IT Stocks : Nvidia में आई रैली ने IT शेयरों में भरा जोश, निफ्टी के टॉप गेनरों में आईटी शेयरों का दबदबा

IT Stocks : शुक्रवार को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों में तेजी आई है। TCS, Infosys, HCL Tech और दूसरी कंपनियों के शेयरों में 2-4% की बढ़त देखने को मिल रही है। Nvidia के अच्छे नतीजों और आगे के लिए अच्छे गाइडेंस के बाद इस शेयर में उछाल आया है। इससे ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर उम्मीदें फिर से बढ़ गईं हैं। फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.92 फीसदी बढ़कर 31,103.45 पर पहुंच गया है। आज यह सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टोरल इंडेक्सों में शामिल है। इसने ब्रॉडर मार्केट से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। IT इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी के सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों की लिस्ट में भी IT शेयरों का दबदबा दिख रहा है।

आईटी शेयरों की चाल पर एक नजर

TCS सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। यह शेयर 3.5 प्रतिशत बढ़कर 2,327 रुपये पर दिख रहा है। इसके बाद Tech Mahindra के शेयरों में 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है और यह 1,632 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि HCL Technologies के शेयरों में 2.75 प्रतिशत की बढ़त नजर आ रही है। यह शेयर 1,317 रुपये के आसपास दिख रहा है। Infosys के शेयर 2.63 प्रतिशत बढ़कर 1,140 रुपये पर और Wipro के शेयर 1.89 प्रतिशत बढ़कर 179.74 रुपये पर पहुच गए है। सुबह के कारोबार में Nifty 50 पर ये 5 IT स्टॉक्स आज के टॉप गेनर रहे।

Nvidia की तेजी ने भरा जोश

यह तेजी Nvidia के शेयरों में आई तेजी के बाद आई है। US की इस चिप बनाने वाली कंपनी के शानदार नतीजे और इसके द्वारा मजबूत गाइडेंस जारी करने के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 9 प्रतिशत की तेजी आई। इससे ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों का भरोसा और मज़बूत हुआ है। HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड,देवर्ष वकील का कहना है कि Nvidia के नतीजों ने ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों को भरोसा बढ़ाया है जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

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आईटी पर एक्सपर्ट्स की राय

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने भारतीय IT शेयरों के मजबूत प्रदर्शन का श्रेय ग्लोबल टेक्नोलॉजी रैली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नई उम्मीदों को दिया है। उनका कहना IT सेक्टर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी के सपोर्टिव माहौल और Nvidia के अच्छे नतीजों व आउटलुक के बाद AI थीम को लेकर नई उम्मीदों की वजह से इसमें लगभग 3% की बढ़त आई है। दुनिया भर में आईटी को लेकर बना अच्छा माहौल भारतीय IT शेयरों को सहारा दे रहा है और पूरे सेक्टर में उत्साह देखने को मिल रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि एनवीडिया (Nvidia) के शानदार नतीजों और गाइडेंस के बाद AI ट्रेड में तेजी जारी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भारतीय बाजार के लिए चुनौतियां बनी रहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाजार में लगातार तेजी बनाए रखने के लिए निफ्टी की बड़ी कंपनियों,खासकर IT सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की भागीदारी अहम होगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Stocks : Infosys और TCS करीब 3% भागे, AI खर्च से जुड़ी चिंताएं कम होने से पूरे सेक्टर में आई हरियाली

IT Stocks: बुधवार को भारतीय IT शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। इस तेजी को इन्फोसिस और TCS जैसी बड़ी कंपनियां लीड कर रही हैं। AI पर बहुत ज़्यादा खर्च और ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर बनी चिंताओं के कारण निवेशकों ने अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजों से पहले सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों की ओर रुख कर लिया है। इसका फायदा भारतीय आईटी कंपनियों को भी मिल रहा है। इसके चलते निफ्टी IT इंडेक्स आज सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स बन गया है। निवेशकों की नजर आज आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले पर बनी हुई है।

फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.47 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। निफ्टी आईटी बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। निफ्टी में सिर्फ 0.93 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इन्फोसिस 3.37 प्रतिशत बढ़कर निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त हासिल करने वाले शेयरों में शामिल है। वहीं, TCS में 2.65 प्रतिशत, विप्रो में 1.78 प्रतिशत और HCL टेक्नोलॉजीज में 1.1 प्रतिशत की तेजी आई है। मिडकैप आईटी की बात करें तो कोफोर्ज में 4.42 प्रतिशत, KPIT टेक्नोलॉजीज में 4.07 प्रतिशत और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स में 2.75 प्रतिशत की तेजी आई है।

