Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के दौरान बंद रहेंगे ‘नमो भारत’ के ये 17 स्टेशन, इन राज्यों में स्कूल भी बंद, जानिए रूट समेत सभी बड़ी बातें

Kanwar Yatra 2026: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने बताया है कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर गाजियाबाद और मोदीनगर के बीच 17 ‘नमो भारत’ स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट चार से 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। इन स्टेशनों पर पार्किंग की सुविधा भी सीमित रहेगी। NCRTC ने बताया कि वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक निर्देशों के तहत ये अस्थायी प्रतिबंध लगाए हैं।

निगम के अनुसार, प्रभावित स्टेशनों में मोदीनगर, मेरठ नॉर्थ, एमईएस कॉलोनी, बेगमपुल, भैंसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, शताब्दी नगर, रिठानी, परतापुर, मेरठ साउथ, मोदीनगर नॉर्थ, मोदीनगर साउथ, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर और गाजियाबाद शामिल हैं। NCRTC ने बताया कि अधिकतर स्टेशनों पर इस अवधि के दौरान गेट संख्या-2 बंद रहेगा। बयान के मुताबिक, बेगमपुल स्टेशन पर गेट संख्या-2 और 3, जबकि दुहाई स्टेशन पर गेट संख्या-3 और 4 बंद रहेंगे। गाजियाबाद स्टेशन पर गेट संख्या-3 और 5 बंद रहेंगे।

पार्किंग भी बंद

इन स्टेशनों के प्रभावित हिस्से की पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहेगी। एनसीआरटीसी ने यात्रियों को नमो भारत सेवाओं का उपयोग करने के लिए संबंधित स्टेशनों पर उपलब्ध वैकल्पिक प्रवेश और निकास द्वारों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। निगम ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया।

निगम ने कहा कि सरायकाले खां-मोदीनगर कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। बयान के मुताबिक, 14 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक ट्रेनें आठ मिनट के अंतराल पर चलेंगी। इस साल कांवड़ यात्रा पवित्र श्रावण मास की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से शुरू हुई है और 11 अगस्त को समाप्त होगी।

स्कूल-कॉलेज 12 अगस्त तक बंद रहेंगे

श्रावण मास की प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेरठ और गाजियाबाद जिलों में शिक्षण संस्थान 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। मेरठ में जिलाधिकारी डॉ. वी के सिंह के आदेश के अनुसार यह अवकाश 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। इसके अनुसार सोमवार से सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान बंद कर दिए गए।

प्रशासन ने कहा कि यह फैसला छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुगम बनाने के लिए लिया गया है, क्योंकि श्रावण शिवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए जिले से गुजरते हैं। मेरठ प्रशासन के आदेश के अनुसार, कक्षा एक से 12 तक के सभी शिक्षण संस्थान, जिनमें बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से जुड़े संस्थान शामिल हैं, 12 अगस्त तक बंद रहेंगे।

इसके अनुसार सरकारी और निजी कॉलेज, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को भी इस दौरान क्लास बंद रखने का निर्देश दिया गया है। गाजियाबाद प्रशासन ने भी नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूल के साथ-साथ कॉलेज, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को चार अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया।

इस बीच, बागपत प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए तीन अगस्त से 12 अगस्त तक कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया है। प्रशासन के अनुसार, हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों कांवड़िये अपनी मंजिल की ओर जाते हुए बागपत से गुज़र रहे हैं। जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु ‘जलाभिषेक’ के लिए जिले के प्रमुख शिवमंदिरों में भी जा रहे हैं, जिससे कांवड़ रूट और आस-पास के इलाकों में भारी ट्रैफिक हो रहा है।

कब शुरू हुई कांवड़ यात्रा?

भगवान शिव के पवित्र माह सावन के आगमन के साथ ही कांवड़ यात्रा 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है। यह यात्रा 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के दिन अपने चरम पर पहुंचेगी। इसी दिन श्रद्धालु शिव मंदिरों में गंगाजल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। इसी के साथ मुख्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

कहां से लाया जाता है गंगाजल?

कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तराखंड के हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री गंगाजल लेने के प्रमुख केंद्र होते हैं। यहां से भोलेनाथ के श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेकर अपने मंजिल की ओर रवाना होते हैं। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऋषिकेश स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर, झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर सहित कई प्रमुख शिवधामों में भी दर्शन-पूजन करते हैं।

ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव

यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए विभिन्न राज्यों की सरकारों ने व्यापक ट्रैफिक में बदलाव किया है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंगा नहर मार्ग सहित कई प्रमुख रास्तों पर जुलाई के अंतिम सप्ताह से भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्रा के चरम दिनों में कई रूट केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेंगे। जबकि अन्य वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे यात्रा रूट को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटा गया है। हजारों CCTV कैमरों, ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष गश्ती दलों की तैनाती की गई है।

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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह अस्थायी मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। इसके अलावा, बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कांवड़ और डीजे सिस्टम की ऊंचाई को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा करने की अपील की है।

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा से पहले दिल्ली में सख्ती! इन रूट पर मीट की दुकानों को बंद करने के आदेश, MCD ने सभी 12 जोन को दिए निर्देश

Kanwar Yatra 2026: श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही आज यानी गुरुवार (30 जुलाई) से विश्व की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। इस दौरान विभिन्न राज्यों से करोड़ों शिवभक्त गंगाजल लेने के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचेंगे। इस बीच, कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी 12 जोनों को कांवड़ यात्रा रूट्स और कांवड़ शिविरों के आसपास संचालित अवैध मीट की दुकानों को बंद कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लाइसेंस वाले मीट की दुकानों की भी जांच की जाएगी। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक 308 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे। इसे देखते हुए एमसीडी ने सभी नागरिक सुविधाओं की तैयारियां यात्रा शुरू होने से पहले पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि MCD ने अधिकारियों से यात्रा से पहले सभी सिविक इंतजाम पूरे करने को भी कहा है, जिसके दौरान 30 जुलाई से 11 अगस्त तक पूरे देश में 308 कांवड़ कैंप चलने वाले हैं।

कांवड़ कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटाने के आदेश

एक ऑफिस मेमोरेंडम में सभी जोनल डिप्टी कमिश्नरों को यह पक्का करने का आदेश दिया गया है कि तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले पहचाने गए कांवड़ कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटा दिया जाए। मेमोरेंडम में कहा गया है कि MCD को यात्रा से काफी पहले कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जोनल अधिकारियों को पहले ही पहचानी गई जगहों की जानकारी दे दी गई है। जबकि जरूरत पड़ने पर और कैंप लगाने की भी इजाजत दी जा सकती है।

सिविक बॉडी ने अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया है कि यात्रा के रास्तों पर या कांवड़ कैंप के आस-पास कोई भी बिना इजाजत या बिना लाइसेंस वाली मीट की दुकान न चले। यह भी कहा गया है कि अगर लाइसेंस वाली मीट की दुकानें अपने लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करती पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

साफ-सफाई के आदेश

सख्ती बरतने के अलावा, MCD ने सभी जोन से कैंप साइट और आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाने को कहा है। इनमें गहरी सफाई, उगी हुई घास-फूस को हटाना और रेगुलर कचरा इकट्ठा करना शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रा के दौरान चौबीसों घंटे सफाई बनाए रखने के लिए सफाई कर्मचारी और मशीनरी तीन शिफ्ट में तैनात रहेंगी। हर साल आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा में शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर हरिद्वार पहुंचते हैं। यहां से गंगाजल लेकर अपने गांव या शहर के शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने की उम्मीद

अखाड़ा परिषद और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने बताया कि भगवान शिव को जल अत्यंत प्रिय है। इसी कारण शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल ले जाकर अपने-अपने शिवालयों में उनका जलाभिषेक करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, लगभग पखवाड़े भर चलने वाली इस यात्रा के दौरान चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रशासन ने उनकी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वरिष्ठ अधिकारी कई बैठकें कर चुके हैं। यात्रा के शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन के लिए पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह ने बताया कि कांवड़ मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

