‘मुझे ऐसा लगता है जैसे मैंने अपनी कंपनी से 4.7 करोड़ चुराए हैं’, टेक कर्मचारी ने 2 साल तक कुछ काम न करने पर कही बड़ी बात

एक टेक कर्मचारी ने यह दावा करके इंटरनेट यूजर्स को हैरान कर दिया है कि उसने लगभग दो साल तक काम पर लगभग कुछ भी न करते हुए 275,000 डॉलर (करीब 2.6 करोड़ रुपये) की सालाना सैलरी कमाई। कर्मचारी का अनुमान है कि इस दौरान उसे 500,000 डॉलर (लगभग 4.7 करोड़ रुपये) से ज्यादा का भुगतान किया गया, जबकि उसके पास लगभग कोई जिम्मेदारी नहीं थी।

रेडिट पोस्ट वायरल

रेडिट (Reddit) पर एक पोस्ट में उसने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक में एक बड़ा प्रमोशन कैसे एक अप्रत्याशित मोड़ पर आ गया। कंपनी में अचानक हुए पुनर्गठन (restructuring) के कारण उसके पास न तो कोई सार्थक काम बचा और न ही उसे मैनेजमेंट से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश मिले।

रेडिट के ‘r/corporate’ सबरेडिट पर अपना अनुभव साझा करते हुए कर्मचारी ने कहा- “मुझे ऐसा लगता है जैसे मैंने अपनी कंपनी से 500,000 डॉलर से ज्यादा चुरा लिए हैं।” उसने बताया कि उसने कंपनी में लगभग एक दशक बिताया और इस दौरान पांच अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। हालांकि 2025 की शुरुआत में जो उसके करियर का एक अहम पड़ाव होना चाहिए था, वह अनिश्चितता के एक लंबे दौर में बदल गया।

रेडिट यूजर के अनुसार- उसे एक नई टीम में शामिल होने का ऑफर मिला, जो उसके करियर में एक बड़ा कदम था। लेकिन जिस दिन उसने नई टीम जॉइन की उसी दिन कंपनी में बड़े पैमाने पर पुनर्गठन हुआ, जिसके चलते वे मैनेजर और डायरेक्टर दोनों ही कंपनी छोड़कर चले गए, जिन्होंने उसे काम पर रखा था।

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इस मौके के लिए अपने परिवार को वेस्ट कोस्ट से न्यूयॉर्क शहर ले जाने के बाद उन्होंने एक-दो सप्ताह इंतजार करने का फैसला किया कि नई लीडरशिप के तहत टीम कैसे काम करेगी। हालांकि हालात वैसे नहीं सुधरे जैसी उन्होंने उम्मीद की थी। उन्होंने लिखा- “तो वहां मैं था। साल के लगभग 275,000 डॉलर कमा रहा था एक ऐसी टीम में जहां कोई जिम्मेदारी या मैनेजमेंट का कोई दिशा-निर्देश नहीं था। बस कुछ नहीं कर रहा था।”

ऑफिस के कैफे में बैठकर यूट्यूब और नेटफ्लिक्स देखते थे

कर्मचारी ने बताया कि उनका अनुभव सिर्फ कम काम या कभी-कभार होने वाली मीटिंग्स से कहीं बढ़कर था। उन्होंने बताया कि वे अपने काम के घंटों में ऑफिस के कैफे में बैठकर यूट्यूब और नेटफ्लिक्स देखते थे। न्यूयॉर्क शहर के मशहूर रेस्तरां ढूंढ़ते थे और मैनहट्टन में घूमते-फिरते थे। भले ही यह सुनने में एक बहुत ही शानदार स्थिति लगे, लेकिन उन्होंने कहा कि किसी उद्देश्य का न होना धीरे-धीरे उनके लिए निराशा का कारण बन गया।

रेडिट यूजर ने यह भी बताया कि शुरुआत में उन्होंने सार्थक काम पाने और बिजनेस को बेहतर ढंग से समझने के लिए कई कोशिशें कीं। हालांकि उनका कहना है कि नए मैनेजर की तरफ से कोई खास दिशा-निर्देश नहीं मिले, जिसकी वजह से वे अपने काम से पूरी तरह अलग-थलग महसूस करने लगे।

आखिरकार उसने काम खोजने की नियमित कोशिशें बंद कर दीं और ज्यादातर दिन घर पर ही रहने लगा। उसने बताया कि वह अपने अपार्टमेंट के जिम में समय बिताता था, तरह-तरह के नाश्ते तैयार करता था, बालकनी में बैठकर शहर के नजारे देखते हुए कॉफी पीता था और कॉर्पोरेट जीवन की बेतुकी बातों के बारे में सोचता रहता था।

इस अनुभव ने टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के प्रति उसके नजरिए को भी बदल दिया। उसने कहा कि उसे इस बात से काफी हैरानी हुई कि कोई कर्मचारी इतने लंबे समय तक बिना किसी काम (बिना किसी असाइनमेंट) के रह सकता है और फिर भी उसे अच्छी-खासी सैलरी मिलती रहती है।

टेक कर्मचारी का कहना है कि आखिरकार उसे एक बेहतर रोल मिल गया

इन अजीब हालात के बावजूद कर्मचारी ने तय किया कि वह इस अनचाहे ब्रेक का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करेगा। कई महीनों तक इंटरव्यू देने के बाद उसे हाल ही में उसी कंपनी में एक और पद मिल गया, जिसे उसने अपने करियर में एक बड़ी तरक्की बताया। हालांकि वह इस नए मौके को लेकर उत्साहित था, लेकिन लगभग दो साल तक बिना किसी काम के रहने के बाद फिर से एक चुनौतीपूर्ण रोल में लौटना काफी मुश्किल साबित हुआ।

