Dividend Stocks: इस हफ्ते वेदांता, TCS और आनंदी राठी डिविडेंड देंगे, जानिए रिकॉर्ड डेट

Dividend Stocks: इस हफ्ते Vedanta, Tata Consultancy Services (TCS) और Anand Rathi Wealth के शेयर चर्चा में रह सकते हैं। इन तीनों कंपनियों ने डिविडेंड का ऐलान किया है। अब निवेशकों की नजर रिकॉर्ड डेट पर है। आइए जानते हैं कि किस कंपनी ने कितना डिविडेंड दिया है और शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा है।

Vedanta

Vedanta हर शेयर पर ₹5 का अंतरिम डिविडेंड देगी। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। कंपनी कुल करीब ₹1,955 करोड़ का डिविडेंड देगी। इसके लिए बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

शुक्रवार को BSE पर कंपनी का शेयर 4.11% चढ़कर ₹263.50 पर बंद हुआ। पिछले एक साल में शेयर ने 51% रिटर्न दिया है। दो साल में यह 47% चढ़ा है। वहीं, तीन साल का रिटर्न 234% रहा है।

Tata Consultancy Services (TCS)

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी TCS ने हर शेयर पर ₹12 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। कंपनी 30 अक्टूबर 2026 को डिविडेंड का भुगतान करेगी। इसके लिए 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

TCS का शेयर शुक्रवार को BSE पर 4.23% की तेजी के साथ ₹2,163 पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप ₹7.82 लाख करोड़ रहा। हालांकि, लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। एक साल में शेयर 29% गिरा है। दो साल में 49% और तीन साल में 40% की गिरावट आई है।

Anand Rathi Wealth

Anand Rathi Wealth हर शेयर पर ₹4 अंतरिम डिविडेंड देने वाली है।शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है। यानी डिविडेंड फेस वैल्यू का 80% है। कंपनी ने इससे पहले अप्रैल में हर शेयर पर ₹7 के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया था।

कंपनी ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान ऐलान की तारीख से 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।

पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 4.68% गिरकर ₹2,038.70 पर बंद हुआ। हालांकि, एक साल में इसने 38.14% रिटर्न दिया है। तीन साल का रिटर्न 331.44% रहा है। वहीं, 2026 में अब तक शेयर 31.75% चढ़ चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mobikwik Share Price: बैंक ऑफ इंडिया स्मॉल कैप फंड ने खरीदे ₹11 करोड़ के शेयर, कीमत 8% तक उछली

डिजिटल पेमेंट्स फर्म ‘वन मोबिक्विक सिस्टम्स’ के शेयर में 9 अक्टूबर को अच्छी तेजी है। शेयर की कीमत पिछले बंद भाव से 8 प्रतिशत तक उछली। BSE पर शेयर 263.90 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। One MobiKwik Systems को मोबिक्विक भी कहा जाता है। एक दिन पहले खबर आई कि बैंक ऑफ इंडिया स्मॉल कैप फंड ने ओपन मार्केट ट्रांजेक्शंस के जरिए कंपनी के 10.78 करोड़ रुपये में 4.48 लाख इक्विटी शेयर खरीदे।

ये शेयर कंपनी की 0.57 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। ट्रांजेक्शन 240.48 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर हुआ। कुछ दिन पहले वन मोबिक्विक सिस्टम्स ने शेयर बाजारों को बताया था कि प्रमोटर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर उपासना टाकू ने खुले बाजार में लेनदेन के जरिए कंपनी के 1.07 लाख इक्विटी शेयर खरीदे हैं। डील की वैल्यू करीब 2.12 करोड़ रुपये रही। इस खरीद के बाद कंपनी में टाकू की हिस्सेदारी बढ़कर 10.24 प्रतिशत हो गई है। टाकू ने 28 सितंबर 2026 को 1.04 करोड़ रुपये में कंपनी के 52,000 इक्विटी शेयर खरीदे।

