Stocks to Watch: फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट; Hero Motors, Lemon Tree, BoB और Hyundai समेत 17 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 83.00 प्वाइंट्स यानी 0.36% की फिसलन के साथ 22,767.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 13 अक्टूबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 1109.10 प्वाइंट्स यानी 1.54% की बढ़त के साथ 73,073.88 और निफ्टी भी 358.60 प्वाइंट्स यानी 1.60% की मजबूती के साथ 22,721.95 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Hero Motors Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हीरो मोटर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 115.3% बढ़कर ₹10.2 करोड़ और रेवेन्यू 24.9% उछलकर ₹319.3 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Elxsi Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा एलेक्सी का प्रॉफिट 10% बढ़कर ₹170.3 करोड़ और रेवेन्यू 15% उछलकर ₹1,055.7 करोड़ पर पहुंच गया।

SS Retail Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसएस रिटेल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 59.4% बढ़कर ₹23.7 करोड़ और रेवेन्यू 58.6% उछलकर ₹789 करोड़ पर पहुंच गया।

Anand Rathi Share and Stock Brokers Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 50.3% बढ़कर ₹41.9 करोड़ और रेवेन्यू 20.3% उछलकर ₹273.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Transformers and Rectifiers India Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 135.3% बढ़कर ₹79.8 करोड़ और रेवेन्यू 60.7% उछलकर ₹739.4 करोड़ पर पहुंच गया।

GTPL Hathway Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीटीपीएल हाथवे ₹9.2 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट से ₹90 लाख के घाटे में आ गई तो लेकिन रेवेन्यू 19.2% उछलकर ₹1,143.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Den Networks Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर डेन नेटवर्क्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.7% बढ़कर ₹36.5 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन रेवेन्यू 3.7% फिसलकर ₹232.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Zydus Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने जाइडस लाइफसाइंसेज की अहमदाबाद के मोरैया में स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की जांच की। 5-13 अक्टूबर तक चली जांच के बाद पांच ऑब्जर्वेशंस जारी हुए हैं।

Hyundai Motor India

हुंडई मोटर ग्रुप ने भारत के लिए एक बड़ी निवेश योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत 2026 और 2032 के बीच $1550 करोड़ का निवेश होगा।

Bharat Electronics Ltd (BEL)

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को 17 सितंबर से ₹533 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर्स कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, एवियोनिक्स, साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशन, ड्रोन, जैमर, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और सर्विस से जुड़े हैं।

SBI Funds Management

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के बोर्ड ने आर एस श्रीनिवास जैन को 13 अक्टूबर से ज्वाइंट सीईओ नियुक्त किया है।

Bank of Baroda

यूएई एक्सचेंज और एनएमसी हेल्थकेयर ग्रुप के फाउंडर बीआर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा समेत 26 से $1500 करोड़ का हर्जाना मांगा है। उनका आरोप है कि सरकारी बैंक और उसके कुछ अधिकारी ग्रुप की कंपनियों से जुड़े फर्जीवाड़े में शामिल थे और उन गारंटी के आधार पर उनके खिलाफ दावे किए, जिन पर उन्होंने कभी साइन नहीं किए थे। उन्होंने मुकदमा दायर करने की तारीख से लेकर पेमेंट या वसूली की तारीख तक हर्जाने पर सालाना 18% की दर से ब्याज भी मांगा है।

Hindustan Oil Exploration Company

हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी के बोर्ड ने देबब्रत दास को 16 अक्टूबर से सीएफओ नियुक्त किया है। मौजूदा सीएफओ ने निजी कारणों से 15 अक्टूबर से CFO पद छोड़ने का फैसला किया है, लेकिन वह कंपनी के वित्तीय सलाहकार की भूमिका में कंपनी से जुड़े रहेंगे।

Adani Enterprises

अदाणी एंटरप्राइजेज ने देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इक्विपमेंट बनाने और एसेंबली को लेकर जैबिल के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर बनाएगी, जिसके लिए नॉन-बाइंडिंग एमओयू हुआ है।

Polycab India

NCLAT (नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल), नई दिल्ली ने NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ), अहमदाबाद के 7 अक्टूबर के उस आदेश पर रोक लगा दी है और उसे फिलहाल टाल दिया है, जिसमें एसियर मेटल्स की IBC (इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) के तहत पॉलीकैब इंडिया के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार करने और CIRP (कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस) शुरू करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला ₹2.79 करोड़ के ऑपरेशनल डेट से जुड़ा है।

