Asian Market Today: अमेरिकी AI कंपनियों की शानदार कमाई से एशियाई बाजारों में तेजी,Kospi 3.6% तक उछला

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में आई बढ़त का असर एशियाई बाजारों पर दिखा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कुछ बड़ी कंपनियों की शानदार कमाई ने निवेशकों का टेक्नोलॉजी शेयरों के प्रति उत्साह फिर से जगा दिया है।

MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.6% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरिया और जापान सबसे आगे रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 3.62% उछल गया। इससे पहले, दक्षिण कोरिया के बाजार में हाल ही में एक IPO की शुरुआत बेहद खराब रही थी, जिससे अब बाजार ने जोरदार वापसी की है। जापान में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.76% और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 1.12% की बढ़त दर्ज की गई। हैंग सेंग फ्यूचर्स भी 0.5% ऊपर रहा।

भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत में शेयर बाजार कैसा रहेगा) ने सूचकांकों के लिए एक सकारात्मक (हरे निशान में) शुरुआत का अनुमान जताया है।

इसके अलावा, बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सब्सक्रिप्शन भी शुरू होने जा रहा है। बाजार के जानकारों ने इसे ‘सभी IPO की जननी’ (Mother of all IPOs) करार दिया है, क्योंकि उम्मीद है कि यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। करेंसी मार्केट में, जापानी येन 158.29 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6746 प्रति डॉलर पर बना रहा।

अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) फ्यूचर्स 0.7% ऊपर चढ़े। वहीं, स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान करीब 7% की उछाल आई, क्योंकि कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं।

सुपर माइक्रो कंप्यूटर (Super Micro Computer) ने भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और पोस्ट-मार्केट ट्रेडिंग में 15% की तेजी दर्ज की, जिससे AI-इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों को बढ़ावा मिला। दूसरी ओर, नेटफ्लिक्स (Netflix) के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि कंपनी ने भविष्य के लिए निराशाजनक अनुमान (forecast) जारी किया है।

स्पेसएक्स (SpaceX) की इस तेजी के पीछे एलन मस्क की सैटेलाइट, रॉकेट और AI कंपनी का शानदार प्रदर्शन रहा। सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए कंपनी ने 4.4 अरब डॉलर की नेट इनकम दर्ज की, जबकि इसका रेवेन्यू एक साल पहले की तुलना में 161% बढ़ गया है।

इसके अलावा, मस्क ने बताया कि स्पेसएक्स और टेस्ला ने संभावित विलय (merger) की संभावना तलाशने के लिए विशेष कमेटियां बनाई हैं। यह कदम अब तक के सबसे बड़े कॉर्पोरेट गठबंधन की दिशा में एक शुरुआती पहल है।

पिछले हफ्ते AI वैल्यूएशन और फाइनेंसिंग को लेकर चिंताओं के कारण टेक्नोलॉजी शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव आया था, लेकिन हालिया नतीजों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। अब निवेशकों की नज़र कंपनियों के आने वाले नतीजों पर है। वे यह देखना चाहेंगे कि क्या विकास के आंकड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश को सही ठहराते हैं।

इस बीच, मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद, एशियाई बाज़ार की शुरुआती ट्रेडिंग में तेल की कीमतों में आई तेज़ी बनी रही। मंगलवार को ट्रेडर्स अमेरिका-ईरान युद्ध को खत्म करने की कोशिशों से जुड़ी अलग-अलग खबरों का आकलन कर रहे थे। एशियाई बाज़ार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 109.52 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% की बढ़त के साथ 98.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बॉन्ड बाजार में, न्यूयॉर्क सत्र के दौरान लॉन्ग-टर्म US ट्रेज़री का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसका असर डॉलर पर पड़ा। इस साल अब तक US ट्रेज़री यील्ड पर तेल की कीमतों का काफी असर रहा है, लेकिन पिछले हफ्ते बॉन्ड निवेशकों ने कच्चे तेल की कीमतों पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि AI निवेश से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मूर्खता की उत्पादकता