इसके बाद 29 सितंबर को 1.09 करोड़ रुपये में अतिरिक्त 55,000 इक्विटी शेयर खरीदे। दोनों लेनदेन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर हुए। MobiKwik दिसंबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 572 करोड़ रुपये का था। उपासना टाकू ने दिसंबर 2024 में आए कंपनी के IPO के बाद से कुल 294,177 इक्विटी शेयर खरीदे हैं।

Mobikwik का शेयर एक सप्ताह में 30 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 290.35 रुपये और एडजस्टेड लो 151.95 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 40 प्रतिशत चढ़ा है। एक सप्ताह में कीमत 30 प्रतिशत मजबूत हुई है। अप्रैल 2026 में मोबिक्विक को नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) लाइसेंस के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से मंजूरी मिली थी। इसके बाद कंपनी के लिए एक नई डिवीजन मोबिक्विक फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (MFSPL) शुरू करने का रास्ता साफ हो गया। इससे ग्रुप को अपनी रेगुलेटेड लेंडिंग क्षमताएं बढ़ाने, नए-नए क्रेडिट प्रोडक्ट्स तैयार करने, और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों और मर्चेंट्स को ज्यादा कुशलता और बेहतर नियंत्रण के साथ सेवाएं देने में मदद मिलेगी।

TCS Share Price: अच्छे Q2 नतीजों से IT कंपनी का शेयर 6% तक उछला, अब ब्रोकरेज की क्या राय- बाय, सेल या होल्ड?

कंपनी ने कहा था कि NBFC का कामकाज तभी शुरू होगा, जब कुछ शर्तों को पूरा करने के बाद RBI से ‘सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन’ (COR) मिल जाएगा। इसकी सर्विसेज पूरे भारत में उपलब्ध होंगी, लेकिन मुख्य रूप से फोकस टीयर 2 और टीयर 3 ​शहरों पर होगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TCS Share Price: अच्छे Q2 नतीजों से IT कंपनी का शेयर 6% तक उछला, अब ब्रोकरेज की क्या राय- बाय, सेल या होल्ड?

IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को दिन में 6% तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 2204 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 7.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने एक दिन पहले जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए थे, जो कि अच्छे रहे। लिहाजा निवेशकों का पॉजिटिव रिस्पॉन्स आ रहा है। तिमाही के दौरान TCS का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 12,075 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11.2% बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये रहा। सितंबर 2025 तिमाही में यह 65,799 करोड़ रुपये था। सितंबर 2026 तिमाही में TCS का EBIT सालाना आधार पर 6% बढ़कर 17,553 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन घटकर 23.98% रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रति शेयर 12 रुपये के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। डिविडेंड का पेमेंट पात्र शेयरहोल्डर्स को 30 अक्टूबर को किया जाएगा।

6 महीनों में कैसा रहा बिजनेस

अप्रैल-सितंबर 2026 यानि कि वित्त वर्ष 2027 के पहले 6 महीनों के दौरान TCS का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 1,45,463 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 1,29,236 करोड़ रुपये था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 27,233 करोड़ रुपये दर्ज​ किया गया, जो सितंबर 2025 ​छमाही में 24,835 करोड़ रुपये था।

TCS के शेयर पर ब्रोकरेज की राय

सितंबर तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद नोमुरा ने डील बुकिंग से दिख रही संभावनाओं का हवाला देते हुए TCS के शेयर के लिए 2,630 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन चेतावनी भी दी है कि मैक्रो-इकोनॉमिक अनिश्चितता और री-इनवेस्टमेंट का असर शॉर्ट-टर्म ग्रोथ और मार्जिन पर पड़ सकता है। जेपी मॉर्गन ने 2,300 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। गोल्डमैन सैक्स ने 2,210 रुपये के टारगेट के साथ ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। HSBC ने 2,350 रुपये और CLSA ने 2,038 रुपये के टारगेट के साथ ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है। सिटी ने सुस्त रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन पर दबाव और डील मिलने की रफ्तार में कमी का हवाला देते हुए 1,840 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘सेल’ रेटिंग बनाए रखी है।

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TCS Q2 Results: प्रॉफिट 4% बढ़कर ₹13884 करोड़, प्रति शेयर 12 रुपये डिविडेंड का ऐलान

