₹82 हजार करोड़ की बारिश, 25 सितंबर के बाद Nifty आज 23100 के पार बंद, लगातार दूसरे दिन Sensex ग्रीन

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और आईटी सेक्टर में खरीदारी के दम पर शुरुआती उठा-पटक से उबरते हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर से शानदार रिकवरी की। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 766 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा तो निफ्टी भी 23100 के पार पहुंच गया। इससे पहले निफ्टी ने आखिरी बार 25 सितंबर को 23100 का लेवल छुआ था और इसी के पार बंद भी हुआ था। हालांकि ब्रोडर लेवल की रिकवरी फेल हो गई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हुए और फिर लाल हो गए और रेड जोन में ही बंद हुए। इस मिले-जुले माहौल में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज ₹82 हजार करोड़ से अधिक बढ़ गई।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला, जिसका निफ्टी इंडेक्स करीब 4% मजबूत हुआ। साथ ही बैंकिंग शेयरों ने भी शानदार वापसी की और मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी पीएसयू बैंक शुरुआती गिरावट से उबरते हुए आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ और निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी बढ़त रही। निफ्टी मेटल तो करीब 1% मजबूत हुआ। वहीं दूसरी तरफ एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल बंद हुए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 16 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 413.66 प्वाइंट्स यानी 0.56% की बढ़त के साथ 74,729.27 और निफ्टी भी 148.80 प्वाइंट्स यानी 0.65% की मजबूती के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 765.79 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,778.78 और निफ्टी दिन के निचले स्तर से 236.05 प्वाइंट्स उबरते हुए 23,149.85 तक पहुंच गया। इससे पहले सेंसेक्स 302.62 प्वाइंट्स गिरकर 74,012.99 और निफ्टी 83.55 प्वाइंट्स फिसलकर 22,913.80 तक आया था।

₹82 हजार करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 15 अक्टूबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,71,83,561.46 करोड़ था। आज यानी 16 अक्टूबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,72,66,122.04 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹82,560.57 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

Sensex के 18 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 18 आज ग्रीन रहे। सबसे अधिक तेजी आज टेक महिंद्रा, टीसीएस और इंफोसिस में रही तो दूसरी तरफ इंडिगो में आज सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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126 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4616 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2404 शेयर आज मजबूत हुए तो 1962 में गिरावट रही जबकि 250 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 126 शेयर एक साल के हाई और 127 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 40 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज सेंसेक्स-निफ्टी में हुई तेज रिकवरी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

एक्सपायरी पर Sensex फ्लैट, लगातार दूसरे दिन Nifty मजबूत, किन घटी निवेशकों की दौलत

Share Market Rally: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाई लेकिन चूंकि घरेलू मार्केट को पहले से ही इसकी उम्मीद थी तो इसका कोई खास असर नहीं दिखा। कच्चे तेल की नरमी पर सेंसेक्स और निफ्टी ने रेड जोन से शानदार वापसी की और सेंसेक्स इंट्रा-डे के निचले स्तर से 500 प्वाइंट्स से अधिक रिकवरी को तो निफ्टी भी 23200 के नीचे से रिकवर होकर 23350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज फार्मा, मेटल, ऑटो और रियल्टी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। इसमें से रियल्टी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी के आस-पास बंद हुए तो मेटल और ऑटो सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स करीब 1-1% मजबूत हुए। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग शेयरों ने मार्केट को नीचे खींचने की कोशिश और निफ्टी पीएसयू बैंक में हल्की गिरावट रही लेकिन निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब आधे फीसदी कमजोर हुआ। ओवरऑल मार्केट के इस माहौल में आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 17 सितंबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 21.86 प्वाइंट्स यानी 0.03% की मामूली गिरावट के साथ 74,314.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 53.00 प्वाइंट्स यानी 0.23% की बढ़त के साथ 23,270.60 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 172.50 प्वाइंट्स टूटकर 74,163.95 तक आया था जिससे यह 513.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,677.56 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 23.95 प्वाइंट्स गिरकर 23,193.65 तक आया था जिससे यह 169.90 प्वाइंट्स चढ़कर 23,363.55 तक पहुंचा था।