Ujjivan Small Finance Bank

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के बोर्ड की 16 अक्टूबर को बैठक में कारोबारी नतीजे के साथ-साथ इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए फंड जुटाने पर भी विचार करेगा।

Lemon Tree Hotels

लेमनट्री होटल्स ने अपने होटल पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए ‘कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स’ की साइनिंग का ऐलान किया है। यह प्रॉपर्टी फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट के तहत ऑपरेट होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज़, केनरा बैंक, बजाज कंज्यूमर केयर, भेल, आदित्य बिड़ला मनी, सिएट, एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, एमवी फोटोवोल्टिक पावर, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), सोनासेलेक्शन इंडिया, टाटा टेक्नोलॉजीज, लीला पैलेस होटल्स एंड रिसॉर्ट्स

एक्स-डिविडेंड: टीसीएस, वेदांता

एक्स-राइट्स: कॉन्टिनेंटल कंट्रोल्स

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: इस हफ्ते वेदांता, TCS और आनंदी राठी डिविडेंड देंगे, जानिए रिकॉर्ड डेट

Dividend Stocks: इस हफ्ते Vedanta, Tata Consultancy Services (TCS) और Anand Rathi Wealth के शेयर चर्चा में रह सकते हैं। इन तीनों कंपनियों ने डिविडेंड का ऐलान किया है। अब निवेशकों की नजर रिकॉर्ड डेट पर है। आइए जानते हैं कि किस कंपनी ने कितना डिविडेंड दिया है और शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा है।

Vedanta

Vedanta हर शेयर पर ₹5 का अंतरिम डिविडेंड देगी। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। कंपनी कुल करीब ₹1,955 करोड़ का डिविडेंड देगी। इसके लिए बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

शुक्रवार को BSE पर कंपनी का शेयर 4.11% चढ़कर ₹263.50 पर बंद हुआ। पिछले एक साल में शेयर ने 51% रिटर्न दिया है। दो साल में यह 47% चढ़ा है। वहीं, तीन साल का रिटर्न 234% रहा है।

Tata Consultancy Services (TCS)

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी TCS ने हर शेयर पर ₹12 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। कंपनी 30 अक्टूबर 2026 को डिविडेंड का भुगतान करेगी। इसके लिए 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

TCS का शेयर शुक्रवार को BSE पर 4.23% की तेजी के साथ ₹2,163 पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप ₹7.82 लाख करोड़ रहा। हालांकि, लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। एक साल में शेयर 29% गिरा है। दो साल में 49% और तीन साल में 40% की गिरावट आई है।

Anand Rathi Wealth

Anand Rathi Wealth हर शेयर पर ₹4 अंतरिम डिविडेंड देने वाली है।शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है। यानी डिविडेंड फेस वैल्यू का 80% है। कंपनी ने इससे पहले अप्रैल में हर शेयर पर ₹7 के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया था।

कंपनी ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान ऐलान की तारीख से 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।

पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 4.68% गिरकर ₹2,038.70 पर बंद हुआ। हालांकि, एक साल में इसने 38.14% रिटर्न दिया है। तीन साल का रिटर्न 331.44% रहा है। वहीं, 2026 में अब तक शेयर 31.75% चढ़ चुका है।

Stocks to Buy: 73% तक रिटर्न दे सकते हैं ये 5 शेयर, ब्रोकरेज ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TCS Q2 Results Date: टाटा की आईटी कंपनी 8 अक्टूबर जारी करेगी तिमाही नतीजे, डिविडेंड पर भी नजर

TCS Q2 Results Date: टाटा ग्रुप की दिग्गज IT कंपनी TCS इस हफ्ते वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। कंपनी 8 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही का रिजल्ट जारी करेगी। इसके साथ ही निवेशकों की नजर अंतरिम डिविडेंड पर भी रहेगी।

TCS ने 22 सितंबर को स्टॉक्स एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी थी। कंपनी ने बताया कि बोर्ड मीटिंग 8 अक्टूबर को होगी। इस बैठक में 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के रिजल्ट को मंजूरी दी जाएगी।