TCS Q2 Results: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस ने सितंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट तिमाही दर तिमाही आधार पर 4 फीसदी बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया। कंपनी के शेयर पर नतीजों का असर 9 अक्तूबर यानी बुधवार को दिखेगा।

सितंबर तिमाही में कॉन्स्टैंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 0.5 फीसदी

टीसीएस के सितंबर तिमाही के नतीजे एनालिस्ट्स के अनुमान से थोड़े कमजोर रहे। कंपनी की कॉन्स्टैंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 0.5 फीसदी रही। सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स ने इसके 0.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। सितंबर तिमाही में 13,884 करोड़ का प्रॉफिट जून तिमाही के 13,349 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

दूसरी तिमाही में रेवेन्यू एनालिस्ट्स के अनुमान से थोड़ा कम 

लेकिन तुलना के लिए बेस तिमाही का प्रॉफिट 13,849 करोड़ रुपये है, क्योंकि इसमें वन-टाइम का 668 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल आइटम शामिल है, जिसकी वजह एक लीगल क्लेम का सेटलमेंट है। सितंबर तिमाही में टीसीएस का रेवेन्यू 73,188 करोड़ रुपये रहा। सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स ने इसके 73,225 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था।

टैक्स से पहले अर्निंग्स (EBIT) 17,553 करोड़ रुपये

तिमाही दर तिमाही आधार पर सितंबर तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 1.3 फीसदी ज्यादा रही। डॉलर में कंपनी का रेवेन्यू 764.2 करोड़ डॉलर रहा। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में 765.7 करोड़ डॉलर के अनुमान के करीब है। सितंबर तिमाही में कंपनी की इंटरेस्ट और टैक्स से पहले अर्निंग्स (EBIT) 17,553 करोड़ रुपये रही। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में 17,738 करोड़ के अनुमान से थोड़ा ज्यादा है।

EBIT मार्जिन 24 फीसदी पर स्थिर रहा

सितंबर तिमाही में कंपनी का EBIT मार्जिन 24 फीसदी पर स्थिर रहा। जून तिमाही में भी यह इतना ही था। सितंबर तिमाही में कंपनी को 9.6 अरब डॉलर की डील मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से कंपनी का रेवेन्यू 3 अरब डॉलर से ज्यादा रहा। अब कंपनी के कुल रेवेन्य में इसकी हिस्सेदारी 10 फीसदी से ज्यादा हो गई है।

पोर्शे से डील से एआई वर्टिकल को मजबूती मिलेगी

टीसीएस ने पोर्शे के साथ एक बड़ी डील की है। इसके तहत वह पोर्शे की मैनेजमेंट एंड आईटी कंसल्टिंग सब्सिडियरी MHP का 100 फीसदी अधिग्रहण करेगी। इस डील की वैल्यू 32 करोड़ यूरो होगी। पोर्शे और टीसीएस ने 1.5 अरब यूरो की एक पांच साल की स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की है। इससे टीसीएस को अपने एआई वर्टिकल के विस्तार में मदद मिलेगी।

प्रति शेयर 12 रुपये डिविडेंड का ऐलान 

टीसीएस ने प्रति शेयर 12 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके लिए कंपनी ने रिकॉर्ड डेट 14 अक्तूबर, 2026 तय की है। कंपनी शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का पेमेंट 30 अक्तूबर, 2026 को करेगी। 8 अक्तूबर को टीसीएस के शेयर 0.16 फीसदी गिरकर 2,077 रुपये पर बंद हुए। इस साल कंपनी का शेयर 35 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

Fino Payments Bank Share Price: गिरते बाजार में पेमेंट्स बैंक का शेयर रॉकेट, Q2 बिजनेस अपडेट के बाद 17% तक भागा

फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयरों में 8 अक्टूबर को दिन में 17 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर 150.55 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। बैंक ने एक दिन पहले जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए बिजनेस अपडेट जारी किया था। बैंक ने शेयर बाजारों को बताया कि तिमाही के दौरान औसत कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 13% बढ़कर ₹2,794 करोड़ के रहे। रिन्यूअल इनकम 20% बढ़कर ₹28 करोड़ हो गई।

