Shankesh Jewellers Q1 Results: लिस्टिंग के बाद पहला रिजल्ट! ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा डबल, रेवेन्यू 55% बढ़ा

Shankesh Jewellers Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी Shankesh Jewellers ने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹43 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹22 करोड़ था। यानी मुनाफा करीब दोगुना हो गया। ऑपरेशनल रेवेन्यू भी 55.1% बढ़कर ₹424 करोड़ हो गया। पिछले

EBITDA भी मजबूत रहा। यह 92.4% बढ़कर ₹61 करोड़ हो गया। पिछले साल EBITDA ₹32 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.6% से बढ़कर 14.4% हो गया।

यह लिस्टिंग के बाद कंपनी का पहला तिमाही नतीजा है। Shankesh Jewellers के शेयर 25 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हुए थे।

बोर्ड ने नतीजों को मंजूरी दी

Shankesh Jewellers के बोर्ड की 10 सितंबर को बैठक हुई। इसमें जून तिमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन नतीजों को मंजूरी दी गई। ऑडिटर V J Shah & Co की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट को भी मंजूरी मिली।

कंपनी की कुल आय ₹423.61 करोड़ रही। पिछले साल यह ₹273.18 करोड़ थी। कुल खर्च बढ़कर ₹365.65 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹244.33 करोड़ था।

कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स ₹57.96 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹28.85 करोड़ था। टैक्स खर्च भी बढ़कर ₹14.73 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹7.25 करोड़ था। कंपनी की बेसिक और डाइल्यूटेड EPS ₹3.68 रही। पिछले साल यह ₹1.84 थी।

IPO से जुटाए ₹274 करोड़

Shankesh Jewellers का IPO जून तिमाही खत्म होने के बाद आया था। इसमें 2.95 करोड़ नए शेयर जारी किए गए। इनका फेस वैल्यू ₹5 था। इश्यू प्राइस ₹93 प्रति शेयर था।

फ्रेश इश्यू से कंपनी ने ₹274.18 करोड़ जुटाए। इसके अलावा प्रमोटर शेयरधारकों ने 1 करोड़ शेयर OFS में बेचे। इससे ₹93 करोड़ जुटाए गए।

शेयर का हाल

Shankesh Jewellers का शेयर 10 सितंबर को NSE पर 0.53% की तेजी के साथ ₹98.45 पर बंद हुआ। यह फिलहाल अपने लिस्टिंग प्राइस से 3.83% ऊपर है। कंपनी का मार्केट कैप 1.45 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: इंफ्रा कंपनी को ₹1800 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Dilip Buildcon को पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) से लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिला है। कंपनी ओडिशा के पारादीप से छत्तीसगढ़ के रायपुर तक LPG पाइपलाइन बनाएगी। प्रस्तावित EPC काम की वैल्यू करीब ₹1,800 करोड़ है। इसमें GST शामिल नहीं है।

36 महीने में पूरा होगा काम

यह प्रोजेक्ट SPV के जरिए पूरा होगा। इसमें दिलीप बिल्डकॉन की 100% हिस्सेदारी होगी। कंपनी को ही करीब ₹1,800 करोड़ का EPC काम देने का प्रस्ताव है। इसे 36 महीने में पूरा करना होगा।

PNGRB अधिकृत कंपनी को LPG पाइपलाइन बिछाने, बनाने, चलाने और जरूरत के मुताबिक उसका विस्तार करने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस देगा।

25 साल तक चलेगी पाइपलाइन

प्रोजेक्ट में पाइपलाइन की फाइनेंसिंग, निर्माण और संचालन शामिल है। तीन साल में निर्माण पूरा होने के बाद इसे 25 साल तक चलाया जाएगा।

SPV के जरिए दिलीप बिल्डकॉन पाइपलाइन की डिजाइनिंग, फाइनेंसिंग, निर्माण, संचालन और रखरखाव करेगी। इसके लिए जरूरी मंजूरियां और नियामकीय मंजूरी लेनी होगी।