TCS का रिजल्ट बताएगा सेक्टर का मूड

TCS के रिजल्ट से पता चलेगा कि सितंबर तिमाही में कंपनी का कारोबार कैसा रहा। खासकर IT सेक्टर में इस समय मांग, खर्च और AI को लेकर काफी चर्चा है। ऐसे में TCS के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।

कंपनी TCS Tata Group की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। यह दुनिया की बड़ी IT Services कंपनियों में से एक है। TCS का कारोबार IT सर्विसेज, कंसल्टिंग और बिजनेस सॉल्यूशंस से जुड़ा है।

इंतरिम डिविडेंड पर भी फैसला

TCS की बोर्ड मीटिंग में इंतरिम डिविडेंड के प्रस्ताव पर भी विचार होगा। यानी कंपनी अपने शेयरधारकों को अंतरिम डिविडेंड देगी या नहीं, इसका फैसला इसी बैठक में हो सकता है।

अगर बोर्ड डिविडेंड को मंजूरी देता है तो इसका फायदा उन शेयरधारकों को मिलेगा, जिनका नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में होगा। TCS ने रिकॉर्ड 14 अक्टूबर 2026 तय की है।

Q1 में TCS का मुनाफा घटा था

अब सबकी नजर सितंबर तिमाही के नतीजों पर है। इसकी एक वजह जून तिमाही का प्रदर्शन भी है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में TCS का शुद्ध मुनाफा 13,349 करोड़ रुपये रहा था। यह पिछली तिमाही यानी मार्च 2026 के 13,718 करोड़ रुपये से 2.7% कम था।

कंपनी के मुनाफे पर 668 करोड़ रुपये के एकमुश्त खर्च का असर पड़ा था। यह रकम एक कानूनी दावे के सेटलमेंट से जुड़ी थी।

TCS के शेयरों का हाल

TCS का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1.23% की बढ़त के साथ 2,075.90 रुपये पर बंद हुआ था। पिछले 1 साल में स्टॉक 16.09% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 30.53% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 7.52 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टाटा संस की लिस्टिंग टालने के लिए टाटा ट्रस्ट का बड़ा कदम, दो कंपनियों के मर्जर का प्रस्ताव रखा

टाटा ट्रस्ट (Tata Trusts) ने टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को टालने के लिए बड़ा प्रस्ताव रखा है। इसके तहत Tata Electronics Systems Solutions Private Limited (TESS) और Tata Consulting Engineers (TCE) का Tata Sons में मर्जर किया जाएगा।

इसका मकसद Tata Sons को NBFC और कोर इनवेस्टमेंट कंपनी यानी CIC की नियामकीय कैटेगरी से बाहर लाना है। प्रस्ताव को Tata Sons के बोर्ड और RBI की मंजूरी मिलना जरूरी है।

Tata Sons को क्या फायदा होगा?

Tata Trusts के पास Tata Sons की करीब 66% हिस्सेदारी है। ट्रस्ट ने कंपनी के बोर्ड से इस प्रस्ताव को मंजूरी देने और RBI से जरूरी NOC लेने के लिए आवेदन करने को कहा है।

अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो Tata Sons अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी बनी रह सकेगी। यह इसलिए अहम है क्योंकि RBI ने इसी महीने Tata Sons की CIC के तौर पर रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी खारिज कर दी थी।

अपर लेयर NBFC के तौर पर Tata Sons पर कई अतिरिक्त नियम लागू होते हैं। इसमें कंपनी की शेयर मार्केट में अनिवार्य लिस्टिंग भी शामिल है।

दो कंपनियों के विलय से क्या बदलेगा?

यह Tata Sons का ब्रेकअप या डीमर्जर नहीं है। इसके उलट दो ऑपरेटिंग कंपनियों को Tata Sons में मिलाया जाएगा।

Tata Trusts के मुताबिक, 31 मार्च 2026 के आंकड़ों के आधार पर विलय के बाद Tata Sons की ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,05,043 करोड़ होता। वहीं, फाइनेंशियल एसेट्स से इनकम ₹40,072 करोड़ होती।

इस तरह कुल इनकम में ऑपरेटिंग रेवेन्यू की हिस्सेदारी 64.3% होती। Tata Trusts का कहना है कि इस स्थिति में टाटा संस RBI के प्रिंसिपल बिजनेस क्राइटेरिया के तहत NBFC नहीं होगी।