एसएसपी ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान पहली बार सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। ये भ्रामक, फर्जी और AI से तैयार किए गए वीडियो पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सामान्य भ्रामक वीडियो को 36 घंटे के भीतर, जबकि एआई से तैयार फर्जी वीडियो को लगभग तीन घंटे के भीतर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सोशल मीडिया मंचों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। एसएसपी ने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ यात्रा के ट्रैफिक से अलग रखा जाएगा।

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हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंचने लगे हैं। दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेले को लेकर सभी विभागों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक स्कूलों में अवकाश रहेगा। इस दौरान स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन क्लासेस चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा से पहले सख्ती, DJ, हथियार और नॉन-वेज पर रोक, जानें नए नियम और ट्रैफिक एडवाइजरी

Kanwar Yatra 2026: 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा से पहले, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के बॉर्डर वाले जिलों की पुलिस ने तीर्थ मार्गों पर बहुत बड़े DJ सेटअप, हथियारों और मांसाहारी दुकानों पर रोक लगा दी है। इसी बीच, मेरठ के NH-58 पर नए डायवर्जन के कारण संकरे हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग पर घंटों लंबे जाम की स्थिति बन गई है।

बता दें कि यह धार्मिक यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि तक चलती है। इसमें लाखों कांवड़िये पैदल या गाड़ियों से हरिद्वार और गंगोत्री जैसी जगहों पर गंगाजल लेने जाते हैं और फिर वापस आकर उसे स्थानीय शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं।

वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बागपत, आगरा और दिल्ली से सटे जिलों की पुलिस ने कई इंतजाम किए हैं। इनमें रूट डायवर्जन, अलग पार्किंग जोन और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक शामिल है। इसके अलावा, कांवड़ यात्रा मार्गों पर मौजूद खाने-पीने की दुकानों और रेस्टोरेंट्स में खाद्य सुरक्षा जांच भी की जा रही है।

इस साल क्या करें और क्या न करें?

क्या करें (Do’s)क्या न करें (Don’ts)
यात्रा के दौरान हमेशा अपना पहचान पत्र (ID Proof) साथ रखें।हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट, डंडा, तलवार या किसी भी तरह का हथियार साथ न रखें।
केवल प्रशासन द्वारा तय कांवड़ मार्ग का ही इस्तेमाल करें।दोपहिया वाहन पर मॉडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल न करें।
बागपत: कांवड़/DJ की ऊंचाई 10 फीट, चौड़ाई 12 फीट से कम रखें और आवाज 75 डेसिबल से ज्यादा न हो।कांवड़ मार्ग के भोजनालयों में नॉन-वेज, प्याज और लहसुन का सेवन या परोसना प्रतिबंधित है।
आगरा: कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट से कम रखें और DJ तय मानकों के अनुसार ही बजाएं।कांवड़ मार्ग और मंदिरों के आसपास मांस की दुकानें बंद रहेंगी।
शिविर (कैंप) आयोजक CCTV, अग्नि सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करें।ढाबों और होटल में खाना या पानी खरीदने से पहले रेट लिस्ट जरूर देखें, तय कीमत से ज्यादा भुगतान न करें।

अलग-अलग शहरों में DJ और कांवड़ की ऊंचाई को लेकर क्या नियम हैं?

बागपत पुलिस ने कांवड़ और DJ सेटअप की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट तक सीमित कर दी है, साथ ही DJ और दूसरे सिस्टम के लिए आवाज का लेवल 75 डेसिबल तक ही रखने का नियम बनाया है। हथियार – जैसे हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट, डंडे या तलवार लेकर कांवड़ ले जाने की इजाजत नहीं होगी, और दो-पहिया वाहनों पर मॉडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न लगाने पर भी रोक लगा दी गई है।

आगरा में, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई एक अलग कोऑर्डिनेशन मीटिंग में कांवड़ की ऊंचाई की सीमा 12 फीट तय की गई और DJ की आवाज तय नियमों के दायरे में रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में कांवड़ रूट और मंदिरों के आस-पास मीट की दुकानें पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, खाद्य विभाग की टीमें ढाबों और होटलों की जांच करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि वहां रेट लिस्ट लगी हो।

कहां लग रहा है सबसे ज्यादा जाम?

