Stocks to Watch: 4 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 19 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: मंगलवार, 4 अगस्त को कई शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कुछ में बड़े कॉरपोरेट घटनाक्रम सामने आए हैं। ऐसे में इन शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं किन 19 स्टॉक्स पर निवेशकों का फोकस रहेगा।

LIC

सरकारी बीमा कंपनी LIC में सरकार 4 अगस्त से OFS के जरिए 6.5% तक हिस्सेदारी बेचेगी। OFS का फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव से करीब 11% कम है। पूरी हिस्सेदारी बिकने पर सरकार को करीब ₹31,000 करोड़ मिल सकते हैं।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में शुरुआती निवेशक Peak XV Partners और Elevation Capital करीब ₹1,900 करोड़ के ब्लॉक डील के जरिए 2.3% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इस डील में करीब 10.5 करोड़ शेयर ₹182.08 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेचे जाएंगे, जो मौजूदा बाजार भाव से 5% कम है। Morgan Stanley इस ब्लॉक डील का ब्रोकर है।

IREDA

सरकारी नवरत्न कंपनी IREDA का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 36.8% बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 24.1% बढ़कर ₹856.8 करोड़ रही। रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ती फाइनेंसिंग की मांग से कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती मिली।

Arvind

टेक्सटाइल और रिटेल कंपनी Arvind ने करीब ₹500 करोड़ जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। कंपनी ने प्रति शेयर ₹505 का सांकेतिक इश्यू प्राइस तय किया है, जो 3 अगस्त के बंद भाव से 4.53% कम है। इससे पहले बोर्ड ने इक्विटी या अन्य सिक्योरिटीज के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी थी।

SBI Funds Management

देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी SBI Funds Management का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 3.3% बढ़कर ₹873 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 15.2% बढ़कर ₹1,146 करोड़ और ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17% बढ़कर ₹907 करोड़ रहा। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले शुद्ध मुनाफे में 37% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

DLF

रियल एस्टेट कंपनी DLF ने जून तिमाही में ₹793.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 4.1% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 52.9% घटकर ₹1,280.3 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,716.7 करोड़ था।

Kalpataru

रियल एस्टेट कंपनी Kalpataru की जून तिमाही में शुद्ध घाटा घटकर ₹26.5 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹49.4 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 6.5% बढ़कर ₹472.2 करोड़ और प्री-सेल्स 6% बढ़कर ₹1,329 करोड़ पहुंच गई। वहीं, कलेक्शन 17% बढ़कर ₹1,365 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA घाटा बढ़कर ₹45.9 करोड़ हो गया।

Torrent Power

पावर सेक्टर की कंपनी Torrent Power ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.7% घटकर ₹639 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹731.4 करोड़ था। LNG सप्लाई में रुकावट और वित्तीय खर्च बढ़ने का असर कंपनी के प्रदर्शन पर दिखा। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त दर्ज की गई।

One97 Communications (Paytm)

फिनटेक कंपनी One97 Communications (Paytm) में बड़ा ब्लॉक डील हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा निवेशक SAIF Partners कंपनी में अपनी 2.3% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस डील का आकार करीब ₹2,002 करोड़ हो सकता है और फ्लोर प्राइस ₹1,339.65 प्रति शेयर रखा गया है, जो पिछले बंद भाव से 5% कम है।

Kansai Nerolac Paints

पेंट कंपनी Kansai Nerolac Paints का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 5% बढ़ा। डेकोरेटिव और इंडस्ट्रियल पेंट कारोबार में मजबूत मांग से कंपनी को फायदा मिला। हालांकि, कच्चे माल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव रहा। कंपनी का रेवेन्यू 9.8% बढ़कर ₹2,374 करोड़ पहुंच गया।

Gulf Oil Lubricants India

लुब्रिकेंट बनाने वाली कंपनी Gulf Oil Lubricants India ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 28.6% बढ़कर ₹123.1 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 30.6% बढ़कर ₹1,327 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,016.4 करोड़ था।