₹1.87 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 16 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,23,712.00 करोड़ था। आज यानी 17 सितंबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,10,906.37 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹187,194.36 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 21 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 21 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज टाटा स्टील, बीईएल और इंडिगो सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एचडीएफसी बैंक, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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113 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4535 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2686 शेयर आज मजबूत हुए तो 1642 में गिरावट रही जबकि 207 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 113 शेयर एक साल के हाई और 139 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 11 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 43 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज छा गई मार्केट में रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Britannia Q1 Results: बिस्किट कंपनी का प्रॉफिट 13% बढ़ा, रेवेन्यू ₹5000 करोड़ के पार

Britannia Q1 Results: बिस्किट बनाने वाली कंपनी Britannia Industries ने गुरुवार, 6 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.6% बढ़कर 591.4 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 520.1 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 8.2% बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBITDA 11% बढ़कर 840 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 16.4% से बढ़कर 16.8% पर पहुंच गया।

अनुमान से कैसा रहा प्रदर्शन?

ब्रिटानिया का शुद्ध मुनाफा बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। CNBC-TV18 के पोल में 606 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान था। रेवेन्यू अनुमान से थोड़ा बेहतर रही, लेकिन EBITDA और EBITDA मार्जिन बाजार की उम्मीद से नीचे रहे।

ब्रिटानिया ने बताया कि जून तिमाही में उसकी कंसोलिडेटेड बिक्री 9.5% बढ़कर 4,964 करोड़ रुपये रही। वहीं, स्टैंडअलोन बिक्री में 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

ब्रिटानिया के CEO और MD रक्षित हरगावे ने कहा कि तिमाही की शुरुआत में पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से ईंधन और शिपिंग लागत बढ़ गई थी। इसके बावजूद कंपनी ने बेहतर वॉल्यूम और वैल्यू ग्रोथ हासिल की। साथ ही मुनाफे की ग्रोथ रेवेन्यू से भी तेज रही।

उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स और जनरल ट्रेड में मजबूत प्रदर्शन रहा। विज्ञापन, प्रमोशन और इन्फ्लुएंसर कैंपेन पर भी कंपनी ने निवेश बढ़ाया। Marie Gold, NutriChoice और Little Hearts जैसे ब्रांड्स के लिए बड़े मार्केटिंग अभियान चलाए गए। वहीं, Dubai Kunafa Croissant जैसे नए प्रोडक्ट्स और इंटरनेशनल बिजनेस में सुधार से भी ग्रोथ को सहारा मिला।

आगे क्या रहेगा फोकस?

ब्रिटानिया ने कहा कि वह पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, मजबूत ब्रांड, नए प्रोडक्ट्स, लागत नियंत्रण और घरेलू मांग में सुधार के दम पर कंपनी आगे भी टिकाऊ ग्रोथ का भरोसा जता रही है।

Britannia के शेयरों का हाल

Britannia Industries का शेयर गुरुवार को 0.26% की गिरावट के साथ 5,430 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 8.32% टूटा है। वहीं, बीते 1 साल में इसका रिटर्न तकरीबन फ्लैट रहा। कंपनी का मार्केट कैप 1.31 लाख करोड़ रुपये है।

Britannia Industries भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक है। कंपनी का मुख्य कारोबार बिस्किट है। लेकिन इसके अलावा यह ब्रेड, केक, रस्क, डेयरी प्रोडक्ट्स, चीज, बटर, दूध, स्नैक्स और क्रोइसां (Croissant) जैसे कई खाद्य उत्पाद भी बनाती और बेचती है।

LIC Q1 Results: प्रॉफिट 23% बढ़कर 13492 करोड़ रुपये, कुल इनकम 237848 करोड़

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gokul Agro Q1 Results: गोकुल एग्रो का मुनाफा 74% उछला, EBITDA में 52% की शानदार बढ़त

Gokul Agro Q1 Results: खाद्य तेल और एग्री-प्रोसेसिंग सेक्टर की कंपनी गोकुल एग्रो रिसोर्सेज ने जून तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की बिक्री और मुनाफा दोनों बढ़े हैं। बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, एक्सपोर्ट और नॉन-एडिबल बिजनेस ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई।