फिलहाल, सबसे ज्यादा बुरा हाल मेरठ के पास हस्तिनापुर-चांदपुर रास्ते का है। 28 जुलाई से 10 अगस्त के बीच NH-58 पर भारी गाड़ियों के चलने पर रोक होने के कारण, ट्रकों को हस्तिनापुर के खादर (नदी के किनारे वाले इलाके) से होकर इस संकरी सड़क पर भेजा जा रहा है। इससे गाड़ियों की लंबी लाइनें लग रही हैं और दिन भर लगभग लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रास्ता पहले से ही खराब हालत में था। अब कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़े ट्रैफिक ने परेशानी और बढ़ा दी है।

लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की है, क्योंकि स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान और व्यापारी घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं।

किन शहरों में लागू किए गए हैं रूट डायवर्जन?

शहर/मार्गक्या बदलाव किए गए हैं?
मेरठ (NH-58)28 जुलाई से 10 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। ट्रकों को हस्तिनापुर खादर-चांदपुर मार्ग से भेजा जाएगा, जिससे इस रूट पर जाम की स्थिति बन सकती है।
मुजफ्फरनगर (NH-58)29 जुलाई की मध्यरात्रि से 12 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। 4 अगस्त तक हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि उसके बाद दोनों लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रहेंगी।
हरिद्वारसहारनपुर, दिल्ली, मेरठ और यमुनानगर से आने वाले वाहनों को मंडावर और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम चौक होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
देहरादून-ऋषिकेश मार्गवाहनों को नेपाली तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर के रास्ते चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग भेजा जाएगा। वहीं, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
दिल्ली से सटे जिलेमेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और गौतम बुद्ध नगर पुलिस के साथ संयुक्त समन्वय किया गया है। रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त इमरजेंसी पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है।

रास्ते में खाने-पीने की जगहों के लिए क्या नियम हैं?

अधिकारियों के मुताबिक, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने यात्रा के रास्तों पर पड़ने वाले होटलों और ढाबों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, अकेले हापुड़ में ही ऐसे लगभग 130 होटल और ढाबे हैं।

मुजफ्फरनगर में, असिस्टेंट कमिश्नर (फूड) अर्चना धीरन ने PTI को बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों में नॉन-वेज खाना, प्याज और लहसुन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि यह नियम हर साल लागू किया जाता है और छह टीमें बासी खाने की जांच करती हैं।

इसके अलावा, यात्रियों से अधिक कीमत न वसूला जाए इसके लिए 21 जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम भी तय कर दिए हैं। साथ ही, खाने-पीने की जगहों पर मालिक की जानकारी, लाइसेंस और फूड-सेफ्टी QR कोड दिखाना जरूरी होगा। वहीं, खाना बनाने वाले कर्मचारियों के लिए दस्ताने (ग्लव्स) पहनना भी अनिवार्य किया गया है।

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Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा को लेकर हाईअलर्ट, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत ये रास्ते रहेंगे बंद, भारतीय रेलवे ने चलाई कई स्पेशल ट्रेनें

Kanwar Yatra 2026: उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रशासन ने कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान लाखों कांवड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें स्पेशल ट्रेन सेवाएं, अतिरिक्त बसों की व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन जैसे उपाय शामिल हैं, ताकि आम यात्रियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए उत्तर रेलवे ने स्पेशल ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं और कुछ मौजूदा ट्रेनों के रूट का विस्तार भी किया है। इन ट्रेनों में शामिल है-

