Alpha OTT release: सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर दस्तक देने जा रही ‘ऐल्फा’, जानें कब और कहां देख सकेंगे फिल्म

Alpha OTT release: आलिया भट्ट और शरवरी की फिल्म ‘ऐल्फा’ आखिरकार OTT पर आ रही है, जिससे फ़ैन्स को घर बैठे इस एक्शन-पैक्ड स्पाई थ्रिलर को देखने का एक और मौका मिलेगा। YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-प्रधान फ़िल्म, ‘ऐल्फा’ सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के बाद नेटफ़्लिक्स पर प्रीमियर होगी। शिव रवैल के निर्देशन में बनी ‘ऐल्फा’ 3 जुलाई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इसमें आलिया और शरवरी ने दो ऐसी जासूसों की भूमिका निभाई थी जो एक बड़े और अहम मिशन में फंसी हुई थीं। यह मिशन बड़ी स्पाई फ़्रैंचाइज़ी से जुड़ा हुआ था। हालांकि, बॉक्स ऑफ़िस पर फ़िल्म का प्रदर्शन औसत रहा और कहानी को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।

कहां और कब देखें

नेटफ्लिक्स ने 27 अगस्त को कन्फर्म किया कि यह एक्शन फ़िल्म 28 अगस्त से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। प्लेटफ़ॉर्म पर लिखे कैप्शन में कहा गया, “ऐल्फा गैंग में शामिल होने के लिए तैयार हो जाइए। 28 अगस्त को रिलीज़ हो रही ‘ऐल्फा’ को नेटफ्लिक्स पर देखें!”

कहानी क्या है?

शिव रवैल की डायरेक्ट की हुई फ़िल्म ‘ऐल्फा’ में आलिया भट्ट और शरवरी, YRF स्पाई यूनिवर्स के केंद्र में हैं। आलिया ने सीता का रोल किया है, जो एक काबिल R&AW एजेंट है और जिसे ‘ऐल्फा’ सोल्जर बनने की ट्रेनिंग दी गई है। वहीं, शरवरी ने दुर्गा कौल का रोल किया है, जो सीता की जुड़वां बहन है, लेकिन उससे अलग हो गई है।

बॉबी देओल फ़िल्म के विलेन, कर्नल फतेह सिंह लखावत का रोल निभा रहे हैं। ‘ऐल्फा’ नाम के एक ताकतवर सीरम पर उनके एक्सपेरिमेंट से ही कहानी शुरू होती है। सीता को किडनैप कर लिया जाता है और उनकी देखरेख में बड़ी होती है, और आखिर में एक सुपर-सोल्जर बन जाती है।

फ़िल्म की कहानी का ऑफिशियल सारांश कुछ इस तरह है: “बदले की आग में जल रही एक लड़की अपने रास्ते में आने वाले हर किसी को खत्म कर देती है, जब तक कि उसकी यात्रा उसे अपनी ज़िंदगी के छिपे हुए सच का पता नहीं लगा देती। वह निडर और बेबाक है, और किसी भी हद तक जा सकती है, रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकती है।”इस फ़िल्म में अनिल कपूर भी हैं और इसमें ‘वॉर’ फ़्रैंचाइज़ी के ऋतिक रोशन के किरदार ‘कबीर’ की एक छोटी सी भूमिका (कैमियो) भी है।

बॉक्स ऑफ़िस पर प्रदर्शन

YRF स्पाई यूनिवर्स की एक बड़ी फ़िल्म होने के बावजूद, ‘ऐल्फा’ का बॉक्स ऑफ़िस पर प्रदर्शन औसत रहा। लगभग ₹100 करोड़ के बजट में बनी इस फ़िल्म ने भारत में करीब ₹58.86 करोड़ की नेट कमाई की।

फ़िल्म ने विदेशी बाज़ारों से लगभग ₹29.05 करोड़ कमाए, जिससे इसकी कुल वर्ल्डवाइड कमाई ₹99.10 करोड़ हो गई। यह 2026 की आठवीं सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फ़िल्म के तौर पर सिनेमाघरों से उतरी और YRF स्पाई यूनिवर्स की सबसे कम कमाई करने वाली फ़िल्म बनी हुई है।