CIC की कैटेगरी से भी बाहर आएगी

इस प्रस्ताव का दूसरा मकसद Tata Sons को CIC की परिभाषा से बाहर लाना है। मर्जर के बाद कंपनी की कुल नेट एसेट्स ₹2,00,158 करोड़ होंगी। इसमें ₹1,77,120 करोड़ यानी करीब 88.5% हिस्सा ग्रुप कंपनियों में निवेश का होगा।

CIC के लिए 90% की सीमा लागू होती है। प्रस्तावित ढांचे में यह अनुपात 90% से नीचे रहेगा। इसलिए Tata Trusts के मुताबिक, Tata Sons CIC की कैटेगरी में नहीं आएगी।

Tata Sons फिर सीधे कारोबार करेगी

मर्जर के बाद Tata Sons सिर्फ होल्डिंग कंपनी नहीं रहेगी। वह सीधे कारोबार भी करेगी। Tata Trusts का कहना है कि इससे Tata Sons अपने पुराने मॉडल की तरफ लौटेगी। कंपनी के करीब 100 साल के इतिहास में लगभग 80 साल तक Tata Sons के पास अपने ऑपरेटिंग बिजनेस और रेवेन्यू थे।

इसी रेवेन्यू से ग्रुप के नए कारोबारों को आगे बढ़ाने में मदद मिलती थी। Tata Consultancy Services यानी TCS भी 2004 में अलग कंपनी बनने से पहले Tata Sons की ही एक डिविजन थी।

RBI की मंजूरी जरूरी

इस प्रस्ताव को लागू करना आसान नहीं होगा। इसके लिए RBI की मंजूरी जरूरी है। ऑपरेटिंग और नॉन-फाइनेंशियल कंपनियों का NBFC के साथ विलय होने की वजह से RBI के Non-Banking Financial Companies-Voluntary Amalgamation Directions, 2025 के नियम लागू होंगे।

Tata Sons को पहले RBI से NOC लेना होगा। मर्जर पूरा होने के बाद अगर कंपनी CIC की कैटेगरी में नहीं रहती है तो उसे अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सरेंडर करना होगा।

Tata Trusts ने क्या कहा?

Tata Trusts का कहना है कि यह रीस्ट्रक्चरिंग टाटा ग्रुप और उसके शेयरहोल्डर्स के हित में है। ट्रस्ट के मुताबिक, इससे Tata Sons को अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी के तौर पर बनाए रखने का रास्ता खुल सकता है।

ट्रस्ट ने जुलाई 2025 में Sir Dorabji Tata Trust और Sir Ratan Tata Trust के बोर्ड से पास हुए प्रस्तावों का भी जिक्र किया है। दोनों ट्रस्ट के बोर्ड ने Tata Sons का अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी का दर्जा बनाए रखने के लिए हर मुमकिन प्रयास करने की बात कही थी।

Tata Trusts के मुताबिक, इस बदलाव से टाटा ग्रुप की करीब 100 साल पुरानी संरचना बनी रहेगी। साथ ही, लंबे समय के निवेश, राष्ट्र निर्माण और परोपकारी कामों पर ग्रुप का फोकस भी जारी रहेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 9 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार यानी 9 सितंबर को शेयर बाजार में कई स्टॉक्स पर नजर रहेगी। Raymond, TCS, Biocon और Bank of Baroda समेत 16 कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट सामने आए हैं। इनमें बड़े ऑर्डर, हिस्सेदारी बिक्री, फंड जुटाने और डिविडेंड से जुड़े फैसले शामिल हैं। ऐसे में इन शेयरों में बाजार खुलने के बाद हलचल देखने को मिल सकती है।

Raymond

टेक्सटाइल और गारमेंट कंपनी Raymond ₹214.71 करोड़ तक जुटाएगी। इसके लिए 33,28,686 कन्वर्टिबल वारंट जारी किए जाएंगे। ये वारंट Minerva Ventures Fund को ₹645 प्रति वारंट की कीमत पर मिलेंगे। हर वारंट से ₹645 में एक इक्विटी शेयर लेने का अधिकार होगा।