पेमेंट्स बैंक के डिजिटल रूप से एक्टिव कस्टमर्स की संख्या भी सितंबर 2026 तिमाही में एक साल पहले के मुकाबले 13% बढ़कर 64.9 लाख हो गई। वहीं, फिनोपे (FinoPay) के एक्टिव कस्टमर्स की संख्या 12% बढ़कर 8.1 लाख हो गई। तिमाही के दौरान फिनो पेमेंट्स बैंक के लोन-रेफरल डिस्बर्सल की वैल्यू सितंबर 2025 तिमाही की तुलना में 3.2 गुना बढ़कर ₹278 करोड़ हो गई। CMS थ्रूपुट 10% बढ़कर ₹6,918 करोड़ हो गया।

इन पॉजिटिव आंकड़ों के बीच, सिंतबर 2026 तिमाही के दौरान फिनो पेमेंट्स बैंक के लिए 2 नेगेटिव बातें भी सामने आईं। पहली यह कि तिमाही के दौरान बैंक में 2.45 लाख अकाउंट खुले, जो एक साल पहले के मुकाबले 17% कम रहे। दूसरी यह कि ट्रांजेक्शन थ्रूपुट ₹3,469 करोड़ रहा, जो सितंबर 2025 तिमाही के मुकाबले 10% कम है।

Fino Payments Bank का शेयर एक साल में 50 प्रतिशत टूटा

Fino Payments Bank के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। बैंक में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर की कीमत एक साल में घटकर आधी रह गई है। साल 2026 में अब तक शेयर 40 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हुआ है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 339 रुपये और एडजस्टेड लो 110.10 रुपये है।

TCS Share Price: Q2 रिजल्ट से पहले 3% तक उछला टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का शेयर, क्या उम्मीदें; Q1 में बढ़ा था मुनाफा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TCS Q2 Preview: ग्रोथ, मार्जिन और AI से हायरिंग तक… तिमाही नतीजे में इन 5 सवालों के जवाब तलाशेंगे निवेशक

TCS Q2 Preview: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनी TCS 8 अक्टूबर को जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करेगी। इसके साथ ही IT सेक्टर के Q2 रिजल्ट सीजन की शुरुआत हो जाएगी।

इस तिमाही में TCS को 1.45 अरब डॉलर की बड़ी डील मिली है। कंपनी ने पोर्शे की IT इकाई MHP को भी खरीदा है। इसके अलावा हैदराबाद में 70,000 करोड़ रुपये के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का ऐलान किया है।

दूसरी तरफ, पैरेंट कंपनी टाटा संस में नेतृत्व को लेकर अंदरूनी खींचतान चल रही है। ऐसे में TCS के नतीजों के साथ मैनेजमेंट की कमेंट्री भी काफी अहम होगी।

ब्रोकरेज को इस तिमाही में TCS की ग्रोथ बहुत तेज रहने की उम्मीद नहीं है। तिमाही आम तौर पर IT कंपनियों के लिए अच्छी रहती है। लेकिन AI की वजह से कीमतों और लागत पर दबाव बढ़ रहा है। इसका असर ग्रोथ पर पड़ सकता है। नतीजों के बाद इन पांच मुद्दों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

1. ग्रोथ धीमी, मार्जिन में ज्यादा बदलाव नहीं

CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक, दूसरी तिमाही में TCS का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.3% बढ़कर 73,225 करोड़ रुपये हो सकता है। कंपनी का मुनाफा 2.4% बढ़कर 13,673 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

EBIT मार्जिन करीब 20 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 24.2% रह सकता है। पिछली तिमाही में कंपनी ने सालाना वेतन बढ़ोतरी का असर झेला था। इसलिए इस बार मार्जिन को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक, सालाना आधार पर मार्जिन में करीब 100 बेसिस प्वाइंट की कमी आ सकती है। हालांकि, तिमाही आधार पर इसमें ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है।

वेतन बढ़ोतरी के अलावा अधिग्रहण और प्राइसिंग का दबाव मार्जिन पर असर डाल सकता है। ऐसे में मैनेजमेंट इस पर क्या कहता है, बाजार की नजर रहेगी।

2. बड़ी डील का सिलसिला जारी रहेगा?