उन्होंने लिखा, “मुझे यहां आए अभी सिर्फ डेढ़ हफ्ता ही हुआ है और मुझे लगभग 2 साल तक कोई काम न करने का असर अभी से महसूस होने लगा है। मुझे लग रहा है कि मैं काफी पीछे छूट गया हूं और मेरी कार्यक्षमता भी काफी कम हो गई है।” फिर भी उन्होंने कहा कि वे खुश हैं कि उन्हें एक ऐसी भूमिका मिल गई है, जहां वे सार्थक योगदान दे सकते हैं और फिर से कुछ नया सीख सकते हैं।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें बिना ज्यादा काम किए सैलरी लेने पर कोई गिल्ट महसूस हुआ तो उन्होंने माना कि शुरुआत में उन्हें लगा जैसे वे कंपनी पर एक ‘बेवजह का खर्च’ बन गए हैं। ऐसा इसलिए था क्योंकि इससे पहले एक सेल्सपर्सन के तौर पर वे कंपनी के लिए काफी रेवेन्यू (कमाई) लाते थे।

हालांकि समय के साथ उनका यह अपराधबोध गुस्से में बदल गया और फिर उन्होंने स्थिति को स्वीकार कर लिया। आखिरकार उन्होंने इस समय का भरपूर फायदा उठाने का फैसला किया—अपनी पत्नी के साथ अच्छा समय बिताया, न्यूयॉर्क के अलग-अलग रेस्तरां में खाना चखा और खुद को एक बहुत जरूरी मानसिक ब्रेक दिया।

उन्होंने आगे कहा कि इस अनुभव ने उन्हें कॉर्पोरेट टेक्नोलॉजी नौकरियों के बारे में एक अलग नजरिया दिया है। यहां कर्मचारी कभी-कभी कंपनी की व्यवस्था की कमियों के बीच ऐसे छिप सकते हैं कि किसी को पता ही नहीं चलता कि उनकी जिम्मेदारियां क्या हैं।

पोस्ट के अंत में उन्होंने पाठकों को अपने सवाल पूछने के लिए इनवाइट किया। बाद में एक एडिट में उन्होंने अपने जैसे अनुभव साझा करने वाले लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी कहानियां सुनकर उन्हें अपनी स्थिति के बारे में बेहतर महसूस हुआ।

रेडिट यूजर्स ने अपने मिलते-जुलते अनुभव साझा किए

इस कर्मचारी की कहानी पढ़ने के बाद कई रेडिट यूजर्स ने अपने विचार साझा किए। कुछ लोगों को इस स्थिति से जलन हुई तो कुछ ने इस बात पर चिंता जताई कि कोई सार्थक काम न होने से मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। एक यूजर ने कहा, “न्यूयॉर्क में इधर-उधर घूमना किसी सपने जैसा लगता है, लेकिन अगर मेरे हफ्ते में 2 दिन से ज्यादा समय खाली निकल जाए तो मैं पागल होने लगता हूं।”

एक दूसरे यूजर ने कहा, “मैं खुद टेक इंडस्ट्री में काम करता हूं और पूरे दिन व्यस्त रहता हूं, इसलिए आप मेरी ‘ड्रीम जॉब’ जी रहे हैं! बस फर्क इतना है कि अगर मैं आपकी जगह होता तो उस खाली समय का इस्तेमाल अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने और नए सर्टिफिकेशन लेने में करता।”

एक तीसरे यूजर ने कहा, “मैं यहां कुछ पूछने नहीं आया हूं, बस इतना कहना चाहता हूं कि ‘मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है!’ कुछ समय तक तो मजा आता है, लेकिन फिर यह निराशाजनक लगने लगता है। मुझे अभी एक प्रमोशन मिला है और मैं थोड़ा घबराया हुआ हूं क्योंकि अब मुझे सच में काम करना पड़ेगा, लेकिन साथ ही मुझे कुछ नया सीखने और असली काम करने का मौका भी मिलेगा! और हां, अब यह पूरी तरह से रिमोट (घर से काम) नहीं है, बल्कि हाइब्रिड है, जिसे लेकर मैं काफी उत्साहित हूं! और सबसे अच्छी बात यह है कि मैं यूरोप जा रहा हूं।”

Kapil Sharma Show: ‘अगर मुंबई में हां कर देती तो कम खर्चा होता’, प्रपोजल से लेकर शादी…पर्सनल लाइफ तक सैफ-करीना ने किए मजेदार खुलासे

Kapil Sharma Show: सैफ अली खान और करीना कपूर जल्द ही कपिल शर्मा के शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में नजर आने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अपनी शादी की 14वीं सालगिरह के मौके पर नेटफ्लिक्स ने आने वाले एपिसोड का एक प्रोमो जारी किया है, जिसमें दोनों एक दूसरे की आदतों के बारे में मजेदार खुलासे करते दिख रहे हैं।

‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में सैफ अली खान-करीना कपूर

प्रोमो में कपिल इस जोड़े से पूछते हैं कि शादी के 14 साल बाद भी वे इतने ‘हमेशा जवान और फ्रेश’ कैसे दिखते हैं, इसका राज क्या है। सैफ ने तुरंत इसका श्रेय घी को दिया। करीना ने आगे बताया कि वे घर पर काफी घी खाते हैं। करीना ने कहा, “हमारे पास घी है, हमारे बच्चे इसे खाते हैं।” लेकिन सैफ ने बीच में ही उनकी एक आदत के बारे में बहुत मजेदार बात बता दी। उन्होंने कहा, “वह इसे सिर्फ खाती ही नहीं है, बल्कि रात को अपने पैरों पर भी लगाती है।” करीना ने तुरंत कहा, “इससे बहुत फायदा होता है।”

इसके बाद सैफ ने दर्शकों को खूब हंसाया। उन्होंने कहा- “सोचिए कितना रोमांटिक माहौल है और रात को हमारे बेडरूम से ढाबे जैसी महक आ रही है।” फिर कपिल ने अर्चना पूरन सिंह के बारे में मजाक किया कि वह अपने पैरों पर घी लगाती हैं और बाद में उसी घी का इस्तेमाल अपनी चपाती पर भी करती हैं। यह एपिसोड इस शनिवार 17 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर आएगा।