दुनिया की AI दौड़ बाजार बनने यानी इस्तेमाल भर की नहीं है। Stanford AI Index 2026 के अनुसार अमेरिका ने 2025 में 59 उल्लेखनीय AI मॉडल बनाए, चीन ने 35। चीन AI शोध-पत्रों, citations और patent grants में आगे है, जबकि अमेरिका notable models और अधिक प्रभावशाली patents में आगे है। अमेरिका में 2025 का निजी AI निवेश 285.9 अरब डॉलर था। चीन का निजी निवेश 12.4 अरब डॉलर था, हालांकि Stanford खुद चेताता है कि इससे चीन के सरकारी निवेश की पूरी तस्वीर नहीं मिलती। यानी वहां लड़ाई prompt लिखने की नहीं, model, compute, chip, research, patent और पूरी AI architecture बनाने की है।

और अपने यहां ढिंढोरा है कि हम AI में विश्वगुरुता की ओर हैं।

भारत में AI क्या है? पहले एक झूठ बनाने में आदमी लगता था। उसे झूठी खबर बनाने के लिए Photoshop जैसे सॉफ्टवेयर सीखने होते थे। वीडियो एडिट करना पड़ता था। आवाज की नकल करनी पड़ती थी। अब कंप्यूटर पर बैठिए और एक वाक्य यानी prompt लगाइए—भाजपा के सेनानी लाठी लिए कांग्रेसियों की धुनाई कर रहे हैं! मोदी गरज रहे हैं, पृथ्वी कांप रही है! इतिहास की वह घटना वीडियो में दिखाई जा सकती है जो इतिहास में कभी घटी ही नहीं।

और इससे भी बड़ा कमाल उलटा है। कल कोई असली वीडियो सामने आए तो नेता कह सकता है—यह AI से बनाया हुआ है! यानी AI झूठ बनाने की लागत ही नहीं घटाता; वह सच को झूठ बताने की गुंजाइश भी पैदा करता है। यही synthetic reality का असली खतरा है।

भारत में उपयोग बढ़ रहा है, उत्पादकता नहीं। सोचें, उपयोग किसलिए? मंत्री, नेता और अफसर के लिए सरकारी दफ्तर में नोट बनाने के लिए। कॉलेज में फटाक से असाइनमेंट लिखने के लिए। कंपनी में प्रस्तुति बनाने के लिए। मीडिया में सामग्री गढ़ने के लिए। सोशल मीडिया में रील बनाने के लिए। व्हाट्सऐप पर संदेश आगे बढ़ाने के लिए। और राजनीति में नकली सच गढ़ने के लिए।

इसलिए असल सत्य है कि AI लोगों की नौकरी खाए या नहीं, उससे पहले भारत में लोगों की सोचने की जरूरत को ही खा रहा है? जबकि मेरा मानना है, AI का मोटामोटी सार और उसकी उपयोगिता का आधार मानव की बुद्धि, ज्ञान-विज्ञान, खोज और उपलब्धियों का कुल जमा संग्रहण है। वह बुद्धिमत्ता और ज्ञान के इस विशाल पहाड़ को खोदने वाला cognitive bulldozer है। अमेरिका और चीन इस बुलडोजर से नए मॉडल, नई वैज्ञानिक खोज, कोड, रोबोटिक्स, औद्योगिक automation और अगली पीढ़ी की तकनीकें निकालने की प्रतिस्पर्धा में हैं। चीन अकेला 2024 में दुनिया में लगाए गए औद्योगिक robots का 54 प्रतिशत लगा चुका था। AI में अमेरिका-चीन के शीर्ष मॉडलों की performance gap भी 2026 तक बहुत छोटी रह गई है।

और भारत की दशा?

हमारे पास भी वही बुलडोजर पहुंच रहा है। मगर खतरा है कि उससे ज्ञान का पहाड़ खोदने के बजाय झूठ और मूर्खताओं का पहाड़ खोदा जाए। AI का इस्तेमाल करके विद्यार्थी बिना समझे उत्तर लिखे, पत्रकार बिना पढ़े सामग्री बनाए, अफसर बिना सोचे नोट तैयार करे और राजनीतिक दल बिना घटना के घटना का दृश्य बना दें तो तकनीक productivity तो बढ़ाती है—लेकिन किस चीज की?