दिल्ली-सहारनपुर MEMU ट्रेन, जो 30 जुलाई से 14 अगस्त तक हरिद्वार तक चलेगी। यह ट्रेन दिल्ली से शाम 4:15 बजे चलेगी, रात 8:50 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। वहां 20 मिनट रुकने के बाद यह रवाना होगी और रुड़की व ज्वालापुर होते हुए रात 10:50 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। वापसी की यात्रा में, यह ट्रेन हरिद्वार से रात 2 बजे चलेगी और सुबह 8:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

इसी तरह, दिल्ली-शामली DEMU ट्रेन को भी 30 जुलाई से 14 अगस्त के बीच शामली, थाना भवन, रामपुर मनिहारन और टपरी होते हुए हरिद्वार तक बढ़ाया गया है।

इसके अलावा, नॉर्दर्न रेलवे तीर्थयात्रा के मौसम में दो स्पेशल मेला ट्रेनें भी चलाएगा। इनमें हरिद्वार-दिल्ली शाहदरा मेला स्पेशल ट्रेन (टपरी के रास्ते) 30 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगी, जबकि योगनगरी ऋषिकेश-दिल्ली शाहदरा मेला स्पेशल ट्रेन (टपरी के रास्ते) 30 जुलाई से 14 अगस्त तक संचालित की जाएगी।

हरियाणा में भी चलेंगी अतिरिक्त बसें 

हरियाणा रोडवेज ने भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी बल्लभगढ़ और हरिद्वार के बीच रोजाना दो बसें चल रही हैं और यात्रियों की मांग के आधार पर और बसें चलाई जा सकती हैं। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, बस का किराया पहले की तरह 385 रुपये प्रति यात्री रखा गया है।

वहीं, गाजियाबाद पुलिस ने ट्रैफिक मैनेजमेंट का एक विस्तृत प्लान लागू किया है। शहर में 29 जुलाई से 12 अगस्त तक भारी मालवाहक गाड़ियों के आने पर रोक रहेगी। इन भारी वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, NH-9 और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से डायवर्ट किया जाएगा।

इसके अलावा, गंगा नहर ट्रैक, कांवड़ मार्ग, पाइपलाइन मार्ग, NH-34 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी भारी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक रहेगी।

गाजियाबाद के इलाकों में वाहनों पर लागू रहेंगी पाबंदियां

5 अगस्त से 12 अगस्त तक गाजियाबाद के कई इलाकों में कारों, टेम्पो, पिकअप और दूसरे हल्के कमर्शियल वाहनों पर भी पाबंदियां लागू रहेंगी। कुछ खास रूटों पर ऑटो-रिक्शा सर्विस बंद रहेगी। जबकि, रोडवेज, प्राइवेट और इलेक्ट्रिक बसों को सीमापुरी बॉर्डर और तुलसी निकेतन के रास्ते शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन ने एम्बुलेंस और इमरजेंसी गाड़ियों की बिना रुकावट आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए हैं। साथ ही संवेदनशील जगहों पर CCTV कैमरे, ड्रोन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

मुजफ्फरनगर के इन रास्तों पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी

वहीं, मुजफ्फरनगर में दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और गंगा नहर रोड पर भारी वाहनों पर पाबंदियां 30 जुलाई से शुरू हो जाएंगी। 4 अगस्त से 12 अगस्त तक इन रास्तों पर सभी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक रहेगी और हाईवे का एक खास हिस्सा सिर्फ कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा।

इसके अलावा, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश वाला हिस्सा 7 अगस्त से 12 अगस्त तक ट्रैफिक के लिए बंद रहेगा। मेरठ, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें, जिनमें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और NH-9 शामिल हैं।

मिर्जापुर प्रशानस ने ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा की

मिर्जापुर जिला प्रशासन ने भी 31 जुलाई से 28 अगस्त तक ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा की है। सावन के महीने में दूध, पेट्रोलियम उत्पादों और स्कूल के सामान जैसी जरूरी चीजें ले जाने वाले वाहनों को छोड़कर, अन्य भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। कांवड़ियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए कई डायवर्जन रूट तय किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्य रास्तों और स्नान घाटों पर अस्थायी पुलिस स्टेशन, गोताखोर और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।