YRF स्पाई यूनिवर्स से कनेक्शन

‘ऐल्फा’, YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फ़िल्म है। इस यूनिवर्स की शुरुआत 2012 में सलमान खान की फ़िल्म ‘एक था टाइगर’ से हुई थी। इसके बाद इस फ़्रैंचाइज़ी में ‘टाइगर ज़िंदा है’ (2017), ‘वॉर’ (2019), ‘पठान’ (2023), ‘टाइगर 3’ (2023) और ‘वॉर 2’ (2025) जैसी फ़िल्में आईं।

Alpha Alia Bhatt Movie Review: मिसफिट आलिया भट्ट….तो स्पाई फिल्म में ग्लैमर डॉल बनकर रह गईं शरवरी वाघ, बॉबी देओल ने बचा ली थोड़ी इज्जत

फिल्म- ऐल्फा

निर्देशक- शिव रवैल

कलाकार- आलिया भट्ट, शरवरी, अनिल कपूर, बॉबी देओल

रेटिंग-2/5

Alpha Alia Bhatt Movie Review: जब यशराज ने फिल्म ऐल्फा का ऐलान किया था तो फैंस का एक्साइटमेंट और उम्मीदें काफी बढ़ी थीं। इसके बाद फिल्म की स्टार कास्ट का ऐलान हुआ तो आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, बॉबी देओल और अनिल कपूर का नाम सुनकर हर किसी की उम्मीदें और ज्यादा बढ़ गई थीं। लेकिन फिल्म देखकर आप ठगा हुआ सा महसूस करने वाले हैं।

कहानी

शिव रावेल की डायरेक्ट की गई फिल्म ऐल्फा में आलिया का किरदार ‘सीता’ आपको फुल एक्शन में नजर आती हैं। वह अजेय है, उससे कोई गलती नहीं होती, वह मौत को कई बार टक से छूकर वापस आती हैं। वहीं हवा में उछलकर ऐसे दुश्मनों को ढेर कर देती हैं जैसे ग्रेवटी से उनका लेना देना ही न हो। उसे ‘टेस्ट सब्जेक्ट’ के तौर पर बढ़ा किया जाता है। घर-परिवार प्यार से कोसों दूर होती है।

प्यार और हमदर्दी क्या होती है उसे नहीं पता है। उसे अपने इमोशंस भी जाहिर करने में भी काफी मुश्किल होती है। इसीलिए, जब वह अपनी अलग हो चुकी जुड़वां बहन दुर्गा के साथ कुछ प्यार भरे पल बिताती है, तो खुश होती है नया एहसास करती है। लेकिन आलिया पर उनका ये किरदार उतना जच नहीं रहा है। ‘अल्फा’ की कहानी 1999 के कारगिल युद्ध पर बेस्ड है, जिसमें दोनों तरफ काफी नुकसान हुआ था। बढ़ते खतरों के बीच भारत को अजेय बनाने के पक्के इरादे के साथ, कर्नल फतेह सिंह लखावत वैज्ञानिक डॉ. वर्गीज की मदद से एक खास टास्क फोर्स बनाने के लिए एक ‘बेहतरीन और एडवांस्ड प्रोग्राम’ तैयार करते हैं। जल्द ही, कुछ युवा पुरुषों को ‘अल्फा’ नाम का सीरम दिया जाता है, जिसे सुपरह्यूमन बनाने के लिए खास तौर पर तैयार किया गया था।

यह सीरम देखने की क्षमता, रिफ्लेक्स, फेफड़ों की क्षमता और इंद्रियों की शक्ति को बढ़ाता है। इससे सुनने की क्षमता तेज हो जाती है और पानी के अंदर आठ मिनट तक सांस रोके रखने की काबिलियत मिलती है। लेकिन जल्द ही, सीरम के खतरनाक साइड इफेक्ट्स दिखने लगते हैं। इस बात से अनजान, लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रांत कौल अपनी पत्नी जानकी को यह सीरम दे देते हैं, जब प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ने का खतरा होता है।

