Britannia Q1 Results: बिस्किट कंपनी का प्रॉफिट 13% बढ़ा, रेवेन्यू ₹5000 करोड़ के पार

Britannia Q1 Results: बिस्किट बनाने वाली कंपनी Britannia Industries ने गुरुवार, 6 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.6% बढ़कर 591.4 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 520.1 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 8.2% बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBITDA 11% बढ़कर 840 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 16.4% से बढ़कर 16.8% पर पहुंच गया।

अनुमान से कैसा रहा प्रदर्शन?

ब्रिटानिया का शुद्ध मुनाफा बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। CNBC-TV18 के पोल में 606 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान था। रेवेन्यू अनुमान से थोड़ा बेहतर रही, लेकिन EBITDA और EBITDA मार्जिन बाजार की उम्मीद से नीचे रहे।

ब्रिटानिया ने बताया कि जून तिमाही में उसकी कंसोलिडेटेड बिक्री 9.5% बढ़कर 4,964 करोड़ रुपये रही। वहीं, स्टैंडअलोन बिक्री में 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

ब्रिटानिया के CEO और MD रक्षित हरगावे ने कहा कि तिमाही की शुरुआत में पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से ईंधन और शिपिंग लागत बढ़ गई थी। इसके बावजूद कंपनी ने बेहतर वॉल्यूम और वैल्यू ग्रोथ हासिल की। साथ ही मुनाफे की ग्रोथ रेवेन्यू से भी तेज रही।

उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स और जनरल ट्रेड में मजबूत प्रदर्शन रहा। विज्ञापन, प्रमोशन और इन्फ्लुएंसर कैंपेन पर भी कंपनी ने निवेश बढ़ाया। Marie Gold, NutriChoice और Little Hearts जैसे ब्रांड्स के लिए बड़े मार्केटिंग अभियान चलाए गए। वहीं, Dubai Kunafa Croissant जैसे नए प्रोडक्ट्स और इंटरनेशनल बिजनेस में सुधार से भी ग्रोथ को सहारा मिला।

आगे क्या रहेगा फोकस?

ब्रिटानिया ने कहा कि वह पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, मजबूत ब्रांड, नए प्रोडक्ट्स, लागत नियंत्रण और घरेलू मांग में सुधार के दम पर कंपनी आगे भी टिकाऊ ग्रोथ का भरोसा जता रही है।

Britannia के शेयरों का हाल

Britannia Industries का शेयर गुरुवार को 0.26% की गिरावट के साथ 5,430 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 8.32% टूटा है। वहीं, बीते 1 साल में इसका रिटर्न तकरीबन फ्लैट रहा। कंपनी का मार्केट कैप 1.31 लाख करोड़ रुपये है।

Britannia Industries भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक है। कंपनी का मुख्य कारोबार बिस्किट है। लेकिन इसके अलावा यह ब्रेड, केक, रस्क, डेयरी प्रोडक्ट्स, चीज, बटर, दूध, स्नैक्स और क्रोइसां (Croissant) जैसे कई खाद्य उत्पाद भी बनाती और बेचती है।

LIC Q1 Results: प्रॉफिट 23% बढ़कर 13492 करोड़ रुपये, कुल इनकम 237848 करोड़

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Premier Energies Q1 Results: सोलर कंपनी का मुनाफा 50% बढ़ा, ₹5000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Premier Energies Q1 Results: सोलर इक्विपमेंट बनाने वाली Premier Energies ने गुरुवार, 6 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 50.4% बढ़कर 463.1 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 307.8 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 35.3% बढ़कर 2,462.6 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 1,820.7 करोड़ रुपये थी। वहीं, EBITDA 30.3% बढ़कर 714.4 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 30.1% से घटकर 29% रह गया।

₹5,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Premier Energies ने कहा कि वह 5,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी। कंपनी यह रकम क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), इक्विटी शेयर, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD), वारंट या अन्य इक्विटी में बदलने योग्य सिक्योरिटीज जारी करके जुटा सकती है।

मैनेजमेंट में फिर भरोसा

कंपनी सुरेंद्रपाल सिंह सलूजा को 19 दिसंबर 2026 से 18 दिसंबर 2031 तक फिर से चेयरमैन और होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त करने के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी।

इसके अलावा, चिरंजीव सिंह सलूजा को भी अगले पांच साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर दोबारा नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। यह फैसला कंपनी की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर लिया गया है।

Premier Energies के शेयर

Premier Energies का शेयर गुरुवार को 1.01% की बढ़त के साथ 1,045 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 30.85% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 47.08 हजार करोड़ रुपये है।

Premier Energies का बिजनेस

यह देश की प्रमुख सोलर कंपनियों में से एक है। कंपनी सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल बनाती है, जिनका इस्तेमाल घरों, उद्योगों और बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट्स में होता है।