यही शब्द पकड़ने वाला है—मूर्खता की उत्पादकता।

एक मूर्ख पहले दिन में दस लोगों तक अपनी मूर्खता पहुंचाता था। सोशल मीडिया ने उसे दस हजार तक पहुंचाया। AI उसे दस मिनट में दस भाषाओं, सौ तस्वीरों और हजार वीडियो संस्करणों में पहुंचा सकता है। इस अर्थ में AI बुद्धिमत्ता का multiplier ही नहीं है। वह मनुष्य के भीतर जो पहले से मौजूद है, उसका multiplier है।

ज्ञान दीजिए तो ज्ञान की उत्पादकता बढ़ाएगा। विज्ञान दीजिए तो खोज की। व्यापार दीजिए तो दक्षता की। और झूठ दीजिए तो झूठ की। इसीलिए भारत के लिए असली प्रश्न यह नहीं है कि कितने करोड़ लोग AI इस्तेमाल करते हैं। सवाल है कि वे AI से क्या बना रहे हैं—ज्ञान या कंटेंट? शोध या सारांश?

तकनीक या प्रस्तुति? उत्पाद या प्रचार? सत्य खोजने का औजार या synthetic reality? पहली डिजिटल क्रांति में भारत ने दुनिया को अपना दिमाग किराए पर दिया था। AI की दूसरी क्रांति में खतरा है कि कहीं हम अपना दिमाग ही किराए पर न दे दें।

तब देश और समाज दोयम दर्जे का इसलिए नहीं होगा कि उसके पास AI नहीं था। बल्कि इसलिए कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली ज्ञान-औजार को हाथ में लेकर भी उसने अपनी बुद्धि, विवेक, कौशल और सत्य खोजने की क्षमता विकसित नहीं की।

बीन दुनिया की सबसे आधुनिक होगी। गधे भी अपने को संपेरा समझ विश्वगुरुता बघारते हुए होंगे।

US Fed ने नहीं बदली ब्याज दरें, क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के मामूली गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। Wall Street में रात भर हुई भारी बिकवाली के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। AI से जुड़े खर्च को लेकर बनी चिंताएं और US Federal Reserve के पॉलिसी फैसले के बाद अनिश्चितता ने पॉजिटिव इंस्टीट्यूशनल फ्लो और बुधवार की घरेलू बाजार की जोरदार रैली के असर को कम कर दिया है।

सुबह करीब 8:00 बजे GIFT Nifty 88 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 24,215 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 बुधवार के 24,250.20 के क्लोजिंग लेवल से नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत बुधवार को भारतीय शेयरों में जोरदार रिकवरी के बाद आया है। Sensex 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ।

US फेड मीटिंग का नतीजा

उम्मीद के मुताबिक, US फेडरल रिज़र्व ने चेयर केविन वॉर्श की अगुवाई में गुरुवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। यह लगातार पांचवीं पॉलिसी मीटिंग थी जिसमें सेंट्रल बैंक ने दरों को स्थिर रखने का फ़ैसला किया, क्योंकि अधिकारी मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव करने से पहले महंगाई के आउटलुक और व्यापक आर्थिक स्थितियों का आकलन कर रहे थे।

यह घोषणा फेडरल रिज़र्व की दो दिन की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) मीटिंग खत्म होने के बाद की गई।फेड ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50%-3.75% पर बनाए रखा। इसने महंगाई, बेरोज़गारी और कुल आर्थिक विकास के अपने अनुमानों को भी जून की पॉलिसी मीटिंग में पेश किए गए अनुमानों के मुकाबले काफ़ी हद तक जस का तस रखा।

एशियाई बाजारों में तेजी

Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के बाद गुरुवार को एशियाई शेयरों मेंबढ़त के साथ कारोबार हुआ। वहीं, ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली के बाद निवेशक AI से जुड़े खर्च के आउटलुक का आकलन करते रहे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई, जबकि जापान के Nikkei में लगभग 2 फीसदी की तेजी आई। दक्षिण कोरिया के Kospi में हफ्ते की शुरुआत में भारी नुकसान के बाद 4 फीसदी की रिकवरी हुई, हालांकि यह साप्ताहिक आधार पर बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा था। Nasdaq फ्यूचर्स में 1.2 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने हल्की पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दिया।

गुरुवार की रिकवरी के बावजूद, भारी AI निवेश पर रिटर्न को लेकर चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट के बाद निवेशक सतर्क बने रहे।

