TCS Share Price: Q1 नतीजों के बाद निवेशकों ने बढ़ाई खरीद, ब्रोकरेज का पॉजिटिव नजरिया बरकरार; शेयर 4% तक चढ़ा

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में 10 जुलाई को दिन में 4 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 2132 रुपये के हाई तक गया। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उम्मीद जगी है कि दूसरी तिमाही से मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में TCS का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 4.61 प्रतिशत बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही के लिए, TCS ने पिछली तिमाही के मुकाबले 0.4% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। AI से होने वाली कमाई (रेवेन्यू) तिमाही आधार पर 13.6% ज्यादा रहकर 2.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। अब कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान 8.5% है। TCS का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन अप्रैल-जून तिमाही में 24 प्रतिशत रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 25.3 प्रतिशत था।

TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने कहा है कि भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक मोर्चे पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, जून तिमाही हमारी निरंतर वृद्धि की गति और रणनीतिक स्थिति की मजबूती को दर्शाती है। तिमाही के दौरान कंपनी ने कुल 9.5 अरब डॉलर के नए सौदे हासिल किए। कंपनी ने अपने एआई इकोसिस्टम का विस्तार करने के लिए एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। जून तिमाही के दौरान कर्मचारियों की संख्या में 9,200 से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसके कारण 30 जून, 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS शेयर: अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

TCS के शेयर को 51 एनालिस्ट कवर करते हैं। इनमें से 33 ने स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी है, 12 ने “होल्ड” की सलाह दी है और 6 ने “सेल” रेटिंग दी है। तिमाही नतीजों के बाद JPMorgan ने TCS पर अपनी “ओवरवेट” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट ₹2,400 प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि वित्तीय नतीजे उम्मीदों के मुताबिक रहे। मैनेजमेंट को साल की दूसरी छमाही यानि कि अक्टूबर 2026—मार्च 2027 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन ब्रोकरेज को दूसरी तिमाही से ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ बेसिस पर रेवेन्यू सिर्फ 1% बढ़ने का अनुमान है।

JPMorgan ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में मजबूत स्थिति के कारण TCS के लिए साल-दर-साल आधार पर 2.5% से 3% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ ग्रोथ हासिल करना मुश्किल नहीं है। कम बेस के कारण यह अपने कॉम्पिटीटर्स, जैसे इंफोसिस और HCLTech के बराबर प्रदर्शन कर सकती है। स्टॉक में वैल्यू नजर आती है।

मोतीलाल ओसवाल, मॉर्गन स्टेनली की क्या सलाह

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने TCS के लिए ₹2,350 के प्राइस टारगेट के साथ अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने अपने नोट में कहा कि हालांकि मैनेजमेंट की शॉर्ट-टर्म कमेंट्री उनकी उम्मीद से बेहतर है, लेकिन लॉन्ग-टर्म अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं। उम्मीद है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) बेहतर होगी, लेकिन डिमांड में सुधार के सबूत बहुत कम हैं। मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए TCS की ऑर्गेनिक कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ क्रमशः 2.5% और 3.2% रहने का अनुमान जताया है।

मॉर्गन स्टेनली ने TCS के स्टॉक पर “इक्वल-वेट” रेटिंग और ₹2,200 का प्राइस टारगेट बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही के लिए उम्मीद से बेहतर आउटलुक से कुछ चिंताएं कम होनी चाहिए। कंपनी के EBIT मार्जिन में गिरावट देखी जा सकती है।

IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

IT Stocks: ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक और कमजोर तिमाही साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मांग में सुधार नहीं दिख रहा। उल्टा हालात और बिगड़े हैं। इससे साफ है कि जिस रिकवरी की उम्मीद थी, वह अब और आगे खिसक गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। कंपनियां नए फैसले लेने में समय लगा रही हैं। AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन इसका असर रेवेन्यू पर दबाव के रूप में दिख रहा है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन सब वजहों से कंपनियां गैरजरूरी (Discretionary) खर्च कम कर रही हैं। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

लार्जकैप और मिडकैप पर अनुमान

ब्रोकरेज का मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ तिमाही आधार पर सपाट रह सकती है। कुछ कंपनियों में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।

वहीं, मिडकैप आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह नए डील्स का शुरू होना और बाजार हिस्सेदारी बढ़ना है।

कमाई के अनुमान में कटौती

Choice Institutional Equities का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही की ग्रोथ पूरे साल के गाइडेंस के हिसाब से कमजोर दिख रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कई कंपनियां अपने गाइडेंस में बदलाव कर सकती हैं। कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

इसी वजह से ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए पूरे आईटी सेक्टर की कमाई के अनुमान में 0.1% से 16.7% तक की कटौती की है। साथ ही, कई कंपनियों के टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन में भी 0% से 21.6% तक की कमी की गई है। इसकी वजह कमजोर मांग, AI की वजह से रेवेन्यू पर दबाव और बढ़ता एग्जीक्यूशन रिस्क है।

क्या अब आईटी शेयरों में खरीदारी का मौका है?