Tata Consultancy Services

आईटी सर्विसेज कंपनी Tata Consultancy Services को ओडिशा सरकार से ₹122.6 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत OSWAS 3.0 लागू किया जाएगा। इसमें वर्कफ्लो ऑटोमेशन, एनालिटिक्स, सिक्योरिटी और AI को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।

Biocon

बायोफार्मा कंपनी Biocon में Active Pine करीब 1.66 करोड़ शेयर बेच सकता है। यह कंपनी में करीब 1% हिस्सेदारी के बराबर है। करीब ₹638.4 करोड़ का ब्लॉक डील होने की संभावना है। शेयर का फ्लोर प्राइस ₹385 रखा गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से करीब 1.9% कम है।

Enviro Infra Engineers

वाटर ट्रीटमेंट कंपनी Enviro Infra Engineers की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी Suyog Urja को ₹189.99 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर Tata Power Renewable Energy ने दिया है। काम महाराष्ट्र के Parli में 180 MW के NTPC विंड पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

Laxmi Organic Industries

केमिकल कंपनी Laxmi Organic Industries के MD और CEO Rajan Venkatesh 13 नवंबर 2026 को पद छोड़ेंगे। इसके बाद 14 नवंबर से Harshvardhan Goenka MD और CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। कंपनी ने इस बदलाव की जानकारी दी है।

Bank of Baroda

सरकारी बैंक Bank of Baroda NSE में अपनी हिस्सेदारी का 35% हिस्सा बेचने की तैयारी कर रहा है। बैंक OFS के जरिए 76,90,375 तक NSE शेयर बेच सकता है। ये शेयर 8 सितंबर को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। बिक्री सितंबर के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।

Innovision

सिक्योरिटी और मैनपावर सर्विसेज कंपनी Innovision को NHAI से कुल ₹243.60 करोड़ के दो वर्क ऑर्डर मिले हैं। इनमें मध्य प्रदेश के हाईवे फीस प्लाजा पर टोल कलेक्शन और सुविधाओं के रखरखाव का काम शामिल है।

Great Eastern Shipping Company

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping Company ने एक सेकंडहैंड Kamsarmax ड्राई बल्क कैरियर खरीदने का करार किया है। इसका वजन उठाने की क्षमता 81,609 DWT है और यह जहाज 2019 में बना था। इसकी डिलीवरी वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में होने की उम्मीद है।

Sanofi India

फार्मा कंपनी Sanofi India ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका BARC, Mysore को 2012 से 2015 के बीच फार्मास्युटिकल सप्लाई से जुड़े CBI मामले में आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने के लिए थी। कंपनी ने कहा कि 7 सितंबर के आदेश में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है। मामला इस बात से जुड़ा है कि किसी कर्मचारी को आरोपी बनाए बिना कंपनी के खिलाफ मुकदमा जारी रह सकता है या नहीं।

K.P. Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी K.P. Energy को Emmvee Energy से कर्नाटक में 42 MW का विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट लगाने के लिए LOI मिला है। इसमें 21 MW विंड और 21 MWp सोलर क्षमता होगी। यह प्रोजेक्ट Emmvee Energy की कर्नाटक स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज की कैप्टिव पावर जरूरत पूरी करेगा।

PVR INOX

मल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX ने बेंगलुरु के बेलंदूर स्थित Soul Space Spirit में 3 नए स्क्रीन शुरू किए हैं। इनमें एक 4DX और दो मेनस्ट्रीम स्क्रीन शामिल हैं। नए स्क्रीन जुड़ने के बाद यहां कुल 7 स्क्रीन हो गई हैं।

Ritco Logistics

लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Ritco Logistics को अगस्त में ₹388 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह कंपनी के लिए बड़ा कॉन्ट्रैक्ट है। इससे कारोबार और आने वाले रेवेन्यू को सपोर्ट मिल सकता है। इ

Bajaj Holdings

इन्वेस्टमेंट कंपनी Bajaj Holdings के बोर्ड की 15 सितंबर को बैठक होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। डिविडेंड को लेकर बोर्ड का फैसला निवेशकों के लिए अहम हो सकता है।

Maharashtra Scooters

ऑटोमोबाइल से जुड़ी कंपनी Maharashtra Scooters के बोर्ड की 15 सितंबर को बैठक होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। डिविडेंड को लेकर बोर्ड के फैसले पर निवेशकों की नजर रहेगी।