बुधवार को US शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ, क्योंकि Federal Reserve ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया और टेक्नोलॉजी शेयरों में हालिया गिरावट जारी रही। फेड ने ब्याज दरों को 3.50-3.75 प्रतिशत की रेंज में ही बनाए रखा, जो उम्मीदों के मुताबिक था, हालांकि तीन पॉलिसीमेकर्स ने दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति जताई।

माइक्रोसॉफ्ट और मेटा प्लेटफॉर्म्स के नतीजों से पहले निवेशकों द्वारा AI-से जुड़े शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करने के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2.19 प्रतिशत, S&P 500 1.52 प्रतिशत और नैस्डैक कम्पोजिट 1.74 प्रतिशत गिर गए।

क्रूड में नरमी

पिछले सेशन में तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि तनाव बढ़ने के बावजूद मध्य पूर्व से टैंकरों का आवागमन जारी रहा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.42 प्रतिशत गिरकर 89.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.66 प्रतिशत गिरकर 83.90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट ईरान संघर्ष के दौरान आई सबसे बड़ी तेजी के बाद हुई है; बुधवार को ब्रेंट में लगभग 8 प्रतिशत और WTI में 6.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई थी।

हालांकि तेल की कीमतों में नरमी आई, लेकिन US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों और क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण जियोपॉलिटिकल तनाव बना हुआ है।

क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से निकट भविष्य की एक बड़ी अनिश्चितता खत्म हो गई है, लेकिन पॉलिसीमेकर्स के बीच बंटे हुए वोट से संकेत मिलता है कि भविष्य की पॉलिसी का रास्ता डेटा पर निर्भर करेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मध्य पूर्व में फिर से बढ़ा जियोपॉलिटिकल तनाव भी भारतीय बाजारों के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं, जबकि FII और DII की खरीदारी से सपोर्ट मिल रहा है।

पोनमुडी ने कहा कि 24,200 के स्तर को फिर से हासिल करने के बाद निफ्टी में सकारात्मक रुख बना हुआ है। 24,300-24,400 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर निर्णायक रूप से जाने पर 24,500-24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की ओर, 24,150-24,000 मुख्य सपोर्ट ज़ोन है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर 23,900-23,800 के स्तर की ओर प्रॉफिट-बुकिंग शुरू हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फोकस में NBCC, MTAR Tech, Eicher Motors

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें,फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर रहे फोकस

Market Insight : आज शेयर बाजार के लिए अगस्त सीरीज की शुरुआत शानदार रही। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। मजबूत खरीदारी के दम पर बाजार पूरे दिन हरे निशान में कारोबार करता रहा। सेंसेक्स,निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 889 प्वाइंट चढ़कर 77,655 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 265 प्वाइंट चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। IT,मेटल और FMCG शेयरों में भी खरीदारी रही। फार्मा और निफ्टी बैंक इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। बैंक निफ्टी 450 प्वाइंट चढ़कर 57,206 पर बंद हुआ। मिडकैप 511 प्वाइंट चढ़कर 62,862 पर बंद हुआ। आज निफ्टी के 50 में से 38 शेयरों में खरीदारी रही। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में खरीदारी आई। जबकि, बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में तेजी दिखी।

मार्केट आउटलुक

इस बीच मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए कोटक महिंद्रा एएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि निवेशक अब AI निवेश से IT की ओर जा रहे हैं। टोकन वैल्युएशन की उम्मीद में AI की तेजी आई। आगे IT सेक्टर में कुछ विनर्स होंगे और कुछ लूजर्स होंगे। AI की मदद से प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को फायदा संभव है। तेजी से सस्ते IT प्रोडक्ट बनाने वाले को फायदा होगा।

सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही होगा फायदा

पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अभी तक ज्यादातर कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं। लार्जकैप से बेहतर मिड-स्मॉलकैप के नतीजे रहे हैं। सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही फायदा होगा। वेस्ट एशिया संकट के बीच बड़ी दिक्कतें नहीं आईं है। यह हमारे लिए काफी अच्छा संकेत है।

Market View : फार्मा शेयरों में जारी रहेगी तेजी, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