अधिकारियों ने जारी की एडवाइजरी

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने भक्तों और आम यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा करने से पहले ट्रेनों के लेटेस्ट शेड्यूल, बस सेवाओं और ट्रैफिक एडवाइजरी को देख लें, क्योंकि भीड़ की आवाजाही के आधार पर व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा सकता है।

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कांवड़ यात्रा को देखते हुए 5 दिन बंद रहेगा दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे का ये खास हिस्सा, चेक कीजिए पूरी डिटेल

Ghaziabad Traffic Diversion: सालाना कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के UP वाले हिस्से को बंद करने का फैसला किया है, जिससे 7 अगस्त से दिल्ली आने-जाने वाले ट्रैफिक में रुकावट आएगी। एडिशनल DCP (ट्रैफिक) वरुण सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि एक्सप्रेसवे की सभी छह लेन पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। यह प्रतिबंध दिल्ली बॉर्डर स्थित यूपी गेट से लेकर मेरठ बॉर्डर के पास काशी टोल प्लाजा तक लागू होगा। इस दौरान कार, ट्रक और बस समेत सभी तरह के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि, इसके पास से गुजरने वाली NH-9 की लेन खुली रहेंगी।

पिछले साल, पुलिस ने कुछ समय के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक को दूसरी तरफ मोड़ दिया था, जिससे NH-9 पर जाम लग गया था। इसके बाद ज्यादातर वाहनों को NH-9, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और नोएडा के रास्ते भेजा गया था।

भारी वाहनों के लिए 29 जुलाई से रोक

बता दें कि इस बार हल्की और मध्यम गाड़ियों के लिए ये पाबंदियां 7 अगस्त को सुबह 8 बजे से शुरू होंगी और 12 अगस्त को शिवरात्रि तक लागू रहेंगी। भारी गाड़ियों को 29 जुलाई से ही इस रास्ते पर आने की इजाजत नहीं होगी। रास्ता बंद होने से ‘डाक कांवड़’ वालों यानी नंगे पैर दौड़कर यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को बिना किसी रुकावट के चलने में आसानी होगी। उनके साथ ट्रकों और बाइकों पर रिले टीमें भी होती हैं और वे ज्यादातर एक्सप्रेसवे का ही इस्तेमाल करते हैं।

तीन रास्तों का करते हैं इस्तेमाल श्रद्धालू 

आस-पास के यूपी जिलों और दिल्ली से आने वाले श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचने के लिए तीन रास्तों का इस्तेमाल करते हैं, जहां से वे सालाना यात्रा के लिए अपनी कांवरों में गंगाजल भरते हैं। पैदल यात्रा करने वाले ज्यादातर श्रद्धालु लोनी बॉर्डर और निवाड़ी के बीच पाइपलाइन रोड का इस्तेमाल करते हैं, जबकि काफी संख्या में लोग GT रोड होते हुए नेशनल हाईवे 34 से जाते हैं। कुल मिलाकर, ये तीनों रास्ते गाजियाबाद में 150 km तक फैले हैं।

किन रूट के वाहनों को किया जाएगा डायवर्ट

दिल्ली से तुलसी निकेतन, सीमापुरी और आनंद विहार बॉर्डर से आने वाली गाड़ियों को UP गेट पर रोका जाएगा और उन्हें चौधरी चरण सिंह मार्ग, गाजीपुर मंडी और NH-9 से होते हुए (दासना इंटरसेक्शन से EPE का इस्तेमाल करके) या अक्षरधाम से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और EPE इंटरसेक्शन होते हुए हरिद्वार, अमरोहा, मुरादाबाद या लखनऊ भेजा जाएगा।

ADCP ने दी जानकारी

ADCP ने बताया कि बागपत से दिल्ली जाने वाले वाहनों को ट्रोनिका सिटी या सोनिया विहार और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते भेजा जाएगा, जबकि हापुड़ या बुलंदशहर से आने वाले वाहन सीधे डासना, लाल कुआं या आत्माराम स्टील प्लांट क्रॉसिंग से गाजियाबाद में घुसने के बजाय NH-9 का इस्तेमाल करेंगे।