MosChip

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी MosChip ने Vayavya Labs के 73% अधिग्रहण से जुड़े विवाद पर अपडेट दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने रिस्पॉन्डेंट्स को 15 सितंबर तक अतिरिक्त ₹200 करोड़ की सिक्योरिटी जमा करने को कहा है। कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ आदेश में किसी उल्लंघन या दोष पर फैसला नहीं दिया है।

NLC India

सरकारी पावर कंपनी NLC India की सब्सिडियरी को SJVN से 200 MW के विंड पावर प्रोजेक्ट का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ा है।

Vodafone Idea Share: 47% गिर सकता है शेयर! HSBC ने ‘Reduce’ रेटिंग के साथ ₹8.25 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

H-1B वीजा पर US का नया प्लान, भारत पर क्या होगा असर?

H-1B वीजा पर US का नया प्लान, भारत पर क्या होगा असर?

डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार ने अत्यधिक कुशल विदेशी कर्मचारियों के लिए नए H-1B वीजा आवेदन पर 1 लाख डॉलर से अधिक की फीस लगाने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिकी Department of Homeland Security (DHS) की ओर से जारी प्रस्ताव के तहत यह फीस बढ़ाकर 1,03,265 डॉलर की जा सकती है। सोमवार को Federal Register में प्रकाशित नोटिस के मुताबिक, यह फीस उन सभी H-1B वीजा कैप-सब्जेक्ट आवेदनों पर लागू होगी, जिनमें एडवांस्ड डिग्री यानी उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध छूट वाली श्रेणी भी शामिल है।

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H-1B फीस बढ़ाने का नया प्रस्ताव

 

DHS का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब H-1B वीजा फीस को लेकर अमेरिकी अदालतों में कानूनी विवाद चल रहा है। करीब एक महीने पहले एक संघीय अपीलीय अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जिला जज के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जिसने ट्रंप प्रशासन की 1 लाख डॉलर H-1B फीस लगाने की योजना को पलट दिया था।

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सितंबर 2025 में ट्रंप ने एक व्यापक घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत H-1B वीजा पर सालाना 1 लाख डॉलर की फीस लगाने का प्रावधान किया गया था। इसी दौरान अमीर लोगों के लिए अमेरिकी नागरिकता की राह के तौर पर 10 लाख डॉलर के ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा की योजना भी पेश की गई थी।

 

हालांकि, बाद में एक संघीय अदालत ने 1 लाख डॉलर की H-1B फीस को रद्द कर दिया था। वहीं, ‘गोल्ड कार्ड’ कार्यक्रम एक अलग पहल है।

 

भारतीय प्रोफेशनल्स पर सबसे ज्यादा असर की आशंका

नई प्रस्तावित फीस का सबसे ज्यादा असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ने की आशंका है। इसकी वजह यह है कि H-1B वीजा धारकों में भारतीय नागरिकों की संख्या काफी बड़ी है। H-1B वीजा मुख्य रूप से ऐसे विशेषज्ञ पेशों (Specialty Occupations) के लिए जारी किया जाता है, जिनमें आमतौर पर कम से कम स्नातक डिग्री या उसके समकक्ष योग्यता की आवश्यकता होती है।

 

यह वीजा लंबे समय से अमेरिका की टेक्नोलॉजी कंपनियों और IT सर्विसेज कंपनियों के लिए विदेशी कुशल कर्मचारियों को नियुक्त करने का प्रमुख माध्यम रहा है। हालांकि, आलोचकों का आरोप है कि कुछ कंपनियां H-1B कार्यक्रम का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम लागत वाले विदेशी श्रमिकों तक पहुंच बनाने के लिए करती हैं।

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H-1B वीजा के लिए होता है लॉटरी सिस्टम

 

परंपरागत रूप से जब H-1B वीजा के लिए आवेदन वार्षिक सीमा से अधिक हो जाते थे, तो कैप-सब्जेक्ट वीजा आवेदनों का चयन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाता था। हालांकि, हाल के वर्षों में H-1B वीजा चयन प्रक्रिया में कई बदलाव किए गए हैं।

 