LPG बॉटलिंग प्लांट तक पहुंचेगी गैस

इस पाइपलाइन से अलग-अलग तेल कंपनियों के LPG बॉटलिंग प्लांट तक LPG पहुंचाई जाएगी। इसे साझा उपयोग वाली पाइपलाइन के तौर पर भी चलाने का प्रस्ताव है। इसके तहत पात्र तेल कंपनियां और अन्य यूजर तय नियमों के मुताबिक पाइपलाइन की क्षमता का इस्तेमाल कर सकेंगे।

कंपनी LPG की खरीद, ट्रेडिंग, वितरण या बिक्री नहीं करेगी। उसका काम पाइपलाइन तैयार करना और LPG की ढुलाई की सुविधा देना होगा।

दिलीप बिल्डकॉन के शेयर

दिलीप बिल्डकॉन का शेयर बुधवार को BSE पर 0.52% की गिरावट के साथ ₹391.55 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11.77% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 14.82% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 6.40 हजार करोड़ रुपये है।

दिलीप बिल्डकॉन का बिजनेस

ये इंफ्रास्ट्रक्चर और EPC कंपनी है। कंपनी सड़क और हाईवे, रेलवे और मेट्रो, एयरपोर्ट, सिंचाई, माइनिंग, पाइपलाइन, पावर ट्रांसमिशन और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी डिजाइन, निर्माण और प्रोजेक्ट संचालन से जुड़ी सेवाएं भी देती है।

IRB Infrastructure: अगस्त में टोल रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹807 करोड़, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IRB Infrastructure: अगस्त में टोल रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹807 करोड़, शेयरों पर रहेगी नजर

IRB Infrastructure: टोल और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर कंपनी IRB Infrastructure Developers Ltd ने अगस्त 2026 के टोल रेवेन्यू के आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का ग्रॉस टोल रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 25% बढ़कर ₹807 करोड़ पहुंच गया। अगस्त 2025 में यह ₹646 करोड़ था।

प्रमुख टोल एसेट्स का प्रदर्शन

IRB MP Expressway का टोल रेवेन्यू अगस्त 2026 में बढ़कर ₹172.1 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹144.7 करोड़ था। वहीं, IRB Golconda Expressway का रेवेन्यू ₹73.7 करोड़ से बढ़कर ₹87.9 करोड़ हो गया।

IRB Ahmedabad Vadodara Super Express Tollway ने अगस्त में ₹80.3 करोड़ का टोल रेवेन्यू दर्ज किया। पिछले साल इसी महीने यह ₹69.1 करोड़ था। IRB Lalitpur Tollway का रेवेन्यू भी ₹36.1 करोड़ से बढ़कर ₹43.5 करोड़ हो गया।

इसके अलावा, IRB Tumkur Chitradurga Tollway का टोल रेवेन्यू ₹34.9 करोड़ से बढ़कर ₹38.4 करोड़ रहा। Udaipur Tollway का रेवेन्यू ₹26.3 करोड़ से बढ़कर ₹28.8 करोड़ हो गया।

नए एसेट्स से भी मिला योगदान

अगस्त 2026 में तीन ऐसे एसेट्स रहे, जिनका पिछले साल का तुलनात्मक आंकड़ा उपलब्ध नहीं था। IRB Harihara Corridors Tollway ने ₹41.7 करोड़, IRB Chandibhadra Tollway ने ₹20 करोड़ और Meerut Budaun Expressway ने ₹22.6 करोड़ का टोल रेवेन्यू दर्ज किया।

कुछ एसेट्स में रेवेन्यू घटा

सभी प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। IRB Kota Tollway का टोल रेवेन्यू ₹7.1 करोड़ से घटकर ₹6.3 करोड़ रह गया। Hapur Moradabad Tollway का रेवेन्यू ₹28.9 करोड़ से घटकर ₹22.3 करोड़ रहा।

वहीं, Kishangarh Gulabpura Tollway का टोल रेवेन्यू मामूली गिरावट के साथ ₹23 करोड़ से ₹22.5 करोड़ रह गया।