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसलिए अब नीचे जाने की गुंजाइश सीमित दिखती है। हालांकि, सेक्टर में दोबारा तेज तेजी तभी आएगी, जब मांग में सुधार दिखे। कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो। साथ ही, GenAI से सिर्फ लागत घटाने के बजाय कमाई बढ़ने के भी साफ संकेत मिलें।

HCLTech : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने HCLTech की रेटिंग ‘Add’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से घटाकर 1,410 रुपये कर दिया गया है।

Mphasis : इसकी रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 2,520 रुपये रखा गया है।

Persistent Systems : ब्रोकरेज ने Persistent Systems की रेटिंग घटाकर ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 5,010 रुपये तय किया गया है।

Tech Mahindra : महिंद्रा ग्रुप की आईटी कंपनी की रेटिंग भी घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस 1,600 रुपये रखा है।

Zensar Technologies : ब्रोकरेज ने Zensar Technologies की रेटिंग भी ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 560 रुपये तय किया गया है।

TCS : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने टाटा ग्रुप की आईटी TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 2,625 रुपये कर दिया गया है।

Infosys : इस आईटी कंपनी पर भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर 1,360 रुपये कर दिया है।

Happiest Minds : इस पर ब्रोकिंग फर्म ने ‘Buy’ रेटिंग कायम रखी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 440 रुपये कर दिया गया है।

Coforge : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने Coforge पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये पर कायम रखा गया है।

Wipro : ब्रोकरेज ने Wipro पर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 185 रुपये कर दिया गया है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

TCS Results Update: 9 जुलाई को जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी TCS, डिविडेंड देने पर होगा भी विचार

TCS Results Update: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) ने बताया है कि उसके बोर्ड की बैठक 9 जुलाई 2026 को होगी। इस बैठक में जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इसके साथ ही कंपनी अंतरिम डिविडेंड पर भी फैसला कर सकती है।

टाटा ग्रुप की इस कंपनी ने कहा है कि बोर्ड 30 जून 2026 को खत्म तिमाही के ऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों पर विचार करेगा और उन्हें मंजूरी देगा।

डिविडेंड का भी हो सकता है ऐलान

तिमाही नतीजों के साथ निवेशकों की नजर डिविडेंड पर भी रहेगी। TCS का बोर्ड अंतरिम डिविडेंड पर विचार करेगा। अगर डिविडेंड का ऐलान होता है तो उसका फायदा उन शेयरधारकों को मिलेगा जिनका नाम 15 जुलाई 2026 तक कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होगा। कंपनी ने इसके लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

पिछली तिमाही में कैसा था प्रदर्शन?

मार्च 2026 तिमाही में TCS ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर नतीजे दिए थे। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर कंपनी का रेवेन्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 1.2% बढ़ा था। खास बात यह रही कि पिछले सात क्वार्टर में यह कंपनी की सबसे तेज ग्रोथ थी।

एनालिस्टों को औसतन 1% ग्रोथ की उम्मीद थी। कुछ ब्रोकरेज हाउस ने 0.6% से 1.4% तक का अनुमान लगाया था, लेकिन कंपनी इन अनुमानों के ऊपरी स्तर के करीब पहुंचने में सफल रही।

29% उछला था TCS का मुनाफा

मार्च तिमाही में TCS का शुद्ध लाभ बढ़कर ₹13,718 करोड़ पहुंच गया था। दिसंबर तिमाही में यह ₹10,657 करोड़ था। यानी कंपनी के मुनाफे में करीब 29% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़कर ₹70,698 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही में ₹67,087 करोड़ था। यह आंकड़ा भी बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में सुधार, बड़े ऑर्डर भी मिले

TCS की कमाई की ताकत दिखाने वाला EBIT बढ़कर ₹17,870 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 6% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 25.3% रहा, जो दिसंबर तिमाही के 25.2% से थोड़ा बेहतर है।

मार्च तिमाही में TCS ने 12 अरब डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए थे। यह कंपनी के इतिहास के सबसे बड़े ऑर्डर बुकिंग स्तरों में से एक है। इसमें तीन बड़े मेगा डील भी शामिल थीं।

पहले भी दे चुकी है ₹31 का डिविडेंड

TCS ने हाल ही में अपने शेयरधारकों के लिए ₹31 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड को मंजूरी दी थी। हालांकि उसकी रिकॉर्ड डेट का ऐलान अभी बाकी है।

अब निवेशकों की नजर 9 जुलाई पर रहेगी। बाजार यह देखना चाहेगा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच TCS की ग्रोथ कितनी मजबूत बनी हुई है और कंपनी डिविडेंड को लेकर क्या फैसला करती है।

TCS का शेयर सोमवार को 0.21% की बढ़त के साथ 2,129.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते 6 महीने में शेयर 35% से ज्यादा टूट चुका है।

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Accenture Q3 Results: एक्सेंचर के कमजोर नतीजों ने तोड़ी आईटी शेयरों की कमर, अब इस सेक्टर में क्या हो निवेश रणनीति?