रेवेन्यू ₹5,295 करोड़ के पार

अप्रैल-जून तिमाही में गोकुल एग्रो का शुद्ध मुनाफा 74% बढ़कर ₹123 करोड़ पहुंच गया। वहीं, कंपनी की कुल आय 7% बढ़कर ₹5,295 करोड़ पहुंच गई।

EBITDA 52% बढ़कर ₹217 करोड़ रहा। कंपनी का PAT मार्जिन 2.34% रहा और EPS ₹4.16 दर्ज किया गया। यानी हर मोर्चे पर कंपनी की कमाई मजबूत हुई।

कारोबार लगातार बढ़ रहा

गोकुल एग्रो के पास 575 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर्स का नेटवर्क है। इसकी कुल प्रोसेसिंग क्षमता 20 लाख MTPA है। कंपनी के उत्पाद भारत के 28 राज्यों और 33 देशों में बिकते हैं। पिछले पांच साल में कंपनी का रेवेन्यू 23% CAGR, EBITDA 35% CAGR और शुद्ध मुनाफा 54% CAGR की दर से बढ़ा है।

नए कारोबार पर फोकस

गोकुल एग्रो के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कनुभाई जे. ठक्कर ने कहा कि इस तिमाही में बायोडीजल प्लांट शुरू किया गया। साथ ही स्पेशलिटी फैट्स पोर्टफोलियो का विस्तार हुआ। ई-कॉमर्स, इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों और एक्सपोर्ट के जरिए बाजार में पकड़ भी मजबूत हुई। इन कदमों से आने वाले समय में ग्रोथ को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

आगे क्या है प्लान?

गोकुल एग्रो अब कंज्यूमर ब्रांड्स, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स और एक्सपोर्ट बिजनेस पर ज्यादा जोर दे रही है। इसके साथ ही क्षमता बढ़ाने और मजबूत वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर भी फोकस रहेगा। कंपनी का मानना है कि खाद्य तेल की बढ़ती मांग और सरकार की नीतियों से आगे भी कारोबार को अच्छा सपोर्ट मिलेगा।

गोकुल एग्रो का शेयर गुरुवार को 0.75% की बढ़त के साथ 224.88 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 38.87% का रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में यह 45.79% चढ़ा है।

Tata Steel Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹2318 करोड़ मुनाफा, रेवेन्यू उम्मीद से बेहतर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Insight : FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें,फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर रहे फोकस

Market Insight : आज शेयर बाजार के लिए अगस्त सीरीज की शुरुआत शानदार रही। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। मजबूत खरीदारी के दम पर बाजार पूरे दिन हरे निशान में कारोबार करता रहा। सेंसेक्स,निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 889 प्वाइंट चढ़कर 77,655 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 265 प्वाइंट चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। IT,मेटल और FMCG शेयरों में भी खरीदारी रही। फार्मा और निफ्टी बैंक इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। बैंक निफ्टी 450 प्वाइंट चढ़कर 57,206 पर बंद हुआ। मिडकैप 511 प्वाइंट चढ़कर 62,862 पर बंद हुआ। आज निफ्टी के 50 में से 38 शेयरों में खरीदारी रही। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में खरीदारी आई। जबकि, बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में तेजी दिखी।

मार्केट आउटलुक

इस बीच मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए कोटक महिंद्रा एएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि निवेशक अब AI निवेश से IT की ओर जा रहे हैं। टोकन वैल्युएशन की उम्मीद में AI की तेजी आई। आगे IT सेक्टर में कुछ विनर्स होंगे और कुछ लूजर्स होंगे। AI की मदद से प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को फायदा संभव है। तेजी से सस्ते IT प्रोडक्ट बनाने वाले को फायदा होगा।

सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही होगा फायदा

पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अभी तक ज्यादातर कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं। लार्जकैप से बेहतर मिड-स्मॉलकैप के नतीजे रहे हैं। सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही फायदा होगा। वेस्ट एशिया संकट के बीच बड़ी दिक्कतें नहीं आईं है। यह हमारे लिए काफी अच्छा संकेत है।