इसके अलावा, कंपनी EPC सेवाएं भी देती है, यानी सोलर प्लांट लगाने से लेकर उसे चालू करने तक का काम करती है। भारत में बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी की मांग और सरकारी सोलर योजनाओं से कंपनी के कारोबार को लगातार फायदा मिल रहा है।

LIC Q1 Results: प्रॉफिट 23% बढ़कर 13492 करोड़ रुपये, कुल इनकम 237848 करोड़

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: अग्रवाल टफन्ड ग्लास का रेवेन्यू 23% बढ़ा, ऑर्डर बुक ₹55 करोड़ पहुंची

Agarwal Toughened Glass Q1 Results: टफन्ड, लैमिनेटेड, इंसुलेटेड और सेफ्टी ग्लास बनाने वाली कंपनी Agarwal Toughened Glass India Ltd ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 22.86% बढ़कर ₹34.40 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹28 करोड़ था।

ऑर्डर बुक ₹55 करोड़ पर पहुंची

30 जून 2026 तक कंपनी की एग्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक ₹55 करोड़ रही। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने ₹95 करोड़ का रेवेन्यू और ₹22 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।

किन वजहों से बढ़ा कारोबार?

कंपनी ने बताया कि आर्किटेक्चरल, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैल्यू-एडेड ग्लास प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग से कारोबार को सहारा मिला। ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है। साथ ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार निवेश भी किया जा रहा है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

अग्रवाल टफन्ड ग्लास के प्रमोटर और होल-टाइम डायरेक्टर महेश अग्रवाल ने कहा कि FY27 की शुरुआत सकारात्मक रही है। मजबूत ऑर्डर बुक और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस से कारोबार को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि हाल ही में कंपनी ने पूंजी भी जुटाई है। इससे बैलेंस शीट और मजबूत हुई है। अब कंपनी अगले चरण की ग्रोथ के लिए तैयार है।

आगे की क्या रणनीति है?

कंपनी प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत करने पर काम कर रही है। फोकस इंसुलेटेड ग्लास, लैमिनेटेड ग्लास और जंबो ग्लास जैसे वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर रहेगा। कंपनी प्रीमियम कमर्शियल बिल्डिंग, एयरपोर्ट, मेट्रो रेल और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है।

मुनाफा बढ़ाने पर रहेगा फोकस

अग्रवाल टफन्ड ग्लास का लक्ष्य बेहतर प्रोडक्ट मिक्स के जरिए मार्जिन बढ़ाना है। साथ ही कच्चे माल और बिजली की लागत को नियंत्रित करने के लिए सोर्सिंग और एनर्जी एफिशिएंसी में सुधार किया जाएगा। कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार भी करना चाहती है, ताकि नए बाजारों में तेजी से और कम लागत पर डिलीवरी की जा सके।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bandhan Bank Q1 Results: 35% बढ़ा मुनाफा, NPA घटा; लोन-डिपॉजिट में दिखी दमदार ग्रोथ

Bandhan Bank Q1 Results: प्राइवेट सेक्टर के Bandhan Bank ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। बैंक का मुनाफा और लोन बुक दोनों बढ़े हैं। साथ ही फंसे कर्ज (NPA) में भी सुधार देखने को मिला।

मुनाफा 35% बढ़ा

अप्रैल-जून तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 34.8% बढ़कर ₹501.6 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹372 करोड़ था।

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 6% बढ़कर ₹2,921 करोड़ रही। एक साल पहले यह ₹2,757 करोड़ थी। वहीं, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 6.2% पर स्थिर रहा।

NPA में सुधार

जून तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी बेहतर हुई। ग्रॉस NPA घटकर 3.15% रह गया, जो पिछली तिमाही में 3.27% था। वहीं, नेट NPA भी 0.97% से घटकर 0.93% पर आ गया। तिमाही के दौरान बैंक ने ₹682.5 करोड़ का प्रावधान किया।

लोन और डिपॉजिट दोनों बढ़े

30 जून 2026 तक बैंक का ग्रॉस एडवांस 16% बढ़कर ₹1.56 लाख करोड़ हो गया। सिक्योर्ड लोन में 27% की बढ़ोतरी हुई और अब यह कुल लोन बुक का करीब 57% हिस्सा है।

बैंक के कुल डिपॉजिट 7% बढ़कर ₹1.65 लाख करोड़ पहुंच गए। रिटेल डिपॉजिट में 16% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि CASA अनुपात 29% से ऊपर बना रहा।

क्या बोले CEO?

