10% चढ़ गया Trent का शेयर, Q2 बिजनेस अपडेट ने भरा जोश, लेकिन Citi ने अब भी दी बेचने की सलाह

Trent Share Price: टाटा ग्रुप की रिटेल यूनिट ट्रेंट के शेयरों में आज खरीदारी का ऐसा रुझान दिखा कि यह रॉकेट बन गया। सितंबर 2026 तिमाही के बिजनेस अपडेट का शेयरों ने जश्न मनाया और यह 10% उछल पड़ा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म सिटी का इस पर बेयरेश रुझान बना हुआ है और इसकी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है। कंपनी ने एक कारोबारी दिन पहले इक्विटी मार्केट का कारोबार खत्म होने के बाद बिजनेस अपडेट जारी किया था और अब आज मार्केट खुला तो शेयर 10% चढ़कर ₹2832.50 पर पहुंच गया। इससे पहले 10 कारोबारी दिनों में आठ दिन तो यह रेड जोन में बंद हुआ था।

Trent के लिए कैसी रही सितंबर तिमाही

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक सितंबर 2026 तिमाही में ट्रैंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 23% की रफ्तार से बढ़ा, जोकि कई तिमाहियों में सबसे अधिक है और छह तिमाहियों में सिर्फ दूसरी बार है, जब यह 20% के पार रहा। सितंबर 2026 तिमाही में ट्रेंट ने जूडियो (Zudio) का 1000वां स्टोर खोला। सितंबर तिमाही में इसने वेस्टसाइड (Westside) के 10 और जूडियो के 17 नए स्टोर खोले।

वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में कंपनी के मैनेजमेंट ने एक एनालिस्ट मीट में कहा था कि रेवेन्यू की 25% CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) बनाए रखना संभव है और अब सितंबर 2026 तिमाही में यह ग्रोथ इसी के करीब रही। एक अहम बात ये है कि जब भी ट्रेंट के बिजनेस अपडेट्स में रेवेन्यू की ग्रोथ इससे कम आई, शेयरों पर हर बार दबाव तगड़ा दिखा। इससे पहले 7 जुलाई को जब कंपनी ने जून 2026 तिमाही में 19% की रेवेन्यू ग्रोथ का बिजनेस अपडेट जारी किया था, तो इसके शेयर 12% टूट गए थे।

City क्यों है बेयरेश

ब्रोकरेज फर्म सिटी ने सेल रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹2950 पर फिक्स किया है, जोकि इस स्टॉक के लिए मार्केट में सबसे कम है। सिटी का कहना है कि इसका प्रति स्क्वेयर फीट रेवेन्यू कमजोर बना हुआ है, जिसके चलते इसके शेयरों को लेकर सिटी का रुझान भी सतर्क बना हुआ है।

स्टोर साइज को आधार मानें तो, ट्रेंट का प्रति स्क्वायर फ़ीट औसत रेवेन्यू साल-दर-साल 8.4% घटा है, जबकि Citi का अनुमान 12% की गिरावट का था। इसकी तुलना पिछली चार तिमाहियों में दर्ज 12.4%, 11.6%, 16.1% और 15.5% की गिरावट से भी की जा सकती है।

प्रति स्क्वेयर फीट रेवेन्यू के कमजोर रुझान के अलावा बढ़ते कॉम्पटीशन, कैनिबलाइजेशन के असर और इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी से मार्जिन पर रिस्क के चलते भी सिटी सतर्क है। सिटी का कहना है कि प्रति स्क्वेयर फीट रेवेन्यू में लगातार सुधार और स्टोर के विस्तार से स्टॉक की री-रेटिंग हो सकती है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

ट्रेंट के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹2,185.15 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से चार महीने में 55.58% उछलकर 3 जुलाई 2026 को ₹3,399.75 पर पहुंच गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। अब आगे की बात करें तो इसे कवर करने वाले 29 एनालिस्ट्स में से 22 ने इसे खरीदारी, 5 ने होल्ड औप 2 ने सेल रेटिंग दी है।

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Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 32% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: टाटा ग्रुप की एग्री-इनपुट कंपनी Rallis India ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन इस बार उम्मीद से बेहतर रहा। मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी का शुद्ध मुनाफा 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹95 करोड़ था।

रेवेन्यू और EBITDA दोनों बढ़े

जून तिमाही में Rallis India का रेवेन्यू 6.8% बढ़कर ₹1,022 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह कम था। वहीं, EBITDA 23.3% बढ़कर ₹185 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA मार्जिन 15.7% से बढ़कर 18.1% हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी पहले के मुकाबले ज्यादा मुनाफे के साथ कारोबार कर रही है। बेहतर प्राइसिंग, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार से मार्जिन मजबूत हुआ।

Crop Care बिजनेस ने दिखाई मजबूती

Rallis India के Crop Care कारोबार का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹697 करोड़ पहुंच गया। इस कारोबार में रिटेल यानी B2C बिजनेस 19% बढ़ा। हालांकि, B2B कारोबार में 19% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद कुल कारोबार बढ़त में रहा।

तिमाही के दौरान कंपनी ने फसल सुरक्षा से जुड़े Balwan, Prodim Ultra और Kengen नाम के तीन नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। कंपनी ने फील्ड प्रोग्राम्स पर भी जोर दिया। साथ ही इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सुधार किया। इसका फायदा कारोबार पर साफ दिखाई दिया।

Seeds कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ

Rallis India का Seeds कारोबार भी मजबूत रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹325 करोड़ पहुंच गया। प्री-सीजन डिमांड और सही समय पर प्रोडक्ट प्लेसमेंट का फायदा कंपनी को मिला।

तिमाही के दौरान कंपनी ने कपास, धान और बाजरा कैटेगरी में 9 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। इनमें उत्तर भारत के लिए दो नए कॉटन हाइब्रिड भी शामिल हैं। इसके अलावा Dhaanya ब्रांड के तहत हर्बीसाइड-टॉलरेंट डायरेक्ट-सीडेड राइस भी बाजार में उतारा गया।

कंपनी ने क्या कहा?

Rallis India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. ज्ञानेंद्र शुक्ला ने कहा कि कंपनी ने मजबूत रणनीति और बेहतर परिचालन की बदौलत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मुनाफे में सुधार के साथ-साथ नए प्रोडक्ट्स पर भी लगातार निवेश किया जा रहा है।

उनके मुताबिक, कंपनी आगे भी भारतीय किसानों के लिए नए और बेहतर कृषि समाधान विकसित करने पर फोकस बनाए रखेगी। साथ ही सभी कारोबारों में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगी।

नतीजों से पहले सोमवार को Rallis India का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ ₹240 पर बंद हुआ।

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