TCS ने इस तिमाही में कई बड़ी डील हासिल की हैं। HDFC सिक्योरिटीज और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू यानी TCV करीब 8-11 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया है।

सबसे बड़ी डील 1.45 अरब डॉलर की है। यह जर्मन लग्जरी कार कंपनी पोर्शे के साथ हुई है। इसके अलावा ABB, JFK एयरपोर्ट, JLR, Aareal Bank, Dubai Gold & Commodity Exchange और Vodafone के साथ भी TCS ने डील की है।

अब बाजार यह देखेगा कि कंपनियों का खर्च कब बढ़ना शुरू होता है। खासकर डिस्क्रिशनरी यानी कम जरूरी खर्च में रिकवरी कब आती है। फैसले लेने में हो रही देरी और दूसरी छमाही की डिमांड पर भी मैनेजमेंट का रुख अहम होगा।

3. M&A से कितनी ग्रोथ मिलेगी?

TCS लगातार दूसरी कंपनियों को खरीदकर अपना कारोबार बढ़ा रही है। इस तिमाही में भी दो बड़े अधिग्रहण हुए हैं। TCS ने पोर्शे की IT इकाई MHP को करीब 373 मिलियन डॉलर में खरीदा है। इससे कंपनी को ऑटोमोटिव कंसल्टिंग और टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग में नई क्षमताएं मिलेंगी।

कंपनी ने बेंगलुरु में Best Buy की GCC यूनिट भी खरीदी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, TCS को Best Buy से 5 साल का करीब 2,000 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है। अब निवेशक जानना चाहेंगे कि इन अधिग्रहणों से ग्रोथ कितनी बढ़ेगी। साथ ही इनका मार्जिन पर कितना असर पड़ेगा।

4. AI से कितनी कमाई बढ़ेगी?

TCS अपने कारोबार में बड़ा AI बदलाव कर रही है। कंपनी AI से जुड़ी टेक्नोलॉजी सर्विसेज पर ज्यादा जोर दे रही है। इसके लिए कारोबार की प्राथमिकताएं भी बदली जा रही हैं। इसी रणनीति के तहत TCS ने हैदराबाद में 1GW डेटा सेंटर लगाने के लिए 70,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है।

जून में कंपनी ने बताया था कि उसकी सालाना AI रेवेन्यू करीब 2.6 अरब डॉलर पहुंच गई है। इसमें तिमाही आधार पर 13.6% की ग्रोथ हुई थी। अब सवाल यह है कि इतने बड़े निवेश से TCS कमाई कैसे बढ़ाएगी। AI कारोबार आगे कितनी तेजी से बढ़ेगा, इस पर मैनेजमेंट की टिप्पणी अहम होगी।

5. दूसरी छमाही में कितनी हायरिंग होगी?

पहली तिमाही तक TCS करीब 25,000 फ्रेशर्स को ऑफर दे चुकी थी। पहले कंपनी ने संकेत दिया था कि FY27 में भी FY26 की तरह 40,000 से ज्यादा फ्रेशर्स की भर्ती हो सकती है। हालांकि, बाद में कंपनी ने कहा कि FY27 की हायरिंग आने वाली तिमाहियों की डिमांड पर निर्भर करेगी।

TCS करीब 8,900 फॉरवर्ड-डिप्लॉय्ड इंजीनियर्स यानी FDEs भी जोड़ने की योजना बना रही है। इनकी मदद से AI पर फोकस करने वाली सेल्स और कंसल्टिंग को मजबूत किया जाएगा।

अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि दूसरी छमाही में कंपनी कितनी भर्ती करती है। साथ ही AI की वजह से नौकरियों और कर्मचारियों की जरूरत में क्या बदलाव आता है, यह भी अहम रहेगा।

इन 5 स्टॉक्स पर दांव लगाने से हो सकती है मोटी कमाई, एक्सपर्ट ने बताया कब करना है निवेश

