Viral Video: मशहूर चाट युद्ध के बाद अब सामने आया ‘चटनी संग्राम’, हापुड़ की पकौड़ा दुकान का वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक छोटी-सी खाने की दुकान अचानक ऐसी जगह में बदल गई, जहां कुछ देर के लिए लात-घूंसे और डंडे चलने लगे। धौलाना थाना क्षेत्र के देहरा गांव में पकौड़े की दुकान पर चटनी को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई और दुकान के आसपास मारपीट का माहौल बन गया।

घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में कई लोग एक-दूसरे से भिड़ते दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग सहमे हुए इस पूरे घटनाक्रम को देखते नजर आते हैं।

हरी चटनी नहीं मिली तो बिगड़ गई बात

NDTV के रिपोर्ट के मुताबिकके मुताबिक, विवाद की शुरुआत कुछ ग्राहकों की नाराजगी से हुई। उन्हें पकौड़ों के साथ हरी चटनी के बजाय मीठी इमली की चटनी परोसी गई थी। चटनी को लेकर हुई कहासुनी ने कुछ ही समय में उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि नाराज लोगों ने दुकानदार से मारपीट शुरू कर दी।

दुकानदार के पक्ष में आसपास के कई लोग पहुंच गए। इसके बाद मामला दो पक्षों के बीच भिड़ंत में बदल गया और सड़क पर जमकर हंगामा शुरू हो गया।

दुकान का सामान भी बना हथियार

वायरल वीडियो में मारपीट का दृश्य काफी उग्र दिखाई देता है। लोग एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाते नजर आते हैं। कुछ के हाथों में बेल्ट और पत्थर दिखाई देते हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति ने पकौड़े बनाने में इस्तेमाल होने वाला बड़ा लोहे का छलना उठाया और उससे दूसरे व्यक्ति पर वार कर दिया।

मारपीट के दौरान एक शख्स की शर्ट तक खिंच गई। एक अन्य व्यक्ति पर पत्थर से हमला किए जाने का दृश्य भी वीडियो में नजर आता है। पास खड़ी एक महिला ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन झगड़ रहे लोगों को रोकना आसान नहीं था। पुलिस के मुताबिक, घटना में चार लोग घायल हुए हैं।

VIDEO सामने आते ही पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद धौलाना थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। सर्किल ऑफिसर मुनीष चंद्र के मुताबिक, देहरा गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट की जानकारी मिली है। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण शुरू कराया है और वीडियो के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक शांति भंग करने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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IRB Infrastructure: अगस्त में टोल रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹807 करोड़, शेयरों पर रहेगी नजर

IRB Infrastructure: टोल और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर कंपनी IRB Infrastructure Developers Ltd ने अगस्त 2026 के टोल रेवेन्यू के आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का ग्रॉस टोल रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 25% बढ़कर ₹807 करोड़ पहुंच गया। अगस्त 2025 में यह ₹646 करोड़ था।

प्रमुख टोल एसेट्स का प्रदर्शन

IRB MP Expressway का टोल रेवेन्यू अगस्त 2026 में बढ़कर ₹172.1 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹144.7 करोड़ था। वहीं, IRB Golconda Expressway का रेवेन्यू ₹73.7 करोड़ से बढ़कर ₹87.9 करोड़ हो गया।

IRB Ahmedabad Vadodara Super Express Tollway ने अगस्त में ₹80.3 करोड़ का टोल रेवेन्यू दर्ज किया। पिछले साल इसी महीने यह ₹69.1 करोड़ था। IRB Lalitpur Tollway का रेवेन्यू भी ₹36.1 करोड़ से बढ़कर ₹43.5 करोड़ हो गया।

इसके अलावा, IRB Tumkur Chitradurga Tollway का टोल रेवेन्यू ₹34.9 करोड़ से बढ़कर ₹38.4 करोड़ रहा। Udaipur Tollway का रेवेन्यू ₹26.3 करोड़ से बढ़कर ₹28.8 करोड़ हो गया।

नए एसेट्स से भी मिला योगदान

अगस्त 2026 में तीन ऐसे एसेट्स रहे, जिनका पिछले साल का तुलनात्मक आंकड़ा उपलब्ध नहीं था। IRB Harihara Corridors Tollway ने ₹41.7 करोड़, IRB Chandibhadra Tollway ने ₹20 करोड़ और Meerut Budaun Expressway ने ₹22.6 करोड़ का टोल रेवेन्यू दर्ज किया।