एशियाई चिप शेयरो में लगातार बनी कमजोरी के बावजूद भारतीय IT शेयरों में रिकवरी देखने को मिल रही है। दक्षिण कोरियाई चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में भारी गिरावट आई है। AI के ऊंचे वैल्यूएशन,बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों द्वारा भारी कैपिटल खर्च को देखते हुए निवेशक अब चिप शेयरों से दूरी बना रहे हैं। इसका फायदा सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों को मिल रहा है।

ऐसा लगता है कि निवेशक माइक्रोसॉफ्ट और मेटा के नतीजों से पहले भारतीय सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनियों के शेयर को खरीदने के लिए इनमें आए करेक्शन का फायदा उठा रहे हैं। इन दोनों कंपनियों के नतीजों से AI पर खर्च के ट्रेंड के बारे में नए संकेत मिलने की उम्मीद है।

बाजार की नजर आज आने वाले US फ़ेडरल रिज़र्व के पॉलिसी के जुड़े ऐलानों पर है। CME फेडवॉच के मुताबिक बाजार यह मान कर चल रहा है कि US फ़ेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना कि दक्षिण कोरियाई चिप शेयरों में आई भारी गिरावट भारत के पक्ष में हो सकती है। यानी दूसरे शब्दों में कहें तो दक्षिण कोरिया में चिप शेयरों में आई भारी गिरावट भारत के लिए फायदेमंद हो सकती है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

TCS Share Price: Q1 नतीजों के बाद निवेशकों ने बढ़ाई खरीद, ब्रोकरेज का पॉजिटिव नजरिया बरकरार; शेयर 4% तक चढ़ा

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में 10 जुलाई को दिन में 4 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 2132 रुपये के हाई तक गया। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उम्मीद जगी है कि दूसरी तिमाही से मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में TCS का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 4.61 प्रतिशत बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही के लिए, TCS ने पिछली तिमाही के मुकाबले 0.4% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। AI से होने वाली कमाई (रेवेन्यू) तिमाही आधार पर 13.6% ज्यादा रहकर 2.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। अब कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान 8.5% है। TCS का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन अप्रैल-जून तिमाही में 24 प्रतिशत रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 25.3 प्रतिशत था।

TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने कहा है कि भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक मोर्चे पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, जून तिमाही हमारी निरंतर वृद्धि की गति और रणनीतिक स्थिति की मजबूती को दर्शाती है। तिमाही के दौरान कंपनी ने कुल 9.5 अरब डॉलर के नए सौदे हासिल किए। कंपनी ने अपने एआई इकोसिस्टम का विस्तार करने के लिए एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। जून तिमाही के दौरान कर्मचारियों की संख्या में 9,200 से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसके कारण 30 जून, 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS शेयर: अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

TCS के शेयर को 51 एनालिस्ट कवर करते हैं। इनमें से 33 ने स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी है, 12 ने “होल्ड” की सलाह दी है और 6 ने “सेल” रेटिंग दी है। तिमाही नतीजों के बाद JPMorgan ने TCS पर अपनी “ओवरवेट” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट ₹2,400 प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि वित्तीय नतीजे उम्मीदों के मुताबिक रहे। मैनेजमेंट को साल की दूसरी छमाही यानि कि अक्टूबर 2026—मार्च 2027 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन ब्रोकरेज को दूसरी तिमाही से ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ बेसिस पर रेवेन्यू सिर्फ 1% बढ़ने का अनुमान है।

JPMorgan ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में मजबूत स्थिति के कारण TCS के लिए साल-दर-साल आधार पर 2.5% से 3% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ ग्रोथ हासिल करना मुश्किल नहीं है। कम बेस के कारण यह अपने कॉम्पिटीटर्स, जैसे इंफोसिस और HCLTech के बराबर प्रदर्शन कर सकती है। स्टॉक में वैल्यू नजर आती है।

मोतीलाल ओसवाल, मॉर्गन स्टेनली की क्या सलाह

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने TCS के लिए ₹2,350 के प्राइस टारगेट के साथ अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने अपने नोट में कहा कि हालांकि मैनेजमेंट की शॉर्ट-टर्म कमेंट्री उनकी उम्मीद से बेहतर है, लेकिन लॉन्ग-टर्म अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं। उम्मीद है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) बेहतर होगी, लेकिन डिमांड में सुधार के सबूत बहुत कम हैं। मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए TCS की ऑर्गेनिक कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ क्रमशः 2.5% और 3.2% रहने का अनुमान जताया है।

मॉर्गन स्टेनली ने TCS के स्टॉक पर “इक्वल-वेट” रेटिंग और ₹2,200 का प्राइस टारगेट बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही के लिए उम्मीद से बेहतर आउटलुक से कुछ चिंताएं कम होनी चाहिए। कंपनी के EBIT मार्जिन में गिरावट देखी जा सकती है।