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TCS Q2 Results Date: टाटा की आईटी कंपनी 8 अक्टूबर जारी करेगी तिमाही नतीजे, डिविडेंड पर भी नजर

TCS Q2 Results Date: टाटा ग्रुप की दिग्गज IT कंपनी TCS इस हफ्ते वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। कंपनी 8 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही का रिजल्ट जारी करेगी। इसके साथ ही निवेशकों की नजर अंतरिम डिविडेंड पर भी रहेगी।

TCS ने 22 सितंबर को स्टॉक्स एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी थी। कंपनी ने बताया कि बोर्ड मीटिंग 8 अक्टूबर को होगी। इस बैठक में 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के रिजल्ट को मंजूरी दी जाएगी।

TCS का रिजल्ट बताएगा सेक्टर का मूड

TCS के रिजल्ट से पता चलेगा कि सितंबर तिमाही में कंपनी का कारोबार कैसा रहा। खासकर IT सेक्टर में इस समय मांग, खर्च और AI को लेकर काफी चर्चा है। ऐसे में TCS के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।

कंपनी TCS Tata Group की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। यह दुनिया की बड़ी IT Services कंपनियों में से एक है। TCS का कारोबार IT सर्विसेज, कंसल्टिंग और बिजनेस सॉल्यूशंस से जुड़ा है।

इंतरिम डिविडेंड पर भी फैसला

TCS की बोर्ड मीटिंग में इंतरिम डिविडेंड के प्रस्ताव पर भी विचार होगा। यानी कंपनी अपने शेयरधारकों को अंतरिम डिविडेंड देगी या नहीं, इसका फैसला इसी बैठक में हो सकता है।

अगर बोर्ड डिविडेंड को मंजूरी देता है तो इसका फायदा उन शेयरधारकों को मिलेगा, जिनका नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में होगा। TCS ने रिकॉर्ड 14 अक्टूबर 2026 तय की है।

Q1 में TCS का मुनाफा घटा था

अब सबकी नजर सितंबर तिमाही के नतीजों पर है। इसकी एक वजह जून तिमाही का प्रदर्शन भी है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में TCS का शुद्ध मुनाफा 13,349 करोड़ रुपये रहा था। यह पिछली तिमाही यानी मार्च 2026 के 13,718 करोड़ रुपये से 2.7% कम था।

कंपनी के मुनाफे पर 668 करोड़ रुपये के एकमुश्त खर्च का असर पड़ा था। यह रकम एक कानूनी दावे के सेटलमेंट से जुड़ी थी।

TCS के शेयरों का हाल

TCS का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1.23% की बढ़त के साथ 2,075.90 रुपये पर बंद हुआ था। पिछले 1 साल में स्टॉक 16.09% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 30.53% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 7.52 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IT Stocks : आईटी में अब इंडेक्स के बजाय इंडिविजुअल स्टॉक्स पर करें फोकस, एकतरफा तेजी की उम्मीद नहीं

IT Stocks : बाजार में एक ऐसा भी समय था जब आईटी सेक्टर से हर कोई दूर रहना चाहता था। एआई की सुनामी की वजह से सब डरे हुए थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से या फिर कुछ हफ्ते से आईटी सेक्टर में एक ठहराव सा दिखा है या यह भी कह सकते हैं कि इसमें मजबूती दिख रही है। ऐसे में अब सेक्टर पर क्या रणनीति होनी चाहिए इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आईटी पर हम तब बुलिश हुए थे जब इंडेक्स 27,000 पर था। वहां से 31,000 तक का मूव आ चुका है। अब आईटी व्यू बहुत क्लियर है। अब आप आईटी में एकतरफा तेजी नहीं देख सकते, जैसा कि पहले हमने 27,000 के स्तर से देखा था।