नतीजा? एक बच्ची को जन्म देने के बाद जानकी की ऑपरेशन टेबल पर ही मौत हो जाती है। उस बच्ची को फतेह सिंह चुपके से बदल देते हैं और उसे एक ‘ऐल्फा’ सोल्जर के तौर पर पालते-पोसते हैं। दुनिया से दूर, राजस्थान की एक फैसिलिटी में कैद और किसी एक्सपेरिमेंट की तरह लगातार निगरानी में पली-बढ़ी सीता एक हथियार बन जाती है। लेकिन फतेह सिंह असल में वो नहीं हैं जो होने का दावा करते हैं। और इसी उतार-चढ़ाव भरे माहौल में एंट्री होती है उसकी जुड़वां बहन दुर्गा की, जो उससे अलग हो गई थी।

डायरेक्शन

बात अगर डायरेक्टर शिव रवैल की करें, जिन्होंने ऐल्फा को निर्देशित किया है। एक तरह से कहा जा सकता है कि शिव ने स्पाई थ्रिलर को स्टाइलिश थिलर बना दिया है। फिल्म को देखकर आपको बोरियत होने लगती है। एक सीन भी आपके अंदर एक्साइटमेंट नहीं जगाता है। फिल्म के कई सीन अधूरेपन का शिकार है। वहीं कई जगह आप को एक्शन देख ऐसा लगेगा कि ये आखिर क्यों हो रहा है?

एक्टिंग

फिल्म ऐल्फा का लीड किरदार आलिया भट्ट हैं। बाकी पूरी कास्ट को यशराज ने सपोर्टिंग रोल में रखा है। फिल्म की कहानी आलिया के ईर्द-गिर्द ही घूमती हैं। फिल्म देख आपको बस एक ही सवाल खाए जाता है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी, जो आलिया ने इस फिल्म को हां कहा। जिगरा के बाद आलिया के करियर में एक और बुरी फिल्म एड हो गई है ‘ऐल्फा’। आलिया भट्ट जैसी दमदार एक्ट्रेस की फिल्म से हर किसी को काफी उम्मीदें रहती हैं। उन्होंने हाईवे, गंगूबाई बाई जैसी शानदार फिल्में दी हैं।

अब बात करते हैं शरवरी वाघ की। यशराज ने शरवरी को फिल्मी दुनिया में लॉन्च किया है। यशराज के अलावा वे और भी फिल्मों में शानदार काम के साथ नजर आई हैं। हाल में रिलीज हुई उनकी मैं वापस आउंगा हो या फिर महाराज दोनों ही फिल्मों में एक्ट्रेस का इतना शानदार है कि उनसे भी काफी उम्मीदें रहती हैं। लेकिन अफसोस निर्देशक एक्ट्रेस के टैलेंट का यूज न कर सके। फिल्म ऐल्फा में शरवरी को बहुत कम स्क्रीन टाइम दिया गया है। वहीं उनका रोल फिल्म के लिए जरूरी भी नहीं लगता है। अगर वह फिल्म में न होती तो भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था।

फिल्म की इज्जत थोड़ी बहुत बॉबी देओल ने अपनी दमदार एक्टिंग से बचा ली है। लेकिन बेतुक कमजोर कहानी ने उनका काम भी खराब किया है। वहीं अनिल कपूर भी अपने रोल के हिसाब से फिट हैं। फिल्म में ऋतिक के कबीर वाले कौमियो ने फिल्म को थोड़ी बहुत हाईप दिलाई है।

फिल्म को देखें या नहीं

फिल्म को न देखना कहना जायज नहीं होता है। एक फिल्म बनाने में कई लोगों की मेहनत होती है। लेकिन कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिन्हें किसी भी हाल में टॉलरेट करना मुश्किल होता है। ऐल्फा के साथ भी कुछ ऐसा ही है। अगर आप लीड कास्ट के जबरा फैन हैं…यानी उनकी शक्ल देख चेन मिल जाता है, तो आप इसे देख सकते हैं। बाकि फिल्म में देखने लायक कुछ भी नहीं।