वहीं जब प्रोमो में करीना ने बताया की उन्होंने सैफ के प्रपोजल पर तुरंत हां नहीं कहा था, उन्होंने उन्हें तीन बार प्रपोज किया तब जाके मैंने हां बोला था। तब सैफ ने कहा कि पहली बार में हां कह देती तो मेरा खर्चा कम होता। वहीं दोनों ने एक दूसरे की सोने के समय खर्राटें लेने की आदतों का भी खुलासा किया।

फैंस ने आने वाले एपिसोड को लेकर अपना उत्साह जाहिर किया। एक कमेंट में लिखा था- “मुझे लगा था कि KBC पर सैफ का रिएक्शन ताना मारने वाला था, लेकिन अब मुझे सच में लगता है कि वह घी फिर से मिलने पर वाकई खुश थे, हाहा।” एक और फैन ने लिखा-“मैं इसे सैफ के मजाकिया अंदाज के लिए देखने जा रहा हूं।” एक तीसरे फैन ने कमेंट किया, “मुझे लगता है कि करीना एकदम देसी पत्नी हैं।” एक और ने लिखा, “ये दोनों बहुत पसंद हैं।”

अपनी सालगिरह के मौके पर इस कपल ने सोशल मीडिया पर दिल छू लेने वाली पोस्ट शेयर कीं। करीना ने इंस्टाग्राम पर सैफ के साथ कुछ अनदेखी तस्वीरें शेयर कीं और लिखा, “एक और साल बीत गया। आगे भी ऐसे ही साथ रहना है।” हाल ही में इंस्टाग्राम पर कदम रखने वाले सैफ ने भी करीना और अपने बच्चों के साथ तस्वीरें शेयर कीं और लिखा, “ये हुई ना बात, एकदम परफेक्ट!! सालगिरह मुबारक हो, लव।”

करीना और सैफ ने पांच साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद 16 अक्टूबर 2012 को मुंबई में शादी कर ली थी। दोनों पहली बार फिल्म ‘टशन’ (2008) की शूटिंग के दौरान एक-दूसरे के करीब आए थे। इस कपल ने अपनी रजिस्टर्ड शादी को प्राइवेट रखा और यह समारोह बांद्रा स्थित सैफ के घर पर हुआ। अब उनके दो बेटे हैं – तैमूर और जेह।

करीना कपूर और सैफ अली खान की हालिया फिल्मों के बारे में

करीना को आखिरी बार मेघना गुलज़ार की फिल्म ‘दायरा’ में देखा गया था, जिसमें पृथ्वीराज सुकुमारन भी मुख्य भूमिका में थे। पुलिस ड्रामा पर आधारित इस फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों से अच्छे रिव्यू मिले। वहीं सैफ फिल्म ‘हैवान’ में नज़र आए। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अक्षय कुमार और सैयामी खेर भी अहम भूमिकाओं में थे।

TomTom Layoffs: नीदरलैंड की कंपनी फिर करेगी छंटनी, इस बार 200 लोगों की जा सकती है नौकरी

नीदरलैंड्स की लोकेशन डेटा कंपनी टॉमटॉम एनवी (TomTom NV) एक बार फिर रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है। इसके तहत वैश्विक स्तर पर 200 नौकरियां कम की जाएंगी। इससे सालाना लगभग 2.1 करोड़ यूरो (2.36 करोड़ डॉलर) की बचत होने की उम्मीद है। यह बात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कही गई है। कंपनी AI को अपनाने के लिए पहले ही साल 2025 में 300 नौकरियां कम कर चुकी है। टॉमटॉम अब नए ड्राइविंग समाधान विकसित करने के लिए धीरे-धीरे अपना फोकस पार्टनरशिप्स पर शिफ्ट कर रही है।

इसके तहत कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ जेनरेटिव AI पर और मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के साथ ऑटोमेटेड ड्राइविंग पर काम कर रही है। टॉमटॉम अपने नए मैपिंग प्लेटफॉर्म ‘टॉमटॉम ऑर्बिस’ (TomTom Orbis) में निवेश भी कर रही है। TomTom का शेयर इस साल अब तक लगभग 30 प्रतिशत नीचे आया है।

ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस बढ़ाया

रॉयटर्स के मुताबिक, कंपनी ने 2026 के लिए अपने ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 4 प्रतिशत कर दिया है। इसमें चौथी तिमाही में होने वाले 1.5 करोड़ यूरो के रीस्ट्रक्चरिंग खर्च का प्रभाव भी शामिल है। टॉमटॉम ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू के अनुमान को भी रिवाइज किया है। अब रेवेन्यू 50.5 करोड़ से 53 करोड़ यूरो के बीच रहने की उम्मीद है। पहले यह अनुमान 49.5 करोड़ से 55.5 करोड़ यूरो के बीच था। तीसरी तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में टॉमटॉम का रेवेन्यू गिरकर लगभग 13 करोड़ यूरो रह गया। यह कंपनी के अनुमान से कम है।

Kroger Layoffs: अमेरिकी ग्रॉसरी चेन में फिर छंटनी की तैयारी, 3000 जॉब हो सकती हैं कट

नेटफ्लिक्स में 1000 लोगों की छंटनी

नेटफ्लिक्स अपने 6% कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। लगभग 1,000 लोगों की नौकरी जाने वाली है। यह साल 2022 के बाद से कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी छंटनी है। रॉयटर्स के मुताबिक, यह जानकारी को-CEO ग्रेग पीटर्स और टेड सारंडोस की ओर से कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल से सामने आई है। छंटनी मुख्य रूप से नेटफ्लिक्स की प्रोडक्ट, टेक, लीगल और ह्यूमन रिसोर्सेज टीमों में होगी। पिछले साल के अंत में कंपनी के पास लगभग 16,000 कर्मचारी थे।

OTT Watchlist: ‘दिल पड़ोसी’ से लेकर ‘शायद यही है प्यार’ तक, अक्टूबर की अपनी वॉचलिस्ट में शामिल करें फिल्में और सीरीज