बैंक के एमडी और सीईओ पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे बैंक के मजबूत कारोबार और ग्राहकों के भरोसे को दिखाते हैं। उनका कहना है कि बैंक डिजिटल सेवाओं, नए प्रोडक्ट और वितरण नेटवर्क के विस्तार पर फोकस करते हुए आगे भी संतुलित और टिकाऊ ग्रोथ जारी रखेगा।

बंधन बैंक का शेयर मंगलवार को नतीजों से पहले 1.30% गिरकर ₹208.60 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 50.38% का रिटर्न दिया है।

Bajaj Auto Q1 results: मुनाफा 46% बढ़कर ₹3,226 करोड़ हुआ, रेवेन्यू में भी दिखा 65% का उछाल, अब क्या करें निवेशक

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TVS Motor Q1 Results: ऑटो कंपनी को ₹1174 करोड़ का मुनाफा, रॉकेट बना स्टॉक

TVS Motor Q1 Results: ऑटो कंपनी TVS Motor ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने मुनाफे से लेकर रेवेन्यू और मार्जिन तक, लगभग हर मोर्चे पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। इसी का असर शेयर पर भी दिखा। मंगलवार को कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 5% तक चढ़ गया।

50% बढ़ा मुनाफा

जून तिमाही में TVS मोटर का शुद्ध मुनाफा 50.7% बढ़कर ₹1,174 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹779 करोड़ था। बाजार को करीब ₹1,022 करोड़ के मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन कंपनी ने इससे बेहतर प्रदर्शन किया।

कंपनी की अन्य आय (Other Income) भी ₹34 करोड़ से बढ़कर ₹150 करोड़ हो गई। इससे मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली।

रेवेन्यू भी उम्मीद से ज्यादा

TVS Motor का रेवेन्यू 37.8% बढ़कर ₹13,896 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹10,081 करोड़ था। यह आंकड़ा भी बाजार के ₹13,618 करोड़ के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में भी सुधार

TVS मोटर का EBITDA 41% बढ़कर ₹1,779 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹1,260 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 12.5% से बढ़कर 12.8% पहुंच गया। बाजार को उम्मीद थी कि मार्जिन घटेगा, लेकिन कंपनी ने उल्टा इसे बढ़ा दिया।

बिक्री और कीमत, दोनों बढ़ीं

जून तिमाही में कंपनी की गाड़ी बिक्री 28% बढ़ी। वहीं, प्रति गाड़ी मिलने वाली औसत कीमत (Realisations) में भी 6% की बढ़ोतरी हुई। इससे कंपनी की कमाई और मार्जिन दोनों को सहारा मिला।

शेयर में आई जोरदार तेजी

मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा दिखाया। मंगलवार को TVS Motor का शेयर करीब 5.56% बढ़कर ₹3,789 पर पहुंच गया। इसके साथ ही शेयर अपने ऑल टाइम हाई ₹3,970 के काफी करीब पहुंच गया है। पिछले 1 साल में शेयर 33.66% बढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 32% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: टाटा ग्रुप की एग्री-इनपुट कंपनी Rallis India ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन इस बार उम्मीद से बेहतर रहा। मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी का शुद्ध मुनाफा 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹95 करोड़ था।

रेवेन्यू और EBITDA दोनों बढ़े

जून तिमाही में Rallis India का रेवेन्यू 6.8% बढ़कर ₹1,022 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह कम था। वहीं, EBITDA 23.3% बढ़कर ₹185 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA मार्जिन 15.7% से बढ़कर 18.1% हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी पहले के मुकाबले ज्यादा मुनाफे के साथ कारोबार कर रही है। बेहतर प्राइसिंग, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार से मार्जिन मजबूत हुआ।

Crop Care बिजनेस ने दिखाई मजबूती

Rallis India के Crop Care कारोबार का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹697 करोड़ पहुंच गया। इस कारोबार में रिटेल यानी B2C बिजनेस 19% बढ़ा। हालांकि, B2B कारोबार में 19% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद कुल कारोबार बढ़त में रहा।

तिमाही के दौरान कंपनी ने फसल सुरक्षा से जुड़े Balwan, Prodim Ultra और Kengen नाम के तीन नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। कंपनी ने फील्ड प्रोग्राम्स पर भी जोर दिया। साथ ही इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सुधार किया। इसका फायदा कारोबार पर साफ दिखाई दिया।

Seeds कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ

Rallis India का Seeds कारोबार भी मजबूत रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹325 करोड़ पहुंच गया। प्री-सीजन डिमांड और सही समय पर प्रोडक्ट प्लेसमेंट का फायदा कंपनी को मिला।

तिमाही के दौरान कंपनी ने कपास, धान और बाजरा कैटेगरी में 9 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। इनमें उत्तर भारत के लिए दो नए कॉटन हाइब्रिड भी शामिल हैं। इसके अलावा Dhaanya ब्रांड के तहत हर्बीसाइड-टॉलरेंट डायरेक्ट-सीडेड राइस भी बाजार में उतारा गया।

कंपनी ने क्या कहा?

