Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 32% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: टाटा ग्रुप की एग्री-इनपुट कंपनी Rallis India ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन इस बार उम्मीद से बेहतर रहा। मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी का शुद्ध मुनाफा 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹95 करोड़ था।

रेवेन्यू और EBITDA दोनों बढ़े

जून तिमाही में Rallis India का रेवेन्यू 6.8% बढ़कर ₹1,022 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह कम था। वहीं, EBITDA 23.3% बढ़कर ₹185 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA मार्जिन 15.7% से बढ़कर 18.1% हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी पहले के मुकाबले ज्यादा मुनाफे के साथ कारोबार कर रही है। बेहतर प्राइसिंग, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार से मार्जिन मजबूत हुआ।

Crop Care बिजनेस ने दिखाई मजबूती

Rallis India के Crop Care कारोबार का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹697 करोड़ पहुंच गया। इस कारोबार में रिटेल यानी B2C बिजनेस 19% बढ़ा। हालांकि, B2B कारोबार में 19% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद कुल कारोबार बढ़त में रहा।

तिमाही के दौरान कंपनी ने फसल सुरक्षा से जुड़े Balwan, Prodim Ultra और Kengen नाम के तीन नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। कंपनी ने फील्ड प्रोग्राम्स पर भी जोर दिया। साथ ही इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सुधार किया। इसका फायदा कारोबार पर साफ दिखाई दिया।

Seeds कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ

Rallis India का Seeds कारोबार भी मजबूत रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹325 करोड़ पहुंच गया। प्री-सीजन डिमांड और सही समय पर प्रोडक्ट प्लेसमेंट का फायदा कंपनी को मिला।

तिमाही के दौरान कंपनी ने कपास, धान और बाजरा कैटेगरी में 9 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। इनमें उत्तर भारत के लिए दो नए कॉटन हाइब्रिड भी शामिल हैं। इसके अलावा Dhaanya ब्रांड के तहत हर्बीसाइड-टॉलरेंट डायरेक्ट-सीडेड राइस भी बाजार में उतारा गया।

कंपनी ने क्या कहा?

Rallis India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. ज्ञानेंद्र शुक्ला ने कहा कि कंपनी ने मजबूत रणनीति और बेहतर परिचालन की बदौलत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मुनाफे में सुधार के साथ-साथ नए प्रोडक्ट्स पर भी लगातार निवेश किया जा रहा है।

उनके मुताबिक, कंपनी आगे भी भारतीय किसानों के लिए नए और बेहतर कृषि समाधान विकसित करने पर फोकस बनाए रखेगी। साथ ही सभी कारोबारों में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगी।

नतीजों से पहले सोमवार को Rallis India का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ ₹240 पर बंद हुआ।

Bitcoin Price Today: बिटकॉइन एक साल में 45% क्रैश हुआ, एक्सपर्ट्स बोले – अभी दूर रहने में ही भलाई

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bitcoin Price Today: बिटकॉइन एक साल में 45% क्रैश हुआ, एक्सपर्ट्स बोले – अभी दूर रहने में ही भलाई

Bitcoin Price Today: क्रिप्टो बाजार में सोमवार को दबाव देखने को मिला। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन करीब 1.63% टूटकर 63,500 डॉलर के आसपास पहुंच गई। इसकी बड़ी वजह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। निवेशकों को डर है कि अगर महंगाई फिर बढ़ी, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकता है।

एक साल में 45% क्रैश हुआ

बिटकॉइन की कीमत में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 6 महीने में यह 30.05% गिर चुका है। वहीं, 1 साल में बिटकॉइन 45.44% टूटा है। हालांकि, पिछले 5 साल में इसने 87.77% का रिटर्न जरूर दिया है। लेकिन, इसके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए यह बेहद कम है।

बिटकॉइन की कीमत गिरने की 5 बड़ी वजह

1. अमेरिका-ईरान तनाव : बिटकॉइन की गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ने से दुनियाभर के बाजारों में डर का माहौल है। ऐसे समय में निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं। वे क्रिप्टो से पैसा निकालकर सोना और डॉलर जैसी सुरक्षित जगहों पर लगाने लगते हैं। इसका असर बिटकॉइन पर भी साफ दिखा।

2. कच्चा तेल महंगा : तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया। महंगा तेल मतलब महंगाई बढ़ने का खतरा। अगर महंगाई बढ़ती है, तो ब्याज दरें भी लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। यही डर क्रिप्टो बाजार पर भारी पड़ रहा है।

3. फेड की ब्याज दर : निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरें कम नहीं करेगा। कुछ लोगों को तो यह भी उम्मीद है कि साल के आखिर में एक और बढ़ोतरी हो सकती है। ऊंची ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर बिटकॉइन जैसी जोखिम वाली एसेट्स के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

4. अहम स्तर पार न कर पाना : बिटकॉइन ने 65,200 से 65,500 डॉलर के बीच का स्तर पार करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद कई ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। बिकवाली बढ़ी और कीमत 63,500 डॉलर के करीब पहुंच गई। तकनीकी चार्ट भी फिलहाल कमजोरी का संकेत दे रहे हैं।

5. खरीद से ज्यादा बिकवाली : एक अच्छी बात यह है कि स्पॉट बिटकॉइन ETF में लगातार पैसा आ रहा है। इसका मतलब बड़े निवेशकों की दिलचस्पी अभी खत्म नहीं हुई है। लेकिन दूसरी तरफ, तेजी आते ही कई निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं। इसलिए खरीदारी का असर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा और बिटकॉइन दबाव में बना हुआ है।

बिटकॉइन के लिए अहम लेवल क्या हैं?