पाइपलाइन मार्ग पर भी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक

यह प्रतिबंध लोनी बॉर्डर से लोनी कस्बा जाने वाले मार्ग और सिद्धार्थ विहार स्थित संतोष मेडिकल कट से मेरठ तिराहे की ओर जाने वाले रास्ते पर लागू होगा। इसके अलावा, इंदिरापुरम क्षेत्र में गौर ग्रीन एवेन्यू, खोड़ा, कालापत्थर, नोएडा सेक्टर-62, छिजारसी और कनावनी पुस्ता से NH-9 की ओर जाने वाले रास्तों पर भी भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

ट्रैफिक प्रतिबंध गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग, पाइपलाइन मार्ग, NH-34 (पूर्व में NH-58) और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर भी लागू रहेगा। इसके साथ ही गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग और पाइपलाइन मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।

NH-34 की मेरठ जाने वाली लेन का इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार, मोहननगर, मेरठ क्रॉसिंग, राजनगर एक्सटेंशन या हापुड़ चुंगी से आने वाली कारें और दूसरी हल्की गाड़ियां NH-34 की मेरठ जाने वाली लेन का इस्तेमाल करेंगी। पुलिस ने बताया कि 5 अगस्त से पलवल या कुंडली से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) होते हुए गाजियाबाद शहर, मुरादनगर या मोदीनगर जाने वाली हल्की गाड़ियों को दुहाई कट से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। उन्हें NH-9 पर जाने से पहले दसना कट से बाहर निकलना होगा।

इसके अलावा, चौधरी मोड़, गौशाला क्रॉसिंग, हापुड़ क्रॉसिंग या कैला भट्टा से दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर जाने-आने पर पूरी तरह रोक रहेगी, और पटेल नगर फ्लाईओवर पर भी गाड़ियों की आवाजाही बंद रहेगी। रेलवे स्टेशन रोड, किराना मार्केट, रामतेताराम रोड, घंटाघर, बजरिया रोड और दिल्ली गेट से आने वाली हल्की गाड़ियों को भी मंदिर की ओर जाने की इजाजत नहीं होगी।

वहीं, मेरठ क्रॉसिंग से आने वाली गाड़ियों को मोक्षधाम हिंडन ब्रिज, कनावनी या इंदिरापुरम की ओर जाने की इजाजत नहीं होगी। इसके बजाय, उन्हें नया बस अड्डा से चौधरी मोड़, विजय नगर रेलवे ब्रिज होते हुए NH-9 पर भेजा जाएगा। सीमापुरी बॉर्डर और लाल कुआं के बीच, NH-34 के कांवड़ मार्ग वाले हिस्से पर, या मोहननगर और आनंद विहार के बीच ऑटो चलाने की इजाजत नहीं होगी।

पुलिस ने बताया कि 5 से 12 अगस्त के बीच सभी रोडवेज, प्राइवेट, सिटी और इलेक्ट्रिक बसों को सीमापुरी बॉर्डर या तुलसी निकेतन से शहर में घुसने की इजाजत नहीं होगी। इसके बजाय, उन्हें चौधरी चरण सिंह मार्ग, दिलशाद गार्डन, दिल्ली-गाज़ीपुर मंडी, यूपी गेट और NH-9 से होते हुए दसना इंटरसेक्शन और EPE, या अक्षरधाम से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते भेजा जाएगा।

बुलंदशहर से गाजियाबाद जाने वाली बसों पर भी रोक

बुलंदशहर से गाजियाबाद आने वाली बसें लाल कुआं पर ही रुक जाएंगी और उन्हें शहर के अंदर आगे जाने की इजाजत नहीं होगी। अधिकारी ने बताया कि आनंद विहार और कौशांबी से आने वाली बसों को गाज़ियाबाद में घुसने से पूरी तरह रोका जाएगा और उन्हें चौधरी चरण सिंह मार्ग, गाज़ीपुर मंडी, NH-9 और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।

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