ से भारी तबाही! मौतों का आंकड़ा 75 पहुंचा, 3.32 लाख लोग प्रभावित, मुआवजे का ऐलान