Market View : फार्मा शेयरों में जारी रहेगी तेजी, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

FMCG के लिए समय बदला

FMCG के लिए समय बदल गया है। लिस्टेड FMCG कंपनियां प्रोडक्ट इनोवेशन में पिछड़ गई हैं। FMCG कंपनियों के लिए 3-6 महीने चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। पहले FMCG कंपनियों में ग्रोथ अच्छी रहती थी FMCG कंपनियां से नया प्रोडक्ट नहीं ला रही है। FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें।

फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रणनीति

मौजूदा जियोपॉलिटिकल माहौल में सभी देशों को डिफेंस खर्च बढ़ाना ही होगा। लोकल और ग्लोबल मार्केट तक डिफेंस प्रोडक्ट का पहुंचना और मजबूत सप्लाई चेन जरूरी है। दुनिया में डिफेंस का खर्च बढ़ता ही रहेगा। फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रहेगा। घरेलू के साथ एक्सपोर्ट वाली डिफेंस कंपनियां बेहतर नजर आ रही हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Dividend Stocks: 5 लाख खुदरा निवेशकों को स्पेशल डिविडेंड देने की तैयारी, ऐलान पर बढ़ी इस FMCG स्टॉक की चमक

Dividend Stocks: दिग्गज एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया के बोर्ड की अगले महीने 3 जुलाई को बैठक होने वाली है, जिसमें स्पेशल डिविडेंड के प्रस्ताव पर विचार होगा। इसके अलावा डिविडेंड का प्रस्ताव भी है। इससे कंपनी के 4 लाख से अधिक खुदरा निवेशकों के चेहरे खिल उठे और शेयर भी चमक गए। हालांकि शेयरों की तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया तो भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह ग्रीन जोन में है। फिलहाल बीएसई पर यह 0.37% की बढ़त के साथ ₹1420.60 (Nestle India Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 1.02% उछलकर ₹1,429.85 तक पहुंच गया था।

Nestle India की क्या है योजना?

नेस्ले ने 19 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि 3 जुलाई को बोर्ड की बैठक होनी है जिसमें 2026 के स्पेशल डिविडेंड के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके लिए रिकॉर्ड डेट वही है, जो वित्त वर्ष 2026 के फाइनल डिविडेंड के लिए फिक्स की गई है। कंपनी हर शेयर पर ₹5 का फाइनल डिविडेंड बांट रही है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई फिक्स की गई है। इसका पेमेंट 30 जुलाई 2026 को या इसके बाद किया जाएगा। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2027 के कारोबारी नतीजे को लेकर बोर्ड की बैठक 22 जुलाई को होगी।

नेस्ले इंडिया में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

बीएसई पर मौजूद मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से कंपनी में 62.76% हिस्सेदारी प्रमोटर्स की है तो पब्लिक शेयरहोल्डिंग 37.24% है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स में 4.24% होल्डिंग 51 म्यूचुअल फंड्स की है लेकिन इनमें से किसी की भी होल्डिंग 1% या इससे अधिक नहीं है। एलआईसी के पास इसके 11.84 करोड़ से अधिक शेयर हैं जोकि कंपनी की 6.14% होल्डिंग के बराबर है। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी को मिलाकर 30 इंश्योरेंस कंपनियों की नेस्ले इंडिया में 7.37% होल्डिंग है तो विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 9.74% है। ₹2 लाख तक के निवेश वाले निवेशकों यानी रिटेल शेयरहोल्डर्स की बात करें तो 4,68,638 निवेशकों के पास कंपनी के 15,64,58,392 शेयर हैं जोकि कंपनी की 8.11% होल्डिंग के बराबर है। एचएनआई की होल्डिंग 3.96% है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

नेस्ले इंडिया के शेयर पिछले साल 14 अगस्त, 2025 को बीएसई पर ₹1085.00 के भाव पर थे जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 9 महीने में यह 38.12% उछलकर पिछले महीने 11 मई, 2026 को ₹1498.60 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

OMCs Stocks: कच्चे तेल की फिसलन भी नहीं दे पाएगी राहत, इस कारण प्रभुदास लीलाधर ने जताई आशंका

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।