निफ्टी आईटी अभी भी 200 डे मूविंग एवरेज क्रॉस नहीं कर पाया है। ऐसे में अभी भी यह कहना बहुत मुश्किल है कि ये एक बेयर मार्केट रैली है या एक नई रैली की शुरुआत है। लेकिन एक बड़ा मूव प्ले हो चुका है। ऐसे में अब आईटी में स्पेसिफिक स्टॉक्स पर फोकस करने की जरूरत है। किसी एकतरफा तेजी की उम्मीद न करें। इस समय आईटी के तीन-चार स्टॉक्स, जैसे कि कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और ओएफएसएस के शेयर अच्छे लग रहे है। टाटा टेक भी अच्छा लग रहा है।

आईटी में अब इंडेक्स पर फोकस करने के बजाय इंडिविजुअल स्टॉक्स पर फोकस करें,क्योंकि आईटी में जो बड़ी ट्रेड थी वो प्ले आउट हो चुकी है। हालांकि, अगर आईटी इंडेक्स 32500 को क्रॉस करेगे तो शायद आपको आईटी इंडेक्स में बड़ी ट्रेड प्ले आउट होगी।

AnandRathi Wealth के ज्वाइंट CEO फिरोज अजीज ने कहा कि उन्होंने जून महीने में कहा था कि आईटी अपने सबसे बुरे दौर से बाहर आ चुका है। हम अक्सर यही देखते हैं कि निफ्टी को सालाना आधार पर कौन 3-4 फीसदी से आउटपरफार्म कर सकता है। हम शॉर्ट टर्म रैली नहीं देखते है। हमें पहले निफ्टी की तुलना में निफ्टी आईटी में 3-4 फीसदी के आउटपरफार्मेंस का अंदाजा लगाया है। पिछले 1-1.5 महीनों में हमें ऐसा ही देखने को मिला है। अब यहां से हमें निफ्टी आईटी से इतनी ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए। फिर भी हमें इसमें 2-3 फीसदी का एक्सेस रिटर्न देखने को मिल सकता है।

मार्केट एक्सपर्ट सुदीप बंद्दोपाध्याय का कहना है कि आईटी तो एक वैल्यू ट्रैप है। एआई रिलेटेड डिसरप्शन रियल है। इस डिसरप्शन से बाहर कौन आएगा वो तो समय बताएगा। लेकिन इस समय फंडामेंटली मीडियम टर्म के नजरिए से आईटी से दूर रहने की सलाह होगी। लार्ज कैप्स से तो बिल्कुल ही दूर रहने की जरूरत है। हालांकि, एआई पर फोकस करने वाली मिड कैप आईटी की चुनिंदा कंपनियों पर नजर रहनी चाहिए।

SW Capital के डायरेक्टर पंकज जैन ने कहा कि अभी आईटी से रिस्क रिवॉर्ड लार्जकैप आईटी के पक्ष में अच्छे होते दिख रहे हैं। आईटी शेयरों के पिछले 4-5 हफ्तों के मूव से कुछ अच्छे सिगनल मिले हैं। इनके नतीजे भी उम्मीद से अच्छे रहे हैं। साथ ही इनकी मैनेजमेंट कमेंट्री भी अच्छी रही है। लार्जकैप आईटी को लेकर उम्मीदें दिख रही है। लेकिन इस सेक्टर में बहुत स्टॉक स्पेसिफिक रहने की जरूरत है।

 

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IT Stocks : Nvidia में आई रैली ने IT शेयरों में भरा जोश, निफ्टी के टॉप गेनरों में आईटी शेयरों का दबदबा

IT Stocks : शुक्रवार को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों में तेजी आई है। TCS, Infosys, HCL Tech और दूसरी कंपनियों के शेयरों में 2-4% की बढ़त देखने को मिल रही है। Nvidia के अच्छे नतीजों और आगे के लिए अच्छे गाइडेंस के बाद इस शेयर में उछाल आया है। इससे ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर उम्मीदें फिर से बढ़ गईं हैं। फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.92 फीसदी बढ़कर 31,103.45 पर पहुंच गया है। आज यह सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टोरल इंडेक्सों में शामिल है। इसने ब्रॉडर मार्केट से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। IT इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी के सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों की लिस्ट में भी IT शेयरों का दबदबा दिख रहा है।