Amazon, Infosys और TCS समेत ये कंपनियां बड़ी नियोक्ता

H-1B कार्यक्रम के तहत Amazon लगातार सबसे बड़े नियोक्ताओं में शामिल रही है। इसके अलावा Cognizant, Infosys, Tata Consultancy Services (TCS), Microsoft और Google जैसी कंपनियां भी H-1B वीजा के प्रमुख नियोक्ताओं में शामिल हैं। अमेरिका का California राज्य भी H-1B मंजूरियों के मामले में प्रमुख राज्यों में बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह राज्य में टेक्नोलॉजी कंपनियों की भारी मौजूदगी है।

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नए प्रस्ताव को अंतिम रूप मिलने पर अमेरिका में काम करने की योजना बना रहे विदेशी कुशल कर्मचारियों और उन्हें नियुक्त करने वाली कंपनियों की लागत में बड़ा इजाफा हो सकता है। भारतीय IT प्रोफेशनल्स और अमेरिकी टेक कंपनियां इस प्रस्ताव से सबसे ज्यादा प्रभावित पक्षों में शामिल हो सकती हैं।

टाटा की TCS ने Porsche की MHP को ₹3573 करोड़ में खरीदा, 10 महीने में तीसरी बड़ी डील

टाटा ग्रुप की Tata Consultancy Services (TCS) ने 24 अगस्त को जर्मन कार कंपनी Porsche की सब्सिडियरी MHP Management- und IT-Beratung GmbH को खरीदने का ऐलान किया। यह सौदा 320 मिलियन यूरो यानी करीब ₹3,573 करोड़ की एंटरप्राइज वैल्यू पर हुआ है। TCS MHP के 100% शेयर खरीदेगी। डील अगले 3-4 महीने में पूरी होने की उम्मीद है।

4,500 कर्मचारियों वाली कंपनी है MHP

MHP ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेक्टर की कंसल्टिंग कंपनी है। इसका काम बिजनेस कंसल्टिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, AI, सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी, SAP और मैन्युफैक्चरिंग डिजिटाइजेशन से जुड़ा है।

CY2025 में MHP का टर्नओवर करीब €742 मिलियन रहा। कंपनी में करीब 4,500 कर्मचारी हैं। MHP की मौजूदगी जर्मनी के अलावा रोमानिया, ब्रिटेन, अमेरिका, भारत और मैक्सिको में भी है।

Porsche के साथ ₹13,959 करोड़ की पार्टनरशिप

MHP के अधिग्रहण के साथ Porsche ने TCS और MHP के साथ 5 साल की रणनीतिक पार्टनरशिप भी की है। इसकी कुल वैल्यू €1.25 अरब यानी करीब ₹13,959 करोड़ है।

इस साझेदारी का फोकस AI ट्रांसफॉर्मेशन पर रहेगा। इसमें नई पीढ़ी की मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी पर खास ध्यान दिया जाएगा।

10 महीने में TCS की तीसरी बड़ी डील

MHP TCS की पिछले 10 महीनों में तीसरी बड़ी अधिग्रहण डील है। इससे पहले कंपनी ने दिसंबर में Salesforce कंसल्टिंग और AI सॉल्यूशन कंपनी Coastal Cloud को $700 मिलियन में खरीदा था। इससे पहले ListEngage MidCo का करीब $72.8 मिलियन में खरीदा था।

MHP की डील के साथ TCS ने 10 महीनों में अधिग्रहण पर $1 अरब से ज्यादा खर्च कर दिया है।

TCS के शेयरों का हाल

TCS के शेयर सोमवार को 0.91% की गिरावट के साथ 2,281 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 1.18% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में यह 27.37% टूट चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 8.26 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टॉप 10 कंपनियों में से 5 का M-Cap ₹100000 करोड़ घटा, TCS को सबसे अधिक नुकसान

स्थानीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह गिरावट रही। इस बीच सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 5 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने झेला। बीते सप्ताह सेंसेक्स 489.92 अंक या 0.62 प्रतिशत और निफ्टी 204.65 अंक या 0.83 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मार्केट कैप में गिरावट आई। दूसरी ओर भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप बढ़ गया। इन कंपनियों की वैल्यूएशन में कुल 55,149.45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।