The Great Eastern Shipping Company

शिपिंग और ऑफशोर सर्विसेज कंपनी The Great Eastern Shipping Company का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में दो गुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,309 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹505 करोड़ था। मजबूत शिपिंग कारोबार और बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन की वजह से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

GSK Pharma

फार्मा कंपनी GlaxoSmithKline Pharmaceuticals (GSK Pharma) का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 15.7% बढ़ा। जनरल मेडिसिन और वैक्सीन कारोबार में मजबूत ग्रोथ से कंपनी को फायदा मिला। बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन ने भी नतीजों को मजबूती दी।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 67% बढ़कर ₹50 करोड़ हो गया। हालांकि, रेवेन्यू में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी से मुनाफे में सुधार हुआ।

Restaurant Brands Asia

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनी Restaurant Brands Asia का जून तिमाही में घाटा कम हुआ। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस ₹28.3 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹41.9 करोड़ था। इससे कंपनी के प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिले।

KIMS

हॉस्पिटल चेन KIMS के जून तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 47.2% घटकर ₹41.5 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 35.3% बढ़कर ₹1,179.5 करोड़ हो गया। EBITDA 16% बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 22.1% से घटकर 18.9% रह गया।

UPL

एग्रोकेमिकल कंपनी UPL के CEO माइक फ्रैंक ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। तब तक वह अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। कंपनी ने फिलहाल इस्तीफे की वजह नहीं बताई है। अब बाजार की नजर नए CEO की नियुक्ति पर रहेगी।

DOMS Industries

स्टेशनरी और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कंपनी DOMS Industries के जून तिमाही नतीजों में बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफा घट गया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹57.2 करोड़ से घटकर ₹44.4 करोड़ रह गया। वहीं, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹670.5 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 17.6% से घटकर 12.3% रहा।

Thomas Cook

ट्रैवल सर्विसेज कंपनी Thomas Cook India का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 5.8% बढ़कर ₹58.7 करोड़ हो गया। कंपनी का रेवेन्यू भी 1.2% बढ़कर ₹828 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹818 करोड़ था।

तिमाही नतीजे

शेयर बाजार में मंगलवार को कई कंपनियां जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Bharti Airtel, Bharti Hexacom, BSE, Castrol India, Godrej Properties, Ajmera Realty & Infra India, Dredging Corporation of India और Adroit Infotech जैसी कंपनियां शामिल हैं।

LIC OFS: बीमा कंपनी में 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर का तय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Q1 Results: आईपीओ के बाद पहला रिजल्ट, ₹873 करोड़ का मुनाफा; शेयरों पर रहेगी नजर

SBI Funds Q1 Results: देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी SBI Funds Management ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। यह आईपीओ लिस्टिंग के बाद कंपनी का पहला रिजल्ट है। इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 3.3% बढ़कर ₹873 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹845 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 17% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में SBI Funds का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17% बढ़कर ₹907 करोड़ हो गया। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले शुद्ध मुनाफे में 37% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 15.2% बढ़कर ₹1,146 करोड़ रही, जो एक साल पहले ₹995 करोड़ थी।

AUM बढ़कर ₹12.6 लाख करोड़

SBI Funds का क्वार्टली एवरेज एसेट अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) बढ़कर ₹12.6 लाख करोड़ पहुंच गया। यह सालाना आधार पर 11% की बढ़ोतरी है। इसके साथ ही 15.1% मार्केट शेयर के साथ SBI Funds देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी बनी हुई है।

इक्विटी और पैसिव फंड में भी बढ़त

SBI Funds का एक्टिव इक्विटी QAAUM 10% बढ़कर ₹8.6 लाख करोड़ हो गया। वहीं, पैसिव फंड QAAUM 12% बढ़कर ₹4 लाख करोड़ पहुंच गया। इस सेगमेंट में कंपनी की 27.4% मार्केट हिस्सेदारी है और वह पहले स्थान पर बनी हुई है।