Delta Exchange की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल का कहना है कि कि बिटकॉइन ने 65,200 से 65,500 डॉलर का स्तर पार करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद मुनाफावसूली बढ़ी और कीमत नीचे आ गई।

उनके मुताबिक, अगर बिटकॉइन 63,000 डॉलर के नीचे जाता है, तो यह 62,300 से 61,800 डॉलर तक फिसल सकता है। अब बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही चीजें आगे बिटकॉइन की दिशा तय कर सकती हैं।

क्या अब बिकवाली थम रही है?

Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत का कहना है कि गिरावट के बीच कुछ अच्छे संकेत भी मिल रहे हैं। Glassnode के ऑन-चेन डेटा से पता चलता है कि लंबे समय से बिटकॉइन होल्ड करने वाले निवेशकों की बिकवाली अब कम होने लगी है। इसका मतलब है कि घबराहट में होने वाली बड़ी बिकवाली शायद अपने आखिरी दौर में है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में स्पॉट बिटकॉइन ETF में करीब 290 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश आया है। इससे बाजार को सहारा मिला है। हालांकि, तेजी आते ही कई निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं। यही वजह है कि बिटकॉइन अभी भी अपने 50 महीने के मूविंग एवरेज यानी करीब 65,900 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है।

निवेशकों के लिए क्या सलाह है?

Pi42 के को-फाउंडर और सीईओ अविनाश शेखर का कहना है कि ETF में लगातार पैसा आना अच्छी बात है। इससे पता चलता है कि बड़े निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है। उनके मुताबिक, बाजार इस समय एक हेल्दी कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। यानी आगे की तेजी से पहले यह सामान्य ठहराव हो सकता है।

वहीं, Giottus के सीईओ विक्रम सुब्बुराज का कहना है कि छोटी अवधि की तेजी देखकर जल्दबाजी में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। उनका मानना है कि जब तक बिटकॉइन 65,000 डॉलर के ऊपर टिक नहीं जाता और ETF में लगातार मजबूत निवेश नहीं आता, तब तक थोड़ा-थोड़ा निवेश करना और ज्यादा जोखिम लेने से बचना बेहतर रणनीति होगी।

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BitCoin Crash: 8 ही महीने में 50% टूटा बिटकॉइन, इन 4 वजहों से क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार

BitCoin Crash: क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार अब भी मचा हुआ है। मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो बिटकॉइन रिकॉर्ड हाई से करीब 50% नीचे आ चुका है। बाकी भी क्रिप्टो की हालत अच्छी नहीं है और अधिकतर क्रिप्टो अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। बिटकॉइन की बात करें तो 7 अक्टूबर 2025 को $1.26 लाख के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के करीब आठ महीने में यह करीब 50% टूटकर $64 हजार के नीचे आ गया। सिर्फ यही नहीं, इस महीने तो यह $60 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी नीचे की तरफ तोड़ दिया था जो इसके लिए पिछले डेढ़ साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

BitCoin Crash: इन 4 वजहों से मचा हाहाकार

अमेरिकी नीतियों के सपोर्ट से बदलकर झटका देने वाले में बदलाव

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की क्रिप्टो समर्थक नीतियों ने बिटकॉइन समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसीज की चमक बढ़ा दी थी और संस्थागत निवेशकों ने जमकर पैसा डाला। हालांकि टैरिफ वार और अमेरिका की ईरान से जंग ने निवेशकों को डरा दिया और वे क्रिप्टो जैसे रिस्की एसेट्स से पैसे निकालकर सेफ एसेट्स में पैसे डालने लगे।

बिटकॉइन के सबसे बड़े निवेशकों में शुमार माइकल का बेयरेश रुझान

माइकल सायलर (Michael Saylor) ने साल 2020 में अपनी कंपनी स्ट्रैटेजी की नकदी का बड़ा हिस्सा बिटकॉइन में निवेश करना शुरू किया और स्ट्रैटेजी ने इसके बाद लगातार बिटकॉइन खरीदना जारी रखा और यह दुनिया के सबसे बड़े कॉरपोरेट बिटकॉइन होल्डर कंपनियों में शामिल हो गई। हालांकि ‘स्ट्रैटेजी’ ने साल 2022 के बाद से पहली बार अपनी होल्डिंग का कुछ हिस्सा बेचा तो हड़कंप मच गया। कुछ हफ्ते पहले उन्होंने $25 लाख के 32 बिटकॉइन बेचे तो बिटकॉइन टूटकर $72 हजार के नीचे आ गया था। इससे पहले स्ट्रैटेजी ने साल 2022 में 704 बिटकॉइन %$18 हजार के भाव पर बेचे थे।

SpaceX का जादू

हाल ही में स्पेसएक्स ने दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया था। एआई पर इसकी आक्रामक स्ट्रैटेजी ने निवेशकों को आकर्षित किया और इसके चलते अनुमान लगाया जा रहा है कि क्रिप्टो मार्केट का भी कुछ पैसा इसमें आया। स्पेसएक्स ने दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) को और अमीर बनाया और दुनिया के पहले और इकलौते ट्रिलेनियर बन गए।

BitCoin ETF से ताबड़तोड़ निकासी

पिछले महीने बिटकॉइन ईटीएफ से $200 करोड़ से अधिक यानी करीब ₹16 हजार करोड़ की निकासी ने क्रिप्टो मार्केट पर दबाव डाला।

SpaceX ने Elon Musk को बनाया ट्रिलेनियर, लेकिन अब लटकी यह तलवार

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि क्रिप्टो मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।