बीते सप्ताह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप 34,263.28 करोड़ रुपये घटकर 8,53,506.85 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 31,869.13 करोड़ रुपये घटकर 17,70,056.06 करोड़ रुपये, भारतीय स्टेट बैंक का 25,891.88 करोड़ रुपये घटकर 9,85,829.96 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 7,165.37 करोड़ रुपये घटकर 11,20,802.10 करोड़ रुपये और ICICI Bank का मार्केट कैप 2,792.65 करोड़ रुपये घटकर 10,17,577.98 करोड़ रुपये पर आ गया।

बाकी 5 कंपनियों को कितना फायदा

इस रुख के उलट भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मार्केट कैप 26,438.49 करोड़ रुपये बढ़कर 5,23,330.31 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 20,592.13 करोड़ रुपये बढ़कर 12,43,016.11 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 3,548.79 करोड़ रुपये बढ़कर 6,77,197.34 करोड़ रुपये, लार्सन एंड टुब्रो का 2,490.66 करोड़ रुपये बढ़कर 5,58,973.11 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 2,079.38 करोड़ रुपये बढ़कर 4,90,888.35 करोड़ रुपये हो गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 17 अगस्त को NSE और BSE पर धूत ट्रांसमिशन, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स की लिस्टिंग होगी। 18 अगस्त को NSE और BSE पर मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इसके बाद 19 अगस्त को NSE और BSE पर बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

N Chandrasekaran Resigns as Tata Sons Chairman: Reuters

N Chandrasekaran Resigns as Tata Sons Chairman: Reuters
N-Chandrasekaran

N Chandrasekaran has resigned as chairman of Tata Sons but will continue in the role until the end of his current term in February, according to a source familiar with the matter, Reuters reported on Wednesday. The development comes months after Tata Sons deferred a decision on Chandrasekaran’s reappointment amid differences with Tata Trusts chairman Noel Tata over the future governance of the conglomerate. 

Why Chandrasekaran Is Stepping Down: Tata Trusts Rift Explained

Tata Sons is the holding company of the Tata Group and oversees more than 30 companies, including Tata Consultancy Services (TCS), Tata Motors and Air India. Tata Trusts, the group’s philanthropic arm, owns a 66 per cent stake in Tata Sons.

In February, Tata Sons postponed a decision on extending Chandrasekaran’s tenure after Noel Tata opposed the move, Reuters reported at the time. According to a source cited by Reuters, Noel Tata had sought several conditions, including a commitment that Tata Sons would never be listed. Chandrasekaran was unwilling to make such a commitment, the source said.

The two sides have also disagreed over board representation, Reuters reported, citing people familiar with the matter.

What This Means for Tata Motors, TCS and Air India

Tata Sons did not immediately respond to a Reuters request for comment, while Chandrasekaran could not be reached for comment.

Chandrasekaran joined the Tata Group in 1987 and became CEO of TCS in 2009. He was appointed as the chairman of Tata Sons in February 2017 and his second 5-year tenure will come to an end on February 20, 2027. 

The leadership uncertainty comes as the Tata Group faces challenges across several businesses. Reuters has reported that Air India has come under regulatory scrutiny following a fatal crash, while TCS has faced pricing pressure. Jaguar Land Rover (JLR) has also been dealing with the impact of a cyberattack that disrupted production and affected Britain’s economic output.

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से 4 का मार्केट कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा, SBI को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को सबसे अधिक फायदा हुआ। बीते सप्ताह सेंसेक्स 404.53 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी 187.05 अंक या 0.76 प्रतिशत के लाभ में रहा। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और लार्सन एंड टुब्रो के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई।

वहीं भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में कुल मिलाकर 1.23 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। सप्ताह के दौरान भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप 63,922.03 करोड़ रुपये बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 32,816.4 करोड़ रुपये बढ़कर 18,01,925.19 करोड़ रुपये, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का 31,875.35 करोड़ रुपये बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपये और लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप 14,637.76 करोड़ रुपये बढ़कर 5,56,482.45 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इस रुख के उलट LIC के मार्केट कैप में 40,543.23 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह घटकर 4,96,891.82 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 37,168.96 करोड़ रुपये घटकर 6,73,648.55 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 24,183.16 करोड़ रुपये घटकर 11,27,967.47 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 9,507.67 करोड़ रुपये घटकर 10,20,370.63 करोड़ रुपये, भारती एयरटेल का 7,581.65 करोड़ रुपये घटकर 12,22,423.98 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 4,793.16 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 4,88,808.97 करोड़ रुपये पर आ गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।