FMCG के लिए समय बदला

FMCG के लिए समय बदल गया है। लिस्टेड FMCG कंपनियां प्रोडक्ट इनोवेशन में पिछड़ गई हैं। FMCG कंपनियों के लिए 3-6 महीने चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। पहले FMCG कंपनियों में ग्रोथ अच्छी रहती थी FMCG कंपनियां से नया प्रोडक्ट नहीं ला रही है। FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें।

फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रणनीति

मौजूदा जियोपॉलिटिकल माहौल में सभी देशों को डिफेंस खर्च बढ़ाना ही होगा। लोकल और ग्लोबल मार्केट तक डिफेंस प्रोडक्ट का पहुंचना और मजबूत सप्लाई चेन जरूरी है। दुनिया में डिफेंस का खर्च बढ़ता ही रहेगा। फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रहेगा। घरेलू के साथ एक्सपोर्ट वाली डिफेंस कंपनियां बेहतर नजर आ रही हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

IT Stocks: दो दिन में आईटी इंडेक्स 6% चढ़ा, क्या TCS, इंफोसिस जैसी कंपनियों का बुरा दौर खत्म? जानिए एक्सपर्ट्स से

IT Stocks: मंगलवार, 28 जुलाई को एशियाई टेक शेयरों में भारी बिकवाली के बीच निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3% चढ़ गया। ग्लोबल मार्केट में AI पर होने वाले भारी निवेश और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका असर दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान की टेक कंपनियों पर दिखा। हालांकि, भारतीय IT कंपनियां इस दबाव से काफी हद तक बची रहीं, क्योंकि यहां AI पर फोकस करने वाली कंपनियां बहुत कम हैं।

पिछले दो कारोबारी सत्रों में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 6% चढ़ चुका है। इसकी एक बड़ी वजह Jefferies की रिपोर्ट रही, जिसमें ब्रोकरेज ने सेक्टर की रेटिंग ‘Underweight’ से बढ़ाकर ‘Neutral’ कर दी। यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले आई है। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

भारतीय IT सेक्टर कैसे बचा?

Nexedge Capital के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर गौरव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि दुनियाभर में AI को लेकर जो उत्साह ठंडा पड़ा है, उससे भारतीय IT सेक्टर को संभलने का मौका मिला है। हालांकि, उनका मानना है कि बड़ी IT कंपनियों के लिए चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी पर खर्च नहीं बढ़ता, तब तक सेक्टर में लंबी तेजी आना मुश्किल है।

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक, भारतीय IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट है। इन्हें AI डेटा सेंटर या चिप बनाने वाली कंपनियों की तरह अरबों डॉलर का पूंजीगत निवेश नहीं करना पड़ता। यही वजह है कि AI निवेश को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर भारतीय IT कंपनियों पर कम पड़ा।

उनका कहना है कि पिछले कई महीनों की गिरावट के बाद IT शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। ऐसे में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एशियाई हार्डवेयर कंपनियों से पैसा निकालकर भारतीय IT शेयरों में लगाया।

निफ्टी IT इंडेक्स का टेक्निकल आउटलुक

मयंक जैन के मुताबिक, निफ्टी IT इंडेक्स हालिया कारोबारी सत्र में 3.5% से ज्यादा चढ़कर 30,500 के करीब बंद हुआ। कई महीनों की गिरावट के बाद इसमें मजबूत रिकवरी देखने को मिली। इस तेजी के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर अच्छी खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग हुई।

टेक्निकल चार्ट पर इंडेक्स ने अपने 20-डे और 50-डे EMA के ऊपर वापसी कर ली है। 28,600-28,700 का स्तर अब मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी 200-डे EMA यानी करीब 31,800 के नीचे कारोबार कर रहा है। मयंक जैन का कहना है कि 31,800-32,000 का दायरा सबसे बड़ा रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर ही लंबी अवधि की तेजी की पुष्टि होगी। फिलहाल रिकवरी के संकेत मजबूत हैं, लेकिन उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

TCS

जैन के मुताबिक, TCS का शेयर फिलहाल अपने 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शॉर्ट टर्म में मजबूती के संकेत मिलते हैं। हालांकि, शेयर अभी भी 200 DMA से नीचे है। उनका कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत डिविडेंड और बेहतर वैल्यूएशन इसे आकर्षक बनाते हैं। वहीं, ट्रेडर्स को 200 DMA के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।

