Tata Capital Shares: घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीताल ओसवाल ने टाटा कैपिटल की कवरेज शुरू की है। इसके बावजूद आज यह शेयर कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में फिसल गया और करीब 3% टूट गया। इसकी एक और वजह ये है कि ब्रोकरेज फर्म ने न्यूट्रल रेटिंग और ₹364 के टारगेट प्राइस के साथ इसकी कवरेज शुरू की है। अभी की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 1.67% की गिरावट के साथ ₹357.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.86% टूटकर ₹352.95 तक आ गया था। इसके शेयर पिछले साल 13 अक्टूबर 2025 को लिस्ट हुए थे और ₹15512 करोड़ के आईपीओ के तहत ₹326 के भाव पर जारी हुआ था।
ये दो बातें हुईं तो फिर से होगी रेटिंग
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि टाटा कैपिटल एक बेहतरीन फ्रेंचाइजी है, जिसकी पैरेंट कंपनी मजबूत है, पोर्टफोलियो तेजी से रिटेल-ओरिएंटेड हो रहा है, और काम करने का ट्रैक रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि मीडियम टर्म में कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में अच्छी ग्रोथ और मुनाफे में धीरे-धीरे सुधार दिखेगा, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन में ये अच्छी बातें पहले से ही शामिल हैं।
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि RoA (एसेट पर रिटर्न) और RoE (इक्विटी पर रिटर्न) में लगातार सुधार और ज्यादा मुनाफा देने वाले रिटेल लेंडिंग सेगमेंट में लगातार विस्तार हो तो टाटा कैपिटल की रेटिंग में अहम सुधार की जा सकती है।
ब्रोकरेज के मुताबिक टाटा कैपिटल के लिए कुछ अहम रिस्क भी हैं। बढ़ते कॉम्पिटिशन के कारण मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। इसके अलावा अनसिक्योर्ड पोर्टफोलियो में उम्मीद से अधिक दबाव होने पर क्रेडिट कॉस्ट बढ़ सकती है तो टाटा मोटर्स फाइनेंस के बिजनेस में उम्मीद से धीमी रिकवरी से मुनाफे और रिटर्न रेश्यो पर असर पड़ सकता है।
Tata Capital को लेकर क्या है Motial Oswal का रुझान
ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि टाटा वित्त वर्ष 2023-2026 के बीच टाटा कैपिटल का एयूएम सालाना 29% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़ा जो इसकी मजबूत फ्रैंचाइज़ी, अलग-अलग तरह के बिजनेस मॉडल और लगातार अच्छा काम करने की क्षमता को दिखाता है। कंपनी का लोन पोर्टफोलियो भी बहुत फैला हुआ है, जिसमें 98% अकाउंट्स का टिकट साइज ₹1 करोड़ से कम है।
एसेट क्वालिटी को मुख्य रूप से सिक्योर्ड लेंडिंग बुक का सहारा मिला हुआ है, तो पोर्टफोलियो भी अच्छी तरह से डायवर्सिफाइड है और किसी भी एक प्रोडक्ट की कुल लोन में 20% से अधिक हिस्सेदारी नहीं है।
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-2028 के दौरान कंपनी अपने एयूएम को 23% की शानदार रफ्तार से बढ़ाने की मजबूत स्थिति में है क्योंकि यह अधिक मुनाफ़ा देने वाले सेगमेंट की तरफ सोच-समझकर बढ़ रही है और डिजिटल क्षमताओं में लगातार निवेश कर रही है।
ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कंपनी को टाटा ग्रुप के पैरेंटज और एएए क्रेडिट रेटिंग के दम पर मजबूत लायबिलिटी फ्रैंचाइजी का फायदा मिलता है। इससे कंपनी को सही कीमत पर फंडिंग मिल जाती है। मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि जैसे-जैसे पोर्टफोलियो मिक्स रिटेल और अनसिक्योर्ड लेंडिंग की तरफ बढ़ेगा, मार्जिन में धीरे-धीरे सुधार होगा। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) वित्त वर्ष 2026 में 5.2% से बढ़कर वित्त वर्ष 2027 में 5.4% और वित्त वर्ष 2028 में 5.5% हो जाएगा।
ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि टाटा कैपिटल ने डिजिटलीकरण, प्रोसेस में सुधार और ब्रांच-लेवल पर प्रोडक्टिविटी के जरिए लागत पर अच्छा कंट्रोल किया है। जैसे-जैसे कंपनी की नई ब्रांच खुलेगी और टेक्नोलॉजी बेहतर होगी, प्रोडक्टिविटी से कंपनी की कार्यक्षमता में और सुधार होने की उम्मीद है।
वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का क्रेडिट कॉस्ट 1% से कम रहा लेकिन टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड के साथ मर्जर के बाद इसमें बढ़ोतरी हुई। कैप्टिव वेईकल फाइनेंस बिजनेस में अधिक डिफॉल्ट और कुछ अनसिक्योर्ड लेंडिंग पोर्टफोलियो में दबाव से इसे झटका लगा। कंपनी अब अपने मोटर्स फाइनेंस बिजनेस को धीरे-धीरे बेहतर बना रही है और मार्च तिमाही में यह सेगमेंट मुनाफे में आ गया है।
ब्रोकरेज ने कहा कि इसके अनसिक्योर्ड सेगमेंट में एसेट क्वालिटी में तेजी से सुधार हो रहा है, जिससे क्रेडिट कॉस्ट कम हो रही है। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि FY27 और FY28 में यह और कम होकर 1.1% पर आ जाएगी।
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