SIP और निवेशकों की संख्या बढ़ी

30 जून 2026 तक कंपनी का SIP AUM 15% बढ़कर ₹2 लाख करोड़ हो गया। SBI Funds के यूनिक ग्राहकों की संख्या 12% बढ़कर 1.82 करोड़ पहुंच गई। वहीं, लाइव फोलियो 14% बढ़कर 2.2 करोड़ हो गए।

कंपनी के पास 1.6 करोड़ एक्टिव SIP हैं। इसके अलावा 2.23 करोड़ म्यूचुअल फंड फोलियो और 1.27 करोड़ निवेशक B-30 शहरों (शीर्ष 30 शहरों के बाहर) से हैं।

नए फंड भी लॉन्च किए

जून तिमाही के दौरान SBI Funds के पास 122 म्यूचुअल फंड स्कीम थीं। इनमें 35 इक्विटी स्कीम, 36 डेट स्कीम और 43 ETF व इंडेक्स फंड शामिल हैं। कंपनी ने इस दौरान 6 नई स्कीम भी लॉन्च कीं।

SBI Funds Management भारत की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। यह SBI और यूरोप की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी Amundi का जॉइंट वेंचर है।

SBI Funds के शेयर

सोमवार को SBI Funds Management का शेयर 0.21% की गिरावट के साथ ₹587.95 पर बंद हुआ। यह फिलहाल अपनी लिस्टिंग प्राइस से 3.54% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप 1.20 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 22 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार 22 जुलाई को शेयर बाजार में 15 कंपनियों के शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जबकि कुछ ने कारोबार से जुड़े बड़े ऐलान किए हैं। वहीं, कई दिग्गज कंपनियां आज अपने Q1 नतीजे पेश करेंगी। ऐसे में इन शेयरों में पूरे कारोबारी सत्र के दौरान अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma की सहयोगी कंपनी CuraTeQ को हैदराबाद स्थित बायोसिमिलर्स मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए ब्राजील की हेल्थ रेगुलेटर ANVISA से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी से कंपनी को ब्राजील के बाजार में कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

JSW Infrastructure

पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी JSW Infrastructure का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 8.2% घटकर ₹357.6 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹1,444.8 करोड़ हो गया। EBITDA 15.9% बढ़कर ₹673.7 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन 47.5% से घटकर 46.6% पर आ गया।

Aditya Birla Capital

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Aditya Birla Capital ने अपनी सहयोगी कंपनी Aditya Birla Health Insurance में राइट्स इश्यू के जरिए ₹123.89 करोड़ का निवेश किया है। कंपनी ने यह निवेश कारोबार बढ़ाने और पूंजी आधार मजबूत करने के लिए किया है।

Trident Ltd

टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की कंपनी Trident Ltd का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ रहा। इस दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ और EBITDA 2.7% बढ़कर ₹299.6 करोड़ हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल की तरह 17% पर स्थिर रहा।

Bandhan Bank

प्राइवेट सेक्टर के Bandhan Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 34.8% बढ़कर ₹501.6 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 6% बढ़ी। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 3.15% और नेट NPA 0.93% पर आ गया। तिमाही के दौरान बैंक ने ₹682.5 करोड़ का प्रावधान किया।

IndiaMART InterMESH

ऑनलाइन B2B ई-कॉमर्स कंपनी IndiaMART InterMESH ने जून तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12.18% बढ़कर ₹172.20 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹153.50 करोड़ था। तिमाही आधार पर कंपनी का मुनाफा 243.03% उछला है।

TVS Holdings

ऑटो सेक्टर की कंपनी TVS Holdings का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 73.8% बढ़कर ₹1,173.5 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹17,076.1 करोड़ रहा। EBITDA 38.6% बढ़ा। वहीं, EBITDA मार्जिन बढ़कर 16.3% हो गया।