OTT Watchlist: अगर आप कुछ नया देखने की तलाश में हैं तो आने वाले समय में OTT पर बहुत कुछ नया आने वाला है। छोटे शहरों के रिश्तों पर आधारित ड्रामा और मॉर्डन अटरेक्शन की कहानियों से लेकर, इंटेंस रोमांटिक थ्रिलर तक-यहां 5 ऐसे टाइटल्स हैं जिन्हें आप शेमारूमी (ShemarooMe), नेटफ्लिक्स, ज़ी5 (ZEE5), अमेजन प्राइम वीडियो और जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर अपनी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

1. दिल पड़ोसी – शेमारूमी (ShemarooMe)-15 अक्टूबर, 2026

एक शांत छोटे शहर की बैकग्राउंड पर बेस्ड ‘दिल पड़ोसी’ अटरेक्शन, रिश्तों और उन अनपेक्षित तरीकों की पड़ताल करती है, जिनसे कोई दूसरा व्यक्ति आपकी जिंदगी की दिशा बदल सकता है। कहानी दो जोड़ों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी तब बदलने लगती है जब एक युवा और मॉर्डन कपल उनके पड़ोस में रहने आता है। नायरा एम. बनर्जी, प्रणव कुमार, शिवानी सिंह और जय तलवार अभिनीत यह सीरीज शादी, चाहत और खुद को पहचानने (self-discovery) के सफर को दिखाती है।

2. शायद यही है प्यार- जियोहॉटस्टार (JioHotstar)-28 सितंबर, 2026

यह हिंदी रोमांटिक ड्रामा प्रीति नाम की 35 वर्षीय महिला की कहानी है, जो एक टॉक्सिक रिश्ते से बाहर निकलने के बाद अपनी जिंदगी को फिर से संवार रही है। जब वह खुद को फिर से खोजने पर ध्यान दे रही होती है, तभी अचानक उसे आरव से गहरा लगाव हो जाता है। आरव उससे उम्र में छोटा है और उसका आना प्रीति की नजदीकी, जिंदगी में दूसरे मौके और उम्र के फासले वाले रोमांस को लेकर बनी सोच को चुनौती देता है।

3. #लव (#Love) – नेटफ्लिक्स-2 अक्टूबर, 2026

बालाजी मोहन द्वारा निर्देशित और सौंदर्या रजनीकांत द्वारा निर्मित यह rom-com दो कॉम्पटीटर डेटिंग ऐप फाउंडर्स की कहानी है। एक ऐप ‘डीप कम्पैटिबिलिटी एल्गोरिदम’ (गहरी अनुकूलता वाले एल्गोरिदम) पर आधारित है, जबकि दूसरा ऐप केवल ‘आकर्षण’ (attraction) पर जोर देता है। एक दोस्ताना शर्त अचानक एक ऐसे रोमांस में बदल जाती है, जिसका अंदाजा कोई भी एल्गोरिदम नहीं लगा सकता था।

4. रोमांचकम (Romanchakam)– नेटफ्लिक्स-1 अक्टूबर, 2026

यह लाइव रोमांटिक-कॉमेडी आधुनिक डेटिंग और युवाओं के रिश्तों को एक नए और मजेदार अंदाज में पेश करती है। यह सीरीज उन युवाओं के उतार-चढ़ाव भरे बेहद मजेदार और दिल छू लेने वाले अनुभवों को दिखाती है, जो अपने करियर के लक्ष्यों और नए-नए पनप रहे रोमांस के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

5. पूजा मेरी जान (Pooja Meri Jaan)– ZEE5-2 अक्टूबर, 2026

जो दर्शक इमोशनल रोमांटिक थ्रिलर पसंद करते हैं, उनके लिए यह कहानी एक ऐसे प्रपोजल के रिजेक्शन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बाद में बेकाबू हो जाता है। जब जुनून (ob्सेशन) हद से बढ़ जाता है, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आते हैं—जिसमें कोर्ट-कचहरी के ड्रामे और रिश्तों से जुड़े ऐसे राज खुलते हैं, जो इसमें शामिल सभी लोगों के लिए खतरा बन जाते हैं।

Manoj Bajpayee: मनोज बाजपेई स्टारर ‘घूसखोर पंडित’ का बदला टाइटल, अब इस नाम से रिलीज होगी फिल्म

Manoj Bajpayee: मनोज बाजपेयी और फिल्म निर्माता नीरज पांडे की फिल्म “घूसखोर पंडित” का नाम बदलकर अब “गजब रात” कर दिया गया है। यह फिल्म 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। नेटफ्लिक्स ने गुरुवार को एक प्रेस रिलीज में बताया कि रितेश शाह द्वारा निर्देशित और पांडे के बैनर ‘फ्राइडे स्टोरीटेलर्स’ द्वारा निर्मित यह क्राइम थ्रिलर एक ऐसे पुलिस अधिकारी की कहानी है, जो अपने निजी फायदे और सही काम करने के बीच फंसा हुआ है।

फिल्म में साकिब सलीम, श्रद्धा दास, अक्षय ओबेरॉय, दिव्या दत्ता, कीकू शारदा और नुसरत भरूचा भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। “गजब रात” के जरिए मनोज बाजपेयी और नीरज पांडे लगभग एक दशक बाद फिर से साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले भी वे एक फिल्म पर साथ काम कर चुके हैं।

मनोज बाजपेयी ने एक बयान में कहा, “नेटफ्लिक्स के साथ मेरा जुड़ाव एक रोमांचक सफर रहा है। ‘गजब रात’ एक ऐसा प्रोजेक्ट है जिसका हिस्सा बनकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।” बता दें कि बाजपेयी ने नेटफ्लिक्स की 2025 में आने वाली फिल्म “इंस्पेक्टर जेंडे” में भी काम किया है।

उन्होंने आगे कहा, “मुझे हमेशा ऐसे किरदार पसंद आते हैं, जिन्हें आसानी से परिभाषित नहीं किया जा सकता। इस फिल्म ने मुझे एक ऐसी दुनिया में जाने का मौका दिया, जो सस्पेंस, तनाव और जवाबदेही के सवालों से भरी है। इस कहानी की सबसे खास बात यह है कि जैसे-जैसे रात आगे बढ़ती है, किरदारों के इरादे धीरे-धीरे सामने आते जाते हैं।”