आईटी शेयरों की चाल पर एक नजर

TCS सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। यह शेयर 3.5 प्रतिशत बढ़कर 2,327 रुपये पर दिख रहा है। इसके बाद Tech Mahindra के शेयरों में 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है और यह 1,632 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि HCL Technologies के शेयरों में 2.75 प्रतिशत की बढ़त नजर आ रही है। यह शेयर 1,317 रुपये के आसपास दिख रहा है। Infosys के शेयर 2.63 प्रतिशत बढ़कर 1,140 रुपये पर और Wipro के शेयर 1.89 प्रतिशत बढ़कर 179.74 रुपये पर पहुच गए है। सुबह के कारोबार में Nifty 50 पर ये 5 IT स्टॉक्स आज के टॉप गेनर रहे।

Nvidia की तेजी ने भरा जोश

यह तेजी Nvidia के शेयरों में आई तेजी के बाद आई है। US की इस चिप बनाने वाली कंपनी के शानदार नतीजे और इसके द्वारा मजबूत गाइडेंस जारी करने के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 9 प्रतिशत की तेजी आई। इससे ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों का भरोसा और मज़बूत हुआ है। HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड,देवर्ष वकील का कहना है कि Nvidia के नतीजों ने ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों को भरोसा बढ़ाया है जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

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आईटी पर एक्सपर्ट्स की राय

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने भारतीय IT शेयरों के मजबूत प्रदर्शन का श्रेय ग्लोबल टेक्नोलॉजी रैली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नई उम्मीदों को दिया है। उनका कहना IT सेक्टर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी के सपोर्टिव माहौल और Nvidia के अच्छे नतीजों व आउटलुक के बाद AI थीम को लेकर नई उम्मीदों की वजह से इसमें लगभग 3% की बढ़त आई है। दुनिया भर में आईटी को लेकर बना अच्छा माहौल भारतीय IT शेयरों को सहारा दे रहा है और पूरे सेक्टर में उत्साह देखने को मिल रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि एनवीडिया (Nvidia) के शानदार नतीजों और गाइडेंस के बाद AI ट्रेड में तेजी जारी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भारतीय बाजार के लिए चुनौतियां बनी रहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाजार में लगातार तेजी बनाए रखने के लिए निफ्टी की बड़ी कंपनियों,खासकर IT सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की भागीदारी अहम होगी।

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Tempsens Instruments IPO Allotment: 184 गुना सब्सक्राइब, लेटेस्ट GMP के साथ जानिए अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Tempsens Instruments IPO Allotment: इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सेक्टर की Tempsens Instruments के IPO के लिए आज, 25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है। ₹650 करोड़ के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII की रही। इस कैटेगरी में IPO 314.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB ने 302.88 गुना बोली लगाई। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई।

Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग

कंपनी ने IPO के लिए ₹285 से ₹300 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। IPO 20 अगस्त को खुला था। 24 अगस्त को इसकी बोली बंद हो गई। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

GMP से लिस्टिंग पर कितना फायदा दिख रहा है?

Tempsens Instruments के शेयर को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। InvestorGain के मुताबिक, 25 अगस्त को इसका GMP करीब ₹317 था।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है। ऐसे में ₹317 का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹617 बनती है। यानी ₹300 के IPO Price के मुकाबले करीब 105.67% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, यह रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

Tempsens Instruments IPO अलॉट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने भी इस IPO में पैसा लगाया है, तो अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए KFin Technologies और NSE की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

KFin Technologies से कैसे चेक करें?

KFin Technologies इस IPO की Registrar है।

  • स्टेप 1: KFin Technologies की IPO Status वेबसाइट खोलें।
  • स्टेप 2: IPO की लिस्ट में Tempsens Instruments चुनें।
  • स्टेप 3: PAN, Application Number या DP ID/Client ID में से कोई विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

NSE से कैसे चेक करें?

NSE की वेबसाइट पर भी IPO से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।

  • NSE के IPO Bid Details सेक्शन में जाएं।
  • Equity और SME IPO Bid Details का विकल्प चुनें।
  • Tempsens Instruments को चुनें।
  • अपनी एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।
  • सबमिट करें और डिटेल देखें।

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