Welspun Specialty

मेटल सेक्टर की कंपनी Welspun Specialty जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में लौट आई। कंपनी ने ₹5.16 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी अवधि में ₹0.75 करोड़ का घाटा हुआ था। हालांकि, रेवेन्यू 3.8% घटकर ₹194 करोड़ रहा। EBITDA बढ़कर ₹10.54 करोड़ और मार्जिन 5.4% पर पहुंच गया।

Cyient DLM

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Cyient DLM का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹16.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹7.4 करोड़ था। रेवेन्यू 34.3% बढ़कर ₹373.8 करोड़ रहा। EBITDA 56.4% बढ़कर ₹39 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 10.5% पर पहुंच गया।

Indian Hotels

टाटा ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कंपनी Indian Hotels का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20.8% बढ़कर ₹358 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 14.6% बढ़कर ₹2,339 करोड़ रहा। EBITDA 16.8% बढ़कर ₹672 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 28.8% रहा।

MedPlus Health Services

फार्मेसी रिटेल चेन MedPlus Health Services का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 21.8% घटकर ₹33 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 21.8% बढ़कर ₹1,879.6 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,542.6 करोड़ था।

Aavas Financiers

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Aavas Financiers की जून तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 16.6% बढ़कर ₹324 करोड़ हो गई। शुद्ध मुनाफा 23% बढ़कर ₹171 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹139 करोड़ था।

Sagility India

हेल्थकेयर BPO कंपनी Sagility India का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46% बढ़कर ₹217 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 27.6% बढ़कर ₹1,963 करोड़ रहा। EBITDA 26.6% बढ़कर ₹438 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 23% से घटकर 22.3% रह गया।

Mastek

आईटी सेक्टर की कंपनी Mastek का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 15% बढ़कर ₹106 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.7% बढ़कर ₹985.3 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹914.7 करोड़ था।

Sunteck Realty

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Sunteck Realty का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 26.4% बढ़कर ₹42.3 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 1.7% बढ़कर ₹191.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹181.3 करोड़ था।

Hatsun Agro

डेयरी कंपनी Hatsun Agro का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 1.1% घटकर ₹133.6 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹3,090 करोड़ हो गया। EBITDA 5.1% घटकर ₹350.5 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 11.3% पर आ गया।

22 जुलाई को आने वाले तिमाही नतीजे

बुधवार को जून तिमाही के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी। कई बड़ी कंपनियां अपने Q1 रिजल्ट जारी करेंगी। इनमें Adani Green Energy, Adani Power, Aye Finance, Dr. Reddy’s Laboratories, Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और CSB Bank जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनके नतीजों के बाद इन शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

SBI Funds Management Shares: SBI Mutual Fund चलाने वाली कंपनी SBI Funds Management की शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत हुई। कंपनी का शेयर ₹574 के IPO प्राइस के मुकाबले 6.84% प्रीमियम के साथ ₹613.30 पर NSE में लिस्ट हुआ। कारोबार के दौरान यह ₹624.95 तक पहुंचा। हालांकि दिन के अंत में शेयर ₹609.75 पर बंद हुआ, जो लिस्टिंग प्राइस से 0.58% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.24 लाख करोड़ रहा।

Emkay ने दी ‘Buy’ रेटिंग

ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने शेयर पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹750 का टारगेट प्राइस रखा है। यह IPO प्राइस के मुकाबले करीब 31% और मौजूदा क्लोजिंग भाव के मुकाबले करीब 23% की संभावित तेजी दिखाता है।

Emkay के बुलिश रुख की वजह

Emkay का मानना है कि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की लंबी अवधि की ग्रोथ का सबसे बड़ा फायदा SBI Funds Management को मिल सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, SBI का मजबूत ब्रांड और बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। फिलहाल SBI Mutual Fund के करीब 55 लाख ग्राहक हैं, जबकि SBI के 2.1 करोड़ सैलरी अकाउंट हैं। यानी अभी भी कंपनी के पास नए ग्राहकों को जोड़ने की बड़ी गुंजाइश है, खासकर B-30 शहरों और ग्रामीण इलाकों में।

अब किस फैक्टर पर फोकस रहेगा?