“खाकी” फ्रेंचाइजी, “सिकंदर का मुकद्दर” और हाल ही में रिलीज हुए शो “तस्करी” की सफलता के बाद, “गजब रात” के जरिए नीरज पांडे का नेटफ्लिक्स के साथ क्रिएटिव जुड़ाव आगे बढ़ रहा है।

फिल्म निर्माता और प्रोड्यूसर ने कहा, “मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि एक दिलचस्प कहानी सिर्फ आपको उलझाए ही नहीं, बल्कि आपको सोचने पर भी मजबूर करे। ‘गजब रात’ एक ऐसी थ्रिलर है, जिसमें लोग ऐसे फैसले लेते हैं जो उन्हें एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करते हैं, जहां कोई आसान जवाब नहीं मिलता। फिल्म में तनाव न केवल उन नैतिक दुविधाओं से पैदा होता है जिनका सामना किरदार करते हैं, बल्कि उन घटनाओं से भी आता है जो एक ही रात के दौरान घटित होती हैं।”

उन्होंने आगे कहा- “मनोज के साथ फिर से काम करना और रितेश को एक निर्देशक के रूप में पेश करना, इस प्रोजेक्ट का एक और रोमांचक पहलू था। मुझे उम्मीद है कि दर्शक नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म का आनंद लेंगे।” शाह, जिन्होंने ‘कहानी’, ‘पिंक’, ‘एयरलिफ्ट’ और ‘रेड’ जैसी फिल्मों में लेखक के तौर पर काम किया है, ने बताया कि वे थ्रिलर फिल्मों के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं।

उन्होंने कहा, “ऐसी फिल्में आपको एक ऐसी स्थिति में ले जाती हैं जहाँ आप हमेशा सोचते रहते हैं कि आगे क्या होगा; ‘गजब रात’ की शुरुआत भी यहीं से हुई। कहानी एक ही रात में घटती है, इसलिए हमारे पास एक तरह की जल्दबाजी (urgency) पैदा करने और जैसे-जैसे घटनाएं आगे बढ़ें, तनाव को और बढ़ाने का मौका था… मुझे इंतजार है कि दर्शक इस फिल्म को देखें और खुद इस कहानी का अनुभव करें।”

नेटफ्लिक्स ने इस साल फरवरी में ‘घूसखोर पंडित’ नाम से इस फिल्म की घोषणा की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ। कई यूजर्स, राजनेताओं और संगठनों ने इसे “जातिवादी और आपत्तिजनक” करार दिया। इस विवाद के चलते FIR दर्ज की गईं और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को एक नोटिस भेजा। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, जहां निर्माताओं ने अदालत को बताया कि फिल्म का शीर्षक बदल दिया जाएगा।

OTT Crime Thrillers: अगर आप भी हैं डिजिटल क्राइम थ्रिलर्स के दीवाने, ओटीटी पर इन फिल्मों और सीरीज का उठा सकते हैं लुत्फ

OTT Crime Thrillers: इन्फ्लुएंसर अंकुश बहुगुणा के 40 घंटे के ‘डिजिटल-अरेस्ट’ के बुरे अनुभव से लेकर हाल ही में जाह्नवी कपूर के AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो तक, भारत में डिजिटल धोखाधड़ी एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। जहां एक घटना साइबर फ्रॉड और आर्थिक शोषण के खतरे को उजागर करती है, वहीं दूसरी यह दिखाती है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत इस्तेमाल करके तस्वीरों में हेरफेर की जा सकती है और लोगों की प्राइवेसी का उल्लंघन किया जा सकता है।

ऐसी घटनाएं टेक्नोलॉजी के बुरे पहलुओं को सामने लाती हैं। इसलिए भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री भी दिलचस्प ड्रामा, थ्रिलर और डॉक्युसीरीज के जरिए इन विषयों को दिखा रही है। फिशिंग नेटवर्क से लेकर फाइनेंशियल स्कैम और AI-आधारित हेरफेर तक, यहा कुछ ऐसे भारतीय शो और फिल्में हैं, जो डिजिटल धोखाधड़ी के कई रूपों पर रोशनी डालते हैं।

1. स्कैम 1992 द हर्षद मेहता स्टोरी-Sony LIV

1992 के सिक्योरिटीज स्कैम पर आधारित, ‘स्कैम 1992’ स्टॉकब्रोकर हर्षद मेहता के उत्थान और पतन की कहानी है। हर्षद मेहता मुंबई के स्टॉक मार्केट में मशहूर हुए थे, लेकिन बाद में भारत के सबसे कुख्यात फाइनेंशियल स्कैम में फंस गए। प्रतीक गांधी अभिनीत और हंसल मेहता द्वारा निर्देशित यह सीरीज बैंकिंग की कमियों, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और उन मीडिया इन्वेस्टिगेशन को दिखाती है, जिनकी वजह से यह स्कैम सबके सामने आया। पत्रकार सुचेता दलाल और देबाशीष बसु की किताब ‘द स्कैम हू वॉन, हू लॉस्ट, हू गॉट अवे’ पर आधारित यह सीरीज फाइनेंशियल मार्केट की जटिलताओं और सिस्टम की कमियों का फायदा उठाने के नतीजों की झलक दिखाती है। यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि स्कैम तब पनपते हैं जब लोग और संस्थाएँ उन सिस्टम पर सवाल नहीं उठाते जिन पर वे भरोसा करते हैं।

2. CTRL- Netflix

अनन्या पांडे और विहान सामत अभिनीत, ‘CTRL’ एक इन्फ्लुएंसर की कहानी है, जो अपनी डिजिटल जिंदगी से अपने एक्स-बॉयफ्रेंड की यादें मिटाने के लिए एक AI ऐप का सहारा लेती है। लेकिन बाद में उसे पता चलता है कि उस टेक्नोलॉजी का मकसद बहुत खतरनाक है। विक्रमादित्य मोटवाने द्वारा निर्देशित यह नेटफ्लिक्स थ्रिलर दिखाती है कि कैसे पर्सनल डेटा, AI टूल्स और टेक्नोलॉजी पर बढ़ती निर्भरता का इस्तेमाल लोगों को मैनिपुलेट करने के लिए किया जा सकता है।