Accenture Q3 Results: एक्सेंचर(Accenture) के कमजोर नतीजे और गाइडेंस ने आज आईटी सेक्टर की कमर तोड़ दी है। निफ्टी का आईटी इंडेक्स करीब 6 फीसदी फिसला है। आज निफ्टी और वायदा के सभी टॉप लूजर्स IT शेयर हैं। टेक महिंद्रा,इंफोसिस,TCS और एम्फैसिस 5-8 फीसदी तक लुढ़के हैं। कंपनी के तीसरी तिमाही के नतीजे काफी खराब रहे हैं। इसने अपना आगे का अनुमान भी घटा दिया है।

Accenture Q3 नतीजे (YoY)

तीसरी तिमाही में EPS 3.49 डॉलर से बढ़कर 3.80 डॉलर रहा है। रेवेन्यू 5.6% बढ़कर 18.76 अरब डॉलर रही है। Q3 में आय अनुमान से कम रही है। नई बुकिंग्स 1.9% घटकर 19.32 अरब डॉलर रही हैं। कंसल्टिंग बुकिंग्स 13% बढ़ी हैं। ऑपरेटिंग कैश फ्लो 3.79 अरब डॉलर रहा है। वहीं, मैनेज्ड सर्विसेज बुकिंग्स 15% घटी है। बड़े AI ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम्स बढ़ने की उम्मीद है।

Accenture Q4 गाइडेंस

रेवेन्यू 17.75-18.4 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। रेवेन्यू ग्रोथ 1 से 5% रहने का अनुमान है। रेवेन्यू गाइडेंस 18.47 अरब डॉलर के अनुमान से कम रहा है। Accenture के FY26 आउटलुक की बात करें तो FY26 के लिए आय ग्रोथ अनुमान घटाकर 3-4% कर दिया गया है, जो पहले 3-5% था। फेडरल असर को छोड़कर रेवेन्यू ग्रोथ 4-5% रहने का अनुमान (पहले 4-6% था)हैं। वहीं, Adj EPS आउटलुक बढ़ाकर 13.78-13.90 डॉलर किया गया है। ऑपरेटिंग और फ्री कैश फ्लो आउटलुक बकररार रखा गया है। वेस्ट एशिया युद्ध से रेवेन्यू पर 10 करोड़ डॉलर और सेल्स पर 40 करोड़ डॉलर का असर पड़ा है।

Accenture के नतीजों का असर

गुरुवार को Accenture का शेयर 18 फीसदी गिरा। यह इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट है। Accenture के नतीजों के बाद Cognizant में 10.5 फीसदी, Capgemini में 9 फीसदी, Infosys ADR में 10 फीसदी और Wipro ADR में 4 फीसदी की गिरावट हुई।

IT Stocks : एक्सेंचर के कमजोर गाइडेंस ने मचाया तहलका, निफ्टी IT 6% टूटा, इन्फोसिस और TCS के शेयर में 8% तक फिसले

IT शेयरों में अब क्या हो रणनीति?

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल में कहा है कि निफ्टी IT मार्च में 28,500 तक गिरा था। वहां से 31,800 की रैली हुई जिसमें हमने फंसने से बचाया। कई लोग उस रैली में बुरी तरह फंस गए थे। उसके बाद वहां से फिर वन-वे गिरावट आई और 14 मई का क्लोज 27,360 था। फिर वहां से 31,116 तक की एक बड़ी रैली हुई जिसमें फिर हमने फंसने से बचाया, फिर भी कुछ लोग उस रैली में बुरे फंस गए। इसके बाद 16 जून तक वाली गिरावट में 27,800 की क्लोजिंग मिली। इस बार ये नजरिया लिया गया कि शायद एक डबल बॉटम बना है। अब जब तक 27,500 के ऊपर हैं,बहुत बड़ी गिरावट शायद ना हो। मगर लार्ज कैप IT से CNBC-आवाज ने हमेशा सतर्क ही किया है।

Accenture के नतीजे से एक बात साफ है कि ट्रेडिशनल IT बिजनेस पर दबाव है। अब IT कंपनियों को कुछ बोल्ड कदम उठाने होंगे। जैसे HCLTech ने Sarvam में निवेश किया और Coforge ने कुछ बड़े अधिग्रहण किए। मगर अब आज की गिरावट के बाद शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की होगा। आज की क्लोजिंग साफ कर देगी कि IT में डबल बॉटम बना या नहीं।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।