कुछ एसेट्स में रेवेन्यू घटा

सभी प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। IRB Kota Tollway का टोल रेवेन्यू ₹7.1 करोड़ से घटकर ₹6.3 करोड़ रह गया। Hapur Moradabad Tollway का रेवेन्यू ₹28.9 करोड़ से घटकर ₹22.3 करोड़ रहा।

वहीं, Kishangarh Gulabpura Tollway का टोल रेवेन्यू मामूली गिरावट के साथ ₹23 करोड़ से ₹22.5 करोड़ रह गया।

28 हाईवे एसेट्स का पोर्टफोलियो

कंपनी के मुताबिक, IRB Group के पास 13 राज्यों में 28 रेवेन्यू जेनरेटिंग हाईवे एसेट्स हैं। इन एसेट्स की कुल वैल्यू करीब ₹94,000 करोड़ है। रोजाना करीब 15 लाख व्हीकल इन हाईवे एसेट्स से गुजरते हैं।

कंपनी अपनी एसेट चर्न स्ट्रैटेजी के जरिए FY2029 तक एसेट बेस को बढ़ाकर करीब ₹1.4 लाख करोड़ करने की योजना बना रही है।

कंपनी ने क्या कहा?

IRB Infrastructure Developers के डिप्टी CEO अमिताभ मुराका ने कहा कि अगस्त में मजबूत टोल रेवेन्यू कंपनी के एसेट्स पर लगातार ट्रैफिक ग्रोथ को दिखाता है। ट्रैफिक बढ़ने के साथ FY27 की शुरुआत में लागू किए गए टैरिफ रिविजन से भी रेवेन्यू को सपोर्ट मिला है।

उन्होंने कहा कि मजबूत GDP ग्रोथ से आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। गणेश फेस्टिवल के साथ फेस्टिव सीजन भी शुरू हो चुका है। ऐसे में आने वाले महीनों में ट्रैफिक का पॉजिटिव मोमेंटम जारी रहने की उम्मीद है।

शेयर का हाल

IRB Infrastructure Developers का शेयर बुधवार को BSE पर 0.94% की गिरावट के साथ ₹19.07 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 9.84% गिरा है। इसका मार्केट कैप 11.50 हजार करोड़ रुपये है।

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Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा से पहले सख्ती, DJ, हथियार और नॉन-वेज पर रोक, जानें नए नियम और ट्रैफिक एडवाइजरी

Kanwar Yatra 2026: 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा से पहले, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के बॉर्डर वाले जिलों की पुलिस ने तीर्थ मार्गों पर बहुत बड़े DJ सेटअप, हथियारों और मांसाहारी दुकानों पर रोक लगा दी है। इसी बीच, मेरठ के NH-58 पर नए डायवर्जन के कारण संकरे हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग पर घंटों लंबे जाम की स्थिति बन गई है।

बता दें कि यह धार्मिक यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि तक चलती है। इसमें लाखों कांवड़िये पैदल या गाड़ियों से हरिद्वार और गंगोत्री जैसी जगहों पर गंगाजल लेने जाते हैं और फिर वापस आकर उसे स्थानीय शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं।

वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बागपत, आगरा और दिल्ली से सटे जिलों की पुलिस ने कई इंतजाम किए हैं। इनमें रूट डायवर्जन, अलग पार्किंग जोन और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक शामिल है। इसके अलावा, कांवड़ यात्रा मार्गों पर मौजूद खाने-पीने की दुकानों और रेस्टोरेंट्स में खाद्य सुरक्षा जांच भी की जा रही है।

इस साल क्या करें और क्या न करें?

क्या करें (Do’s)क्या न करें (Don’ts)
यात्रा के दौरान हमेशा अपना पहचान पत्र (ID Proof) साथ रखें।हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट, डंडा, तलवार या किसी भी तरह का हथियार साथ न रखें।
केवल प्रशासन द्वारा तय कांवड़ मार्ग का ही इस्तेमाल करें।दोपहिया वाहन पर मॉडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल न करें।
बागपत: कांवड़/DJ की ऊंचाई 10 फीट, चौड़ाई 12 फीट से कम रखें और आवाज 75 डेसिबल से ज्यादा न हो।कांवड़ मार्ग के भोजनालयों में नॉन-वेज, प्याज और लहसुन का सेवन या परोसना प्रतिबंधित है।
आगरा: कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट से कम रखें और DJ तय मानकों के अनुसार ही बजाएं।कांवड़ मार्ग और मंदिरों के आसपास मांस की दुकानें बंद रहेंगी।
शिविर (कैंप) आयोजक CCTV, अग्नि सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करें।ढाबों और होटल में खाना या पानी खरीदने से पहले रेट लिस्ट जरूर देखें, तय कीमत से ज्यादा भुगतान न करें।

अलग-अलग शहरों में DJ और कांवड़ की ऊंचाई को लेकर क्या नियम हैं?