Infosys

मयंक जैन का कहना है कि Infosys का शेयर 20 DMA के ऊपर लौट आया है, लेकिन अभी भी 50 DMA और 200 DMA से नीचे है। कंपनी की मजबूत कैश फ्लो, 4.3% डिविडेंड यील्ड और आकर्षक वैल्यूएशन इसे डिफेंसिव स्टॉक बनाते हैं। हालांकि, शेयर में बड़ी तेजी तभी आ सकती है, जब कंपनी की ग्रोथ गाइडेंस और बिजनेस आउटलुक बेहतर हो।

HCL Technologies

जैन के हिसाब से बड़े IT शेयरों में HCL Technologies का टेक्निकल सेटअप सबसे मजबूत दिख रहा है। शेयर 20 DMA और 50 DMA के ऊपर बना हुआ है और अब 200 DMA के पास अहम रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है। अगर शेयर अच्छे वॉल्यूम के साथ इस स्तर को पार कर लेता है, तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।

Tech Mahindra

मयंक जैन के मुताबिक, Tech Mahindra भी 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शेयर में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, 1,700 रुपये के आसपास मौजूद 200 DMA अभी बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। उनका मानना है कि इस स्तर तक आने वाली छोटी गिरावटें, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छा खरीदारी का मौका हो सकती हैं।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

मयंक जैन का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय IT सेक्टर की चाल काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका में ब्याज दरें कम होती हैं, तो बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ा सकती हैं। इससे भारतीय IT कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

L&T Q1 Results: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹4123 करोड़ मुनाफा, ऑर्डर बुक ₹7.79 लाख करोड़ तक पहुंची

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Cyient Q1 Results: मुनाफा 90% उछला; शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ाया फोकस

Cyient Q1 Results: इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी Cyient Ltd ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार (QoQ) पर 90% बढ़कर 104 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछली तिमाही में यह 55 करोड़ रुपये था। वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू 7.7% बढ़कर 2,076 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही में 1,927 करोड़ रुपये था।

जून तिमाही में कंपनी का EBIT 20% बढ़कर 187 करोड़ रुपये रहा। वहीं EBIT मार्जिन 8.1% से बढ़कर 9% हो गया। यानी कंपनी ने बिक्री के मुकाबले बेहतर ऑपरेटिंग मुनाफा कमाया।

DET बिजनेस का प्रदर्शन

Cyient के डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (DET) कारोबार का रेवेन्यू 1,540 करोड़ रुपये रहा। यह तिमाही आधार पर 2.7% और सालाना आधार पर 10.6% बढ़ा। हालांकि, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 0.5% की तिमाही और 0.9% की सालाना गिरावट दर्ज की गई।

DET कारोबार का EBIT 203 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन 13.2% रहा। वहीं इस सेगमेंट का मुनाफा 141 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही से 2.1% ज्यादा है।

शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ा फोकस

Cyient ने बताया कि तिमाही के दौरान उसका शेयर बायबैक प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा हो गया। साथ ही कंपनी ने TAO Digital Solutions के अधिग्रहण का ऐलान किया, जिससे डेटा और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में उसकी पकड़ मजबूत होगी और ग्राहकों के लिए AI से जुड़े सॉल्यूशंस डेवलप करने में मदद मिलेगी।

कंपनी ने कहा कि Cyient Semiconductors ने लगातार पांचवीं तिमाही में ऑर्गेनिक ग्रोथ दर्ज की है। वहीं Cyient DLM का ऑर्डर बुक अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा बोडानापु ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत कंपनी के लिए मजबूत रही है। पिछले कुछ तिमाहियों में किए गए निवेश अब नतीजों में दिखने लगे हैं। कंपनी AI क्षमताओं, सेमीकंडक्टर और इंजीनियरिंग कारोबार में निवेश बढ़ा रही है ताकि आने वाले वर्षों में तेज ग्रोथ हासिल की जा सके।

Cyient शेयर का हाल

Cyient का शेयर गुरुवार को 1.29% की गिरावट के साथ 832 रुपये पर बंद हुआ। एक साल में स्टॉक 34.98% गिरा है। इसका मार्केट कैप 9.16 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।