28 हाईवे एसेट्स का पोर्टफोलियो

कंपनी के मुताबिक, IRB Group के पास 13 राज्यों में 28 रेवेन्यू जेनरेटिंग हाईवे एसेट्स हैं। इन एसेट्स की कुल वैल्यू करीब ₹94,000 करोड़ है। रोजाना करीब 15 लाख व्हीकल इन हाईवे एसेट्स से गुजरते हैं।

कंपनी अपनी एसेट चर्न स्ट्रैटेजी के जरिए FY2029 तक एसेट बेस को बढ़ाकर करीब ₹1.4 लाख करोड़ करने की योजना बना रही है।

कंपनी ने क्या कहा?

IRB Infrastructure Developers के डिप्टी CEO अमिताभ मुराका ने कहा कि अगस्त में मजबूत टोल रेवेन्यू कंपनी के एसेट्स पर लगातार ट्रैफिक ग्रोथ को दिखाता है। ट्रैफिक बढ़ने के साथ FY27 की शुरुआत में लागू किए गए टैरिफ रिविजन से भी रेवेन्यू को सपोर्ट मिला है।

उन्होंने कहा कि मजबूत GDP ग्रोथ से आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। गणेश फेस्टिवल के साथ फेस्टिव सीजन भी शुरू हो चुका है। ऐसे में आने वाले महीनों में ट्रैफिक का पॉजिटिव मोमेंटम जारी रहने की उम्मीद है।

शेयर का हाल

IRB Infrastructure Developers का शेयर बुधवार को BSE पर 0.94% की गिरावट के साथ ₹19.07 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 9.84% गिरा है। इसका मार्केट कैप 11.50 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: कंस्ट्रक्शन कंपनी को ₹126 करोड़ का ऑर्डर, महाराष्ट्र में 300 बेड का अस्पताल बनाएगी

Stock in Focus: पुणे की कंस्ट्रक्शन कंपनी Vascon Engineers को महाराष्ट्र के वर्धा में 300 बेड का जनरल अस्पताल बनाने का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने बुधवार, 12 अगस्त को इसकी जानकारी दी।

कंपनी को यह ऑर्डर ₹126.39 करोड़ का मिला है। इसमें GST शामिल नहीं है। यह लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) महाराष्ट्र के नागपुर डिवीजन के वर्धा स्थित पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की ओर से जारी किया गया है।

24 महीने में पूरा करना होगा काम

यह प्रोजेक्ट आइटम-रेट के आधार पर दिया गया है। कंपनी को ऑर्डर मिलने की तारीख से 24 महीने के भीतर काम पूरा करना होगा। Vascon Engineers के मुताबिक, यह ऑर्डर घरेलू कारोबार से जुड़ा है और इसे एक घरेलू संस्था ने दिया है।

कंपनी ने यह भी साफ किया है कि ऑर्डर देने वाली संस्था में उसके किसी प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कोई हिस्सेदारी या रुचि नहीं है। यह प्रोजेक्ट संबंधित पक्षों के बीच होने वाले लेनदेन यानी Related Party Transaction के दायरे में भी नहीं आता।

जून में भी मिला था ₹347 करोड़ का ऑर्डर

Vascon Engineers को इससे पहले जून में भी बड़ा ऑर्डर मिला था। कंपनी ने 10 जून को बताया था कि उसे ₹347.43 करोड़ का Letter of Intent मिला है।

यह ऑर्डर सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की गुवाहाटी डिवीजन की ओर से दिया गया था। इसके तहत असम के गुवाहाटी में Zoo-Narengi Road Colony स्थित RBI क्वार्टर्स को गिराकर दोबारा विकसित करना है। यह काम EPC यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन आधार पर दिया गया है।

Vascon Engineers के शेयरों का हाल

Vascon Engineers का शेयर बुधवार को 2.44% गिरकर ₹31.25 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 23.69% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 35.23% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 785.68 रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।