3. स्कैम 2003 द तेलगी स्टोरी- Sony LIV

स्टॉक मार्केट से नकली कागजात के मामले की ओर बढ़ते हुए, ‘स्कैम 2003 द तेलगी स्टोरी’ अब्दुल करीम तेलगी के स्टाम्प पेपर के नकली कारोबार की कहानी दिखाती है। गगन देव रियार की मुख्य भूमिका वाली यह सीरीज दिखाती है कि कैसे स्टाम्प पेपर सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर यह रैकेट एक बड़े नेटवर्क में बदल गया। पत्रकार संजय सिंह की किताब ‘तेलगी स्कैम: रिपोर्टर्स डायरी’ पर आधारित यह शो इस कारोबार के दायरे और उस नेटवर्क के बारे में बताता है जिसने इसे एक बड़े फाइनेंशियल स्कैम में बदल दिया।

4. जामताड़ा सबका नंबर आएगा-Netflix

बड़े फाइनेंशियल संस्थानों से हटकर आम फोन यूजर्स पर फोकस करते हुए, ‘जामताड़ा सबका नंबर आएगा’ झारखंड के जामताड़ा शहर से जुड़े फिशिंग स्कैम की कहानी दिखाती है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए बदनाम है। यह क्राइम ड्रामा उन युवा लड़कों की कहानी है जो फोन कॉल के जरिए अनजान लोगों को धोखा देकर उनकी जरूरी बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं।

5. बैड बॉय बिलियनेयर्स इंडिया-Netflix

यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज विजय माल्या, नीरव मोदी और सुब्रत रॉय जैसे मशहूर भारतीय बिजनेस दिग्गजों से जुड़े विवादों और आरोपों की पड़ताल करती है। आर्काइवल फ़ुटेज, इंटरव्यू और इन्वेस्टिगेटिव स्टोरीटेलिंग के जरिए, यह ताकतवर बिजनेस एम्पायर के बनने और उसके बाद हुए कानूनी और फाइनेंशियल विवादों को दिखाती है।

Imran Khan: इमरान खान ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ से करने जा रहे कमबैक, दिसंबर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी फिल्म

Imran Khan: इमरान खान ने आखिरकार अपनी आने वाली फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ की रिलीज डेट कन्फर्म कर दी है। बड़े पर्दे पर इमरान खान की वापसी बॉलीवुड की सबसे चर्चित वापसी कहानियों में से एक रही है। ‘कट्टी बट्टी’ (2015) के बाद से ही यह एक्टर फिल्मों से काफी हद तक दूर रहे हैं, जिससे फैन्स यह सोचते रहे कि वे कब किसी प्रोजेक्ट में लीड रोल में नजर आएंगे।

इमरान ने अब हिंदुस्तान टाइम्स को बताया-“हमें बताया गया है कि वे इसे दिसंबर 18 को रिलीज करना चाहते हैं। इसलिए हम पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह OTT पर रिलीज होगी, न कि सिनेमाघरों में। इसलिए मुझे नहीं लगता कि तारीख से कोई फर्क पड़ता है। मैं बस इस बात से खुश हूं कि आखिरकार हम यह फिल्म सभी के साथ शेयर कर सकते हैं।”

हालांकि इमरान ने इस साल की शुरुआत में वीर दास की फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ में एक छोटा सा रोल करके दर्शकों को चौंका दिया था। लेकिन लीड एक्टर के तौर पर उनकी वापसी एक राज बनी हुई थी। अब एक्टर ने आखिरकार कन्फर्म कर दिया है कि उनकी वापसी वाली फ़िल्म इस साल क्रिसमस से पहले रिलीज होगी। यह फिल्म नेटफिलिक्स पर उपलब्ध होगी।

इमरान के अलावा इस फिल्म में भूमि पेडनेकर और गुरफतेह पीरजादा भी हैं। इसे दानिश असलम ने डायरेक्ट किया है। इससे पहले ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ के साथ बातचीत में इमरान ने इस फिल्म को “एक मैच्योर रोमांटिक कॉमेडी… जो मेरी मौजूदा उम्र के हिसाब से सही है” बताया था।

इससे पहले News18 से बात करते हुए इमरान ने बताया था कि ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ टाइटल ‘ब्रेक के बाद’ फिल्म के एक गाने से लिया गया है। हालांकि यह फिल्म ‘ब्रेक के बाद’ का सीक्वल नहीं है। लेकिन वे इसे उसका ‘स्पिरिचुअल सक्सेसर’ (आध्यात्मिक उत्तराधिकारी) मानते हैं। इसमें ‘ब्रेक के बाद’ की झलक भी शामिल की है। कहा जा रहा है कि यह एक मैच्योर रोमांटिक कॉमेडी है जो इमरान के निजी जीवन के अनुभवों—जैसे शादी और अलगाव—पर काफी हद तक आधारित है, जिससे यह एक्टर के लिए एक बहुत ही पर्सनल प्रोजेक्ट बन गया है।

इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बारे में बात करते हुए, इमरान ने कहा कि उन्हें फिल्म बनाने की इच्छा हुई और उनके मन में कुछ ऐसे विषय थे जिन पर वे काम करना चाहते थे। वे पहले से ही दानिश की सोच और काम करने के तरीके से वाकिफ थे, इसलिए उन्होंने एक प्रोजेक्ट पर साथ काम करने के लिए उनसे संपर्क किया और दानिश ने भी पूरे उत्साह के साथ हामी भरी। दानिश पिछले लगभग एक दशक से अपने मन में एक कहानी पर काम कर रहे थे। इमरान को वह कहानी तुरंत पसंद आ गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर इस फिल्म को बनाने का फैसला किया।

Netflix Layoffs: OTT प्लेटफॉर्म में फिर होगी छंटनी! 5% कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी

नेटफ्लिक्स (Netflix) में एक बार फिर छंटनी होने जा रही है। इस बार लगभग 5 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है। इसकी घोषणा अगले हफ्ते तक हो सकती है। यह बात पक न्यूज (Puck News) की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कही गई है। पिछले साल के आखिर में नेटफ्लिक्स के पास लगभग 16,000 फुल-टाइम कर्मचारी थे। कंपनी एक ऑन डिमांड ओवर द टॉप स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है। सब्सक्रिप्शन के जरिए इस प्लेटफॉर्म पर टीवी शो, फिल्म, डॉक्युमेंट्री, गेम्स, एनीमे, गेम्स आदि का मजा लिया जा सकता है।

स्ट्रीमिंग मार्केट में कॉम्पिटीशन तेजी से बढ़ रहा है। मीडिया कंपनियां कंसोलिडेटेड हो रही हैं और यूट्यूब (YouTube) व्यूअरशिप और विज्ञापन पर होने वाले खर्च का एक बड़ा हिस्सा हासिल कर रहा है। नेटफ्लिक्स अपने रेवेन्यू के सोर्स बढ़ाने के लिए सब्सक्रिप्शन बिजनेस से आगे बढ़कर विज्ञापन, लाइव प्रोग्रामिंग और गेमिंग में भी निवेश कर रही है।

2022 में निकाले थे सैकड़ों कर्मचारी

इससे पहले नेटफ्लिक्स ने साल 2022 में बड़े पैमाने पर छंटनी की थी। उस वक्त कंपनी ने धीमी ग्रोथ और सब्सक्राइबर घटने के कारण सैकड़ों नौकरियां खत्म कर दी थीं। एक दशक से ज्यादा समय में पहली बार नेटफ्लिक्स के ग्राहकों में भारी गिरावट देखी गई थी।

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Amazon ने लगभग 1000 लोगों को निकाला

ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन ने भी एक बार फिर छंटनी की है। हाल ही में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी ने कुछ नौकरियां कम की हैं, खासकर अपनी ‘स्टोर्स’ यूनिट में। यह यूनिट मुख्य ई-कॉमर्स वेबसाइट को देखती है। इंटरनल स्लैक चैनल से सामने आया है कि कस्टमर सर्विस और सेलिंग पार्टनर सर्विसेज समेत स्टोर्स के कई डिवीजन पर छंटनी का असर पड़ा है। हो सकता है कि एमेजॉन की दूसरी यूनिट्स के कर्मचारी भी इस जॉब कट से प्रभावित हुए हों।

नौकरी गंवाने वालों में अमेरिका, भारत और यूके के कर्मचारी शामिल हैं। इस बार एमेजॉन द्वारा निकाले गए व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों की संख्या 1,000 से कम बताई जा रही है। पिछले साल कंपनी ने बड़े पैमाने पर छंटनी की थी और 30,000 नौकरियां कम की थीं। यह सिलसिला इस साल जनवरी तक चला था।

Sanjay Gupta: एंटी-स्मोकिंग विज्ञापनों का क्या? संजय गुप्ता ने रणबीर कपूर, रणवीर सिंह से लेकर विक्की कौशल के स्मोकिंग वाले पोस्टर्स पर उठाए सवाल

Sanjay Gupta: फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में हीरो की ऑन-स्क्रीन इमेज और खासकर पोस्टर्स में स्मोकिंग के लगातार इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। रविवार को डायरेक्टर ने संदीप रेड्डी वांगा की ‘एनिमल’ में रणबीर कपूर, आदित्य धर की ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह और संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ में विक्की कौशल के पोस्टर्स शेयर किए, जिनमें तीनों एक्टर्स अपने-अपने लुक्स में स्मोकिंग करते हुए दिख रहे हैं।

X पर उन्होंने क्या कहा

संजय ने रविवार को X पर तीनों एक्टर्स का एक कोलाज शेयर किया। उनकी पोस्ट में उन एंटी-स्मोकिंग मैसेज पर सवाल उठाया गया, जो दर्शकों को थिएटर में फिल्मों से पहले और फिल्म के दौरान दिखाए जाते हैं, जबकि पोस्टर्स पर स्मोकिंग की इजाजत होती है। उन्होंने पूछा, “जब फिल्मों के पोस्टर्स ऐसे होते हैं तो फिल्मों से पहले और बीच में दिखाए जाने वाले उन बुरे एंटी-स्मोकिंग रील्स का क्या मतलब है, जिन्हें हमें झेलना पड़ता है?”

इस पोस्ट के बाद कमेंट्स में चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने गुप्ता की 2002 की फिल्म ‘कांटे’ का जिक्र किया और फिल्म के एक गाने की ओर इशारा किया, जिसमें स्मोकिंग का जिक्र है। यूजर ने लिखा, “हैरानी की बात है कि यह बात ‘कांटे’ फिल्म के डायरेक्टर कह रहे हैं, जिसकी एक फिल्म में गाना है – ‘सिगरेट के धुएं का छल्ला बनाकर, कॉलर को थोड़ा सा ऊपर चढ़ाकर’… कितनी अजीब बात है।”

उन्होंने सीधे उस कमेंट का जवाब देते हुए कहा कि उस समय स्मोकिंग से जुड़े नियम और लोगों तक पहुंचाए जाने वाले मैसेज अलग थे। उन्होंने लिखा, “तब स्मोकिंग न करने वाले विज्ञापन नहीं होते थे, जीनियस।”

इंटरनेट पर चर्चा हो गई शुरू

कई अन्य यूजर्स भी चर्चा में शामिल हुए और फिल्मों में स्मोकिंग के इस्तेमाल को लेकर फिल्ममेकर की चिंता से सहमत दिखे। एक व्यक्ति ने इस स्थिति की तुलना स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट देखते समय दर्शकों को दिखाई जाने वाली वॉर्निंग से की और लिखा, “यह एक मजाक है, यह नेटफ्लिक्स और एप्पल पर शो देखने और शराब पीने के बारे में वॉर्निंग मिलने जैसा है।”