बागपत पुलिस ने कांवड़ और DJ सेटअप की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट तक सीमित कर दी है, साथ ही DJ और दूसरे सिस्टम के लिए आवाज का लेवल 75 डेसिबल तक ही रखने का नियम बनाया है। हथियार – जैसे हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट, डंडे या तलवार लेकर कांवड़ ले जाने की इजाजत नहीं होगी, और दो-पहिया वाहनों पर मॉडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न लगाने पर भी रोक लगा दी गई है।

आगरा में, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई एक अलग कोऑर्डिनेशन मीटिंग में कांवड़ की ऊंचाई की सीमा 12 फीट तय की गई और DJ की आवाज तय नियमों के दायरे में रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में कांवड़ रूट और मंदिरों के आस-पास मीट की दुकानें पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, खाद्य विभाग की टीमें ढाबों और होटलों की जांच करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि वहां रेट लिस्ट लगी हो।

कहां लग रहा है सबसे ज्यादा जाम?

फिलहाल, सबसे ज्यादा बुरा हाल मेरठ के पास हस्तिनापुर-चांदपुर रास्ते का है। 28 जुलाई से 10 अगस्त के बीच NH-58 पर भारी गाड़ियों के चलने पर रोक होने के कारण, ट्रकों को हस्तिनापुर के खादर (नदी के किनारे वाले इलाके) से होकर इस संकरी सड़क पर भेजा जा रहा है। इससे गाड़ियों की लंबी लाइनें लग रही हैं और दिन भर लगभग लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रास्ता पहले से ही खराब हालत में था। अब कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़े ट्रैफिक ने परेशानी और बढ़ा दी है।

लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की है, क्योंकि स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान और व्यापारी घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं।

किन शहरों में लागू किए गए हैं रूट डायवर्जन?

शहर/मार्गक्या बदलाव किए गए हैं?
मेरठ (NH-58)28 जुलाई से 10 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। ट्रकों को हस्तिनापुर खादर-चांदपुर मार्ग से भेजा जाएगा, जिससे इस रूट पर जाम की स्थिति बन सकती है।
मुजफ्फरनगर (NH-58)29 जुलाई की मध्यरात्रि से 12 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। 4 अगस्त तक हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि उसके बाद दोनों लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रहेंगी।
हरिद्वारसहारनपुर, दिल्ली, मेरठ और यमुनानगर से आने वाले वाहनों को मंडावर और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम चौक होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
देहरादून-ऋषिकेश मार्गवाहनों को नेपाली तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर के रास्ते चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग भेजा जाएगा। वहीं, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
दिल्ली से सटे जिलेमेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और गौतम बुद्ध नगर पुलिस के साथ संयुक्त समन्वय किया गया है। रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त इमरजेंसी पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है।

रास्ते में खाने-पीने की जगहों के लिए क्या नियम हैं?

अधिकारियों के मुताबिक, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने यात्रा के रास्तों पर पड़ने वाले होटलों और ढाबों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, अकेले हापुड़ में ही ऐसे लगभग 130 होटल और ढाबे हैं।

मुजफ्फरनगर में, असिस्टेंट कमिश्नर (फूड) अर्चना धीरन ने PTI को बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों में नॉन-वेज खाना, प्याज और लहसुन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि यह नियम हर साल लागू किया जाता है और छह टीमें बासी खाने की जांच करती हैं।

इसके अलावा, यात्रियों से अधिक कीमत न वसूला जाए इसके लिए 21 जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम भी तय कर दिए हैं। साथ ही, खाने-पीने की जगहों पर मालिक की जानकारी, लाइसेंस और फूड-सेफ्टी QR कोड दिखाना जरूरी होगा। वहीं, खाना बनाने वाले कर्मचारियों के लिए दस्ताने (ग्लव्स) पहनना भी अनिवार्य किया गया है।

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