Rallis India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. ज्ञानेंद्र शुक्ला ने कहा कि कंपनी ने मजबूत रणनीति और बेहतर परिचालन की बदौलत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मुनाफे में सुधार के साथ-साथ नए प्रोडक्ट्स पर भी लगातार निवेश किया जा रहा है।

उनके मुताबिक, कंपनी आगे भी भारतीय किसानों के लिए नए और बेहतर कृषि समाधान विकसित करने पर फोकस बनाए रखेगी। साथ ही सभी कारोबारों में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगी।

नतीजों से पहले सोमवार को Rallis India का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ ₹240 पर बंद हुआ।

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Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी का मुनाफा 264% उछला, ₹1000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Q1 Results: बेंगलुरु की रियल एस्टेट कंपनी Sobha Ltd ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके साथ ही कंपनी ने ₹1,000 करोड़ तक का फंड जुटाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।

264% बढ़ गया कंपनी का मुनाफा

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Sobha का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 264.3% बढ़कर ₹51 करोड़ रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹14 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी शानदार रहा। यह एक साल पहले के ₹851.9 करोड़ से बढ़कर ₹1,278.1 करोड़ पहुंच गया। यानी कंपनी के रेवेन्यू में करीब 50% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ऑपरेटिंग कमाई में भी बड़ा सुधार

शोभा लिमिटेड का EBITDA भी काफी मजबूत रहा। यह पिछले साल के ₹23.7 करोड़ से बढ़कर ₹77.6 करोड़ हो गया।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 2.8% से बढ़कर 6.1% पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी पहले के मुकाबले बेहतर हुई है।

₹1,000 करोड़ जुटाएगी कंपनी

तिमाही नतीजों के साथ शोभा लिमिटेड ने एक और बड़ा फैसला लिया है। Sobha के बोर्ड ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹1,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को मंजूरी दे दी है।

यह रकम एक बार में या फिर एक से ज्यादा चरणों (Tranches) में जुटाई जा सकती है।

कौन तय करेगा पूरी प्रक्रिया?

शोभा के बोर्ड ने इस फंड जुटाने की पूरी प्रक्रिया Investments and Borrowings Committee को सौंप दी है।

यही कमेटी तय करेगी कि NCD कब जारी होंगे, उनकी अवधि कितनी होगी, निवेशकों को कितना कूपन (ब्याज) मिलेगा, ब्याज का भुगतान कैसे होगा और लिस्टिंग समेत बाकी शर्तें क्या रहेंगी। कंपनी ने कहा है कि इन सभी बातों की जानकारी बाद में दी जाएगी।

शोभा के शेयरों के हाल

Sobha का शेयर ₹9.30 यानी 0.63% की गिरावट के साथ ₹1,455.35 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 7% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 14.24% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 15.62 हजार करोड़ रुपये है।

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Q1 Results: घाटे से ₹86 करोड़ के मुनाफे में लौटी सोलर कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनी Borosil Renewables ने जून तिमाही (Q1FY27) में शानदार वापसी की है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹86.8 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹166.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत

जून तिमाही में बोरोसिल रिन्यूएबल्स का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 17.1% बढ़कर ₹405.7 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹346.6 करोड़ था। वहीं, EBITDA बढ़कर ₹127.2 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹63.1 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.2% से बढ़कर 31.3% हो गया। इससे पता चलता है कि कंपनी की कमाई और लागत नियंत्रण दोनों में सुधार हुआ है।

आगे क्या है कंपनी का प्लान?

बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रदीप कुमार खेरुका ने कहा है कि FY28 तक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 60% बढ़ाने का लक्ष्य है।

उनके मुताबिक, नई क्षमता इस साल शुरू होने की उम्मीद है। FY27 में करीब 8% वॉल्यूम ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर प्रदर्शन में और सुधार की उम्मीद है।

बोरोसिल का मुनाफा कैसे बढ़ा?

हाल में सरकार ने चीन और वियतनाम से आने वाले सस्ते सोलर ग्लास पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दी है।

इससे Borosil Renewables जैसी घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात से मुकाबले में राहत मिली है। साथ ही, बेहतर प्राइसिंग और मार्जिन का भी फायदा मिला है।

बोरोसिल के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले 16 जुलाई को Borosil Renewables का शेयर 0.44% गिरकर ₹617.80 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में कंपनी ने 14.29% का रिटर्न दिया है। इसका मार्केट कैप 8.59 हजार करोड़ रुपये है।

बोरोसिल का बिजनेस क्या है

Borosil Renewables भारत की प्रमुख सोलर ग्लास निर्माता कंपनी है। कंपनी सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाला लो-आयरन टेक्सचर्ड ग्लास बनाती है। इसके उत्पाद सोलर मॉड्यूल निर्माताओं को सप्लाई किए जाते हैं। कंपनी का कारोबार भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फैला हुआ है।

Tech Mahindra Q1 Profit: टेक महिंद्रा का प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंचा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।