Emkay को उम्मीद है कि कंपनी धीरे-धीरे इक्विटी म्यूचुअल फंड, AIF और PMS जैसे ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाएगी। इससे कमाई बेहतर हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का EBITDA CAGR करीब 17% रह सकता है।

क्या हैं जोखिम?

Emkay ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। SBI के नेटवर्क से नए ग्राहक कम जुड़ सकते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीमों का प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है। शेयर बाजार में लंबे समय तक सुस्ती रह सकती है। रेगुलेटरी नियमों में बदलाव भी कंपनी की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं।

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BlueStone Jewellery Share Price: ब्लूस्टोन ज्वेलरी का शेयर बना रॉकेट, जून तमाही के जोरदार नतीजों का असर

BlueStone Jewellery Share Price: ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल के शेयरों में 21 जुलाई को पंख लग गए। शेयर सुबह में मजबूत खुले। उसके बाद अच्छी खरीदारी से रॉकेट बन गए। 12 बजे शेयर का प्राइस एनएसई में 10:41 फीसदी के उछाल के 674 रुपये चल रहा था। बीते छह महीनों में यह शेयर 58 फीसदी चढ़ा है।

जून तिमाही में रिटेल सेल्स 49 फीसदी बढ़ा

Bluestone Jewellery and Lifestyle के शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही में उसका शानदार प्रदर्शन है। कंपनी ने 20 जुलाई को नतीजों का ऐलान किया। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया, जिससे उसके शेयरों पर इसका असर 21 जून को देखने को मिला। जून तिमाही में कंपनी का रिटेल सेल्स साल दर साल आधार पर 49 फीसदी बढ़ा है।

कंपनी के कंज्यूमर बेस में 21 फीसदी इजाफा

ब्लूस्टोन ज्वेलरी का रेवेन्यू जून तिमाही में बढ़कर 733 करोड़ रुपये हो गया। इसमें कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विस्तार का हाथ है। साल दर साल आधार पर कंपनी ने अपना कंज्यूमर बेस 21 फीसदी तक बढ़ाया। रिपीट कस्टमर्स से भी कंपनी को अच्छा सपोर्ट मिला। इससे कंपनी की एवरेज ऑर्डर वैल्यू (AOV) बढ़ी है।

एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में कंपनी का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 21 करोड़ रुपये का एडजस्टेड नेट लॉस हुआ था। कंपनी जून तिमाही में लॉस से प्रॉफिट में आई, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी इस शेयर में बढ़ी है। कंपनी के शेयर पिछले साल अगस्त में शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे।

अगले पांच सालों में मुनाफा बनाने की क्षमता बढ़ेगी

ब्लूस्टोन ज्वेलरी मुंबई की ज्वैलरी कंपनी है। कंपनी ने अगले पांच सालों में कंपनी को मुनाफा बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ गौरव कुशवाहा ने कहा, “हमने छह साल पहले ऑपरेशन शुरू किया था। हमारे आधे से ज्यादा स्टोर्स तीन साल से कम पुराने हैं। आगे इन स्टोर्स का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है।”

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शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी 

शेयर बाजारों में 21 जुलाई को कमजोरी दिखी। 12:15 बजे निफ्टी 0.28 फीसदी यानी 65 अंक गिरकर 24,172 रुपये पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.34 फीसदी यानी 267 अंक गरकर 77,445 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.08 फीसदी की हल्की गिरावट देखने को मिली। 20 जुलाई को भी बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।