एक अन्य यूजर ने भारतीय सिनेमा में सिगरेट और मर्दानगी के बीच बार-बार दिखाए जाने वाले संबंध पर सवाल उठाया। कमेंट में लिखा था, “क्योंकि इन लोगों को लगता है कि सिगरेट ही वो चीज है जो किसी आदमी को मर्दाना दिखाती है। यह क्रिएटिविटी की कमी है। भारत की सभी फिल्म इंडस्ट्रीज ‘मर्दानगी की चापलूसी’ का शिकार हैं। कंटेंट, कहानी और क्रिएटिविटी भाड़ में जाए।” एक और यूजर ने उनकी बात का समर्थन करते हुए लिखा, “पूरी तरह सहमत हूं, बिल्कुल सही बात है।”

CBFC के नए नियम

यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब फिल्मों में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को लेकर नियम कड़े किए जा रहे हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने स्क्रीन पर क्या दिखाया जा सकता है और कुछ विषयों को कैसे दिखाया जाना चाहिए, इसके लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 16 सितंबर को सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत इन नए नियमों की घोषणा की। इन नियमों के तहत, नशीले पदार्थों को दिखाने वाली फिल्मों में ड्रग्स के ख़िलाफ चेतावनी दिखाना जरूरी कर दिया गया है। साथ ही, हिंसा, संवेदनशील विषयों और ऐसे कंटेंट पर पाबंदियों को भी दोहराया गया है, जो दूसरे देशों के साथ भारत के रिश्तों पर असर डाल सकते हैं। ये बदलाव केंद्र सरकार द्वारा 18 सदस्यों वाले नए बोर्ड के साथ CBFC के पुनर्गठन के साथ ही किए गए हैं।

सबसे बड़े बदलावों में से एक है उन फिल्मों के लिए जरूरी चेतावनी का नियम, जिनमें नशीले पदार्थों या साइकोट्रोपिक पदार्थों के सेवन, इस्तेमाल या तस्करी को दिखाया जाता है। ऐसे दृश्यों में अब स्क्रीन पर यह संदेश दिखाना होग-: “अवैध नशीले पदार्थ सेहत को बर्बाद करते हैं और जेल की सजा दिलाते हैं। ड्रग्स को ना कहें।”

OTT Releases This Week: हुंकार, शक से लेकर टॉक्सिक तक, इस हफ्ते ओटीटी पर ये फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

OTT Releases This Week: सितंबर के आखिरी वीक में स्ट्रीमिंग कैलेंडर में बहुत सारी नई चीजें आ रही हैं। कोर्टरूम ड्रामा, साइकोलॉजिकल मिस्ट्री, गैंगस्टर कहानियां, टीनएज रोमांस और सच्ची घटनाओं पर आधारित क्राइम ड्रामा – ये सभी दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। यहां 22 सितंबर से 26 सितंबर के बीच आने वाली OTT फिल्मों और सीरीज की पूरी लिस्ट दी गई है।

हुंकार द रोर – JioHotstar, 25 सितंबर

‘सैयारा’ में शानदार काम करने के बाद अनीट पड्डा इस सोशल-कोर्टरूम थ्रिलर में एक बहुत ही गंभीर और डार्क किरदार निभा रही हैं। इसे प्रियंका चोपड़ा की ‘पर्पल पेबल पिक्चर्स’ ने ‘अप्लाज एंटरटेनमेंट’ और ‘बिड़ला स्टूडियोज’ के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। पड्डा इसमें मीनू रावत का किरदार निभा रही हैं, जो 17 साल की है। फातिमा सना शेख फिल्म में एक सख्त पुलिस अफसर का रोल निभा रही हैं, जो इस केस में शामिल हो जाती हैं, जबकि मोहम्मद जीशान अय्यूब, अर्जुन माथुर, रघुबीर यादव और राम कपूर अहम किरदारों में हैं।

शक ट्रस्ट नो वन – नेटफ्लिक्स, 24 सितंबर

परिणीति चोपड़ा एक ऐसी मिस्ट्री-सीरीज से अपना डेब्यू कर रही हैं, जो हर माता-पिता के सबसे बुरे सपने और एक दर्दनाक सवाल पर आधारित है। क्या होता है जब उम्मीद ही शक की वजह बन जाए? फिल्म में जेनिफर विंगेट, ताहिर राज भसीन, सोनी राजदान, सुमीत व्यास, अनूप सोनी और हरलीन सेठी भी चोपड़ा के साथ इस बड़ी कास्ट का हिस्सा हैं।

टॉक्सिक अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स – जी5, 25 सितंबर

गीतू मोहनदास ‘टॉक्सिक अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ के साथ आजादी के बाद के गोवा की अंधेरी अंडरवर्ल्ड दुनिया में ले जाती हैं। यह यश की मुख्य भूमिका वाली एक बड़ी गैंगस्टर ड्रामा फिल्म है। यश राया और रूमी की दोहरी भूमिकाओं में नजर आते हैं और नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे बड़े कलाकारों की टीम को लीड करते हैं।

डोंट बी शाई – प्राइम वीडियो, 25 सितंबर

आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट का प्रोडक्शन हाउस ‘इटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस’ इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म के जरिए चार नए युवा एक्टर्स को पेश कर रहा है। यह फिल्म दिखाती है कि जिंदगी अक्सर हमारी बनाई योजनाओं के हिसाब से नहीं चलती और यह बात कितनी अजीब और दिलचस्प हो सकती है। आरुषि बजाज, पीयूष खटी, अंश दुग्गल के अलावा फिल्म में कुणाल रॉय कपूर, अनुराग बसु, नेहा धूपिया और अंजू अल्वा नाइक भी नजर आएंगे।

राइज एंड फॉल सीजन 2 – प्राइम वीडियो, 26 सितंबर

‘राइज एंड फॉल’ का दूसरा सीजन आ रहा है, जिसे पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग होस्ट करेंगे। इस रियलिटी कॉम्पिटिशन में 15 कंटेस्टेंट को एक ऐसे सोशल स्ट्रक्चर में रखा जाता है, जो जानबूझकर अस्थिर होता है और जहां किसी की भी पोजिशन पक्की नहीं होती। पार्टिसिपेंट्स को एक ऐसे फॉर्मेट में खेलना होता है जहां पावर कभी भी बदल सकती है।