SBI Funds Management share: शेयर 7% प्रीमियम पर लिस्ट, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी एसबीआई फंड मैनेजमेंट के शेयर 21 जुलाई को 6.8 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुए। हालांकि, बाद में शेयरों में कुछ तेजी दिखी। 11:10 बजे एनएसई पर शेयर का प्राइस 8.47 फीसदी चढ़कर 622 रुपये पर चल रहा था। कंपनी ने आईपीओ में निवेशकों को शेयर प्रति शेयर 574 रुपये के प्राइस पर शेयर एलॉट किया था। शेयर की लिस्टिंग 613 रुपये पर हुई। बीएसई पर शेयर 610 रुपये पर लिस्ट हुआ।

शेयर की लिस्टिंग अनुमान से कम प्राइस पर

SBI Funds Management के शेयर अनुमान से कम प्राइस पर लिस्ट हुए। ग्रे मार्केट से शेयर के 18-19 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट होने के संकेत मिल रहे थे। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1,25,804 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी का आईपीओ 14-16 जुलाई के बीच खुला था। इस इश्यू को 41 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब्शन मिला था।

निवेशकों के सामने अब ये हैं विकल्प

सवाल है कि जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर एलॉट हुए हैं, क्या उन्हें इसे होल्ड करना चाहिए या बेचना चाहिए? दूसरा यह कि क्या जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर एलॉट नहीं हुए, उन्हें शेयर बाजार से इसे खरीदना चाहिए? स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट में वेल्थ की हेड शिवानी नयाती ने कहा, “एसबीआई फंड मैनेजमेंट के शेयरों की शुरुआत शेयर बाजार में अच्छी रही। शेयर करीब 6.8 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुए।”

लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से शेयर अट्रैक्टिव

उन्होंने कहा कि भले ही शेयर ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट नहीं हुए, लेकिन लंबी अवधि में शेयर के लिए अच्छी संभावना दिखती है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। इसे SBI जैसे स्ट्रॉन्ग ब्रांड का सपोर्ट है। एसबीआई का डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क काफी बड़ा है। एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसेट लाइट बिजनेस मॉडल का इस्तेमाल करती है। खास बात यह कि दूसरी एएमसी के मुकाबले इसकी वैल्यूएशन कम है।

शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स 585-590 पर लगाएं स्टॉपलॉस

नयाती ने कहा कि जिन निवेशकों को शेयर आईपीओ में एलॉट हुए हैं, उन्हें इसे होल्ड करना चाहिए। उनका नजरिया लंबी अवधि का होना चाहिए। जिन निवेशकों के शेयर आईपीओ में एलॉट नहीं हुए, वे कीमत गिरने पर इसे खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को शेयर में करीब 585-590 रुपये पर स्टॉपलॉस मेंटेन करना चाहिए। उनका मानना है कि जिन निवेशकों का भरोसा देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की अच्छी ग्रोथ पर है, वे इस शेयर पर दांव लगा सकते हैं।

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एएमसी का 13 लाख करोड़ रुपये का एयूएम

ब्रोकरेज फर्म Equirus Securities ने इस शेयर को कवर करना शुरू किया है। उसने लंबी अवधि के लिहाज से शेयर को खरीदने की सलाह दी है। एसबीआई फंड्स देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई और अमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी का फोकस अपने इंटरनेशनल एयूएम को बढ़ाकर अगले तीन साल में दोगुना यानी 5 अरब डॉलर करने का है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

SBI Funds IPO Listing: 6% प्रीमियम पर शेयर लिस्ट, आईपीओ को तगड़ी बोली के बाद प्रीमियम लिस्टिंग

SBI Funds IPO Listing: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 41 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹574 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹610.00 और NSE पर ₹613.30 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 6% से अधिक लिस्टिंग गेन (SBI Funds Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹622.80 (SBI Funds Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 8.50% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹54 के डिस्काउंट पर मिला है।

SBI Funds IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

एसबीआई फंड्स का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 140.11 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 22.51 गुना खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.76 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 4.65 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 9.52 गुना भरा था।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ हैं बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हुई है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग ने बेचे हैं। चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिला बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिला।

SBI Funds Management के बारे में

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।